"One who is unattached to the fruits of his work and who works as he is obligated is in the renounced order of life, and he is the true mystic: not he who lights no fire and performs no work". - |||श्रीमद भगवद गीता, अध्याय 6, Verse 1|||
Thursday, September 12, 2019
कैथा में भंडारे के साथ श्रीगणेशोत्सव संपन्न, कैथा श्रीहनुमान मन्दिर में चला 11 दिवशीय कार्यक्रम, लोगों ने संगीत संध्या का जमकर लिया आनंद (जिले के विभिन्न ग्रामों में आयोजित हुआ श्रीगणेशोत्सव, अनंत चतुर्दशी के दिन हुआ विसर्जन)
Tuesday, September 11, 2018
तीजा के दिन श्रीहनुमान मन्दिर कैथा में भरेगा मेला और झूला (100 वर्ष से अधिक पुरानी परंपरा के अन्तर्गत कैथा श्रीहनुमान मन्दिर प्राँगण में होता आया है तीजे के दिन मेले का आयोजन, दूर दूर से दुकानदार आते हैं और 18 मौजा क्षेत्र के लोग लेते हैं मेले का आनंद)
दिनाँक 11 सितंबर 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र
(कैथा श्रीहनुमान मंदिर से, शिवानन्द द्विवेदी)
यज्ञों की पावन पुनीत स्थली कैथा के अति प्राचीन श्रीहनुमान मंदिर प्राँगण में पिछले 100 से अधिक वर्षों से परंपरागत और हरितालिका तीज अर्थात बघेली में तीजा के दिन आयोजित होने वाले मेला भरेगा. इस बीच कैथा और उसके आसपास के दर्जनों ग्रामों के लोग जिनमे बहुतायत में माताएं, बहने और युवक युवतियां सम्मिलित रहते हैं मेले और झूले का लुफ्त उठाने के लिए श्रीहनुमान मन्दिर कैथा पधारते हैं. गढ़, हिनौती, लालगांव, कटरा, भठवा, और अन्य स्थानों से दूर दूर के दुकानदार अपनी विभिन्न प्रकार की सामग्रियों को बेचने के लिए दुकान लेकर आते हैं.
बुजुर्गों ने बताया सैकड़ों वर्ष पुराना मेला
गांव के 80 वर्ष की उम्र छूने वाले कई बुजुर्गों से जब कैथा श्रीहनुमान मंदिर में भरने वाले मेले के विषय में चर्चा हुई तो बताया गया की यह मेला बहुत पुराना है. सभी ने बताया की वह सभी लोग अपने भी पूर्वजों से इस मेले के विषय में सुनते आ रहे हैं.
कैथा ग्राम के रामसुंदर केवट जो की इस समय 90 के ऊपर पहुचने वाले हैं उनका कहना था की उनके बचपन से यह मेला भर रहा है. कैथा के ही जगदीश पटेल उर्फ जिमीदार ने बताया की उनके बाबा दादा इस मेले के विषय में बताते थे और हम तो बचपन से देख रहे हैं इसी प्रकार कैथा के ही दिवंगत लोकनाथ द्विवेदी द्वारा बताया गया था की उनकी जानकारी से यह मेला लग रहा है. उनके पूर्वजों ने भी इस मेले के बारे में बताया था. इस प्रकार सहज ही समझा जा सकता है की सैकड़ों वर्ष प्राचीन यह मेला निरंतर अपनी परंपराओं के अनुरूप भरता आया है.
श्रीहनुमान जी की हज़ारों वर्ष प्राचीन प्रतिमा
ज्ञातव्य है की कैथा श्रीहनुमान मन्दिर में उपस्थित अति प्राचीन श्री हनुमान जी की प्रतिमा विराजमान है जिसके विषय में भी इसी प्रकार की किंबदंतियाँ है जिनके अनुसार यह प्रतिमा इसी विस्तारित हिनौता तालाब से हज़ारों वर्ष पहले प्रकट हुई थी. कुछ लोगों का मानना है की श्रीहनुमान जी विशाल प्रतिमा आसपास के लोगों की पीड़ा व्यथा और दुख कष्ट को दूर करने के लिए प्रकट हुई थी.
चाहे जो भी हो लेकिन एक बात तो तय है की ईश्वर के उद्भव को कोई जान नही सकता क्योंकि वह सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी होते हुए सभी के लिए उनके कर्मो के अनुसार फल देने वाला होता है. वह अपनी इक्षा मात्र से प्रकट होता है और मूर्ति रूप में पूजे जाने का तात्पर्य है की हम ईश्वर को जी भाव में जाने और माने उसे साकार समझ कर उसकी आराधना उपासना करें.
कैथा और उसके आसपास के लोगों ने बताया की पहले दशकों पूर्व यहां मंदिर प्राँगण हिनौता तालाब में तीजे के मेले के दिन कुश्ती, कबड्डी और बादी का आयोजन होता था. कबड्डी कुश्ती को तो सभी जानते हैं लेकिन बादी भी एक खेल है जिंसमे 6 लोग एक गोलाई में में होते थे जिंसमे एक खिलाड़ी मात्र एक को गोलाई में घूमकर छूता था जिंसमे खेल में हुडी हुडी कहकर खेल खेला जाता था. पुराने बुजुर्गों ने बताया की उनके समय में बादी का खेल खूब खेला जाता था लेकिन अब वर्तमान में यह खेल पूरी तरह से विलुप्त हो चुका है.
हरितालिका तीज का महत्व
जिस हरितालिका तीज के मेले की चर्चा हो रही है वह बघेली में तीजा के नाम से जाना जाता है. तीजा का काफी महत्व है. यह त्योहार मुख्य रूप से हिन्दू महिलाओं का निर्जला व्रत के लिए जाना जाता है. पौराणिक कथा प्रसंगों में बताया जाता है माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्ति के लिए हज़ारों वर्षों तक बिना अन्न जल ग्रहण किये हुए कठिनतम व्रत रखा था जिसके फलस्वरूप उनका शरीर काफी कमजोर हो गया था और अंत में मात्र पेड़ के पत्ते खाकर जीवित रहीं थी जिसके बाद उनका नाम अपर्णा पड़ा था जिसके फलस्वरूप भगवान शिव प्रसन्न हुए और माता शती को वरदान दिया और उन्हें पति रूप में मिले.
आज कलयुग में सभी महिलाएं उसी परंपरा के अनुरूप अपने पति देव की लंबी उम्र और शुख शांति के लिए मात्र 24 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं. उसके बाद तीज की रात के बाद आने वाली शुबह में स्नान करती हैं और मात्र अगले दिन ही भोजन करती हैं. बताया गया की बघेली में तीजे के व्रत में खीरे का काफी महत्व है. पूजन के दौरान खीरे का उपयोग किया जाता है और इष्टदेव को चढ़ाया जाता है.
दिनाँक 12 सितंबर को हरितालिका तीज के दिन भरने वाले इस मेले एवं झूले का आनंद लेने के लिए आसपास के लोग काफी उत्साहित हैं.
संलग्न - संलग्न फ़ोटो में देखें उपस्थित भक्त श्रद्धालुगण.
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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,
ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139
Thursday, August 16, 2018
कैथा में भागवत महायज्ञ का होगा साप्ताहिक आयोजन (ज़िले के थाना गढ़ अन्तर्गत कैथा ग्राम के श्रीहनुमान मंदिर में दिनांक 18 से 25 अगस्त तक आयोजित होगी श्रीमद भगवद कथा, हवन एवं भंडारा 25 अगस्त को)
दिनाँक 16 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र
(कैथा श्रीहनुमान मंदिर प्राँगण से, शिवानन्द द्विवेदी)
श्रावण का पवित्र महीना और जगह जगह धार्मिक आयोजन. जी हाँ, समय है कैथा की पवित्र पावन भूमि पर आयोजित होने वाले परंपरागत और पचासों वर्षों से आयोजित होने वाले श्रीमद भगवद कथा के कार्यक्रम का.
श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत के तत्वावधान में आयोजित होने वाले श्रीमद भगवद भक्ति ज्ञान महायज्ञ का आयोजन दिनांक 18 अगस्त को कलश यात्रा के साथ प्रारम्भ होगा जो दिनांक 25 अगस्त दिन शनिवार तक चलता रहेगा. दिनांक 25 अगस्त को हवन एवं विशाल भंडारा के साथ सम्पूर्ण कार्यक्रम का विसर्जन होगा.
इस विशेष कार्यक्रम में कथा प्रवाचक का कार्य आचार्य श्री किसन जी के मुखारविंद से किया जाएगा. आचार्य श्री को आचार्य दिलीप जी के नाम से भी जाना जाता है. आचार्य दिलीप जी यूपी इलाहाबाद से तलूक रखते हैं और अब तक सैकड़ों कथा भागवत में प्रवचन का कार्य कर चुके हैं.
कैथा मन्दिर प्राँगण में हुआ पुताई कार्य
इस बीच भागवत कथा कार्यक्रम के पूर्व कैथा श्री हनुमान मंदिर प्राँगण के आसपास सफाई कार्य किया जा रहा है साथ ही मंदिर पुताई लिपाई भी की गई. पुताई और साफ सफाई कार्य में सहभागिता निभाने वाले धर्मार्थ समिति भारत के युवा कार्यकर्ता सम्मिलित रहे जिनमे सज्जन केवट, इंद्रलाल साकेत, हेमराज साकेत, शिवभान केवट, कैलाश केवट, राजकुमार केवट, हरिश्चन्द्र केवट, राम गोपाल साकेत, रोहिणी देवी पटेल, संपूर्णानंद द्विवेदी सहित अन्य कार्यकर्ता सम्मिलित हुए.
इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी कर रहे हैं साथ ही कैथा श्रीहनुमान मंदिर प्राँगण में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम कलयुग के देवता, पवन पुत्र, अंजनी के लाल श्री बजरंगबली जी के संरक्षण में सम्पन्न होते हैं. विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ आयोजित होने वाले यह सभी कार्यक्रम सार्वजनिक कार्यक्रम हैं जो आम जनमानस के सहयोग से होते आये हैं जिनमे सभी भक्त श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है.
संलग्न- कृपया संलग्न तस्वीरों में देखें धर्मार्थ समिति भारत के युवा कार्यकर्तागण मंदिर की पुताई एवं साफ सफाई कार्य में सहभागिता निभाते हुए.
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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,
प्रचारक, संयोजक एवं प्रवसक्ता श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत,
ज़िला रीवा, मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139
Wednesday, July 4, 2018
कैथा में लगा मुख्यमंत्री संबल योजना एवं सरल बिजली बिल एवं बिजली बिल माफी स्कीम का कैम्प (ज़िले के कटरा डीसी अंतर्गत आने वाले कैथा ग्राम पंचायत में सरल बिजली बिल स्कीम एवं बिजली बिल माफी योजना का कैम्प, उपभोक्ताओं ने लिया योजना का लाभ)
दिनांक 04 जुलाई 2018, स्थान - कटरा डीसी, त्योंथर संभाग, रीवा मप्र
(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)
ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले कई ग्रामों में पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री मप्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना संबल योजना एवं सरल बिजली बिल स्कीम का कैम्प लगाया जा रहा है. जिनके अंतर्गत जन कल्याण संबल योजना में श्रमिकों एवं बीपीएल कार्डधारियों के पुराने बिजली के बिल माफ किये जाने के लिए आवेदन प्राप्त किये गए. इसी प्रकार जिन ग्रामों में सरल बिजली बिल योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है उनके 200 रुपये प्रति माह के हिसाब से बिजली बिल के लिए भी आवेदन प्राप्त किये गए हैं. जिन श्रमिकों का पंजीयन क्रमांक उपलब्ध नही था उन्हें बाद में कटरा विद्युत वितरण केंद्र में आकर फॉर्म जमा करने की सलाह दी गई है. कैथा श्री हनुमान मंदिर में कैम्प में उपस्थित कटरा विद्युत वितरण के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी एवं लाइनमैन भारत पटेल सहित अन्य कर्मचारियों द्वारा बताया गया की जो हितग्राही किसी कारण बस आज कैम्प में उपस्थित नही हो पाये हैं वह बाद में भी कटरा एवं गढ़ में आकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं और मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ले सकते हैं. अभी यह स्कीम कई दिनों तक चलेगी.
सैकड़ों आवेदकों ने लिया स्कीम का लाभ
कैथा श्री हनुमान मंदिर में आयोजित बिजली बिल माफी की संबल योजना एवं 200 रुपये प्रतिमाह सरल बिजली बिल स्कीम योजना का लाभ लेने के लिए कैथा एवं आसपास सोरहवा, मिसिरा, बड़ोखर आदि ग्राम के लोगों ने इस योजना का लाभ लिया.
मुख्यमंत्री की संबल योजना एवं सरल बिजली बिल स्कीम से मिली है भारी राहत
उपस्थित उपभोक्ताओं एवं श्रमिकों ने बताया की मुख्यमंत्री की इस योजना से लोगों को काफी राहत मिली है. कैथा हरिजन बस्ती के विहारीलाल साकेत एवं बतसिया साकेत ने बताया की उनका बिल पिछले तीन साल से नही आ रहा था. कनिष्ठ यंत्री श्री सोनी ने अपने डेटाबेस में जाकर देखा तो जानकारी मिली की विहारीलाल साकेत के नाम से 20 हज़ार से ऊपर तक बिजली बिल हो चुका था. इसी प्रकार सिद्धमुनि द्विवेदी निवासी कैथा ने बताया की उनका बिजली बिल प्रतिमाह 8 सौ से अधिक आ रहा है जिसे करेक्ट किया जाना चाहिए क्योंकि बिजली का लोड काफी कम है.
इसी प्रकार सुखमंती केवट, बृजभान केवट, राजेश पटेल, राम सजीवन केवट, अमृतलाल जायसवाल, मोतीलाल साकेत, रामसजीवन कोल, सत्यभान पटेल, संपत्ति पटेल, राजबहोर पटेल, बृज वाशी पटेल, छोटेलाल पटेल, दंगल सिंह, संत कुमार सिंह सहित अन्य कई उपस्थित उपभोक्ताओं ने बताया की मप्र शासन की इस योजना से गरीब जनता को काफी लाभ मिला है. सभी लोगों ने सरकार की इस योजना को लेकर काफी प्रसन्नता जाहिर की.
कैम्प शुबह 11 बजे से प्रारम्भ होकर दोपहर 2 बजे तक चला.
संलग्न - कैथा श्रीहनुमान मंदिर सार्वजनिक स्थल पर उपस्थित कई ग्रामों कैथा, सोरहवा, बड़ोखर, मिसिरा आदि ग्रामों के हितग्राही एवं साथ ही कटरा डीसी के अधिकारी कर्मचारी जिंसमे कनिष्ठ यंत्री अभिषेक गौरव सोनी भी सम्मिलित रहे.
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शिवानन्द द्विवेदी. सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,
ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल - 7869992139, 9589152587

