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Thursday, January 2, 2020

(MP breaking) भारतीय डाक खस्ताहाल, निजीकरण की सख्त जरूरत

दिनांक 02 जनवरी 2019, स्थान - रीवा मप्र

  मप्र में भारतीय डाक की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है. जहाँ एक तरफ सरकार डाक विभाग को जनता के लिए बैंकिंग मोर्चों और एटीएम आदि मामलों सहित आधार कार्ड बनवाने, पासपोर्ट की सुविधा देने आदि के लिए खोलना चाहती है वहीं डाक विभाग सरकार की अपेक्षाओं और नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है. जानिए पूरा मामला इस तरह. 
  मप्र में डाक विभाग की कार्यप्रणाली ठप्प

   मप्र में डाक विभाग प्रश्न के दायरे में आ चुका है. यहां आम जनता की मामूली सी अपेक्षाएं जो की अपेक्षा तो कम कही जा सकती हैं जनता के अधिकार ज्यादा वह तक आज डाक विभाग पूरा करने में अक्षम साबित हो रहा है. यदि आम नागरिक को एक रजिस्ट्री अथवा स्पीड पोस्ट करना है तो उसे पता नही कहां जाना पड़ेगा यह उसे भी नही पता रहता. बांकी की अन्य सेवाएं जैसे की पासपोर्ट सुविधा, आधार रजिस्ट्रेशन, पैसे के लेनदेन तो दूर की बातें हैं.
 क्या समस्याएं हैं डाक विभाग की

   बता दें की डाक विभाग की मुख्य समस्या इनकी जनता के प्रति जबाबदेही का न होना है जो ज्यादातर सरकारी विभागों में होता है. आज सरकारी कर्मचारी नौकरी पाकर पूरी तरह से स्वतंत्र हो जाते हैं की हमे तनख्वाह तो मिलनी ही है चाहे जनता का काम हो की न हो.
   डाक विभाग में रीवा का पुख्ता उदाहरण लेते हैं तो पाएंगे की यहां शायद ही कोई ऐसा एसओ हो जहां आप रजिस्ट्री करके कंप्यूटराइज्ड रसीद प्राप्त कर सकते हों. ज्यादातर डाक एसओ में आपको कंप्यूटर इंटरनेट ठप मिलेंगे और बिजली गुल मिलेगी. कारण पूंछेगे तो पता चलेगा की यह आम समस्या है जिसका की कोई सार्थक समाधान नही है. 
   अब सवाल यह उठता है की यदि प्रिंटर और नेटवर्क कार्य नही करेगा तो भला रेजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट कैसे हो पाएगी.
  रीवा जीपीओ में एक किलोमीटर लंबी कतार

   अब बात कर लेते हैं रीवा जीपीओ की. शायद ही इन छोटी दिखने वाली समस्या पर किसी का ध्यान जाता हो जबकि हममें से अधिकतर लोग आये दिन इन समस्याओं से दो चार होते रहते हैं. लेकिन मजाल क्या है की आम जनता अथवा खास लोग इसके विरुद्ध कुछ बोल दें. ऐसा लगता है जैसे जलील होकर लाइन में लगकर ठोकर खाकर जीने की हम सबकी आदत सी हो गई है जिसे हम सबने अंदर ही अंदर स्वीकार कर लिया है.
    
  आईपीओ लेने के लिए 2 घंटे का इंतजार

   यदि आपको रीवा हेड पोस्ट आफिस से आरटीआई अथवा किसी अन्य उपयोग के लिए इंडियन पोस्टल आर्डर की जरूरत महसूस होती है तो आपको 2 घंटे से अधिक का इंतजार करना पड़ सकता है. कारण यह नही है की डाक विभाग को आईपीओ सतना से मंगवाना पड़ेगा बल्कि कारण यह है की डाक विभाग को इससे कोई फर्क नही पड़ता की आप कौन हैं आपको क्या चाहिए. उन्हें सिर्फ इस बात से मतलब है की वह आफिस में बैठकर मजे कर रहे हैं और आप परेशान हो रहे हैं. जीपीओ के 8 में से मात्र एक काउंटर कार्य करता है जहां आप चाहें तो आईपीओ खरीदें, लेटर पोस्ट करें, रजिस्ट्री करें, स्पीड पोस्ट करें अथवा अन्य कोई बैंकिंग का कार्य करें सब आपको उंसि एक काउंटर पर ही करना है. यह स्थिति है रीवा जीपीओ की. तो फिर सोचिए की आम एसओ की क्या स्थिति होगी जहां न तो सही तरीके से इंटरनेट कार्य करता न ही बिजली अथवा अथवा कंप्यूटर प्रिंटर.
  कटरा एसओ सहित कहीं भी कुछ भी ठीक नही

   अब बात कर लेते हैं एक उपडाकघर अर्थात एसओ की. जी हाँ आप कोई भी एक उपडाकघर ले सकते हैं लेकिन हम यहां बात कर रहे हैं कटरा उपडाकघर की जहां पर आप स्पीड पोस्ट रजिस्ट्री अथवा अन्य कंप्यूटर इंटरनेट रिलेटेड कार्य कर सकते हैं. लेकिन यहाँ पर कार्यरत एसपीएम वंशगोपाल का कहना है की कटरा एसओ में न तो बिजली ठीक रहती, न बैटरी बैकअप है न इंटरनेट है न ही प्रिंटर कार्य करता है. वंशगोपाल ने बताया की यद्यपि इसकी शिकायत कई मर्तबा विभागीय उच्चाधिकारियों को की जा चुकी है लेकिन इससे किसी को कोई फर्क नही पड़ता हमे जनता की भी सुननी पड़ती है और विभाग के उच्चाधिकारियों की भी. बताया की वह कुछ कर पाने में अक्षम हैं.
  क्या होगा भारतीय डाक का

  अब सवाल यह है आज वर्ष 2020 लग चुका है और जब हर जगह डिजिटल हो गया है और रोज इसी डिजिटलीकरण की बात की जा रही है तो फिर भारतीय डाक विभाग किस दिशा और दशा की तरफ अग्रसर है? क्या भारतीय डाक भी बीएसएनएल, इंडियन एयरवेज, इंडियन रेलवेज की तरह ही तो नही हो चुका है जिसके कर्मचारियों अधिकारियों को यह बताना पड़ेगा की जनता की सेवा के लिए बैठे हैं और यदि सेवा नही दे सकते तो इनका भी क्यों न जल्दी से जल्दी निजीकरण कर दिया जाय.
 ट्विटर पर संदेश का यह रहता है जबाब

  यद्यपि भारतीय डाक विभाग की घटिया कार्यप्रणाली की बात बार बार सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा ट्विटर और अन्य माध्यमों से इंडिया पोस्ट की पब्लिक ग्रेविन्सेस रिड्रेसल सेल को भेजी गई है जिसका समय समय पर जबाब भी दिया गया है लेकिन वह मात्र जबाब तक ही सीमित रहता है क्योंकि उनके जबाब में जो बताया जा रहा है उसका समाधान किया नही जा रहा है. यहाँ रीवा से लोकल अधिकारी जो झूँठी भ्रामक जानकारी ऊपर दे देते हैं वही हमे बता दी जाती है. जैसे रीवा और कटरा के विषय में देखें कुछ संलग्न ट्विटर के भी संदेश जिसमे विभाग कैसे कैसे निराकरण देकर स्वयं अपने आप को भी संतुष्ट नही कर पॉय रहा है.
संलग्न -  संलग्न कुछ तस्वीरों में देखने का कष्ट करें जीपीओ रीवा और कटरा एसओ की फ़ोटो एवं साथ ही आप देखें ट्विटर पर रीवा जीपीओ के विषय में क्या कुछ निराकरण इंडिया पोस्ट द्वारा भेजा गया है.
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शिवानन्द द्विवेदी
सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता
जिला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587

Sunday, September 30, 2018

आर टी आई लगा इलाहाबाद बैंक से रुपे डेबिट कार्ड की माँगी जानकारी (मामला ज़िले के घूम कटरा इलाहाबाद बैंक का जहाँ पर आर टी आई आवेदक पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ ने माँगी महत्वपूर्ण जानकारी, बता दें मनरेगा में रुपे डेबिट कार्ड का सरपंच सचिवों द्वारा किया जा रहा दुरुपयोग)

दिनांक 30 सितंबर 2018, स्थान - कटरा, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा पीएम जनधन योजना अन्तर्गत खोले गए जीरो बैलेंस खातों से जुड़े हुए रुपे डेबिट/एटीएम कार्ड के दुरुपयोग को देखते हुए त्योंथर ब्लॉक डाढ़ पंचायत निवासी पुष्पराज तिवारी नामक युवक आर टी आई  कार्यकर्ता ने इलाहाबाद बैंक घूम कटरा ब्रांच के बैंक मैनेजर से दिनांक 18 सितंबर 2018 को आर टी आई आवेदन दाखिल कर बैंक द्वारा पीएम जनधन खातों से संबंधित सभी रुपे डेबिट कार्ड की जानकारी माँगी है.

  जनपद पंचायतों में रुपे डेबिट कार्ड का हुआ है दुरुपयोग 

  बता दें कि त्योंथर जनपद पंचायत सहित संभवतः रीवा एवं प्रदेश की कई पंचायतों में मनरेगा की मजदूरी के आहरण में हो रही अनियमितता के चलते जारी किये जा रहे डेबिट कार्डों को सरपंच सचिव अथवा इनके दलाल अपने पास रख लेते हैं और जब जब मनरेगा की मजदूरी संबंधित मजदूर के बैंक खाते में आती है तो सरपंच के दलाल जाकर उसी रुपे कार्ड अथवा डेबिट/एटीएम कार्ड से बिना मजदूर की जानकारी के ही राशि का आहरण कर लिया करते हैं. कुछ मामलों में सौ दो सौ रुपये मजदूर को दे दिया जाता है. ऐसे मामले कई हो चुके हैं जिंसमे त्योंथर जनपद पंचायत की कुछ पंचायतों में मजदूरों की जानकारी के वगैर ही उनके खाते खुल गए और पैसे की निकासी भी बता दी गई. 

  कितने रुपे डेबिट कार्ड जारी हुए, कितने उपयोग हुए

 इसी बात को ध्यान में रखते हुए आर टी आई आवेदक पुष्पराज तिवारी ने इलाहाबाद बैंक घूम कटरा ब्रांच में आर टी आई दाखिल कर जानना चाहा है की बैंक में जितने भी पीएम जनधन खाते खोले गए हैं उनसे संबंधित कितने रुपे डेबिट/एटीएम कार्ड जारी किये हैं उसकी प्रमाणित सूची की माग की गई है. इसी प्रकार यह भी जानकारी चाही गई है की जो भी एटीएम कार्ड जारी किये गए हैं उनमे से कितने उपयोग किये जा रहे हैं अर्थात उपयोग हो रहे एटीएम कार्ड की भी प्रमाणित प्रति की माग की है.

  बैंक मैनेजर ने आर टी आई आवेदन हाँथ में लेने से किया इनकार 

  आर टी आई आवेदक पुष्पराज तिवारी द्वारा जानकारी दी गई की सबसे पहले आवेदक सीधे बैंक मैनेजर इलाहाबाद बैंक घूम कटरा के पास गया था और आर टी आई दाखिल करने की चाही तो बैंक मैनेजर ने आवेदन ही लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद आवेदक के पास आवेदन को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे जाने के अतिरिक्त कोई दूसरा तरीका नही था. इस प्रकार आवेदक पुष्पराज तिवारी ने दिनाँक 18 सितंबर को ही पोस्ट आफिस जाकर सीधे स्पीड पोस्ट किया जिसका पंजीयन क्रमांक  आरआई447112005आईएन है.

संलग्न - संलग्न आर टी आई आवेदन एवं आवेदक पुष्पराज तिवारी निवासी पंचायत डाढ़, ब्लॉक त्योंथर, ज़िला रीवा मप्र.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139

Friday, August 10, 2018

करहिया का 63 केवीए का जला ट्रांसफार्मर बदला गया, त्योंथर में अभी भी जले हैं दर्जनों ट्रांसफार्मर (मामला ज़िले के त्योंथर विद्युत संभाग का जहां पर पिछले एक माह से ट्रांसफार्मर जला हुआ था जो दिनांक 10 अगस्त को बदला गया, पूरे त्योंथर डिवीज़न में अभी भी जले हैं दर्जनों ट्रांसफार्मर)

दिनाँक 10 अगस्त 2018, स्थान - कटरा विद्युत वितरण केंद्र, रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   प्रदेश सरकार द्वारा संबल योजनान्तर्गत बिजली बिल माफी एवं सरल बिजली बिल स्कीम के चलते किसानों और आम नागरिको को काफी राहत मिलने लगी है. जहां पिछले महीनों जले हुए ट्रांसफार्मर को न बदलने के पीछे विभाग द्वारा आउटस्टैंडिंग अर्थात बिजली बिल बकाया का हवाला दिया जाता था वहीं जब से सरल बिजली बिल स्कीम एवं संबल योजना आई है इसके चलते विभाग द्वारा बताया गया की ऐसी कोई बाध्यता न होने से प्राथमिकता और आवश्यकता अनुरूप सभी जले हुए ट्रांसफार्मर एक एक करके बदले जा रहे हैं.

त्योंथर डिवीज़न में करहिया का 63 केवीए का ट्रांसफार्मर बदला गया 

    पिछले लगभग एक माह से करहिया ग्राम का ट्रांसफार्मर जला हुआ बताया गया था. जिंसमे आम नागरिकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी. लगभग हर जगह से सोर्स सिफारिश लगवाए गए थे. परंतु सबसे बड़ी समस्या स्वयं विभाग के पास सतना और सागर स्टोर में ट्रांसफार्मर की अनुपलब्धता बतायी गई थी. चूंकि एकसाथ पूरे संभाग एवं प्रदेश के फैल ट्रांसफार्मर बदले जाने थे तो वभाविक तौर पर विभाग इसके लिए पूरी तरह से तैयार नही था. इस बीच पिछले दिनों सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा रीवा संभाग के चीफ इंजीनियर श्री के एल वर्मा को ट्विटर के माध्यम से रिमाइंडर रिक्वेस्ट भेजा गया था जिंसमे दिनांक 31 जुलाई तक ट्रांसफार्मर बदलने की जो बात उनके द्वारा कही गई थी उसका हवाला दिया गया था. इस पर चीफ इंजीनियर द्वारा अपने ट्विटर एकाउंट से रिप्लाई कर पुनः संदेश भेजा गया था एवं बताया गया था की दिनाँक 10 अगस्त तक 63 केवीए का ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा.

ट्रांसफार्मर बदले जाने में देरी से फसल बुवाई हुई प्रभावित

    करहिया ग्राम का जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलने में देरी होने से धान का रोपा लगाने में दिक्कत हुई क्योंकि इस क्षेत्र में बारिश न हो पाने से किसान मात्र बोरवेल के पानी पर ही आश्रित थे. लेकिन ऐन वक्त पर ट्रांसफॉर्मर फैल हो जाने से जैसे किसानों के लिए भारी मुसीबत बन गई. यद्यपि ट्रंसफॉर्मेर बदला गया और इससे आम नागरिकगण प्रसन्न हैं लेकिन चूंकि फसल बुवाई प्रभावित हुई इससे यही कहा जा सकता है की का वर्षा जब कृषि सुखाने. इस बीच जिन जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं उनमे से दिनेश लोनिया, संखधर लोनिया, रामलाल लोनिया, नेता लोनिया, सुरेश लोनिया, त्रिवेणी प्रसाद लोनिया, अजय तिवारी, संजय लोनिया, रामचंद्र लोनिया आदि हैं. 

त्योंथर डिवीज़न में अभी भी जले हैं दर्जनों ट्रांसफार्मर

   यद्यपि करहिया ग्राम का फैल ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है लेकिन इसी तरह अभी भी त्योंथर डिवीज़न में दर्जनों ट्रांसफार्मर जले पड़े हुए हैं जिन्हें बदला जाना चाहिए. लोग काफी परेशान हैं और लगभग रोज ही अखबारों के माध्यम से शिकायतें आती रहती हैं लेकिन विभाग का कहना होता है की सतना स्टोर से नए ट्रांसफार्मर न मिल पाने से बदले नही जा रहे हैं. अभी पिछले सप्ताह की जानकारी में ट्विटर पर ही संदेश भेजकर चीफ इंजीनियर रीवा संभाग एवं प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री इंद्र केशरी को सूचित किया गया था की अभी भी दर्जनों ऐसे ट्रांसफार्मर हैं जिन्हें बदला जाना चाहिए. इनमे कुछ 100, कुछ 63 और ज्यादातर 25 केवीए के ट्रांसफार्मर हैं. जानकारी अनुसार लालगांव डीसी में ही लगभग आधा दर्ज़न भर ट्रांसफार्मर जले हुए हैं जिंसमे पनगड़ी ग्राम में राजेन्द्र सिंह के घर के पास का भी समिलित हैं. साथ ही कटरा डीसी में जले हुए दर्ज़न भर ट्रंसफॉर्मेर में बाबूपुर पंचायत में भी बीडीसी विनोद विश्वकर्मा के घर के पास का ट्रांसफार्मर जला हुआ है.

संलग्न - संलग्न तस्वीर में करहिया ग्राम का 63 केवीए का जला हुआ ट्रांसफार्मर जिसे अब बदला जा चुका है. तस्वीर में गाड़ी में जले हुए ट्रांसफार्मर को रखा हुआ है साथ ही ट्रांसफार्मर स्टैंड में नए ट्रांसफार्मर को मैकेनिक द्वारा बदला जा रहा है, साथ ही करहिया ग्राम के लोग नीचे तस्वीरों में देखे जा सकते हैं. 

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला रीवा, मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139

Thursday, August 9, 2018

इलाहाबाद बैंक ने पकड़ाया 2 लाख का वशूली नोटिस, पीड़ित ने बताया फसाने का प्रयाश (मामला ज़िले के गढ़ थाना क्षेत्र अन्तर्गत कटरा इलाहाबाद बैंक का जिसके द्वारा हितग्राही पुष्पराज तिवारी को चेक बाउंस एवं 2 लाख रुपये का कानूनी वशूली नोटिस पकड़ा दिया गया है. पीड़ित का कहना है यह गलत है, उसने कोई चेक नही दिया)


दिनांक 09 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  ज़िले के गढ़ थाना अन्तर्गत घूम-कटरा इलाहाबाद बैंक में चेक बाउंस एवं 2 लाख की कानूनी वशूली नोटिस का मामला प्रकाश में आया है. जिंसमे पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी उम्र लगभग 30 वर्ष निवासी डाढ़ पंचायत त्योंथर ब्लॉक रीवा का कहना है की उसने इलाहाबाद बैंक को किसी प्रकार का कोई भी 2 लाख का भरा हुआ चेक नही दिया था और बैंक द्वारा उसे झूंठे केस में फसाने का प्रयास किया जा रहा है. पीड़ित द्वारा बैंक प्रबंधन को दिनाँक 8 अगस्त 2018 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन दरखास्त भेजी गई है जिंसमे आरोप लगाया गया है की कुछ आसमाजिक तत्वों के दबाब बस बैंक द्वारा उसे चेक बाउंस के झूंठे मामले में फसाने का प्रयाश किया जा रहा है.

    पीड़ित पुष्पराज तिवारी ने दिनांक 7 अगस्त को रजिस्टर्ड ए डी डाक द्वारा किसी वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजे जाने का हवाला देते हुए बताया है की चेक क्रमांक 832153 दिनांक 23 अगस्त 2018 रुपये 2 लाख का चेक बाउंस का मामला बताया है जो झूँठा है. पीड़ित ने बताया की उसने इलाहाबाद बैंक को कभी कोई भी चेक साइन करके नही दिया था. शायद बैंक द्वारा कभी पुराने खाली चेक में साइन करवाया जाकर उसमे मनमुताबिक राशि भरकर फसाया जा रहा है. इस बाबत पीड़ित ने 8 अगस्त को लिखित स्पीड पोस्ट बैंक प्रबंधन इलाहाबाद बैंक घूम कटरा के नाम भेजा है. 

पीड़ित ने आत्मदाह की दी चेतावनी

   मामला यहीं पर आकर नही रुका है. पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी द्वारा एक पत्र लिखकर बैंक प्रबंधन पर आरोप लगाए गए हैं की चूंकि पीड़ित ने कोई भी चेक कभी बैंक को 2 लाख भरकर नही दिया है अतः यदि उसे फ़र्ज़ी चेक बाउंस के मुकदमे में फसाने का प्रयाश किया गया तो पीड़ित आत्मदाह कर लेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी इलाहाबाद बैंक प्रबंधक की होगी. पीड़ित ने आगे लिखा है की पीड़ित के आश्रित मात्र उसकी बूढ़ी माता एवं उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं जिनका पालन पोषण येनकेन प्रकारेण पीड़ित मेहनत मजदूरी करके कर रहा है ऐसे में यदि उसे कुछ होता है तो बैंक प्रबंधन ही इसके लिए जिम्मेदार होगा.

  संलग्न - पीड़ित हितग्राही पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ पंचायत थाना गढ़ रीवा का बैंक नोटिस के साथ फ़ोटो एवं साथ ही इलाहाबाद बैंक को दिनांक 8 अगस्त को भेजा गया आवेदन की फ़ोटो भी संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र मोबाइल 9589152587, 7869992139.

Friday, July 6, 2018

कटरा डीसी का फैल 5 एमवीए ट्रांसफ़ॉर्मर, बदलने में अभी लग सकते हैं एक और हफ्ते ( मामला ज़िले के कटरा डीसी का जहां पर पिछले 13 जून को फैल हुआ था 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर जिसे आज तक नही बदला जा सका, बिजली कटौती की वजह से जनता हलाकान)

दिनांक 06 जुलाई 2018, स्थान - कटरा विद्युत वितरण केंद्र, त्योंथर, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के त्योंथर विद्युत अनुभाग अंतर्गत आने वाले कटरा विद्युत वितरण केंद्र में पिछले महीने 13 जून को 5 मेगा वोल्ट एम्पियर (एमवीए) का जला हुआ ट्रांसफार्मर आज दिनांक तक बदला नही जा सका है. बता दें की कटरा डीसी में दो पांच मेगा वोल्ट एम्पियर के ट्रांसफ़ॉर्मर लगाए गए थे जिनमे एक ट्रांसफार्मर हिनौती एवं जमुई फीडर का लोड संभालता था जबकि दूसरा 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर गढ़, अगडाल सहित अन्य फीडरों को देखता था. पिछले महीने 13 जून को हिनौती जमुई क्षेत्र को विद्युत सप्लाई देने वाला ट्रांसफार्मर अचानक फैल हो जाने से अब पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र का लोड मात्र बचे हुए 5 एमवीए के एक ट्रांसफार्मर पर आ गया है जिससे विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है. पूरे कटरा डीसी की लाइन सप्लाई मात्र 5 एमवीए के बड़े ट्रांसफार्मर से नही हो पा रही है. 

कटरा जेई एवं त्योंथर डी ई ने ऊपर विभाग को भेजा डिटेल

     कटरा डीसी के कनिष्ठ विद्युत अभियंता अभिषेक गौरव सोनी एवं त्योंथर डीई आरसी पटेल के द्वारा बताया गया है की कटरा में 5 एमवीए के बड़े ट्रांसफार्मर के फैल होने की जानकारी अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव एवं मुख्य अभियंता संभाग रीवा केएल वर्मा को पहले ही भेजी जा चुकी है. जानकारी लेने पर बताया गया की एसटीसी डिपार्टमेंट को गुड़हल में एक रखे 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर को लगाने के लिए कहा गया है. जब इस संदर्भ में एसटीसी डिपार्टमेंट के एरिया इंजीनियर ओमप्रकाश द्विवेदी से बात की गई तो उन्होंने बताया की एसटीसी का कार्य नवीन कार्यों को करना है न की मरम्मत करना अतः इसमे सीधे त्योंथर डिवीज़न के डीई एवं कटरा जेई कार्य को कराएं इसमे एसटीसी का कोई रोल नही है. बता दें कि जिस पुराने 5 मेगा बोल्ट के अतिरिक्त रखे ट्रांसफ़ॉर्मर को लगाए जाने की बात की जा रही है वह एचटीएम डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है।

अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव ने बताया एक हफ्ते का और लग सकता है समय

    जब फैल हुए 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर को बदलने की जानकारी रीवा संभाग के अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव से चाही गई तो उनके द्वारा बताया गया की मैं अभी बिल्कुल नया हूँ पर जानकारी लेकर बताया गया की अभी भी 5 एमवीए के कटरा स्थित मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर को बदलने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है. प्रयाश जारी है.

बिना औचित्य की लेटलतीफी

    जो जानकारी प्राप्त हुई है उससे सिर्फ यही समझ आ रहा है की विजली विभाग के सभी उप विभागों में सामंजस्य स्थापित न हो पाने की वजह से वेवजह 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर बदलने में लेटलतीफी हो रही है. यदि पूरे जबलपुर जोन में ही 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर उपलब्ध न होता तब तो बात समझ आती है पर चूंकि रीवा ज़िले में ही यदि एचटीएम डिपार्टमेंट के पास एडिशनल ट्रांसफ़ॉर्मर रखा हुआ है तो उसको बदलने में इतना समय क्यों लिया जा रहा है. मुख्य ट्रंसफॉर्मेर न बदले जाने से आम जनता एवं किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ जहां उमस और गर्मी में बिजली कटौती से आम जनमानस त्रस्त है. वहीं दूसरी तरफ किसानों को सिंचाई के लिए पानी नही मिल पा रहा है. लाइन की समस्या इतनी अधिक बनी हुई है की हर 15 मिनट में लाइन कट होती है और फिर 10 मिनट बाद आती है जिसके कारण न तो आटा चक्की और सामान्य तेल मिल ही चल पा रही है और न ही किसान खेतों में अनवरत 4 से 6 घंटे तक मोटर पंप ही चला पा रहे हैं. 


   आज जब आषाढ़ के महीने में कटरा क्षेत्र में बारिश भी नही हुई है ऐसे में सब्जी भाजी लगाने वाले किसान एवं अन्य धान की नर्सरी का बीज डाले हुए किसान काफी परेशान हैं. उनकी फसल को रुक रुक कर पानी मिल पा रहा है.

    ऐसे में देखना यह होगा की जहां मप्र सरकार द्वारा गरीबों किसानों और मजदूर वर्ग के लोगो के लिए संबल बिजली बिल माफी एवं सरल बिजली बिल स्कीम जैसी महत्वाकांक्षी योजना चलाकर राहत देने का प्रयाश किया जा रहा है ऐसे में यदि किसानों को बिजली कटौती की वजह से पर्याप्त पानी न मिल पाया तो उनकी फसल को भारी और अपूरणीय क्षति हो सकती है.

  संलग्न - कटरा डीसी त्योंथर विद्युत संभाग का जला हुआ 5 मेगा वोल्ट एम्पियर का ट्रांसफार्मर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला - रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587

Wednesday, July 4, 2018

कैथा में लगा मुख्यमंत्री संबल योजना एवं सरल बिजली बिल एवं बिजली बिल माफी स्कीम का कैम्प (ज़िले के कटरा डीसी अंतर्गत आने वाले कैथा ग्राम पंचायत में सरल बिजली बिल स्कीम एवं बिजली बिल माफी योजना का कैम्प, उपभोक्ताओं ने लिया योजना का लाभ)


दिनांक 04 जुलाई 2018, स्थान - कटरा डीसी, त्योंथर संभाग, रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

           ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले कई ग्रामों में पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री मप्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना संबल योजना एवं सरल बिजली बिल स्कीम का कैम्प लगाया जा रहा है. जिनके अंतर्गत जन कल्याण संबल योजना में श्रमिकों एवं बीपीएल कार्डधारियों के पुराने बिजली के बिल माफ किये जाने के लिए आवेदन प्राप्त किये गए. इसी प्रकार जिन ग्रामों में सरल बिजली बिल योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है उनके 200 रुपये प्रति माह के हिसाब से बिजली बिल के लिए भी आवेदन प्राप्त किये गए हैं. जिन श्रमिकों का पंजीयन क्रमांक उपलब्ध नही था उन्हें बाद में कटरा विद्युत वितरण केंद्र में आकर फॉर्म जमा करने की सलाह दी गई है. कैथा श्री हनुमान मंदिर में कैम्प में उपस्थित कटरा विद्युत वितरण के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी एवं लाइनमैन भारत पटेल सहित अन्य कर्मचारियों द्वारा बताया गया की जो हितग्राही किसी कारण बस आज कैम्प में उपस्थित नही हो पाये हैं वह बाद में भी कटरा एवं गढ़ में आकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं और मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ले सकते हैं. अभी यह स्कीम कई दिनों तक चलेगी.

 सैकड़ों आवेदकों ने लिया स्कीम का लाभ

    कैथा श्री हनुमान मंदिर में आयोजित बिजली बिल माफी की संबल योजना एवं 200 रुपये प्रतिमाह सरल बिजली बिल स्कीम योजना का लाभ लेने के लिए कैथा एवं आसपास सोरहवा, मिसिरा, बड़ोखर आदि ग्राम के लोगों ने इस योजना का लाभ लिया.

मुख्यमंत्री की संबल योजना एवं सरल बिजली बिल स्कीम से मिली है भारी राहत

   उपस्थित उपभोक्ताओं एवं श्रमिकों ने बताया की मुख्यमंत्री की इस योजना से लोगों को काफी राहत  मिली है. कैथा हरिजन बस्ती के विहारीलाल साकेत एवं बतसिया साकेत ने बताया की उनका बिल पिछले तीन साल से नही आ रहा था. कनिष्ठ यंत्री श्री सोनी ने अपने डेटाबेस में जाकर देखा तो जानकारी मिली की विहारीलाल साकेत के नाम से 20 हज़ार से ऊपर तक बिजली बिल हो चुका था. इसी प्रकार सिद्धमुनि द्विवेदी निवासी कैथा ने बताया की उनका बिजली बिल प्रतिमाह 8 सौ से अधिक आ रहा है जिसे करेक्ट किया जाना चाहिए क्योंकि बिजली का लोड काफी कम है. 

  इसी प्रकार सुखमंती केवट, बृजभान केवट, राजेश पटेल, राम सजीवन केवट, अमृतलाल जायसवाल, मोतीलाल साकेत, रामसजीवन कोल, सत्यभान पटेल, संपत्ति पटेल, राजबहोर पटेल, बृज वाशी पटेल, छोटेलाल पटेल, दंगल सिंह, संत कुमार सिंह सहित अन्य कई उपस्थित उपभोक्ताओं ने बताया की  मप्र शासन की इस योजना से गरीब जनता को काफी लाभ मिला है. सभी लोगों ने सरकार की इस योजना को लेकर काफी प्रसन्नता जाहिर की.

    कैम्प शुबह 11 बजे से प्रारम्भ होकर दोपहर 2 बजे तक चला.

संलग्न - कैथा श्रीहनुमान मंदिर सार्वजनिक स्थल पर उपस्थित कई ग्रामों कैथा, सोरहवा, बड़ोखर, मिसिरा आदि ग्रामों के हितग्राही एवं साथ ही कटरा डीसी के अधिकारी कर्मचारी जिंसमे कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी भी सम्मिलित रहे.

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शिवानन्द द्विवेदी. सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल - 7869992139, 9589152587

Wednesday, June 27, 2018

13 जून से फैल 5 मेगावाट का ट्रांसफार्मर नही बदला, पूरे कटरा की बिजली सप्लाई प्रभावित (मामला ज़िले के कटरा डीसी एवं मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी लिमिटेड त्योंथर संभाग का जहां पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से कटरा डीसी का मुख्य 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर अब तक नही बदला गया, पूरे कटरा डीसी की लाइन वाधित, मात्र एक ट्रांसफॉमर से काट कर दी जा रही लाइन)

दिनांक 28 जून 2018, स्थान - कटरा, रीवा-मप्र,

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा-मप्र)

    ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग त्योंथर अंतर्गत आने वाले कटरा डीसी में दो प्रमुख 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर में से के एक पिछले 13 जून से फैल हुआ बताया जा रहा है. जिस दिन से यह 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर फैल हुआ है उस दिन से पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र में इलेक्ट्रिक सप्लाई वाधित है जिससे पूरे क्षेत्र को रुक रुक कर लाइन मिल पा रही है. स्वाभाविक है की जो कार्य कुल 10 मेगा वाट ट्रांसफार्मर से हो रहा था अब वह मात्र 5 मेगा वाट से हो रहा है. यदि जल्द ही फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगा तो पूरे कटरा क्षेत्र में बिजली के लोड को देखते हुए शेष बचा 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर भी फैल होने की संभावना बनी हुई है जिससे आम आदमी की फजीहत तो बढ़ेगी ही साथ ही  बिजली विभाग की लापरवाही और लेटलतीफी से सरकार के ख़ज़ाने को और भारी नुकसान भी हो सकता है.


  चीफ इंजीनियर के एल वर्मा और अधीक्षण यंत्री रीवा संभाग खान को है सूचना

     कटरा विद्युत वितरण केंद्र एवं त्योंथर डी ई पटेल द्वारा स्वयं कटरा डीसी आकर फैल 5 मेगा वाट के ट्रांसफार्मर की जानकारी और फ़ोटो आदि ले जाकर अधीक्षण यंत्री खान एवं चीफ इंजीनियर के एल वर्मा को पहुचायी जा चुकी है लेकिन फिर भी विभागीय उदाशीनता के चलते अब तक फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगाया गया है. यदि समय रहते जल्द से जल्द 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगता तो वर्तमान में आंशिक रूप से कार्य कर रहे 5 मेगा वाट के दूसरे ट्रांसफार्मर के भी फैल होने की संभावना बनी हुई है साथ ही आम जनता को वाधित बिजली सप्लाई मिल रही है जिससे किसानों के कार्य भी रुके हुए हैं.

क्या कहना है जिम्मेदारों का

   जब इस संदर्भ में कटरा डीसी के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि 13 जून से जले 5 एम वी ए ट्रांसफॉर्मर की लिखित जानकारी त्योंथर डी ई श्री आरसी पटेल द्वारा अधीक्षण यंत्री एवं चीफ इंजीनियर को पहुचायी जा चुकी है। ऊपर से बताया गया कि कार्यवाही चल रही है जल्द ही 5 एमवीए का फैल हुआ मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर बदल दिया जाएगा।

संलग्न - ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के त्योंथर संभाग अन्तर्गत कटरा डीसी के 13 जून 2018 से फैल हुए 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर की फ़ोटो और साथ ही कटरा विद्युत वितरण केंद्र का दिनांक 27 जून की शाम का परिदृश्य.

संपर्क विजली विभाग-

 1) कनिष्ठ यंत्री कटरा डीसी अभिषेक गौरव सोनी 9425824566,

 2) डी ई त्योंथर आर सी पटेल 

     मोब 9479867544,

  3) अधीक्षण यंत्री खान

  मोब 9425424302

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587