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Wednesday, July 18, 2018

न्यायालय के आदेश के बाद भी सरहंगई पूर्वक पैतृक संपत्ति को कब्जाने का प्रयाश (मामला ज़िले के मऊगंज तहसील अन्तर्गत ग्राम खुजवा सुअरहा का जहाँ भूषण सिंह भुवनेश्वर सिंह वगैरह के द्वारा सरहंगई पूर्वक पीड़ित की पैतृक जमीन को अवैध कब्जा करने का प्रयाश किया जा रहा)

दिनांक 18 जुलाई 2018, स्थान - लौर थाना, मऊगंज, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा मप्र)

        ज़िले के मऊगंज तहसील एवं लौर थाना अन्तर्गत खुजवा सुअरहा ग्राम में आवेदक पीड़ित रमाप्रताप सिंह पिता मुनेंद्र सिंह भूमिस्वामी 13 किता 9 एकड़ 14 डिसमिल को वहीं के निवासी भूषण सिंह भुवनेश्वर सिंह वगैरह द्वारा जबरन पैतृक संपत्ति को कब्जाने, धमकी देने, अवैध अतिक्रमण करने का मामला प्रकाश में आया है.

        रमाप्रताप सिंह पिता मुनेंद्र सिंह द्वारा जानकारी दी गई की उनकी माता स्व. गौरी देवी अपने पिता श्रीमहादेव सिंह की इकलौती संतान थीं. महादेव सिंह 4 भाई थे जिंसमे उनके नाम एक चौथाई हिस्सा आया था. महादेव सिंह की मृत्यु उपरांत उनकी सारी जायदाद उनकी इकलौती बेटी गौरी देवी के नाम नामान्तरित हुई जिसके बारिस गौरी देवी के एकमात्र सुपुत्र रमा प्रताप सिंह बने. अब वर्तमान में सम्पूर्ण 13 किता जमीन जिसका रकबा 9 एकड़ 14 डिसमिल है इसके बारिस एवं हकदार रमा प्रताप सिंह हैं जिनके नाम पर राजस्व विभाग की ऋण पुस्तिका, बी वन और अन्य समस्त दस्तावेज मौजूद हैं. लेकिन पीड़ित रमा प्रताप एवं मुनेंद्र सिंह द्वारा बताया गया की विरोधी भूषण सिंह भुवनेश्वर वहैरह द्वारा तहसीलदार तहसील मऊगंज, सिविल न्यायालय से जमीनी मुकदमा हारने के बाद भी जबरन सरहंगई पूर्वक पीड़ित रमा प्रताप की उक्त 13 किता जमीन रकबा 9 एकड़ 14 डिसमिल कब्जाने का प्रयाश किया जा रहा है. इस विषय में पीड़ित द्वारा जानकारी दी गई की वर्तमान समय पर स्वत्व एवं अधिपत्य भी पीड़ित के नाम पर ही है जिसका सिविल कोर्ट मऊगंज द्वारा एक बार पुनः स्थायी निषेधाज्ञा रमा प्रताप सिंह पिता मुनेंद्र सिंह के पक्ष में ही दिया गया है जिस पर मऊगंज सिविल कोर्ट ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में लेख किया है की भूषण सिंह वगैरह द्वारा किसी प्रकार से पीड़ित की ग्राम खुजवा सुअरहा जनरल नंबर 201 के स्वत्व एवं अधिपत्य की जमीन खसरा क्र. 40/1, 42/2, 69, 79, 111, 156, 166, 167, 169, 214, 220, 271, 269 हल्का पटवारी घोरहा 5, सर्किल देवतालाब मऊगंज में कब्जा करने का प्रयाश न किया जाए अन्यथा कानूनी कार्यवाही की जाएगी. भूषण सिंह वगैरह ने भी मामला अपने तरफ से एक फ़र्ज़ी वसीयत के आधार पर मामला तहसीलदार न्यायालय से लेकर सिविल न्यायालय मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तक रखा था जिस पर क्रमवार भूषण सिंह भुवनेश्वर सिंह वगैरह मुकदमा हार चुके हैं और फैसला रमा प्रताप सिंह पिता मुनेंद्र सिंह के पक्ष में आ चुका है. कोर्ट ने भूषण सिंह वगैरह की मनगढंत वसीयत को ही फ़र्ज़ी घोषित कर दिया और इस प्रकार हर न्यायालय से भूषण सिंह वगैरह मात खा चुके हैं लेकिन फिर भी पीड़ित रमा प्रताप सिंह को बेबजह परेशान करते रहते हैं. 

पीड़ित रमा प्रताप सिंह को सिविल कोर्ट से भी मिल चुकी है दीवानी स्थायी निषेधाज्ञा 

    सिविल कोर्ट में हारने के बाद भी जब भूषण सिंह वगैरह जबरन पुनः रमा प्रताप सिंह की स्वत्व एवं अधिपत्य की उक्त जमीन पर दखलंदाजी करने लगे तो पीड़ित रमा प्रताप एवं उनके परिवार द्वारा एकबार पुनः सिविल कोर्ट की शरण ली गई जिंसमे स्थायी निषेधाज्ञा के लिए दीवानी दावा दायर किया गया. जिस पर दिनांक 18/04/2016 को पीड़ित रमा प्रताप सिंह के नाम पर स्थायी निषेधाज्ञा सिविल न्यायालय द्वारा पीड़ित के पक्ष में देते हुए आदेश जारी किया गया की पीड़ित के नाम पर जो कुल 13 किता जमीन जिसका रकबा 9 एकड़ 14 डिसमिल ग्राम खुजवा सुअरहा जनरल नंबर 201, हल्का पटवारी घोरहा क्र. 5  ज़िला रीवा में स्थित है इस प्रकरण के निराकरण तक प्रतिवादी भूषण सिंह भुवनेश्वर सिंह वगैरह न तो स्वयं एवं न ही किसी अन्य के माध्यम से किसी भी प्रकार से हस्तक्षेप न करें.

   परंतु लगातार सरहंगई पूर्वक जिस प्रकार से भूषण सिंह भुवनेश्वर सिंह वगैरह द्वारा पीड़ित रमा प्रताप सिंह एवं उनके परिवार को परेशान कर पीड़ित के स्वत्व एवं अधिपत्य की जमीन को सरहंगई पूर्वक हड़पने का प्रयाश किया जा रहा है इसके विषय में पीड़ित द्वारा उसके पक्ष में न्यायालय के आदेश संबंधित जानकारी थाना प्रभारी लौर को दिनांक 9/7/16, दिनांक 18/7/2017 शिकायत क्रमांक 2654 के माध्यम से ज़िला कलेक्टर रीवा एवं पुलिश अधीक्षक रीवा, दिनांक 27/01/2018 को न्यायालय नायाब तहसीलदार देवतालाब को भी सूचित किया गया है. जिस पर दिनांक 27/01/2018 को न्यायालय नायाब तहसीलदार द्वारा आदेशित किया गया की सिविल कोर्ट का पीड़ित के पक्ष में दीवानी स्थायी निषेधाज्ञा का निर्णय ही सर्वमान्य है.

   फिर भी उपरोक्त आदेशों एवं न्यायालयीन निर्देशों के वावजूद भी सरहंगों द्वारा निरन्तर पीड़ित रमा प्रताप सिंह एवं उनके परिवार को धमकी दी जा रही है और साथ ही उनके स्वत्व एवं आधिपत्य की जमीन को कब्जाने का प्रयास किया जाता रहा है. जिस पर पीड़ित ने मौके पर पुलिश सहायता की माग की है.

संलग्न - संलग्न दस्तावेजों में सिविल न्यायालय मऊगंज से दीवानी स्थायी निषेधाज्ञा की प्रति, न्यायालय नायाब तहसीलदार की स्थायी निषेधाज्ञा को मान्य करने वाली टीप, लौर थाना प्रभारी, कलेक्टर रीवा, एसपी रीवा को पीड़ित द्वारा दिए शिकायत की प्रति सहित पीड़ित के पिता मुनेंद्र सिंह की फ़ोटो भी संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Friday, January 26, 2018

Rewa, MP - दिनांक 26 जनवरी 2018 को प्रताप गोशाला झोटिया का प्रथम स्थापना दिवश मनाया गया

दिनांक 26 जनवरी 2018, स्थान - त्योंथर रीवा मप्र।

    जहां पूरे जिले एवं प्रदेश में गोवंशों के साथ निरंतर क्रूरता होती दिख रही है वहीं पर त्योंथर ब्लॉक एवं त्योंथर तहसील अंतर्गत झोटिया पंचायत में एक वर्ष पूर्व स्थापित निजी गोशाला प्रताप गोशाला झोटिया गोवंशों की सुरक्षा एवं संवर्धन के लिए एक आशा की किरण बन कर आई है।
     ज्ञातव्य है कि प्रताप गोशाला झोटिया का गठन एक समिति गठित करके बनाया गया है जिसके संचालक विंध्य किसान परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रोहित तिवारी हैं। इस गोशाला हेतु लगभग 6 बीघा जमीन का दान झोटिया निवासी अरिमर्दन सिंह द्वारा किया गया है। अब तक जानकारी प्राप्त होने तक प्रताप गोशाला के लिए कोई शासकीय अनुदान नही मिला है और यह गोशाला पूरी तरह से समिति के सदस्यों के सहयोग एवं जन सहयोग से संचालित हो रही है।
    आसपास के गोभक्त ग्राम क्षेत्रवासी पियरा, चारा, भूषा और अन्य सहयोग प्रदान करते हैं। जब भूषा पैरा की व्यवस्था नही हो पाती उस स्थिति में समिति अपने सदस्यों कज मदद से और समिति के फण्ड से गोवंशों के चारा पानी कक व्यवस्था करती है। प्रताप गोशाला झोटिया में अब तक लगभग 50 गोवंशों को रखा गया है।
     इस प्रकार देखा जाय तो प्रताप गोशाला झोटिया  वोवंशों के लिए एक आशा की किरण के रूप में सामने आयी है लेकिन बिना शासकीय सहयोग एवं मद से इस गोशाला में गोवंशों की संख्या सीमित ही रह जायेगी अतः अब देखना यह पड़ेगा कि जो भी इस प्रकार की गोशालाएं अपनी स्वेक्षा से गोवंशों की सेवा और संवर्धन हेतु आगे आ रही हैं उन्हें जन सहयोग के साथ साथ शासन प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिले तभी ज्यादा से ज्यादा गोवंशों की सेवा सुरक्षा हो पाएगी।

   - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र 7869992139

Rewa, MP - (पशु क्रूरता) त्योंथर तहसील एवं ब्लॉक के झोटिया एवं मनिका पंचायत में अवैध कैद किया गोवंशों को, सैकड़ों की संख्या में चारे पानी भूषा बिना मरीं, स्थानीय प्रशासन की सहायता से किया गया आज़ाद, तोड़ा गया अवैध बाड़ा

दिनांक 26 जनवरी 2018, स्थान - त्योंथर रीवा मप्र।

   (शिवानंद द्विवेदी रीवा मप्र) देश मे मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवश शायद सभी के लिए उतना शुभ नही रहा है, विशेष तौर पर हमारी गौमाताओं के लिए न ही यह नया वर्ष ही मंगलमय रहा और न ही यह गणतंत्र दिवश।

        ज़िले में पशु क्रूरता थमने का नाम नही ले रही है। हाल ही में सिरमौर वन परिक्षेत्र अंतर्गत पनगड़ी बीट के भलघटी में सैकड़ों मवेशियों को घाट के नीचे जीवित फेंकने का मामला ज्यादा पुराना नही हुआ है एक बार पुनः जगह जगह पशु क्रूरता देखने को मिलने लगी है। 

   कहीं पशुओं के मुह पैर तार से बांधकर मरने के लिए  छोड़ दिया जाता है तो कहीं अवैध बाड़ों में बिना किसी समुचित चारे पानी और छाया की व्यवस्था के मरने के लिए छोड़ दिया जाता है।

       अभी हाल ही में त्योंथर ब्लॉक और त्योंथर तहसील पहुचा गया तो पचामा पुल के आगे झोटिया एवं मनिका ग्राम के मध्य किसी विजय बहादुर सिंह, शैलेन्द्र सिंह, झोटिया सरपंच धिरंजन सिंह, भुआल सिंह, उमेश सिंह आदि के सहयोग से बबूल से भरी जमीन में लगभग 5 एकड़ के क्षेत्र में अवैध तरीक़े से कटीले तार लगाकर बाड़ा बनाया गया था जिसमें किसी भी प्रकार की पानी चारे अथवा भूषा पैरा की कोई व्यवस्था नही की गई थी। दिनांक 26 जनवरी को दोपहर 2 बजे झोटिया जाते समय देखा गया कि वहीं रोड में कार्य करने वाले  मिक्सर प्लांट के पास मनिका और झोटिया ग्राम के दबंगों ने यह गैर कानूनी कदम उठाकर गायों के लिए मौत का कैदखाना बनाया हुआ था। जब सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने यह पूरा वाकया देखा तो दिल दहला देने वाला था और बर्दास्त से बाहर भी था। सभी गायें भूंख प्यास से तड़प रही रंभा रही थीं और वहीं पर बाड़े के अंदर तीन बछिया मृत सी दिखीं। जब करीब जाकर देखा गया तो वहीं पर कुछ कुत्ते उनको नोच नोच कर खा रहे थे। उनमे से एक बछिया पूरी तरह से मर चुकी थी जिसकी जीवित में ही आंख की चील कौवों ने खा लिया था और दो बछिया अभी जीवित थीं जिनमे हल्की हल्की सांस चल रही थी और इनकी भी आंखों को चील कौवों ने नोच कर खा लिया था। जो कुत्ते पास में बैठे थे वह इसी ताक में दिख रहे थे कि उनको मौका मिले और वह जीवित ही इन बछियों को खा जाएं।

      सारा वाकया सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा प्रताप गोशाला झोटिया के संचालक एवं विंध्य किसान परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी को भी बताया गया जिस पर संबंधित एस डी एम त्योंथर को सामाजिक कार्यकर्ता एवं परिषद के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया जिस पर एस डी एम त्योंथर ने तहसीलदार त्योंथर एवं जनेह थाना प्रभारी को तत्काल भेजने का अस्वासन दिया। इतने में ही एस डी ओ पी त्योंथर को भी सूचित किया गया जिस पर अगले एक घंटे में एस डी ओ पी पुलिस अनुभाग त्योंथर, तहसीलदार त्योंथर एवं संबंधित पटवारी, वेटेरिनरी सर्जन आदि पहुचे एवं त्वरित कार्यवाही करते हुए मौका पंचनामा बनाया और जे सी बी से कटीले तार हटाकर बाड़ा हटाया गया और संवंधित दोषियों के ऊपर एफ आई आर दर्ज करने के निर्देश भी दिए। 

      पूरे रेस्क्यू आपरेशन एवं बाड़े को हटाने की प्रक्रिया  में प्रताप गोशाला झोटिया के संचालक एवं विंध्य किसान परिषद के अध्यक्ष रोहित तिवारी का अच्छा सहयोग रहा साथ ही विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार जी सहित अन्य लोग भी मौके पर उपस्थित हुए।

       इस प्रकार पुलिश प्रशासन, तहसील प्रशासन एवं वेटेरिनरी विभाग सहित क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति मद जेसीबी लगाकर कटीले तारों को पूरी तरह से हटाया गया। साथ ही ऐसे कृत्य करने वालों को स्पष्ट बताया गया कि अवैध बाड़ों को न बनाएं अन्यथा सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। 

     वहरहाल, पूरे मामले की जांच चल रही है और उपस्थित प्रशासनिक अमले द्वारा कहा गया कि जो भी दोषी हैं उन्हें बख्सा नही जाएगा।

    संलग्न - झोटिया एवं मनिका ग्राम में बनायी गयी अवैध बाड़े की फ़ोटो एवं कार्यवाही करवाता त्योंथर अनुभाग के प्रसाशनिक अमला।

   - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Sunday, June 26, 2016

रीवा मध्य प्रदेश में डायल 100 सेवा की दुर्दसा - प्रधानमंत्री जी के नाम पत्र

To,                                                                                     Date: ………………..
The Prime Minister of India,                                         Place: REWA (MP)
Govt. of India, Prime Minister Office,
New Delhi. INDIA.


Subject – Regarding failure of Dial 100 Police service in Garh Police station. Dial100 complaints P16153010818, Dated 01/06/2016, P16145006840 dated 24/05/2016, P16145002244 dated 24/05/2016, P16131013957 dated 10/05/2016, P16032754124 dated 27/03/2016, P16032753889 dated 27/03/2016, P16032542882 dated 25/03/2016, and Dial 100  complaints no P16031687206 dated 16/03/2016, all went un-inquired by Garh police dial 100 service.

Sir/Madam,

I would like to bring your kind attention the malfunctioning of the Dial 100 service in GARH police station under Mangawan sub-division in Rewa MP.

            In the subject line above several cases of Dial 100 reported but Garh police did not act on the time and even did not take any actions at all in most of these Dial 100 complaints. In the subject line above is the details of all the dial 100 complaints with its number and dates.

            I would ask Govt of Madhya Pradesh state to review the Dial 100 service in Rewa district and especially in Garh Police station.

            Dial 100 is an emergency police service and if it comes 6 hours after or it does not come at the incident place at all then what is the significance of such emergency police service.

            Even after introducing the Dial 100 service the law and order situation under Mangawan SDOP has not changed much. In last six months the cases of theft and robbery in controlled rate Govt shops in BANS, PANDUA and KANKAR under the Police station Garh has increased and the gangs are still to be trapped. The cases of murder in MADARI, BANS and PAHARKHA and Garh region also were reported in last 8 months. The cases of kidnapping were accomplished under the eyes of Mangawan TI and SDOP from very near to the Police stations of MANGAWAN where the kidnappers kidnapped some Mr. Tripathi of NEVARIYA village under Garh Police station. The crimes against women also have increased under the MANGAWAN sub-division and under PS Garh. One of the dial 100 complaints P16153010818 dated 01/06/2016 relates to the crimes and misbehaves against women. Mrs. Ram Naresh Patel from SORAHWA villages was abused by the RAMANUJ KEVAT S/o RAMESHWAR KEVAT of Kaitha village. Even after dialing 100 the Garh Police did not reach on the time and asked the victim Mrs. Patel to visit the police station in the night which is a clear violation of the fundamental rights of the women in India constitution.  

Looking into all facts mentioned pointwise above we would demand to the Mr. Prime Minister of India to direct Mr. Chief Minister of Madhya Pradesh state to review the service of the Dial 100 in Rewa district and especially in Mangawan sub-division and Garh police station.
            Based upon my own experience as an societal activists, I have to say that Dial 100 service is almost failed in Mangawan sub-division and must be reviewed. Also the guilty must be punished.
            An immediate action need to be taken and guilty police officials and under Mangawan sub-divisions need to be transferred as soon as possible and a new team need to be attached so that the law and order situation could be improved. Based on my own experience and the instance iterated above, it is very much evident now that the present police officials are not discharging their duty properly.

            Also besides replacing the police officials another important thing need to be considered to maintain the law and order situation is to take the feedback of the NGOs and general public for how to improve the police service better in rural areas. As iterated several times, that a timely review of the cases and police services including dial 100 services must be done.
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Sincerely

SHIVANAND DWIVEDI
(Social, Scientific, and RTI activist)
Village KAITHA, Post  AMILIYA,
Police Station GARH, Tehsil  MANGAWAN,
District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117

Mob. +917869992139