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Saturday, July 14, 2018

8 माह पहले भरा फीस पर अब तक नही लगा ट्रांसफार्मर, किसान खा रहा दर दर की ठोकर, ठेकेदार दे रहा न लगाने की धमकी ( मामला ज़िले के लालगांव विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले बांस ग्राम का जहां हितग्राही किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री का 26 हज़ार 4 सौ रुपये फीस जमा के बाद भी मुख्यमन्त्री योजना का नही लगाया गया 25 एचपी का ट्रांसफार्मर)

दिनांक 14 जुलाई 2018, स्थान - लालगांव डीसी, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

     ज़िले में कृषक मोटर पंप कनेक्शन हेतु नवीन ट्रांसफार्मर योजनान्तर्गत अलग से ट्रांसफार्मर लगाने के लिए सरकार की इस योजना का लाभ लेने की दिशा में किसानों द्वारा अपने अपने विद्युत वितरण केंद्रों में समय समय पर आवेदन किये जा रहे हैं लेकिन कहीं न कहीं ठेकेदारों की मनमानी और एसटीसी विभाग की लेटलतीफी के चलते किसानों को बिजली आफिस के चक्कर लगाने पर मजबूर किया जा रहा है.

    अभी एक ऐसा ही मामला रीवा के लालगांव विद्युत वितरण केंद्र का आया है जिंसमे किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा मुख्य अभियंता मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वित्तरन कंपनी लिमिटेड के नाम लिखित शिकायत दी गई है जिंसमे उनके द्वारा माग की गई है की उनके द्वारा कृषि पंप योजना के अन्तर्गत दिनांक 4 दिसंबर 2017 जमा किये गए 26 हज़ार 4 सौ रुपये पर कार्यवाही की जाए और उनका 25 एचपी का इस योजनान्तर्गत ट्रांसफार्मर लगाया जाए.

   8 माह पहले जमा किया पैसा, आज तक नही लगा ट्रांसफार्मर

     लालगांव डीसी अन्तर्गत आने वाले ग्राम बांस निवासी ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा बताया गया की उन्होंने दिनांक 04 दिसंबर 2017 को अब से 8 माह पहले रसीद क्रमांक 74 एवं बुक नंबर 1444 प्रोजेक्ट नंबर 337795 द्वारा दर्शायी गई संलग्न राशि 26 हज़ार 4 सौ रुपये मुख्यमंत्री कृषक पंप योजनान्तर्गत जमा किये थे लेकिन जब इसमे कोई कार्यवाही नही हुई तो उन्होंने 26 जून एवं 4 जुलाई 2018 को एसटीसी विभाग एवं चीफ इंजीनियर मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को पुनः आवेदन दिया और बरसात खरीफ 2018 के पहले तक योजनान्तर्गत नवीन 25 एचपी के ट्रांसफार्मर लगाए जाने की माग की.

  ठेकेदार द्वारा 10 दिन में कार्य का मिला था आश्वासन 

        ज्ञानेंद्र अगिहोत्री द्वारा बताया गया की लालगांव डीसी से एक माह के अंदर कार्य करवाये जाने का आश्वासन मिला था जबकि ठेकेदार अरुण मिश्रा द्वारा मात्र दस दिन के अंदर खम्भे गाड़ने का आश्वासन मिला था लेकिन कहीं से कोई कार्यवाही नही हुई है जिसके कारण व्यथित किसान ने सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया का भी सहारा लिया और उम्मीद की है इस बरसात के पहले तक उनका योजना का ट्रांसफार्मर लगाया जाए. यद्यपि इस मामले को चीफ इंजीनियर रीवा रीजन के ट्विटर एकाउंट में भी भेजा गया है जिस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नही मिली है।

ठेकेदार ने खम्भा न गाड़ने की दे डाली धमकी 

       किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा आगे बताया गया की वह बिजली विभाग रीवा जब आवेदन देने गए थे तब वहीं पर उपस्थित ठेकेदार ने कहा की तुम हमारी कंप्लेन करने आये हो तो देख लेना अब तुम्हारा ट्रांसफार्मर नही लग पायेगा जिस मंत्री के पास जाना होगा तो चले जाना. 

       इस प्रकार देखा जा सकता है की बिजली विभाग की लापरवाही के चलते ठेकेदारों के भाव इतने बढ़ गए हैं लगता है अन्य विभागों की तरह बिजली विभाग को भी ठेकेदार ही चला रहे हैं. आखिर सवाल यह है की जब किसी भी हितग्राही किसान का कार्य समय पर नही होगा तो स्वाभाविक है वह बेचारा कहीं न कहीं तो हाँथ पैर पटकेगा ही. जहां उसे आसरा मिलेगा वहां वह जाएगा. स्वाभाविक है जन प्रतिनिधि तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसीलिए बनाये जाते हैं की वह आम गरीब और पीड़ित जनता की समस्या को समझें और उसका समाधान करें. यदि किसान बिजली विभाग जाकर कंप्लेन दर्ज करवाया तो उसने ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया की ठेकेदार उसे धमकी दे डाली की तुम्हारा ट्रांसफार्मर ही नही लगेगा. अब ऐसे मामलों में तो चाहिए की बिजली विभाग किसान की कंप्लेन के आधार पर ऐसे ठेकेदारों को तत्काल कार्य के ही हटा दे जिनका व्यवहार ही उपभोक्तओं और हितग्राहियों के साथ विद्वेषपूर्ण हो.

  अब मानसूनी बारिश उत्पन्न कर सकती है वाधा 

   वहरहाल आज दिनाँक तक हितग्राही ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री का मुख्यमंत्री कृषक पंप योजनान्तर्गत 25 एचपी का ट्रांसफार्मर नही लग पाया है जबकि आठ माह व्यतीत हो चुके हैं साथ ही मानसून आने से कार्य में बाधा भी उत्पन्न हो सकता है पर चूंकि अभी भी लालगांव और विशेषकर पूरे रीवा में अभी तक बाधा उत्पन्न करने वाली तीव्र मानसूनी बारिश नही हुई है अतः यदि बिजली विभाग और एसटीसी विभाग चाहे तो अगले कुछ दिनों में पीड़ित किसान का ट्रांसफार्मर लगा सकता है.

  संलग्न - ज़िले के लालगांव विद्युत वित्तरन केंद्र अन्तर्गत ग्राम के हितग्राही ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा नवीन 25 एचपी ट्रंसफॉर्मेर लगाने हेतु भरे गए फीस 26 हज़ार 4 सौ रुपये का रसीद एवं साथ ही चीफ इंजीनियर को दिए गए शिकायत की प्रति.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Tuesday, July 10, 2018

ऊर्जा मंत्री पारस जैन का ट्वीट और 3 दिन में बदला कटरा डीसी रीवा का 5 मेगा बोल्ट का फैल ट्रांसफॉमर (मामला ज़िले के कटरा डीसी अन्तर्गत फैल 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर का जिस पर महीने भर बाद हुई कार्यवाही, अब मिल सकेगी किसानों और आम नागरिकों को निर्बाध बिजली सप्लाई)

दिनाँक 10 जुलाई 2018, स्थान - कटरा विद्युत वितरण केंद्र, रीवा मप्र

 13 जून से फैल कटरा डीसी का 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगभग एक माह बाद दिनांक 10 जुलाई 2018 को बदल दिया गया।

  कटरा जेई अभिषेक गौरव सोनी एवं त्योंथर डी ई आर सी पटेल द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 10 जुलाई के दिन ट्रांसफार्मर को टेलर द्वारा लाया गया और क्रेन लगाकर बदल दिया गया है. शाम बारिश के कारण थोड़ा काम में व्यवधान उत्पन्न हुआ लेकिन रात लगभग 10 बजे तक ट्रांसफार्मर बदल कर एक बड़े भाग के लिए लाइन सप्लाई चालू कर दी गई है.

  बता दें की इस विषय में मुद्दा सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा काफी पहले से उठाया गया था जिंसमे रीवा एवं मप्र से प्रकाशित होने वाले लोकल और प्रादेशिक समाचार पत्रों जैसे राज एक्सप्रेस, पत्रिका  समाचार एवं अन्य अखबारों में ट्रांसफार्मर फैल होने की खबर को रिपोर्ट किया गया था.  इस विषय को फेसबुक, ट्विटर एवं ईमेल के माध्यम से ऊर्जा मंत्री पारस जैन, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री तक रखा गया था. साथ ही चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर जबलपुर जोन से लेकर प्रिंसिपल सेक्रेटरी एनर्जी विभाग को भी ईमेल द्वारा सूचित किया गया था.

ऊर्जा मंत्री पारस जैन के हस्तक्षेप से काम में आई तेज़ी

  वैसे इस विषय में संज्ञन तो लोकल न्यूज़पेपर में आने और फेसबुक, ट्विटर में शेयर के बाद ही ले लिया गया था और रीवा ज़िले के किसी डीसी में एक 5 एमवीए के पड़े ट्रांसफ़ॉर्मर को कटरा लाकर लगाए जाने की बातें चल रही थी लेकिन कार्य में हीलाहवाली चल रही थी और एचटीएम एवं एसटीसी विभाग में सामंजस्य स्थापित न हो पाने के कारण कार्य एक दूसरे के मत्थे मढ़ा जा रहा था जिस पर दिनांक 6 जुलाई को ऊर्जा मंत्री पारस जैन को ट्वीट के माध्यम से एकबार फिर जानकारी दी गई और वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया की किस प्रकार महीने भर से आम जनता तंग है. इस पर तत्काल ऊर्जा मंत्री ने सामाजिक कार्यकर्ता के ट्वीट के जबाब में बताया की सीएमडी जबलपुर जोन को तत्काल एक्शन लेकर समस्या के समाधान के लिए निर्देशित किया गया है. जिस पर कार्यवाही होकर दिनांक 10 जुलाई को रात 10 बजे तक 5 मेगा वोल्ट एम्पियर का ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है और अब उम्मीद की जा रही है की निर्बाध बिजली से किसान भी अपनी सूखती फसल की समय समय पर सिंचाई कर सकेंगे और आम उपभोक्ता भी परेशान नही होंगे.

संलग्न - 1) सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा ऊर्जा मंत्री को किया गया ट्वीट और अन्य अधिकारियों को भेजा गया ईमेल की स्क्रीनशॉट. 2) ऊर्जा मंत्री द्वारा ट्वीट के जबाब में भेजा गया ट्वीट जिस पर तत्काल 3 दिवश के अंदर कार्यवाही हुई. 3)  संलग्न तस्वीर में पुराना जला हुआ ट्रांसफार्मर ही दिखाया गया है क्योंकि अब तक रात जोन कारण नए प्रतिस्थापित ट्रांसफार्मर की तस्वीर नही मिल पायी है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, 7869992139, 9589152587