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Friday, November 16, 2018

मऊगंज बिजली डिवीज़न में फैल हैं सैकड़ों ट्रांसफार्मर, उपभोक्ता परेशान (मामला ज़िले के मऊगंज बिजली डिवीज़न का जिंसमे संबल योजना के बाद भी फैल पड़े हैं सैकड़ों ट्रांसफार्मर, मऊगंज डिविज़नल इंजीनियर परस्ते एवं देवतालाब एई दिनेश पॉल की चल रही मनमानी, आम जनता परेशान फ़ोन तक रिसीव नही करते)

दिनाँक 16 नवंबर 2018, स्थान - मऊगंज रीवा मप्र

(शिवानन्द द्विवेदी, रीवा मप्र)

   यद्यपि मप्र सरकार की संबल योजना एवं बिजली बिल माफी स्कीम के तहत प्रदेश सरकार ने काफी हद तक आम जनता और उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया लेकिन कई जगहों पर इन योनाओं को लेकर बिजली विभाग गंभीर नही है. 

मऊगंज डिवीज़न में फैल हैं सैकड़ों ट्रांसफार्मर

  सूत्रों से प्राप्त विभागीय जानकारी के अनुसार ज़िले के मऊगंज बिजली डिवीज़न में अभी भी सैकड़ों ट्रांसफार्मर ऐसे हैं जो महीनों से फैल हैं जिन्हें बदला नही जा सका है. देवतालाब विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत ही अभी दर्ज़नों ट्रांसफार्मर फैल जले पड़े हैं जिन्हें बदलना अनिवार्य है लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते अब तक बदले नही गए जिससे आम जनता और उपभोक्ताओं सहित किसानों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

अकाल में अन्नदाता की सबसे बड़ी दुर्दशा

   आम उपभोक्ताओं के साथ साथ सबसे अधिक समस्या किसानों को हो रही है. खरीफ वर्ष 2018 में धान की कटाई के बाद परती पड़ चुके खेतों को उठाने के लिए सिंचाई के लिए बिजली की आवश्यकता है, साथ ही जोत दिए गए खेतों में भी पलेवा लगाने वास्ते बिजली की जरूरत है लेकिन जले हुए ट्रांसफार्मर के कारण कुछ नही हो पा रहा जिससे एकबार फिर किसान के पास आत्महत्या के अतिरिक्त कोई दूसरा चारा नही बचेगा.

किसानों के वाहन खर्च में बुलाते हैं अधिकारी

   देवतालाब सहायक अभियंता अन्तर्गत मैरहा 875, तिवारीगवां-मनबोदसिंह  एवं पैकन गांव आदि ग्रामों के किसानों भूपति पटेल, रामस्वरूप पटेल, भाग्योदय सिंह आदि किसानों ने बताया की असिस्टेंट इंजीनियर देवतालाब दिनेश पॉल द्वारा कहा गया की ट्रांसफार्मर ले जाने के लिए वाहन नही है अतः अपने अपने ट्रेक्टर लेकर आओ तब ट्रांसफार्मर दिया जाएगा. जब कुछ किसान ट्रेक्टर लेकर बिजली कार्यालय गए तो सहायक अभियंता दिनेश पॉल अपना आधिकारिक मोबाइल स्विच ऑफ करके भाग गया. इसके बाद किसानों ने मऊगंज डिविजनल इंजीनियर परस्ते से भी संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन परस्ते ने मोबाइल कॉल ही रिसीव नही किया जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है. किसानों का कहना था की हज़ारों रुपये का तेल खर्चा करके ट्रेक्टर लेकर बिजली कार्यालय ट्रांसफार्मर देने के लिए बुलाया लेकिन ट्रांसफार्मर नही दिया.

  मऊगंज बिजली विभाग के अधिकारी कर रहे मनमानी

   राष्ट्रीय किसान संगठन मऊगंज के पदाधिकारी भाग्योदय सिंह एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा बताया गया की इसके पहले भी डिवीज़न में बिजली की समस्याओं को लेकर उनके संगठन द्वारा बिजली विभाग मऊगंज को ज्ञापन सौंपा गया था जिंसमे उन्होंने डिवीज़न में फैल पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने से लेकर केबल बदलने, बिजली बिल ठीक करने, 4 हॉर्स पावर के कनेक्शन को तीन हॉर्स पावर कर ठीक करने और अन्य कई मामलों को लेकर सौंपे गए ज्ञापन में मऊगंज डिविज़नल इंजीनियर परस्ते द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद भी कोई कार्यवाही अब तक नही की गई है.

मउगंज बिजली अधिकारी काम के बदले चाहते हैं पैसा

   किसानों और मऊगंज के उपभोक्ताओं का कहना था की यह बिजली अधिकारी चाहते हैं की उन्हें कुछ चढ़ोत्तरी दिया जाए और इसी अपेक्षा में आवश्यक कार्य को भी लटका कर रखते हैं. सभी ग्रामीणों सहित राष्ट्रीय किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने मऊगंज डीई परस्ते एवं देवतालाब एई दिनेश पॉल पर असहयोग एवं घूंसखोरी का आरोप लगाते हुए इन्हें हटाये जाने की माग की है.

संलग्न - मऊगंज बिजली डिवीज़न अन्तर्गत देवतालाब एई और अन्य जगहों में फैल सैकड़ों ट्रांसफार्मर में से पैकन गांव में 63 केवीए का जला ट्रांसफार्मर और 10 पोल की जली केबल के पास एकत्रित किसान और अन्य ग्रामीण उपभोक्ता.

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शिवानन्द द्विवेदी

सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता

ज़िला रीवा मप्र, मोब 9589152587, 7869992139

Thursday, November 15, 2018

बिजली विभाग की कार्यवाही, शिफ्ट हुआ करहिया स्कूल परिसर एवं मतदान केंद्र क्रमांक 135 का खुला बिजली तार, मीडिया में आई थी बात, खबर और सामाजिक प्रयाशों का हुआ सार्थक असर (मामला ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र का जहाँ पर खुले सिर की ऊंचाई से झूलते तारों की वजह से ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार की कही थी बात)

दिनाँक 15 नवंबर 2018, स्थान- कटरा रीवा मप्र

(शिवानन्द द्विवेदी, रीवा मप्र)

    त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 135 में खुले खतरे के निशान से झूलते बिजली के तारों की बातें सामने आईं थी. मामला था शासकीय प्राथमिक पाठशाला करहिया के स्कूल परिसर में बनाये गए मतदान केंद्र क्रमांक 135 का जिंसमे खुले हुए बिजली के तार किसी भी समय अप्रिय घटना का आमंत्रण दे रहे थे. 

स्पार्किंग की वजह से फसल से लदा ट्रेक्टर हुआ था आग के हवाले

       इसके पूर्व भी पिछले जून मई-जून महीने में जब बिजली के खुले हुए तारों की वजह से डाढ़ पंचायत सरपंच सुरेंद्र मिश्रा का ट्रेक्टर देखते देखते स्पार्किंग की बजह से आग के हवाले हो गया था तब भी ग्रामों और स्कूल परिसर में खुले झूलते बिजली के तारों की बातें सामने आईं थी और लाइन को शिफ्ट करने की बात रखी गई थी लेकिन तब इस पर कोई  सार्थक कार्यवाही नही हुई थी. लेकिन अब जब शौभाग्य योजनान्तर्गत अरबों खरबों का बजट उपलब्ध है और चुनाव भी नजदीक है जब मामला सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया में रखा जाकर सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा संबंधित चीफ इंजीनियर के एल वर्मा एवं जबलपुर डिस्कोम सीएमडी को ट्विटर एकाउंट में सूचित किया गया तो कार्यवाही हुई. 

लाइन शिफ्ट न होने पर मतदान से करना था बहिष्कार

      सबसे बड़ी बात यह थी की ग्रामीणों ने लाइन शिफ्ट न करने पर मतदान से बहिष्कार की बात कही थी जिसका परिणाम यह हुआ की दिनाँक 15 नवंबर 2018 को तीन पोल खड़ा करके बिजली शिफ्ट कर दी गई. साथ ही ट्रांसफार्मर का टूटा हुआ पोल भी सपोर्ट लगाकर ठीक किये जाने का प्रयाश किया जा रहा है. उपस्थित ठेकेदार प्रतिनिधि बद्री प्रसाद पांडेय निवासी पनगड़ी-पताई द्वारा बताया गया की ट्रांसफार्मर में अतिरिक्त पोल लगाकर दो तीन दिनों में सही कर दिया जाएगा.

  स्कूली बच्चों और अभिभावकों में प्रसन्नता

    इस बीच करहिया प्राथमिक पाठशाला परिसर से खतरे के निशान से झूलते हुए बिजली के तारों को शिफ्ट किये जाने से आसपास के ग्रामों डाढ़, करहिया, बड़ोखर, हिनौती आदि ग्रामों के अभिभावकों और स्कूली बच्चों सहित शिक्षकों में प्रसन्नता है. सभी ने सामाजिक कार्यों की सराहना की और कहा की यह कार्य यहां के जन प्रतिनिधियों द्वारा कराए जाने चाहिए लेकिन जन प्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान नही देते और चुनाव जीतकर फुरसत हो जाते हैं. इसके बाद आम जनता को पांच साल दर दर की ठोकर खाने को मजबूर होना पड़ता है. 

   लालगांव डीसी अन्तर्गत अतरैला स्कूल में भी झूल रही मौत

   बता दें की पिछले वर्षों से उठाये जा रहे एक अन्य मामले में भी हालात करहिया स्कूल जैसे ही हैं. गंगेव ब्लॉक के पताई पंचायत अन्तर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक पाठशाला अतरैला में भी इससे भी अधिक खतरनाक हाई टेंशन लाइन के तार सिर की ऊंचाई से झूल रहे हैं लेकिन कई मर्तबा स्कूल प्रशासन एवं ग्रामीणों द्वारा मामले को लगातार संबंधित जिम्मेदारों के समक्ष रखे जाने के बाबजूद भी आज तक हाई टेंशन लाइन शिफ्ट नही की जा सकी है. अपना रोष व्यक्त करते हुए पताई पंचायत गंगेव ब्लॉक के ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने बताया की यदि समस्या का समाधान किया जाकर स्कूल परिसर से हाई टेंशन लाइन शिफ्ट नही की गई तो वह भी चुनाव का बहिष्कार करेंगे क्योंकि बच्चों की जिंदगी उन्हें ज्यादा प्यारी है.

संलग्न - संलग्न तस्वीरों में देखें कटरा डीसी अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक पाठशाला करहिया जिसे मतदान केंद्र क्रमांक 135 बनाया गया है वहां पर दिनांक 15 नवंबर 2018 को खतरनाक स्तर पर खुले झूलते हुए बिजली के तारों को शिफ्ट कर दिया गया. कार्य करते बिजली विभाग के वर्कर.

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शिवानन्द द्विवेदी

सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139

Friday, July 6, 2018

कटरा डीसी का फैल 5 एमवीए ट्रांसफ़ॉर्मर, बदलने में अभी लग सकते हैं एक और हफ्ते ( मामला ज़िले के कटरा डीसी का जहां पर पिछले 13 जून को फैल हुआ था 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर जिसे आज तक नही बदला जा सका, बिजली कटौती की वजह से जनता हलाकान)

दिनांक 06 जुलाई 2018, स्थान - कटरा विद्युत वितरण केंद्र, त्योंथर, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के त्योंथर विद्युत अनुभाग अंतर्गत आने वाले कटरा विद्युत वितरण केंद्र में पिछले महीने 13 जून को 5 मेगा वोल्ट एम्पियर (एमवीए) का जला हुआ ट्रांसफार्मर आज दिनांक तक बदला नही जा सका है. बता दें की कटरा डीसी में दो पांच मेगा वोल्ट एम्पियर के ट्रांसफ़ॉर्मर लगाए गए थे जिनमे एक ट्रांसफार्मर हिनौती एवं जमुई फीडर का लोड संभालता था जबकि दूसरा 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर गढ़, अगडाल सहित अन्य फीडरों को देखता था. पिछले महीने 13 जून को हिनौती जमुई क्षेत्र को विद्युत सप्लाई देने वाला ट्रांसफार्मर अचानक फैल हो जाने से अब पूरे कटरा विद्युत वितरण केंद्र का लोड मात्र बचे हुए 5 एमवीए के एक ट्रांसफार्मर पर आ गया है जिससे विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है. पूरे कटरा डीसी की लाइन सप्लाई मात्र 5 एमवीए के बड़े ट्रांसफार्मर से नही हो पा रही है. 

कटरा जेई एवं त्योंथर डी ई ने ऊपर विभाग को भेजा डिटेल

     कटरा डीसी के कनिष्ठ विद्युत अभियंता अभिषेक गौरव सोनी एवं त्योंथर डीई आरसी पटेल के द्वारा बताया गया है की कटरा में 5 एमवीए के बड़े ट्रांसफार्मर के फैल होने की जानकारी अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव एवं मुख्य अभियंता संभाग रीवा केएल वर्मा को पहले ही भेजी जा चुकी है. जानकारी लेने पर बताया गया की एसटीसी डिपार्टमेंट को गुड़हल में एक रखे 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर को लगाने के लिए कहा गया है. जब इस संदर्भ में एसटीसी डिपार्टमेंट के एरिया इंजीनियर ओमप्रकाश द्विवेदी से बात की गई तो उन्होंने बताया की एसटीसी का कार्य नवीन कार्यों को करना है न की मरम्मत करना अतः इसमे सीधे त्योंथर डिवीज़न के डीई एवं कटरा जेई कार्य को कराएं इसमे एसटीसी का कोई रोल नही है. बता दें कि जिस पुराने 5 मेगा बोल्ट के अतिरिक्त रखे ट्रांसफ़ॉर्मर को लगाए जाने की बात की जा रही है वह एचटीएम डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है।

अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव ने बताया एक हफ्ते का और लग सकता है समय

    जब फैल हुए 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर को बदलने की जानकारी रीवा संभाग के अधीक्षण अभियंता शरद श्रीवास्तव से चाही गई तो उनके द्वारा बताया गया की मैं अभी बिल्कुल नया हूँ पर जानकारी लेकर बताया गया की अभी भी 5 एमवीए के कटरा स्थित मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर को बदलने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है. प्रयाश जारी है.

बिना औचित्य की लेटलतीफी

    जो जानकारी प्राप्त हुई है उससे सिर्फ यही समझ आ रहा है की विजली विभाग के सभी उप विभागों में सामंजस्य स्थापित न हो पाने की वजह से वेवजह 5 एमवीए के ट्रांसफार्मर बदलने में लेटलतीफी हो रही है. यदि पूरे जबलपुर जोन में ही 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर उपलब्ध न होता तब तो बात समझ आती है पर चूंकि रीवा ज़िले में ही यदि एचटीएम डिपार्टमेंट के पास एडिशनल ट्रांसफ़ॉर्मर रखा हुआ है तो उसको बदलने में इतना समय क्यों लिया जा रहा है. मुख्य ट्रंसफॉर्मेर न बदले जाने से आम जनता एवं किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ जहां उमस और गर्मी में बिजली कटौती से आम जनमानस त्रस्त है. वहीं दूसरी तरफ किसानों को सिंचाई के लिए पानी नही मिल पा रहा है. लाइन की समस्या इतनी अधिक बनी हुई है की हर 15 मिनट में लाइन कट होती है और फिर 10 मिनट बाद आती है जिसके कारण न तो आटा चक्की और सामान्य तेल मिल ही चल पा रही है और न ही किसान खेतों में अनवरत 4 से 6 घंटे तक मोटर पंप ही चला पा रहे हैं. 


   आज जब आषाढ़ के महीने में कटरा क्षेत्र में बारिश भी नही हुई है ऐसे में सब्जी भाजी लगाने वाले किसान एवं अन्य धान की नर्सरी का बीज डाले हुए किसान काफी परेशान हैं. उनकी फसल को रुक रुक कर पानी मिल पा रहा है.

    ऐसे में देखना यह होगा की जहां मप्र सरकार द्वारा गरीबों किसानों और मजदूर वर्ग के लोगो के लिए संबल बिजली बिल माफी एवं सरल बिजली बिल स्कीम जैसी महत्वाकांक्षी योजना चलाकर राहत देने का प्रयाश किया जा रहा है ऐसे में यदि किसानों को बिजली कटौती की वजह से पर्याप्त पानी न मिल पाया तो उनकी फसल को भारी और अपूरणीय क्षति हो सकती है.

  संलग्न - कटरा डीसी त्योंथर विद्युत संभाग का जला हुआ 5 मेगा वोल्ट एम्पियर का ट्रांसफार्मर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला - रीवा मप्र, मोब - 7869992139, 9589152587

Wednesday, July 4, 2018

कैथा में लगा मुख्यमंत्री संबल योजना एवं सरल बिजली बिल एवं बिजली बिल माफी स्कीम का कैम्प (ज़िले के कटरा डीसी अंतर्गत आने वाले कैथा ग्राम पंचायत में सरल बिजली बिल स्कीम एवं बिजली बिल माफी योजना का कैम्प, उपभोक्ताओं ने लिया योजना का लाभ)


दिनांक 04 जुलाई 2018, स्थान - कटरा डीसी, त्योंथर संभाग, रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

           ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले कई ग्रामों में पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री मप्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना संबल योजना एवं सरल बिजली बिल स्कीम का कैम्प लगाया जा रहा है. जिनके अंतर्गत जन कल्याण संबल योजना में श्रमिकों एवं बीपीएल कार्डधारियों के पुराने बिजली के बिल माफ किये जाने के लिए आवेदन प्राप्त किये गए. इसी प्रकार जिन ग्रामों में सरल बिजली बिल योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है उनके 200 रुपये प्रति माह के हिसाब से बिजली बिल के लिए भी आवेदन प्राप्त किये गए हैं. जिन श्रमिकों का पंजीयन क्रमांक उपलब्ध नही था उन्हें बाद में कटरा विद्युत वितरण केंद्र में आकर फॉर्म जमा करने की सलाह दी गई है. कैथा श्री हनुमान मंदिर में कैम्प में उपस्थित कटरा विद्युत वितरण के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी एवं लाइनमैन भारत पटेल सहित अन्य कर्मचारियों द्वारा बताया गया की जो हितग्राही किसी कारण बस आज कैम्प में उपस्थित नही हो पाये हैं वह बाद में भी कटरा एवं गढ़ में आकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं और मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ले सकते हैं. अभी यह स्कीम कई दिनों तक चलेगी.

 सैकड़ों आवेदकों ने लिया स्कीम का लाभ

    कैथा श्री हनुमान मंदिर में आयोजित बिजली बिल माफी की संबल योजना एवं 200 रुपये प्रतिमाह सरल बिजली बिल स्कीम योजना का लाभ लेने के लिए कैथा एवं आसपास सोरहवा, मिसिरा, बड़ोखर आदि ग्राम के लोगों ने इस योजना का लाभ लिया.

मुख्यमंत्री की संबल योजना एवं सरल बिजली बिल स्कीम से मिली है भारी राहत

   उपस्थित उपभोक्ताओं एवं श्रमिकों ने बताया की मुख्यमंत्री की इस योजना से लोगों को काफी राहत  मिली है. कैथा हरिजन बस्ती के विहारीलाल साकेत एवं बतसिया साकेत ने बताया की उनका बिल पिछले तीन साल से नही आ रहा था. कनिष्ठ यंत्री श्री सोनी ने अपने डेटाबेस में जाकर देखा तो जानकारी मिली की विहारीलाल साकेत के नाम से 20 हज़ार से ऊपर तक बिजली बिल हो चुका था. इसी प्रकार सिद्धमुनि द्विवेदी निवासी कैथा ने बताया की उनका बिजली बिल प्रतिमाह 8 सौ से अधिक आ रहा है जिसे करेक्ट किया जाना चाहिए क्योंकि बिजली का लोड काफी कम है. 

  इसी प्रकार सुखमंती केवट, बृजभान केवट, राजेश पटेल, राम सजीवन केवट, अमृतलाल जायसवाल, मोतीलाल साकेत, रामसजीवन कोल, सत्यभान पटेल, संपत्ति पटेल, राजबहोर पटेल, बृज वाशी पटेल, छोटेलाल पटेल, दंगल सिंह, संत कुमार सिंह सहित अन्य कई उपस्थित उपभोक्ताओं ने बताया की  मप्र शासन की इस योजना से गरीब जनता को काफी लाभ मिला है. सभी लोगों ने सरकार की इस योजना को लेकर काफी प्रसन्नता जाहिर की.

    कैम्प शुबह 11 बजे से प्रारम्भ होकर दोपहर 2 बजे तक चला.

संलग्न - कैथा श्रीहनुमान मंदिर सार्वजनिक स्थल पर उपस्थित कई ग्रामों कैथा, सोरहवा, बड़ोखर, मिसिरा आदि ग्रामों के हितग्राही एवं साथ ही कटरा डीसी के अधिकारी कर्मचारी जिंसमे कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी भी सम्मिलित रहे.

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शिवानन्द द्विवेदी. सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल - 7869992139, 9589152587

Wednesday, June 27, 2018

बिजली कर्मचारियों की ईपीएफ वेतन कटौती 6 वर्षों से नही पहुच रही खातों में (मामला ज़िले के त्योंथर संभाग मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के बिजली कर्मचारियों का)

दिनांक 28 जून 2018, स्थान - कटरा, रीवा-मप्र,

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा ,मप्र)

    ज़िले के बिजली कर्मचारियों की उनकी ईपीएफ के वास्ते काटी जाने वाली वेतन की राशि उनके ईपीएफ खातों में नही पहुच रही है ऐसा कहना है लगभग आधा दर्जन बिजली कर्मचारियों का. बता दें की प्राप्त जानकारी के अनुसार रीवा संभाग में पदस्थ रहे बिजली कर्मचारियों जिनमे सहायक ग्रेड 3 के कर्मचारी क्रमसः आशुतोष मिश्रा, इंद्रमणि सिंह, लक्ष्मी नारायण शर्मा, भूपेंद्र सिंह सेंगर, कनिष्ठ यंत्री लालगांव उमाशंकर द्विवेदी, एवं अन्य दो कर्मचारी पुष्पेंद्र सिंह कुशवाहा और कटरा में पदस्थ भूपेंद्र सिंह बघेल सम्मिलित हैं जिन्होंने बताया की उनकी वर्ष जुलाई 2012 से ईपीएफ की वेतन कटौती की राशि उनके खातों में नही पहुची है. सभी कर्मचारियों के लिए यह एक चिंता का विषय है क्योंकि इसके लिए उन्होंने संबंधित अधीक्षण यंत्री के नाम और कलेक्टर को भी लिखित शिकायत दे रखी है लेकिन अब तक जब सुनवाई नही हुई तो सभी ने सामूहिक रूप से इकठ्ठा होकर मामला मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से रखना उचित समझा. सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी को अपनी व्यथा बताते हुए उपरोक्त कर्मचारियों ने बताया की हम सब कर्मचारी मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड त्योंथर संभाग के अधीनस्थ कार्यरत हैं जिन्हें ग्राम सेवा सहकारी समिति मर्यादित से मंडल कंपनी में सम्मिलियन किया गया है. बताया की आज दिनांक तक ईपीएफ की राशि की कटौती की जा रही है लेकिन राशि उनके खाते में नही आ रही है. कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से कार्यपालन अभियंता, संभागीय लेखापाल से शिकायत की गई लेकिन आश्वासन के शिवाय कोई पुख्ता कार्यवाही अब तक नही हुई है. 

     इस प्रकार दिनांक 28/06/2017 को आवक क्रमांक 07 कार्यालय अधीक्षण यंत्री, दिनांक 04/07/2017 कार्यालय कार्यपालन अभियंता, दिनांक 13/07/2017 को एक अन्य संबंधित कार्यालय में इन उपरोक्त पीड़ित कर्मचारियों ने संलग्न शिकायती आवेदन लगाकर गुहार लगाई है की यदि अचानक इन कर्मचारियों की मृत्यु हो जाती है तब इन सबका परिवार इधर उधर भटक कर दाने दाने के लिए मोहताज़ होगा जिसकी तत्काल सुनवाई की जाए.

कर्मचारियों की ईपीएफ उनके खातों में न भेजना मानवाधिकार का हनन

    यदि देखा जाए तो हर एक नागरिक का अधिकार बनता है की सरकार द्वारा संवैधानिक रूप से प्रदत्त सभी लाभ नियमानुसार उसे मिले. इसके अतिरिक्त भी यदि समाज और किसी व्यक्ति के मानवाधिकारों का हनन हो रहा हो जिसकी जिम्मेदार स्वयं सरकार हो तो ऐसे मामलों में सरकार को तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता होती है. सामान्य तौर पर गैर सरकारी कर्मचारी अथवा बेरोजगार आम नागरिक के मानवाधिकार की रक्षा जिसका कोई आधार न हो सर्वोपरि होती है परंतु जहां  तक मानवाधिकार हनन की बात है वह सभी नागरिकों के लिये समान रूप से लागू होता है. चाहे वह किसी जाति वर्ग का हो सरकारी हो गैर सरकारी हो धनवान हो अथवा गरीब. यदि मानवाधिकारों का हनन हो रहा है तो उसकी सुरक्षा की जानी अनिवार्य है.

बिजली कर्मियों के मानवाधिकार की हो सुरक्षा

     बिजली कर्मचारियों को उनके ईपीएफ के फण्ड से वंचित रखा जाना मूलभूत मानवाधिकारों का हनन की संज्ञा में आता है. जुलाई वर्ष 2012 से बिजली कर्मियों के ईपीएफ खातों में वेतन कटौती की राशि क्यों नही पहुच रही और इसका क्या कारण है इस पर तत्काल कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है. यदि बिजली कर्मचारियों को उनकी ईपीएफ राशि व्याज सहित नही मिलती तो उनके बाल बच्चे परेशानी का सामना करेंगे. जिस प्रकार से बिजली कर्मियों द्वारा अपने आवेदन में भी उल्लेखित किया गया की यदि अकस्मात उनकी मौत हो जाती है तो उनके परिवार बाल बच्चों की बदहाली का जिम्मेदार कौन होगा. 

यदि सरकारी कर्मचारियों की यह हालात तो आम नागरिक का क्या

    सही मायने में प्रशासनिक व्यवस्था में आज जिस प्रकार की अव्यवस्था छाई हुई है इसको तो देखकर यही लगता है की आम नागरिक की दुर्दशा और अधिक बढ़ेगी. जब सरकारी कर्मचारी अपने अधिकार नही हाशिल कर पा रहे तो आम नागरिक जिसका की कोई आधार भी नही और कोई प्रशासनिक अधिकारी भी उनका सहयोगी नही ऐसे में वह अपने मानवाधिकारों की सुरक्षा कैसे कर पाएंगे यह बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है.

    वहरहाल आज दिनांक तक त्योंथर संभाग बिजली कार्यालय के अधीनस्थ पदस्थ लगभग आधा दर्जन बिजली कर्मचारियों को उनका जुलाई वर्ष 2012 अर्थात 6 वर्ष के आसपास की ईपीएफ राशि उनके खातों में समायोजित नही हुई है और अभी कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं. अब देखना यह होगा बिजली विभाग स्वयं अपने ही कर्मचारियों के साथ कब तक न्याय कर पाता है.

संलग्न - संलग्न प्रपत्रों में देखें उपरोक्त शिकायती आवेदनों की फ़ोटो प्रतियां संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला - रीवा मप्र, मोब 07869992139, 09589152587

Saturday, May 19, 2018

शौभाग्य योजनान्तर्गत विद्युतीकरण के लिए ग्रामीण विद्युत अभियंता उत्कर्ष द्विवेदी ने जे ई कटरा के साथ कैथा का किया दौरा (मामला सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी की ग्रामीण विद्युत के ट्विटर एकाउंट पर की गई शिकायत का जिसमे शौभाग्य योजना के कार्यों में लेटलतीफी की बात की गई थी)

दिनांक 19 मई 2018, स्थान - गढ़/गगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

    ज़िले प्रदेश एवं पूरे देश में शौभाग्य योजनान्तर्गत किये जा रहे विद्युतीकरण में पूरे देश में काम चल रहा है. आये दिन टारगेट अचीवमेंट के किस्से मीडिया में आ रहे हैं. परंतु देश में कई ऐसे भी स्थान हैं जहां पर अभी भी सही तरीके से खम्भे गाड़कर घर घर बिजली नही पहुचाई गई है जबकि दूरस्थ स्थित खंभों से कटिया लगाकर बिजली जलाने का सिलसिला जारी है.

   इसी परिपेक्ष्य में रीवा ज़िले के कटरा डीसी अंतर्गत आने वाले कैथा ग्राम में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य और साथ ही टूटे उखड़े खंभों को दुरुस्त किये जाने एवं खुल्ले तारों को केबलिकरण किये जाने और छूटे हुए लोगो को बिजली प्रदान किये जाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा पिछले कुछ समय से ग्रामीण विद्युत और आरईसी के ट्विटर एकाउंट में तथा गर्व सेल के ईमेल एड्रेस में भी शिकायत भेजी गई थी जिज़ पर तत्काल संज्ञान लेते हुए गर्व सेल एवं आरईसी से ग्रामीण विद्युत अभियंता उत्कर्ष द्विवेदी को जांच और सर्वे के लिए कैथा भेजा गया जहां दिनाँक 18 मई को जीवीए के उत्कर्ष द्विवेदी के साथ कटरा विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी एवं लाइनमैन सुधाकर मिश्रा उपस्थित हुए. इस बीच कैथा की पुरानी हरिजन बस्ती से सर्वे का कार्य प्रारम्भ हुआ जिसमे हरिजन बस्ती में टूटे हुए दो बिजली पोल को एक दो दिन में सुधारकर 25 केवीए ट्रंसफॉर्मेर से लाइन सप्लाई तत्काल किये जाने की बात हुई साथ ही पास ही केवट-पटेल बस्ती में भी आंधी की वजह से टूटे खम्भे एवं अतिरिक्त खम्भा गाड़े जाने की बात आई. इसी प्रकार भ्रमण कर पूरे कैथा ग्राम की बिजली व्यवस्था की जानकारी ली गई जिसमे पाया गया की अभी भी एक बस्ती ऐसे बची थी जिसमे अबाधित बिजली सप्लाई किये जाने वास्ते कुछ एचटी और कुछ एलटी पोल गाड़े जाने अनिवार्य होंगे साथ ही एक अतिरिक्त शौभाग्य योजनान्तर्गत 25 केवीए का ट्रांसफार्मर भी लगाया जाना होगा.

   इस प्रकार लगभग 2 घंटे चले पैदल भ्रमण और सर्वे में पूरी विद्युत व्यवस्था का जायज़ा लिया जा कर प्राक्कलन रिपोर्ट तैयार किया गया जिसे अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है. 

    इस मर्तबा किये गए सर्वे से सभी घरों में बिजली सप्लाई पहुच जाएगी जिससे दूर खंभों से कटिया लगाने की रिस्की परंपरा से भी ग्रामीणों को छुटकारा मिलेगा.

संलग्न - संलग्न तस्वीर में कैथा ग्राम में सर्वे करते हुए ग्रामीण विद्युत अभियंता उत्कर्ष द्विवेदी एवं कटरा डीसी के कनिष्ठ अभियंता जे ई अभिषेक गौरव सोनी.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,

मोबाइल - 07869992139, 09589152587,

Sunday, April 8, 2018

रीवा विद्युत विभाग की धांधली - न कोई मेंटेनेंस न कोई केबलीकरण, हर स्थान पर बिजली के तार खतरे के निशान में, अगडाल/गढ़ फीडर अंतर्गत अकलसी में भी हाई टेंशन लाइन के झूलते हुए तारों से किसान की फसल में लगी आग, सब जलकर खाक


दिनाँक 08 अप्रैल 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र 

(कैथा, शिवानंद द्विवेदी)

    ज़िले में बिजली विभाग की लापरवाही और भष्ट्रचार के चलते बिजली के तारों से आगजनी की वारदाते रुकने का नाम नही ले रही हैं. अभी पिछले दिनों अकलसी ग्राम में अकलसी तालाब के पश्चिम दिशा में भूतपूर्व सरपंच मिथिला प्रसाद पटेल के घर की तरफ जाने वाले रास्ते के पास स्थित खेत में स्पार्किंग और झूलते हुए तारों की वजह सेके आग लग गई थी जिसमे पूरे खेत भर में लगी फसल आग के हवाले हो गई. किसी प्रकार ग्रामीणों ने बड़े मुश्किल से आग पर काबू पाया नही तो आसपास के खेत भी साफ हो जाते. यह आग पास ही खेत के बीचों बीच स्थित हाई टेंशन लाइन के मात्र 10 फ़ीट से भी काम ऊंचाई पर झूलते हुए तारों से स्पार्किंग और गुल्ल गिरने की वजह सेके लगी थी. इसमे किसी भी किसान का कोई दोष नही था और मात्र बिजली विभाग की लापरवाही और भष्ट्रचार की वजह सेके ऐसे हादसे आये दिन रिपोर्ट किये जा रहे हैं. 

    मेंटेनेंस और केबलीकरण न होने के कारण बनी है समस्याएं 

   यदि गहराई से देखा जाए तो पता चलेगा की यहाँ कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वआले ज्यादातर ग्रामों में ऑन रिकॉर्ड मेंटेनेंस और केबलीकरण के काम हो चुके हैं परंतु वास्तविक धरातल पर कहीं कोई काम पिछले दशकों से नही हुआ जिसकी वजह के मेंटेनेंस के अभाव में होम लाइन और साथ ही हाई टेंशन लाइन के ज्यादातर खंभे टेढ़े हो गए हैं कहीं जरूरत से ज्यादा झुक गए हैं और इसी प्रकार विद्युत तार भी कमज़ोर होकर खतरे के निशान के बहुत बाहर हो चुकले हैं जिसकी वजह से तार आपस में लड़ते रहते हैं और स्पार्किंग की वजह से आग लगने के चान्सेस बढ़ जाते हैं. दूसरे मौसम में भी आग लगती रहती है परंतु नुकसानी सबसे ज्यादा फसली सीजन में ही होती है जिसमे किसानों की पकी फसल देखते देखते स्वाहा हो जाती है. 

    अभी दिनाँक 06 अप्रैल की शाम 7 बजे के आसपास इसी प्रकार की एक घटना में त्योंथर ब्लॉक एवं डाढ़ पंचायत के सरपंच पुत्र सुरेंद्र मिश्रा की ट्रेक्टर से लदी हुई गेंहूँ की फसल में आग लगने से पूरी फसल सहित ट्रेक्टर भी जल गया था.

    मेंटेनेंस एवं केबलीकरण का मुद्दा इसके पहले भी कई मर्तबा उठाया जा चुका है लेकिन कटरा विद्युत वितरण केंद्र सहित पूरे रीवा के बिजली विभाग के कानों में जूं तक नही रेंग रही है जिसका खामियाजा आम नागरिक और किसान उठा रहे हैं और बिजली की आग से अपनी खड़ी फसल खाक होतई देख रहे हैं. 

  यदि यही सिलसिला चलता रहा तो आने वाले कुछ सप्ताह में ऐसे कई बारदतें और भी सामने आ सकती हैं. बिजली विभाग को मेंटेनेंस की राशि का सही और समुचित उपयोग कर हर ग्राम क्षेत्र में बिजली के तारों और खंभों को दुरुस्त किया जाना चाहिए और साथ ही केबलीकरण के नाम पर जो धांधली विद्युत वितरण कंपनी और साथ ही ठेकेदारों द्वारा की गई है उसकी सही जांच कर पूरी रिकवरी होनी चाहिए.

संलग्न - कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत अगडाल/गढ़ फीडर में आने वाले अकलसी ग्राम के किसान के खेत में हाई टेंशन लाइन की वजह से लगी आग का दृश्य.

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शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र.

मोब 07869992139

Wednesday, January 24, 2018

Rewa, MP - बिजली विभाग का बिल नही फतवा, जारी हुआ तो भरना ही पड़ेगा

दिनांक 25 जनवरी 2018, रीवा/कटरा मप्र
(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र) ज़िले में बिजली विभाग का कहर निरंतर जारी है। कटरा डीसी सहित अन्य वितरण केंद्रों में बिना कनेक्शन और मीटर बैठाए ही औसत बिलिंग की जा रही है। हफ्ते की तरह उपभोक्ताओं से उगाही की जा रही है।
    अभी हाल ही में सूचना मिलने पर त्योंथर तहसील एवं ब्लॉक के जमुई पंचायत में पहुचा गया तो पाया गया कि जमुई ग्राम के हरिजन आदिवासी बिजली विभाग के औसत बिलिंग से परेशान थे। सभी ने अपना बिजली का बिल दिखाया और बताया कि राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन के तहत उनके घरों में बकायदे मीटर लगाकर बिजली कनेक्शन दिया जाना था लेकिन बिजली ठेकेदार द्वारा उल्टा सभी से 100 रुपये प्रत्येक के हिसाब से लिये गए और केवल कुछ घरों में खराब मीटर का डिब्बा तो बिठा दिया गया लेकिन उन्हें कोई कनेक्शन नही दिया गया।
     आज 6 माह से ऊपर हो रहे हैं और औसत बिलिंग की जा रही है लेकिन किसी भी घर मे मीटर से लाइन सप्लाई नही हो रही है।
     अब यदि देखा जाए तो यह किस्सा मात्र कटरा डीसी अथवा जमुई ग्राम का ही नही है बल्कि रीवा के बिजली विभाग में आम व्यक्ति का निरंतर शोषण चल रहा है। लगभग सभी ग्रामों में निवासरत गरीबों के यहां मुश्किल से 1 य 2 एल ई डी बल्ब और वह भी रात में जलते हैं, साथ ही ग्रामों में बड़े ही मुश्किल से 6 से 8 घंटे भी लाइन नही दी जाती ऐसे में लाइन लॉस और औसत बिलिंग के नाम पर गरीबों के नाम हज़ारों का फतवा जारी करना कहां तक उचित है।
     कटरा डीसी में पूरे जिले के ग्रामों की ही तरह 90 प्रतिशत से अधिक घरों में मीटर नही लगाए गए हैं और मात्र औसत बिलिंग की जा रही है। केबलिकरन, फीडर सेपरेशन और मीटर बैठाने की पूरी राशि हजम कर ली गई है।
     जहां तक जमुई ग्राम के हरिजन अदिवशिओं का मामला था उनका कहना था कि उन्होंने तो अब तक कोई बिजली ही नही जलाई है फिर भी उनके नाम पर कैसे बिजली बिल भेजे जा रहे हैं
    हरिजन  बस्ती के लालमणि, रामसखा, रमेश, उमेश, दिलराज, सूर्यभान, रामावतार, रामकरण आदि ने बताया कि वह सभी बिना मीटर रीडिंग के औसत बिलिंग से पीड़ित है  और सभी ने यह बात कटरा डीसी में उठाई है लेकिन कोई नही सुन रहा और बस मनमाना बिल भेजे जा रहे है। सभी ने एक स्वर में सभी घरों में मीटर लगाकर रीडिंग के आधार पर बिलिंग की माग की है।
संलग्न - हरिजन बस्ती जमुई के हरिजनों की सामूहिक फ़ोटो जो बिजली बिल से प्रताड़ित है।
    - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक आर टी आई कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139