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Sunday, September 30, 2018

आर टी आई लगा इलाहाबाद बैंक से रुपे डेबिट कार्ड की माँगी जानकारी (मामला ज़िले के घूम कटरा इलाहाबाद बैंक का जहाँ पर आर टी आई आवेदक पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ ने माँगी महत्वपूर्ण जानकारी, बता दें मनरेगा में रुपे डेबिट कार्ड का सरपंच सचिवों द्वारा किया जा रहा दुरुपयोग)

दिनांक 30 सितंबर 2018, स्थान - कटरा, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा पीएम जनधन योजना अन्तर्गत खोले गए जीरो बैलेंस खातों से जुड़े हुए रुपे डेबिट/एटीएम कार्ड के दुरुपयोग को देखते हुए त्योंथर ब्लॉक डाढ़ पंचायत निवासी पुष्पराज तिवारी नामक युवक आर टी आई  कार्यकर्ता ने इलाहाबाद बैंक घूम कटरा ब्रांच के बैंक मैनेजर से दिनांक 18 सितंबर 2018 को आर टी आई आवेदन दाखिल कर बैंक द्वारा पीएम जनधन खातों से संबंधित सभी रुपे डेबिट कार्ड की जानकारी माँगी है.

  जनपद पंचायतों में रुपे डेबिट कार्ड का हुआ है दुरुपयोग 

  बता दें कि त्योंथर जनपद पंचायत सहित संभवतः रीवा एवं प्रदेश की कई पंचायतों में मनरेगा की मजदूरी के आहरण में हो रही अनियमितता के चलते जारी किये जा रहे डेबिट कार्डों को सरपंच सचिव अथवा इनके दलाल अपने पास रख लेते हैं और जब जब मनरेगा की मजदूरी संबंधित मजदूर के बैंक खाते में आती है तो सरपंच के दलाल जाकर उसी रुपे कार्ड अथवा डेबिट/एटीएम कार्ड से बिना मजदूर की जानकारी के ही राशि का आहरण कर लिया करते हैं. कुछ मामलों में सौ दो सौ रुपये मजदूर को दे दिया जाता है. ऐसे मामले कई हो चुके हैं जिंसमे त्योंथर जनपद पंचायत की कुछ पंचायतों में मजदूरों की जानकारी के वगैर ही उनके खाते खुल गए और पैसे की निकासी भी बता दी गई. 

  कितने रुपे डेबिट कार्ड जारी हुए, कितने उपयोग हुए

 इसी बात को ध्यान में रखते हुए आर टी आई आवेदक पुष्पराज तिवारी ने इलाहाबाद बैंक घूम कटरा ब्रांच में आर टी आई दाखिल कर जानना चाहा है की बैंक में जितने भी पीएम जनधन खाते खोले गए हैं उनसे संबंधित कितने रुपे डेबिट/एटीएम कार्ड जारी किये हैं उसकी प्रमाणित सूची की माग की गई है. इसी प्रकार यह भी जानकारी चाही गई है की जो भी एटीएम कार्ड जारी किये गए हैं उनमे से कितने उपयोग किये जा रहे हैं अर्थात उपयोग हो रहे एटीएम कार्ड की भी प्रमाणित प्रति की माग की है.

  बैंक मैनेजर ने आर टी आई आवेदन हाँथ में लेने से किया इनकार 

  आर टी आई आवेदक पुष्पराज तिवारी द्वारा जानकारी दी गई की सबसे पहले आवेदक सीधे बैंक मैनेजर इलाहाबाद बैंक घूम कटरा के पास गया था और आर टी आई दाखिल करने की चाही तो बैंक मैनेजर ने आवेदन ही लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद आवेदक के पास आवेदन को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे जाने के अतिरिक्त कोई दूसरा तरीका नही था. इस प्रकार आवेदक पुष्पराज तिवारी ने दिनाँक 18 सितंबर को ही पोस्ट आफिस जाकर सीधे स्पीड पोस्ट किया जिसका पंजीयन क्रमांक  आरआई447112005आईएन है.

संलग्न - संलग्न आर टी आई आवेदन एवं आवेदक पुष्पराज तिवारी निवासी पंचायत डाढ़, ब्लॉक त्योंथर, ज़िला रीवा मप्र.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139

Thursday, August 9, 2018

इलाहाबाद बैंक ने पकड़ाया 2 लाख का वशूली नोटिस, पीड़ित ने बताया फसाने का प्रयाश (मामला ज़िले के गढ़ थाना क्षेत्र अन्तर्गत कटरा इलाहाबाद बैंक का जिसके द्वारा हितग्राही पुष्पराज तिवारी को चेक बाउंस एवं 2 लाख रुपये का कानूनी वशूली नोटिस पकड़ा दिया गया है. पीड़ित का कहना है यह गलत है, उसने कोई चेक नही दिया)


दिनांक 09 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  ज़िले के गढ़ थाना अन्तर्गत घूम-कटरा इलाहाबाद बैंक में चेक बाउंस एवं 2 लाख की कानूनी वशूली नोटिस का मामला प्रकाश में आया है. जिंसमे पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी उम्र लगभग 30 वर्ष निवासी डाढ़ पंचायत त्योंथर ब्लॉक रीवा का कहना है की उसने इलाहाबाद बैंक को किसी प्रकार का कोई भी 2 लाख का भरा हुआ चेक नही दिया था और बैंक द्वारा उसे झूंठे केस में फसाने का प्रयास किया जा रहा है. पीड़ित द्वारा बैंक प्रबंधन को दिनाँक 8 अगस्त 2018 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन दरखास्त भेजी गई है जिंसमे आरोप लगाया गया है की कुछ आसमाजिक तत्वों के दबाब बस बैंक द्वारा उसे चेक बाउंस के झूंठे मामले में फसाने का प्रयाश किया जा रहा है.

    पीड़ित पुष्पराज तिवारी ने दिनांक 7 अगस्त को रजिस्टर्ड ए डी डाक द्वारा किसी वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजे जाने का हवाला देते हुए बताया है की चेक क्रमांक 832153 दिनांक 23 अगस्त 2018 रुपये 2 लाख का चेक बाउंस का मामला बताया है जो झूँठा है. पीड़ित ने बताया की उसने इलाहाबाद बैंक को कभी कोई भी चेक साइन करके नही दिया था. शायद बैंक द्वारा कभी पुराने खाली चेक में साइन करवाया जाकर उसमे मनमुताबिक राशि भरकर फसाया जा रहा है. इस बाबत पीड़ित ने 8 अगस्त को लिखित स्पीड पोस्ट बैंक प्रबंधन इलाहाबाद बैंक घूम कटरा के नाम भेजा है. 

पीड़ित ने आत्मदाह की दी चेतावनी

   मामला यहीं पर आकर नही रुका है. पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी द्वारा एक पत्र लिखकर बैंक प्रबंधन पर आरोप लगाए गए हैं की चूंकि पीड़ित ने कोई भी चेक कभी बैंक को 2 लाख भरकर नही दिया है अतः यदि उसे फ़र्ज़ी चेक बाउंस के मुकदमे में फसाने का प्रयाश किया गया तो पीड़ित आत्मदाह कर लेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी इलाहाबाद बैंक प्रबंधक की होगी. पीड़ित ने आगे लिखा है की पीड़ित के आश्रित मात्र उसकी बूढ़ी माता एवं उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं जिनका पालन पोषण येनकेन प्रकारेण पीड़ित मेहनत मजदूरी करके कर रहा है ऐसे में यदि उसे कुछ होता है तो बैंक प्रबंधन ही इसके लिए जिम्मेदार होगा.

  संलग्न - पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ पंचायत थाना गढ़ रीवा का बैंक नोटिस के साथ फ़ोटो एवं साथ ही इलाहाबाद बैंक को दिनांक 8 अगस्त को भेजा गया आवेदन की फ़ोटो भी संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र मोबाइल 9589152587, 7869992139.

Tuesday, July 17, 2018

इलाहाबाद बैंक ने दिया 30 हज़ार और बता रहा 50 हज़ार (मामला कटरा इलाहाबाद बैंक का जहां पर मुख्यमंत्री आवास योजना के हितग्राही प्राणाधार नापित को मिले मात्र 30 हज़ार पर बैंक ने भेजी 57900 रुपये की वशूली नोटिस, पीड़ित भटक रहा दर दर, नही हो रही कोई सुनवाई)

दिनाँक 17 जुलाई 2018, स्थान - कटरा, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

    ज़िले के कटरा स्थित इलाहाबाद बैंक में मुख्यमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत का मामला सामने आया है. 

    पीड़ित हितग्राही प्राणाधार सेन पिता राजमणि सेन उम्र लगभग 33 वर्ष निवासी करहिया त्योंथर ब्लॉक रीवा द्वारा बताया गया की उसने वर्ष 2015-16 में मुख्यमंत्री आवास योजनान्तर्गत इलाहाबाद बैंक घूम-कटरा से एक लाख बीस हज़ार रुपये के लोन के लिए अप्लाई किया था लेकिन पीड़ित द्वारा बताया गया की उस समय इलाहाबाद बैंक में कार्यरत बैंककर्मी चंदन द्वारा कहा गया की तुम्हे 10 हज़ार रुपये देने पड़ेंगे तभी लोन सैंक्शन होगा. तब पीड़ित प्राणाधार ने कहा की मैं एक पैसे घूस नही दूंगा चाहे आप लोन दो या न दो. 

   इसके बाद सीईओ जनपद पंचायत त्योंथर को भी आवेदन देकर 6 मार्च 2017 को सूचित किया गया था. पीड़ित ने बताया की उसे मात्र दो क़िस्त में 15 हज़ार रुपये प्रत्येक किश्त के हिसाब से कुल 30 हज़ार मिले और उसके बाद कोई एक पैसा नही आया. लेकिन पीड़ित ने बताया की जब उसको दिनाँक 24/04/2017 को बसूली का नोटिस आया तब उसमे 57 हज़ार रुपये की बसूली के हिसाब से व्याज सहित 57900 रुपये का नोटिस आया. पीड़ित प्राणाधार द्वारा आगे बताया गया की वशूली नोटिस में दर्ज उसका बैंक खाता भी भिन्न और खाता क्रमांक 320971617 दर्ज है. पीड़ित द्वारा बताया गया की दिनांक 27/06/2017 को इलाहाबाद बैंक प्रबंधक घूम-कटरा के नाम लिखे पत्र में पीड़ित द्वारा लेख किया गया है की अतिरिक्त 27 हज़ार रुपये बैंक ने किसे अदा किया है यह पीड़ित को पता नही क्योंकि पीड़ित को कभी भी 30 हज़ार रुपये के अतिरिक्त कोई अन्य राशि नही मिली है अतः इसकी विधिवत जांच कर पीड़ित के साथ न्याय करें. पीड़ित द्वारा आगे बताया गया इलाहाबाद बैंक द्वारा अनायास ही पीड़ित को परेशान किया जा रहा है जिस पर पीड़ित ने कड़ी कार्यवाही की माग की है. जबकि संलग्न पासबुक में देखने पर पता चला कि कागज़ी तौर पर बैंक बिल्कुल दुरुस्त है। मसलन फर्जीवाड़ा तो प्राणाधार द्वारा बताया गया लेकिन प्राणाधार से सभी जरूरी आहरण फॉर्म में हस्ताक्षर करवा लिया गया होगा क्योंकि एक तरफ पीड़ित प्राणाधार द्वारा तो बताया जा रहा है कि उसे 30 हज़ार से अधिक एक पैसे नही मिले लेकिन दिनांक 6/2/16 को खाता क्रमांक 503209971817 जो कि इनका लोन एकाउंट है इसखाते से 50 हज़ार अंतरित हुआ बताया गया है साथ ही दिनांक 6/2/16 एवं 8/2/16 को ही राशि तीन बार में 15 हज़ार दो बार एवं 30 हज़ार एकबार में निकाली जा चुकी है। इस प्रकार कुल जमा 50 हज़ार निकाल लिए गए। अब प्रश्न यह है कि यदि 50 हज़ार की निकासी हुई तो किसने निकाला क्योंकि पीड़ित प्राणाधार सेन का कहना है कि उसे तो मात्र 30 हज़ार ही मिला है तो आखिर 8 फरवरी 2016 को अतिरिक्त 20 हज़ार रुपये किसने निकाल लिए।

संलग्न - पीड़ित को वशूली नोटिस, प्रार्थी द्वारा सीईओ त्योंथर सहित इलाहाबाद बैंक को दिए गए विभिन्न आवेदनों की प्रतियां साथ ही पीड़ित प्राणाधार सेन पिता राजमणि सेन थाना गढ़, रीवा मप्र की शिकायत के साथ फ़ोटो.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587