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Tuesday, January 14, 2020

(MP breaking) आरटीआई लाइव - लगातार जुर्मानों के बाद भी नही चेत रहे अधिकारी, मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह द्वारा लगातार हो रही कार्यवाहियों से प्रदेश में मचा है हड़कम्प, लोग पूंछ रहे अबकी बार किसकी बारी

दिनांक 14 जनवरी 2020, स्थान - रीवा मप्र

  👉 डीएफओ सतना राजीव मिश्रा पर लगा 10 हज़ार रुपये का जुर्माना।

  👉 तत्कालीन त्योंथर तहसीलदार जितेंद्र तिवारी पर लगा 7 हज़ार 500 रुपये का जुर्माना।

  👉 तत्कालीन तहसीलदार त्योंथर एवं वर्तमान में टीकमगढ़ में पदस्थ महेंद्र गुप्ता को कारण बताओ नोटिस, 21 जनवरी को भोपाल में होगी पेशी।

  👉 सचिव पंचायत भोलगढ़ संजय मिश्रा पर लगा 10 हज़ार रुपये का जुर्माना।
     आरटीआई नियमों की अवहेलना करने के चलते मप्र राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह द्वारा कार्यवाहियां की जा रही हैं जिसमे लोक सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के ऊपर जुर्मानों के साथ अनुशासनात्मक कार्यवाहियां भी की जा रही हैं लेकिन संभाग के लोक सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकिरियों की कार्यशैली अभी भी पूर्ववत ही बनी हुई है। 

   तीन अलग अलग प्रकरणों में लगाया गया जुर्माना
   
     अभी हाल ही में मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह द्वारा तीन अलग अलग प्रकरणों में जुर्माना लगाया गया है। एक प्रकरण सतना जिले में वन विभाग से सम्बंधित है जिसमे अपीलार्थी रामस्वरूप पटेल बनाम लोक सूचना अधिकारी वन मंडल सतना के एक मामले ए-2352/सतना/2018 में दिनांक 09/01/2020 को फैसला देते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने कहा कि लोक सूचना अधिकारी एवं डीएफओ सतना राजीव मिश्रा द्वारा अपीलार्थी के आरटीआई प्रकरण दिनाँक 26/12/2017 में असद्भावनापूर्वक, असहयोग करते हुए बिना किसी उचित एवं पर्याप्त कारण के जानकारी छुपाने का प्रयास किया गया एवं सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रति घोर लापरवाही का रवैया अख्तियार किया गया जिसके चलते डीएफओ राजीव मिश्रा के ऊपर आरटीआई की धारा 20(1) के तहत 10 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है।
   दूसरा प्रकरण: ददन तिवारी बनाम त्योंथर राजस्व विभाग त्योंथर

   ऐसे ही दूसरे अपीलीय मामले ए-4788/रीवा/2017 में भी सूचना आयुक्त द्वारा जुर्माने और शो कॉज नोटिस की कार्यवाही की गई है। यह मामला नक्सा तरमीन की राजस्व विभाग की सामान्य सी कार्यवाही का है जिसे पटवारी, आरआई और तहसीलदार कैसे अत्यधिक पेचीदा बनाकर अपीलार्थी और पीड़ितों की प्रताड़ित कर सकते हैं उसके विषय मे यह प्रकरण प्रकाश डालता है। 

    ददन तिवारी निवासी तहसील त्योंथर द्वारा राजस्व विभाग त्योंथर के समक्ष कुछ नक्सा तरमीन सम्बंधित जानकारी आरटीआई दाखिल कर चाही गयी थी जिसे तहसीलदार द्वारा छुपाने का प्रयास किया गया। इस पर कई सुनवाइयों के बाद और कई कारण बताओ नोटिसें जारी करने के बाद अभी हाल ही में 06/01/2020 को हुई सुनवाई में तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी एवं तहसीलदार महेंद्र गुप्ता को दोषी पाया गया जिन्होंने 3/5/17 को त्योंथर में पदस्थ रहते हुए जानकारी समय सीमा पर नही दी और धारा 7(1) का उल्लंघन किया तथा अपने दायित्यों के प्रति घोर लापरवाही बरती। जिसके कारण वर्तमान टीकमगढ़ में पदस्थ तहसीलदार महेंद्र गुप्ता को धारा 20(1) एवं 20(2) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 21/01/2020 को व्यक्तिगत तौर पर सूचना भवन भोपाल में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। 

     वहीं इसी मामले में तत्कालीन तहसीलदार और पीआईओ जितेंद्र तिवारी को अपीलार्थी के आरटीआई आवेदन दिनाँक 3/5/2017 पर जानकारी न देने, अपीलार्थी के साथ असद्भावपूर्वक, जानबूझकर और बिना किसी उचित और पर्याप्त कारण के जानकारी छुपाने के चलते एवं सूचना के अधिकार के प्रति घोर लापरवाही बरतने और पदीय दायित्यों का निर्वहन न करने सहित अन्य कारणों के चलते धारा 20(1) के तहत रुपये 7 हज़ार 500 का जुर्माना लगाया गया है।  
     
  तीसरा मामला : ज्ञानेंद्र गौतम बनाम भोलगढ़ पंचायत रीवा

    तीसरा प्रकरण भोलगढ़ पंचायत जनपद पंचायत रीवा से सम्बंधित है जिसमे भोलगढ़ निवासी ज्ञानेंद्र गौतम द्वारा 2014-15 से 2018 तक कि स्वच्छ भारत और शौचालय निर्माण सम्बन्धी जानकारी लोक सूचना कार्यालय ग्राम पंचायत भोलगढ़ में दिनांक 26/09/2018 को आरटीआई फ़ाइल करके चाही गयी थी तब जानकारी न मिलने पर अपीलकर्ता द्वारा प्रथम अपील 11/01/2019 एवं द्वितीय अपील दिनांक 25/05/2019 को की गई थी। मप्र राज्य सूचना आयुक्त की 28/08/2019 को रीवा में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में घोर लापरवाही बरतते हुए न तो लोक सूचना अधिकारी और न ही प्रथम अपीलीय अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद कारण बताओ नोटिस की सुनवाई 23/12/2019 को सूचना आयोग भोपाल में रखी गयी थी जिसमे पीआईओ उपस्थित नहीं थे। 

     दिनाँक 23/12/2019 की सूचना भवन में हुई सुनवाई में मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने लोक सूचना अधिकारी संजय मिश्रा सचिव ग्राम पंचायत भोलगढ़ जनपद पंचायत रीवा को अपीलार्थी के आरटीआई आवेदन दिनांक 26/09/2018 पर कार्यवाही न करने, असद्भावपूर्वक, जानबूझकर एवं बिना किसी पर्याप्त और उचित कारणों के जानकारी छुपाने के चलते आरटीआई के नियम प्रावधानों के विरुद्ध व्यवहार करने के चलते धारा 20(1) के तहत प्रतिदिन के हिसाब से 250 रुपये का जुर्माना और अधिकतम 10 हज़ार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया। 
    सभी जुर्माना राशि समयसीमा में आयोग में जमा करो
    
     उक्त तीनों प्रकरणों में जुर्माने की राशि समयसीमा में डीडी अथवा अन्य उचित माध्यमो से सूचना आयोग के समक्ष भोपाल में जमा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। आगे आदेशित किया गया कि यदि जुर्माने की राशि समयसीमा में जमा नहीं की जाती तो आयोग द्वारा मप्र सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 (अपील एवं फीस) की धारा 8(6) के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी।
   
    जुर्माने रुक नहीं रहे, आदतें सुधर नहीं रहीं

     मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के उल्लंघन को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है जिसके चलते लोक सूचना अधिकारियों और सम्बंधित विभागों में हड़कम्प मचा हुआ है। जहां वर्तमान सूचना आयुक्त की पदस्थापना के पूर्व मप्र में आरटीआई की स्थिति काफी उदासीन थी वहीं वर्तमान में ऐसा प्रतीत होता है जैसे हर जगह सूचना के अधिकार की ही चर्चाएं हो रही हैं। इसके बाबजूद भी कर्मचारी और अधिकारी सूचना के अधिकार की अवहेलना में रत हैं। 

     अब देखना यह होगा कि क्या सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह की सख्ती मप्र में आरटीआई को मजबूत बना पाएगी।

  संलग्न - कृपया संलग्न पेज में देखें मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह द्वारा ट्वीट कर दी गयी जानकारी एवं साथ ही आदेश की प्रतियां।

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शिवानन्द द्विवेदी
(सोशल एंड ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट)
जिला रीवा मप्र मोबाइल 9589152587

Tuesday, August 14, 2018

केदारनाथ कॉलेज मऊगंज में कॉलेज प्रबंधन ने छात्र का बीए में एडमिशन रोंका (मामला ज़िले के मऊगंज अन्तर्गत केदारनाथ शासकीय कॉलेज का जिंसमे छात्र अरविंद तिवारी का कैरियर रंजिसन किया जा रहा बर्बाद, फॉर्म फीड न होने से छात्र दाखिले से हुआ वंचित)

दिनाँक 14 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

ज़िले के मऊगंज अन्तर्गत शासकीय केदारनाथ कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में दाखिले में धांधली का मामला प्रकाश में आया है।

   वहीं के एक छात्र अरविंद तिवारी द्वारा बताया गया कि उसने बीए प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए फॉर्म भरा था लेकिन रंजिसन कुछ लोगों के षड्यंत्र से उसका फॉर्म वहां के प्राचार्य प्रभारी एवं अन्य बाबुओ द्वारा दबा दिया गया जिससे 9 अगस्त की अंतिम एडमिशन लिस्ट में उसका नाम ही नही आ सका। यद्यपि छात्र द्वारा बताया गया है कि उसके मार्क्स 67% थे जो काफी ठीक थे और आर्ट्स में एडमिशन आसानी से मिल जाता लेकिन उसके परिवार से रंजिश रखने वाले कुछ लोगों ने कॉलेज प्रशासन से मिलकर षड्यंत्र किया और उसके फॉर्म भरे जाने के बाद भी उसका कागज़ात दबा दिया गया और 9 अगस्त को अंतिम ऑनलाइन फीडिंग के बाद ही उसका फॉर्म बाहर निकाला जिससे उसका नाम जोड़े जाने में अब दिक्कत आ रही है। यद्यपि छात्र ने जानकारी दी है कि कॉलेज के एडमिशन रजिस्टर में उसकी एंट्री 340 नंबर पर है।

 एडमिशन डिपार्टमेंट ने बताया प्रयास जारी हैं

  जब इस विषय मे छात्र थक हारकर सामाजिक कार्यकर्ता से संपर्क किया तो वहां के एडमिशन विभाग के आलोक कुमार राय से संपर्क कर जानकारी चाही गई तो उनके द्वारा किसी मैडम से बात कराई गई जिनके द्वारा अपने विभाग की गलती स्वीकार की गयी।उन्होंने बताया कि यह सब हमारे ही विभाग के कुछ कर्मचारियों की गलती की वजह से ऐसा हुआ है। कुछ कर्मचारियों का हवाला देते हुए मैडम द्वारा बताया गया कि छात्र अरविंद तिवारी का फॉर्म कहीं दबा दिया गया था और उसे दिनाँक 9 अगस्त को अंतिम डेट के बाद उन्हें सौंपा गया है जिसको भोपाल केंद्र से ही ऑनलाइन डेट पूरी हो जाने के बाद फीड नही किया जा सका अतः उन्होंने निक आईटी सेंटर भोपाल से संपर्क किया है और उनके द्वारा छात्र का फॉर्म ऑनलाइन फीड करने के प्रयास किये जा रहे हैं जिससे छात्र का यह वर्ष बर्बाद न हो।

     इसी प्रकार एक और भी केस का भी उस मैडम द्वारा हवाला दिया गया और बताया गया कि उनके केदारनाथ कॉलेज मऊगंज में कोई कंप्यूटर ऑपरेटर न होने से स्थिति काफी संकटपूर्ण बनी रहती है। किसी ऑपरेटर द्वारा एक अन्य भी छोटी गलती कर दी गई है जिंसमे उसके द्वारा फीस भरते समय 1200 रुपये के स्थान पर 12 हज़ार रुपये भर देने के कारण पूरा कॉलेज और साथ ही वह छात्र भी परेशान है।

छात्र के शिक्षा प्राप्ति के मूलभूत मानवाधिकार का है हनन 

    यद्यपि चाहे जो भी स्थिति हो परंतु जिन कारणों से छात्र अरविंद तिवारी का बीए प्रथम वर्ष में एडमिशन नही हो पा रहा है और उसका फॉर्म ऑनलाइन नही फीड हो पाया है उसके लिए केदारनाथ कॉलेज प्रबंधन मऊगंज सीधे जिम्मेदार है और हर हाल में कॉलेज प्रबंधन को अपनी गलती सुधारकर उस छात्र को एडमिशन दिया जाना चाहिए जिससे इसके कैरियर को बचाया जा सके साथ ही अरविंद तिवारी का यह वर्ष भी जाया न हो। 

    निश्चित ही यह मानवाधिकार हनन की समस्या है जिसके लिए कॉलेज प्रबंधन सीधे कटघरे पर खड़ा होगा।

संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें छात्र अरविंद तिवारी की फ़ोटो एवं उसके एडमिशन सम्बन्धी अन्य कागज़ात।

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, ज़िला रीवा मप्र, मोब 9589152587, 7869992139

Thursday, August 9, 2018

इलाहाबाद बैंक ने पकड़ाया 2 लाख का वशूली नोटिस, पीड़ित ने बताया फसाने का प्रयाश (मामला ज़िले के गढ़ थाना क्षेत्र अन्तर्गत कटरा इलाहाबाद बैंक का जिसके द्वारा हितग्राही पुष्पराज तिवारी को चेक बाउंस एवं 2 लाख रुपये का कानूनी वशूली नोटिस पकड़ा दिया गया है. पीड़ित का कहना है यह गलत है, उसने कोई चेक नही दिया)


दिनांक 09 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  ज़िले के गढ़ थाना अन्तर्गत घूम-कटरा इलाहाबाद बैंक में चेक बाउंस एवं 2 लाख की कानूनी वशूली नोटिस का मामला प्रकाश में आया है. जिंसमे पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी उम्र लगभग 30 वर्ष निवासी डाढ़ पंचायत त्योंथर ब्लॉक रीवा का कहना है की उसने इलाहाबाद बैंक को किसी प्रकार का कोई भी 2 लाख का भरा हुआ चेक नही दिया था और बैंक द्वारा उसे झूंठे केस में फसाने का प्रयास किया जा रहा है. पीड़ित द्वारा बैंक प्रबंधन को दिनाँक 8 अगस्त 2018 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन दरखास्त भेजी गई है जिंसमे आरोप लगाया गया है की कुछ आसमाजिक तत्वों के दबाब बस बैंक द्वारा उसे चेक बाउंस के झूंठे मामले में फसाने का प्रयाश किया जा रहा है.

    पीड़ित पुष्पराज तिवारी ने दिनांक 7 अगस्त को रजिस्टर्ड ए डी डाक द्वारा किसी वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजे जाने का हवाला देते हुए बताया है की चेक क्रमांक 832153 दिनांक 23 अगस्त 2018 रुपये 2 लाख का चेक बाउंस का मामला बताया है जो झूँठा है. पीड़ित ने बताया की उसने इलाहाबाद बैंक को कभी कोई भी चेक साइन करके नही दिया था. शायद बैंक द्वारा कभी पुराने खाली चेक में साइन करवाया जाकर उसमे मनमुताबिक राशि भरकर फसाया जा रहा है. इस बाबत पीड़ित ने 8 अगस्त को लिखित स्पीड पोस्ट बैंक प्रबंधन इलाहाबाद बैंक घूम कटरा के नाम भेजा है. 

पीड़ित ने आत्मदाह की दी चेतावनी

   मामला यहीं पर आकर नही रुका है. पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी द्वारा एक पत्र लिखकर बैंक प्रबंधन पर आरोप लगाए गए हैं की चूंकि पीड़ित ने कोई भी चेक कभी बैंक को 2 लाख भरकर नही दिया है अतः यदि उसे फ़र्ज़ी चेक बाउंस के मुकदमे में फसाने का प्रयाश किया गया तो पीड़ित आत्मदाह कर लेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी इलाहाबाद बैंक प्रबंधक की होगी. पीड़ित ने आगे लिखा है की पीड़ित के आश्रित मात्र उसकी बूढ़ी माता एवं उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं जिनका पालन पोषण येनकेन प्रकारेण पीड़ित मेहनत मजदूरी करके कर रहा है ऐसे में यदि उसे कुछ होता है तो बैंक प्रबंधन ही इसके लिए जिम्मेदार होगा.

  संलग्न - पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ पंचायत थाना गढ़ रीवा का बैंक नोटिस के साथ फ़ोटो एवं साथ ही इलाहाबाद बैंक को दिनांक 8 अगस्त को भेजा गया आवेदन की फ़ोटो भी संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र मोबाइल 9589152587, 7869992139.

Friday, July 13, 2018

ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर मौहरिया का 24 घण्टे में बदला ट्रांसफार्मर, बसौली का भी 2 दिन में बदला जाएगा (मामला ज़िले के गंगेव एवं मनगवां विद्युत वितरण केंद्र का जहां मौहरिया में 2 वर्ष से अधिक समय से जला ट्रांसफार्मर 13 जुलाई को बदला गया, बसौली नं 2 का अगले 2 दिन में बदला जाएगा, सामाजिक कार्यकर्ता की पहल पर ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने करवाई कार्यवाही)

दिनांक 14 जुलाई 2018, स्थान - गंगेव/मनगवां रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

    सामाजिक कार्यकर्ता की पहल पर ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन के निर्देश पर 2 से अधिक वर्षों से जला हुआ मौहरिया ग्राम का 100 केवीए का ट्रांसफार्मर दिनांक 13 जुलाई 2018 को शाम को बदल दिया गया. बता दें पिछले दिनों गंगेव डीसी के बसौली नंबर 2 एवं मनगवां डीसी के मौहरिया के जले हुए ट्रांसफार्मर न बदले जाने की खबर ट्विटर के माध्यम से मप्र के ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन को सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी एवं अधिवक्ता जितेंद्र तिवारी के माध्यम से दी गई थी जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने सीएमडी जबलपुर जोन एवं चीफ इंजीनियर रीवा रीजन केएल वर्मा को तत्काल ट्रांसफार्मर बदले जाने के लिए निर्देशित किया था. जिस पर कार्यवाही करते हुए मनगवां बिजली क्षेत्र के असिस्टेंट इंजीनियर प्रशांत नागेश ने 13 जुलाई शाम 100 केवीए का मौहरिया यादव-हरिजन बस्ती के पास का 2 से अधिक वर्षों से जला हुआ ट्रांसफार्मर बदल दिया है और इसकी सूचना उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता द्विवेदी को मोबाइल फ़ोन पर दी है. इस बात की पुष्टि करने के लिए द्विवेदी द्वारा मौहरिया ग्राम निवासी आशीष चतुर्वेदी एवं सुरेश चतुर्वेदी द्वारा नए लगाए गए ट्रांसफार्मर की वहां के ग्रामीणों के साथ फ़ोटो भी प्राप्त की है जिसे यहां पर संलग्न किया जा रहा है. सहायक अभियन्ता मनगवां बिजली विभाग प्रशांत नागेश द्वारा जानकारी दी गई है की अगले 2 दिनों में गंगेव डीसी के बसौली नंबर 2 का भी ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा. बता दें की बसौली नंबर 2 का ट्रांसफार्मर बबलू सिंह एवं अन्य ग्रामीणों के द्वारा  पिछले 8 माह के अधिक समय के फैल बताया गया था.

    मौहरिया का ट्रांसफार्मर बदले जाने पर वहां सभी उपभोक्तागण में खुसी की लहर है. विशेषतौर पर मोटर कनेक्शनधारी किसान ट्रांसफार्मर बदल दिए जाने से काफी खुश हैं. सुरेश एवं आशीष चतुर्वेदी आदि किसानों द्वारा बताया गया की पिछले 2 वर्षों से उनकी कृषि बुरी तरह से प्रभावित हुई थी जिसके कारण सभी किसान काफी परेशान थे. 

संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें रीवा के मनगवां डीसी अन्तर्गत आने वाले मौहरिया ग्राम का बदला गया ट्रांसफार्मर एवं उपस्थित ग्रामीण उपभोक्ता.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक वआम मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Saturday, February 17, 2018

भ्रष्ट्राचार की वसूली की नोटिस पर डाढ़ सरपंच पुत्र सुरेंद्र मिश्रा ने पुष्पराज तिवारी को मोबाइल पर दी जान से मारने की धमकी, दाई माई की गाली के साथ बोला कानून मेरी जेब मे, कोई कुछ नही बिगाड़ सकता (ध्यान से सुनें संलग्न ऑडियो रिकॉर्डिंग)

दिनांक 17 फरवरी 2018, स्थान - डाढ़ पंचायत त्योंथर रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

 अभी हाल ही में पिछले महीने डाढ़ पंचायत निवासी एवं विंध्य किसान परिषद के कार्यकर्ता पुष्पराज तिवारी एवं परिषद के जिलाध्यक्ष द्वारा डाढ़ पंचायत में निर्माण कार्यों में हो रहे व्यापक भ्रष्ट्राचार की शिकायत पर सीईओ जनपद पंचायत त्योंथर महावीर जाटव द्वारा जांच कमेटी बैठा कर जांच कराई गई थी जिस पर सीईओ जाटव स्वयं भी जांच स्थल पर आकर लगभग 25 लाख के तीन पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के गुणवत्ता की जांच की थी जिस पर उपयंत्री त्योंथर प्रजापति द्वारा जांच रिपोर्ट में तीनों पीसीसी सड़क मापदंड के अनुरूप होते नही पाए गए थे जिस सरपंच सचिव को नोटिस जारी की गई थी इसके बाद वर्तमान  में चल रही लोनियान बस्ती की सड़क को नए सिरे से बनाये जाने और साथ ही पहले से निर्मित हो चुकी द्विवेदी टोला करहिया एवं हरिजन बस्ती डाढ़ की सड़क पर पूरी बसूली की अनुसंशा की बात सीईओ जनपद त्योंथर के नाम अपने प्रतिवेदन में आयी थी।

     जब यह बात डाढ़ सरपंच पुत्र एवं सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र मिश्रा के पास पहुची तो उसने परिषद के कार्यकर्ता पुष्पराज तिवारी के मोबाइल पर फोन करके उसे दाई माई की भद्दी गालियां दी और बोला कि मैं अपने लड़के को बुलाकर तेरे घर मे घुसकर हाँथ पैर तोड़ जान से समाप्त कर दूंगा अभी तू जानता नही मैंने इसके पहले भी कई लोगों को निपटाया है और मैं कोर्ट केस लड़ लूंगा कोई मेरा कुछ बिगाड़ नही सकता। 

     इस प्रकार संलग्न ऑडियो फ़ाइल में भ्रष्ट्राचार का विरोध करने वाले एक कार्यकर्ता को जिस प्रकार सरहंगई पूर्वक बेझिझक एक सरपंच प्रतिनिधि द्वारा माँ बहन की गालियां देकर धमकाया गया इससे यही साबित होता है कि वास्तव में इन भ्रष्ट्राचारी असामाजिक तत्वों को न तो समाज की कोई चिंता है और न ही नियम कानून का कोई भय। पर दूसरे पक्ष ने भी इस घटना की शिकायत गढ़ थाने में पूरी ऑडियो फ़ाइल के साथ कर दी है परंतु गढ़ थाने में अब तक जांच कर एफ आई आर तक दर्ज नही की गई है इससे साफ पता चलता है कि ऐसे असामाजिक तत्वों की राजनीतिक पकड़ ऊंचे तक है जिसका दुरुपयोग कर ऐसे शातिर जहां भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ कानून को भी धता बता रहे हैं। 

      अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आज पूरे देश मे भ्रष्टाचार का जिस तरह से बोलबाला है उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले आम नागरिकों की रक्षा सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? पंचायत विभाग में सैकड़ों ऐसी शिकायतें धूल कहा रही हैं और उन फाइलों को राजनीतिक दबाब और पैसा हजम कर दबा दिया जाता है। कई ऐसे उदाहरण जीवंत हैं जिनमे पंचायती भ्रष्ट्राचारों के धारा 40 और धारा 92 के प्रकरण संबंधित एस डी एम एवं सीईओ कार्यालय में लंबित हैं लेकिन भ्रष्ट्राचार एवं राजनीतिक दबाब कर चलते उनमे कोई सार्थक निर्णय नही लिए जा रहे हैं।

संलग्न - धमकी दिए जाने की ऑडियो फ़ाइल और साथ मे अन्य वशूली संबंधी प्रतिवेदन एवं कार्यस्थल की फ़ोटो।

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Monday, January 29, 2018

त्योंथर ब्लॉक - सूचना के अधिकार की उड़ाई जा रही धज्जियां, मांगा कुछ और जाता है जबाब कुछ और मिलता है

रीवा मप्र, दिनांक 30 जनवरी 2018, स्थान - त्योंथर ब्लॉक, रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)
भारत सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 लागू करके देश की जनता को सशक्त बनाने का अच्छा अवसर प्रदान किया था लेकिन आज पूरे देश मे सूचना के अधिकार की सरकारी विभागों द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही है।
    अभी हाल ही में आवेदक पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ पंचायत ब्लॉक त्योंथर रीवा द्वारा ब्लॉक में आर टी आई लगाकर मनरेगा के जॉब कार्ड सहित मनरेगा सम्बंधित जानकारी चाही गई थी जिस पर आवेदक को अब आवेदक से पीड़ित बना दिया गया है। जी हां! अब पीड़ित जनपद त्योंथर से प्राप्त और सीईओ का हस्ताक्षरित प्रपत्र लेकर घूम रहा है जिसमे सूचना देने के एवज में 85626 रुपये की फीस की माग की गई है। जबकि पीड़ित का कहना है कि उसने जो जनकारी माँगी थी वह मुश्किल से हज़ार रुपये के अंदर राशि जमा करके दी जा सकती थी। अतः सीईओ त्योंथर के प्रपत्र दिनांक 19 जनवरी 2018 से स्पष्ट है कि वांछित जानकारी उपलब्ध न करवाने और भ्रमित करने के उद्देश्य से पीड़ित आवेदक को 85626 रुपये जमा किये जाने हेतु कहा गया है।

     आज दिनांक 30 जनवरी को जब पूरा देश महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाने में जुटा हुआ है, ऐसे में देखना यह होगा कि गरीबों मजदूरों के हित और उनके अधिकार के लिए प्रारम्भ की गई महात्मा गांधी ग्रामीण राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के नाम पर मजदूरों को वेवकूफ बनाने और उनके शोषण का जो जरिया पंचायतों ने खोज निकाला है इस पर क्या कुछ किया जाएगा? क्या गरीबों मजदूरों को रोजगार की गारंटी के नाम पर फ़र्ज़ी मस्टर रोल और फ़र्ज़ी बैंक खाते बनाकर राशि की अंधाधुंध निकासी इसी प्रकार जारी रहेगी?
    जितना काम उतना दाम जैसे वैधानिक जुमलों का क्या होगा? क्या 167 रुपये की दिन भर की मजदूरी ही बस मजदूरों को दी जाती रहेगी? जब आज दिन भर का लेबर चार्ज 300 सौ रुपये के आसपास है ऐसे में इतने कम 167 रुपये सरकारी रेट पर कौन मजदूर दिन भर पंचायती कार्यों में झक मरायेगा और काम करने के बाद पूरे छः माह अथवा साल भर इंतज़ार करेगा?

       आज सरकारें कॉर्पोरेट के लिए बिक चुकीं हैं। सभी सरकारी योजनाओं में मात्र स्मार्ट सिटी, स्मार्ट शहर, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, नौकरी पेशे वालों के लिए नए नए पैकेज, नए वेतन आयोग और बहुत कुछ लेकिन किसानों और मजदूरों के लिए कहीं दूर दूर तक कुछ नही। जो भी योजनाएं आती भी हैं तो मनरेगा की तरह भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ़ रही हैं। सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि किसानों और मजदूरों का कोई सशक्त संगठन भी नही है जो इनकी गांव गांव आवाज उठाये जिससे इनको न्याय मिल पाए। ग्रामीणों मजदूरों और किसानों की आवाज सुनने वाला कोई नही है।
      और कब तक किसान मजदूर का शोषण होता रहेगा?

संलग्न - आवेदक पीड़ित पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ पंचायत एवं मनरेगा मजदूर इंद्रलाल साकेत की फ़ोटो तथा आवेदकों द्वारा लगाया गया सूचना अधिकार आवेदन।

  - शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Friday, January 26, 2018

Rewa, MP - दिनांक 26 जनवरी 2018 को प्रताप गोशाला झोटिया का प्रथम स्थापना दिवश मनाया गया

दिनांक 26 जनवरी 2018, स्थान - त्योंथर रीवा मप्र।

    जहां पूरे जिले एवं प्रदेश में गोवंशों के साथ निरंतर क्रूरता होती दिख रही है वहीं पर त्योंथर ब्लॉक एवं त्योंथर तहसील अंतर्गत झोटिया पंचायत में एक वर्ष पूर्व स्थापित निजी गोशाला प्रताप गोशाला झोटिया गोवंशों की सुरक्षा एवं संवर्धन के लिए एक आशा की किरण बन कर आई है।
     ज्ञातव्य है कि प्रताप गोशाला झोटिया का गठन एक समिति गठित करके बनाया गया है जिसके संचालक विंध्य किसान परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रोहित तिवारी हैं। इस गोशाला हेतु लगभग 6 बीघा जमीन का दान झोटिया निवासी अरिमर्दन सिंह द्वारा किया गया है। अब तक जानकारी प्राप्त होने तक प्रताप गोशाला के लिए कोई शासकीय अनुदान नही मिला है और यह गोशाला पूरी तरह से समिति के सदस्यों के सहयोग एवं जन सहयोग से संचालित हो रही है।
    आसपास के गोभक्त ग्राम क्षेत्रवासी पियरा, चारा, भूषा और अन्य सहयोग प्रदान करते हैं। जब भूषा पैरा की व्यवस्था नही हो पाती उस स्थिति में समिति अपने सदस्यों कज मदद से और समिति के फण्ड से गोवंशों के चारा पानी कक व्यवस्था करती है। प्रताप गोशाला झोटिया में अब तक लगभग 50 गोवंशों को रखा गया है।
     इस प्रकार देखा जाय तो प्रताप गोशाला झोटिया  वोवंशों के लिए एक आशा की किरण के रूप में सामने आयी है लेकिन बिना शासकीय सहयोग एवं मद से इस गोशाला में गोवंशों की संख्या सीमित ही रह जायेगी अतः अब देखना यह पड़ेगा कि जो भी इस प्रकार की गोशालाएं अपनी स्वेक्षा से गोवंशों की सेवा और संवर्धन हेतु आगे आ रही हैं उन्हें जन सहयोग के साथ साथ शासन प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिले तभी ज्यादा से ज्यादा गोवंशों की सेवा सुरक्षा हो पाएगी।

   - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र 7869992139