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Tuesday, August 28, 2018

स्वयं के बनाये कीचड़ में फंसा शिवराज का विकाश रथ (मामला ज़िले के विभिन्न ब्लॉकों में मप्र सरकार द्वारा भेजे गए ठेके के विकाश रथ की दुर्दशा का जो की गांव में घुसने के पहले ही कीचड़ से सराबोर सड़कों में फंस रहा, लोगों की गालियां खाकर कार्यकर्ता हो रहे वापस)

दिनाँक 28 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   सरकारी पैसे में वर्तमान मप्र सरकार द्वारा ठेके में दिया गया विकाश रथ अपने ही द्वारा समाज में फैलाये गए कीचड़ में फंसता जा रहा है. बात करें मप्र की शिवराज सिंह चौहान की सरकार द्वारा गांव गांव भेजे गए विकाश रथ की तो दिनांक 27 अगस्त को यह ठेके का विकाश रथ मनगवां विधानसभा एवं गंगेव जनपद की लोटनी, हिनौती, बांस एवं कैथा, पडुआ पंचायत में भेजा जाना था लेकिन हिनौती पंचायत से होते हुए जैसे ही करहिया वाया बड़ोखर ग्राम में घुसा तो बड़ोखर ग्राम की शिक्षा गारंटी की स्कूल के आगे सुरसरी सिंह परिहार के घर से बृजराज सिंह के घर के आगे तक लगभग ढाई सौ मीटर की पंचायती सड़क में कीचड़ के बीच बुरी तरह से फंस गया. इस बीच विकाश रथ में उपस्थित कटनी एवं सीहोर के दो कार्यकर्ता जिनको पेमेंट देकर सरकार ने ठेके में हायर किया हुआ था वह पैदल चलते हुए आदमी ढूंढते हुए कैथा श्रीहनुमान मंदिर तक पहुचे जहां पर उपस्थित मीडिया ग्रुप खुलासा लाइव न्यूज़ के आनंद द्विवेदी एवं सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी मौके पर पहुच कर कीचड़ में फंसी हुई विकास रूपी सरकार की गाड़ी को निकालने में मदद किये. यह अपने आप में अजीबोगरीब वाकया ही कहा जाएगा की सरकार के विकाश की कीचड़ में फंसी गाड़ी को आम जनता निकाल रही है. अब सरकार को अपने विकाश रथ को स्वयं निकाल पाने की कूबत नही बची. पर जिस प्रकार की स्थिति अब बनी हुई है इससे साफ जाहिर है अब शायद आम जनता के बलबूते नही बचा की सरकार की फंसी हुई गाड़ी को निकाल पाए.

बड़ोखर ग्राम की सड़क को खा गया सरपंच सचिव

   बड़ोखर ग्राम की सड़क को हिनौती पंचायत के सरपंच और सचिव ने मिलकर समाप्त कर दिया. आज से पांच वर्ष पहले भूतपूर्व सरपंच श्रीधर द्विवेदी द्वारा बनाई गई इस पंचायती सड़क को वर्तमान सरपंच ने कुछ नही किया. आम जनता की माने तो मुनेंद्र सिंह परिहार, सुरसरी सिंह परिहार, शिवेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, दंगल सिंह, संते सिंह, बृजराज सिंह राजमणि पटेल, छोटेलाल पटेल, बृजबासी पटेल आदि के अनुसार वर्तमान सरपंच ने एक मुट्ठी मोरम तक इस सड़क में नही डाला.

हिनौती पंचायत में जमकर हुआ भष्ट्राचार 

  यदि वास्तव में देखा जाए तो शान्तिधाम से लेकर अन्य ग्रेवल सड़क निर्माण, मनरेगा एवं पंच परमेश्वर के कई कार्यों में वर्तमान सरपंच और सचिव द्वारा खूब जमकर खाया पिया गया है. यहां तक की कैथा पंचायत के मजदूरों संतोष केवट, तेजेस्वरी केवट, रामखेलावन केवट आदि द्वारा हिनौती पंचायत में कार्य तो करवाया गया लेकिन इनका पेमेंट आज तक नही दिया गया. जबकि देखा जाए तो दूसरी पंचायत के श्रमिक मजदूरों द्वारा किसी अन्य पंचायत में कार्य करवाने का प्रावधान तब तक नही है जब तक उस पंचायत में मजदूर उपलब्ध हों. हिनौती पंचायत में ऐसे कई मजदूर हैं जिनकी मजदूरी आज तक नही मिली है.

  मप्र की सड़कें अमेरिका से हैं बेहतर

    बड़ोखर जैसे कई ग्रामों की बातें सामने आईं तो याद आया की एक बार मप्र के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने अमेरिका दौरे में कहा था की मप्र की सड़कें अमेरिका से बेहतर हैं. शायद यह कथन मानवीय इतिहास का अब तक सबसे बड़ा जोक बन चुका है. पर यह सरकारें तो इतनी बेशर्म हो चुकी हैं जिन्हें हंसी का पात्र बनने पर भी कोई शर्म नही.

   ग्रामों की सड़कें तो खैर है नमूना हैं हीं, यहां तो हाईवे सड़कों की हालात देख लें तो शर्म आती है की क्या यही मानवाधिकार है, क्या यही 70 वर्ष का भारतीय लोकतंन्त्र है. क्या यही 70 वर्ष की स्वतंत्रता बाद कि उपलब्धि है. सवाल यह उठता है किस मुँह से यह राजनेता जनता के समक्ष वोट मांगने आते हैं. 


    इस विकाश यात्रा में सम्मिलित ठेके के कार्यकर्ताओं ने बताया की उनकी सबसे अधिक दुर्दशा हो रही है क्योंकि ग्रामों में कहीं भी सड़क अच्छी नही है और जिस ग्राम में वह जाते हैं वहीं उनके जान पर बन आती है.

सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा रिकॉर्ड फेसबुक लाइव वीडियो को एक दिन में 10 हज़ार से अधिक लोगों ने देखा

   जब मप्र सरकार के कीचड़ में फंसे हुए विकाश रथ को निकालने के लिए आम जनता के साथ सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी एवं खुलासा मीडिया न्यूज़ डिस्ट्रिक्ट ब्यूरो आनंद द्विवेदी पंहुचे तो बड़ोखर ग्राम की शिक्षा गारंटी की स्कूल के पास फेसबुक में लाइव वीडियो भी शेयर किया गया था जिसे मात्र 24 घंटे के भीतर ही 10 हज़ार से अधिक लोगों ने देखा है और विभिन्न प्रकार के मजेदार कमेंट किये जा रहे हैं जिसकी लिंक भी यहां पर नीचे दी जा रही है. इस वीडियो में वह सभी बातें सामने आई हैं जो वर्तमान सरकार के हवा हवाई वादों की पोल को स्पष्ट बयां कर रही है.

फेसबुक वीडियो लाइव लिंक- https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2122566207985583&id=100006966720612

संलग्न - कृपया गंगेव जनपद के हिनौती ग्राम पंचायत के बड़ोखर ग्राम में कीचड़ से वापस लौटती विकाश रथ की फ़ोटो साथ ही बड़ोखर ग्राम की खस्ताहाल कीचड़ से सनी हुई सड़क. 

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139

Friday, May 4, 2018

डेडलाइन 30 अप्रैल, पर काम 25% भी नही (मामला ज़िले के मऊगंज पीएम सड़क परियोजना अन्तर्गत कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क मार्ग का जिसे नियमानुसार 24 जनवरी 2018 को पूर्ण होना था,कैथा से अगडाल पीएम सड़क में भ्रष्ट्राचार और मनमानी का बोलबाला)

दिनांक 04 मई 2018, स्थान - गढ़, गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के मऊगंज पीएम परियोजना सेक्टर अन्तर्गत आने वाली गंगेव ब्लॉक की सभी पीएम सड़कें भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ़ रही हैं. प्रधानमंत्री सड़क परियोजना के अधिकारियों और पीएम सड़क के ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों की परियोजना में चुना लगाया जा रहा है. यह बात आयके दिन निरंतर मीडिया में रहती है फिर भी पीएम सड़क के अधिकारियों की नीद नही खुल रही है.

कैथा से आगडाल 9.4 किमी सड़क को 24 जनवरी को होना था पूर्ण

  बता दें की बहुचर्चित कैथा से अगडाल प्रधानमंत्री सड़क का कार्य 24 जनवरी को पूर्ण होना था मगर अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से इसमे लेटलतीफी की जा रही है. जबकि यह बात दर्जनों मर्तबा संबंधित पीएम सड़क के अधिकारियों के समक्ष रखी जा चुकी है.

जांच के नाम पर करते हैं कोरम पूर्ती

  जब भी पीएम सड़क में मनमानी और घटिया गुणवत्ता की शिकायत संबंधित अधिकारियों के समक्ष की जाती है तो मात्र जांच के नाम पर कोरम पूर्ति की जाती है. यही सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा है.

   पुलो का हुआ घटिया निर्माण 

   कैथा से अगडाल प्रधानमंत्री सड़क मार्ग की पुलो का घटिया निर्माण किया गया है जिसकी शिकायत समय समय पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा संबंधित पीएम सड़क के अधिकारियों के समक्ष की गई है लेकिन जांच के नाम पर मात्र कोरम पूर्ति ही हुई है और ठेकेदार से मिल बांटकर मामला रफा दफा करने का प्रयाश किया गया है.

 पिछले साल भर में मऊगंज के 3 जीएम बदले

  पिछले साल भर में मऊगंज पीएम सड़क परियोजना के 3 जीएम और ए एम बदले हैं लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है. जो जीएम आता है वही पुरानी प्रक्रिया अपनाता है. ऐसा लगता है पहले से ही अब कुछ फिक्स्ड है. 

वर्तमान जीएम नरवरिया देते हैं मात्र आश्वासन 

   वर्तमान समय में मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क परियोजना में पदस्थ जनरल मैनेजर नरवरिया को गंगेव ब्लॉक अंतर्गत बनाई जा रही घटिया गुणवत्ता की सड़कों की जनकारी दी गई है और सही जांच कर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की माग की गई है लेकिन जीएम नरवरिया मात्र डेट देते हैं, जब भी उन्हें मौके पर जांच करने के लिए बुलाया जाता है तो उनका कहना होता है की कल आ रहा हूँ और आज महीने हर हो रहे हैं कभी भी भौतिक सत्यापन करने नही आये.

उपयंत्री अमित गुप्ता और टीएल करते हैं मात्र खानापूर्ति

   मऊगंज पीएम सड़क के उपयंत्री अमित गुप्ता और टीम लीडर जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर रहे हैं. ऐसा लगता है की यह दोनो अधिकारी मात्र तमाशा करने के लिए ग्राउंड पर आते हैं. पिछली लगभग आधा दर्ज़न से अधिक जांचों में अमित गुप्ता और टीम लीडर आये मगर इनकी जांचों से कहीं कुछ हुआ ही नही. जो स्थिति बनी हुई थी वही अभी भी है. पुलो का घटिया निर्माण हुआ, लौरी नंबर 3 में सड़क उखड़ी, घटिया सामग्री का उपयोग हुआ यह सब कुछ यह अपनी आंखों से देखकर गए लेकिन कुछ नही किया. इससे साफ जाहिर है की इन सबकी ठेकेदारों से मिलीभगत है जिसका की परिणाम है घटिया किश्म की सड़क और समय पर न बन पाना.

सीजीएम यू वी सिंह ने कहा हम आपके नीचे नही हैं जो आपके हर बात का जबाब देंगे

   यहां जनता के टैक्स पर पलने बढ़ने वाले आज जनता के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सड़क विभाग का सबसे बड़ा संभागीय अधिकारी गैर जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है। जब मुख्य महाप्रबंधक ज़िला रीवा यू वी सिंह से संपर्क किया गया तो उसके द्वारा वताया गया कि आप व्हाट्सएप्प अथवा ईमेल अथवा लिखित तौर पर कंप्लेन दर्ज कराए तब कार्यवाही करेंगे। अभी उसे व्हाट्सएप्प के माध्यम से सभी न्यूज़पेपर की कटिंग के साथ डिटेल भेज दिया गया फिर भी घुमा फिरा कर बात कर रहा है। जब बात कार्यवाही की आती है तब अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, बात आई ठेकेदार का ठेका निरस्त करने एवं उसे ब्लैक लिस्ट करने की तब बोला कि हम आपके नीचे नही हैं जो हर चीज़ का जबाब देंगे। पर इन नौकरों को पता होना चाहिए कि ये जनता के नौकर ही हैं उसके मालिक नही अन्यथा लोकतंत्र चल नही पायेगा। क्योंकि फिर हर कोई मालिक बनने का प्रयास करने लगेगा। यू वी सिंह एक जिम्मेदार पोस्ट पर बैठा संभागीय अधिकारी है इसे ऐसे बात करना इसके अखड़पन को दर्शाता है।

रीवा और मऊगंज पीएम सड़क विभाग की मिलीभगत का परिणाम पीएम सड़कों का सत्यानाश

   इन रीवा और मऊगंज पीएम सड़क अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलकर पूरी पीएम सड़कों का सत्यानाश कर दिया है। इनकी मिलीभगत से घटिया सड़कों का निर्माण किया जा रहा। जांच के नाम पर मात्र ये कोरम पूर्ति करते हैं। ठेकेदारों से इनकी कमीशन बंधी रहती है। पूरा कमीशन का खेल चल रहा है।

ठेकेदार इन सब पीएम सड़क के अधिकारियों को खरीद लेते हैं और फिर मनमुताबिक जो चाहते हैं वही करते हैं। नतीजा यह है कि जो सड़कें कई वर्षों पहले बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी वह आजतक कम्पलीट नही हुई हैं। निरंतर निम्न दर्ज़े की निर्माण सामग्री का प्रयोग कर घटिया गुणवत्ता की सड़कें बनाई जा रही है। पुलों के निर्माण में भी दोयम और निम्न दर्ज़े की सामग्री उपयोग की गयी है जिससे पुलें बनते ही टूट गयी हैं उनमें दरारें आ गयी हैं।

कई डेडलाइन जारी, पर काम में नही हुई कोई प्रगति

   कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क को पूर्ण करने वास्ते रीवा पीएम सड़क विभाग के माध्यम से कई डेडलाइन जारी की जा चुकी हैं. जीएम मऊगंज नरवरिया, एएम सुजीत कुमार निगम और उपयंत्री अमित गुप्ता द्वारा जानकारी दी गई की प्रारंभिक तौर पर सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का इस पीएम सड़क को पूर्ण करने का ठेका मात्र 24 जनवरी 2018 तक ही था इसके वावजूद भी ठेकेदार को कई नोटिस जारी की जा चुकी हैं जिसमे 7 अप्रैल, 30 अप्रैल और 15 मई की नोटिस परंतु कार्य में 33 प्रतिशत भी प्रगति नही हुई है, तथा जो 3 किमी सड़क बनाई भी गई है वह भी उखड़ने लगी है. इस प्रकार समझ में आता है पीएम सड़क विभाग के मौखिक और कागज़ी फरमानों का भी इन ठेकेदारों पर कोई प्रभाव नही पड़ रहा है तो इसका मतलब एक ही है की इनका ठेका पूरी तरह से निरस्त किया जाकर पुनः नए शिरे से टेंडर प्रक्रिया होनी चाहिए.

समयसीमा पर नही बन पायी पीएम सड़क, अब ठेका हो निरस्त

   जिस प्रकार 3 करोड़ 33 लाख की लॉगत से बनाई जा रही कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क को घटिया तरीके से बनाया जा रहा है और गुणवत्ता का कोई ध्यान नही दिया जा रहा है ऐसे में मापदंडों की अनदेखी करने के कारण सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का ठेका निरस्त होना चाहिए और घटिया काम की पूरी रिकवरी होनी चाहिए. इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा पीएम सड़क के अधिकारियों जीएम नरवरिया, सीजीएम यू वी सिंह, और सीईओ पीएम सड़क भोपाल सेअहित दिल्ली एनएनआरडीए विभाग तक कंप्लेन दर्ज करवायी जा चुकी है. अब तक इस विषय के कार्यवाही समझ नही आई है परंतु कार्य में कोई प्रगति समझ नही आ रही है जबकि सरकारें निरंतर घोषणाएं कर रही हैं की सभी अपूर्ण कार्य समयसीमा में पूरे किये जाएं. पर इन घोषणाओं का कहीं कुछ भी प्रभाव नही पड़ता दिख रहा.

संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें कैथा से अगडाल पीएम सड़क मार्ग की घटिया स्थिति जहां आज तक मोरम तक नही डाली गई है. पिछले दिनों रीवा में हुई तूफानी बारिस की वजह से रोड की दुर्दशा.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 90589152587

Friday, April 13, 2018

अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क में धांधली का दौर जारी, मात्र 21 दिन के भीतर बनी सड़क ने दे दिया जबाब, सड़क कई स्थानों से हुई छतिग्रस्त (मामला गंगेव ब्लॉक अंतर्गत आने वाली 9.4 किमी अगडाल-लौरी से कैथा प्रधानमंत्री सड़क का)

दिनांक 12 अप्रैल 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी) 

     ज़िले के गंगेव ब्लॉक और मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क अंतर्गत आने वाली बहुचर्चित अगडाल-लौरी से कैथा 9.4 किमी पीएम सड़क जिसकी की कुल लॉगत 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार रुपये के आसपास बतायी जा रही है में विभाग की उदासीनता और नकारात्मक रवैय्या के चलते मात्र 21 दिन के भीतर बनी 3 किमी सड़क के परखच्चे उड़ने सुरू हो चुके हैं. अभी तो इस सड़क पर 8 टन तक के भी कोई वाहन नही निकले होंगे और अब सड़क की दुर्दशा देखते ही बन रही है. 

    लौरी नंबर 3 के स्थानीय निवासी योगेंद्र शर्मा के घर के पास शिव जी के मंदिर के सामने और ट्रांसफार्मर के बीच में यह पीएम सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है जिसकी जानकारी योगेंद्र शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को दी जिस पर पहुचकर सड़क का जायज़ा लिया गया और संबंधित ठेकेदार संदीप पांडेय सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी एवं मऊगंज जीएम नरवरिया, उपयंत्री अमित गुप्ता को बताया गया. इस पर संबंधितों ने सड़क को ठीक किये जाने का पुराने स्टाइल में आश्वासन मात्र दिया. 

   सवाल यह है की यदि बिना भारी वाहन चले ही इन करोड़ों की बनने वाली पीएम सड़कों की यह स्थितियां है कि मात्र  कुछ सप्ताह के भीतर ही यह सड़कें  हवा हवाई हो रही हैं तो कुछ महीने और एकाध साल में इनकी कितनी दुर्दशा होगी यह बात विचारणीय है.

ज़िले की सभी प्रधानमंत्री सड़कों के हाल बेहाल -

   ऐसा नही है की मात्र अगडाल-लौरी से कैथा पीएम सड़क भर के यह हालात हैं. जबकि देखा जाए तो प्रधानमंत्री सड़क विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते पूरे ज़िले की पीएम सड़कों की दुर्दशा हो चुकी हैं. कई परियोजनाएं आज कई साल पहले सम्पन्न हो जानी चाहिए थी जिनमे आज आधा भी कार्य नही हुआ है. पनगड़ी से भठवा इनमे से एक ऐसी ही परियोजना है जिसे आज से पांच साल पहले सम्पन्न होना था परंतु आज इस सड़क में आधा भी कार्य नही हुआ है. इसी प्रकार गुणवत्ता और समय की दृष्टि से देखा जाए तो बांस से माल और रक्सा माजन एवं क्योटी और गढ़ के असपास बनने वाली प्रधानमंत्री सड़कों में भी यही मनमानी चल रही है. ऐसे किसे दोषी ठहराया जाए?विभाग को अथवा ठेकेदार को? यदि कहें की ठेकेदार मनमानी पर उतारू है तो फिर विभाग किस लिए बैठा हुआ है? अतः यही बात समझ आती है की विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से पूरे सड़कों का सत्यानाश कर पूरा माल हजम कर जाने की स्थिति है.

संलग्न - अगडाल-लौरी से कैथा प्रधानमंत्री सड़क 9.4 किमी में लौरी नंबर 3 में योगेंद्र शर्मा के घर के पास मात्र बनाने के 21 दिन के भीतर बुरी तरह से उखड़ी हुई पीएम सड़क की तस्वीर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587,

Sunday, April 8, 2018

हिनौती पशु औषधालय निर्माण में देरी, 5.6 लाख रुपये आये थे बजट (मामला गंगेव ब्लॉक अंतर्गत हिनौती ग्राम पंचायत के चियार ग्राम का)


दिनांक 09 अप्रैल 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र 

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

    फसल कटाई के साथ ही एक बार फिर पशुओं की पीड़ा को भुला दिया जाएगा. अभी भी ज़िले में बनाये गए कई अवैध बाड़ों में गोवंश अपने जीवन की गुहार लगा रहे हैं. परंतु सरकार एवं प्रशासन के लिए यह कोई विशेष बात नही है और रोज की आई गई बात हो गई है.

    पिछले दिनों हिनौती पंचायत जनपद पंचायत गंगेव के पास स्थित चियार ग्राम से गुजरा गया तो पाया गया की वहां पर निर्माणाधीन पशु चिकित्सालय में काम बंद पड़ा हुआ है. जब पास जाकर देखा गया तो पता चला की नवीन निर्माणाधीन पशु औषधालय के पीछे एक पुराना खंडहरनुमा ढांचा भी है जो संभवतः पुराना पशु औषधालय भवन था. 

    साथ में गोंदरी 27 निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अनिल उपकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी ने जाकर नवीन निर्माणाधीन औषधालय की बाहरी स्थिति का जायज़ा लिया और उसकी कुछ तस्वीरें अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर ली. 

हिनौती पशु औषधालय निर्माण का बजट है 5.6 लाख रुपये

   हिनौती पशु औषधालय के बजट के विषय में और साथ ही इस शासकीय भवन के निर्माण के विषय में कोई जानकारी वहां नोटिस बोर्ड में उपलब्ध नही मिली. जबकि अमूमन चाहिए यह की किसी भी प्रकार के शासकीय भवन के निर्माण संबंधी बजट, भवन सिविल इंजीनियरिंग और प्रकार आदि की जानकारी सामने एक नोटिस बोर्ड में चस्पा कर दी जानी चाहिए. यह वास्तव में देखा जाए तो आम जान मानस को सूचना के अधिकार के अंतर्गत बिना आवेदन लगाए ही मुफ्त में और जरूरी सूचनाओं की श्रेणी में आता है. 

   जब हिनौती पशु औषधालय के विषय में जानकारी चाही गई तो जिम्मेदारों का यह कहना था 

  1) "पशु औषधालय का निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह पूरी तरह से ठेका पद्धति में होता है. यह सीधे ठेकेदार और वेटरनरी अधिकारी गंगेव के बीच में रहता है साथ ही लोक यांत्रिकी विभाग से संबंध है. आपको इस विषय में ज्यादा जानकारी गंगेव के पशु चिकित्सा अधिकारी से ही मिल पाएगी." - विवेक मिश्रा, सहायक पशु चिकित्सा सर्जन, गढ़ पशु चिकित्सा कार्यालय. मोब - 9425569495

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 2) "हिनौती में बनने वाले पशु औषधालय में कुल 5 लाख 60 हजार का बजट ठेकेदार द्वारा बताया गया है जिसका की काम चल रहा है और समय समय पर हमने हिनौती में कार्यरत साहू को बोला है की काम देखते रहें. अभी ठेकेदार ने बात की थी तो हमने कहा है की जल्दी काम समाप्त करके हमारे विभाग को सौंप दें. कुछ पैसा बचा हुआ है जिसमे हमने कहा है की एक शौचालय आउर एक भवन की बाउंड्री वाल बना दें. काम जल्दी सम्पन्न होगा और हमारे विभाग के साहू ही काम देखेंगे. वैसे वहां पर वेटेरिनरी सर्जन बैठना चाहिए लेकिन यह हमारे बस की बात नही मात्र शासन स्तर से ही संभव है. और शासन का यह हाल है की हम कुछ भी नही कह सकते. हमारे गंगेव ब्लॉक में 30 असिस्टेन्ट वेटेरिनरी फील्ड ऑफिसर होना चाहिए परंतु यहां मात्र तीन ए वी एफ ओ हैं जिनमे मनगवां, लाल गांव, और एक अन्य स्थान पर पदस्थ हैं. हम किसी प्रकार से काम चला रहे हैं." - एस के पांडेय, वेटेरिनरी ऑफिसर, गंगेव ब्लॉक रीवा, मप्र. 

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3) "देखिए हम भी यहां से गुजरते रहते हैं और हमने पिछले कुछ एक वर्ष से यहां पर इस निर्माणाधीन भवन को देखा है और हमे भी जानकारी नही थी की यह किस विभाग का भवन है पर आपने बताया तो जानकारी प्राप्त हुई है. हमारी जनता की तरफ से शासन प्रसाशन से यही माग है की जिज़ प्रकार गोवंशों के साथ आज अत्याचार हो रहा है उसको बन्द किया जाए, गांव गांव में गोशाला स्थापित कर पंचायतों को सहयोग करना चाहिए. जो यह पशु औषधालय बन रहा है इसका भरपूर उपयोग होना चाहिए, पशुओं के प्रति आम जनमानस में जन जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए. 5 लाख 60 हज़ार का बजट काफी होता है अतः भवन निर्माण में ठेकेदार मनमानी न कर पाए विभाग को देखना चाहिए" - अनिल उपकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, निवासी गोंदरी पंचायत गंगेव ब्लॉक रीवा मप्र. मोब 9009213370

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संलग्न - गंगेव ब्लॉक अंतर्गत हिनौती पंचायत के चियार ग्राम में निर्माणाधीन पशु औषधालय की फ़ोटो.

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शिवानन्द द्विवेदी सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, मोब 07869992139, 9589152587.

Friday, February 23, 2018

डाढ़ करहिया प्रधानमंत्री सड़क 6 माह में उखड़ी, घटिया निर्माण की खुली पोल

दिनांक 23 फरवरी 2018, स्थान - त्योंथर ब्लॉक रीवा, मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

    ज़िले के त्योंथर ब्लॉक अंतर्गत आने वाली डाढ़ करहिया प्रधानमंत्री सड़क 6 माह में ही टूट चुकी है। जबकि सड़क निर्माण के वक्त इसकी घटिया गुणवत्ता की शिकायते सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा पहले ही की जा चुकी है। घटिया निर्माण की खबर भी कई मर्तबा रीवा संभाग से प्रकाशित होने वाले अखबारों में प्रकाशित हो चुकी है।

     संलग्न तस्वीरों में देखें करहिया निवासी सोमधर द्विवेदी के घर के निकट किस प्रकार मात्र 6 माह पहले ही बनी यह सड़क बीचों बीच फट चुकी है। इसके पहले भी बता दें कि इस बरसात में यही सड़क कई स्थानों से उखड़ गई थी।

    - शिवानंद द्विवेदी रीवा मप्र। 7869992139

Sunday, February 18, 2018

(Rewa, MP) 21 वीं सदी में भी 5 किमी दूर से बच्चे साईकल से लाते हैं पानी, हाल ए मानवाधिकार (रीवा मप्र के हाल, देखें तस्वीरें और यूट्यूब वीडियो)

दिनांक 18 फरवरी 2018, स्थान - त्योंथर ब्लॉक थाना गढ़, रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

      ज़िले में जल संकट गहराता जा रहा है लेकिन कई रिमाइंडर के बाबजूद भी शासन प्रशासन नही चेत पा रहा है।

       मानसून की बेरहमी के कारण प्रदेश में काफी कम मात्रा में पानी गिरने की वजह से ज़िले में भी जलस्तर घटता जा रहा है। जहां पहले 6 से 8 पाइप डालकर हैंडपम्प से पानी प्राप्त किया जा सकता था वहीं अब 10 से 12 पाइप में भी बड़ी मुश्किल से पानी मिल रहा है।

     कलवारी-लालगांव सड़क मार्ग में हिनौती के पास पांडेय ढाबा और कैथा मोड़ के पास करहिया ग्राम डाढ़ पंचायत में पिछले माह भर से अधिक समय से खराब हैंडपम्प आज तक नही बन पाया है। बताया गया कि इसमें तीन पाइप लगाई जानी हैं जो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पास नही है। अब इस विषय मे जब संबंधित कार्यपालन यंत्री शरद कुमार एवं पी एस बुंदेला के समक्ष रखी गई तो मात्र आश्वासन ही मिल पाया। अब आश्वासन के बदले पिछले माह भर से हरिजन बस्ती के रहवासी जीवित हैं। अब देखना यह होगा कि 21 वीं सदी में मंगल एवं चंद्रमा पर पानी की तलाश करने वाली सरकारें अपनी धरती में प्यासी मानवता के लिए पानी उपलब्ध करवा पाती है कि नही।

  संलग्न - हरिजन बस्ती के छोटे बच्चे पानी से भरे डिब्बे अपनी अपनी साईकल में ढोते हुए।

https://youtu.be/I19n1CeUlII

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Monday, January 29, 2018

त्योंथर ब्लॉक - सूचना के अधिकार की उड़ाई जा रही धज्जियां, मांगा कुछ और जाता है जबाब कुछ और मिलता है

रीवा मप्र, दिनांक 30 जनवरी 2018, स्थान - त्योंथर ब्लॉक, रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)
भारत सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 लागू करके देश की जनता को सशक्त बनाने का अच्छा अवसर प्रदान किया था लेकिन आज पूरे देश मे सूचना के अधिकार की सरकारी विभागों द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही है।
    अभी हाल ही में आवेदक पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ पंचायत ब्लॉक त्योंथर रीवा द्वारा ब्लॉक में आर टी आई लगाकर मनरेगा के जॉब कार्ड सहित मनरेगा सम्बंधित जानकारी चाही गई थी जिस पर आवेदक को अब आवेदक से पीड़ित बना दिया गया है। जी हां! अब पीड़ित जनपद त्योंथर से प्राप्त और सीईओ का हस्ताक्षरित प्रपत्र लेकर घूम रहा है जिसमे सूचना देने के एवज में 85626 रुपये की फीस की माग की गई है। जबकि पीड़ित का कहना है कि उसने जो जनकारी माँगी थी वह मुश्किल से हज़ार रुपये के अंदर राशि जमा करके दी जा सकती थी। अतः सीईओ त्योंथर के प्रपत्र दिनांक 19 जनवरी 2018 से स्पष्ट है कि वांछित जानकारी उपलब्ध न करवाने और भ्रमित करने के उद्देश्य से पीड़ित आवेदक को 85626 रुपये जमा किये जाने हेतु कहा गया है।

     आज दिनांक 30 जनवरी को जब पूरा देश महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाने में जुटा हुआ है, ऐसे में देखना यह होगा कि गरीबों मजदूरों के हित और उनके अधिकार के लिए प्रारम्भ की गई महात्मा गांधी ग्रामीण राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के नाम पर मजदूरों को वेवकूफ बनाने और उनके शोषण का जो जरिया पंचायतों ने खोज निकाला है इस पर क्या कुछ किया जाएगा? क्या गरीबों मजदूरों को रोजगार की गारंटी के नाम पर फ़र्ज़ी मस्टर रोल और फ़र्ज़ी बैंक खाते बनाकर राशि की अंधाधुंध निकासी इसी प्रकार जारी रहेगी?
    जितना काम उतना दाम जैसे वैधानिक जुमलों का क्या होगा? क्या 167 रुपये की दिन भर की मजदूरी ही बस मजदूरों को दी जाती रहेगी? जब आज दिन भर का लेबर चार्ज 300 सौ रुपये के आसपास है ऐसे में इतने कम 167 रुपये सरकारी रेट पर कौन मजदूर दिन भर पंचायती कार्यों में झक मरायेगा और काम करने के बाद पूरे छः माह अथवा साल भर इंतज़ार करेगा?

       आज सरकारें कॉर्पोरेट के लिए बिक चुकीं हैं। सभी सरकारी योजनाओं में मात्र स्मार्ट सिटी, स्मार्ट शहर, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, नौकरी पेशे वालों के लिए नए नए पैकेज, नए वेतन आयोग और बहुत कुछ लेकिन किसानों और मजदूरों के लिए कहीं दूर दूर तक कुछ नही। जो भी योजनाएं आती भी हैं तो मनरेगा की तरह भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ़ रही हैं। सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि किसानों और मजदूरों का कोई सशक्त संगठन भी नही है जो इनकी गांव गांव आवाज उठाये जिससे इनको न्याय मिल पाए। ग्रामीणों मजदूरों और किसानों की आवाज सुनने वाला कोई नही है।
      और कब तक किसान मजदूर का शोषण होता रहेगा?

संलग्न - आवेदक पीड़ित पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ पंचायत एवं मनरेगा मजदूर इंद्रलाल साकेत की फ़ोटो तथा आवेदकों द्वारा लगाया गया सूचना अधिकार आवेदन।

  - शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Rewa, MP - पावन यज्ञस्थली कैथा के श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवश

दिनांक 29 जनवरी 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र) 

    यज्ञों की पावन स्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में 69 वां गणतंत्र दिवश बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

     कैथा का अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर राष्ट्रीयता की मिसाल बन कर उभरा है जहां पूरे वर्ष भर धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन के साथ स्वतंत्रता दिवश एवं गणतंत्र दिवश जैसे अति विशिष्ट राष्ट्रीय पर्वों पर झंडारोहण कर पर्व मनाए जाते हैं। इस बीच 26 जनवरी गणतंत्र दिवश के दिन मुख्य अतिथि कैथा के रिटायर्ड आर्मी कप्तान श्री आर डी पांडेय ने झंडारोहण के उपरांत सैकड़ों की संख्या में उपस्थित गणों को संबोधित करते हुए गणतंत्र के महत्व और इतिहास पर प्रकाश डाला।

     कार्यक्रम का संयोजन एवं प्रबंधन  सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी द्वारा किया गया।

    संलग्न - गणतंत्र दिवश के दिन कैथा की पावन भूमि पर झंडारोहण में उपस्थित लोगों की तस्वीर।

    - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Rewa, MP - रीवा के किसानों का खरीदी केंद्रों में फसा करोड़ों रुपये, स्वयं अपनी बेची धान के पैसे के लिए लगा रहे बैंकों के चक्कर

दिनांक 29 जनवरी 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र।

  (शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

        ज़िले के खरीदी केंद्रों में किसानों का पैसा पिछले कई महीनों से फसा हुआ है। किसान अपनी धान बेचकर फुरसत हो गया लेकिन खरीदी केंद्रों से समय पर इस धान का उठाव न हो पाने की वजह से किसानों के खातों में बेंची गई राशि समायोजित नही हो पाई है। कुछ समितियां जैसे हिनौती आदि की धान का पूरी तरह से उठाव हो जाने पर भी नागरिक आपूर्ति निगम की लापरवाही की वजह से राशि किसानों के खाते में नही आ पा रही है।

      दिनांक 29 जनवरी को डिप्टी जीएम केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित रीवा देवेश पांडेय से प्राप्त जानकारी में बताया गया कि कुल 100 करोड़ से अधिक की राशि अभी सरकारी पेंच में फसी हुई है। 55 करोड़ रुपये 25 जनवरी को एस बी आई रीवा को भोपाल से भेजे गए थे लेकिन छुट्टी होने के कारण राशि समितियों के खातों में नही पहुच पायी है। 29 जनवरी को रीवा में टीएल मीटिंग में प्रभारी कलेक्टर रीवा द्वारा राशि को समायोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया गया है कि कुछ जरूरी कागज अभी भी भोपाल से अप्राप्त हैं इस कारण 25 जनवरी को भेजी गई 55 करोड़ की राशि संबंधित समितियों में नही भेजी जा सकी है जिस कारण पूरे जिले के किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। देवेश पांडेय का कहना था कि समस्या का समाधान अगले 3 या 4 दिनों में कर दिया जाएगा और 55 करोड़ की राशि किसानों के खातों में भेज दी जाएगी।

      आगे बताया गया कि किसानों की ज़िले की समितियों द्वारा खरीदी गई धान की लगभग 65 करोड़ रुपये की राशि अभी और अपेक्षित है जो भोपाल से भेजी जानी है।

     - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र।

Sunday, January 28, 2018

पावन यज्ञस्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में दिनांक 31 जनवरी से 13 फरवरी तक आयोजित होगा महाशिवरात्रि महोत्सव 2018

दिनांक 28 फरवरी 2018, स्थान - गढ़ गंगेव रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी रीवा मप्र) 

        पावन यज्ञस्थली कैथा में परंपरागत रूप से प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पुनीत अवसर पर आयोजित होने वाला श्रीरामचरितमानस एवं श्रीशिवमहापुराण दोनो का कार्यक्रम महाशिवरात्रि महोत्सव 2018 में दिनांक 31 जनवरी से 13 फरवरी तक आयोजित होगा।

       दिनांक 31 जनवरी से 1 फरवरी तक संगीतमय श्रीरामचरितमानस का आयोजन, दिनांक 2 फरवरी को कलस यात्रा एवं दिनांक 3 फरवरी से 13 फरवरी तक श्री शिवमहापुराण का आयोजन होगा। दिनांक 13 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन सम्पूर्ण महोत्सव का विसर्जन हवन एवं विशाल भंडारे के साथ होगा।

       बता दें कि पावन यज्ञस्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में सभी सार्वजनिक आयोजन एनजीओ श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत के तत्वावधान एवं  कलयुग के देवता पवन पुत्र श्री बजरंग बली जी के संरक्षण में सम्पन्न होते हैं।

         इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता भी पवन पुत्र हनुमान ही करेंगे।

         महोत्सव के प्रमुख कार्यकर्ताओं में भैयालाल द्विवेदी, सिद्धमुनि द्विवेदी, विशेषर केवट, बृजभान केवट, नन्दलाल केवट, संतोष केवट, रोहित मिश्रा, अरुणेंद्र पटेल, राजबहोर पटेल, गणेश पटेल, मतिगेंद पटेल, शिवेंद्र सिंह, मुनेंद्र सिंह, संपूर्णानंद द्विवेदी, उग्रभान केवट, शैलेन्द्र पटेल, लाल बहादुर पटेल सहित अन्य भक्त श्रद्धालु रहेंगे।

       अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में दिनांक 31 जनवरी से 13 फरवरी तक आयोजित होने वाले महाशिवरात्रि महोत्सव 2018 में सभी भक्त श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया जाता है।

    संलग्न - कृपया संलग्न अति प्राचीन श्री बजरंग बली जी की प्रतिमा देखने का कष्ट करें।

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय संयोजक श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत

Friday, January 26, 2018

Rewa, MP - (पशु क्रूरता) त्योंथर तहसील एवं ब्लॉक के झोटिया एवं मनिका पंचायत में अवैध कैद किया गोवंशों को, सैकड़ों की संख्या में चारे पानी भूषा बिना मरीं, स्थानीय प्रशासन की सहायता से किया गया आज़ाद, तोड़ा गया अवैध बाड़ा

दिनांक 26 जनवरी 2018, स्थान - त्योंथर रीवा मप्र।

   (शिवानंद द्विवेदी रीवा मप्र) देश मे मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवश शायद सभी के लिए उतना शुभ नही रहा है, विशेष तौर पर हमारी गौमाताओं के लिए न ही यह नया वर्ष ही मंगलमय रहा और न ही यह गणतंत्र दिवश।

        ज़िले में पशु क्रूरता थमने का नाम नही ले रही है। हाल ही में सिरमौर वन परिक्षेत्र अंतर्गत पनगड़ी बीट के भलघटी में सैकड़ों मवेशियों को घाट के नीचे जीवित फेंकने का मामला ज्यादा पुराना नही हुआ है एक बार पुनः जगह जगह पशु क्रूरता देखने को मिलने लगी है। 

   कहीं पशुओं के मुह पैर तार से बांधकर मरने के लिए  छोड़ दिया जाता है तो कहीं अवैध बाड़ों में बिना किसी समुचित चारे पानी और छाया की व्यवस्था के मरने के लिए छोड़ दिया जाता है।

       अभी हाल ही में त्योंथर ब्लॉक और त्योंथर तहसील पहुचा गया तो पचामा पुल के आगे झोटिया एवं मनिका ग्राम के मध्य किसी विजय बहादुर सिंह, शैलेन्द्र सिंह, झोटिया सरपंच धिरंजन सिंह, भुआल सिंह, उमेश सिंह आदि के सहयोग से बबूल से भरी जमीन में लगभग 5 एकड़ के क्षेत्र में अवैध तरीक़े से कटीले तार लगाकर बाड़ा बनाया गया था जिसमें किसी भी प्रकार की पानी चारे अथवा भूषा पैरा की कोई व्यवस्था नही की गई थी। दिनांक 26 जनवरी को दोपहर 2 बजे झोटिया जाते समय देखा गया कि वहीं रोड में कार्य करने वाले  मिक्सर प्लांट के पास मनिका और झोटिया ग्राम के दबंगों ने यह गैर कानूनी कदम उठाकर गायों के लिए मौत का कैदखाना बनाया हुआ था। जब सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने यह पूरा वाकया देखा तो दिल दहला देने वाला था और बर्दास्त से बाहर भी था। सभी गायें भूंख प्यास से तड़प रही रंभा रही थीं और वहीं पर बाड़े के अंदर तीन बछिया मृत सी दिखीं। जब करीब जाकर देखा गया तो वहीं पर कुछ कुत्ते उनको नोच नोच कर खा रहे थे। उनमे से एक बछिया पूरी तरह से मर चुकी थी जिसकी जीवित में ही आंख की चील कौवों ने खा लिया था और दो बछिया अभी जीवित थीं जिनमे हल्की हल्की सांस चल रही थी और इनकी भी आंखों को चील कौवों ने नोच कर खा लिया था। जो कुत्ते पास में बैठे थे वह इसी ताक में दिख रहे थे कि उनको मौका मिले और वह जीवित ही इन बछियों को खा जाएं।

      सारा वाकया सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा प्रताप गोशाला झोटिया के संचालक एवं विंध्य किसान परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी को भी बताया गया जिस पर संबंधित एस डी एम त्योंथर को सामाजिक कार्यकर्ता एवं परिषद के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया जिस पर एस डी एम त्योंथर ने तहसीलदार त्योंथर एवं जनेह थाना प्रभारी को तत्काल भेजने का अस्वासन दिया। इतने में ही एस डी ओ पी त्योंथर को भी सूचित किया गया जिस पर अगले एक घंटे में एस डी ओ पी पुलिस अनुभाग त्योंथर, तहसीलदार त्योंथर एवं संबंधित पटवारी, वेटेरिनरी सर्जन आदि पहुचे एवं त्वरित कार्यवाही करते हुए मौका पंचनामा बनाया और जे सी बी से कटीले तार हटाकर बाड़ा हटाया गया और संवंधित दोषियों के ऊपर एफ आई आर दर्ज करने के निर्देश भी दिए। 

      पूरे रेस्क्यू आपरेशन एवं बाड़े को हटाने की प्रक्रिया  में प्रताप गोशाला झोटिया के संचालक एवं विंध्य किसान परिषद के अध्यक्ष रोहित तिवारी का अच्छा सहयोग रहा साथ ही विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार जी सहित अन्य लोग भी मौके पर उपस्थित हुए।

       इस प्रकार पुलिश प्रशासन, तहसील प्रशासन एवं वेटेरिनरी विभाग सहित क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति मद जेसीबी लगाकर कटीले तारों को पूरी तरह से हटाया गया। साथ ही ऐसे कृत्य करने वालों को स्पष्ट बताया गया कि अवैध बाड़ों को न बनाएं अन्यथा सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। 

     वहरहाल, पूरे मामले की जांच चल रही है और उपस्थित प्रशासनिक अमले द्वारा कहा गया कि जो भी दोषी हैं उन्हें बख्सा नही जाएगा।

    संलग्न - झोटिया एवं मनिका ग्राम में बनायी गयी अवैध बाड़े की फ़ोटो एवं कार्यवाही करवाता त्योंथर अनुभाग के प्रसाशनिक अमला।

   - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Wednesday, January 24, 2018

Rewa, MP - बिजली विभाग का बिल नही फतवा, जारी हुआ तो भरना ही पड़ेगा

दिनांक 25 जनवरी 2018, रीवा/कटरा मप्र
(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र) ज़िले में बिजली विभाग का कहर निरंतर जारी है। कटरा डीसी सहित अन्य वितरण केंद्रों में बिना कनेक्शन और मीटर बैठाए ही औसत बिलिंग की जा रही है। हफ्ते की तरह उपभोक्ताओं से उगाही की जा रही है।
    अभी हाल ही में सूचना मिलने पर त्योंथर तहसील एवं ब्लॉक के जमुई पंचायत में पहुचा गया तो पाया गया कि जमुई ग्राम के हरिजन आदिवासी बिजली विभाग के औसत बिलिंग से परेशान थे। सभी ने अपना बिजली का बिल दिखाया और बताया कि राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन के तहत उनके घरों में बकायदे मीटर लगाकर बिजली कनेक्शन दिया जाना था लेकिन बिजली ठेकेदार द्वारा उल्टा सभी से 100 रुपये प्रत्येक के हिसाब से लिये गए और केवल कुछ घरों में खराब मीटर का डिब्बा तो बिठा दिया गया लेकिन उन्हें कोई कनेक्शन नही दिया गया।
     आज 6 माह से ऊपर हो रहे हैं और औसत बिलिंग की जा रही है लेकिन किसी भी घर मे मीटर से लाइन सप्लाई नही हो रही है।
     अब यदि देखा जाए तो यह किस्सा मात्र कटरा डीसी अथवा जमुई ग्राम का ही नही है बल्कि रीवा के बिजली विभाग में आम व्यक्ति का निरंतर शोषण चल रहा है। लगभग सभी ग्रामों में निवासरत गरीबों के यहां मुश्किल से 1 य 2 एल ई डी बल्ब और वह भी रात में जलते हैं, साथ ही ग्रामों में बड़े ही मुश्किल से 6 से 8 घंटे भी लाइन नही दी जाती ऐसे में लाइन लॉस और औसत बिलिंग के नाम पर गरीबों के नाम हज़ारों का फतवा जारी करना कहां तक उचित है।
     कटरा डीसी में पूरे जिले के ग्रामों की ही तरह 90 प्रतिशत से अधिक घरों में मीटर नही लगाए गए हैं और मात्र औसत बिलिंग की जा रही है। केबलिकरन, फीडर सेपरेशन और मीटर बैठाने की पूरी राशि हजम कर ली गई है।
     जहां तक जमुई ग्राम के हरिजन अदिवशिओं का मामला था उनका कहना था कि उन्होंने तो अब तक कोई बिजली ही नही जलाई है फिर भी उनके नाम पर कैसे बिजली बिल भेजे जा रहे हैं
    हरिजन  बस्ती के लालमणि, रामसखा, रमेश, उमेश, दिलराज, सूर्यभान, रामावतार, रामकरण आदि ने बताया कि वह सभी बिना मीटर रीडिंग के औसत बिलिंग से पीड़ित है  और सभी ने यह बात कटरा डीसी में उठाई है लेकिन कोई नही सुन रहा और बस मनमाना बिल भेजे जा रहे है। सभी ने एक स्वर में सभी घरों में मीटर लगाकर रीडिंग के आधार पर बिलिंग की माग की है।
संलग्न - हरिजन बस्ती जमुई के हरिजनों की सामूहिक फ़ोटो जो बिजली बिल से प्रताड़ित है।
    - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक आर टी आई कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139








Tuesday, January 23, 2018

Rewa, MP -लौरी अगडाल कैथा प्रधानमंत्री सड़क में की जा रही गुणवत्ता की अनदेखी, घटिया पुल निर्माण के बाद अब सड़क पर अमानक सामग्री का हो रहा प्रयोग

दिनांक 23 जनवरी 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र
    (शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र) 
         ज़िले के मऊगंज प्रधानमंत्री सड़कों पर ध्यान नही दिया जा रहा है।  निर्माण की जा चुकी सड़कें पहले से ही उखड़ रही हैं और जो निर्माणाधीन हैं उनकी गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
          पुलों के निर्माण से लेकर सड़क में निर्माण सामग्री बिछाने तक के कार्य मे मापदंडों की निरंतर अनदेखी हो रही है।
          प्रधानमंत्री सड़क के जिम्मेदारों के समक्ष इस बात को रखा गया है लेकिन कोई सार्थक कार्यवाही नही हुई है। अभी हाल ही में प्रदेश में इस बात को उठाया गया और पीएम सड़क के प्रभारी जे एस सिकरवार को अवगत कराया गया है। सिकरवार का कहना था कि जीएम मऊगंज से संपर्क कर जानकारी चाही गयी है। दिनांक 21 एवं 22 जनवरी को "मेरी सड़क" नामक ऐप्प की मदद से प्रतिक्रिया प्रेषित की गई थी जिस पर कार्यवाही होना शेष है।
         मऊगंज प्रधानमंत्री सड़कों की स्थितियां सबसे खराब है, जिनमे से कई सड़कें जो पिछले वर्षों बनाई गई थीं वह उखड़ चुकी हैं। जो सड़कें वर्तमान में बनाई जा रही हैं उनमे मापदंडों की अनदेखी चल रही है जबकि देखा जाय तो समस्या को विभाग के संज्ञान में निरंतर रखा जाता रहा है। अब सवाल यह उठता है कि विभाग और संबंधित ठेकेदार को निरंतर सूचित किये जाने के वावजूद भी यदि कोई सार्थक कार्यवाही नही हो रही है तो संदेह विभाग की संलिप्तता पर ही जाता है।
   देखिए जब जीएम प्रधानमंत्री सड़क श्री निगम से इस संदर्भ में बात की गई तो जनका क्या कहना था।
    "जी हम स्वयं ही इस विषय मे आपसे बात करना चाह रहे थे, अच्छा हुआ आपका काल आ गया, देखिए मैं लौरी-गढ़ से कैथा वाली पीएम सड़क देखने गया था और ठेकेदार को अनियमितता में रिमाइंडर दिया है और साथ ही सही सामग्री उपयोग किये जाने के लिए कहा गया है । मैं आपके क्षेत्र में आऊंगा और फिर देखूंगा की कैसा काम चल रहा है। हैमर और कोर कटिंग टेस्ट के लिए कुछ पुलों का सैंपल भेजा है लेकिन आपके क्षेत्र की सड़क इसमे अभी शामिल नही है।" - जीएम, मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क श्री निगम।
 संलग्न - कृपया लौरी-गढ़ से कैथा प्रधानमंत्री सड़क की वर्तमान तस्वीरें देखें जिनमे अमानक निर्माण सामग्री गलत अनुपात में उपयोग की जा रही है। इसी प्रकार कार्यवाही की डर से पुलों के ऊपर सफेद छुही चढ़ाई जा रही है।
    - शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक आर टी आई कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139





Sunday, June 26, 2016

मध्य प्रदेश के DGP (पुलिस महानिदेशक) के नाम खुला पत्र - रीवा में Dail 100 सेवा की विफलताएं

To,                                                                                        Date: ………………..
The Director General of Police (DGP),                            Place: REWA (MP)
BHOPAL. Madhya Pradesh. INDIA.


Subject Regarding “failing to take lawful and action” on the time by SDOP MANGAWAN and TI GARH in various issues of LAW & ORDER in REWA district of Madhya Pradesh.


Sir/Madam,


            In Police Station GARH under Mangawan SDOP in district REWA MP, the FIRs are not rgistered by the police officials on time. There are following points on which strict punitive measures required against these police officials and immediate transfer needed.

The problems (charge sheet) are as the following on the basis of which a strict punitive action required:

1)         Under the CrPC 154 of India if a person visits to any concerned police station the respective police officials have to write an FIR first and then the investigations are carried out. But GARH police officials under MANGAWAN SDOP does NOT write the FIR in prescribed format under CrPC 154.
2)         I have myself reported several times in Dial 100 from my mobile No. 7869992139 for various problems coming across timely but Garh police most of the time failed to take action, when reported this to MANGAWAN SDOP V P Singh he did NOT care to take seriously the crime.
3)         As an social activists in the Rewa area its quite regular that several such issues of the theft, robbery, treachery, attack to disrobe the modesty of women, attack to the life of the victim, matter concerning excise dept. such as illegal liquor and Ganja drugs etc. are confronted quite often. However, putting these complaints in the office of Garh TI or Mangawan SDOP none of these matters are taken seriously. We have many such cases to show.
4)         Recently dated 31/05/2015 and 04/06/2016 ICDS Anganwadi worker Mrs. RAJ KUMARI PATEL w/o SUGRIV PRASAD PATEL of the Iteha village under GARH police station in REWA complained in written and in vocal to the GARH police station about disrobing and attack on her modesty and stalking about SANT KUMAR PATEL the present Sarpach of Kaitha panchayat along with his two accompanied Mr. RUKMANI PATEL (Iteha) and SUGRIV PATEL (AKALSI) but GARH police did not care to register a FIR in prescribed format of CrPC 154. Later on the interference of High court of Jabalpur in case no. 2308/2016 when several legal notices were sent to the DM, SP, SDOP, TI in REWA and also the Chief Secretary of CM of Madhya Pradesh and other concerning dept. of the Madhya Pradesh Govt then only a formal FIR in prescribed format of CrPC 154 was registered in MAY 2016 under the IPC section 294, 354A, 506, and 34 against the accused KAITHA Panchayat Sarpanch SANT KUMAR PATEL, and his two other accompanied Mr. RUKMANIPATEL (Iteha) and Mr. SUGIV PATEL (Akalsi).
5)         However as mentioned in the section 4) above the three accused of 354A of IPC are still roaming in KAITHA-ITEHA and in REWA and Garh Police is NOT interested to present the CHALAN in the concerned court and arrest these criminals.
6)         It is to be noted that the case described in above section 4) and 5) is registered in GARH police Station in FIR no. 96/16.
7)         There are other illegal activities of overloaded trafficking of heavy vehicles, illegal mining in PANGADI, PANDUA , SARAI and KANKAR areas of PS GARH takes place quite regularly but despite several written complaints no actions are taken by the SDOP Mangawan and GARH TI.
8)         There are also several CM helpline complaints which are NOT resolved rightly by the Garh Police and SDOP Mangawan. All CM helpline complaints are closed without enquiry and without the consent or without making any contact to the complainants. Some of these CM Helpline complaints registered from my mobile 07869992139 in CM helpline portal 181 of Madhya Pradesh Govt are: 897644, 899288, 902251, 1781871, 1829052, 1796748, 1827465, 1845847, 1834909, 1841969, 1848992, 1852550, 1857167, 18572295, 1863548, 1886253, 1888961, 1917176, 1947146, 1969536, 1993269, 2008897,  etc. None of these CM helpline complaints are resolved rightly.
9)         In last one year under PS GARH and under SDOP Mangawan the cases of kidnapping (Nevariya village case of Mr. TRIPATHI), theft, murder (BANS, MADARI, PAHARKHA etc.), Theft in Govt. KOTA such as BANS, PANDUA, and KANKAR has increased. None of the above cases of theft and murder are yet resolved. The regional people are losing the faith from POLICE in Mangawan division and Garh Police station.
10)       The liquor and GANJA are sold out illegally and without license in almost every villages of the Garh Police station. For instance refer to the CM helpline complaints mentioned above to know more details given inside those complaints. For the information I just mention that in – kaitha, Sorahwa, Hinauti, lauri, Garh, Darh, Lotani, Bhathwa, Madari and in Bhadauha villages the illegal liquor and Ganja are being sold out. Even the school students and below the age of 18 years are now under the attack of Liquor and Ganja which is very unfortunate for the coming Indian generation. This activity will make future generation directionless and aimless citizen.
            Therefore, having given above information and details of the Police related problems in the Garh Police Station and Mangawan division, I would like to request Mr. DGP Bhopal to consider an immediate and punitive action to transfer or suspend those police officials found guilty in on NOT discharging their duty properly.

PLEASE NOTE – This application/Complaint has been written in public interests giving the clear view of some of those cases that happened in GARH Police Station and under MANGAWAN Police division. In order to maintain the Law and Order situation and to control the crimes in the region an immediate action is requested.

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Sincerely
SHIVANAND DWIVEDI
(Social, Scientific, and RTI activist)
Village KAITHA, Post  AMILIYA,
Police Station GARH, Tehsil  MANGAWAN,
District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117
Mob. +917869992139