दिनांक 01 अगस्त 2026 रीवा मप्र
रीवा (मध्य प्रदेश)। रीवा जिले में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plant) को पर्यावरण सुरक्षा के दृष्टिकोण से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी एवं अन्य स्थानीय नागरिकों द्वारा प्रस्तुत किए गए ज्ञापन को रीवा कलेक्टर कार्यालय ने विचार-विमर्श एवं अग्रिम कार्यवाही हेतु सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नई दिल्ली को प्रेषित कर दिया है।
*क्या है पूरा मामला?*
कलेक्टर कार्यालय रीवा द्वारा जारी पत्र (क्रमांक 614/व.लि.-1/2026, दिनांक 30/07/2026) के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी (निवासी ग्राम कैठा, तहसील मनगवां, जिला रीवा) तथा अन्य नागरिकों ने एक ज्ञापन सौंपकर जिले में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर गंभीर आपत्ति जताई थी।
*ज्ञापन में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि:*
पर्यावरण एवं स्थानीय जनजीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रीवा जिले में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित न किया जाए।
इस परियोजना को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित (Shift) किया जाए।
*प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया मूल ज्ञापन*
रीवा के डिप्टी कलेक्टर सुधीर कुमार बेक द्वारा हस्ताक्षरित इस आधिकारिक पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्राप्त ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए इसे मूल रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय (नई दिल्ली) को प्रेषित (सम्पेक्षित) किया जा रहा है। इसकी एक प्रतिलिपि संबंधित आवेदक शिवानन्द द्विवेदी को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
पर्यावरण सुरक्षा पर गहराया मंथन
रीवा में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों में चिंता का माहौल है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का तर्क है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र से पर्यावरण, जल स्रोतों और आसपास की घनी आबादी पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा इस ज्ञापन पर क्या रुख अपनाया जाता है।
*स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट रीवा मप्र*
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