Karm Yoga of Shrimad Bhagavad Gita (श्रीकृष्ण जी का कर्मयोग)
"One who is unattached to the fruits of his work and who works as he is obligated is in the renounced order of life, and he is the true mystic: not he who lights no fire and performs no work". - |||श्रीमद भगवद गीता, अध्याय 6, Verse 1|||
Wednesday, October 14, 2026
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Sunday, October 11, 2026
08 बोरहोल के नाम पर मात्र भूमि परीक्षण बताकर लोगों को झांसे में रखकर Tata के न्यूक्लियर पावर प्लांट प्रोजेक्ट की गतिविधि तेज// टाटा पावर ने निर्माण कार्य के लिए बिजली विभाग से मांगी 10 मेगावाट की बिजली सप्लाई//
08 बोरहोल के नाम पर मात्र भूमि परीक्षण बताकर लोगों को झांसे में रखकर Tata के न्यूक्लियर पावर प्लांट प्रोजेक्ट की गतिविधि तेज// टाटा पावर ने निर्माण कार्य के लिए बिजली विभाग से मांगी 10 मेगावाट की बिजली सप्लाई//
रीवा (मध्य प्रदेश): दिनांक 11 अक्टूबर 2026
भारत सरकार के 'परमाणु ऊर्जा मिशन' और 'शांति अधिनियम (SHANTI Act), 2025' के तहत मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक बड़े न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट की दिशा में काफी कदम बढ़ा दिए गए हैं। जहां कंपनी एक तरफ कह रही है कि वह सिर्फ मिट्टी परीक्षण करने के लिए आई है और न्यूक्लियर पावर प्लांट नहीं लगेगा वहीं गुपचुप तरीके से प्रशासनिक सहयोग से सभी एन ओ सी प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है और अपनी कथनी 5करनी स्पष्ट नहीं कर पा रही है। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (TPCL) ने रीवा जिले के रोझौही गांव के पास प्रस्तावित 2x220 मेगा वाट क्षमता वाले न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती तैयारियां शुरू कर दी हैं।
निर्माण कार्य के लिए 10 मेगावाट बिजली की मांग
टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के बिजनेस डेवलपमेंट (बीडी), सर्विसेज एंड टेक्नोलॉजी प्रमुख सी. पी. तिवारी द्वारा मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड त्यौंथर संभाग के कार्यपालन अभियंता (ओ एंड एम) को 13 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में निर्माण चरण के दौरान आवश्यक लगभग 10 मेगा वाट की कंस्ट्रक्शन पावर सप्लाई की उपलब्धता और इसके सर्वेक्षण के संबंध में जानकारी मांगी गई है।
अंतर-विभागीय बैठक में हुई थी चर्चा
पत्र में उल्लेख किया गया है कि 1 अप्रैल 2026 को रीवा संभागायुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में राजस्व, वन, जल निगम, जल संसाधन विभाग, एम पी आई डी सी और बिजली कंपनी जैसे प्रमुख विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिसमें प्रोजेक्ट स्थल पर बिजली आपूर्ति को लेकर चर्चा की गई थी।
प्रोजेक्ट का प्रस्तावित स्थल और विवरण:
- कंपनी: टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (TPCL)
- प्रस्तावित क्षमता: 2x220 MWe न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट
- स्थान: रोजहौही गांव के पास, त्योंथर तहसील, जिला रीवा (म.प्र.)
- भौगोलिक निर्देशांक (Coordinates): 24°52'32.15"N, 81°29'55.01"E
- आवश्यकता: 10 MVA कंस्ट्रक्शन पावर सप्लाई
सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी का कहना है कि प्रोजेक्ट की शुरुआती गतिविधियों को देखते हुए यह स्पष्ट हो चुका है टाटा कंपनी ग्राम वासियों से पूरा झूठ बोल रही है और सरकारी अधिकारी भी इस झूठ में सम्मिलित हैं। ग्राउंड में अधिकारी आकर जनता के सामने सिर्फ बोर होल किए जाने की बातें करते हैं वहीं कंपनी गुपचुप 10 मेगा वाट का पावर स्टेशन लगाकर आगे परियोजना का काम आगे बढ़ाना चाह रही है। इन सब क्रियाविधि से यह लगभग स्पष्ट है कि कंपनी और अधिकारी लोगों को झांसे में रखकर अपना पूरा काम कर रहे हैं और जनता को कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
*टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के प्रोजेक्ट का जमकर चल रहा विरोध*
उधर जब से मामला ग्राम पंचायत में अनापत्ति प्रमाण प्राप्त करने का आया है और जिसमें ग्राम पंचायत सरपंच सरई कला के फर्जी लेटर हेड में एक पत्र क्रमांक 170 दिनांक 2026 जारी किया जाकर फर्जी एनओसी दिखाकर अधिकारियों के द्वारा 8 बोर होल किए जाने के लिए टाटा कंपनी को अनुमति प्रदान की गई है उसको लेकर घमासान मचा हुआ है। इस बीच ग्राम पंचायत सरई कला की ग्राम सभा ने दो प्रस्ताव पारित कर ग्राम पंचायत परिसर में किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाए जाने का विरोध किया है। जबकि इसके बावजूद भी सरकारी अधिकारी और कंपनी के लोग जबरदस्ती बोर होल किए जाने के लिए तैयारी बना रही है।
*स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट रीवा मध्य प्रदेश*