Karm Yoga of Shrimad Bhagavad Gita (श्रीकृष्ण जी का कर्मयोग)
"One who is unattached to the fruits of his work and who works as he is obligated is in the renounced order of life, and he is the true mystic: not he who lights no fire and performs no work". - |||श्रीमद भगवद गीता, अध्याय 6, Verse 1|||
Saturday, October 17, 2026
Breaking:// रोझौही में टाटा पावर के प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध: जल सत्याग्रह में उतरे ग्रामीण और 'आप' नेता प्रमोद शर्मा//
Breaking:// रीवा में रोझौही परमाणु संयंत्र का विरोध: ग्रामीणों ने स्वास्थ्य और पर्यावरण पर जताई चिंता, कलेक्टर के दौरे के बाद गरमाया मामला//
*Breaking:// रीवा में रोझौही परमाणु संयंत्र का विरोध: ग्रामीणों ने स्वास्थ्य और पर्यावरण पर जताई चिंता, कलेक्टर के दौरे के बाद गरमाया मामला//*
रीवा (मध्य प्रदेश): दिनांक 17 October 2026
रीवा जिले के रोझौही क्षेत्र में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध 16 अक्टूबर को भी देखने को मिला। इसी क्रम में गत 15 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर ने प्रस्तावित स्थल का दौरा किया था, जिसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश और मुखर हो गया है। स्थानीय लोग किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगवाने के पक्ष में नहीं हैं। इस बात को लेकर ग्रामीणों द्वारा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है।
स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर गहरी चिंता
रोझौही सरई और आसपास के सैंकड़ों गांवों के ग्रामीण अपने स्वास्थ्य, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे क्षेत्र में अन्य रोजगारपरक उद्योगों के समर्थन में हैं, लेकिन न्यूक्लियर प्लांट जैसे घातक प्रोजेक्ट को वे अपने आशियाने और पर्यावरण के करीब बर्दाश्त नहीं करेंगे।
*इन प्रमुख चेहरों ने भी किया विरोध*
स्थल निरीक्षण के दौरान और इसके बाद आयोजित बैठकों में ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जाहिर की। विरोध प्रदर्शन और चर्चा में शामिल प्रमुख लोगों में युवा अखिल पांडेय, रामरती कोल, सावित्री, कोमल कोल, सुषमा कोल, समाजसेवी आनंद द्विवेदी और सरपंच प्रतिनिधि संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने "विनाश नहीं विकास चाहिए, न्यूक्लियर प्लांट नहीं चाहिए" जैसे कई नारे लगाए और अपना विरोध प्रदर्शन दिखाया।
*मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने की ग्रामीणों से मुलाकात*
मामले की गंभीरता को देखते हुए सामाजिक और मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी भी दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को करीब 4 बजे शाम मौके पर पहुंचे और गाँववालों से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए उनकी भावनाओं के अनुरूप शासन और प्रशासन से कार्य करने की अपील की। साथ ही, जनभावनाओं का सम्मान करते हुए रोझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के प्रोजेक्ट को तत्काल निरस्त किए जाने की मांग उठाई है। गौरतलब है कि इस पूरे आंदोलन में शिवानंद द्विवेदी इस मुद्दे पर काफी प्रमुखता से मुखर रहे हैं और कई बार ज्ञापन देकर आन्दोलन में भी शामिल रहे हैं। उनका साफ कहना है कि यह लड़ाई रोझौही सरई के लोगों से ज्यादा इन ग्रामों से दूर निवासरत लोगों की भी है जो इस परियोजना के लगने के बाद बुरी तरह से प्रभावित होंगे और कैंसर, ल्यूकेमिया, थायराइड कैंसर और अन्य जन्मजात बीमारियों के शिकार बनेंगे। इसलिए उनकी यह लड़ाई सतत जारी रहेगी।
— स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट, रीवा (मध्य प्रदेश)