"One who is unattached to the fruits of his work and who works as he is obligated is in the renounced order of life, and he is the true mystic: not he who lights no fire and performs no work". - |||श्रीमद भगवद गीता, अध्याय 6, Verse 1|||
Thursday, January 16, 2020
(MP ब्रेकिंग) आरटीआई की धारा 4 की शक्तियों से होती है जानकारी सार्वजनिक (जानिए कैसे आरटीआई के एक मामले में मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने दिया सम्पूर्ण मप्र की 1148 पंचायतों में कराधान योजना के कार्यों को सार्वजनिक करने का आदेश)
Tuesday, January 14, 2020
(MP breaking) आरटीआई लाइव - लगातार जुर्मानों के बाद भी नही चेत रहे अधिकारी, मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह द्वारा लगातार हो रही कार्यवाहियों से प्रदेश में मचा है हड़कम्प, लोग पूंछ रहे अबकी बार किसकी बारी
Wednesday, December 18, 2019
आरटीआई की जानकारी समय पर नही दिया, मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने लगा दिया 15 हज़ार का जुर्माना, पीआईओ ने कई नोटिसों के जबाब में आयोग के आदेशों की किया था अवहेलना, रीवा जिला शिक्षा केन्द्र का है मामला
Tuesday, August 28, 2018
स्वयं के बनाये कीचड़ में फंसा शिवराज का विकाश रथ (मामला ज़िले के विभिन्न ब्लॉकों में मप्र सरकार द्वारा भेजे गए ठेके के विकाश रथ की दुर्दशा का जो की गांव में घुसने के पहले ही कीचड़ से सराबोर सड़कों में फंस रहा, लोगों की गालियां खाकर कार्यकर्ता हो रहे वापस)
दिनाँक 28 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र
(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)
सरकारी पैसे में वर्तमान मप्र सरकार द्वारा ठेके में दिया गया विकाश रथ अपने ही द्वारा समाज में फैलाये गए कीचड़ में फंसता जा रहा है. बात करें मप्र की शिवराज सिंह चौहान की सरकार द्वारा गांव गांव भेजे गए विकाश रथ की तो दिनांक 27 अगस्त को यह ठेके का विकाश रथ मनगवां विधानसभा एवं गंगेव जनपद की लोटनी, हिनौती, बांस एवं कैथा, पडुआ पंचायत में भेजा जाना था लेकिन हिनौती पंचायत से होते हुए जैसे ही करहिया वाया बड़ोखर ग्राम में घुसा तो बड़ोखर ग्राम की शिक्षा गारंटी की स्कूल के आगे सुरसरी सिंह परिहार के घर से बृजराज सिंह के घर के आगे तक लगभग ढाई सौ मीटर की पंचायती सड़क में कीचड़ के बीच बुरी तरह से फंस गया. इस बीच विकाश रथ में उपस्थित कटनी एवं सीहोर के दो कार्यकर्ता जिनको पेमेंट देकर सरकार ने ठेके में हायर किया हुआ था वह पैदल चलते हुए आदमी ढूंढते हुए कैथा श्रीहनुमान मंदिर तक पहुचे जहां पर उपस्थित मीडिया ग्रुप खुलासा लाइव न्यूज़ के आनंद द्विवेदी एवं सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी मौके पर पहुच कर कीचड़ में फंसी हुई विकास रूपी सरकार की गाड़ी को निकालने में मदद किये. यह अपने आप में अजीबोगरीब वाकया ही कहा जाएगा की सरकार के विकाश की कीचड़ में फंसी गाड़ी को आम जनता निकाल रही है. अब सरकार को अपने विकाश रथ को स्वयं निकाल पाने की कूबत नही बची. पर जिस प्रकार की स्थिति अब बनी हुई है इससे साफ जाहिर है अब शायद आम जनता के बलबूते नही बचा की सरकार की फंसी हुई गाड़ी को निकाल पाए.
बड़ोखर ग्राम की सड़क को खा गया सरपंच सचिव
बड़ोखर ग्राम की सड़क को हिनौती पंचायत के सरपंच और सचिव ने मिलकर समाप्त कर दिया. आज से पांच वर्ष पहले भूतपूर्व सरपंच श्रीधर द्विवेदी द्वारा बनाई गई इस पंचायती सड़क को वर्तमान सरपंच ने कुछ नही किया. आम जनता की माने तो मुनेंद्र सिंह परिहार, सुरसरी सिंह परिहार, शिवेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, दंगल सिंह, संते सिंह, बृजराज सिंह राजमणि पटेल, छोटेलाल पटेल, बृजबासी पटेल आदि के अनुसार वर्तमान सरपंच ने एक मुट्ठी मोरम तक इस सड़क में नही डाला.
हिनौती पंचायत में जमकर हुआ भष्ट्राचार
यदि वास्तव में देखा जाए तो शान्तिधाम से लेकर अन्य ग्रेवल सड़क निर्माण, मनरेगा एवं पंच परमेश्वर के कई कार्यों में वर्तमान सरपंच और सचिव द्वारा खूब जमकर खाया पिया गया है. यहां तक की कैथा पंचायत के मजदूरों संतोष केवट, तेजेस्वरी केवट, रामखेलावन केवट आदि द्वारा हिनौती पंचायत में कार्य तो करवाया गया लेकिन इनका पेमेंट आज तक नही दिया गया. जबकि देखा जाए तो दूसरी पंचायत के श्रमिक मजदूरों द्वारा किसी अन्य पंचायत में कार्य करवाने का प्रावधान तब तक नही है जब तक उस पंचायत में मजदूर उपलब्ध हों. हिनौती पंचायत में ऐसे कई मजदूर हैं जिनकी मजदूरी आज तक नही मिली है.
मप्र की सड़कें अमेरिका से हैं बेहतर
बड़ोखर जैसे कई ग्रामों की बातें सामने आईं तो याद आया की एक बार मप्र के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने अमेरिका दौरे में कहा था की मप्र की सड़कें अमेरिका से बेहतर हैं. शायद यह कथन मानवीय इतिहास का अब तक सबसे बड़ा जोक बन चुका है. पर यह सरकारें तो इतनी बेशर्म हो चुकी हैं जिन्हें हंसी का पात्र बनने पर भी कोई शर्म नही.
ग्रामों की सड़कें तो खैर है नमूना हैं हीं, यहां तो हाईवे सड़कों की हालात देख लें तो शर्म आती है की क्या यही मानवाधिकार है, क्या यही 70 वर्ष का भारतीय लोकतंन्त्र है. क्या यही 70 वर्ष की स्वतंत्रता बाद कि उपलब्धि है. सवाल यह उठता है किस मुँह से यह राजनेता जनता के समक्ष वोट मांगने आते हैं.
इस विकाश यात्रा में सम्मिलित ठेके के कार्यकर्ताओं ने बताया की उनकी सबसे अधिक दुर्दशा हो रही है क्योंकि ग्रामों में कहीं भी सड़क अच्छी नही है और जिस ग्राम में वह जाते हैं वहीं उनके जान पर बन आती है.
सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा रिकॉर्ड फेसबुक लाइव वीडियो को एक दिन में 10 हज़ार से अधिक लोगों ने देखा
जब मप्र सरकार के कीचड़ में फंसे हुए विकाश रथ को निकालने के लिए आम जनता के साथ सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी एवं खुलासा मीडिया न्यूज़ डिस्ट्रिक्ट ब्यूरो आनंद द्विवेदी पंहुचे तो बड़ोखर ग्राम की शिक्षा गारंटी की स्कूल के पास फेसबुक में लाइव वीडियो भी शेयर किया गया था जिसे मात्र 24 घंटे के भीतर ही 10 हज़ार से अधिक लोगों ने देखा है और विभिन्न प्रकार के मजेदार कमेंट किये जा रहे हैं जिसकी लिंक भी यहां पर नीचे दी जा रही है. इस वीडियो में वह सभी बातें सामने आई हैं जो वर्तमान सरकार के हवा हवाई वादों की पोल को स्पष्ट बयां कर रही है.
फेसबुक वीडियो लाइव लिंक- https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2122566207985583&id=100006966720612
संलग्न - कृपया गंगेव जनपद के हिनौती ग्राम पंचायत के बड़ोखर ग्राम में कीचड़ से वापस लौटती विकाश रथ की फ़ोटो साथ ही बड़ोखर ग्राम की खस्ताहाल कीचड़ से सनी हुई सड़क.
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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,
ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139
Friday, August 10, 2018
करायत सर्प पकड़ कर जंगल में छोड़ा गया (ज़िला रीवा के थाना गढ़ अन्तर्गत करहिया ग्राम में नंदलाल सिंह के घर से पकड़ कर गदही के जंगल में छोड़ा गया)
दिनांक 10 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र
(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)
अपने आप में एक नए घटनाक्रम में दिनाँक 10 अगस्त 2018 को थाना गढ़ अन्तर्गत करहिया ग्राम में नंदलाल सिंह के घर में बनाये जा रहे नए मकान के पिलर में एक सर्प के गिरे होने की खबर मिली. रोहित सिंह नामक युवक द्वारा जानकारी दी गई की उनके घर में एक जहरीला किश्म का काला सांप घुसा हुआ है. इस पर लगभग डेढ़ बजे के आसपास पहुचा गया और मौके पर पिलर के गड्ढे में फंसे हुए सर्प को सांप पकड़ने वाले क्लिप से सर्प को बाहर खींचा गया. देखने पर पता चला की सांप की लंबाई लगभग ढाई से तीन फिट के बीच में थी. जानकारों द्वारा बताया गया की यह सांप अत्यंत जहरीला किश्म का होता है जिसके डसने पर व्यक्ति की आधे घंटे के अंदर ही मौत हो सकती है.
लोकल भाषा में इस सर्प को करायत बोला जाता है. इस सर्प की पीठ चमकीली काली रंग की होती है जिंसमे सफेद धारियां होती हैं.
सर्प को सुरक्षित पकड़ कर गांव से सटे हुए गदही रवार के जंगल में छोंड़ दिया गया. जहां से वह पत्थर की चट्टान के नीचे घुस गया.
इसके पूर्व भी जंगल में सुरक्षित छोंडे गए हैं कई जहरीले नाग
कैथा, सोरहवा, बड़ोखर, करहिया, जमुई एवं आसपास के क्षेत्रों में पिछले एक दो सालों में लगभग एक दर्ज़न भर जहरीले किश्म के नाग पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोंडे गए हैं. इसे पकड़ने में मुख्य रूप से सोरहवा निवासी हरीबन्स पटेल जो की कोतमा अनूपपुर में दैनिक वेतन भोगी कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं उनका योगदान था. उन्ही के सहयोग और ट्रेनिंग से आज गांव के अन्य लोग भी सांपों के प्रति भय दूर कर इन्हें पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोंड़ने का कार्य कर देते हैं.
संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें श्री नंदलाल सिंह करहिया के घर में पकड़े गए करायत सांप को पकड़कर छोड़ा गया.
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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,
ज़िला रीवा मप्र, मोब 9589152587, 7869992139.