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Saturday, June 9, 2018

5 साल से अधूरी पड़ी पनगड़ी पीएम सड़क पर एक और जांच (मामला ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत आने वाले भठवा से पनगड़ी 3 किमी प्रधानमंत्री सड़क का जिसे आज 5 साल में भी पूर्ण नही किया जा सका, न तो ठेकेदार का ठेका निरस्त हुआ और न ही इन्हें ब्लैक लिस्टेड किया गया, पीएम सड़क विभाग की मर्जी से चल रही मात्र धांधलेबाजी)

दिनांक 09 जून 2018, स्थान - पनगड़ी/भठवा/गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र शिवानन्द द्विवेदी)

       ज़िले में पीएम सड़कों में अनियमितता का दौर निरंतर जारी है. अभी हाल ही पीएम सड़क विभाग संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मीडिया में छाई रहीं. पिछले दिनों सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी की मेरी सड़क एप्प और एनआरआरडीए और एमपीआरआरडीए के माध्यम से इस विषय में कई शिकायतें दर्ज कराईं गईं थी जिनका विषय था रीवा और विशेषकर मऊगंज पीएम सड़क अनुभाग में बनाई जा रही पीएम सड़कों के घटिया गुणवत्ता की जांच, लेटलतीफी का कारण और साथ ही पीएम सड़क विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता. 

   उक्त विषय पर जांच के लिए एसक्यूएम रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जबलपुर श्री के एम जैन की स्पेशल टीम को मऊगंज अंतर्गत आने वाले अगडाल (लौरी) से कैथा 9.4 किमी सड़क सहित पनगड़ी भठवा पीएम सड़क की भी जांच के लिए रीवा भेजा गया. इस विषय में अच्छी जांच भी हुई और जबलपुर से आये चीफ इंजीनियर केएम जैन ने एक अच्छे जांचकर्ता का परिचय देते हुए सभी बनाई गई पुलो को रिजेक्ट किया साथ ही जिन जगहों पर सड़क में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया था वहां वहां विशेष ध्यान देकर दुरूस्त करने की हिदायत दिया था जिसका नतीजा यह हुआ की काफी हद तक ठेकेदारों के होश ठिकाने आये हैं परंतु एकबार पुनः पीएम सड़क के रीवा डिवीज़न और इसके सब डिवीज़न के अधिकारियों की पुरानी स्टाइल वाली सांठ गांठ से ठेकेदार पुनः अपने पुराने भष्ट्राचार वाले ढर्रे पर निकल पड़े हैं. जहां तक सवाल 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार की लॉगत से बनाई जा रही कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क का प्रश्न है तो लगता है इसे किसी भी हाल में 30 जून 2018 तक पूरा नही किया जा सकता जबकि सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के ठेकेदार संदीप पांडेय ने 30 जून तक समय एक्सटेंशन लिया था. साथ ही जिन पुलो को तोड़कर नया बनाया जाना था वहां भी अब तक कोई कार्य प्रारम्भ नही हुआ है.

पनगड़ी भठवा पीएम सड़क की हुई एक और जांच 

   दिनांक 08 जून को मऊगंज पीएम सड़क अनुविभाग के सहायक महाप्रबंधक सुजीत कुमार निगम से प्राप्त जानकारी से पता चला है की जबलपुर से आयी हुई किसी प्राइवेट एनजीओ टीम के द्वारा पनगड़ी से भठवा सड़क मार्ग की एक और जांच की गई है जिसे एक विशेष प्रकार की ड्रिलिंग मशीन द्वारा ड्रिल करके किया गया है. 

    जांच स्थल पर उपयंत्री और टीएल महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे हैं. साथ ही पनगड़ी खुर्द ग्राम के निवासी एवं पनगड़ी कला पंचायत के उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला भी जांच स्थल पर मौजूद थे जिन्होंने जाँचस्थल की कुछ फोटग्राफ भी भेजी हैं. 

  इस प्रकार देखा जा सकता है की 08 जून की भठवा पनगड़ी सड़क की की गई जांच भी पिछली जांच का ही एक हिस्सा थी जिसमे इस सड़क को जांचने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध न हो पाने के कारण एनजीओ और किसी प्राइवेट एजेंसी को भेजकर जांच करवाई जा रही थी. 

पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला ने लगाया विभागीय सांठगांठ का रूप 

  इस बीच पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्र शुक्ला द्वारा आरोप लगाया गया की जब ठेकेदार पिछले पांच साल के अधिक समय से इस छोटी सी 3 किमी की सड़क को पूर्ण कर पाने में अक्षम रहा है तो पीएम सड़क विभाग द्वारा ऐसे ठेकेदारों को क्यों एंटरटेन किया जा रहा है इनका ठेका निरस्त कर इनसे भरपाई की जाकर इन्हें ब्लैक लिस्टेड क्यों नही किया जा रहा है. उपसरपंच द्वारा बताया गया की पहले से ही हमारे क्षेत्र की जनता पांच साल से परेशान हो रही है तो एक दो साल और सही परंतु हमे ऐसे ठेकेदारों से काम नही चाहिए जो छोटे से काम को करने में 5 साल से अधिक समय लगाएं.

   वहरहाल दिनांक 08 जून की पनगड़ी सड़क की जांच को भी रूटीन बताकर विभाग द्वारा पल्ला झाड़ लिया गया है और उपसरपंच द्वारा आरोप लगाया गया है की यह जांच भी उस स्थान पर जानबूझकर कराई गई है जहां सड़क कुछ मोटी बनाई गई थी फिर भी सड़क की मोटाई मात्र 5 इंच आई है जबकि सड़क की मोटाई 7 इंच होनी चाहिए थी.

  संलग्न - दिनांक 08 जून को पनगड़ी से भठवा पीएम सड़क की जांच करती जबलपुर से आयी टीम और साथ में उपास्थिति पीएम सड़क ठेकेदार प्रधान और पीएम सड़क अनुभाग मऊगंज के अधिकारी कर्मचारी.

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,


रीवा मप्र, मोबाइल 07869992139, 09589152587.


Monday, May 14, 2018

पीएम सड़क की एसक्यूएम जांच - हथौड़ा मारा नही की पुलें भरभरा गईं, हथौड़े के हल्के प्रहार ने खोल दी पीएम सड़क पर बनी घटिया पुलों की पोल (मामला ज़िले के गंगेव जनपद अंतर्गत आने वाली 333.43 लाख लागत से बनने वाली अगडाल (लौरी) से कैथा 9.4 किमी एवं भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की गुणवत्ता की जांच का, कैथा एवं पनगड़ी पीएम सड़क की एक बार पुनः हुई एस क्यू एम जांच)

दिनांक 14 मई 2018, स्थान - गढ़ गंगेव रीवा मप्र,

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

  सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी की एनआरआरडीए एवं एमपीआरआरडीए को की गई शिकायत के आधार पर एक बार पुनः जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम का गठन कर जांच के लिए रीवा भेजा गया जिसमे मुख्य रूप से एसक्यूएम रिटायर्ड चीफ इंजीनियर श्री जैन एवं रीवा से सीजीएम यू वी सिंह, मऊगंज जीएम नरवरिया, उपयंत्री गंगेव अमित गुप्ता, उपयंत्री शिवपाल सिंह परिहार, टीएल महेंद्र सिंह, एजीएम सुजीत निगम समेत अन्य पीएम सड़क विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे. जांच के दौरान सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के कांट्रेक्टर प्रतिनिधि संदीप पांडेय भी उपस्थित रहे.

  अगडाल से कैथा पीएम सड़क की गुणवत्ता प्रश्न के दायरे में

   पहली बार ऐसा हुआ है की इस अगडाल से कैथा 9.4 किमी जो की 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार की लॉगत से बन रही पीएम सड़क की कुछ हद तक सही मायने में जांच हुई है. चीफ इंजीनियर एवं जांच अधिकारी के तौर पर आये श्री जैन ने सभी आधिकारियों की हवा खिसका दी. जीएम, उपयंत्री, टीएल और ठेकेदार सभी को आड़े हांथों लिया और जांच में सभी बिंदुओं को गहराई से देखा गया. हाफ क्यूबिक मीटर का गड्ढा खोदकर सड़क के बीचोंबीच से मटेरियल निकालकर पूरी तरह से जांच की गई और सभी बिंदुओं को विधिवत मॉनिटर किया गया. सभी जानकारी ली गई. 

पुलो में हथौड़ा मारकर तोड़ा तो भरभरा कर गिर गई

     पुल की जांच के विषय में बात आई तो स्वयं जांच अधिकारी श्री जैन द्वारा पुलों को हथौड़ा मारकर टेस्ट किया गया जिसमे पुलों को ठोंकने पर पुलें भरभरा कर टूट रहीं थी जिससे साफ पता चल रहा था की पुलों में सही मटेरियल का उपयोग न किया जाकर निम्नस्तर का कार्य किया गया है. इस बाबत जांच अधिकारी चीफ इंजीनियर श्री जैन ने उपस्थित टीएल, जीएम, उपयंत्री और ठेकेदार की जम कर खिंचाई की और कहा की आओ आप लोग स्वयं भी थोड़ा हथौड़ा मारकर देखो की कितना घटिया काम किया है. इस बाबत सभी जांच की फ़ोटो और वीडियो भी बनाई गई है.

सामाजिक कार्यकर्ता को सही कार्यवाही का दिया आश्वासन

   इस बीच जांच अधिकारी श्री जैन ने सामाजिक कार्यकर्ता को बताया की आप निश्चिन्त रहिये इसमे बिल्कुल सही और निष्पक्ष कार्यवाही की जाएगी और किसी को भी नही बक्सा जाएगा. श्री जैन ने जीएम नरवरिया, उपयंत्री, टीएल और ठेकेदार सभी को खींचा और कहा की आप सबके कार्यकाल में ऐसा कार्य कैसे हो गया. आप सब किस बात की जांच करने आते थे और क्या मॉनिटरिंग करते थे. विशेषतौर पर मऊगंज पीएम सड़क के अधिकारियों की तो जांच आधिकारी ने जम कर क्लास ली.

भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की भी हुई एस क्यू एम जांच 

  इस बीच अगडाल से कैथा पीएम सड़क की जांच के उपरांत श्री जैन भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की जांच करने पहुचे जहां पर उपस्थित रायबरेली के ठेकेदार की भी जमकर खिंचाई की तथा यह भी कहा की कहीं न कहीं इसके लिए विभाग भी जिम्मेदार है की आखिर दिसंबर वर्ष 2012 का पीएम सड़क का प्रोजेक्ट आज 6 साल तक कैसे पूरा नही किया जा सका. जांच आधिकारी ने सीसी सड़क की जांच करने पर पाया की सीसी सड़क आज से 5 वर्ष पहले बनते ही उखड़ गई थी जिस पर ठेकेदार को कहा की इस पर ऊपर से मोटी परत चढ़ाएं नही तो जाने की तैयारी करलें क्योंकि ठेका तो निरस्त होगा ही साथ ही बड़ी रिकवरी भी होगी.

 जांच के बाद आये होश ठिकाने, ठेकेदार बने रहे भीगी बिल्ली

    कुल मिलाकर बॉडी लैंग्वेज के तौर पर देखा जाए तो यह पहली जांच थी जिसमे लग रहा था की किसी ईमानदार जांच आधिकारी द्वारा जांच की जा रही है जिसे जनता के हित और उसकी भावनाओं की कदर है. अब देखना यह होगा की दिनांक 14 मई 2018 की एसक्यूएम जांच के बाद गंगेव और रीवा के ठेकेदारों के दिमाग ठिकाने आते हैं और साथ ही ज़िले में कार्यरत पीएम सड़क विभाग के अधिकारियों के भी कान में जू रेंगती है की सब कुछ एक बार पुनः पहले जैसे ही चलना शुरू हो जाएगा।

ग्रामीणों ने भी जांच अधिकारी की प्रशंसा की

    यद्यपि इस जांच के दौरान उपस्थित अन्य ग्रामीणजनों ने भी जांच अधिकारी की काफी प्रसंसा की. विशेष तौर पर जांच अधिकारी श्री जैन ने संबंधित ठेकेदारों और पीएम सड़क रीवा के अधिकारियों को उनके कर्तव्य याद दिलाये तो लोगो ने जमकर प्रसंशा की की चलो अच्छा तो है की कोई ऐसा जांच अधिकारी आया है जो चिकनी चुपड़ी बातें कम कर रहा है और काम की बातें ज्यादा कर रहा है.

संलग्न - रीवा ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत बनाई जा रही अगडाल से कैथा पीएम सड़क की जांच करने आये जांच अधिकारी श्री जैन, सीजीएम यू वी सिंह, जीएम नरवरिया, ए जी एम सुजीत निगम आदि की जांच के दौरान तस्वीरें.

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,


मोबाइल - 078699912139,09589152587


Friday, May 4, 2018

पीएम सड़क के किनारे नाली निर्माण न होने से खोद डाली सड़क (मामला ज़िले के मऊगंज पीएम सड़क अंतर्गत कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क की बदहाली का, ठेकेदार ने नही डाली पाइप और नही बनाई नाली तो इस बारिस में भर गया पानी, ग्रामीणों ने खोद डाली सड़क)

दिनाँक 05 मई 2018, स्थान - गढ़/गगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले में बनाई जा रही पीएम सड़कों के परखच्चे बनते ही उड़ने लगे हैं. घटिया निर्माण की शिकायत तो आम बात है उधर पर्याप्त सामग्री और सही यांत्रिकी न होने की वजह से सड़कों को दूसरे अंदाज़ में भी नुकसान पहुचाया जाता है.

ठेकेदार ने नही बनायी नाली न ही डाला पाइप

  हरिजन बस्ती लौरी के लोगों ने बताया की जब कैथा से अगडाल वाया अकलसी इटहा पीएम सड़क मार्ग का काम चल रहा था तो ग्रामीणों ने पाइप डाले जाने अथवा नाली निर्माण की माग की थी लेकिन ठेकेदार ने गंभीरता से नही लिया और रोड बना दिया. ग्रामीणों ने बताया की रोड भी घटिया बनी है साथ ही नाली न बनने से पानी उनके घरों में घुस गया था जिससे उन्हें मजबूरन सड़क को बीचोबीच से काटना पड़ा नही तो उनके घरों में पानी घुस सकता था.

बस्तियों में नाली निर्माण आवश्यक नही तो पीएम सड़क का होगा सत्यानाश 

    कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क के किनारे बसी हुई बस्तियों में नाली निर्माण नही किया गया तो बरसात का पानी ग्रामीणों के घरों में घुसेगा जिससे मजबूरन उन्हें सड़क को काटना पड़ेगा. 


       यह मात्र ठेकेदार और पीएम सड़क के अधिकारियों की मनमानी के चलते ऐसा हो रहा है जिससे ठेकेदार पर कोई लगाम नही है. लोगों ने बताया की यदि उनके घरों के पास नाली नही बनी तो उन्हें हर स्थान से सड़क काटना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

अकस्मात खोदी गई सड़क में मात्र दिखा राख और डस्ट का ढेर

   लौरी हरिजन बस्ती के पास रहवाशियों द्वारा पानी भरने की वजह से खोद दी गई पीएम सड़क में  इसकी घटिया गुणवत्ता भी उजागर हुई है. सड़क बीच खोदी नाली के अंदर स्पष्ट रूप से मात्र राख, मिट्टी और डस्ट का ही ढेर दिखा जिसमे 40 और 20 एमएम की गिट्टी तो कहीं दूर दूर तक नामोनिशान नही था. इससे भी स्पष्ट होता है की पिछले दिनों दिखावे के लिए की गई एसक्यूएम जांच भी फ़र्ज़ी ही थी जिसमे अलग अलग कई घेरों में काफी मात्रा में 40 एमएम और 20 एमएम की बाहर से लाई गई गिट्टी का ढेर दिखाया गया था.


संलग्न - थाना गढ़ अन्तर्गत लौरी ग्राम की हरिजन बस्ती के पास इस बरसात का पानी घुसने से काटी गई सड़क किस स्थिति संलग्न है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,


मोबाइल 7869992139, 9589152587


डेडलाइन 30 अप्रैल, पर काम 25% भी नही (मामला ज़िले के मऊगंज पीएम सड़क परियोजना अन्तर्गत कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क मार्ग का जिसे नियमानुसार 24 जनवरी 2018 को पूर्ण होना था,कैथा से अगडाल पीएम सड़क में भ्रष्ट्राचार और मनमानी का बोलबाला)

दिनांक 04 मई 2018, स्थान - गढ़, गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के मऊगंज पीएम परियोजना सेक्टर अन्तर्गत आने वाली गंगेव ब्लॉक की सभी पीएम सड़कें भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ़ रही हैं. प्रधानमंत्री सड़क परियोजना के अधिकारियों और पीएम सड़क के ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों की परियोजना में चुना लगाया जा रहा है. यह बात आयके दिन निरंतर मीडिया में रहती है फिर भी पीएम सड़क के अधिकारियों की नीद नही खुल रही है.

कैथा से आगडाल 9.4 किमी सड़क को 24 जनवरी को होना था पूर्ण

  बता दें की बहुचर्चित कैथा से अगडाल प्रधानमंत्री सड़क का कार्य 24 जनवरी को पूर्ण होना था मगर अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से इसमे लेटलतीफी की जा रही है. जबकि यह बात दर्जनों मर्तबा संबंधित पीएम सड़क के अधिकारियों के समक्ष रखी जा चुकी है.

जांच के नाम पर करते हैं कोरम पूर्ती

  जब भी पीएम सड़क में मनमानी और घटिया गुणवत्ता की शिकायत संबंधित अधिकारियों के समक्ष की जाती है तो मात्र जांच के नाम पर कोरम पूर्ति की जाती है. यही सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा है.

   पुलो का हुआ घटिया निर्माण 

   कैथा से अगडाल प्रधानमंत्री सड़क मार्ग की पुलो का घटिया निर्माण किया गया है जिसकी शिकायत समय समय पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा संबंधित पीएम सड़क के अधिकारियों के समक्ष की गई है लेकिन जांच के नाम पर मात्र कोरम पूर्ति ही हुई है और ठेकेदार से मिल बांटकर मामला रफा दफा करने का प्रयाश किया गया है.

 पिछले साल भर में मऊगंज के 3 जीएम बदले

  पिछले साल भर में मऊगंज पीएम सड़क परियोजना के 3 जीएम और ए एम बदले हैं लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है. जो जीएम आता है वही पुरानी प्रक्रिया अपनाता है. ऐसा लगता है पहले से ही अब कुछ फिक्स्ड है. 

वर्तमान जीएम नरवरिया देते हैं मात्र आश्वासन 

   वर्तमान समय में मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क परियोजना में पदस्थ जनरल मैनेजर नरवरिया को गंगेव ब्लॉक अंतर्गत बनाई जा रही घटिया गुणवत्ता की सड़कों की जनकारी दी गई है और सही जांच कर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की माग की गई है लेकिन जीएम नरवरिया मात्र डेट देते हैं, जब भी उन्हें मौके पर जांच करने के लिए बुलाया जाता है तो उनका कहना होता है की कल आ रहा हूँ और आज महीने हर हो रहे हैं कभी भी भौतिक सत्यापन करने नही आये.

उपयंत्री अमित गुप्ता और टीएल करते हैं मात्र खानापूर्ति

   मऊगंज पीएम सड़क के उपयंत्री अमित गुप्ता और टीम लीडर जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर रहे हैं. ऐसा लगता है की यह दोनो अधिकारी मात्र तमाशा करने के लिए ग्राउंड पर आते हैं. पिछली लगभग आधा दर्ज़न से अधिक जांचों में अमित गुप्ता और टीम लीडर आये मगर इनकी जांचों से कहीं कुछ हुआ ही नही. जो स्थिति बनी हुई थी वही अभी भी है. पुलो का घटिया निर्माण हुआ, लौरी नंबर 3 में सड़क उखड़ी, घटिया सामग्री का उपयोग हुआ यह सब कुछ यह अपनी आंखों से देखकर गए लेकिन कुछ नही किया. इससे साफ जाहिर है की इन सबकी ठेकेदारों से मिलीभगत है जिसका की परिणाम है घटिया किश्म की सड़क और समय पर न बन पाना.

सीजीएम यू वी सिंह ने कहा हम आपके नीचे नही हैं जो आपके हर बात का जबाब देंगे

   यहां जनता के टैक्स पर पलने बढ़ने वाले आज जनता के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सड़क विभाग का सबसे बड़ा संभागीय अधिकारी गैर जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है। जब मुख्य महाप्रबंधक ज़िला रीवा यू वी सिंह से संपर्क किया गया तो उसके द्वारा वताया गया कि आप व्हाट्सएप्प अथवा ईमेल अथवा लिखित तौर पर कंप्लेन दर्ज कराए तब कार्यवाही करेंगे। अभी उसे व्हाट्सएप्प के माध्यम से सभी न्यूज़पेपर की कटिंग के साथ डिटेल भेज दिया गया फिर भी घुमा फिरा कर बात कर रहा है। जब बात कार्यवाही की आती है तब अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, बात आई ठेकेदार का ठेका निरस्त करने एवं उसे ब्लैक लिस्ट करने की तब बोला कि हम आपके नीचे नही हैं जो हर चीज़ का जबाब देंगे। पर इन नौकरों को पता होना चाहिए कि ये जनता के नौकर ही हैं उसके मालिक नही अन्यथा लोकतंत्र चल नही पायेगा। क्योंकि फिर हर कोई मालिक बनने का प्रयास करने लगेगा। यू वी सिंह एक जिम्मेदार पोस्ट पर बैठा संभागीय अधिकारी है इसे ऐसे बात करना इसके अखड़पन को दर्शाता है।

रीवा और मऊगंज पीएम सड़क विभाग की मिलीभगत का परिणाम पीएम सड़कों का सत्यानाश

   इन रीवा और मऊगंज पीएम सड़क अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलकर पूरी पीएम सड़कों का सत्यानाश कर दिया है। इनकी मिलीभगत से घटिया सड़कों का निर्माण किया जा रहा। जांच के नाम पर मात्र ये कोरम पूर्ति करते हैं। ठेकेदारों से इनकी कमीशन बंधी रहती है। पूरा कमीशन का खेल चल रहा है।

ठेकेदार इन सब पीएम सड़क के अधिकारियों को खरीद लेते हैं और फिर मनमुताबिक जो चाहते हैं वही करते हैं। नतीजा यह है कि जो सड़कें कई वर्षों पहले बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी वह आजतक कम्पलीट नही हुई हैं। निरंतर निम्न दर्ज़े की निर्माण सामग्री का प्रयोग कर घटिया गुणवत्ता की सड़कें बनाई जा रही है। पुलों के निर्माण में भी दोयम और निम्न दर्ज़े की सामग्री उपयोग की गयी है जिससे पुलें बनते ही टूट गयी हैं उनमें दरारें आ गयी हैं।

कई डेडलाइन जारी, पर काम में नही हुई कोई प्रगति

   कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क को पूर्ण करने वास्ते रीवा पीएम सड़क विभाग के माध्यम से कई डेडलाइन जारी की जा चुकी हैं. जीएम मऊगंज नरवरिया, एएम सुजीत कुमार निगम और उपयंत्री अमित गुप्ता द्वारा जानकारी दी गई की प्रारंभिक तौर पर सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का इस पीएम सड़क को पूर्ण करने का ठेका मात्र 24 जनवरी 2018 तक ही था इसके वावजूद भी ठेकेदार को कई नोटिस जारी की जा चुकी हैं जिसमे 7 अप्रैल, 30 अप्रैल और 15 मई की नोटिस परंतु कार्य में 33 प्रतिशत भी प्रगति नही हुई है, तथा जो 3 किमी सड़क बनाई भी गई है वह भी उखड़ने लगी है. इस प्रकार समझ में आता है पीएम सड़क विभाग के मौखिक और कागज़ी फरमानों का भी इन ठेकेदारों पर कोई प्रभाव नही पड़ रहा है तो इसका मतलब एक ही है की इनका ठेका पूरी तरह से निरस्त किया जाकर पुनः नए शिरे से टेंडर प्रक्रिया होनी चाहिए.

समयसीमा पर नही बन पायी पीएम सड़क, अब ठेका हो निरस्त

   जिस प्रकार 3 करोड़ 33 लाख की लॉगत से बनाई जा रही कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क को घटिया तरीके से बनाया जा रहा है और गुणवत्ता का कोई ध्यान नही दिया जा रहा है ऐसे में मापदंडों की अनदेखी करने के कारण सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का ठेका निरस्त होना चाहिए और घटिया काम की पूरी रिकवरी होनी चाहिए. इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा पीएम सड़क के अधिकारियों जीएम नरवरिया, सीजीएम यू वी सिंह, और सीईओ पीएम सड़क भोपाल सेअहित दिल्ली एनएनआरडीए विभाग तक कंप्लेन दर्ज करवायी जा चुकी है. अब तक इस विषय के कार्यवाही समझ नही आई है परंतु कार्य में कोई प्रगति समझ नही आ रही है जबकि सरकारें निरंतर घोषणाएं कर रही हैं की सभी अपूर्ण कार्य समयसीमा में पूरे किये जाएं. पर इन घोषणाओं का कहीं कुछ भी प्रभाव नही पड़ता दिख रहा.

संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें कैथा से अगडाल पीएम सड़क मार्ग की घटिया स्थिति जहां आज तक मोरम तक नही डाली गई है. पिछले दिनों रीवा में हुई तूफानी बारिस की वजह से रोड की दुर्दशा.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 90589152587

Monday, April 23, 2018

कैथा अगडाल पीएम सड़क की हुई एस क्यू एम जांच, बताया सब ठीक है, बोला जाकर पी डब्लू डी सड़कें देख लें (मामला मऊगंज पीएमजीएसवाई अंतर्गत आने वाली अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क का जिसकी गुणवत्ता को लेकर प्रश्न उठाये जा रहे थे)

दिनांक 23 अप्रैल 2018, गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र - शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क विभाग अंतर्गत आने वाले गंगेव ब्लॉक की स्टेट क्वालिटी मॉनिटर एवं नेशनल क्वालिटी मॉनिटर के द्वारा समय समय पर जांच होती रहती हैं लेकिन यह जांचें ज्यादातर कागजों पर ही होती हैं. इनका वास्तविकता से कोई लेना देना नही होता. क्योंकि यदि वास्तविकता से कोई लेना देना होता तो इस योजना के अंतर्गत बनाई जाने वाली सड़कों की गुणवत्ता में कोई तो परिवर्तन दिखता. यहां तो जांच में सब कुछ पहले से ही ठीक बताया जा रहा है. अर्थात मैच फिक्स्ड है, बॉलिंग करते रहने से कोई लाभ नही है. बैट्समैन नॉटआउट ही रहेगा और ओवर पूरे होने के पहले ही ठेकेदारों द्वारा पीएमजीएसवाई का मैच जीत लिया जाएगा.

तीन जगहों पर सड़क खोदा और हो गया काम पूरा

   भोपाल से आये एस क्यू एम आर पी शर्मा ने अगडाल से कैथा पीएम सड़क को तीन स्थानों पर खुदवाया जिसकी तस्वीर भी सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा ली गई है. इन तीनों स्थानों पर जो देखने को मिला वह बड़ा ही अजीब था. यह बात समझ के परे थी की खोदे गए मटेरियल के अनुपात के विपरीत कहीं उससे कई गुना ज्यादा मटेरियल का ढेर क्यों लगाया गया था इसी से काफी हद तक संदेह जाहिर हुआ. आखिर जब एक तगाड़ी डब्लू एम एम की खुदाई हुई थी तो दस तगाड़ी का ढेर क्यों लगाया गया था? लगे ढेरों को गौर के देखने पर पता चला की कहीं बाहर से या यूं कहें की अपने साथ गाड़ी में लाये गए 40 एमएम, 20 एमएम, गिट्टी और बालू को एकत्रित करके उनके अलग अलग अनुपात में फ़र्ज़ी तरीके से ढेर लगाकर फ़ोटो ले लिए गए थे. वास्तव में ढेर लगा हुआ मटेरियल उस सड़क के खोदे गए भाग का था ही नही जिसका की पुख्ता प्रमाण इसी से लग गया की जितनी सड़क की खोदाई से मटेरियल निकला था वह वहां अलग ढेर लगाए गए मटेरियल से 10 गुना कम था. तब इतना मटेरियल कहाँ से आया? वहां तो साइड में मोरम डाली हुई थी तो इसका मतलब यह हुआ की चलाई के नाम पर इन्होंने अलग से लाया हुआ अच्छा मटेरियल फ़ोटो खींचने के लिए और ऊपर तक भेजने के लिए बाहर से ही लाया था. तो ऐसा है यह पूरा फर्जीवाड़ा. सबसे बड़ी बात तो यही है की जब एस क्यू एम आर पी शर्मा स्वयं यह बोल ररहे हैं की आप प्रधानमंत्री सड़क के ही पीछे पड़े हो जाकर पी डब्लू डी की सड़क देखो तो पता चले की पीएम सड़क कितनी अच्छी बन रही है. इसी बात से समझ आता है की इनको क्वालिटी की नही पड़ी है मात्र यह तुलनात्मक काम देख रहे हैं की यदि पी डब्लू डी सड़क में भष्ट्राचार है तो उसे देखा जाए न की इनके स्वयं  के भष्ट्राचार को. मतलब ध्यान बांटने का प्रयाश है की इनके काम को कोई ध्यान न दे. ऐसे स्टेट क्वालिटी मॉनिटर टीम का क्या औचित्य बनता है जो जनता के सवालों का जबाब भी न दे जबकि जनता के लिए बनाई गयी सड़क को चेक करने के लिए आये हैं. इनको रिटायरमेंट के वावजूद भी सरकार काम में लगाकर पैसा दे रही है और यह भस्ट्राचारी जनता को उल्टा पुलटा जबाब देकर फुर्सत होना चाह रहे हैं.

    एस क्यू एम आर पी शर्मा ने  बताया सब कुछ एक नंबर का है, आप जाके पी डब्लू डी की सड़कें देखिए

     जांच दल में आये कोई आर पी शर्मा ने बताया की हमने पीएम सड़क को खोदकर देख लिया है सड़क बिल्कुल एक नंबर की है जिसमे किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नही है. हमने पूरे स्टेट की सड़कों को देखा है और सब सड़कें सही हैं, विशेष कर रीवा की पीएम सड़कें बिल्कुल दुरुस्त हैं. और आपकी कैथा से अगडाल पीएम सड़क में तो कोई खराबी है ही नही.

     ऐसा लगा सब पहले से ही फिट था. जबकि देखा जाए तो लौरी नंबर 3 के निवासी योगेंद्र शर्मा के घर के पास ट्रांसफार्मर के पास की रोड बनने के 21 दिन के भीतर ही उखड़ गई थी जिसकी की शिकायतें तो हुईं ही साथ ही न्यूज़पेपर में भी मामले को रखा गया था. इसी प्रकार बिना 8 टन का ही वाहन चले ही साइड से इस सड़क में जगह जगह दरारें आ चुकी है।

देखिए स्टेट क्वालिटी मॉनिटर की तरफ से आये अधिकारियों ने क्या कुछ कहा

1) "आपके प्रश्नों का कोई अंत नही है अतः सबका जबाब तो हम नहीं दे पाएंगे पर आपको बता दें की अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क बहुत ही अच्छी बनायी गई है. हमने अपने लेवल पर इसकी जांच की है जो हमे सही मिली. सैंपल और डेटा इकट्ठा कर लिया है आगे भेज दूंगा. मैं स्टेट क्वालिटी मॉनिटर टीम से हूँ जो पूरे देश के रिटायर्ड अधिकारियों की बनाई जाती है. रीवा में जांच करने के लिए मुझे भेजा गया है. आपको इस सड़क की प्रसंसा करनी चाहिए की इतनी सुंदर सड़क बनाकर दी जा रही है." - आर पी शर्मा, स्टेट क्वालिटी मॉनिटर प्रमुख, भोपाल, मप्र

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2) " देखिए द्विवेदीजी हम तो आप के बीच के ही हैं. हमारी तो आपसे हर दूसरे तीसरे दिन बात होती रहती है. हम कल आकर मामले को समझ लेंगे. आज आप जांच कर लेने दीजिये, यह टीम एस क्यू एम की है जो सीधे भोपाल से आई हुई है. यह रूटीन जांच है. इसके बाद हम कल आते हैं और आगे सड़क में क्या गड़बड़ी है उसको देखते हैं. वैसे हमारी तरफ से पूरे प्रयास किये जा रहे हैं की ठेकेदार मनमानी न करने पाएं." - उपयंत्री अमित गुप्ता, पीएमजीएसवाई, मऊगंज, रीवा मप्र

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3) "हम एक टीम लीडर की हैसियत से आये हैं. हम सड़क की जांच करने समय समय पर आते हैं. हमे सूचना थी की स्टेट क्वालिटी मॉनिटर की टीम आ रही है अतः उसके सदस्यों के साथ हम आये हैं. डामरीकृत सड़क की विभिन्न परतों को खोदकर हम उसमे हर एक की मात्रा देखते हैं की उसमे कितना 40 एमएम, कितना 20 एमएम की गिट्टी है और उसमे कितना बालू या जीएसबी मिला होता है. साथ ही एक विशेष मसीन में हम डामर की परत को घोल बनाकर डालते हैं और देखते हैं की डामर वगैरह का सही अनुपात है की नही. इस मसीन में यही किया जा रहा है" - महेंद्र सिंह, टीम लीडर (टीएल) पीएमजीएसवाई, मऊगंज, रीवा मप्र

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4) "कुल मिलाकर रोड में लीपापोती करके मामले को रफा दफा किया जा रहा है. जैसा की आपको भी पता है की कई बार कंप्लेन होने से ठेकेदार का पैसा रोक दिया गया होगा जिससे अब ये अधिकारी जांच करने के लिए आये हैं और लीप पोत करके चले जाएँगे. पूरे देश में तो यही चल रहा है. आखिर स्टेट क्वालिटी मॉनिटर हमारे बताए हुए स्थान पर चलकर जांच करें जहां हम दिखाते हैं कितनी घटिया रोड बनाई गई थी. अब देखिए अभी पिछले दौरे में उपयंत्री और जीएम द्वारा बताया गया था की अप्रैल अंत तक का टारगेट दिया हुआ है 7 किमी सड़क बनाने के लिए, अब आज 23 अप्रैल हो चुका है और जीएसबी भी अच्छे से नही डाली गई है. क्या ऐसे ही काम चलेगा. जल्दी जल्दी में फिर घटिया काम करके फुरसत कर देंगे. ठेकेदार बोलते हैं की हमारे बइब्रो और जेसीबी लेबर बारात चले गए हैं. कभी बोलेंगे की जेसीबी खराब है तो कभी बइब्रो खराब है तो कभी डम्पर ही नही है. जब इन ठेकेदारों के पास कुछ नही रहता तो इनको एकसाथ इतने बड़े बड़े ठेके कैसे मिल जाते हैं. चलिए एक ठेका की बात हो तो अलग, इन्हें आधा दर्जन सड़कों को बनाने के ठेके मिले हुए हैं. कैसे और किस आधार पर इनको इनकी क्षमता से अधिक का ठेका मिला. तमाम यही फर्जीवाड़ा चल रहा है और इस पीएमजीएसवाई विभाग की मिलीभगत से होता है चाहे यह सब रीवा से हो रहा या भोपाल या दिल्ली से तमाम यही फर्जीवाड़ा है. पनगड़ी के रहवासी परेशान हैं और उनकी पीएम सड़क आज 6 साल से नही बनी है. कहां गए थे तब यह स्टेट क़्वालिटी मॉनिटर और नेशनल कॉलिटी मॉनिटर? क्या इन्हें तब नही दिख रहा था की काम अधूरा पड़ा हुआ है." - योगेंद्र शर्मा, निवासी लौरी नंबर 3, गंगेव, रीवा मप्र.

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संलग्न - कृपया संलग्न देखें अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क की जांच करने आये एस क्यू एम आर एस शर्मा की टीम साथ ही तीन जगह खोदे गए गड्ढे और फ़र्ज़ी तरीके से फ़ोटो खींचने के लिए फैलाया गया मटेरियल।

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र। 7869992139, 9589152587

Friday, April 13, 2018

अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क में धांधली का दौर जारी, मात्र 21 दिन के भीतर बनी सड़क ने दे दिया जबाब, सड़क कई स्थानों से हुई छतिग्रस्त (मामला गंगेव ब्लॉक अंतर्गत आने वाली 9.4 किमी अगडाल-लौरी से कैथा प्रधानमंत्री सड़क का)

दिनांक 12 अप्रैल 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी) 

     ज़िले के गंगेव ब्लॉक और मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क अंतर्गत आने वाली बहुचर्चित अगडाल-लौरी से कैथा 9.4 किमी पीएम सड़क जिसकी की कुल लॉगत 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार रुपये के आसपास बतायी जा रही है में विभाग की उदासीनता और नकारात्मक रवैय्या के चलते मात्र 21 दिन के भीतर बनी 3 किमी सड़क के परखच्चे उड़ने सुरू हो चुके हैं. अभी तो इस सड़क पर 8 टन तक के भी कोई वाहन नही निकले होंगे और अब सड़क की दुर्दशा देखते ही बन रही है. 

    लौरी नंबर 3 के स्थानीय निवासी योगेंद्र शर्मा के घर के पास शिव जी के मंदिर के सामने और ट्रांसफार्मर के बीच में यह पीएम सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है जिसकी जानकारी योगेंद्र शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को दी जिस पर पहुचकर सड़क का जायज़ा लिया गया और संबंधित ठेकेदार संदीप पांडेय सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी एवं मऊगंज जीएम नरवरिया, उपयंत्री अमित गुप्ता को बताया गया. इस पर संबंधितों ने सड़क को ठीक किये जाने का पुराने स्टाइल में आश्वासन मात्र दिया. 

   सवाल यह है की यदि बिना भारी वाहन चले ही इन करोड़ों की बनने वाली पीएम सड़कों की यह स्थितियां है कि मात्र  कुछ सप्ताह के भीतर ही यह सड़कें  हवा हवाई हो रही हैं तो कुछ महीने और एकाध साल में इनकी कितनी दुर्दशा होगी यह बात विचारणीय है.

ज़िले की सभी प्रधानमंत्री सड़कों के हाल बेहाल -

   ऐसा नही है की मात्र अगडाल-लौरी से कैथा पीएम सड़क भर के यह हालात हैं. जबकि देखा जाए तो प्रधानमंत्री सड़क विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते पूरे ज़िले की पीएम सड़कों की दुर्दशा हो चुकी हैं. कई परियोजनाएं आज कई साल पहले सम्पन्न हो जानी चाहिए थी जिनमे आज आधा भी कार्य नही हुआ है. पनगड़ी से भठवा इनमे से एक ऐसी ही परियोजना है जिसे आज से पांच साल पहले सम्पन्न होना था परंतु आज इस सड़क में आधा भी कार्य नही हुआ है. इसी प्रकार गुणवत्ता और समय की दृष्टि से देखा जाए तो बांस से माल और रक्सा माजन एवं क्योटी और गढ़ के असपास बनने वाली प्रधानमंत्री सड़कों में भी यही मनमानी चल रही है. ऐसे किसे दोषी ठहराया जाए?विभाग को अथवा ठेकेदार को? यदि कहें की ठेकेदार मनमानी पर उतारू है तो फिर विभाग किस लिए बैठा हुआ है? अतः यही बात समझ आती है की विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से पूरे सड़कों का सत्यानाश कर पूरा माल हजम कर जाने की स्थिति है.

संलग्न - अगडाल-लौरी से कैथा प्रधानमंत्री सड़क 9.4 किमी में लौरी नंबर 3 में योगेंद्र शर्मा के घर के पास मात्र बनाने के 21 दिन के भीतर बुरी तरह से उखड़ी हुई पीएम सड़क की तस्वीर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587,

Thursday, March 22, 2018

अगडाल-कैथा प्रधानमंत्री सड़क : पुलों मे बनते ही आई दरार, घटिया निर्माण पर भी कोई कार्यवाही नहीं, ठेकेदार और पीएम सड़क विभाग की मिलीभगत से 3 करोड़ 33 लाख का पूरा चूना लगाने की कर ली तैयारी

दिनांक 22 मार्च 2018, स्थान – गढ़ गंगेव रीवा मप्र


(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

   लोक यान्त्रिकी के कार्यों मे कितना अधिक फर्जीवाड़ा चल रहा है इसका उदाहरण निर्माणाधीन और निर्मित हो चुकी प्रधानमंत्री सड़कों से लगाया जा सकता है। यद्यपि ऐसा कोई भी दिन नहीं होता जब घटिया और गुणवत्ता विहीन प्रधानमंत्री सड़कों की बातें किसी न किसी अखबार मे न छप रही हों।

   जब से कार्य प्रारम्भ हुआ तब से लेकर अब तक अग्डाल से काइथा प्रधानमंत्री सड़क के गुणवत्ता विहीन कार्य की बात राखी जा रही है लेकिन विभागों के ढुलमुल रवैये और मिलीभगत के कारण कहीं कोई कार्यवाही होती नहीं दिख रही है।

समस्या का प्रोटोटाइप अगडाल से कैथा पीएम सड़क


  पिछले वर्ष जेबी कैथा इटहा अकलसी लौरी ग्रामों मे पीएम सड़क की पुले बनाई जा रही थी तो इसमे दोयम और घटिया किश्म की डस्ट, राखड़ और गिट्टी मिलाये जाने की बात सामने आई थी जिसकी कई मर्तबा सीएम हेल्पलाइन से लेकर कई जगह पर शिकायतें की गईं थीं। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। जो भी कार्यवाहियाँ की गईं वह मात्र कागज़ तक ही सीमित रहीं। यहाँ तक पुलों और सड़क के घटिया निर्माण की बात मेरी सड़क नामक ऐप्प मे भी राखी गई थी जिसमे सड़क की तस्वीरें लेकर भेजी गई थीं परंतु वहाँ भी मात्र गलत और भ्रामक ही निराकरण दिया गया जिसमे बताया गया की कार्य पैमाने और मापदंड के अनुसार चल रहा है।

   अब यहाँ पर एक ऐसा जीता जागता उदाहरण प्रस्तुत किया जाएगा जिसमे पिछले 6 माह के भीतर ही बन कर तैयार पुल की ऊपरी पट्टी पूरी तरह से दो टुकड़ों मे विभक्त हो चुकी है जो इस प्रधानमंत्री सड़क की बनाई गई पुलों की वास्तविक स्थिति को बयान कर रही है।

वर्तमान लोकतान्त्रिक और सरकारी प्रणाली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह?


  अब प्रश्न यह उठता है की एक लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर यदि विश्वास किया जाए और उसे माना जाए तो किसी भी समस्या को लेकर संबन्धित विभागों और सरकार तक बात रखने का प्रावधान होता है। तब वह विभाग उस समस्या पर संजान लेकर कुछ कार्यवाही करने की प्रक्रिया करता है। अब यदि वह विभाग ही नियमित तौर पर उठाई जा रही समस्या के विषय मे कोई सार्थक कार्यवाही नहीं करेगा तो कैसे काम चलेगा। फिर तो पूरी लोकतान्त्रिक प्रणाली पर ही बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लग जाता है।

  संलग्न – अगडाल कैथा 9.4 किमी प्रधानमंत्री सड़क की कैथा मे रिटायर्ड आर्मी कैप्टन श्री आर डी पांडे के घर के पास स्थित पुल मे आई दरार की फोटो जो साफ साफ देखी जा सकती है।   

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  शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र

   78699992139

Saturday, March 17, 2018

अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क की घटिया गुणवत्ता की शिकायत पर जांच करने पहुचे मऊगंज उपयंत्री अमित गुप्ता, ठेकेदार को पकड़ाया नोटिस, गुणवत्तापूर्ण सड़क नही बनी तो होगी रिकवरी और साथ ही होगा ठेका निरस्त

दिनांक 17 मार्च 2018, स्थान - गंगेव/गढ़ रीवा मप्र

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

    मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत अगडाल से कैथा तक बनायी जा रही 9.4 किमी सड़क की घटिया गुणवत्ता की शिकायत ज़िले से लेकर केंद्र तक की गयी है जिस पर कई मर्तबा जांचें हुईं लेकिन एस क्यू एम और एन क्यू एम से लेकर सभी जांच करने पहुचे हैं परंतु इस पर अब तक कोई सार्थक कार्यवाही नही हुई है। 

     पुलों के निर्माण में पहले ही गुणवत्ता की अनदेखी की गयी है जिससे कई पुलें समय से पहले मात्र 6 माह में ही टूट चुकी हैं। कैथा स्थित कैप्टेन आर डी पांडेय के घर के सामने पुल बीचों बीच दरार आने से टूट गयी है।

      इसी प्रकार कई पुलें ऐसी देखी जा सकती हैं जिनमे दरार आ जाने और घटिया गुणवत्ता के कारण खराब हो चुकी है। इन सब बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे ज़िले में प्रधानमंत्री सड़क के कार्यों में गुणवत्ता की कितनी अनदेखी हो रही है।

    अभी हाल ही में पिछले कुछ दिनों से लौरी मोड़ से लेकर अकलसी मोड़ तक मात्र तीन किमी सड़क पर डब्लू एम एम डालकर बिना पर्याप्त पानी डाले और बिना उचित मात्रा में प्राइमर डाले डामर युक्त गिट्टी डाली जा रही थी जिससे डामर की पकड़ नही बन पा रही थी जिसके कारण कई स्थानों पर सड़क में गड्ढे बन गए थे और सड़क टूटी हुई दिख रही थी। कई स्थलों पर यह भी देखा गया था कि 27 एम एम की डामर गिट्टी मिली हुई प्रथम लेयर भी सही तरीके से नही डाली गई थी जिस कारण से स्वतः ही गड्ढे बन गए थे। इस बात पर संबंधित ठेकेदार सोनभद्र कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के संदीप पांडेय और मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क के जीएम सुजीत कुमार निगम और उपयंत्री अमित गुप्ता को कई मर्तबा अवगत कराया गया था परंतु मात्र हवा में ही अस्वासन का खेल चल रहा था। अब जब लौरी नंबर 3 के निवासी योगेंद्र शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी को दिनांक 17 मार्च शुबह यह जानकारी पुनः दी कि सड़क की गुणवत्ता के साथ निरंतर खिलवाड़ चल रहा है और कोई सुनवाई नही हो रही है जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा संबंधित मऊगंज उपयंत्री को तत्काल निर्माण स्थल पर पहुचकर निरीक्षण करने की मांग की गयी जिस पर दोपहर लगभग 1 बजे उपयंत्री अमित गुप्ता लौरी नंबर 3 पहुचे और पाया कि शिकायत सही थी। प्राइमर का उचित अनुपात में प्रयोग नही होना पाया गया, सड़क में पानी का छिड़काव भी होना नही पाया गया साथ ही 27 एम एम परत भी कई स्थानों पर नही पायी गई। 

     इस पर उपयंत्री द्वारा लिखित तौर पर ठेकेदार संदीप पांडेय को नोटिस जारी करने की बात कही गयी साथ ही बताया गया कि यदि सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता किया जाता रहा तो राशि रोककर ठेका निरस्त कर वशूली की कार्यवाही भी की जा सकती है। इस पर उपस्थित सभी ग्रामीण जनों ने प्रधानमंत्री सड़क के मजबूती पूर्ण निर्माण की माग की है।

    बता दें कि अगडाल से कैथा तक 9 किमी 4 सौ मीटर लंबाई की सड़क का पैकेज क्र. एम पी 32170 है जिसकी प्रारंभिक लागत 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार रुपये बतायी गई है। औसतन देखा जाए तो प्रति किमी इस सड़क की लागत 33 लाख के आसपास आ रही है जो प्रधानमंत्री सड़क के हिसाब से उचित भी है परंतु इस पर भी सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता किया जाना विभाग और ठेकेदार की मिली भगत को दर्शाता है। एक बात और भी ध्यान देने योग्य है यह पूरी सड़क पहले से भी 12 मासी मुख्यमंत्री सड़क थी जिस पर पहले से भी पर्याप्त मिट्टी और मोरम डाला गया था जिससे सड़क की ऊंचाई काफी थी। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता करना सम्पूर्ण सिस्टम पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

      अब देखना यह होगा कि दिनांक 17 मार्च को मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क उपयंत्री की जांच और की गई कार्यवाही भी मात्र औपचारिकता ही रहेगी कि कार्य की गुणवत्ता में कुछ सुधार होगा।

  संलग्न - अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क की जांच करने पहुचे उपयंत्री अमित गुप्ता एवं ठेकेदार के कर्मचारियों की फ़ोटो और साथ ही सड़क की घटिया गुणवत्ता की फ़ोटो।

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139