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Friday, August 3, 2018

जमुई और बांस का जला ट्रंसफॉर्मेर बदला गया (मामला ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले जमुई के 100 केवीए एवं बांस टिकुरी गांव का 25 केवीए के जले हुए ट्रांसफॉमर का जहां पर कई दिनों से जले हुए ट्रांसफार्मर को दिनांक 03 जुलाई को बदल दिया गया)

दिनांक 03 जुलाई 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले जमुई, करहिया, एवं लालगांव डीसी के बांस टिकुरी आदि ग्रामों का ट्रांसफार्मर पिछले कई सप्ताह से जला हुआ बताया गया था लेकिन विभाग में नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध न हो पाने की वजह से लगाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था.

   जमुई एवं बांस टिकुरी का ट्रांसफार्मर बदल दिया गया

   त्योंथर कार्यपालन अभियंता से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 03 जुलाई को जमुई ग्राम का 100 केवीए का पिछले कई महीनों से जला हुआ ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है इसी प्रकार लालगांव डीसी अन्तर्गत बांस-टिकुरी नामक ग्राम का भी 25 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था जिसे वहीं के निवासी देवेंद्र तिवारी द्वारा ट्विटर के माध्यम से भी चीफ इंजीनियर श्री के एल वर्मा को सूचित किया गया था जिसे दिनांक 03 जुलाई को ही सतना स्टोर में उपलब्ध होने पर बदल दिया गया है.

    त्योंथर विद्युत संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आर सी पटेल द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को जानकारी दी गई है की दिनांक 03 जुलाई को सतना स्टोर से 100 केवीए का ट्रांसफार्मर प्राप्त हुआ है इसी प्रकार कुछ 25 केवीए के भी ट्रांसफार्मर मिले हैं जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित जगहों में बदल दिया गया है.

   कार्यपालन अभियंता श्री पटेल द्वारा बताया गया की पूरे त्योंथर विद्युत संभाग में चार 100 केवीए, चार 63 केवीए एवं आठ 25 केवीए के ट्रांसफार्मर के जले और फैल थे जिनकी जानकारी उच्चस्तर पर सतना आफिस और सीई आफिस को भेजा गया था लेकिन ऊपर से बताया गया था की प्रपोजल स्वीकृत होने के बाद भी सतना स्टोर में ट्रांसफार्मर की उपलब्धता न हो पाने के कारण नही बदले जा सके थे. 

सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा ट्विटर पर सतत उठाया मुद्दा

   ज़िले एवं रीवा संभाग में जले हुए ट्रांसफार्मर न बदले जाने के मामले को ट्विटर के माध्यम से निरंतर उच्चस्तरीय बिजली विभाग एवं मप्र ऊर्जामंत्री श्री पारस जैन के समक्ष रखा जाता रहा है जिस पर समय समय पर संज्ञान भी लिया जाता रहा है. इस विषय में त्योंथर संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आर सी पटेल की जानकारी के आधार पर मामला सामाजिक तौर पर भी ऊर्जामंत्री एवं चीफ इंजीनियर श्री वर्मा तक रखा गया था जिस पर चीफ इंजीनियर ने ट्विटर पर जल्द ही ट्रांसफार्मर की उपलब्धता होने पर बदले जाने का आश्वासन दिया था. 

 जले ट्रांसफार्मर बदले जाने से किसानों के चेहरे में लौटी आशा की किरण

    अब चूंकि इस वर्ष मानसूनी बारिश भी नही हो रही है ऐसे में रीवा संभाग के किसानों का एकमात्र सहारा मोटर पंप से सिंचाई ही बचा हुआ है. ऐसे में जिन जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर जले हुए हैं ऐसे किसानों को चिंतित और परेशान होना स्वाभाविक है. पर अब जब सामाजिक प्रयाशों एवं साथ ही सरकार की चुनावी योजनाओं से जले हुए ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं ऐसे में मायूस किसानों के चेहरे पर आशा की किरण लौट रही है.

संलग्न -  ट्रांसफार्मर तस्वीर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा, मप्र. मोब 7869992139, 9589152587.

Tuesday, July 31, 2018

चीफ इंजीनियर के निर्देश पर जल्द बदले जाएंगे दोनो ट्रांसफार्मर (मामला ज़िले के त्योंथर ब्लॉक कटरा डीसी अन्तर्गत जमुई ग्राम के 100 केवीए एवं करहिया के 63 केवीए के फैल ट्रंसफॉर्मेर बदले जाने संबंधी ट्विटर पर सामाजिक कार्यकर्ता के भेजे गए संदेश पर कार्यवाही पर)

दिनांक 31 जुलाई 2018, स्थान - कटरा/गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

    जैसे जैसे बिजली विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक क्रियान्वयन होने लगा है वैसे ही आम जनता की अब आवाज भी सुनी जाने लगी है.

    एक समय था जब ट्रांसफार्मर जलने पर महीनों क्या सालों इंतज़ार करना पड़ता था. कितनी शिकायतें नही जातीं थीं लेकिन कोई सुनने वाला नही होता था. बिजली विभाग से बात करो तो बिजली बिल बकाया का फण्डा सुनाया जाता था और बांकी जन प्रतिनिधि विधायक सांसदों मंत्रियों का तो कोई रता पता ही नही चलता था की आखिर सब हैं कहां. 

    अब जब मप्र का वर्ष 2018-19 में होने वाला चुनाव नजदीक आ गया है ऐसे में वर्तमान पदस्थ सरकार आम जनता को विभिन्न लोक लुभावने वादे और इरादे लेकर आई है. इसी श्रृंखला में जहां एक तरफ पुराने पेंडिंग बिजली बिल माफी स्कीम का पूरे जोर सोर से क्रियान्वयन किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ गरीबों और असंगठित श्रमिकों के लिए 200 रुपये प्रतिमाह की बिजली बिल स्कीम भी लांच हो चुकी है और ज्यादा से ज्यादा लोग भी इसका लाभ उठाने में पीछे नही हैं. 

    वर्तमान पदस्थ सरकार में पार्टी इसे भुनाने में भी लगी है और बिजली विभाग को अपने कारनामों के प्रचार का आधार भी बना चुकी है. ऐसा लग रहा है की मात्र इसी अंतिम के कुछ महीनों में ही प्रदेश का बिजली विभाग पूरे काम पर है वरना पिछले पांच वर्ष तो भगवान ही मालिक था. 

  कास यदि यही तेज़ी और इरादे पिछले पांच वर्ष भी रहते तो शायद जनता का और भी आधिक भला होता और सही मायनों में भारतीय लोकतंन्त्र एक शसक्त लोकतंन्त्र कहलाता.

चीफ इंजीनियर श्री के एल वर्मा के निर्देश पर बदला जाएगा करहिया एवं जमुई का फैल ट्रांसफार्मर

   अभी पिछले दिनों ट्विटर के माध्यम से एकबार फिर जनहित की समस्याओं को लेकर बिजली विभाग के वरिष्ठ शम्भागीय अधिकारी चीफ इंजीनियर श्री के एल वर्मा को सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी के माध्यम से ट्विटर पर संदेश भेजा गया था जिंसमे पिछले कई माह से जमुई ग्राम में स्कूल के पास के जले हुए 100 केवीए के ट्रांसफार्मर की बात रखी गई थी इसी प्रकार अभी हाल ही में दो सप्ताह पहले करहिया लोनियान टोले के भी 63 केवीए के जले हुए ट्रांसफार्मर को बदले जाने की भी बात कही गई थी. जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए श्री वर्मा ने अपने कनिष्ठ कर्मचारियों को कार्यवाही करने के निर्देश भी दे डाले.

    ट्विटर पर रिप्लाई किये गए संलग्न संदेश में के एल वर्मा ने बताया की दिनाँक 30 जुलाई के अंदर तक करहिया का ट्रांसफ़ॉर्मर बदल दिया जाएगा एवं इसी प्रकार दिनांक 2 अगस्त के भीतर जमुई का भी स्कूल के पास का 100 केवीए का फैल ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा.

   जब इस संदर्भ में कटरा जेई अभिषेक गौरव सोनी एवं त्योंथर कार्यपालन यंत्री आरसी पटेल से जानकारी चाही गई तो उनके द्वारा भी बताया गया की ऊपर से सख्त निर्देश आये हैं की 31 जुलाई के भीतर दोनो ट्रांसफार्मर बदले जाने हैं. जानकारी दी गई की गाड़ी को सतना स्टोर में भेजा गया है जहां से ट्रांसफार्मर लाकर बदला जाएगा.

ट्विटर पर अकौरी-गौतमान 100 केवीए फैल ट्रांसफार्मर की भी सूचना

    इसी श्रृंखला में चीफ इंजीनियर रीवा रीजन, ऊर्जामंत्री श्री पारस जैन, सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी एवं अन्य को टैग करके रीवा निवासी जितेंद्र तिवारी द्वारा भी एक संदेश भेजा गया था जिंसमे पिछले कई दिनों से फैल एवं एकमात्र 100 केवीए के ट्रांसफार्मर की भी बात आई थी. जिस पर स्वयं भी संज्ञान लेते हुए सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा संबंधित गंगेव डीसी के कनिष्ठ यंत्री मनीष जोशी से बात की गई जिंसमे पता चला की पिछले 20 जुलाई को ही 100 केवीए का यह ट्रांसफ़ॉर्मर फैल हुआ है जिसका डिटेल लेकर संबंधित मनगवां अस्सिटेंट इंजीनियर प्रशांत नागेश को भेज दिया गया है और ट्रांसफार्मर सतना स्टोर से मिलने पर बदलने की कार्यवाही भी की जाएगी.

  आजकल चुनावी माहौल को देखते हुए बिजली विभाग की ताबड़तोड़ सर्विस

    इस प्रकार देखा जा सकता है की आम जनता के लिए वर्तमान मप्र सरकार नित नई स्कीम ला रही है और ज्यादा से ज्यादा जनता को संतुष्ट करने का प्रयाश कर रही है, आखिर ऐसा करे भी क्यों नही. मप्र विधानसभा का चुनाव तो बस कुछ ही महीने बचा हुआ है ऐसे में सरकार में पदस्थ पार्टी कोई कोर कसर भी नही छोड़ना चाहती.

    मामला चाहे राजनीतिक हो अथवा कैसा भी हो इससे एक सामाजिक कार्यकर्ता को क्या लेना देना. हमे तो जनता की सेवा और उसके कार्य से मतलब है. जनता की आवाज सामने आती है तो उसे संबंधित फोरम तक सफलता पूर्वक पहुचा देना और आस लगाए बैठी जनता के किसी भी काम आ जाना एक ईमानदार सामाजिक कार्यकर्ता का उद्देश्य होना चाहिए. और इस सेवाभाव में विभागों और मंत्रालयों से तालमेल बैठा कर रखना और जनता का काम करवाते रहना वास्तविक कुशलता है.

जय श्रीराम

संलग्न - कृपया संलग्न तस्वीर में देखने का कष्ट करें जमुई ग्राम का कई महीनों के जला ट्रांसफार्मर, इसी प्रकार करहिया ग्राम का भी जला हुआ ट्रांसफार्मर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Friday, July 6, 2018

कटरा डीसी का फैल 5 एमवीए ट्रांसफ़ॉर्मर, बदलने में अभी लग सकते हैं एक और हफ्ते ( मामला ज़िले के कटरा डीसी का जहां पर पिछले 13 जून को फैल हुआ था 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर जिसे आज तक नही बदला जा सका, बिजली कटौती की वजह से जनता हलाकान)

दिनांक 06 जुलाई 2018, स्थान - कटरा विद्युत वितरण केंद्र, त्योंथर, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के त्योंथर विद्युत अनुभाग अंतर्गत आने वाले कटरा विद्युत वितरण केंद्र में पिछले महीने 13 जून को 5 मेगा वोल्ट एम्पियर (एमवीए) का जला हुआ ट्रांसफार्मर आज दिनांक तक बदला नही जा सका है. बता दें की कटरा डीसी में दो पांच मेगा वोल्ट एम्पियर के ट्रांसफ़ॉर्मर लगाए गए थे जिनमे एक ट्रांसफार्मर हिनौती एवं जमुई फीडर का लोड संभालता था जबकि दूसरा 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर गढ़, अगडाल सहित अन्य फीडरों को देखता था. पिछले महीने 13 जून को हिनौती जमुई क्षेत्र को विद्युत सप्लाई देने वाला ट्रांसफार्मर अचानक फैल हो जाने से अब पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र का लोड मात्र बचे हुए 5 एमवीए के एक ट्रांसफार्मर पर आ गया है जिससे विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है. पूरे कटरा डीसी की लाइन सप्लाई मात्र 5 एमवीए के बड़े ट्रांसफार्मर से नही हो पा रही है. 

कटरा जेई एवं त्योंथर डी ई ने ऊपर विभाग को भेजा डिटेल

     कटरा डीसी के कनिष्ठ विद्युत अभियंता अभिषेक गौरव सोनी एवं त्योंथर डीई आरसी पटेल के द्वारा बताया गया है की कटरा में 5 एमवीए के बड़े ट्रांसफार्मर के फैल होने की जानकारी अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव एवं मुख्य अभियंता संभाग रीवा केएल वर्मा को पहले ही भेजी जा चुकी है. जानकारी लेने पर बताया गया की एसटीसी डिपार्टमेंट को गुड़हल में एक रखे 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर को लगाने के लिए कहा गया है. जब इस संदर्भ में एसटीसी डिपार्टमेंट के एरिया इंजीनियर ओमप्रकाश द्विवेदी से बात की गई तो उन्होंने बताया की एसटीसी का कार्य नवीन कार्यों को करना है न की मरम्मत करना अतः इसमे सीधे त्योंथर डिवीज़न के डीई एवं कटरा जेई कार्य को कराएं इसमे एसटीसी का कोई रोल नही है. बता दें कि जिस पुराने 5 मेगा बोल्ट के अतिरिक्त रखे ट्रांसफ़ॉर्मर को लगाए जाने की बात की जा रही है वह एचटीएम डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है।

अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव ने बताया एक हफ्ते का और लग सकता है समय

    जब फैल हुए 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर को बदलने की जानकारी रीवा संभाग के अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव से चाही गई तो उनके द्वारा बताया गया की मैं अभी बिल्कुल नया हूँ पर जानकारी लेकर बताया गया की अभी भी 5 एमवीए के कटरा स्थित मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर को बदलने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है. प्रयाश जारी है.

बिना औचित्य की लेटलतीफी

    जो जानकारी प्राप्त हुई है उससे सिर्फ यही समझ आ रहा है की विजली विभाग के सभी उप विभागों में सामंजस्य स्थापित न हो पाने की वजह से वेवजह 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर बदलने में लेटलतीफी हो रही है. यदि पूरे जबलपुर जोन में ही 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर उपलब्ध न होता तब तो बात समझ आती है पर चूंकि रीवा ज़िले में ही यदि एचटीएम डिपार्टमेंट के पास एडिशनल ट्रांसफ़ॉर्मर रखा हुआ है तो उसको बदलने में इतना समय क्यों लिया जा रहा है. मुख्य ट्रंसफॉर्मेर न बदले जाने से आम जनता एवं किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ जहां उमस और गर्मी में बिजली कटौती से आम जनमानस त्रस्त है. वहीं दूसरी तरफ किसानों को सिंचाई के लिए पानी नही मिल पा रहा है. लाइन की समस्या इतनी अधिक बनी हुई है की हर 15 मिनट में लाइन कट होती है और फिर 10 मिनट बाद आती है जिसके कारण न तो आटा चक्की और सामान्य तेल मिल ही चल पा रही है और न ही किसान खेतों में अनवरत 4 से 6 घंटे तक मोटर पंप ही चला पा रहे हैं. 


   आज जब आषाढ़ के महीने में कटरा क्षेत्र में बारिश भी नही हुई है ऐसे में सब्जी भाजी लगाने वाले किसान एवं अन्य धान की नर्सरी का बीज डाले हुए किसान काफी परेशान हैं. उनकी फसल को रुक रुक कर पानी मिल पा रहा है.

    ऐसे में देखना यह होगा की जहां मप्र सरकार द्वारा गरीबों किसानों और मजदूर वर्ग के लोगो के लिए संबल बिजली बिल माफी एवं सरल बिजली बिल स्कीम जैसी महत्वाकांक्षी योजना चलाकर राहत देने का प्रयाश किया जा रहा है ऐसे में यदि किसानों को बिजली कटौती की वजह से पर्याप्त पानी न मिल पाया तो उनकी फसल को भारी और अपूरणीय क्षति हो सकती है.

  संलग्न - कटरा डीसी त्योंथर विद्युत संभाग का जला हुआ 5 मेगा वोल्ट एम्पियर का ट्रांसफार्मर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला - रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587

Wednesday, June 27, 2018

13 जून से फैल 5 मेगावाट का ट्रांसफार्मर नही बदला, पूरे कटरा की बिजली सप्लाई प्रभावित (मामला ज़िले के कटरा डीसी एवं मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी लिमिटेड त्योंथर संभाग का जहां पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से कटरा डीसी का मुख्य 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर अब तक नही बदला गया, पूरे कटरा डीसी की लाइन वाधित, मात्र एक ट्रांसफॉमर से काट कर दी जा रही लाइन)

दिनांक 28 जून 2018, स्थान - कटरा, रीवा-मप्र,

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा-मप्र)

    ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग त्योंथर अंतर्गत आने वाले कटरा डीसी में दो प्रमुख 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर में से के एक पिछले 13 जून से फैल हुआ बताया जा रहा है. जिस दिन से यह 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर फैल हुआ है उस दिन से पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र में इलेक्ट्रिक सप्लाई वाधित है जिससे पूरे क्षेत्र को रुक रुक कर लाइन मिल पा रही है. स्वाभाविक है की जो कार्य कुल 10 मेगा वाट ट्रांसफार्मर से हो रहा था अब वह मात्र 5 मेगा वाट से हो रहा है. यदि जल्द ही फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगा तो पूरे कटरा क्षेत्र में बिजली के लोड को देखते हुए शेष बचा 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर भी फैल होने की संभावना बनी हुई है जिससे आम आदमी की फजीहत तो बढ़ेगी ही साथ ही  बिजली विभाग की लापरवाही और लेटलतीफी से सरकार के ख़ज़ाने को और भारी नुकसान भी हो सकता है.


  चीफ इंजीनियर के एल वर्मा और अधीक्षण यंत्री रीवा संभाग खान को है सूचना

     कटरा विद्युत वितरण केंद्र एवं त्योंथर डी ई पटेल द्वारा स्वयं कटरा डीसी आकर फैल 5 मेगा वाट के ट्रांसफार्मर की जानकारी और फ़ोटो आदि ले जाकर अधीक्षण यंत्री खान एवं चीफ इंजीनियर के एल वर्मा को पहुचायी जा चुकी है लेकिन फिर भी विभागीय उदाशीनता के चलते अब तक फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगाया गया है. यदि समय रहते जल्द से जल्द 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगता तो वर्तमान में आंशिक रूप से कार्य कर रहे 5 मेगा वाट के दूसरे ट्रांसफार्मर के भी फैल होने की संभावना बनी हुई है साथ ही आम जनता को वाधित बिजली सप्लाई मिल रही है जिससे किसानों के कार्य भी रुके हुए हैं.

क्या कहना है जिम्मेदारों का

   जब इस संदर्भ में कटरा डीसी के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि 13 जून से जले 5 एम वी ए ट्रांसफॉर्मर की लिखित जानकारी त्योंथर डी ई श्री आरसी पटेल द्वारा अधीक्षण यंत्री एवं चीफ इंजीनियर को पहुचायी जा चुकी है। ऊपर से बताया गया कि कार्यवाही चल रही है जल्द ही 5 एमवीए का फैल हुआ मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर बदल दिया जाएगा।

संलग्न - ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के त्योंथर संभाग अन्तर्गत कटरा डीसी के 13 जून 2018 से फैल हुए 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर की फ़ोटो और साथ ही कटरा विद्युत वितरण केंद्र का दिनांक 27 जून की शाम का परिदृश्य.

संपर्क विजली विभाग-

 1) कनिष्ठ यंत्री कटरा डीसी अभिषेक गौरव सोनी 9425824566,

 2) डी ई त्योंथर आर सी पटेल 

     मोब 9479867544,

  3) अधीक्षण यंत्री खान

  मोब 9425424302

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587

बिजली कर्मचारियों की ईपीएफ वेतन कटौती 6 वर्षों से नही पहुच रही खातों में (मामला ज़िले के त्योंथर संभाग मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के बिजली कर्मचारियों का)

दिनांक 28 जून 2018, स्थान - कटरा, रीवा-मप्र,

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा ,मप्र)

    ज़िले के बिजली कर्मचारियों की उनकी ईपीएफ के वास्ते काटी जाने वाली वेतन की राशि उनके ईपीएफ खातों में नही पहुच रही है ऐसा कहना है लगभग आधा दर्जन बिजली कर्मचारियों का. बता दें की प्राप्त जानकारी के अनुसार रीवा संभाग में पदस्थ रहे बिजली कर्मचारियों जिनमे सहायक ग्रेड 3 के कर्मचारी क्रमसः आशुतोष मिश्रा, इंद्रमणि सिंह, लक्ष्मी नारायण शर्मा, भूपेंद्र सिंह सेंगर, कनिष्ठ यंत्री लालगांव उमाशंकर द्विवेदी, एवं अन्य दो कर्मचारी पुष्पेंद्र सिंह कुशवाहा और कटरा में पदस्थ भूपेंद्र सिंह बघेल सम्मिलित हैं जिन्होंने बताया की उनकी वर्ष जुलाई 2012 से ईपीएफ की वेतन कटौती की राशि उनके खातों में नही पहुची है. सभी कर्मचारियों के लिए यह एक चिंता का विषय है क्योंकि इसके लिए उन्होंने संबंधित अधीक्षण यंत्री के नाम और कलेक्टर को भी लिखित शिकायत दे रखी है लेकिन अब तक जब सुनवाई नही हुई तो सभी ने सामूहिक रूप से इकठ्ठा होकर मामला मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से रखना उचित समझा. सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी को अपनी व्यथा बताते हुए उपरोक्त कर्मचारियों ने बताया की हम सब कर्मचारी मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड त्योंथर संभाग के अधीनस्थ कार्यरत हैं जिन्हें ग्राम सेवा सहकारी समिति मर्यादित से मंडल कंपनी में सम्मिलियन किया गया है. बताया की आज दिनांक तक ईपीएफ की राशि की कटौती की जा रही है लेकिन राशि उनके खाते में नही आ रही है. कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से कार्यपालन अभियंता, संभागीय लेखापाल से शिकायत की गई लेकिन आश्वासन के शिवाय कोई पुख्ता कार्यवाही अब तक नही हुई है. 

     इस प्रकार दिनांक 28/06/2017 को आवक क्रमांक 07 कार्यालय अधीक्षण यंत्री, दिनांक 04/07/2017 कार्यालय कार्यपालन अभियंता, दिनांक 13/07/2017 को एक अन्य संबंधित कार्यालय में इन उपरोक्त पीड़ित कर्मचारियों ने संलग्न शिकायती आवेदन लगाकर गुहार लगाई है की यदि अचानक इन कर्मचारियों की मृत्यु हो जाती है तब इन सबका परिवार इधर उधर भटक कर दाने दाने के लिए मोहताज़ होगा जिसकी तत्काल सुनवाई की जाए.

कर्मचारियों की ईपीएफ उनके खातों में न भेजना मानवाधिकार का हनन

    यदि देखा जाए तो हर एक नागरिक का अधिकार बनता है की सरकार द्वारा संवैधानिक रूप से प्रदत्त सभी लाभ नियमानुसार उसे मिले. इसके अतिरिक्त भी यदि समाज और किसी व्यक्ति के मानवाधिकारों का हनन हो रहा हो जिसकी जिम्मेदार स्वयं सरकार हो तो ऐसे मामलों में सरकार को तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता होती है. सामान्य तौर पर गैर सरकारी कर्मचारी अथवा बेरोजगार आम नागरिक के मानवाधिकार की रक्षा जिसका कोई आधार न हो सर्वोपरि होती है परंतु जहां  तक मानवाधिकार हनन की बात है वह सभी नागरिकों के लिये समान रूप से लागू होता है. चाहे वह किसी जाति वर्ग का हो सरकारी हो गैर सरकारी हो धनवान हो अथवा गरीब. यदि मानवाधिकारों का हनन हो रहा है तो उसकी सुरक्षा की जानी अनिवार्य है.

बिजली कर्मियों के मानवाधिकार की हो सुरक्षा

     बिजली कर्मचारियों को उनके ईपीएफ के फण्ड से वंचित रखा जाना मूलभूत मानवाधिकारों का हनन की संज्ञा में आता है. जुलाई वर्ष 2012 से बिजली कर्मियों के ईपीएफ खातों में वेतन कटौती की राशि क्यों नही पहुच रही और इसका क्या कारण है इस पर तत्काल कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है. यदि बिजली कर्मचारियों को उनकी ईपीएफ राशि व्याज सहित नही मिलती तो उनके बाल बच्चे परेशानी का सामना करेंगे. जिस प्रकार से बिजली कर्मियों द्वारा अपने आवेदन में भी उल्लेखित किया गया की यदि अकस्मात उनकी मौत हो जाती है तो उनके परिवार बाल बच्चों की बदहाली का जिम्मेदार कौन होगा. 

यदि सरकारी कर्मचारियों की यह हालात तो आम नागरिक का क्या

    सही मायने में प्रशासनिक व्यवस्था में आज जिस प्रकार की अव्यवस्था छाई हुई है इसको तो देखकर यही लगता है की आम नागरिक की दुर्दशा और अधिक बढ़ेगी. जब सरकारी कर्मचारी अपने अधिकार नही हाशिल कर पा रहे तो आम नागरिक जिसका की कोई आधार भी नही और कोई प्रशासनिक अधिकारी भी उनका सहयोगी नही ऐसे में वह अपने मानवाधिकारों की सुरक्षा कैसे कर पाएंगे यह बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है.

    वहरहाल आज दिनांक तक त्योंथर संभाग बिजली कार्यालय के अधीनस्थ पदस्थ लगभग आधा दर्जन बिजली कर्मचारियों को उनका जुलाई वर्ष 2012 अर्थात 6 वर्ष के आसपास की ईपीएफ राशि उनके खातों में समायोजित नही हुई है और अभी कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं. अब देखना यह होगा बिजली विभाग स्वयं अपने ही कर्मचारियों के साथ कब तक न्याय कर पाता है.

संलग्न - संलग्न प्रपत्रों में देखें उपरोक्त शिकायती आवेदनों की फ़ोटो प्रतियां संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला - रीवा मप्र, मोब 07869992139, 09589152587

Thursday, May 17, 2018

शौभाग्य योजना बन रही दुर्भाग्य योजना, हरिजन बस्ती कैथा में सालों से टूटे खम्भे और कटी केबल आज तक नही हुए दुरुस्त, बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित (मामला ज़िले के कटरा डीसी अंतर्गत आने वाले कैथा ग्राम की पुरानी हरिजन बस्ती का जहां घर घर बिजली पहुचाने के लिए किये गई शौभाग्य योजना के सर्वे बाद सब ठंडे बस्ते में)

दिनांक 17 मई 2018, स्थान - गढ़, गगेव रीवा मप्र,

(कैथा, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा-मप्र)

        देश भर में शौभाग्य योजनान्तर्गत चल रहे काम में तेजी नही दिख रही है. हो क्या रहा है की मात्र शौभाग्य योजना के नाम पर एक घर में निवासरत चार भाईयों के नाम पर अवैध रूप से बिजली के कनेक्शन जरूर बनाये जा रहे हैं. यह कहां का नियम है की एक घर जिसमे बड़े मुश्किल से चार गरीब परिवार मात्र एक कटिया लगाकर बिजली जला रहे हों उनके नाम पर अलग अलग बिजली के कनेक्शन बना दिए जाएं और उसे शौभाग्य योजना का कनेक्शन बता दिया जाय. कैथा ग्राम में ही शौभाग्य योजना के सर्वे के दौरान यज्ञनारायण केवट के घर में पहले से ही उनके पिता रामेश्वर केवट और यज्ञनारायण केवट के नाम पर घर का कनेक्शन था. अब हुआ यह की जब शौभाग्य योजना के सर्वेयर आये तो यज्ञनारायण केवट के बड़े लड़के अमित केवट के नाम पर भी कनेक्शन कर दिया गया जबकि यह बताया गया की अमित यहाँ पर नही रहता है बाहर रहता है और अभी सभी एकसाथ एक ही घर में रह रहे हैं जिनका एक घर का बिजली कनेक्शन पहले से ही है.

   कैथा हरिजन बस्ती में भी नही किया बिजली सप्लाई

   यही हाल कैथा की हरिजन बस्ती का भी है जहां पिछले साल भर से दो बिजली के खम्भे टूटे हैं साथ ही केबल भी टूटी हुई है. इस बाबत कई बार कंप्लेन भी दर्ज करवायी जा चुकी है लेकिन अब तक कैथा की पुरानी हरिजन बस्ती में राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन योजना के अंतर्गत लगाए गए ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई नही दी गई है.

   इस मामले को लेकर हरिजन बस्ती कैथा के बिहारीलाल साकेत, द्वारिका साकेत, उग्रसेन साकेत, छठिलाल साकेत, बुद्धसेन साकेत, रामखेलावन साकेत, इंद्रलाल साकेत, नंदलाल साकेत और सुखलाल साकेत आदि का कहना था की हमने कई मर्तबा सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायतें करवायी हैं लेकिन कुछ नही हुआ मात्र फ़र्ज़ी निराकरण दिया जा रहा है. सभी हरिजन परिवार 500 मीटर दूर सोरहवा ग्राम से कटिया लगाकर बिजली जलाने का कभी कभी प्रयास करते हैं लेकिन सोरहवा के कनेक्शन धारी लोग ऐसा नही करने देते क्योंकि सोरहवा के लाइन में इसकी वजह से कई बार फाल्ट लगता रहता है. 

  शौभाग्य योजना का ट्रांसफार्मर लगाने और खम्भा गाड़ने का काम पड़ा अधूरा 

   कैथा में हरिजन बस्ती और केवट बस्ती के बीच में गरीब हितग्राहियों के लिए बिजली पहुचाने के उद्देश्य से एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का भी कार्य किया जाना था. सर्वे के दौरान यह पाया गया था की इस इलाके में बिजली4 किमी दूर लगे ट्रांसफार्मर से होकर आती है जिससे लगभग हर दूसरे दिन फाल्ट की वजह के लाइन सप्लाई वाधित होती है साथ ही जहां से बिजली सप्लाई हो रही है वहां पर सौ मीटर से कटिया फसाकर बिजली आ रही है जिसके लिए एक अलग से ट्रांसफार्मर लगाने और आवश्यक खम्भे गाड़ने के लिए सर्वे किया गया था लेकिन यह काम आज तक प्रारम्भ नही हुआ है जिससे हरिजन, केवट और अन्य नजदीकी बस्ती के लोगों में काफी आक्रोश है की मात्र बिजली बिल तो मनमुताबिक दिए जा रहे हैं लेकिन घर घर लाइन कनेक्शन नही दिया जा रहा है. सभी ने कहा की ट्रांसफार्मर लगाया जाकर घरों के पास खम्भे गाड़े जाकर ही बिजली कनेक्शन दिया जाना चाहिए न की कटिया द्वारा. सभी का कहना था की उनके घरों में मीटर तक कभी नही लगाया गया जिससे उनके घरों में औसत बिजली बिलिंग की जा रही है. सभी का कहना था कि वह गरीब परिवार 500 से अधिक का बिजली बिल देने के लिए बाध्य हैं जबकि साल भर से कोई भी तरीके की बिजली नही जली है। सबका कहना था की हमने कई बार अपने अपने घरों में मीटर लगाकर ही बिजली बिल भरे जाने की बात कटरा जेई और त्योंथर डीई के समक्ष रखी है लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है.

संलग्न - हरिजन बस्ती कैथा, ब्लॉक गगेव, ज़िला रीवा मप्र में टूटे पड़े खम्भे और उनके पास खड़े हरिजन गरीब हितग्राही.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, 

मोबाइल - 97869992139, 09589152587

Saturday, April 21, 2018

14 हज़ार लाओ, ट्रांसफार्मर लगवाओ (त्योंथर डी ई और कटरा डीसी में दलाली का दौर जारी, किसानों को 6 माह से किया जा रहा परेशान, जबकि गांव का बिल 75 प्रतिशत से अधिक पूर्ण, मामला कटरा डीसी का)

दिनाँक 21 अप्रैल 2018, स्थान - कटरा डीसी रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र - शिवानन्द द्विवेदी)

    ज़िले के विद्युत वितरण केंद्रों में जले हुए ट्रांसफार्मर को बदल कर नए ट्रासंफार्मर लगाए जाने के नाम पर दलाली का दौर जारी है. पुख्ता जानकारी के अनुसार कटरा विद्युत वितरण केंद्र में आज से 6 माह पूर्व अमिलिया ग्राम के दोनो ट्रांसफार्मर जल गए थे. कारण था - कभी भी लाइन मेंटेनेंस का काम का न होना. हाई टेंशन लाइन में फाल्ट और साथ ही एल टी लाइन में भी लगातार लगने वाले फाल्ट की वजह से आज आये दिन नए नए ट्रांसफार्मर जल जाया करते हैं और बिजली विभाग की नजरअंदाजी और उपेक्षा की वजह से करोड़ों की चपत सरकारी ख़ज़ाने में लग रही है.         आखिर रोज़ इतने ट्रांसफार्मर क्यों जल रहे हैं इसके पीछे क्या कारण हैं? ट्रांसफार्मर बदलने में फिर देरी क्यों हो रही है? क्यों आम जनता को अनायास ही परेशान किया जा रहा है जबकि देखा जाए तो औसत और मनमुताबिक बिलिंग का काम लगातार जारी है उसमे कोई सुधार नही हो रहा है. इन सब बातों को लेकर बिजली कंपनी पहले से ही कठघरे में खड़ी है.

राजीव गांधी योजना का ट्रासंफार्मर लगाने के बाद भी नही किया चालू

    वहीं अमिलिया तालाब के पूर्व एवं उत्तर के कोने में मंदिर के पास गरीबों और बीपीएल हितग्राहियों के लिए एक योजना विशेष के अंतर्गत लगाया गया राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन का ट्रांसफार्मर ठेकेदार ने चालू ही नही किया. बताया गया की ठेकेदार सामग्री और चिमनी का तेल आदि लेकर ही भाग गया. ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन और थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन कोई सुनवाई नही हुई.

    अमिलिया के उपभोक्ताओं में वैद्यनाथ पटेल ने बताया की मिशन अंतर्गत लगाया  गया ट्रासंफार्मर यदि चालू हो जाता तो गांव के बिजली का काफी हद तक लोड भी नियंत्रित हो जाता जिससे रोज रोज़ ट्रांसफार्मर जलने का टंटा भी टूट जाता. कौसल पटेल द्वारा बताया गया की यद्यपि राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन योजना का ट्रांसफार्मर आज से कई माह पूर्व लगाया गया है और आज तक लाइन सप्लाई नही दी गई है फिर भी मनमुताबिक और औसत बिलिंग भेजी जा रही है. गरीबों को 5 सौ से ऊपर के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं जबकि न तो कोई मीटर रीडिंग लेने आता और न ही यह पता करने की कहाँ बिजली चालू है और कहां बन्द. शैलेन्द्र पटेल द्वारा बताया गया की बिजली कंपनी पूरी तरह दलाली और शोषण पर आमादा है. सभी ने के स्वर में बताया की मुख्यमंत्री गरीबों और किसानों के लिए बड़ी बड़ी योजनाओं की बातें कर रहे हैं पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है. सभी ने राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन अंतर्गत लगाए गए ट्रांसफार्मर को चालू किये जाने की भी बात कही है और बताया है की यदि उनकी बिजली समस्याओं का समाधान समय पर नही हुआ तो सभी ग्रामीण आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदार यह शासन प्रशासन होगा.

  6 माह पहले जला ट्रांसफार्मर, नया लगाने के लिए दिया गया 14 हज़ार रुपये का घूस

    त्योंथर डी ई एवं कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले अमिलिया ग्राम के दोनो ट्रांसफार्मर आज से 6 माह पहले जल गए थे. किसानों ने जब गुहार लगाई तो बताया गया की आपके गांव के ट्रांसफार्मर इसलिए नही लगाए जा रहे क्योंकि आपके बिजली बिल बकाया हैं. परंतु गांव वालों ने जल्दी ही बकाया का 40 प्रतिशत से अधिक की बिजली बिल जमा कर दिया और त्योंथर डी ई और कटरा जे ई को नया ट्रांसफार्मर लगाने की गुहार लगाई. तब फिर गांव वालों को बताया गया की 14 हज़ार लाइये तो नया ट्रांसफार्मर लगेगा, इस प्रकार सभी उपभोक्ताओं ने चंदा करके 14 हज़ार इकठ्ठा किया और जब इंजीनियर को दिया तब जाकर एक ट्रांसफार्मर लगा. 

   दूसरे ट्रांसफार्मर के लिए अभी भी माग रहे अतिरिक्त 5 हज़ार रुपये

    ग्राम अमिलिया के ही नियमित बिजली उपभोक्ता और कृषि कार्य हेतु मोटर पंप का कनेक्शन लिए हुए  हितग्राहियों में वैद्यनाथ पटेल पिता राम स्वयंबर पटेल अमिलिया 

आई वी आर एस नंबर -5347051658220,  कौसल पटेल पिता राजधर पटेल अमिलिया,  रामराज पटेल पिता राम पियारे पटेल अमिलिया,  शैलेंद्र पटेल पिता राजेश पटेल अमिलिया,  बृजनंदन पटेल पिता अम्बिका पटेल अमिलिया,  लल्लू पटेल पिता रामसखा पटेल अमिलिया आदि उपभोक्ताओं ने बताया की उन्होंने 6 माह पहले जले ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए काफी प्रयाश किये लेकिन बताया गया की अलग से पैसे लगेंगे तभी ट्रांसफार्मर लग पायेगा. अभी बताया गया की जे ई और डी ई ने जमुई सरपंच राहुल पटेल की उपस्थिति में 5 हज़ार अतिरिक्त की माग की है तभी ट्रांसफार्मर लगेगा. इस बाबत सभी ग्रामवशियों ने इकठ्ठा होकर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के समक्ष अपनी पीड़ा व्यथा बताई और अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल परिषर में ट्रांसफार्मर के पास अपना वक्तव्य और साक्षात्कार भी दिया है. जिसमे सभी ने 14 हज़ार और 5 हज़ार दलाली के तौर पर लिए जाने वाले राशि को एकमत से स्वीकारा है और साथ ही अपने ट्रांसफार्मर को लगाए जाने की माग की है. लोगों ने बताया कि उनके घूस में लिए गए पैसे की वापसी होनी चाहिए साथ ही बिजली न उपयोग किये जाने के कारण 6 माह से लगातार दिया जा रहा अवैधानिक बिल भी काटा जाना चाहिए।

   आज इस सूखा अकाल में किसान पहले से ही मारा गया है और ऐसे में यदि सरकारी विभागों द्वारा इस प्रकार उन्हें टार्चर और शोषण किया जाएगा तो किसान का त्रस्त होकर और अधिक मरना और अतमहत्या करना तय है और तब सरकारें इस बात को गंभीरता से नही देखेंगी आखिर क्या वजहें थीं की किसान आत्महत्या कर रहे हैं. अब प्रश्न यह उठता है की ग्रामीण इलाकों में सरकारी नियमानुसार पूरे गांव के बकाया का 20 प्रतिशत और उपोभोक्ताओं की संख्या का 50 प्रतिशत में से दोनो में से कोई भी कंडीशन की पूर्ति होने पर आज तत्काल 24 घंटे में नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने का प्रावधान है तो जब सभी कंडीशन पूर्ण हो रही हैं तो आखिर यह बिजली कंपनी क्यों मनमानी करने में तुला है ? आखिर बिजली कंपनी को सरकार के फरमान के अनुरूप काम करने में क्या आपत्ति है? आखिर किसान और परेशान जनता बिजली कंपनी के अधिकारियों को क्यों अलग के घोंस दें? जो बिजली अधिकारी यह घूंस की मांग कर रहे हैं और पूरा गांव इस बात को एक स्वर में बोल रहा है तो इनके ऊपर लोकायुक्त और ई ओ डब्लू द्वारा प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही क्यों न की जाए?

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   जब इस विषय मे जिम्मेदारों से बात की गयी तो उनका यह कहना था

 1) "कटरा डीसी में कुछ ट्रांसफॉर्मर जले थे जिनमें एक को बदल दिया गया है। हमारी त्योंथर डी ई से बात हुई है। ट्रांसफार्मर एक दो दिन में आ जाएंगे तो जल्दी ही बदल दिए जाएंगे। 14 हज़ार लेकर ट्रांसफॉर्मर बदले जाने की जानकारी हमे नही है। राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन योजना अन्तर्गत ट्रांसफार्मर के विषय मे जानकारी हमे नही थी। पर आपने बताया है तो हम बजाज कंपनी का काम देखने वाले एरिया इंजीनियर अनिल द्विवेदी से कहकर जल्द ही सुधार कार्य करवा देंगे।" - अभिषेक सोनी, कनिष्ठ यंत्री पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण केंद्र कटरा, रीवा मप्र।

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2) "अभी तक यह बात हमारे संज्ञान में नही थी कि अमिलिया ग्राम का ट्रांसफॉर्मर जला हुआ है। लेकिन आपने बताया है तो हम जे ई कटरा से जायज़ा लेकर जल्द ही बदलवाने का प्रयास करेंगे। हम इसको जल्द ही दिखवाते हैं।" - त्योंथर डी ई श्री पटेल

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   संलग्न - ज़िले के कटरा डीसी और त्योंथर डी ई अंतर्गत आने वाले अमिलिया ग्राम के त्रस्त और परेशान किसान और उनके परिवार जो की 6 माह से जले पड़े ट्रांसफार्मर के पास खड़े हुए हैं और साथ ही पास स्थित एक वृहद तालाब और उसके पास अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल.

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- शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र

  मोबाइल  - 7869992139, 9589152587

Wednesday, September 21, 2016

(Rewa, MP) जिला रीवा के कटरा डी.सी में बदहाल बिजली व्यवस्था, लाइन मेंटेनेंस और केबलीकरण की पूरी राशि भ्रष्ट्राचार की बलि चढ़ी.





स्थान – कैथा, गढ़ (रीवा, म.प्र.), दिनांक: 20.09.2016, दिन मंगलवार,

त्योंथर डी.ई. अंतर्गत कटरा विद्युत् वितरण केंद्र में गढ़ फीडर की बदहाल स्थिति. लाइनमैन राजकुमार मिश्रा और प्रभाकर सिंह मात्र तनख्वाह उठाते हैं. कनिष्ठ यंत्री सोनी अपनी रीवा की सुनार वाली दुकान में बैठते हैं. बिजली 24 घंटे में बमुश्किल से 6 घंटे. 

 (कैथा-गढ़, रीवा) कटरा विद्युत् वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले गढ़ फीडर में बिजली सप्लाई की स्थिति दयनीय बनी हुई है. यहाँ लगभग 150 किमी दूरी में एकमात्र फ़ीडर होने से कहीं भी फाल्ट की स्थिति में 24 घंटे में दर्जनों बार लाइन सप्लाई अवरुद्ध करनी पड़ती है और कई बार तो मनमाना भी लाइन कटौती मेंटेनेंस के नाम पर कर लेते हैं. यहाँ पर सीएम हेल्पलाइन और सामान्य शिकायतों का कोई प्रभाव नहीं होता.

दर्जनों सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का गलत और भ्रामक निराकरण –
गढ़ फीडर से दी जाने वाली अगडाल-कैथा लाइन के विषय में कई बार सीएम हेल्पलाइन में भी प्रकरण रखा गया परन्तु कोई सही निराकरण नहीं दिया जाता. मोबाइल फ़ोन आदि से दिए जाने वाले संदेशों का कोई प्रभाव नहीं होता. लाइनमैन का सीधा जबाब रहता है की मैं कुछ नहीं करूँगा जे.ई. से बात कर लो. और जे.ई. सोनी को तो कभी फ़ोन ही नहीं लगता. यही हाल ए.ई. और डी.ई. का भी है. अब जनता बिजली की समस्या की शिकायत आखिर किससे करे? कई बार तो समस्या से अधीक्षण यंत्री वर्मा को भी अवगत कराया गया परन्तु वहां से भी कोई विशेष समाधान नहीं निकला.

कटरा वितरण केंद्र में मेंटेनेंस और केबलीकरण की पूरी राशि अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा हज़म –
कम से कम कटरा विद्युत् वितरण केंद्र की स्थिति यह है की यहाँ पर पिछले 20 वर्ष से ऊपर से आज तक कभी भी मेंटेनेंस का काम नहीं हुआ. गढ़ फीडर सहित सम्पूर्ण कटरा वितरण केंद्र में ग्रामीण इलाकों में केबलीकरण का कार्य किया जाता था पर वह भी भ्रष्ट्राचार की बलि चढ़ गया. कागजों में तो केबलीकरण हुआ है परन्तु वास्तविक धरातल पर कहीं कुछ नहीं हुआ.

  सूचना के अधिकार की जानकारी को छुपाने और न देने का प्रयास –
इसके पूर्व जब कटरा डी.सी. में कनिष्ठ यंत्री एस.के. गुप्ता और रीवा संभाग में अधीक्षण यंत्री जैन थे तब सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के माध्यम से कटरा डी.सी. में मेंटेनेंस और ठेकेदारों द्वारा कार्य, केबलीकरण, और पिछले 25 वर्ष में जले और बदले गए ट्रांसफार्मर की जानकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण और जनहित सम्बन्धी जानकारी चाही गयी थी परन्तु इन उक्त अधिकारियों द्वारा भ्रष्ट्राचार में संलिप्त होने के कारण और राशि का गबन करने के कारण उक्त जानकारी छुपाने का प्रयास किया गया था. तब आवेदक कतिपय कारणों से अपीलिंग प्रक्रिया में नहीं जा पाया था. उक्त जानकारी न देने और छुपाने का तात्पर्य ही था की चूंकि कभी भी मेंटेनेंस और केबलीकरण का कार्य कटरा डी.सी. में नहीं हुआ था और पूरी राशि का गबन ठेकेदारों की मिली भगत से कर लिया गया था तो यह जानकारी कैसे साझा की जा सकती थी? 

गरीब जनता से मनमाने बिलिंग – यहाँ की गरीब जनता और यहाँ तक की जो बीपीएल और अति गरीबी में शामिल हैं उनके हजारों के बिल आते हैं. सोरहवा ग्राम के राम नरेश पटेल, कशी पटेल, ब्रिजवासी पटेल, हरिबंस पटेल, सुरेश पटेल, राज बहोर पटेल, कैथा से भद्रिका प्रसाद द्विवेदी, भैयालाल द्विवेदी, बनस्पति द्विवेदी, भैयालाल पाण्डेय, रावेन्द्र केवट, सतानंद केवट, सोमधर मिश्रा, अम्बिका प्रसाद मिश्रा, और इसी प्रकार पडुआ, मिसिरा, इटहा, अमिलिया, बडोखर, हिनौती आदि कई ग्रामों में उपभोक्ताओं से बिना मीटर रीडिंग के मनमाने तरीके से बिलिंग ली जाती है. उक्त सभी उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग 150 और उससे ऊपर बताई जाती है है जबकि सभी बमुश्किल दो या तीन LED अथवा CFL बल्ब जला पाते हैं. साथ ही कभी भी गढ़ फीडर और अगडाल-कैथा की लाइन कुल छः घंटे से अधिक नहीं दी जाती है. कई बार गरीब लोग अपने बिजली के बिल लेकर सामाजिक कार्यकताओं के पास आते हैं परन्तु इतनी शिकायतों और न्यायालयीन प्रकरणों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती. बिजली विभाग का कहना होता है की चोरी के कारण पेनाल्टी और उच्च बिलिंग होती है. परन्तु कई गरीब परिवार मात्र एक या  दो एलईडी अथवा सीएफएल बल्ब जलाते हैं. यही हाल सामान्य उपभोक्ताओं का भी है. उनकी भी मनमाने और औसत बिलिंग की जाती है जिसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं है. बिजली विभाग का स्वयं का न्यायलय होने से वहां भी बिजली विभाग के कर्मचारी अधिकारी जो लिख कर देते हैं जज भी उसी को मानता है. त्योंथर के बिजली न्यायलय में कई ऐसे प्रकरण हुए हैं जिनमे उपभोक्ता से मनमाने पैसे और पेनाल्टी ले ली गयी और उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई ऐसे में सामान्य उपभोक्ताओं को चोरी करने पर मजबूर होना पड़ता है और इस न्यायालयीन प्रक्रिया से विश्वास भी उठ जाता है. कई उपभोक्ता लाइनमैन को कुछ ले दे कर औसत बिलिंग को ठीक करवा लेते हैं. उनको लगता है की ऊपर चिल्लाने और हल्लागुल्ला से तो बेहतर है की लाइनमैन को ही ले दे कर मामला सलटा लो जिससे लाइनमैन ज्यादा रीडिंग ही न भेजे. जनता चोरी नहीं करती बल्कि उसे चोरी करने के लिए इन कर्मचारियों द्वारा मजबूर होना पड़ता है.

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शिवानन्द द्विवेदी
(सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता)
ग्राम कैथा, पोस्ट अमिलिया, थाना गढ़,
जिला रीवा  (म.प्र.) पिन ४८६११७

मोबाइल नंबर – 07869992139