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Saturday, August 4, 2018

सिंगरौली समाचार - सामाजिक हितों की हुई रक्षा, बरसेड़ा का जला ट्रांसफार्मर बदला गया (मामला सिंगरौली बैढ़न के सरई विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले बरसेड़ा आदिवाशी गांव का जहां पर कई सप्ताह से जले हुए 25 केवीए के ट्रांसफार्मर को चीफ इंजीनियर एवं डी ई बैढ़न के हस्तक्षेप के बाद 3 अगस्त को रात बदला गया, सामाजिक कार्यकर्ता ने प्राप्त सूचना पर ट्विटर पर भेजा था संदेश)

दिनांक 04 अगस्त 2018, स्थान - बैढ़न सिंगरौली, मप्र

(शिवानन्द द्विवेदी)

   सामाजिक और मूलभूत मानवाधिकार के हितों की रक्षा की दिशा में एक और कदम. मामला है बैढ़न सिंगरौली जिले का जहां पर रीवा से कार्य कर रहे हरीश मिश्रा नामक युवक ने सरई विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने आले बरसेड़ा आदिवाशी बस्ती के 25 केवीए के फैल ट्रांसफार्मर की सूचना सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को मोबाइल एवं व्हाट्सएप्प के माध्यम से पिछले हफ्ते दी थी. जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ने संबंधित जे ई सरई एवं वहां सिंगरौली के कार्यपालन अभियंता ग्रामीण से उनके मोबाइल पर संपर्क कर बात की थी. इस पर उसी समय समस्या के समाधान का आश्वासन जे ई एवं ई ई द्वारा दिया गया था. चूंकि प्रदेश के सतना एवं सागर ट्रांसफार्मर स्टोर में उस समय अनुपलब्धता भी चल रही थी अतः इसका भी हवाला विभागीय अधिकारियों द्वारा दिया गया था.

ट्विटर के माध्यम से भी उच्चस्तर तक पहुचाया संदेश

    सिंगरौली ज़िले के सरई डीसी अन्तर्गत आने वाले बरसेड़ा ग्राम के आदिवाशी बस्ती के 25 केवीए के फैल ट्रांसफार्मर की जानकारी संबंधित चीफ इंजीनियर श्री के एल वर्मा को भी उनके ट्विटर हैंडल पर प्रेषित की गई थी जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए श्री वर्मा ने दिनाँक 2 अगस्त के भीतर ट्रांसफार्मर बदले जाने का संदेश ट्विटर रिप्लाई में सामाजिक कार्यकर्ता को भेजा था.

   इस प्रकार दिनांक 04 अगस्त को बिजली विभाग के डी ई बैढ़न द्वारा जानकारी दी गई की ट्रांसफार्मर 02 अगस्त को ही आ गया था और बरसेड़ा में व्यवस्थित रख दिया गया था लेकिन बारिश की वजह से दिनांक 03 अगस्त की रात को 11 बजे जाकर लग पाया. डी ई बैढ़न द्वारा बताया गया की वह स्वयं भी मौके पर गए थे और रात में बरसेड़ा आदिवाशी बस्ती का ट्रांसफार्मर बदलवा कर आये हैं. इस प्रकार यह स्प्ष्ट है की विभाग जनता के प्रति काफी संवेदनसील है और सरकार की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और समय पर क्रियान्वयन हो इसके लिए मुस्तैद भी है.

    इस जानकारी की पुष्टि बैढ़न सिंगरौली में कार्य कर रहे रीवा निवासी हरीश मिश्रा ने की है और संलग्न मोबाइल व्हाट्सएप्प संदेश के माध्यम से बताया है की दिनाँक 03 अगस्त की रात को स्वयं डी ई बैढ़न आकर आदिवशियों के लिए जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलवाकर गए हैं.

संलग्न-  कृपया संलग्न अटैच्ड फ़ोटो देखने का कष्ट करें जिंसमे बदला हुआ ट्रांसफार्मर की फ़ोटो के साथ साथ ट्विटर और व्हाट्सअप के संदेश की स्क्रीनशॉट भी संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला रीवा मप्र. 9589152587, 7869992139

Saturday, July 14, 2018

8 माह पहले भरा फीस पर अब तक नही लगा ट्रांसफार्मर, किसान खा रहा दर दर की ठोकर, ठेकेदार दे रहा न लगाने की धमकी ( मामला ज़िले के लालगांव विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले बांस ग्राम का जहां हितग्राही किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री का 26 हज़ार 4 सौ रुपये फीस जमा के बाद भी मुख्यमन्त्री योजना का नही लगाया गया 25 एचपी का ट्रांसफार्मर)

दिनांक 14 जुलाई 2018, स्थान - लालगांव डीसी, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

     ज़िले में कृषक मोटर पंप कनेक्शन हेतु नवीन ट्रांसफार्मर योजनान्तर्गत अलग से ट्रांसफार्मर लगाने के लिए सरकार की इस योजना का लाभ लेने की दिशा में किसानों द्वारा अपने अपने विद्युत वितरण केंद्रों में समय समय पर आवेदन किये जा रहे हैं लेकिन कहीं न कहीं ठेकेदारों की मनमानी और एसटीसी विभाग की लेटलतीफी के चलते किसानों को बिजली आफिस के चक्कर लगाने पर मजबूर किया जा रहा है.

    अभी एक ऐसा ही मामला रीवा के लालगांव विद्युत वितरण केंद्र का आया है जिंसमे किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा मुख्य अभियंता मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वित्तरन कंपनी लिमिटेड के नाम लिखित शिकायत दी गई है जिंसमे उनके द्वारा माग की गई है की उनके द्वारा कृषि पंप योजना के अन्तर्गत दिनांक 4 दिसंबर 2017 जमा किये गए 26 हज़ार 4 सौ रुपये पर कार्यवाही की जाए और उनका 25 एचपी का इस योजनान्तर्गत ट्रांसफार्मर लगाया जाए.

   8 माह पहले जमा किया पैसा, आज तक नही लगा ट्रांसफार्मर

     लालगांव डीसी अन्तर्गत आने वाले ग्राम बांस निवासी ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा बताया गया की उन्होंने दिनांक 04 दिसंबर 2017 को अब से 8 माह पहले रसीद क्रमांक 74 एवं बुक नंबर 1444 प्रोजेक्ट नंबर 337795 द्वारा दर्शायी गई संलग्न राशि 26 हज़ार 4 सौ रुपये मुख्यमंत्री कृषक पंप योजनान्तर्गत जमा किये थे लेकिन जब इसमे कोई कार्यवाही नही हुई तो उन्होंने 26 जून एवं 4 जुलाई 2018 को एसटीसी विभाग एवं चीफ इंजीनियर मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को पुनः आवेदन दिया और बरसात खरीफ 2018 के पहले तक योजनान्तर्गत नवीन 25 एचपी के ट्रांसफार्मर लगाए जाने की माग की.

  ठेकेदार द्वारा 10 दिन में कार्य का मिला था आश्वासन 

        ज्ञानेंद्र अगिहोत्री द्वारा बताया गया की लालगांव डीसी से एक माह के अंदर कार्य करवाये जाने का आश्वासन मिला था जबकि ठेकेदार अरुण मिश्रा द्वारा मात्र दस दिन के अंदर खम्भे गाड़ने का आश्वासन मिला था लेकिन कहीं से कोई कार्यवाही नही हुई है जिसके कारण व्यथित किसान ने सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया का भी सहारा लिया और उम्मीद की है इस बरसात के पहले तक उनका योजना का ट्रांसफार्मर लगाया जाए. यद्यपि इस मामले को चीफ इंजीनियर रीवा रीजन के ट्विटर एकाउंट में भी भेजा गया है जिस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नही मिली है।

ठेकेदार ने खम्भा न गाड़ने की दे डाली धमकी 

       किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा आगे बताया गया की वह बिजली विभाग रीवा जब आवेदन देने गए थे तब वहीं पर उपस्थित ठेकेदार ने कहा की तुम हमारी कंप्लेन करने आये हो तो देख लेना अब तुम्हारा ट्रांसफार्मर नही लग पायेगा जिस मंत्री के पास जाना होगा तो चले जाना. 

       इस प्रकार देखा जा सकता है की बिजली विभाग की लापरवाही के चलते ठेकेदारों के भाव इतने बढ़ गए हैं लगता है अन्य विभागों की तरह बिजली विभाग को भी ठेकेदार ही चला रहे हैं. आखिर सवाल यह है की जब किसी भी हितग्राही किसान का कार्य समय पर नही होगा तो स्वाभाविक है वह बेचारा कहीं न कहीं तो हाँथ पैर पटकेगा ही. जहां उसे आसरा मिलेगा वहां वह जाएगा. स्वाभाविक है जन प्रतिनिधि तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसीलिए बनाये जाते हैं की वह आम गरीब और पीड़ित जनता की समस्या को समझें और उसका समाधान करें. यदि किसान बिजली विभाग जाकर कंप्लेन दर्ज करवाया तो उसने ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया की ठेकेदार उसे धमकी दे डाली की तुम्हारा ट्रांसफार्मर ही नही लगेगा. अब ऐसे मामलों में तो चाहिए की बिजली विभाग किसान की कंप्लेन के आधार पर ऐसे ठेकेदारों को तत्काल कार्य के ही हटा दे जिनका व्यवहार ही उपभोक्तओं और हितग्राहियों के साथ विद्वेषपूर्ण हो.

  अब मानसूनी बारिश उत्पन्न कर सकती है वाधा 

   वहरहाल आज दिनाँक तक हितग्राही ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री का मुख्यमंत्री कृषक पंप योजनान्तर्गत 25 एचपी का ट्रांसफार्मर नही लग पाया है जबकि आठ माह व्यतीत हो चुके हैं साथ ही मानसून आने से कार्य में बाधा भी उत्पन्न हो सकता है पर चूंकि अभी भी लालगांव और विशेषकर पूरे रीवा में अभी तक बाधा उत्पन्न करने वाली तीव्र मानसूनी बारिश नही हुई है अतः यदि बिजली विभाग और एसटीसी विभाग चाहे तो अगले कुछ दिनों में पीड़ित किसान का ट्रांसफार्मर लगा सकता है.

  संलग्न - ज़िले के लालगांव विद्युत वित्तरन केंद्र अन्तर्गत ग्राम के हितग्राही ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा नवीन 25 एचपी ट्रंसफॉर्मेर लगाने हेतु भरे गए फीस 26 हज़ार 4 सौ रुपये का रसीद एवं साथ ही चीफ इंजीनियर को दिए गए शिकायत की प्रति.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Wednesday, June 27, 2018

13 जून से फैल 5 मेगावाट का ट्रांसफार्मर नही बदला, पूरे कटरा की बिजली सप्लाई प्रभावित (मामला ज़िले के कटरा डीसी एवं मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी लिमिटेड त्योंथर संभाग का जहां पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से कटरा डीसी का मुख्य 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर अब तक नही बदला गया, पूरे कटरा डीसी की लाइन वाधित, मात्र एक ट्रांसफॉमर से काट कर दी जा रही लाइन)

दिनांक 28 जून 2018, स्थान - कटरा, रीवा-मप्र,

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा-मप्र)

    ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग त्योंथर अंतर्गत आने वाले कटरा डीसी में दो प्रमुख 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर में से के एक पिछले 13 जून से फैल हुआ बताया जा रहा है. जिस दिन से यह 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर फैल हुआ है उस दिन से पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र में इलेक्ट्रिक सप्लाई वाधित है जिससे पूरे क्षेत्र को रुक रुक कर लाइन मिल पा रही है. स्वाभाविक है की जो कार्य कुल 10 मेगा वाट ट्रांसफार्मर से हो रहा था अब वह मात्र 5 मेगा वाट से हो रहा है. यदि जल्द ही फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगा तो पूरे कटरा क्षेत्र में बिजली के लोड को देखते हुए शेष बचा 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर भी फैल होने की संभावना बनी हुई है जिससे आम आदमी की फजीहत तो बढ़ेगी ही साथ ही  बिजली विभाग की लापरवाही और लेटलतीफी से सरकार के ख़ज़ाने को और भारी नुकसान भी हो सकता है.


  चीफ इंजीनियर के एल वर्मा और अधीक्षण यंत्री रीवा संभाग खान को है सूचना

     कटरा विद्युत वितरण केंद्र एवं त्योंथर डी ई पटेल द्वारा स्वयं कटरा डीसी आकर फैल 5 मेगा वाट के ट्रांसफार्मर की जानकारी और फ़ोटो आदि ले जाकर अधीक्षण यंत्री खान एवं चीफ इंजीनियर के एल वर्मा को पहुचायी जा चुकी है लेकिन फिर भी विभागीय उदाशीनता के चलते अब तक फैल हुआ 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगाया गया है. यदि समय रहते जल्द से जल्द 5 मेगा वाट का ट्रांसफार्मर नही लगता तो वर्तमान में आंशिक रूप से कार्य कर रहे 5 मेगा वाट के दूसरे ट्रांसफार्मर के भी फैल होने की संभावना बनी हुई है साथ ही आम जनता को वाधित बिजली सप्लाई मिल रही है जिससे किसानों के कार्य भी रुके हुए हैं.

क्या कहना है जिम्मेदारों का

   जब इस संदर्भ में कटरा डीसी के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि 13 जून से जले 5 एम वी ए ट्रांसफॉर्मर की लिखित जानकारी त्योंथर डी ई श्री आरसी पटेल द्वारा अधीक्षण यंत्री एवं चीफ इंजीनियर को पहुचायी जा चुकी है। ऊपर से बताया गया कि कार्यवाही चल रही है जल्द ही 5 एमवीए का फैल हुआ मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर बदल दिया जाएगा।

संलग्न - ज़िले के मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के त्योंथर संभाग अन्तर्गत कटरा डीसी के 13 जून 2018 से फैल हुए 5 मेगा वाट ट्रांसफार्मर की फ़ोटो और साथ ही कटरा विद्युत वितरण केंद्र का दिनांक 27 जून की शाम का परिदृश्य.

संपर्क विजली विभाग-

 1) कनिष्ठ यंत्री कटरा डीसी अभिषेक गौरव सोनी 9425824566,

 2) डी ई त्योंथर आर सी पटेल 

     मोब 9479867544,

  3) अधीक्षण यंत्री खान

  मोब 9425424302

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587

Saturday, May 19, 2018

शौभाग्य योजनान्तर्गत विद्युतीकरण के लिए ग्रामीण विद्युत अभियंता उत्कर्ष द्विवेदी ने जे ई कटरा के साथ कैथा का किया दौरा (मामला सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी की ग्रामीण विद्युत के ट्विटर एकाउंट पर की गई शिकायत का जिसमे शौभाग्य योजना के कार्यों में लेटलतीफी की बात की गई थी)

दिनांक 19 मई 2018, स्थान - गढ़/गगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

    ज़िले प्रदेश एवं पूरे देश में शौभाग्य योजनान्तर्गत किये जा रहे विद्युतीकरण में पूरे देश में काम चल रहा है. आये दिन टारगेट अचीवमेंट के किस्से मीडिया में आ रहे हैं. परंतु देश में कई ऐसे भी स्थान हैं जहां पर अभी भी सही तरीके से खम्भे गाड़कर घर घर बिजली नही पहुचाई गई है जबकि दूरस्थ स्थित खंभों से कटिया लगाकर बिजली जलाने का सिलसिला जारी है.

   इसी परिपेक्ष्य में रीवा ज़िले के कटरा डीसी अंतर्गत आने वाले कैथा ग्राम में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य और साथ ही टूटे उखड़े खंभों को दुरुस्त किये जाने एवं खुल्ले तारों को केबलिकरण किये जाने और छूटे हुए लोगो को बिजली प्रदान किये जाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा पिछले कुछ समय से ग्रामीण विद्युत और आरईसी के ट्विटर एकाउंट में तथा गर्व सेल के ईमेल एड्रेस में भी शिकायत भेजी गई थी जिज़ पर तत्काल संज्ञान लेते हुए गर्व सेल एवं आरईसी से ग्रामीण विद्युत अभियंता उत्कर्ष द्विवेदी को जांच और सर्वे के लिए कैथा भेजा गया जहां दिनाँक 18 मई को जीवीए के उत्कर्ष द्विवेदी के साथ कटरा विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी एवं लाइनमैन सुधाकर मिश्रा उपस्थित हुए. इस बीच कैथा की पुरानी हरिजन बस्ती से सर्वे का कार्य प्रारम्भ हुआ जिसमे हरिजन बस्ती में टूटे हुए दो बिजली पोल को एक दो दिन में सुधारकर 25 केवीए ट्रंसफॉर्मेर से लाइन सप्लाई तत्काल किये जाने की बात हुई साथ ही पास ही केवट-पटेल बस्ती में भी आंधी की वजह से टूटे खम्भे एवं अतिरिक्त खम्भा गाड़े जाने की बात आई. इसी प्रकार भ्रमण कर पूरे कैथा ग्राम की बिजली व्यवस्था की जानकारी ली गई जिसमे पाया गया की अभी भी एक बस्ती ऐसे बची थी जिसमे अबाधित बिजली सप्लाई किये जाने वास्ते कुछ एचटी और कुछ एलटी पोल गाड़े जाने अनिवार्य होंगे साथ ही एक अतिरिक्त शौभाग्य योजनान्तर्गत 25 केवीए का ट्रांसफार्मर भी लगाया जाना होगा.

   इस प्रकार लगभग 2 घंटे चले पैदल भ्रमण और सर्वे में पूरी विद्युत व्यवस्था का जायज़ा लिया जा कर प्राक्कलन रिपोर्ट तैयार किया गया जिसे अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है. 

    इस मर्तबा किये गए सर्वे से सभी घरों में बिजली सप्लाई पहुच जाएगी जिससे दूर खंभों से कटिया लगाने की रिस्की परंपरा से भी ग्रामीणों को छुटकारा मिलेगा.

संलग्न - संलग्न तस्वीर में कैथा ग्राम में सर्वे करते हुए ग्रामीण विद्युत अभियंता उत्कर्ष द्विवेदी एवं कटरा डीसी के कनिष्ठ अभियंता जे ई अभिषेक गौरव सोनी.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,

मोबाइल - 07869992139, 09589152587,