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Thursday, May 17, 2018

शौभाग्य योजना बन रही दुर्भाग्य योजना, हरिजन बस्ती कैथा में सालों से टूटे खम्भे और कटी केबल आज तक नही हुए दुरुस्त, बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित (मामला ज़िले के कटरा डीसी अंतर्गत आने वाले कैथा ग्राम की पुरानी हरिजन बस्ती का जहां घर घर बिजली पहुचाने के लिए किये गई शौभाग्य योजना के सर्वे बाद सब ठंडे बस्ते में)

दिनांक 17 मई 2018, स्थान - गढ़, गगेव रीवा मप्र,

(कैथा, शिवानन्द द्विवेदी, रीवा-मप्र)

        देश भर में शौभाग्य योजनान्तर्गत चल रहे काम में तेजी नही दिख रही है. हो क्या रहा है की मात्र शौभाग्य योजना के नाम पर एक घर में निवासरत चार भाईयों के नाम पर अवैध रूप से बिजली के कनेक्शन जरूर बनाये जा रहे हैं. यह कहां का नियम है की एक घर जिसमे बड़े मुश्किल से चार गरीब परिवार मात्र एक कटिया लगाकर बिजली जला रहे हों उनके नाम पर अलग अलग बिजली के कनेक्शन बना दिए जाएं और उसे शौभाग्य योजना का कनेक्शन बता दिया जाय. कैथा ग्राम में ही शौभाग्य योजना के सर्वे के दौरान यज्ञनारायण केवट के घर में पहले से ही उनके पिता रामेश्वर केवट और यज्ञनारायण केवट के नाम पर घर का कनेक्शन था. अब हुआ यह की जब शौभाग्य योजना के सर्वेयर आये तो यज्ञनारायण केवट के बड़े लड़के अमित केवट के नाम पर भी कनेक्शन कर दिया गया जबकि यह बताया गया की अमित यहाँ पर नही रहता है बाहर रहता है और अभी सभी एकसाथ एक ही घर में रह रहे हैं जिनका एक घर का बिजली कनेक्शन पहले से ही है.

   कैथा हरिजन बस्ती में भी नही किया बिजली सप्लाई

   यही हाल कैथा की हरिजन बस्ती का भी है जहां पिछले साल भर से दो बिजली के खम्भे टूटे हैं साथ ही केबल भी टूटी हुई है. इस बाबत कई बार कंप्लेन भी दर्ज करवायी जा चुकी है लेकिन अब तक कैथा की पुरानी हरिजन बस्ती में राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन योजना के अंतर्गत लगाए गए ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई नही दी गई है.

   इस मामले को लेकर हरिजन बस्ती कैथा के बिहारीलाल साकेत, द्वारिका साकेत, उग्रसेन साकेत, छठिलाल साकेत, बुद्धसेन साकेत, रामखेलावन साकेत, इंद्रलाल साकेत, नंदलाल साकेत और सुखलाल साकेत आदि का कहना था की हमने कई मर्तबा सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायतें करवायी हैं लेकिन कुछ नही हुआ मात्र फ़र्ज़ी निराकरण दिया जा रहा है. सभी हरिजन परिवार 500 मीटर दूर सोरहवा ग्राम से कटिया लगाकर बिजली जलाने का कभी कभी प्रयास करते हैं लेकिन सोरहवा के कनेक्शन धारी लोग ऐसा नही करने देते क्योंकि सोरहवा के लाइन में इसकी वजह से कई बार फाल्ट लगता रहता है. 

  शौभाग्य योजना का ट्रांसफार्मर लगाने और खम्भा गाड़ने का काम पड़ा अधूरा 

   कैथा में हरिजन बस्ती और केवट बस्ती के बीच में गरीब हितग्राहियों के लिए बिजली पहुचाने के उद्देश्य से एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का भी कार्य किया जाना था. सर्वे के दौरान यह पाया गया था की इस इलाके में बिजली4 किमी दूर लगे ट्रांसफार्मर से होकर आती है जिससे लगभग हर दूसरे दिन फाल्ट की वजह के लाइन सप्लाई वाधित होती है साथ ही जहां से बिजली सप्लाई हो रही है वहां पर सौ मीटर से कटिया फसाकर बिजली आ रही है जिसके लिए एक अलग से ट्रांसफार्मर लगाने और आवश्यक खम्भे गाड़ने के लिए सर्वे किया गया था लेकिन यह काम आज तक प्रारम्भ नही हुआ है जिससे हरिजन, केवट और अन्य नजदीकी बस्ती के लोगों में काफी आक्रोश है की मात्र बिजली बिल तो मनमुताबिक दिए जा रहे हैं लेकिन घर घर लाइन कनेक्शन नही दिया जा रहा है. सभी ने कहा की ट्रांसफार्मर लगाया जाकर घरों के पास खम्भे गाड़े जाकर ही बिजली कनेक्शन दिया जाना चाहिए न की कटिया द्वारा. सभी का कहना था की उनके घरों में मीटर तक कभी नही लगाया गया जिससे उनके घरों में औसत बिजली बिलिंग की जा रही है. सभी का कहना था कि वह गरीब परिवार 500 से अधिक का बिजली बिल देने के लिए बाध्य हैं जबकि साल भर से कोई भी तरीके की बिजली नही जली है। सबका कहना था की हमने कई बार अपने अपने घरों में मीटर लगाकर ही बिजली बिल भरे जाने की बात कटरा जेई और त्योंथर डीई के समक्ष रखी है लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है.

संलग्न - हरिजन बस्ती कैथा, ब्लॉक गगेव, ज़िला रीवा मप्र में टूटे पड़े खम्भे और उनके पास खड़े हरिजन गरीब हितग्राही.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, 

मोबाइल - 97869992139, 09589152587

Tuesday, April 10, 2018

करहिया स्कूल के झूलते बिजली के तार दे रहे दर्दनाक हदशा को आमंत्रण (मामला ज़िले के कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले करहिया शासकीय स्कूल का)

दिनांक 10 अप्रैल 2018, स्थान - कटरा रीवा मप्र 

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

   बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से पूरे ज़िले में बिजली के झूलते तारों और अनियंत्रित लाइन की वजह से रोज हो रहे आगजनी के हादसों में कोई कमी नही दिख रही है. अभी पिछले दिनों जब कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले डाढ़ पंचायत के करहिया ग्राम में वहां के निवासी सुरेंद्र मिश्रा के ट्रेक्टर सहित पूरी फसल में इसी बिजली के अनियंत्रित और झूलते हुए तारों में स्पार्किंग की वजह के आग लगी थी तो वहां कटरा विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री दूसरे दिन घटनास्थल पर जांच करने पहुचे थे. जांच के दौरान कनिष्ठ यंत्री अभिषेक सोनी को वह सभी कुछ दिखाया गया जिसकी वजह से किसी भी समय खतरनाक हादसा हो सकता है. इसी बीच जब करहिया स्कूल में देखा गया तो पाया गया की स्कूल की बाउंड्री वाल के भीतर खींची गई बिजली की लाइन में कोई केबलीकरण का कार्य नही किया गया है और बिजली के तार ग्राउंड लेवल सके मात्र 8 से 10 फ़ीट की ऊंचाई पर थे. साथ ही ट्रांसफार्मर के पास से जो लाइन सप्लाई स्कूल के लिए ली गई थी उसमे कोई अतिरिक्त खम्भा नही लगाया गया था, मात्र डीपी से ही तार खींचकर सीधे सप्लाई दे दी गई थी. यह लाइन सप्लाई पूरे चार फेज में थी जिसमे हवा की वजह के स्पार्किंग और फाल्ट आम बात है. इस समस्या के बारे में भी संबंधित कटरा जे ई अभिषेक सोनी को अवगत कराया गया और तत्काल लाइन को स्कूल परिषर के भीतर से हटाने की माग की गई. इस बीच उपस्थित ग्रामीणों में सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी, सुरेंद्र मिश्रा, मनबहादुर सिंह, राजा तिवारी, ज्ञानदत्त दुबे, कुछ बढई समूह के लोग, लाइनमैन सुधाकर मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद थे.

संलग्न - संलग्न फोटोग्राफ में शासकीय करहिया स्कूल परिसर के भीतर खतरनाक स्तर में झूलते बिजली के तार जिनके कारण कभी भी कोई भी हदशा हो सकता है. साथ ही कटरा विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री अभिषेक सोनी और अन्य लोग.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, 

मोबाइल - 7869992139, 9589152587

Saturday, January 20, 2018

Rewa, MP - कटरा विद्युत वितरण केंद्र की मनमानी जारी, बिना मीटर कनेक्शन के ही भेजे जा रहे मनमाने बिल।


दिनांक 20 जनवरी 2018, रीवा मप्र

रीवा मप्र। (शिवानंद द्विवेदी)

    गरीबों पर विजली विभाग रीवा का कहर निरंतर जारी है।

              गरीब तबके के भूमिहीन हरिजन आदिवासियों जिनके घर की वासिन्दगी जमीन के पट्टे तक नही और जो एक दो कमरों के मकान में कहीं बसे टिके हुए हैं और मेहनत मजदूरी करके किसी प्रकार जीवन यापन कर रहे हैं , उनके ऊपर भी बिजली विभाग का सितम जारी है।

    इस फोटो में पीड़ित सोमधर आदिवाशी पिता जेठू आदिवाशी निवाशी भमरिया पंचायत सेदहा ब्लॉक गंगेव रीवा मप्र का निवासी है। 

    इस व्यक्ति के घर आजतक कोई बिजली नही जली परंतु औसत बिलिंग जारी है। 

     जिस व्यक्ति की सालाना कमाई ही 10 हज़ार रुपये के अंदर हो वह चार हज़ार का बिल और वह भी बिना बिजली जलाए कैसे दे इस प्रकार कहना था जेठू आदिवाशी का।

     जानकारी अनुसार देखा जाय तो बीपीएल और एस सी एस टी  आदि गरीब वर्गों हेतु सरकार का विशेष प्रावधान है जिसमे विशेष छूट भी मिलती है।

   राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन, दीनदयाल योजना और सौभाग्य योजना आदि से घर घर मीटर लगाकर बिजली सप्लाई की जा रही है जिसमे बिजली विभाग को सख्त निर्देश है कि घर घर जाकर मीटर लगाया जाए और मात्र मीटर रीडिंग के अनुसार ही बिजली बिल भेजा जाए।

     पीड़ित द्वारा बताया गया कि उसके घर के सामने एक डिब्बा लगाया गया था जो ठप्प पड़ा है लेकिन न तो कोई केबल खींची गई और न ही कोई बिजली सप्लाई दी गई लेकिन जैसा कि हर स्थान पर हो रहा है मनमुताबिक औसत बिलिंग प्रारम्भ कर दी गई।

     क्या बिजली विभाग में इतना दम है कि इंडस्ट्रियल क्षेत्र को दी जाने वाली हाई सब्सिडी को बंद करवा दे? 

    क्या बिजली विभाग में इतना दम है कि गाँव गाँव मे घर घर मीटर लगाकर मीटर रीडिंग के आधार पर बिलिंग करे?

    क्या बिजली विभाग नगर निगम रीवा, सहित रीवा के सरकारी कार्यालयों , तथाकथित बड़े अफसरों के बंगलों के लाखों में लंबित बिल की वसूली करने की ताकत है?

    नही मात्र गरीबो, किसानों और ग्रामीणों को ही सताने और लूटने के लिए यह सभी विभाग बने हैं।

    क्या यही है सुशासन और सबसे बड़ा लोकतंत्र?

   - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

   संलग्न - कृपया संलग्न फ़ोटो में देखें पीड़ित सोमधर का पिता जेठू आदिवाशी निवासी भमरिया पंचायत सेदहा हिनौती गंगेव ब्लॉक कटरा डीसी रीवा मप्र और साथ मे बिना बिजली जलाए उसके घर का बिल।

Wednesday, September 21, 2016

(Rewa, MP) जिला रीवा के कटरा डी.सी में बदहाल बिजली व्यवस्था, लाइन मेंटेनेंस और केबलीकरण की पूरी राशि भ्रष्ट्राचार की बलि चढ़ी.





स्थान – कैथा, गढ़ (रीवा, म.प्र.), दिनांक: 20.09.2016, दिन मंगलवार,

त्योंथर डी.ई. अंतर्गत कटरा विद्युत् वितरण केंद्र में गढ़ फीडर की बदहाल स्थिति. लाइनमैन राजकुमार मिश्रा और प्रभाकर सिंह मात्र तनख्वाह उठाते हैं. कनिष्ठ यंत्री सोनी अपनी रीवा की सुनार वाली दुकान में बैठते हैं. बिजली 24 घंटे में बमुश्किल से 6 घंटे. 

 (कैथा-गढ़, रीवा) कटरा विद्युत् वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले गढ़ फीडर में बिजली सप्लाई की स्थिति दयनीय बनी हुई है. यहाँ लगभग 150 किमी दूरी में एकमात्र फ़ीडर होने से कहीं भी फाल्ट की स्थिति में 24 घंटे में दर्जनों बार लाइन सप्लाई अवरुद्ध करनी पड़ती है और कई बार तो मनमाना भी लाइन कटौती मेंटेनेंस के नाम पर कर लेते हैं. यहाँ पर सीएम हेल्पलाइन और सामान्य शिकायतों का कोई प्रभाव नहीं होता.

दर्जनों सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का गलत और भ्रामक निराकरण –
गढ़ फीडर से दी जाने वाली अगडाल-कैथा लाइन के विषय में कई बार सीएम हेल्पलाइन में भी प्रकरण रखा गया परन्तु कोई सही निराकरण नहीं दिया जाता. मोबाइल फ़ोन आदि से दिए जाने वाले संदेशों का कोई प्रभाव नहीं होता. लाइनमैन का सीधा जबाब रहता है की मैं कुछ नहीं करूँगा जे.ई. से बात कर लो. और जे.ई. सोनी को तो कभी फ़ोन ही नहीं लगता. यही हाल ए.ई. और डी.ई. का भी है. अब जनता बिजली की समस्या की शिकायत आखिर किससे करे? कई बार तो समस्या से अधीक्षण यंत्री वर्मा को भी अवगत कराया गया परन्तु वहां से भी कोई विशेष समाधान नहीं निकला.

कटरा वितरण केंद्र में मेंटेनेंस और केबलीकरण की पूरी राशि अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा हज़म –
कम से कम कटरा विद्युत् वितरण केंद्र की स्थिति यह है की यहाँ पर पिछले 20 वर्ष से ऊपर से आज तक कभी भी मेंटेनेंस का काम नहीं हुआ. गढ़ फीडर सहित सम्पूर्ण कटरा वितरण केंद्र में ग्रामीण इलाकों में केबलीकरण का कार्य किया जाता था पर वह भी भ्रष्ट्राचार की बलि चढ़ गया. कागजों में तो केबलीकरण हुआ है परन्तु वास्तविक धरातल पर कहीं कुछ नहीं हुआ.

  सूचना के अधिकार की जानकारी को छुपाने और न देने का प्रयास –
इसके पूर्व जब कटरा डी.सी. में कनिष्ठ यंत्री एस.के. गुप्ता और रीवा संभाग में अधीक्षण यंत्री जैन थे तब सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के माध्यम से कटरा डी.सी. में मेंटेनेंस और ठेकेदारों द्वारा कार्य, केबलीकरण, और पिछले 25 वर्ष में जले और बदले गए ट्रांसफार्मर की जानकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण और जनहित सम्बन्धी जानकारी चाही गयी थी परन्तु इन उक्त अधिकारियों द्वारा भ्रष्ट्राचार में संलिप्त होने के कारण और राशि का गबन करने के कारण उक्त जानकारी छुपाने का प्रयास किया गया था. तब आवेदक कतिपय कारणों से अपीलिंग प्रक्रिया में नहीं जा पाया था. उक्त जानकारी न देने और छुपाने का तात्पर्य ही था की चूंकि कभी भी मेंटेनेंस और केबलीकरण का कार्य कटरा डी.सी. में नहीं हुआ था और पूरी राशि का गबन ठेकेदारों की मिली भगत से कर लिया गया था तो यह जानकारी कैसे साझा की जा सकती थी? 

गरीब जनता से मनमाने बिलिंग – यहाँ की गरीब जनता और यहाँ तक की जो बीपीएल और अति गरीबी में शामिल हैं उनके हजारों के बिल आते हैं. सोरहवा ग्राम के राम नरेश पटेल, कशी पटेल, ब्रिजवासी पटेल, हरिबंस पटेल, सुरेश पटेल, राज बहोर पटेल, कैथा से भद्रिका प्रसाद द्विवेदी, भैयालाल द्विवेदी, बनस्पति द्विवेदी, भैयालाल पाण्डेय, रावेन्द्र केवट, सतानंद केवट, सोमधर मिश्रा, अम्बिका प्रसाद मिश्रा, और इसी प्रकार पडुआ, मिसिरा, इटहा, अमिलिया, बडोखर, हिनौती आदि कई ग्रामों में उपभोक्ताओं से बिना मीटर रीडिंग के मनमाने तरीके से बिलिंग ली जाती है. उक्त सभी उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग 150 और उससे ऊपर बताई जाती है है जबकि सभी बमुश्किल दो या तीन LED अथवा CFL बल्ब जला पाते हैं. साथ ही कभी भी गढ़ फीडर और अगडाल-कैथा की लाइन कुल छः घंटे से अधिक नहीं दी जाती है. कई बार गरीब लोग अपने बिजली के बिल लेकर सामाजिक कार्यकताओं के पास आते हैं परन्तु इतनी शिकायतों और न्यायालयीन प्रकरणों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती. बिजली विभाग का कहना होता है की चोरी के कारण पेनाल्टी और उच्च बिलिंग होती है. परन्तु कई गरीब परिवार मात्र एक या  दो एलईडी अथवा सीएफएल बल्ब जलाते हैं. यही हाल सामान्य उपभोक्ताओं का भी है. उनकी भी मनमाने और औसत बिलिंग की जाती है जिसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं है. बिजली विभाग का स्वयं का न्यायलय होने से वहां भी बिजली विभाग के कर्मचारी अधिकारी जो लिख कर देते हैं जज भी उसी को मानता है. त्योंथर के बिजली न्यायलय में कई ऐसे प्रकरण हुए हैं जिनमे उपभोक्ता से मनमाने पैसे और पेनाल्टी ले ली गयी और उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई ऐसे में सामान्य उपभोक्ताओं को चोरी करने पर मजबूर होना पड़ता है और इस न्यायालयीन प्रक्रिया से विश्वास भी उठ जाता है. कई उपभोक्ता लाइनमैन को कुछ ले दे कर औसत बिलिंग को ठीक करवा लेते हैं. उनको लगता है की ऊपर चिल्लाने और हल्लागुल्ला से तो बेहतर है की लाइनमैन को ही ले दे कर मामला सलटा लो जिससे लाइनमैन ज्यादा रीडिंग ही न भेजे. जनता चोरी नहीं करती बल्कि उसे चोरी करने के लिए इन कर्मचारियों द्वारा मजबूर होना पड़ता है.

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शिवानन्द द्विवेदी
(सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता)
ग्राम कैथा, पोस्ट अमिलिया, थाना गढ़,
जिला रीवा  (म.प्र.) पिन ४८६११७

मोबाइल नंबर – 07869992139