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Friday, August 3, 2018

जमुई और बांस का जला ट्रंसफॉर्मेर बदला गया (मामला ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले जमुई के 100 केवीए एवं बांस टिकुरी गांव का 25 केवीए के जले हुए ट्रांसफॉमर का जहां पर कई दिनों से जले हुए ट्रांसफार्मर को दिनांक 03 जुलाई को बदल दिया गया)

दिनांक 03 जुलाई 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले जमुई, करहिया, एवं लालगांव डीसी के बांस टिकुरी आदि ग्रामों का ट्रांसफार्मर पिछले कई सप्ताह से जला हुआ बताया गया था लेकिन विभाग में नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध न हो पाने की वजह से लगाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था.

   जमुई एवं बांस टिकुरी का ट्रांसफार्मर बदल दिया गया

   त्योंथर कार्यपालन अभियंता से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 03 जुलाई को जमुई ग्राम का 100 केवीए का पिछले कई महीनों से जला हुआ ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है इसी प्रकार लालगांव डीसी अन्तर्गत बांस-टिकुरी नामक ग्राम का भी 25 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था जिसे वहीं के निवासी देवेंद्र तिवारी द्वारा ट्विटर के माध्यम से भी चीफ इंजीनियर श्री के एल वर्मा को सूचित किया गया था जिसे दिनांक 03 जुलाई को ही सतना स्टोर में उपलब्ध होने पर बदल दिया गया है.

    त्योंथर विद्युत संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आर सी पटेल द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को जानकारी दी गई है की दिनांक 03 जुलाई को सतना स्टोर से 100 केवीए का ट्रांसफार्मर प्राप्त हुआ है इसी प्रकार कुछ 25 केवीए के भी ट्रांसफार्मर मिले हैं जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित जगहों में बदल दिया गया है.

   कार्यपालन अभियंता श्री पटेल द्वारा बताया गया की पूरे त्योंथर विद्युत संभाग में चार 100 केवीए, चार 63 केवीए एवं आठ 25 केवीए के ट्रांसफार्मर के जले और फैल थे जिनकी जानकारी उच्चस्तर पर सतना आफिस और सीई आफिस को भेजा गया था लेकिन ऊपर से बताया गया था की प्रपोजल स्वीकृत होने के बाद भी सतना स्टोर में ट्रांसफार्मर की उपलब्धता न हो पाने के कारण नही बदले जा सके थे. 

सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा ट्विटर पर सतत उठाया मुद्दा

   ज़िले एवं रीवा संभाग में जले हुए ट्रांसफार्मर न बदले जाने के मामले को ट्विटर के माध्यम से निरंतर उच्चस्तरीय बिजली विभाग एवं मप्र ऊर्जामंत्री श्री पारस जैन के समक्ष रखा जाता रहा है जिस पर समय समय पर संज्ञान भी लिया जाता रहा है. इस विषय में त्योंथर संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आर सी पटेल की जानकारी के आधार पर मामला सामाजिक तौर पर भी ऊर्जामंत्री एवं चीफ इंजीनियर श्री वर्मा तक रखा गया था जिस पर चीफ इंजीनियर ने ट्विटर पर जल्द ही ट्रांसफार्मर की उपलब्धता होने पर बदले जाने का आश्वासन दिया था. 

 जले ट्रांसफार्मर बदले जाने से किसानों के चेहरे में लौटी आशा की किरण

    अब चूंकि इस वर्ष मानसूनी बारिश भी नही हो रही है ऐसे में रीवा संभाग के किसानों का एकमात्र सहारा मोटर पंप से सिंचाई ही बचा हुआ है. ऐसे में जिन जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर जले हुए हैं ऐसे किसानों को चिंतित और परेशान होना स्वाभाविक है. पर अब जब सामाजिक प्रयाशों एवं साथ ही सरकार की चुनावी योजनाओं से जले हुए ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं ऐसे में मायूस किसानों के चेहरे पर आशा की किरण लौट रही है.

संलग्न -  ट्रांसफार्मर तस्वीर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा, मप्र. मोब 7869992139, 9589152587.

Wednesday, June 27, 2018

13 जून से फैल 5 मेगावाट का ट्रांसफार्मर नही बदला, पूरे कटरा की बिजली सप्लाई प्रभावित (मामला ज़िले के कटरा डीसी एवं मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी लिमिटेड त्योंथर संभाग का जहां पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से कटरा डीसी का मुख्य 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर अब तक नही बदला गया, पूरे कटरा डीसी की लाइन वाधित, मात्र एक ट्रांसफॉमर से काट कर दी जा रही लाइन)

दिनांक 28 जून 2018, स्थान - कटरा, रीवा-मप्र,

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा-मप्र)

    ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग त्योंथर अंतर्गत आने वाले कटरा डीसी में दो प्रमुख 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर में से के एक पिछले 13 जून से फैल हुआ बताया जा रहा है. जिस दिन से यह 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर फैल हुआ है उस दिन से पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र में इलेक्ट्रिक सप्लाई वाधित है जिससे पूरे क्षेत्र को रुक रुक कर लाइन मिल पा रही है. स्वाभाविक है की जो कार्य कुल 10 मेगा वाट ट्रांसफार्मर से हो रहा था अब वह मात्र 5 मेगा वाट से हो रहा है. यदि जल्द ही फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगा तो पूरे कटरा क्षेत्र में बिजली के लोड को देखते हुए शेष बचा 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर भी फैल होने की संभावना बनी हुई है जिससे आम आदमी की फजीहत तो बढ़ेगी ही साथ ही  बिजली विभाग की लापरवाही और लेटलतीफी से सरकार के ख़ज़ाने को और भारी नुकसान भी हो सकता है.


  चीफ इंजीनियर के एल वर्मा और अधीक्षण यंत्री रीवा संभाग खान को है सूचना

     कटरा विद्युत वितरण केंद्र एवं त्योंथर डी ई पटेल द्वारा स्वयं कटरा डीसी आकर फैल 5 मेगा वाट के ट्रांसफार्मर की जानकारी और फ़ोटो आदि ले जाकर अधीक्षण यंत्री खान एवं चीफ इंजीनियर के एल वर्मा को पहुचायी जा चुकी है लेकिन फिर भी विभागीय उदाशीनता के चलते अब तक फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगाया गया है. यदि समय रहते जल्द से जल्द 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगता तो वर्तमान में आंशिक रूप से कार्य कर रहे 5 मेगा वाट के दूसरे ट्रांसफार्मर के भी फैल होने की संभावना बनी हुई है साथ ही आम जनता को वाधित बिजली सप्लाई मिल रही है जिससे किसानों के कार्य भी रुके हुए हैं.

क्या कहना है जिम्मेदारों का

   जब इस संदर्भ में कटरा डीसी के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि 13 जून से जले 5 एम वी ए ट्रांसफॉर्मर की लिखित जानकारी त्योंथर डी ई श्री आरसी पटेल द्वारा अधीक्षण यंत्री एवं चीफ इंजीनियर को पहुचायी जा चुकी है। ऊपर से बताया गया कि कार्यवाही चल रही है जल्द ही 5 एमवीए का फैल हुआ मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर बदल दिया जाएगा।

संलग्न - ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के त्योंथर संभाग अन्तर्गत कटरा डीसी के 13 जून 2018 से फैल हुए 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर की फ़ोटो और साथ ही कटरा विद्युत वितरण केंद्र का दिनांक 27 जून की शाम का परिदृश्य.

संपर्क विजली विभाग-

 1) कनिष्ठ यंत्री कटरा डीसी अभिषेक गौरव सोनी 9425824566,

 2) डी ई त्योंथर आर सी पटेल 

     मोब 9479867544,

  3) अधीक्षण यंत्री खान

  मोब 9425424302

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587

बिजली कर्मचारियों की ईपीएफ वेतन कटौती 6 वर्षों से नही पहुच रही खातों में (मामला ज़िले के त्योंथर संभाग मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के बिजली कर्मचारियों का)

दिनांक 28 जून 2018, स्थान - कटरा, रीवा-मप्र,

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा ,मप्र)

    ज़िले के बिजली कर्मचारियों की उनकी ईपीएफ के वास्ते काटी जाने वाली वेतन की राशि उनके ईपीएफ खातों में नही पहुच रही है ऐसा कहना है लगभग आधा दर्जन बिजली कर्मचारियों का. बता दें की प्राप्त जानकारी के अनुसार रीवा संभाग में पदस्थ रहे बिजली कर्मचारियों जिनमे सहायक ग्रेड 3 के कर्मचारी क्रमसः आशुतोष मिश्रा, इंद्रमणि सिंह, लक्ष्मी नारायण शर्मा, भूपेंद्र सिंह सेंगर, कनिष्ठ यंत्री लालगांव उमाशंकर द्विवेदी, एवं अन्य दो कर्मचारी पुष्पेंद्र सिंह कुशवाहा और कटरा में पदस्थ भूपेंद्र सिंह बघेल सम्मिलित हैं जिन्होंने बताया की उनकी वर्ष जुलाई 2012 से ईपीएफ की वेतन कटौती की राशि उनके खातों में नही पहुची है. सभी कर्मचारियों के लिए यह एक चिंता का विषय है क्योंकि इसके लिए उन्होंने संबंधित अधीक्षण यंत्री के नाम और कलेक्टर को भी लिखित शिकायत दे रखी है लेकिन अब तक जब सुनवाई नही हुई तो सभी ने सामूहिक रूप से इकठ्ठा होकर मामला मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से रखना उचित समझा. सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी को अपनी व्यथा बताते हुए उपरोक्त कर्मचारियों ने बताया की हम सब कर्मचारी मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड त्योंथर संभाग के अधीनस्थ कार्यरत हैं जिन्हें ग्राम सेवा सहकारी समिति मर्यादित से मंडल कंपनी में सम्मिलियन किया गया है. बताया की आज दिनांक तक ईपीएफ की राशि की कटौती की जा रही है लेकिन राशि उनके खाते में नही आ रही है. कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से कार्यपालन अभियंता, संभागीय लेखापाल से शिकायत की गई लेकिन आश्वासन के शिवाय कोई पुख्ता कार्यवाही अब तक नही हुई है. 

     इस प्रकार दिनांक 28/06/2017 को आवक क्रमांक 07 कार्यालय अधीक्षण यंत्री, दिनांक 04/07/2017 कार्यालय कार्यपालन अभियंता, दिनांक 13/07/2017 को एक अन्य संबंधित कार्यालय में इन उपरोक्त पीड़ित कर्मचारियों ने संलग्न शिकायती आवेदन लगाकर गुहार लगाई है की यदि अचानक इन कर्मचारियों की मृत्यु हो जाती है तब इन सबका परिवार इधर उधर भटक कर दाने दाने के लिए मोहताज़ होगा जिसकी तत्काल सुनवाई की जाए.

कर्मचारियों की ईपीएफ उनके खातों में न भेजना मानवाधिकार का हनन

    यदि देखा जाए तो हर एक नागरिक का अधिकार बनता है की सरकार द्वारा संवैधानिक रूप से प्रदत्त सभी लाभ नियमानुसार उसे मिले. इसके अतिरिक्त भी यदि समाज और किसी व्यक्ति के मानवाधिकारों का हनन हो रहा हो जिसकी जिम्मेदार स्वयं सरकार हो तो ऐसे मामलों में सरकार को तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता होती है. सामान्य तौर पर गैर सरकारी कर्मचारी अथवा बेरोजगार आम नागरिक के मानवाधिकार की रक्षा जिसका कोई आधार न हो सर्वोपरि होती है परंतु जहां  तक मानवाधिकार हनन की बात है वह सभी नागरिकों के लिये समान रूप से लागू होता है. चाहे वह किसी जाति वर्ग का हो सरकारी हो गैर सरकारी हो धनवान हो अथवा गरीब. यदि मानवाधिकारों का हनन हो रहा है तो उसकी सुरक्षा की जानी अनिवार्य है.

बिजली कर्मियों के मानवाधिकार की हो सुरक्षा

     बिजली कर्मचारियों को उनके ईपीएफ के फण्ड से वंचित रखा जाना मूलभूत मानवाधिकारों का हनन की संज्ञा में आता है. जुलाई वर्ष 2012 से बिजली कर्मियों के ईपीएफ खातों में वेतन कटौती की राशि क्यों नही पहुच रही और इसका क्या कारण है इस पर तत्काल कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है. यदि बिजली कर्मचारियों को उनकी ईपीएफ राशि व्याज सहित नही मिलती तो उनके बाल बच्चे परेशानी का सामना करेंगे. जिस प्रकार से बिजली कर्मियों द्वारा अपने आवेदन में भी उल्लेखित किया गया की यदि अकस्मात उनकी मौत हो जाती है तो उनके परिवार बाल बच्चों की बदहाली का जिम्मेदार कौन होगा. 

यदि सरकारी कर्मचारियों की यह हालात तो आम नागरिक का क्या

    सही मायने में प्रशासनिक व्यवस्था में आज जिस प्रकार की अव्यवस्था छाई हुई है इसको तो देखकर यही लगता है की आम नागरिक की दुर्दशा और अधिक बढ़ेगी. जब सरकारी कर्मचारी अपने अधिकार नही हाशिल कर पा रहे तो आम नागरिक जिसका की कोई आधार भी नही और कोई प्रशासनिक अधिकारी भी उनका सहयोगी नही ऐसे में वह अपने मानवाधिकारों की सुरक्षा कैसे कर पाएंगे यह बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है.

    वहरहाल आज दिनांक तक त्योंथर संभाग बिजली कार्यालय के अधीनस्थ पदस्थ लगभग आधा दर्जन बिजली कर्मचारियों को उनका जुलाई वर्ष 2012 अर्थात 6 वर्ष के आसपास की ईपीएफ राशि उनके खातों में समायोजित नही हुई है और अभी कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं. अब देखना यह होगा बिजली विभाग स्वयं अपने ही कर्मचारियों के साथ कब तक न्याय कर पाता है.

संलग्न - संलग्न प्रपत्रों में देखें उपरोक्त शिकायती आवेदनों की फ़ोटो प्रतियां संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला - रीवा मप्र, मोब 07869992139, 09589152587

Saturday, June 9, 2018

अतरैला ग्राम का जला ट्रांसफार्मर 2 माह बाद बदला गया ( मामला ज़िले के लालगांव डीसी अंतर्गत आने वाले अतरैला ग्राम का जहां पर पिछले 2 माह पूर्व से जले हुए ट्रंसफॉर्मेर को दिनांक 09 जून 2018 को बदला गया जिसकी जानकारी त्योंथर डी ई श्री आरसी पटेल ने दी)

दिनांक 09 जून 2018, स्थान - लालगांव/गढ़ रीवा मप्र

(कैथा, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा मप्र)

   17 लाख से अधिक का बकाया होने के कारण जिस ट्रांसफार्मर को लगाने में काफी दिक्कत हो रही थी वह अतरैला ग्राम का 100 केवीए का जला ट्रांसफ़ॉर्मर आज 2 माह से अधिक समय के बाद काफी मसक्कत के बाद बदला गया. यद्यपि मूल कारण अभी भी स्पष्ट है की नियमानुसार बिना 20 प्रतिशत बिजली बिल दिए नया ट्रांसफ़ॉर्मर लगाना टेढ़ी खीर थी परंतु सामाजिक कार्यकर्ता के प्रयाशों और साथ ही बिजली विभाग की मेहरबानी से जला हुआ 100 केवीए का ट्रांसफ़ॉर्मर दिनांक 09 जून को बदल दिया गया.

77 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल माफ किया जाना भी एक कारण

    प्रदेश के बिजली उपभोक्तओं अथवा यूं कहें की प्रदेश के डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं के लिए अभी हाल ही में प्रदेश सरकार की यह घोषणा की उनका बिजली बिल माफ कर दिया जाएगा काफी राहत देने वाला था. 

   यद्यपि प्रयाश और फ़ोन कॉल तो आये दिन ही किए गए की किसी प्रकार से नया ट्रांसफ़ॉर्मर लगा दिया जाए पर एक कारण यह भी माना जा सकता है की चूंकि सरकार ने वैसे भी आमजन और किसानों के लंबित बिजली बिल माफ किये जाने की बात कही थी अतः बिजली विभाग के पास भी एक आधार भी बन गया और ट्रांसफ़ॉर्मर बदल दिया गया.

पानी है मानवाधिकार, और गर्मी में बिजली बिना पानी मिलना कठिन

    जिस प्रकार पूरी गर्मी की ऋतु में पानी के लिए जद्दोजहद हुई है उससे साफ जाहिर था की ट्रांसफ़ॉर्मर न लग पाने से समस्या और भी विकराल रूप लेती. इसी बात को लेकर बिजली विभाग और सरकार के ऊपर भी दबाब बना और ट्रांसफ़ॉर्मर बदला गया. अब नए ट्रांसफ़ॉर्मर के लग जाने से बन्द बोरवेल प्रारम्भ हो जाएंगे और जिन लोगो के घरों में अपने व्यक्तिगत बोरवेल लगे हुए हैं उन्हें पानी की दिक्कत समाप्त हो जाएगी साथ ही उनके घरों के आसपास शूखे नलकूप के कारण समस्या झेल रहे अन्य ग्रामीणों को भी इन्ही मोटर पंप वाले उपभोक्तओं से पानी मिलता रहेगा जिससे आमजन को समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा.

उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करना चाहिए

   यद्यपि बिजली पानी सड़क और आवास किसी भी देश की जनता का मूलभूत मानवाधिकार है और हर एक लोकतांत्रिक सरकार का यह संवैधानिक दायित्व बनता है की अपनी जनता को इन मूलभूत अवश्यकताओं की पूर्ति करे परंतु जनता को भी इस बात को नही भूलना चाहिए की किसी भी देश का विकाश जनता के द्वारा ही होता है और एक एक पैसे टैक्स और सेवाकर से प्राप्त पैसों से ही देश की जीडीपी और अर्थव्यवस्था चलती है अतः यदि हर व्यक्ति यह समझ लेगा की हमे सब कुछ सरकारें फ्री में उपलब्ध करवाएं और हमे कुछ करना न पड़ा तो कुछ समय बाद देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी और देश में अराजकता फैल जाएगी क्योंकि जो लोग ज्यादा पैसे कमाकर सरकार को ज्यादा टैक्स दे रहे हैं और ज्यादा सेवाकर दे रहे हैं वह भी आंदोलन करने लगेंगे और कहेंगे की हम भी काम क्यों करें जब सब कुछ फ्री में ही मिल रहा है. ऐसे में एक सभ्य और अच्छे देश की यह पहचान है की उसके नागरिक अपनी राष्ट्रीय और सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझें और देश के विकाश में अपनी भूमिका निभाएं. नियमित बिजली का बिल भरें और यदि बिजली कंपनियां मनमुताबिक बिजली बिल उगाहें तो उसके विषय में संबंधित फोरम में शिकायत दर्ज कराएं. एक जिम्मेदार नागरिक से ही जिम्मेदार समाज बनता और अच्छा राष्ट्र बनता है.

त्योंथर डी ई श्री आरसी पटेल ने दी जानकारी 

   मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के त्योंथर संभाग डी ई श्री आरसी पटेल ने दिनांक 09 जून को शुबह 9 बजे लालगांव डीसी और जवा एई अंतर्गत आने वाले अतरैला ग्राम के जले हुए 100 केवीए के ट्रांसफ़ॉर्मर को बदले जाने की सूचना सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को दी. निश्चित तौर पर दबाब की बात छोंड़ दें तो वर्तमान में बनाये गए नियमावली के अनुसार 20 प्रतिशत बिजली बिल चुकता न हो पाने की स्थिति में ट्रांसफ़ॉर्मर बदले जाने का निर्णय सर्वथा ऊर्जा विभाग के पास ही सुरक्षित रहता है परंतु जिस प्रकार त्योंथर डीई एवं लालगांव डीसी के जेई श्री उमाशंकर दुबे ने इस भीषण गर्मी में ट्रांसफ़ॉर्मर लगाने का निर्णय लिया वह विभाग के मानवीय पहलू को भी दर्शाता है. निश्चित इतने दिनों के बाद जबकि काफी बिजली बिल बकाया था ट्रांसफ़ॉर्मर लगाया जाना आमजन के लिए काफी राहत देने वाला है. संभवतः पिछले 2 माह की भीषण गर्मी झेल चुके उपभोक्ताओं के लिए मोटर पंप का ठंडा ठंडा पानी काफी राहत देने वाला होगा. 

संलग्न - ज़िले के त्योंथर डी ई अंतर्गत लाल गांव डीसी एवं जवा एई के अतरैला ग्राम का 100 केवीए का जला ट्रांसफ़ॉर्मर बदलते बिजली विभाग के कर्मचारी.

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- शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

रीवा मप्र, मोबाइल - 07869992139, 09589152587