"One who is unattached to the fruits of his work and who works as he is obligated is in the renounced order of life, and he is the true mystic: not he who lights no fire and performs no work". - |||श्रीमद भगवद गीता, अध्याय 6, Verse 1|||
Monday, December 30, 2019
(MP News) काल बनकर आई ठंड ले रही गोवंशों की जान (मामला जिले और प्रदेश में गोवंशों की स्थिति पर जहाँ भीषण ठंड में अवैध बाड़ो में कैद मवेशी मर रहे बेमौत, किसान और गोवंश दोनो की स्थिति हुई दयनीय, 1000 गोशालाओं का सपना अभी भी अधूरा)
Saturday, December 21, 2019
(Rewa, MP) धान खरीदी में घपला, किसानों से ले रहे 41 किलो से अधिक धान, पूंछने पर आर्द्रता का बता रहे कारण (मामला जिले के खरीदी केंद्रों का जहां किसानों का जमकर चल रहा शोषण, 40 किलो 600 ग्राम से अधिक की की जा रही खरीदी, किसान परेशान कोई नही सुन रहा किसानों की समस्या)
Wednesday, December 18, 2019
आरटीआई की जानकारी समय पर नही दिया, मप्र राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह ने लगा दिया 15 हज़ार का जुर्माना, पीआईओ ने कई नोटिसों के जबाब में आयोग के आदेशों की किया था अवहेलना, रीवा जिला शिक्षा केन्द्र का है मामला
एक्टिविज्म पेशा या जुनून? समस्या है सरकारी पारदर्शिता की || यदि सरकार होगी पारदर्शी और जबाबदेह तो एक्टिविस्टों का कार्य भी होगा सीमित
Sunday, May 20, 2018
पनगड़ी महादेवन शिवमंदिर में कलश यात्रा के साथ सार्वजनिक 7 दिवशीय सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुष्ठान प्रारम्भ (मामला रीवा ज़िले के सिरमौर वन परिक्षेत्र में आने वाले पनगड़ी बीट जंगली क्षेत्र में महादेवन शिवमंदिर में विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ हो रहे महामृत्युंज सवा लाख जप अनुष्ठान का जिसमे कार्यक्रम का समापन रुद्राभिषेक हवन एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा)
दिनांक 20 मई 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र
(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)
रीवा के थाना गढ़ अंतर्गत पनगड़ी ग्राम के पावन पुनीत स्थली महादेवन शिव मंदिर में विश्व शांति, सर्वजन कल्याणार्थ एवं सर्वजीव हितार्थ सवा लाख महामृत्युंजय मंत्रों के साथ जप अनुष्ठान का कार्यक्रम दिनांक 20 मई को सुबह 8 बजे कलश यात्रा के साथ प्रारम्भ हुआ जिसमे पनगड़ी, अतरैला, भठवा, कैथा, मदरी, भौखरी, पताई, बांस, कठमना, लोटनी, हिनौती, सेदहा, नेवरिया, डाढ़, करहिया आदि आसपास के ग्राम क्षेत्र के श्रद्धालुगण सम्मिलित हुए.
कलश यात्रा का कार्यक्रम महादेवन शिव मंदिर में बनाये गए यज्ञशाला से प्रारम्भ होकर पनगड़ी महादेवन जंगल में स्थित प्राकृतिक जलस्रोत तक पहुचा. झरने के पास बैठकर गंगा पूजा का औपचारिक कार्यक्रम कराया गया और इसके साथ ही वहीं झरने से सभी कलशों को पानी के भरकर वापस यज्ञस्थली पावन महादेवन शिव मंदिर के पास लेकर स्थापना की गई.
इस बीच कलश यात्रा के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण अपने अपने ग्राम क्षेत्र से चलकर जंगली क्षेत्र में स्थित महादेवन शिव मंदिर में पधारे. इस बीच कलश यात्रा में महिलाओं और बालिकाओं ने अपने अपने सिर पर कलश लेकर पैदल यात्रा की.
कार्यक्रम के मुख्य यजमान के रूप में पनगड़ी निवासी राम अनंत मिश्रा एवं राजेन्द्र सिंह ने सपत्नीक पूजा अर्चना के कार्यक्रम में भाग लिया. इस बीच पूरे क्षेत्र से उपस्थित भक्त श्रद्धालुओं में रघुराई दास, बद्री पांडेय, शिव शंकर द्विवेदी, सुरेंद्र सिंह, शिवेंद्रमणि शुक्ला, संतोष शुक्ला, अम्बिका पटेल, गौरव शुक्ला, स्वतंत्र शुक्ला, प्रमोद सिंह एवं गैर-सरकारी संस्था श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत के राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी सहित काफी लोग मौजूद रहे.
कार्यक्रम में प्रमुख आचार्य श्री गौरीशंकर शुक्ला जी होंगे जो प्रयागराज से दुर्वाशा आश्रम से सेवानिवृत्त संस्कृत के आचार्य हैं साथ ही उनका सहयोग कुल 7 अन्य पंडितगण करेंगे जिनमे हिनौती से आचार्य वरुण शुक्ला और अन्य हैं. कार्यक्रम में सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुष्ठान 26 मई तक चलेगा जबकि 27 मई को सम्पूर्ण कार्यक्रम का समापन हवन एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा. इस विशेष सार्वजनिक अनुष्ठान में सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है.
संलग्न - दिनांक 20 मई को प्रारम्भ में कलश यात्रा की तस्वीरें यहां पर संलग्न हैं.
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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,
मोबाइल 07869992139, 09589152587,
Monday, May 14, 2018
पीएम सड़क की एसक्यूएम जांच - हथौड़ा मारा नही की पुलें भरभरा गईं, हथौड़े के हल्के प्रहार ने खोल दी पीएम सड़क पर बनी घटिया पुलों की पोल (मामला ज़िले के गंगेव जनपद अंतर्गत आने वाली 333.43 लाख लागत से बनने वाली अगडाल (लौरी) से कैथा 9.4 किमी एवं भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की गुणवत्ता की जांच का, कैथा एवं पनगड़ी पीएम सड़क की एक बार पुनः हुई एस क्यू एम जांच)
दिनांक 14 मई 2018, स्थान - गढ़ गंगेव रीवा मप्र,
(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)
सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी की एनआरआरडीए एवं एमपीआरआरडीए को की गई शिकायत के आधार पर एक बार पुनः जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम का गठन कर जांच के लिए रीवा भेजा गया जिसमे मुख्य रूप से एसक्यूएम रिटायर्ड चीफ इंजीनियर श्री जैन एवं रीवा से सीजीएम यू वी सिंह, मऊगंज जीएम नरवरिया, उपयंत्री गंगेव अमित गुप्ता, उपयंत्री शिवपाल सिंह परिहार, टीएल महेंद्र सिंह, एजीएम सुजीत निगम समेत अन्य पीएम सड़क विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे. जांच के दौरान सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के कांट्रेक्टर प्रतिनिधि संदीप पांडेय भी उपस्थित रहे.
अगडाल से कैथा पीएम सड़क की गुणवत्ता प्रश्न के दायरे में
पहली बार ऐसा हुआ है की इस अगडाल से कैथा 9.4 किमी जो की 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार की लॉगत से बन रही पीएम सड़क की कुछ हद तक सही मायने में जांच हुई है. चीफ इंजीनियर एवं जांच अधिकारी के तौर पर आये श्री जैन ने सभी आधिकारियों की हवा खिसका दी. जीएम, उपयंत्री, टीएल और ठेकेदार सभी को आड़े हांथों लिया और जांच में सभी बिंदुओं को गहराई से देखा गया. हाफ क्यूबिक मीटर का गड्ढा खोदकर सड़क के बीचोंबीच से मटेरियल निकालकर पूरी तरह से जांच की गई और सभी बिंदुओं को विधिवत मॉनिटर किया गया. सभी जानकारी ली गई.
पुलो में हथौड़ा मारकर तोड़ा तो भरभरा कर गिर गई
पुल की जांच के विषय में बात आई तो स्वयं जांच अधिकारी श्री जैन द्वारा पुलों को हथौड़ा मारकर टेस्ट किया गया जिसमे पुलों को ठोंकने पर पुलें भरभरा कर टूट रहीं थी जिससे साफ पता चल रहा था की पुलों में सही मटेरियल का उपयोग न किया जाकर निम्नस्तर का कार्य किया गया है. इस बाबत जांच अधिकारी चीफ इंजीनियर श्री जैन ने उपस्थित टीएल, जीएम, उपयंत्री और ठेकेदार की जम कर खिंचाई की और कहा की आओ आप लोग स्वयं भी थोड़ा हथौड़ा मारकर देखो की कितना घटिया काम किया है. इस बाबत सभी जांच की फ़ोटो और वीडियो भी बनाई गई है.
सामाजिक कार्यकर्ता को सही कार्यवाही का दिया आश्वासन
इस बीच जांच अधिकारी श्री जैन ने सामाजिक कार्यकर्ता को बताया की आप निश्चिन्त रहिये इसमे बिल्कुल सही और निष्पक्ष कार्यवाही की जाएगी और किसी को भी नही बक्सा जाएगा. श्री जैन ने जीएम नरवरिया, उपयंत्री, टीएल और ठेकेदार सभी को खींचा और कहा की आप सबके कार्यकाल में ऐसा कार्य कैसे हो गया. आप सब किस बात की जांच करने आते थे और क्या मॉनिटरिंग करते थे. विशेषतौर पर मऊगंज पीएम सड़क के अधिकारियों की तो जांच आधिकारी ने जम कर क्लास ली.
भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की भी हुई एस क्यू एम जांच
इस बीच अगडाल से कैथा पीएम सड़क की जांच के उपरांत श्री जैन भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की जांच करने पहुचे जहां पर उपस्थित रायबरेली के ठेकेदार की भी जमकर खिंचाई की तथा यह भी कहा की कहीं न कहीं इसके लिए विभाग भी जिम्मेदार है की आखिर दिसंबर वर्ष 2012 का पीएम सड़क का प्रोजेक्ट आज 6 साल तक कैसे पूरा नही किया जा सका. जांच आधिकारी ने सीसी सड़क की जांच करने पर पाया की सीसी सड़क आज से 5 वर्ष पहले बनते ही उखड़ गई थी जिस पर ठेकेदार को कहा की इस पर ऊपर से मोटी परत चढ़ाएं नही तो जाने की तैयारी करलें क्योंकि ठेका तो निरस्त होगा ही साथ ही बड़ी रिकवरी भी होगी.
जांच के बाद आये होश ठिकाने, ठेकेदार बने रहे भीगी बिल्ली
कुल मिलाकर बॉडी लैंग्वेज के तौर पर देखा जाए तो यह पहली जांच थी जिसमे लग रहा था की किसी ईमानदार जांच आधिकारी द्वारा जांच की जा रही है जिसे जनता के हित और उसकी भावनाओं की कदर है. अब देखना यह होगा की दिनांक 14 मई 2018 की एसक्यूएम जांच के बाद गंगेव और रीवा के ठेकेदारों के दिमाग ठिकाने आते हैं और साथ ही ज़िले में कार्यरत पीएम सड़क विभाग के अधिकारियों के भी कान में जू रेंगती है की सब कुछ एक बार पुनः पहले जैसे ही चलना शुरू हो जाएगा।
ग्रामीणों ने भी जांच अधिकारी की प्रशंसा की
यद्यपि इस जांच के दौरान उपस्थित अन्य ग्रामीणजनों ने भी जांच अधिकारी की काफी प्रसंसा की. विशेष तौर पर जांच अधिकारी श्री जैन ने संबंधित ठेकेदारों और पीएम सड़क रीवा के अधिकारियों को उनके कर्तव्य याद दिलाये तो लोगो ने जमकर प्रसंशा की की चलो अच्छा तो है की कोई ऐसा जांच अधिकारी आया है जो चिकनी चुपड़ी बातें कम कर रहा है और काम की बातें ज्यादा कर रहा है.
संलग्न - रीवा ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत बनाई जा रही अगडाल से कैथा पीएम सड़क की जांच करने आये जांच अधिकारी श्री जैन, सीजीएम यू वी सिंह, जीएम नरवरिया, ए जी एम सुजीत निगम आदि की जांच के दौरान तस्वीरें.
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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,
मोबाइल - 078699912139,09589152587
Friday, May 4, 2018
पीएम सड़क के किनारे नाली निर्माण न होने से खोद डाली सड़क (मामला ज़िले के मऊगंज पीएम सड़क अंतर्गत कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क की बदहाली का, ठेकेदार ने नही डाली पाइप और नही बनाई नाली तो इस बारिस में भर गया पानी, ग्रामीणों ने खोद डाली सड़क)
दिनाँक 05 मई 2018, स्थान - गढ़/गगेव रीवा मप्र
(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)
ज़िले में बनाई जा रही पीएम सड़कों के परखच्चे बनते ही उड़ने लगे हैं. घटिया निर्माण की शिकायत तो आम बात है उधर पर्याप्त सामग्री और सही यांत्रिकी न होने की वजह से सड़कों को दूसरे अंदाज़ में भी नुकसान पहुचाया जाता है.
ठेकेदार ने नही बनायी नाली न ही डाला पाइप
हरिजन बस्ती लौरी के लोगों ने बताया की जब कैथा से अगडाल वाया अकलसी इटहा पीएम सड़क मार्ग का काम चल रहा था तो ग्रामीणों ने पाइप डाले जाने अथवा नाली निर्माण की माग की थी लेकिन ठेकेदार ने गंभीरता से नही लिया और रोड बना दिया. ग्रामीणों ने बताया की रोड भी घटिया बनी है साथ ही नाली न बनने से पानी उनके घरों में घुस गया था जिससे उन्हें मजबूरन सड़क को बीचोबीच से काटना पड़ा नही तो उनके घरों में पानी घुस सकता था.
बस्तियों में नाली निर्माण आवश्यक नही तो पीएम सड़क का होगा सत्यानाश
कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क के किनारे बसी हुई बस्तियों में नाली निर्माण नही किया गया तो बरसात का पानी ग्रामीणों के घरों में घुसेगा जिससे मजबूरन उन्हें सड़क को काटना पड़ेगा.
यह मात्र ठेकेदार और पीएम सड़क के अधिकारियों की मनमानी के चलते ऐसा हो रहा है जिससे ठेकेदार पर कोई लगाम नही है. लोगों ने बताया की यदि उनके घरों के पास नाली नही बनी तो उन्हें हर स्थान से सड़क काटना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
अकस्मात खोदी गई सड़क में मात्र दिखा राख और डस्ट का ढेर
लौरी हरिजन बस्ती के पास रहवाशियों द्वारा पानी भरने की वजह से खोद दी गई पीएम सड़क में इसकी घटिया गुणवत्ता भी उजागर हुई है. सड़क बीच खोदी नाली के अंदर स्पष्ट रूप से मात्र राख, मिट्टी और डस्ट का ही ढेर दिखा जिसमे 40 और 20 एमएम की गिट्टी तो कहीं दूर दूर तक नामोनिशान नही था. इससे भी स्पष्ट होता है की पिछले दिनों दिखावे के लिए की गई एसक्यूएम जांच भी फ़र्ज़ी ही थी जिसमे अलग अलग कई घेरों में काफी मात्रा में 40 एमएम और 20 एमएम की बाहर से लाई गई गिट्टी का ढेर दिखाया गया था.
संलग्न - थाना गढ़ अन्तर्गत लौरी ग्राम की हरिजन बस्ती के पास इस बरसात का पानी घुसने से काटी गई सड़क किस स्थिति संलग्न है.
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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,
मोबाइल 7869992139, 9589152587
बांस सहकारी समिति में किसानों पर अत्याचार (मामला ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत बांस सहकारी समिति के समिति प्रबंधक की मनमानी का)
दिनांक 05 मई 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र
(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)
ज़िले में एक बार फिर सहकारी समितियों में मनमानी हावी हो रही है. समिति प्रबंधकों ने किसानों के साथ लूट मचा कर रखी है. दिए गए खाद बीज से कहीं अधिक कीमत वशूली जा रही है जबकि प्रदेश का मुखिया किसानों के व्याज अनुदान की बात कर रहा है. किसान मारे मारे फिर रहे हैं सबको पर्ची दिखा रहे हैं लेकिन कोई समाधान नही किया जा रहा है.
बांस समिति प्रबंधक महेंद्र त्रिपाठी डटे हैं 20 वर्ष से
ज़िले के गढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित बैंक अंतर्गत 9 समितियां आती हैं जिनमे एक बांस सेवा सहकारी समिति भी सम्मिलित है. बांस सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक का कार्यभार स्थानीय निवासी महेंद्र त्रिपाठी देखते हैं. बताया गया है की महेंद्र त्रिपाठी बांस समिति में पिछले 20 से अधिक वर्षों से काबिज़ हैं जबकि नियमानुसार सभी समितियों के प्रबंधक एक स्थान पर मात्र 3 वर्ष तक रह सकते हैं. 3 वर्ष के बाद स्थानांतरण होना नियमावली में आता है. परंतु जोर जुगुत लगाकर महेंद्र त्रिपाठी बांस में निरंतर जमे हुए हैं और साथ ही रीवा सहकारिता विभाग की कृपा से इन्हें 6 अन्य समितियों का भी प्रभार दिया गया है जो समझ के परे है.
पडुआ ग्राम के किसान ने लगाया अधिक वशूली का आरोप
बांस समिति अंतर्गत आने वाले पडुआ ग्राम के पुस्तैनी निवासी रामसिया पटेल पिता प्रह्लाद पटेल ने बताया की उसने 3 अक्टूबर 2017 को 2 बोरी डी ए पी रुपये 2174 में बांस समिति से लिया था जिसे 4 मई 2018 को भरने गया तो समिति प्रबंधक बांस महेंद्र त्रिपाठी ने 2841 रुपये वसूल लिए.
पीड़ित रामसिया पटेल ने बताया की इससे बेहतर तो यही था की वह बाजार से ही खाद ले लेता तो इतना लंबा चूना नही लगता. रामसिया पटेल ने आगे बताया की हमारी फसल पूरी इस शूखे में नष्ट हो चुकी है और कोई उपज भी नही हुई साथ ही जबरदस्त घाटा भी लगा है ऐसे में समितियों की लूटाई से किसान और त्रस्त हो जाएगा और आत्महत्या करने पर मजबूर होगा. किसानों ने बताया की एक तरफ मुख्यमंत्री कर्ज़ में व्याज माफी की बात कर रहे हैं और साथ ही मात्र 50 प्रतिशत भरने की बात कर रहे हैं लेकिन समितियां हमसे अधिक वशूली कर रही हैं. पीड़ित रामसिया ने इस पर समिति प्रबंधक के ऊपर कार्यवाही की माग की है.
संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें पीड़ित किसान रामसिया पटेल पिता प्रह्लाद पटेल निवासी ग्राम पडुआ के 2 बोरी डी ए पी की 2174 की रशीद साथ ही ज्यादा वशूली गयी राशि 2841 रुपये की रशीद दिनांक 4 मई 2018. पीड़ित रामसिया पटेल की फ़ोटो भी संलग्न है.
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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,
7869992139, 9589152587
Tuesday, May 1, 2018
गढ़ सहकारी बैंक में अव्यवस्था का दौर जारी (मामला ज़िले के केंद्रीय ज़िला सहकारी बैंक शाखा गढ़ का, जहां किसानों और उपभोक्ताओं की समस्या का नही हो रहा निराकरण)
दिनांक 01 मई 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र
(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)
सहकारी बैंकों की कार्यप्रणांली पर पहले ही बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा हो चुका है. ज़िले के डभौरा और पनवार सहकारी बैंकों और समितियों में पिछले वर्षों हुए घोटाले ने सबकी आंखें खोल दी है.
आज बैंकिंग सिस्टम घोटालों का सिस्टम बन गया है. आये दिन किसी न किसी बैंक का फ्रॉड सामने आ रहा है जिसमे कोई न कोई व्यक्ति अरबों खरबों का घोटाला करके देश छोड़ कर भाग रहा है.
घोटालों से इतर बात करें तो बैंकों में व्यवस्था को लेकर भी बहुत बड़ा प्रश्न है. चाहे शहरी हो या ग्रामीण हर बैंक में आज उपभोक्ताओं की लंबी लंबी कतार देखी जा सकती है और व्यवस्था के नाम पर कहीं कुछ नही, जबकि देखा जाए तो हर एक सेवा के लिए उपभोक्ताओं को शुल्क देना पड़ता है। आज यदि ईमानदारी से सर्वे किया जाय तो ज़िले क्या पूरे प्रदेश के बैंकों में बहुत ही कम स्थानों पर गर्मियों में पानी की समुचित व्यवस्था, बैठने का समुचित स्थान, पंखे, कूलर वगैरह पाए जाएंगे. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों की तो और भी आधिक दुर्दशा है. यहां तो सारी व्यवस्था भगवान भरोसे ही टिकी होती है.
ज़िला सहकारी बैंक शाखा गढ़ में नही है इन्वर्टर-जनरेटर और प्रिंटर
यदि अकस्मात बिजली चली जाए तो ज़िला सहकारी बैंक शाखा गढ़ में बिना विद्युत के काम करने का कोई साधन मौजूद नही है. उपभोक्ता शिवेंद्रमणि शुक्ला द्वारा मोबाइल फोन और व्हाट्सएप्प के माध्यम से जानकारी दी गई की अभी काफी लंबी छुट्टियों के बाद दिनांक 01 मई को खुले केंद्रीय ज़िला सहकारी बैंक गढ़ में शुबह से ही बिजली गुल हो गई और किसान और दूसरे उपभोक्ता परेशान हो गए. बताया गया की एक वृद्ध किसान उपभोक्ता को तो गर्मी के कारण चक्कर भी आ गया जिसे पास ही लोकल डॉक्टर की क्लिनिक में भर्ती कराया गया तब जाकर उसे होश आया.
गढ़ सहकारी बैंक में बिजली गुल होना आम बात
ज़िले के केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा गढ़ में रोज रोज बिजली गुल होना एक आम बात है. यहां कभी कभी तो पूरे दिन भी बिजली गुल रहती है. बिजली वितरण केंद्र कटरा डीसी में संपर्क करने पर बताया जाता है की मेंटेनेंस का काम चल रहा होता है. इनका मेंटेनेंस कभी खत्म ही नही होता जबकि लाइन की समस्या हमेशा ही बनी रहती है. देखा जाए तो मेंटेनेंस वगैरह तो कहीं वर्षों से नही हुए हैं क्योंकि टूटे झूलते तार और खंभे इसके जीवंत उदाहरण है पर मेंटेनेंस के नाम पर ये बिजली कंपनी लाइन कटौती जमकर कर रही है.
किसानों ने गिनाई दर्जनों समस्याएं
दिनांक 01 मई श्रमिक दिवश के दिन बैंक की गढ़ शाखा में उपस्थित किसानों जिनमे मुख्य रूप से रमाशंकर मिश्रा, अमरनाथ मिश्र, केशव प्रसाद गौतम, रोहणी गौतम, विवेक सिंह, संजू सिंह, संजय सिंह, रामनगर तिवारी, रामराज पटेल, शिवेंद्र शुकला, राघवेंद्र पांडे, हरे राम मिश्र, अरुण गौतम आदि मौजूद थे जिहोने बताया की वह लगभग हर दिन बैंक के चक्कर लगाते हैं लेकिन उन्हें अपने गेहूं धान के पैसे नही दिए जा रहे हैं. बैंक में आते हैं तो बताया जाता है की आज नही कल आईये हमारे पास कैश नही है. किसानों ने बताया की यदि वह 10 हज़ार रुपये का निकासी फॉर्म भरते हैं तो उन्हें मात्र 2 हज़ार रुपये दिए जाते हैं.
पेयजल, पंखे और बैठने तक की नही कोई व्यवस्था
सभी किसानों ने एक स्वर में बताया की बैंक के अंदर न तो पेयजल की कोई व्यवस्था है और न ही उठने बैठने की, साथ ही यह भी बताया की बैंक में आज तक उनके बैंक पासबुक में प्रिंटिंग तक नही की गई है. जब कभी प्रिंटिंग की बात करते हैं तो बताया जाता है की प्रिंटर खराब है और रीवा बनने को भेजा है जिससे किसानों को उनके जमा निकासी की समुचित जानकारी नही मिल पाती.
समिति प्रबंधक कर रहे मनमानी
किसानों द्वारा बताया गया की समितियों के खरीदी केंद्रों में 15 दिन पहले गेहूं दिए थे लेकिन सहकारी बैंक में डीएमआर खाता होने के वावजूद भी उनके एकाउंट में गेंहूँ के पैसे नही डाले गए हैं. किसानों रामशंकर मिश्रा और अमरनाथ मिश्रा ने बताया की उनके घर में कई कार्यक्रम हैं जिसमे पैसे की जरूरत थी और बैंक पऔर समिति प्रबंधकों की मिलीभगत से गेहूं का पैसा खातों में डालने में हीलाहवाली की जा रही है और आज से कल किया जा रहा है साथ ही जिनके खातों में पैसे डले हुए हैं उन्हें पैसा नही दिया जा रहा है जिससे उनके कार्यक्रम में नोटबन्दी जैसी स्थिति निर्मित हो गई है जैसे पिछले साल नोटबन्दी के समय पर पैसों की भारी किल्लत हो गई थी.
किसानों के खातों में पैसे नही भेजे तो होगा आंदोलन
केंद्रीय जिला सहकारी बैंक शाखा गढ़ में उपस्थित किसानों ने बताया की यदि उनके खातों में गेंहूँ के पैसे अगले दिन तक नही भेजे गए और उनको अपने खातों की पूरी राशियां उनकी अवस्यक्तानुरूप नही मिली तो उपस्थित किसान रमाशंकर मिश्रा, अमरनाथ मिश्र, केशव प्रसाद गौतम, रोहणी गौतम, विवेक सिंह, संजू सिंह, संजय सिंह, रामनगर तिवारी, रामराज पटेल, शिवेंद्र शुकला, राघवेंद्र पांडे, हरे राम मिश्र, अरुण गौतम आदि किसानों ने बताया की वह सब आंदोलन करने पर मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी।
किसानों ने की सहकारी बैंक गढ़ में इन्वर्टर-जनरेटर और प्रिंटर की माग
उपस्थित सभी किसानों ने एक स्वर में माग की यदि रोज रोज़ बिजली की किल्लत बनी रहती है तो बैंक प्रबंधन को चाहिए की इन्वर्टर अथवा जनरेटर की व्यवस्था कराए. किसानों ने बताया की आखिर इतना बड़ा बैंक है जिसमे नौ सहकारी समितियों से संबंधित किसानों के खाते हैं और इतना अधिक लेनदेन हो रहा है, हज़ारों डीएमआर खाते खोले जा चुके हैं तो यह कैसे हुआ की इनके पर एक इन्वर्टर और जनरेटर लेने तक की व्यवस्था नही है. सभी किसानों ने बताया की बैंक कर्मचारियों का काम न करने का यह बहाना मात्र है जिसमे कभी लाइन, तो कभी प्रिंटर खराब तो कभी सर्वर की प्रॉब्लम बता कर अपनी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं.
संलग्न - संलग्न तस्वीर में ज़िला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा गढ़ में अव्यवस्था का दौर जारी।
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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र। 7869992139, 9589152587