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Saturday, July 14, 2018

8 माह पहले भरा फीस पर अब तक नही लगा ट्रांसफार्मर, किसान खा रहा दर दर की ठोकर, ठेकेदार दे रहा न लगाने की धमकी ( मामला ज़िले के लालगांव विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले बांस ग्राम का जहां हितग्राही किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री का 26 हज़ार 4 सौ रुपये फीस जमा के बाद भी मुख्यमन्त्री योजना का नही लगाया गया 25 एचपी का ट्रांसफार्मर)

दिनांक 14 जुलाई 2018, स्थान - लालगांव डीसी, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

     ज़िले में कृषक मोटर पंप कनेक्शन हेतु नवीन ट्रांसफार्मर योजनान्तर्गत अलग से ट्रांसफार्मर लगाने के लिए सरकार की इस योजना का लाभ लेने की दिशा में किसानों द्वारा अपने अपने विद्युत वितरण केंद्रों में समय समय पर आवेदन किये जा रहे हैं लेकिन कहीं न कहीं ठेकेदारों की मनमानी और एसटीसी विभाग की लेटलतीफी के चलते किसानों को बिजली आफिस के चक्कर लगाने पर मजबूर किया जा रहा है.

    अभी एक ऐसा ही मामला रीवा के लालगांव विद्युत वितरण केंद्र का आया है जिंसमे किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा मुख्य अभियंता मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वित्तरन कंपनी लिमिटेड के नाम लिखित शिकायत दी गई है जिंसमे उनके द्वारा माग की गई है की उनके द्वारा कृषि पंप योजना के अन्तर्गत दिनांक 4 दिसंबर 2017 जमा किये गए 26 हज़ार 4 सौ रुपये पर कार्यवाही की जाए और उनका 25 एचपी का इस योजनान्तर्गत ट्रांसफार्मर लगाया जाए.

   8 माह पहले जमा किया पैसा, आज तक नही लगा ट्रांसफार्मर

     लालगांव डीसी अन्तर्गत आने वाले ग्राम बांस निवासी ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा बताया गया की उन्होंने दिनांक 04 दिसंबर 2017 को अब से 8 माह पहले रसीद क्रमांक 74 एवं बुक नंबर 1444 प्रोजेक्ट नंबर 337795 द्वारा दर्शायी गई संलग्न राशि 26 हज़ार 4 सौ रुपये मुख्यमंत्री कृषक पंप योजनान्तर्गत जमा किये थे लेकिन जब इसमे कोई कार्यवाही नही हुई तो उन्होंने 26 जून एवं 4 जुलाई 2018 को एसटीसी विभाग एवं चीफ इंजीनियर मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को पुनः आवेदन दिया और बरसात खरीफ 2018 के पहले तक योजनान्तर्गत नवीन 25 एचपी के ट्रांसफार्मर लगाए जाने की माग की.

  ठेकेदार द्वारा 10 दिन में कार्य का मिला था आश्वासन 

        ज्ञानेंद्र अगिहोत्री द्वारा बताया गया की लालगांव डीसी से एक माह के अंदर कार्य करवाये जाने का आश्वासन मिला था जबकि ठेकेदार अरुण मिश्रा द्वारा मात्र दस दिन के अंदर खम्भे गाड़ने का आश्वासन मिला था लेकिन कहीं से कोई कार्यवाही नही हुई है जिसके कारण व्यथित किसान ने सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया का भी सहारा लिया और उम्मीद की है इस बरसात के पहले तक उनका योजना का ट्रांसफार्मर लगाया जाए. यद्यपि इस मामले को चीफ इंजीनियर रीवा रीजन के ट्विटर एकाउंट में भी भेजा गया है जिस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नही मिली है।

ठेकेदार ने खम्भा न गाड़ने की दे डाली धमकी 

       किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा आगे बताया गया की वह बिजली विभाग रीवा जब आवेदन देने गए थे तब वहीं पर उपस्थित ठेकेदार ने कहा की तुम हमारी कंप्लेन करने आये हो तो देख लेना अब तुम्हारा ट्रांसफार्मर नही लग पायेगा जिस मंत्री के पास जाना होगा तो चले जाना. 

       इस प्रकार देखा जा सकता है की बिजली विभाग की लापरवाही के चलते ठेकेदारों के भाव इतने बढ़ गए हैं लगता है अन्य विभागों की तरह बिजली विभाग को भी ठेकेदार ही चला रहे हैं. आखिर सवाल यह है की जब किसी भी हितग्राही किसान का कार्य समय पर नही होगा तो स्वाभाविक है वह बेचारा कहीं न कहीं तो हाँथ पैर पटकेगा ही. जहां उसे आसरा मिलेगा वहां वह जाएगा. स्वाभाविक है जन प्रतिनिधि तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसीलिए बनाये जाते हैं की वह आम गरीब और पीड़ित जनता की समस्या को समझें और उसका समाधान करें. यदि किसान बिजली विभाग जाकर कंप्लेन दर्ज करवाया तो उसने ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया की ठेकेदार उसे धमकी दे डाली की तुम्हारा ट्रांसफार्मर ही नही लगेगा. अब ऐसे मामलों में तो चाहिए की बिजली विभाग किसान की कंप्लेन के आधार पर ऐसे ठेकेदारों को तत्काल कार्य के ही हटा दे जिनका व्यवहार ही उपभोक्तओं और हितग्राहियों के साथ विद्वेषपूर्ण हो.

  अब मानसूनी बारिश उत्पन्न कर सकती है वाधा 

   वहरहाल आज दिनाँक तक हितग्राही ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री का मुख्यमंत्री कृषक पंप योजनान्तर्गत 25 एचपी का ट्रांसफार्मर नही लग पाया है जबकि आठ माह व्यतीत हो चुके हैं साथ ही मानसून आने से कार्य में बाधा भी उत्पन्न हो सकता है पर चूंकि अभी भी लालगांव और विशेषकर पूरे रीवा में अभी तक बाधा उत्पन्न करने वाली तीव्र मानसूनी बारिश नही हुई है अतः यदि बिजली विभाग और एसटीसी विभाग चाहे तो अगले कुछ दिनों में पीड़ित किसान का ट्रांसफार्मर लगा सकता है.

  संलग्न - ज़िले के लालगांव विद्युत वित्तरन केंद्र अन्तर्गत ग्राम के हितग्राही ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा नवीन 25 एचपी ट्रंसफॉर्मेर लगाने हेतु भरे गए फीस 26 हज़ार 4 सौ रुपये का रसीद एवं साथ ही चीफ इंजीनियर को दिए गए शिकायत की प्रति.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Friday, July 6, 2018

कटरा डीसी का फैल 5 एमवीए ट्रांसफ़ॉर्मर, बदलने में अभी लग सकते हैं एक और हफ्ते ( मामला ज़िले के कटरा डीसी का जहां पर पिछले 13 जून को फैल हुआ था 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर जिसे आज तक नही बदला जा सका, बिजली कटौती की वजह से जनता हलाकान)

दिनांक 06 जुलाई 2018, स्थान - कटरा विद्युत वितरण केंद्र, त्योंथर, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के त्योंथर विद्युत अनुभाग अंतर्गत आने वाले कटरा विद्युत वितरण केंद्र में पिछले महीने 13 जून को 5 मेगा वोल्ट एम्पियर (एमवीए) का जला हुआ ट्रांसफार्मर आज दिनांक तक बदला नही जा सका है. बता दें की कटरा डीसी में दो पांच मेगा वोल्ट एम्पियर के ट्रांसफ़ॉर्मर लगाए गए थे जिनमे एक ट्रांसफार्मर हिनौती एवं जमुई फीडर का लोड संभालता था जबकि दूसरा 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर गढ़, अगडाल सहित अन्य फीडरों को देखता था. पिछले महीने 13 जून को हिनौती जमुई क्षेत्र को विद्युत सप्लाई देने वाला ट्रांसफार्मर अचानक फैल हो जाने से अब पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र का लोड मात्र बचे हुए 5 एमवीए के एक ट्रांसफार्मर पर आ गया है जिससे विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है. पूरे कटरा डीसी की लाइन सप्लाई मात्र 5 एमवीए के बड़े ट्रांसफार्मर से नही हो पा रही है. 

कटरा जेई एवं त्योंथर डी ई ने ऊपर विभाग को भेजा डिटेल

     कटरा डीसी के कनिष्ठ विद्युत अभियंता अभिषेक गौरव सोनी एवं त्योंथर डीई आरसी पटेल के द्वारा बताया गया है की कटरा में 5 एमवीए के बड़े ट्रांसफार्मर के फैल होने की जानकारी अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव एवं मुख्य अभियंता संभाग रीवा केएल वर्मा को पहले ही भेजी जा चुकी है. जानकारी लेने पर बताया गया की एसटीसी डिपार्टमेंट को गुड़हल में एक रखे 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर को लगाने के लिए कहा गया है. जब इस संदर्भ में एसटीसी डिपार्टमेंट के एरिया इंजीनियर ओमप्रकाश द्विवेदी से बात की गई तो उन्होंने बताया की एसटीसी का कार्य नवीन कार्यों को करना है न की मरम्मत करना अतः इसमे सीधे त्योंथर डिवीज़न के डीई एवं कटरा जेई कार्य को कराएं इसमे एसटीसी का कोई रोल नही है. बता दें कि जिस पुराने 5 मेगा बोल्ट के अतिरिक्त रखे ट्रांसफ़ॉर्मर को लगाए जाने की बात की जा रही है वह एचटीएम डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है।

अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव ने बताया एक हफ्ते का और लग सकता है समय

    जब फैल हुए 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर को बदलने की जानकारी रीवा संभाग के अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव से चाही गई तो उनके द्वारा बताया गया की मैं अभी बिल्कुल नया हूँ पर जानकारी लेकर बताया गया की अभी भी 5 एमवीए के कटरा स्थित मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर को बदलने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है. प्रयाश जारी है.

बिना औचित्य की लेटलतीफी

    जो जानकारी प्राप्त हुई है उससे सिर्फ यही समझ आ रहा है की विजली विभाग के सभी उप विभागों में सामंजस्य स्थापित न हो पाने की वजह से वेवजह 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर बदलने में लेटलतीफी हो रही है. यदि पूरे जबलपुर जोन में ही 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर उपलब्ध न होता तब तो बात समझ आती है पर चूंकि रीवा ज़िले में ही यदि एचटीएम डिपार्टमेंट के पास एडिशनल ट्रांसफ़ॉर्मर रखा हुआ है तो उसको बदलने में इतना समय क्यों लिया जा रहा है. मुख्य ट्रंसफॉर्मेर न बदले जाने से आम जनता एवं किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ जहां उमस और गर्मी में बिजली कटौती से आम जनमानस त्रस्त है. वहीं दूसरी तरफ किसानों को सिंचाई के लिए पानी नही मिल पा रहा है. लाइन की समस्या इतनी अधिक बनी हुई है की हर 15 मिनट में लाइन कट होती है और फिर 10 मिनट बाद आती है जिसके कारण न तो आटा चक्की और सामान्य तेल मिल ही चल पा रही है और न ही किसान खेतों में अनवरत 4 से 6 घंटे तक मोटर पंप ही चला पा रहे हैं. 


   आज जब आषाढ़ के महीने में कटरा क्षेत्र में बारिश भी नही हुई है ऐसे में सब्जी भाजी लगाने वाले किसान एवं अन्य धान की नर्सरी का बीज डाले हुए किसान काफी परेशान हैं. उनकी फसल को रुक रुक कर पानी मिल पा रहा है.

    ऐसे में देखना यह होगा की जहां मप्र सरकार द्वारा गरीबों किसानों और मजदूर वर्ग के लोगो के लिए संबल बिजली बिल माफी एवं सरल बिजली बिल स्कीम जैसी महत्वाकांक्षी योजना चलाकर राहत देने का प्रयाश किया जा रहा है ऐसे में यदि किसानों को बिजली कटौती की वजह से पर्याप्त पानी न मिल पाया तो उनकी फसल को भारी और अपूरणीय क्षति हो सकती है.

  संलग्न - कटरा डीसी त्योंथर विद्युत संभाग का जला हुआ 5 मेगा वोल्ट एम्पियर का ट्रांसफार्मर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला - रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587

Wednesday, June 27, 2018

13 जून से फैल 5 मेगावाट का ट्रांसफार्मर नही बदला, पूरे कटरा की बिजली सप्लाई प्रभावित (मामला ज़िले के कटरा डीसी एवं मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी लिमिटेड त्योंथर संभाग का जहां पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से कटरा डीसी का मुख्य 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर अब तक नही बदला गया, पूरे कटरा डीसी की लाइन वाधित, मात्र एक ट्रांसफॉमर से काट कर दी जा रही लाइन)

दिनांक 28 जून 2018, स्थान - कटरा, रीवा-मप्र,

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा-मप्र)

    ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग त्योंथर अंतर्गत आने वाले कटरा डीसी में दो प्रमुख 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर में से के एक पिछले 13 जून से फैल हुआ बताया जा रहा है. जिस दिन से यह 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर फैल हुआ है उस दिन से पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र में इलेक्ट्रिक सप्लाई वाधित है जिससे पूरे क्षेत्र को रुक रुक कर लाइन मिल पा रही है. स्वाभाविक है की जो कार्य कुल 10 मेगा वाट ट्रांसफार्मर से हो रहा था अब वह मात्र 5 मेगा वाट से हो रहा है. यदि जल्द ही फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगा तो पूरे कटरा क्षेत्र में बिजली के लोड को देखते हुए शेष बचा 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर भी फैल होने की संभावना बनी हुई है जिससे आम आदमी की फजीहत तो बढ़ेगी ही साथ ही  बिजली विभाग की लापरवाही और लेटलतीफी से सरकार के ख़ज़ाने को और भारी नुकसान भी हो सकता है.


  चीफ इंजीनियर के एल वर्मा और अधीक्षण यंत्री रीवा संभाग खान को है सूचना

     कटरा विद्युत वितरण केंद्र एवं त्योंथर डी ई पटेल द्वारा स्वयं कटरा डीसी आकर फैल 5 मेगा वाट के ट्रांसफार्मर की जानकारी और फ़ोटो आदि ले जाकर अधीक्षण यंत्री खान एवं चीफ इंजीनियर के एल वर्मा को पहुचायी जा चुकी है लेकिन फिर भी विभागीय उदाशीनता के चलते अब तक फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगाया गया है. यदि समय रहते जल्द से जल्द 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगता तो वर्तमान में आंशिक रूप से कार्य कर रहे 5 मेगा वाट के दूसरे ट्रांसफार्मर के भी फैल होने की संभावना बनी हुई है साथ ही आम जनता को वाधित बिजली सप्लाई मिल रही है जिससे किसानों के कार्य भी रुके हुए हैं.

क्या कहना है जिम्मेदारों का

   जब इस संदर्भ में कटरा डीसी के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि 13 जून से जले 5 एम वी ए ट्रांसफॉर्मर की लिखित जानकारी त्योंथर डी ई श्री आरसी पटेल द्वारा अधीक्षण यंत्री एवं चीफ इंजीनियर को पहुचायी जा चुकी है। ऊपर से बताया गया कि कार्यवाही चल रही है जल्द ही 5 एमवीए का फैल हुआ मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर बदल दिया जाएगा।

संलग्न - ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के त्योंथर संभाग अन्तर्गत कटरा डीसी के 13 जून 2018 से फैल हुए 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर की फ़ोटो और साथ ही कटरा विद्युत वितरण केंद्र का दिनांक 27 जून की शाम का परिदृश्य.

संपर्क विजली विभाग-

 1) कनिष्ठ यंत्री कटरा डीसी अभिषेक गौरव सोनी 9425824566,

 2) डी ई त्योंथर आर सी पटेल 

     मोब 9479867544,

  3) अधीक्षण यंत्री खान

  मोब 9425424302

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587

Friday, May 18, 2018

लालगांव डीसी - अतरैला ग्राम का ट्रांसफॉर्मर जला, लोग पानी बिजली बिना त्रस्त (मामला ज़िला रीवा अंतर्गत लालगांव विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले अतरैला ग्राम का जहां पिछले एक माह से 100 केवीए का ट्रांसफार्मर जला है लेकिन कहीं सुनवाई नही, बिजली बिल 40 प्रतिशत से अधिक जमा)

दिनांक 18 मई 2018, स्थान - गढ़/गगेव रीवा मप्र,

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले में ट्रांसफार्मर जलने के कारण जगह जगह जद्दोजहद शुरू है. पिछले दिनों कटरा विद्युत वितरण केंद्र में अमिलिया ग्राम का मामला ज्यादा पुराना नही हुआ है जहां दो जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने के लिए ग्रामीणों को 6 माह के अधिक समय लग चुका था जब यह मामला मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ता की नजर में आया तो ग्रामीण उपभोक्ताओं को जाकर राहत मिली। 

लालगांव डीसी के अतरैला ग्राम में 100 केवीए का जला ट्रांसफॉर्मर 

     सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को दी गई जानकारी के आधार पर दिनांक 18 मई 2018 को अतरैला ग्राम में दौरा किया गया तो वहां पर ग्रामीणों का हुजूम जमा हो गया और सभी ने एक एक करके अपनी समस्या गिनाई जिनमे बिजली पानी से लेकर पंचायत के विकाश कार्य में अनियमितता तक सम्मिलित थे. 

   मूल रूप से जिस प्रयोजन के लिए पहुचा गया था वह था अतरैला ग्राम का महीने भर से जला हुआ ट्रांसफार्मर जिसकी वजह से न तो लोग बिजली जला पा रहे हैं और न ही उनके मोटर पंप चल रहे हैं. जहां एक तरफ नलकूप हवा और आग उगल रहे हैं ऐसे में मात्र मोटर पंप बोरवेल ही लोगों के एकमात्र सहारा हैं और यदि इस समय ट्रांसफार्मर ही जल जाए तो लोगोँ की कितनी बड़ी दुर्दशा हो सकती है यह सोचने वाली बात है.

  

   अतरैला ग्राम के लोगों ने जाहिर किया आक्रोश

  सामाजिक कार्यकर्ता की उपस्थिति में अतरैला ग्राम के रहवासी चिलचिलाती धूप में घरों के बाहर आ गए और एक स्वर में जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने की माग की. सभी का कहना था उनकी फसलें पहले ही बर्बाद हो चुकी हैं जिससे लोग त्रस्त हैं अब यदि उनका ट्रांसफार्मर नही बदला गया तो उनकी गर्मी की प्याज, मूग और सब्जियों की खेती भी चौपट हो जाएगी. लोगों द्वारा बताया गया की वह सभी नियमित बिल देने वाले उपभोक्ता हैं और मात्र कुछ ही ऐसे डिफाल्टर लोग हैं जिन्होंने बिजली बिल समय पर नही दिया है जिनकी वजह से परेशानी हो रही होगी. सभी ने बताया की इस भीषण सूखा अकाल की स्थिति में भी उनका सामूहिक रूप से 50 प्रतिशत से अधिक बिजली बिल भरा जा चुका है परंतु फिर भी विभाग समय पर ट्रांसफार्मर नही बदल रहा है जो कि ग्रामीणों के साथ ज्यादती है.

   स्थानीय ग्राम निवासी  प्रमोद सिंह, श्यामलाल शुक्ला, रोहिणी प्रसाद द्विवेदी, अजीत सिंह, अनुराग सिंह, बालेंद्र द्विवेदी, शुभम सिंह, निशांत सिंह, बृजेश विश्वकर्मा, पुष्पराज विश्वकर्मा, भगवानदीन साहू, संदीप कोरी, परमेश्वर कोरी, रामपाल कोरी, अगनु साहू, रजनीश साहू, राकेश कोरी, बृजलाल साकेत, अशोक साकेत, छोटे साकेत, आदि अतरैला ग्राम के  उपभोक्ताओं ने बताया की यदि उनका जला हुआ ट्रांसफार्मर 2 से 3 दिन के अंदर नही लगता तो सभी लोग आंदोलन करेंगे जिसकी जबावदेही बिजली विभाग और प्रशासन की होगी.

कनिष्ठ यंत्री विद्युत वितरण केंद्र लालगांव ने क्या कहा

   जब इस संदर्भ में लालगांव  विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री से सामाजिक कार्यकर्ता की बात हुई तो जेई का कहना था की प्रपोजल बनाकर त्योंथर डीई को भेजा जा चुका है और जल्द ही नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा. अभी प्रोसेस में दो तीन दिन का समय लग सकता है.

  संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें अतरैला ग्राम का जला हुआ ट्रांसफार्मर और ट्रांसफार्मर के पास एकत्रित अतरैला ग्राम और लाल गांव डीसी के उपभोक्ता जिन्होंने माग की हुई है जल्द से जल्द पुराना जला हुआ ट्रांसफार्मर बदल कर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,

  मोबाइल - 07869992139, 09589152587

Saturday, April 21, 2018

14 हज़ार लाओ, ट्रांसफार्मर लगवाओ (त्योंथर डी ई और कटरा डीसी में दलाली का दौर जारी, किसानों को 6 माह से किया जा रहा परेशान, जबकि गांव का बिल 75 प्रतिशत से अधिक पूर्ण, मामला कटरा डीसी का)

दिनाँक 21 अप्रैल 2018, स्थान - कटरा डीसी रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र - शिवानन्द द्विवेदी)

    ज़िले के विद्युत वितरण केंद्रों में जले हुए ट्रांसफार्मर को बदल कर नए ट्रासंफार्मर लगाए जाने के नाम पर दलाली का दौर जारी है. पुख्ता जानकारी के अनुसार कटरा विद्युत वितरण केंद्र में आज से 6 माह पूर्व अमिलिया ग्राम के दोनो ट्रांसफार्मर जल गए थे. कारण था - कभी भी लाइन मेंटेनेंस का काम का न होना. हाई टेंशन लाइन में फाल्ट और साथ ही एल टी लाइन में भी लगातार लगने वाले फाल्ट की वजह से आज आये दिन नए नए ट्रांसफार्मर जल जाया करते हैं और बिजली विभाग की नजरअंदाजी और उपेक्षा की वजह से करोड़ों की चपत सरकारी ख़ज़ाने में लग रही है.         आखिर रोज़ इतने ट्रांसफार्मर क्यों जल रहे हैं इसके पीछे क्या कारण हैं? ट्रांसफार्मर बदलने में फिर देरी क्यों हो रही है? क्यों आम जनता को अनायास ही परेशान किया जा रहा है जबकि देखा जाए तो औसत और मनमुताबिक बिलिंग का काम लगातार जारी है उसमे कोई सुधार नही हो रहा है. इन सब बातों को लेकर बिजली कंपनी पहले से ही कठघरे में खड़ी है.

राजीव गांधी योजना का ट्रासंफार्मर लगाने के बाद भी नही किया चालू

    वहीं अमिलिया तालाब के पूर्व एवं उत्तर के कोने में मंदिर के पास गरीबों और बीपीएल हितग्राहियों के लिए एक योजना विशेष के अंतर्गत लगाया गया राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन का ट्रांसफार्मर ठेकेदार ने चालू ही नही किया. बताया गया की ठेकेदार सामग्री और चिमनी का तेल आदि लेकर ही भाग गया. ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन और थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन कोई सुनवाई नही हुई.

    अमिलिया के उपभोक्ताओं में वैद्यनाथ पटेल ने बताया की मिशन अंतर्गत लगाया  गया ट्रासंफार्मर यदि चालू हो जाता तो गांव के बिजली का काफी हद तक लोड भी नियंत्रित हो जाता जिससे रोज रोज़ ट्रांसफार्मर जलने का टंटा भी टूट जाता. कौसल पटेल द्वारा बताया गया की यद्यपि राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन योजना का ट्रांसफार्मर आज से कई माह पूर्व लगाया गया है और आज तक लाइन सप्लाई नही दी गई है फिर भी मनमुताबिक और औसत बिलिंग भेजी जा रही है. गरीबों को 5 सौ से ऊपर के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं जबकि न तो कोई मीटर रीडिंग लेने आता और न ही यह पता करने की कहाँ बिजली चालू है और कहां बन्द. शैलेन्द्र पटेल द्वारा बताया गया की बिजली कंपनी पूरी तरह दलाली और शोषण पर आमादा है. सभी ने के स्वर में बताया की मुख्यमंत्री गरीबों और किसानों के लिए बड़ी बड़ी योजनाओं की बातें कर रहे हैं पर जमीनी हकीकत कुछ और ही है. सभी ने राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन अंतर्गत लगाए गए ट्रांसफार्मर को चालू किये जाने की भी बात कही है और बताया है की यदि उनकी बिजली समस्याओं का समाधान समय पर नही हुआ तो सभी ग्रामीण आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदार यह शासन प्रशासन होगा.

  6 माह पहले जला ट्रांसफार्मर, नया लगाने के लिए दिया गया 14 हज़ार रुपये का घूस

    त्योंथर डी ई एवं कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले अमिलिया ग्राम के दोनो ट्रांसफार्मर आज से 6 माह पहले जल गए थे. किसानों ने जब गुहार लगाई तो बताया गया की आपके गांव के ट्रांसफार्मर इसलिए नही लगाए जा रहे क्योंकि आपके बिजली बिल बकाया हैं. परंतु गांव वालों ने जल्दी ही बकाया का 40 प्रतिशत से अधिक की बिजली बिल जमा कर दिया और त्योंथर डी ई और कटरा जे ई को नया ट्रांसफार्मर लगाने की गुहार लगाई. तब फिर गांव वालों को बताया गया की 14 हज़ार लाइये तो नया ट्रांसफार्मर लगेगा, इस प्रकार सभी उपभोक्ताओं ने चंदा करके 14 हज़ार इकठ्ठा किया और जब इंजीनियर को दिया तब जाकर एक ट्रांसफार्मर लगा. 

   दूसरे ट्रांसफार्मर के लिए अभी भी माग रहे अतिरिक्त 5 हज़ार रुपये

    ग्राम अमिलिया के ही नियमित बिजली उपभोक्ता और कृषि कार्य हेतु मोटर पंप का कनेक्शन लिए हुए  हितग्राहियों में वैद्यनाथ पटेल पिता राम स्वयंबर पटेल अमिलिया 

आई वी आर एस नंबर -5347051658220,  कौसल पटेल पिता राजधर पटेल अमिलिया,  रामराज पटेल पिता राम पियारे पटेल अमिलिया,  शैलेंद्र पटेल पिता राजेश पटेल अमिलिया,  बृजनंदन पटेल पिता अम्बिका पटेल अमिलिया,  लल्लू पटेल पिता रामसखा पटेल अमिलिया आदि उपभोक्ताओं ने बताया की उन्होंने 6 माह पहले जले ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए काफी प्रयाश किये लेकिन बताया गया की अलग से पैसे लगेंगे तभी ट्रांसफार्मर लग पायेगा. अभी बताया गया की जे ई और डी ई ने जमुई सरपंच राहुल पटेल की उपस्थिति में 5 हज़ार अतिरिक्त की माग की है तभी ट्रांसफार्मर लगेगा. इस बाबत सभी ग्रामवशियों ने इकठ्ठा होकर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के समक्ष अपनी पीड़ा व्यथा बताई और अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल परिषर में ट्रांसफार्मर के पास अपना वक्तव्य और साक्षात्कार भी दिया है. जिसमे सभी ने 14 हज़ार और 5 हज़ार दलाली के तौर पर लिए जाने वाले राशि को एकमत से स्वीकारा है और साथ ही अपने ट्रांसफार्मर को लगाए जाने की माग की है. लोगों ने बताया कि उनके घूस में लिए गए पैसे की वापसी होनी चाहिए साथ ही बिजली न उपयोग किये जाने के कारण 6 माह से लगातार दिया जा रहा अवैधानिक बिल भी काटा जाना चाहिए।

   आज इस सूखा अकाल में किसान पहले से ही मारा गया है और ऐसे में यदि सरकारी विभागों द्वारा इस प्रकार उन्हें टार्चर और शोषण किया जाएगा तो किसान का त्रस्त होकर और अधिक मरना और अतमहत्या करना तय है और तब सरकारें इस बात को गंभीरता से नही देखेंगी आखिर क्या वजहें थीं की किसान आत्महत्या कर रहे हैं. अब प्रश्न यह उठता है की ग्रामीण इलाकों में सरकारी नियमानुसार पूरे गांव के बकाया का 20 प्रतिशत और उपोभोक्ताओं की संख्या का 50 प्रतिशत में से दोनो में से कोई भी कंडीशन की पूर्ति होने पर आज तत्काल 24 घंटे में नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने का प्रावधान है तो जब सभी कंडीशन पूर्ण हो रही हैं तो आखिर यह बिजली कंपनी क्यों मनमानी करने में तुला है ? आखिर बिजली कंपनी को सरकार के फरमान के अनुरूप काम करने में क्या आपत्ति है? आखिर किसान और परेशान जनता बिजली कंपनी के अधिकारियों को क्यों अलग के घोंस दें? जो बिजली अधिकारी यह घूंस की मांग कर रहे हैं और पूरा गांव इस बात को एक स्वर में बोल रहा है तो इनके ऊपर लोकायुक्त और ई ओ डब्लू द्वारा प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही क्यों न की जाए?

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   जब इस विषय मे जिम्मेदारों से बात की गयी तो उनका यह कहना था

 1) "कटरा डीसी में कुछ ट्रांसफॉर्मर जले थे जिनमें एक को बदल दिया गया है। हमारी त्योंथर डी ई से बात हुई है। ट्रांसफार्मर एक दो दिन में आ जाएंगे तो जल्दी ही बदल दिए जाएंगे। 14 हज़ार लेकर ट्रांसफॉर्मर बदले जाने की जानकारी हमे नही है। राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन योजना अन्तर्गत ट्रांसफार्मर के विषय मे जानकारी हमे नही थी। पर आपने बताया है तो हम बजाज कंपनी का काम देखने वाले एरिया इंजीनियर अनिल द्विवेदी से कहकर जल्द ही सुधार कार्य करवा देंगे।" - अभिषेक सोनी, कनिष्ठ यंत्री पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण केंद्र कटरा, रीवा मप्र।

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2) "अभी तक यह बात हमारे संज्ञान में नही थी कि अमिलिया ग्राम का ट्रांसफॉर्मर जला हुआ है। लेकिन आपने बताया है तो हम जे ई कटरा से जायज़ा लेकर जल्द ही बदलवाने का प्रयास करेंगे। हम इसको जल्द ही दिखवाते हैं।" - त्योंथर डी ई श्री पटेल

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   संलग्न - ज़िले के कटरा डीसी और त्योंथर डी ई अंतर्गत आने वाले अमिलिया ग्राम के त्रस्त और परेशान किसान और उनके परिवार जो की 6 माह से जले पड़े ट्रांसफार्मर के पास खड़े हुए हैं और साथ ही पास स्थित एक वृहद तालाब और उसके पास अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र

  मोबाइल  - 7869992139, 9589152587