*Breaking; 'जब तक न्यूक्लियर पावर प्लांट का प्रस्ताव वापस नहीं, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा': रोझौही में जल सत्याग्रह के साथ सांकेतिक फांसी देकर विरोध//*
*रोझौही में टाटा पावर प्लांट पर आर-पार की लड़ाई: बिगड़े स्वास्थ्य के बावजूद डटे ग्रामीण, कांग्रेस और विचार क्रांति मंच का मिला समर्थन//*
*जल-जंगल-जमीन बचाने की जंग: क्योटी पंचायत के सामने सांकेतिक फांसी, रीवा में टाटा न्यूक्लियर प्लांट का विरोध बढ़ा//*
दिनांक 26 अक्टूबर 2026
रीवा (मध्य प्रदेश):रोझौही-सरई कला में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में चल रहा जन आंदोलन लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। परियोजना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों, विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में क्योटी पंचायत भवन के सामने प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक फांसी लगाकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी दर्ज कराई।
*स्वास्थ्य बिगड़ने पर अनशनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया*
विगत 26 अक्टूबर 2026 को रोझौही में तालाब के भीतर कई दिनों से जल सत्याग्रह और आमरण अनशन कर रहे ग्रामीणों की तबियत बिगड़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार सिरमौर, बिंदु तिवारी ने रात करीब 11:00 बजे पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा और अनशन कर रहे ग्रामीणों—बबली कोल, रावेंद्र कोल एवं संदीप कोल—को एम्बुलेंस के जरिए रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया।
*ग्रामीणों और आंदोलनकारियों का 'जल सत्याग्रह' और धरना-प्रदर्शन अभी भी जारी*
प्रशासन द्वारा कुछ अनशनकारियों को अस्पताल भेजे जाने के बावजूद, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को भी रोझौही में प्लांट साइट के पास स्थित तालाब में ग्रामीणों का जल सत्याग्रह अनवरत जारी है। गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष इस जल सत्याग्रह एवं अनशन में डटे हुए हैं। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार इस न्यूक्लियर पावर प्लांट के प्रस्ताव को पूरी तरह वापस लेने की आधिकारिक घोषणा नहीं करती, तब तक यह विरोध प्रदर्शन और जल सत्याग्रह समाप्त नहीं होगा।
*कांग्रेस का धरना और उमंग सिंघार का ऐलान*
दूसरी ओर, सरई कला और रोझौही गांव में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में 24 अक्टूबर से चल रहा धरना-प्रदर्शन भी निरंतर जारी है, जिसमें स्थानीय लालगांव और मनगवां क्षेत्र के नेता भी शामिल हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 25 अक्टूबर को मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने रोझौही का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने मंच से घोषणा की थी कि जब तक सरकार इस न्यूक्लियर पावर प्लांट को वापस नहीं ले लेती, तब तक कांग्रेस का तंबू यहीं गड़ा रहेगा और आंदोलन जारी रहेगा। इसी कड़ी में 27 अक्टूबर को भी कांग्रेस का धरना स्थल पर विरोध प्रदर्शन पूरी मजबूती के साथ चलता रहा।
*आंदोलनकारियों एवं समाजसेवियों की मौजूदगी*
क्योटी पंचायत भवन के सामने चल रहे इस जन आंदोलन को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इस दौरान 'बिरसा मुंडा विचार क्रांति मंच' के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुकांत कुशवाहा, सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी, नागरिक आनंद कोल और समाजसेवी बृजेश गौतम सहित सैकड़ों ग्रामीण व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
*(विशेष ब्यूरो रिपोर्ट, रीवा, मध्य प्रदेश — 27 अक्टूबर 2026)*