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Tuesday, July 31, 2018

रघुनाथगंज-मड़ना पीएम सड़क की मरम्मत में हो रही लीपापोती (मामला ज़िले के मऊगंज अनुभाग अन्तर्गत बनाई जा रही पीएम सड़कों की दुर्दशा का, एक करोड़ 78 लाख की लॉगत से की जा रही मरम्मत पर अभी से दिखने लगा घटिया कार्य, जे के एस इंफोवर्ड रीवा का कारनामा)

दिनांक 01 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले में बनाई जा रही प्रधानमंत्री सड़कों के नवनिर्माण और मरम्मत दोनो प्रकार के कार्यों में ठेकेदारों और पीएम सड़क विभाग की मिलीभगत के चलते पलीता लग रहा है. आमतौर पर किसी भी ठेकेदारी प्रथा में किये जा रहे कार्य का पर्यवेक्षण का जिम्मा संबंधित विभाग का होता है. यह तो स्वाभाविक है की कोई ठेकेदार आज इतना ईमानदार नही है की राष्ट्रहित की भावना से प्रेरित होकर समाजहित में काम करेगा. तो प्रश्न यह है की ठेकेदारों की मनमानी पर नियंत्रण का जिम्मा किसके सिर पर होना चाहिए. यह कार्य होता है संबंधित विभाग का जिसके पर्यवेक्षक सतत कार्य की गुणवत्ता की निगरानी करें और देखें की जहां भी ठेकेदार मनमानी करे, कार्य की गुणवत्ता के साथ समझौता करें वहां तत्काल कार्य को रिजेक्ट किया जाय, पैसा रोक दिया जाय, साथ ही रेकवरी की जाय. लेकिन यहां तो सब उल्टा है क्योंकि बारी ही खेत खा रही हैं. आज प्रत्येक सिविल कंस्ट्रक्शन के कार्यों में विभागों की संलिप्तता और इनके कमीशन फिक्स होने के चलते ये विभाग ठेकेदारों पर कठोर कार्यवाही नही करते. नतीज़ा आज जितनी भी पीएम सड़कें और सिविल कंस्ट्रक्शन के कार्य हो रहे हैं सभी गुणवत्ताविहीन होते हैं साथ ही बनने के एक या दो साल के भीतर ही खत्म हो जाते हैं.

रघुनाथगंज से मड़ना पीएम सड़क में घटिया मरम्मत कार्य

   अभी हाल ही में मऊगंज की तरफ रुख करने पर गढ़ से होते हुए तेंदुआ मोड़ रघुनाथगंज-मड़ना सड़क का रुख किया गया. तेंदुआ मोड़ पर ही पीएम सड़क विभाग का लगा एक बोर्ड दिखा जिंसमे बताया गया था की लगभग 13 किमी लंबी इस पीएम सड़क का मरम्मत कार्य किया जा रहा है जिसकी कुल लॉगत 1 करोड़ 78 लाख के आसपास है. पैकेज क्रमांक एमटीएन 032 नाम से मरम्मत की जा रही इस सड़क को किसी रीवा के ही जे के एस इंफोवर्ड नामक कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है. इसके कार्य प्रारम्भ होने की तिथि 2 दिसंबर 2016 बताया गया है. इतने समय से प्रारम्भ किया गया यह कार्य आज तक पूर्ण क्यों नही हुआ यह भी एक बहुत बड़ा प्रश्न है.

  प्रधानमंत्री सड़क मरम्मत में मापदंडों की अनदेखी

    टेक्निकल डिटेल को छोड़ दें तो इसकी गुणवत्ता मापदंडों के अनुरूप तो बिल्कुल ही नही है. अमूमन क्या पीएम सड़क की मरम्मत के समय सड़कों के बीच जो गड्ढे बने हुए होते हैं उन्हें नही भरा जाना चाहिए? यहां पर तो यह देखा गया की बिना सड़क की उचित सफाई किये ही बिना गड्ढों को भरे ही इमल्शन और लिक्विड डाल दिया गया था और उसके ऊपर मोबीओइल मिली हुई डामर गिट्टी की पतली परत चढ़ाई जा रही थी. कई स्थानों से तो यह सड़क पहले ही उखड़ने लगी थी. इसके अतिरिक्त पहले से चढ़ी हुई परत को भी यथावत रखा गया था जिसे नियमानुसार हटाकर नए सिरे से परत चढ़ाई जानी चाहिए जिससे मरम्मत की हुई सड़क की पकड़ मजबूत बनी रहे और साथ ही कुछ समय तक चल पाए. लेकिन इनमे से किसी मापदंड का खयाल न रखा जा कर मात्र ठेकेदारों द्वारा मनमानी पूर्वक गुणवत्ताविहीन कार्य किये जा रहे हैं जिससे स्थिति दुर्दशापूर्ण बनी हुई है.

पीएम सड़क के किनारों पर नही हो रही शौल्डरिंग, मात्र चार अंगुल चौड़ी मोरम डाल रहे  

   इस पीएम सड़क की मरम्मत के विषय में कई बातें दिखीं जिनको गौर से देखा जाए तो खामियां दिखती नज़र आईं. मसलन किसी भी सड़क की मजबूती उसके दोनो तरफ बनाये जा रहे बॉर्डर से भी देखी जाती है. बॉर्डरिंग अथवा शोल्डरिंग का कार्य सही तरीके से नही हो रहा है. शोल्डरिंग में नए सिरे के मोरम डाली जानी चाहिए जिससे किनारों पर सड़क का कटाव रुके एवं सड़क में जो वर्षों से मोरम का कटाव हुआ है उसकी भरपाई भी हो सके और आखिर यही तो मरम्मत कार्य भी है वरना फिर काहे का करोड़ों रुपये खर्च किया जा रहा है.

इन लोगों ने बतायी समस्याएं 

    तेंदुआ मोड़ में जब वहां पहुचा गया और आसपास निवास करने वाले ग्रामीणों और दुकानदारों से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया की हम इस सड़क कार्य से बिल्कुल संतुष्ट नही है और हमने भी कई बार कार्य में लगे हुए कर्मचारियों को सड़क की मरम्मत गुणवत्तापूर्वक करने के लिए कहा है लेकिन कोई सुन नही रहा है.

   तेंदुआ मोड़ के पास उपस्थित रंगलाल कोल, नीलेश मिश्रा, विनय मिश्रा, सुजीत सोंधिया, दुर्गा प्रसाद, सुनील पटेल, दयानंद मिश्रा, लाला सिंह, रजनीश पटेल, रमा प्रताप सिंह आदि ने बताया की सड़क कार्य गुणवत्तापूर्ण नही है और इसकी सख्त जांच कर ठेकेदार से पूरे पैसे की वशूली की जानी चाहिए.

संलग्न - ज़िले के मऊगंज अनुभाग अन्तर्गत तेंदुआ मोड़ के पास रगुनाथगंज से मड़ना पीएम सड़क के मरम्मत कार्य का दृश्य तथा उपस्थित ग्रामीणजन. साथ ही पीएम सड़क के मरम्मत कार्य का लगाया गया बोर्ड जिंसमे समस्त जानकारी लिखी हुई है.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Friday, May 4, 2018

डेडलाइन 30 अप्रैल, पर काम 25% भी नही (मामला ज़िले के मऊगंज पीएम सड़क परियोजना अन्तर्गत कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क मार्ग का जिसे नियमानुसार 24 जनवरी 2018 को पूर्ण होना था,कैथा से अगडाल पीएम सड़क में भ्रष्ट्राचार और मनमानी का बोलबाला)

दिनांक 04 मई 2018, स्थान - गढ़, गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के मऊगंज पीएम परियोजना सेक्टर अन्तर्गत आने वाली गंगेव ब्लॉक की सभी पीएम सड़कें भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ़ रही हैं. प्रधानमंत्री सड़क परियोजना के अधिकारियों और पीएम सड़क के ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों की परियोजना में चुना लगाया जा रहा है. यह बात आयके दिन निरंतर मीडिया में रहती है फिर भी पीएम सड़क के अधिकारियों की नीद नही खुल रही है.

कैथा से आगडाल 9.4 किमी सड़क को 24 जनवरी को होना था पूर्ण

  बता दें की बहुचर्चित कैथा से अगडाल प्रधानमंत्री सड़क का कार्य 24 जनवरी को पूर्ण होना था मगर अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से इसमे लेटलतीफी की जा रही है. जबकि यह बात दर्जनों मर्तबा संबंधित पीएम सड़क के अधिकारियों के समक्ष रखी जा चुकी है.

जांच के नाम पर करते हैं कोरम पूर्ती

  जब भी पीएम सड़क में मनमानी और घटिया गुणवत्ता की शिकायत संबंधित अधिकारियों के समक्ष की जाती है तो मात्र जांच के नाम पर कोरम पूर्ति की जाती है. यही सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा है.

   पुलो का हुआ घटिया निर्माण 

   कैथा से अगडाल प्रधानमंत्री सड़क मार्ग की पुलो का घटिया निर्माण किया गया है जिसकी शिकायत समय समय पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा संबंधित पीएम सड़क के अधिकारियों के समक्ष की गई है लेकिन जांच के नाम पर मात्र कोरम पूर्ति ही हुई है और ठेकेदार से मिल बांटकर मामला रफा दफा करने का प्रयाश किया गया है.

 पिछले साल भर में मऊगंज के 3 जीएम बदले

  पिछले साल भर में मऊगंज पीएम सड़क परियोजना के 3 जीएम और ए एम बदले हैं लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है. जो जीएम आता है वही पुरानी प्रक्रिया अपनाता है. ऐसा लगता है पहले से ही अब कुछ फिक्स्ड है. 

वर्तमान जीएम नरवरिया देते हैं मात्र आश्वासन 

   वर्तमान समय में मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क परियोजना में पदस्थ जनरल मैनेजर नरवरिया को गंगेव ब्लॉक अंतर्गत बनाई जा रही घटिया गुणवत्ता की सड़कों की जनकारी दी गई है और सही जांच कर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की माग की गई है लेकिन जीएम नरवरिया मात्र डेट देते हैं, जब भी उन्हें मौके पर जांच करने के लिए बुलाया जाता है तो उनका कहना होता है की कल आ रहा हूँ और आज महीने हर हो रहे हैं कभी भी भौतिक सत्यापन करने नही आये.

उपयंत्री अमित गुप्ता और टीएल करते हैं मात्र खानापूर्ति

   मऊगंज पीएम सड़क के उपयंत्री अमित गुप्ता और टीम लीडर जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर रहे हैं. ऐसा लगता है की यह दोनो अधिकारी मात्र तमाशा करने के लिए ग्राउंड पर आते हैं. पिछली लगभग आधा दर्ज़न से अधिक जांचों में अमित गुप्ता और टीम लीडर आये मगर इनकी जांचों से कहीं कुछ हुआ ही नही. जो स्थिति बनी हुई थी वही अभी भी है. पुलो का घटिया निर्माण हुआ, लौरी नंबर 3 में सड़क उखड़ी, घटिया सामग्री का उपयोग हुआ यह सब कुछ यह अपनी आंखों से देखकर गए लेकिन कुछ नही किया. इससे साफ जाहिर है की इन सबकी ठेकेदारों से मिलीभगत है जिसका की परिणाम है घटिया किश्म की सड़क और समय पर न बन पाना.

सीजीएम यू वी सिंह ने कहा हम आपके नीचे नही हैं जो आपके हर बात का जबाब देंगे

   यहां जनता के टैक्स पर पलने बढ़ने वाले आज जनता के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सड़क विभाग का सबसे बड़ा संभागीय अधिकारी गैर जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है। जब मुख्य महाप्रबंधक ज़िला रीवा यू वी सिंह से संपर्क किया गया तो उसके द्वारा वताया गया कि आप व्हाट्सएप्प अथवा ईमेल अथवा लिखित तौर पर कंप्लेन दर्ज कराए तब कार्यवाही करेंगे। अभी उसे व्हाट्सएप्प के माध्यम से सभी न्यूज़पेपर की कटिंग के साथ डिटेल भेज दिया गया फिर भी घुमा फिरा कर बात कर रहा है। जब बात कार्यवाही की आती है तब अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, बात आई ठेकेदार का ठेका निरस्त करने एवं उसे ब्लैक लिस्ट करने की तब बोला कि हम आपके नीचे नही हैं जो हर चीज़ का जबाब देंगे। पर इन नौकरों को पता होना चाहिए कि ये जनता के नौकर ही हैं उसके मालिक नही अन्यथा लोकतंत्र चल नही पायेगा। क्योंकि फिर हर कोई मालिक बनने का प्रयास करने लगेगा। यू वी सिंह एक जिम्मेदार पोस्ट पर बैठा संभागीय अधिकारी है इसे ऐसे बात करना इसके अखड़पन को दर्शाता है।

रीवा और मऊगंज पीएम सड़क विभाग की मिलीभगत का परिणाम पीएम सड़कों का सत्यानाश

   इन रीवा और मऊगंज पीएम सड़क अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलकर पूरी पीएम सड़कों का सत्यानाश कर दिया है। इनकी मिलीभगत से घटिया सड़कों का निर्माण किया जा रहा। जांच के नाम पर मात्र ये कोरम पूर्ति करते हैं। ठेकेदारों से इनकी कमीशन बंधी रहती है। पूरा कमीशन का खेल चल रहा है।

ठेकेदार इन सब पीएम सड़क के अधिकारियों को खरीद लेते हैं और फिर मनमुताबिक जो चाहते हैं वही करते हैं। नतीजा यह है कि जो सड़कें कई वर्षों पहले बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी वह आजतक कम्पलीट नही हुई हैं। निरंतर निम्न दर्ज़े की निर्माण सामग्री का प्रयोग कर घटिया गुणवत्ता की सड़कें बनाई जा रही है। पुलों के निर्माण में भी दोयम और निम्न दर्ज़े की सामग्री उपयोग की गयी है जिससे पुलें बनते ही टूट गयी हैं उनमें दरारें आ गयी हैं।

कई डेडलाइन जारी, पर काम में नही हुई कोई प्रगति

   कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क को पूर्ण करने वास्ते रीवा पीएम सड़क विभाग के माध्यम से कई डेडलाइन जारी की जा चुकी हैं. जीएम मऊगंज नरवरिया, एएम सुजीत कुमार निगम और उपयंत्री अमित गुप्ता द्वारा जानकारी दी गई की प्रारंभिक तौर पर सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का इस पीएम सड़क को पूर्ण करने का ठेका मात्र 24 जनवरी 2018 तक ही था इसके वावजूद भी ठेकेदार को कई नोटिस जारी की जा चुकी हैं जिसमे 7 अप्रैल, 30 अप्रैल और 15 मई की नोटिस परंतु कार्य में 33 प्रतिशत भी प्रगति नही हुई है, तथा जो 3 किमी सड़क बनाई भी गई है वह भी उखड़ने लगी है. इस प्रकार समझ में आता है पीएम सड़क विभाग के मौखिक और कागज़ी फरमानों का भी इन ठेकेदारों पर कोई प्रभाव नही पड़ रहा है तो इसका मतलब एक ही है की इनका ठेका पूरी तरह से निरस्त किया जाकर पुनः नए शिरे से टेंडर प्रक्रिया होनी चाहिए.

समयसीमा पर नही बन पायी पीएम सड़क, अब ठेका हो निरस्त

   जिस प्रकार 3 करोड़ 33 लाख की लॉगत से बनाई जा रही कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क को घटिया तरीके से बनाया जा रहा है और गुणवत्ता का कोई ध्यान नही दिया जा रहा है ऐसे में मापदंडों की अनदेखी करने के कारण सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का ठेका निरस्त होना चाहिए और घटिया काम की पूरी रिकवरी होनी चाहिए. इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा पीएम सड़क के अधिकारियों जीएम नरवरिया, सीजीएम यू वी सिंह, और सीईओ पीएम सड़क भोपाल सेअहित दिल्ली एनएनआरडीए विभाग तक कंप्लेन दर्ज करवायी जा चुकी है. अब तक इस विषय के कार्यवाही समझ नही आई है परंतु कार्य में कोई प्रगति समझ नही आ रही है जबकि सरकारें निरंतर घोषणाएं कर रही हैं की सभी अपूर्ण कार्य समयसीमा में पूरे किये जाएं. पर इन घोषणाओं का कहीं कुछ भी प्रभाव नही पड़ता दिख रहा.

संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें कैथा से अगडाल पीएम सड़क मार्ग की घटिया स्थिति जहां आज तक मोरम तक नही डाली गई है. पिछले दिनों रीवा में हुई तूफानी बारिस की वजह से रोड की दुर्दशा.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 90589152587

Monday, February 26, 2018

पनगड़ी प्रधानमंत्री सड़क की घटिया गुणवत्ता की जांच करने पहुचे उपयंत्री परिहार, आर सी सी सड़क उखड़ी मिली साथ ही दोयम दर्जे की उपयोग हो रही निर्माण सामग्री, जारी किया मौखिक वार्निंग (मऊगंज पीएम सड़क प्रोजेक्ट रीवा)

दिनांक 27 फरवरी 2018, स्थान - गंगेव रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

           प्रधानमंत्री सड़क परियोजना का किस प्रकार मखौल बनाया जा रहा है इसका सीधा सीधा उदाहरण आप मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क के कार्यों में देख सकते हैं। ताज्जुब की बात है कि पनगड़ी पंचायत में दिसंबर 2012 से प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सड़क का कार्य आज दिनाँक तक पूर्ण नही हो पाया है जबकि देखा जाय तो यह कार्य 2013 तक पूर्ण होना था। 

    पनगड़ी पीएम सड़क परियोजना में हो रही हीलाहवाली का सीधा संबंध ठेकेदार और पी एम जी एस वाई के अधिकारियों से है। प्रश्न उठता है कि जब यह सड़क आज तक पूरी नही की गई तो ठेकेदार का ठेका निरस्त क्यों नही किया गया? ऊपर से ऐसे ठेकेदारों को नए नए ठेके देकर इनके मनोबल को बढ़ाया जा रहा है। पता चला कि पनगड़ी ग्राम पंचायत में बनाई जा रही पीएम सड़क का कार्य जिस ठेकेदार को सौंपा गया है वह उत्तर प्रदेश का है जिसके ऊपर कई आपराधिक प्रकारन हैं और कई मर्तबा जेल की हवा भी खाकर आया हुआ है।

   खैर यह तो किसी का व्यक्तिगत मामला है परंतु सबसे बड़ी बात जनता की समस्याओं को लेकर है कि ठेकेदार के जेल जाने के प्रति सहानुभूति रखने वाले प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों के दिल मे क्या जनता के प्रति थोड़ी भी सहानुभूति नही है। काश यदि इतनी ही सहानुभूति जनता के प्रति होती तो आज यह स्थिति निर्मित नही होती की 10 साल पुराना प्रोजेक्ट आज तक पूरा नही हो पाता। शर्म आनी चाहिए ऐसे अधिकारियों पर की जनता को निरंतर मूर्ख बनाकर उसके पैसे की बर्बादी की जा रही है।

    पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला की शिकायत पर जांच करने पहुचा प्रधानमंत्री सड़क का उपयंत्री -

      पिछले कुछ सप्ताह से पनगड़ी के उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी से निरंतर यह बात कही जा रही थी कि पनगड़ी प्रधानमंत्री सड़क का कार्य नही किया जा रहा है, गुणवत्ता विहीन और निम्न दर्जे का कार्य हो रहा है। जिस पर मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क के जीएम श्री निगम को कई बार अवगत कराया गया। परंतु निरंतर हो रही हीलाहवाली के चलते जांच में टालमटोल चल रही थी। दिनाँक 26 फरवरी को प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों का मुहूर्त बना और उपयंत्री परिहार द्वारा मौके पर आकर जांच की गई जिस पर घटिया गुणवत्ता की शिकायत सही पाई गई, आर सी सी सड़क उखड़ी पाई गई। जिसकी पुनः तोड़कर मरम्मत करने को कहा गया। उपस्थित ठेकेदार को उपयंत्री द्वारा समझाइश मात्र दी गई, और किसी प्रकार का नोटिस प्रपत्र आदि कुछ जारी नही किया गया। मौके पर जिस प्रकार प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच तालमेल देखने को मिला इससे साफ जाहिर था कि यह मैच पहले से फिक्स्ड था। और मात्र जांच के नाम पर कोरम पूर्ति की जानी थी जो हो गई।

    घटिया गुणवत्ता की जांच के दौरान पीएम सड़क उपयंत्री परिहार, ठेकेदार, अन्य कर्मचारियों के अतिरिक्त शिकायतकर्ता शिवेंद्रमणि शुक्ला, सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी, रोशन तिवारी, न्यूज़ रिपोर्टर प्रमोद सिंह, श्रीपाल सिंह सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे।

     पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला ने अनोखा विरोध प्रदर्शन कर करवाया मुण्डन -

      जांच में हो रही हीलाहवाली और ठेकेदार की मनमानी के चलते पनगड़ी उपसरपंच ने अपना विरोध दर्ज करवाया है और कहा है कि यदि कार्य सही मापदंडों पर और गुणवत्तापूर्ण नही कराया गया तो पनगड़ी पंचायत के लोगों द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। साथ ही अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए शिवेंद्रमणि शुक्ला ने अपना सिर का मुण्डन करवा दिया है। लोगों ने यद्यपि इसे अनोखा विरोध बताया।

      संलग्न - पनगड़ी सड़क जाँचस्थल में उपस्थित पीएम सड़क मऊगंज के उपयंत्री परिहार, ठेकेदार, शिकायतकर्ता एवं अन्य लोग।

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र। 7869992139

Tuesday, January 23, 2018

Rewa, MP -लौरी अगडाल कैथा प्रधानमंत्री सड़क में की जा रही गुणवत्ता की अनदेखी, घटिया पुल निर्माण के बाद अब सड़क पर अमानक सामग्री का हो रहा प्रयोग

दिनांक 23 जनवरी 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र
    (शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र) 
         ज़िले के मऊगंज प्रधानमंत्री सड़कों पर ध्यान नही दिया जा रहा है।  निर्माण की जा चुकी सड़कें पहले से ही उखड़ रही हैं और जो निर्माणाधीन हैं उनकी गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
          पुलों के निर्माण से लेकर सड़क में निर्माण सामग्री बिछाने तक के कार्य मे मापदंडों की निरंतर अनदेखी हो रही है।
          प्रधानमंत्री सड़क के जिम्मेदारों के समक्ष इस बात को रखा गया है लेकिन कोई सार्थक कार्यवाही नही हुई है। अभी हाल ही में प्रदेश में इस बात को उठाया गया और पीएम सड़क के प्रभारी जे एस सिकरवार को अवगत कराया गया है। सिकरवार का कहना था कि जीएम मऊगंज से संपर्क कर जानकारी चाही गयी है। दिनांक 21 एवं 22 जनवरी को "मेरी सड़क" नामक ऐप्प की मदद से प्रतिक्रिया प्रेषित की गई थी जिस पर कार्यवाही होना शेष है।
         मऊगंज प्रधानमंत्री सड़कों की स्थितियां सबसे खराब है, जिनमे से कई सड़कें जो पिछले वर्षों बनाई गई थीं वह उखड़ चुकी हैं। जो सड़कें वर्तमान में बनाई जा रही हैं उनमे मापदंडों की अनदेखी चल रही है जबकि देखा जाय तो समस्या को विभाग के संज्ञान में निरंतर रखा जाता रहा है। अब सवाल यह उठता है कि विभाग और संबंधित ठेकेदार को निरंतर सूचित किये जाने के वावजूद भी यदि कोई सार्थक कार्यवाही नही हो रही है तो संदेह विभाग की संलिप्तता पर ही जाता है।
   देखिए जब जीएम प्रधानमंत्री सड़क श्री निगम से इस संदर्भ में बात की गई तो जनका क्या कहना था।
    "जी हम स्वयं ही इस विषय मे आपसे बात करना चाह रहे थे, अच्छा हुआ आपका काल आ गया, देखिए मैं लौरी-गढ़ से कैथा वाली पीएम सड़क देखने गया था और ठेकेदार को अनियमितता में रिमाइंडर दिया है और साथ ही सही सामग्री उपयोग किये जाने के लिए कहा गया है । मैं आपके क्षेत्र में आऊंगा और फिर देखूंगा की कैसा काम चल रहा है। हैमर और कोर कटिंग टेस्ट के लिए कुछ पुलों का सैंपल भेजा है लेकिन आपके क्षेत्र की सड़क इसमे अभी शामिल नही है।" - जीएम, मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क श्री निगम।
 संलग्न - कृपया लौरी-गढ़ से कैथा प्रधानमंत्री सड़क की वर्तमान तस्वीरें देखें जिनमे अमानक निर्माण सामग्री गलत अनुपात में उपयोग की जा रही है। इसी प्रकार कार्यवाही की डर से पुलों के ऊपर सफेद छुही चढ़ाई जा रही है।
    - शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक आर टी आई कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139





Thursday, March 2, 2017

(Rewa, MP) करहिया-डाढ़ प्रधानमंत्री सड़क कार्य की गुणवत्ता निम्न, रोड में मिटटी डालकर छोंड दिया गया, पुल बनी है निम्न दर्जे की


Date: 03/03/2017, Place: Rewa (MP)

करहिया-डाढ़ प्रधानमंत्री सड़क कार्य की गुणवत्ता निम्न, रोड में मिटटी डालकर छोंड दिया गया, पुल बनी है निम्न दर्जे की

(गढ़/गंगेव, रीवा मप्र – शिवानन्द द्विवेदी) अभी पिछले दिनों जब करहिया से डाढ़ ग्राम तक की प्रधानमंत्री सड़क का कार्य प्रारंभ हुआ तो यह अटकलें लगाई जा रही थीं की कहीं यह प्रधानमंत्री सड़क भी अन्य सडकों की भांति तो नहीं जो अगली बरसात आते आते ही पानी के प्रेशर से उखड़ जाए. जब रोड एवं पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तो उस समय मिटटी डाली जा रही थी. इस पर पूंछा गया की मिटटी को पानी डालकर बेलन अथवा हाई प्रेशर रोलर चलाकर बैठाया क्यों नहीं जा रहा है तो ठेकेदार का कहना था हमारे ठेके में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमे पानी डालकर मिटटी बैठाई जाए हम बस जीसीबी द्वारा मिटटी बैठा देंगे. अब भला जो रोड बेलन चलाकर बैठाया नहीं जायेगा वह तो बिलकुल दिलीप बिल्डकॉन की ही रोडों की तरह होगा.
जब पिछले दिनों लगभग सभी समाचार पत्रों में इसी करहिया-डाढ़ प्रधानमंत्री सड़क के किस्से जिसमे इसके घटिया निर्माण सामग्री उपयोग और निम्न गुणवत्ता की बातें आयीं तो ठेकेदार बीच में ही कार्य छोंड़कर चला गया और अब तक नहीं लौटा. जब यह बात प्रधानमंत्री सड़क रीवा के जीएम श्री दवे से कही गयी तो उन्होंने मात्र जांच करवाने का आश्वासन दिया पर अब तक न तो कोई जाँच दल आया और न ही पुलों को देखा गया की उसमे जो सीमेंट, बालू और गिट्टी का मिश्रण डाला गया है वह किस अनुपात में है और किस गुणवत्ता का डाला गया है. प्राप्त जानकारी और लिए गए फोटो ग्राफ से स्पष्ट हुआ की ज्यादातर उपयोग किया जाने वाला बालू क्रेशर का राखड है और गिट्टी भी काली वाली न होकर दिलीप बिल्डकॉन की ही तरह पनगड़ी के क्रेशर प्लांट से उठाई जाने वाली सफ़ेद बलुआ पत्थर की गिट्टी है जो थोडा भी दबाब सहने में असमर्थ है. भला यह बसों ट्रकों का बजन क्या सहेगी. रोलर चलाकर प्रेशर तकनीक से रोड न बैठाने के कारण रोड नियत समय के पहले उखड़ जाएगी ऐसा अंदेशा क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है.  

संलग्न – मिटटी धूल उडाती हुई करहिया-डाढ़ सड़क मार्ग की फोटो तथा घटिया निर्माण सामग्री से बना पुल.


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Sincerely Yours,
Shivanand Dwivedi
(Social, Environmental, RTI and Human Rights Activists)
Village - Kaitha, Post - Amiliya, Police Station - Garh,
Tehsil - Mangawan, District - Rewa (MP)
Mob - (official) 07869992139, (whatsapp) 09589152587
TWITTER HANDLE: @ishwarputra - SHIVANAND DWIVEDI 













Sunday, February 12, 2017

(Rewa, MP) करहिया से डाढ़ प्रधानमंत्री सड़क का घटिया निर्माण - निम्न दर्जे का बालू-गिट्टी उपयोग किया जा रहा


दिनांक – 12/02/2017
स्थान –  (रीवा, मप्र)

करहिया से डाढ़ प्रधानमंत्री सड़क का घटिया निर्माण - निम्न दर्जे का बालू-गिट्टी उपयोग किया जा रहा

(त्योंथर, रीवा मप्र – शिवानन्द द्विवेदी) त्योंथर तहसील एवं ब्लाक अंतर्गत बनने वाली करहिया से डाढ़ तक की प्रधानमंत्री सड़क का कार्य प्रारंभ होने से क्षेत्रीय जनता में काफी हर्ष था पर जैसे ही कार्य प्रारम्भ हुआ लोगों में चिंता की परछाई साफ़ झलकने लगी. लोगों को लगा कि यह भी उन्ही देशी कार्यों में से है जहाँ निम्न और दोयम दर्जे का कार्य कर अच्छी खासी मोटी रकम गरीब जनता से टैक्स के रूप में चूस ली जाती है.
जी हाँ प्रकरण कुछ ऐसा ही है. गंगेव ब्लाक अंतर्गत आने वाले हिनौती पंचायत के पास सेदहा अथवा कैथा मोड़ के नाम से पहचाने जाने वाले स्थान से प्रारंभ होता है करहिया और डाढ़ ग्राम का रास्ता. यह सड़क एक लम्बे अरसे से कच्ची पड़ी हुई थी जिसे देखने वाला कोई नहीं था. पर जब सामूहिक हस्ताक्षर अभियान चलाकर शासन-प्रशासन की नज़र में रखा गया तो इसके भी निर्माण कार्य की स्वीकृति हुई. अब जब यह निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है तो यहाँ भी भ्रस्ट्राचार की बू आना स्वाभाविक है. देश का दुर्भाग्य है की जब तक किसी भी कार्य में प्रश्न न खड़े हों तब तक वह सही तरीके से हल ही नहीं सकता. क्योंकि नैतिकता, जिम्मेदारी और ईमानदारी पूर्ण कोई भी आवंटित कार्य कर देना तो अब इस देश के शासकीय विभागों की संस्कृति में ही लगता है नहीं बचा. क्योंकि विभाग और ठेकेदारों की मनमानियां तो कभी भला रुक ही नहीं सकती. विभागों को जहाँ ठेकेदारों से सीधे सांठ-गांठ पर शेयर मिल जाता है तो भला उन्हें क्या पड़ी हुई है की अपने सर्वेयर अथवा निरीक्षक दल भेजकर किसी भी आवंटित कार्य के गुणवत्ता की जांच करवाएं. जब जनता हो-हल्ला बोलती है तब जाकर सम्बंधित विभागों सहित ठेकेदारों के भी कान में जू रेगती है.
अभी हाल ही में हिनौती से कलवारी मोड़ जाते समय कैथा मोड़ के पास रुक कर करहिया से डाढ़ तक बन रही त्योंथर ब्लाक अंतर्गत आने वाली इस सड़क को देखा गया तो पाया गया की वहीँ पर क्रेशर प्लांट का थर्ड ग्रेड का राखड अथवा तथाकथित बालू उठाया जा रहा था और उसी विवादस्पद पनगड़ी के के-स्टार नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नामक किसी गिरीश सिंह अमहा के क्रेशर से निम्न दर्ज़े की गिट्टी उठायी जा रही थी. इसी गिट्टी का प्रयोग पुल जैसा संवेदनशील परिवहन मार्ग बनाने से लेकर अन्य रोड के कार्यों में किया जा रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि हाई वाटर फ्लो वाले इस क्षेत्र में यदि पुल मजबूत ढंग से न बन पायी तो अगले बरसात में ही दिलीप बिल्डकॉन की पुलों और रोडों की तरह यह रोड भी पानी में बह जाएगी. ऐसे में जो करोड़ों रुपये जनता की गाढ़ी कमाई से सरकार खर्च कर रही है वह सब ठेकेदारों और प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों को भेंट में दे देने से ज्यादा कुछ और नहीं हो सकता. इससे तो बेहतर यही होता की सरकार यह प्रधानमंत्री सड़क का पैसा सीधे आरटीजीएस अथवा नेफ्ट अंतरण के माध्यम से ठेकेदारों और प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों के खाते में डाल देती जिससे न तो काम की कोई चिंता ही होती और जनता को भी खबर नहीं लगती. क्योंकि लोकतंत्र में आने वाला एक-एक पैसा जनता की खून पसीने की कमाई होती है वह किसी की बपौती नहीं. अतः यदि कोई भी सरकारी अथवा सार्वजनिक कार्य करवाया जा रहा है तो उसके एक-एक पैसे का हिसाब कोई भी सरकार और शासन-प्रशासन देने के लिए वाध्य है. यही है लोकतंत्र वर्ना यूरोप में नाजियों का शासन भी था जहाँ मात्र तानाशाही ही चलती थी.     

      वहरहाल संलग्न फोटो में देखें की किस तरह से करहिया से डाढ़ मार्ग का घटिया निर्माण निम्न दर्जे के निर्माण सामग्री के साथ किया जा रहा है. इसकी सख्त जांच कर कार्यवाही होनी चाहिए और साथ ही पहले से बन चुके घटिया पुल को तोड़कर उच्च दर्जे का गुणवत्ता पूर्ण पुल का निर्माण किया जाना चाहिए.

संलग्न – त्योंथर ब्लाक अंतर्गत करहिया से डाढ़ प्रधानमंत्री सड़क निर्माण का दृश्य

मोबाइल नंबर जिनसे इस विषय में और जानकारी ली जा सकती है

   1) जीएम प्रधानमंत्री सड़क मऊगंज खंड श्री यादव - 09425304105,
   2) जीएम प्रधानमंत्री सड़क रीवा/त्योंथर खंड श्री दवे - 09407021465
 

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Sincerely Yours,
Shivanand Dwivedi
(Social, Environmental, RTI and Human Rights Activists)
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Saturday, January 14, 2017

(Rewa, MP) लौरी-गढ़ से हिनौती वाया कैथा-इटहा प्रधानमंत्री सड़क का कार्य प्रारंभ (Gangev Block, Rewa)

Date: 15/01/20-17. 
Place - KAITHA (Rewa, MP)
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(गढ़/गंगेव, रीवा मप्र)

       बहु प्रतीक्षित प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत बनने वाले लगभग नौ किमी लम्बे मार्ग का कार्य कैथा एवं आसपास के अन्य ग्रामों को जोड़ने वाली सडकों पर प्रराम्भ हो चुका है. 
       ज्ञातव्य हो की गढ़-लौरी से हिनौती वाया कैथा-इटहा का यह लगभग नौ किमी लम्बा मार्ग प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत बनने वाला सबसे लम्बा मार्ग हो सकता है. मौगंज में प्रधानमंत्री सड़क योजना के लिए कार्य करने वाले एजीएम श्री गुप्ता का कहना है की सामान्यतया प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत बनने वाला कोई भी मार्ग लगभग पांच किमी के आसपास होता है. जहाँ तक सवाल है  हिनौती से लौरी मोड़ तक का यह मार्ग जो कि कैथा, इटहा और अकलसी सहित कई ग्रामों से होकर गुजरता है लगभग सौ वर्ष पुराना है जिस पर शासन-प्रशासन का ध्यान न तो यहाँ के जन प्रतिनिधि आकृष्ट कर पाए और न ही कोई विधायक सांसद ही इस क्षेत्र पर मेहरबान हो सका. नतीजा यह हुआ की कैथा और उसके आसपास का विकाश कार्य हमेशा से ही ठप्प पड़ा रहा और एकदम बैकवर्ड क्षेत्र कहलाया. वर्ष 2012-13 तक यहाँ न तो उचित तरीके से बिजली मिल रही थी, न एक भी हैण्ड-पंप कार्य कर रहे थे और न ही सड़क की कोई उचित व्यवस्था थी. लौरी मोड़ से हिनौती-कैथा मोड़ वाया इतेहा-अकलसी तक की सड़क की कुल लम्बाई 12 किमी के आसपास है. इन सभी समस्याओं को देखते हुए जब देशव्यापी सार्वजनिक संस्था श्रीमद भगवद कथा धर्माथ समिति (भारत) का गठन वर्ष 2013 के जून महीने में किया गया उसी समय पानी विजली और सड़क जैसे मूलभूत अवश्यकतायों और मानवाधिकारों में से एक इन सभी मुद्दों को व्यापक पैमाने पर जिले से लेकर देश के उच्चतम विभागों जैसे प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली तक रखा गया. नतीजा यह हुआ की जनहित के सभी प्रकरणों की सरकार द्वारा अनदेखी कर पाना संभव न था. और कहना पड़ेगा की तीनों ही मूलभूत आवश्यकताओं को सरकार ने सुना और आज यह हालात हैं सम्बंधित सभी विभाग भी इस क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं. आज जब लौरी-गढ़ से हिनौती वाया कैथा-इटहा मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है यह इस क्षेत्र के हजारों लोगों को पक्के सड़क मार्ग से जोड़ देगा जिससे पचासों ग्रामों को इससे सीधा लाभ मिलेगा. इससे पूर्व यदि कोई माताएं-बहन बीमार हो जाएँ, किसी का डिलीवरी का  केस आ जाए, किसी को कोई जहरीला सर्प डस दे, चाहे वह बच्चों को बरसात में स्कूल जाना रहा हो, अथवा कोई भी इमरजेंसी स्थिति निर्मित हो जाए, हर समय आम जनता से लेकर बड़े-बड़े जमीदारों-रसूखदारों तक को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता था. सब पैसेवालों और रसूखदार लोगों के  पैसे-रुपये धरे के धरे रह जाते थे और कम से कम तीन से चार किमी तक का कच्चा और लंबा सफ़र पालकी में लेकर करना पड़ता था. तब न ही कोई नेता थे और न ही जन प्रतिनिधि जो इन समस्याओं का समाधान करवाते. क्योंकि नेताओं और तथाकथित जन प्रतिनिधियों को तो अपनी जेब भरने से मतलब था उन्हें आम जनता की समस्याओं से क्या लेना देना?

        वहरहाल जब एक पूर्णतया वैज्ञानिक और गणतीय दृष्टिकोण वाला यक्ति एक सामाजिक कार्यकर्ता का चोला पहनकर इस क्षेत्र में वर्ष 2012-13 में आया और आम जनता के दुःख-दर्द को देखा तो रहा न गया और जो अपने हाँथ में था उनमे से एक कार्य बड़े ही व्यापक पैमाने पर एक हस्ताक्षर अभियान चला कर किया गया जिसमे हजारों लोगों का हस्ताक्षर अंगूठा निसानी लेकर सभी समस्याओं को सम्बंधित विभागों तक सतत पहुचाया गया. निश्चित तौर पर मीडिया का योगदान किसी भी स्तर पर कम नहीं रहा है. मीडिया जनहित के विषयों को उठाने में जनता के सदैव साथ रही है. हाँ यह कहना पड़ेगा की मीडिया को सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़े मुद्दों, गरीबों, असहायों, और पीडतों की आवाज़ को सतत उठाते रहना पड़ेगा. बदलाव तो हर स्थान पर दिख रहा है पर आवश्यकता भी उसी अनुरूप बढती जा रही है इसलिए कुछ लोगों को लग सकता है की परिवर्तन नहीं हो रहा है पर यह सच्चाई नहीं है. परिवर्तन हर एक क्षेत्र में काफी हद तक हो रहे हैं. 
        आज स्थिति यह है कि ग्राम क्षेत्र में उम्मीद के अनुरूप विकाश कार्य हो रहे हैं. जहाँ जिस ग्राम की जनता जितनी अधिक जागरूक है वहां विकास की गति उतनी अधिक देखी जा सकती है. मात्र आवश्यकता है जागरूकता की इसलिए आम जनता को सब भूलकर सामाजिक हितों के लिए एकजुट  होना पड़ेगा और मिल कर अपना सहयोग देना पड़ेगा तब जाकर सर्वांगीण विकास देखा जा सकेगा और फिर उस विकास का आनंद भी लिया जा सकेगा.

         अब देखना यह होगा की यह जो प्रधानमंत्री सड़क का कार्य कैथा और उसके आसपास के ग्रामों में चल रहा है वह गुणवत्ता पूर्ण किया जाए और ठेकेदारों की मनमानी न चलने पाए. वहरहाल तो गिट्टी के ऊपर डालने के लिए राखड/बालू पनगड़ी के के-स्टार नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड क्रेशर प्लांट से उठाया जा रहा है. ग्रामीणों जैसे शैलेन्द्र पटेल आदि द्वारा बताया गया कि यह निम्न दर्जे का बालू हरिजन और केवट बस्ती के पास सम्बंधित सड़क ठेकेदार द्वारा आरसीसी सड़क निर्माण के लिए डंप किया जा रहा है पर ठेकेदार और साथ ही मऊगंज एजीएम श्री गुप्ता से संपर्क किया गया तो बताया गया की यह बालू/राखड गिट्टी के ऊपर डालकर रोलर चलाये जाने के लिए लाया जा रहा है. अभी तो कार्य शुरु ही हुआ है पर यदि अनियमितता प्रकाश में आती है तो निश्चित रूप से शासन-प्रशासन और मडिया के समक्ष आ ही जायेगी.

         वहरहाल इस बहुप्रतीक्षित प्रधानमंत्री सड़क निर्माण से कैथा और उसके आपपास के ग्राम-क्षेत्र की जनता में काफी खुशी है और सबको लग रहा है की अब आम जनता की भी आवाजें सुनी जा रही हैं और गरीबों के लिए भी सरकारें ध्यान देना प्रारंभ कर दी हैं.

          
          संलग्न - गढ़-लौरी से हिनौती वाया कैथा-इटहा मार्ग के निर्माण कार्य का दृश्य. चौड़ी होती रोड और एक बगीचे में डंप किया हुआ रेत. 

मोबाइल नंबर जिनसे इस विषय में और जानकारी ली जा सकती है 
- 1) सहायक एजीएम श्री गुप्ता (मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क) - 9893379918,
   2) जीएम प्रधानमंत्री सड़क मऊगंज खंड श्री यादव - 09425304105,
   3) जीएम प्रधानमंत्री सड़क रीवा खंड श्री दवे - 09407021465
  4) ठेकेदार प्रधानमंत्री सड़क लौरी-गढ़ से हिनौती वाया कैथा इटहा - 07566120474, 09109001021


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Friday, July 15, 2016

(रीवा/भोपाल) PMO- प्रधानमंत्री जी के नाम PG Portal में दर्ज प्रकरण जिसमे की तत्काल दस किमी हिनौती-कैथा-लौरी-गढ़ मार्ग (गंगेव ब्लाक) को प्रधानमंत्री सड़क से जोड़ने की माग की गयी है

नमस्कार भारत!

      जिला रीवा अंतर्गत गंगेव ब्लाक के लगभग दस किलोमीटर हिनौती से लौरी-गढ़ मार्ग को प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत जोड़ने विषयक प्रपत्र दिनांक 31 मई सन २०१६ को दिया गया है. इस प्रकरण में प्रधानमंत्री जी से माग की गयी है की जन हित को ध्यान में रखते हुए इस रूट को तत्काल पक्का करने के प्रयास किये जाने चाहिए ...वैसे प्राप्त सूचना के अनुसार यह मार्ग अब सर्वे के बाद प्रक्रिया में आ चुका है और जल्द ही प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत जोड़ा जायगा ऐसी सूचना मिली है....

देखें मूल प्रकरण की कॉपी नीचे ......शिवानन्द द्विवेदी (सामाजिक कार्यकर्ता)


Status as on 15 Jul 2016
Registration Number:PMOPG/E/2016/0185179
Name Of Complainant:Shivanand Dwivedi
Date of Receipt:31 May 2016
Received by:Prime Ministers Office
Forwarded to:PS Panchayat Rural Dev
Officer name:us
Officer Designation:us
Contact Address:Mantralaya Bhopal
Grievance Description:Date: 31/05/2016, Place: REWA (MP). --------------- To, The Prime Minsiter of India, Gov of India, New Delhi. INDIA. --------------- Subject- Regarding delay in PMGSY road project of LAURI-KAITHA route (road) in Gangev-block REWA (MP) that to be constructed under Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY). -------------- Ref. – Application submitted to PMGSY AGM Mr. Gupta of Mauganj REWA (MP) singed by more than thousands of local villagers of the LAURI-KAITHA region with NOC and application provided by the SARPANCH of the LAURI and KAITHA panchayat. -------------- Sir/Madam, I would like to bring your kind attention to the problems of a public path of more than 100 years of old at HINAUTI-LAURI via KAITHA and ITEHA in Gangev block. The specific details of HINAUTI-LAURI route is as the following: 1) HINAUTI, LAURI, KAITHA are the three panchayat that falls under Police station GARH in REWA district of Madhya Pradesh. 2) HINAUTI-LAURI route is about 9 KM long. It comprises HINAUTI, KARAHIYA, BADOKHAR, SORAHWA, KAITHA, ITEHA, AKALSI, LAURI 1, LAURI 2 villages near to this route. 3) This HINAUTI-LAURI route is more than 100 years old and about 20,000 of the people resides nearby this route. Besides HINAUTI, LAURI and KAITHA panchayats, the other panchayats that falls under and near this route are: LOTANI, SEDAHA, BANS, PANDUA, DARH, DUVGAMA, KANKAR, MADARI PANGADI. 4) About 30 villages of all these panchayats are directly connected to this route HINAUTI-LAURI. 5) HINAUTI-LAURI is the shortest route to pass from HINAUTI area to LAURI/GARH and vice versa. 6) The present condition of this HINAUTI-LAURI route is very bad. This is a KACHCHA route at present and it’s very difficult even to pedestrian to pass in rainy season, what to say about vehicles then. 7) If somebody’s near and dear got into trouble such as illness or accidents, it would be extremely hard to enter any ambulance or 4 wheeler vehicles in rainy period. 8) Women suffering in pregnancy period are carried by hand in rainy season to the nearest hospital since NO way to enter any vehicles. 9) Students can NOT even drive bicycle in rainy season. They get much trouble to reach to the school in rainy season. There are only two higher secondary schools in HINAUTI and in GARH which are average 5 KM away from the villages. 10) Shri HANUMAN temple in Kaitha village is also a place for local devotees and many religious and cultural programs being organized timely in premises of Shri Hanuman temple in SHRAVAN months including JANMASTMANI, NAG PANCHAMI, RAM NAUMI, HOLI, DEEWALI, MAHA SHIVRATRI etc., but as the road is not in good condition it’s very difficult for the devotees and local people to gather in temple area, especially in rainy season it’s just disaster. 11) HINAUTI-LAURI route via KAITHA and ITEHA is the shortest path to connect to HINAUTI and GARH and considering this project fast means connecting thousands of the people from both sides to save their time and energy to travel. ------------------- Some Facts:- As mentioned in the subject line, a letter from SHRIMAD BHAGAVAD KATHA DHARMARTH SAMITI signed along with the thousands of local villagers residing nearby the HINAUTI-LAURI route has been already given to the General Manager Mr. DAVE in his REWA office and also to the AGM Mauganj Mr. Gupta along with the NOC letter from KAITHA and LAURI sarpanch. As enquired from AGM PMGSY Mr. Gupta is told that this application/letter has already been submitted to the HEAD OFFICE of PMGSY in New Delhi. Now my request, in public interest, to the Prime Minister of India is that to order the PMGSY dept of New Delhi to process fast this project of PMGSY project of HINAUTI-LAURI under GANGEV block in REWA district of Madhya Pradesh. ----------------- Sincerely SHIVANAND DWIVEDI (Social, Scientific, and RTI activist) Village KAITHA, Post AMILIYA, Police Station GARH, Tehsil MANGAWAN, District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117 Mob. +917869992139
Date of Action:20 Jun 2016

Shivanand Dwivedi
(Social, Scientific, Environmental and RTI activists)
National Coordinator – Shrimad Bhagavad Katha Dharmarth Samiti
(an NGO). Work also as Human Rights Activist, Freelance Reporter, Environmental and Animal Rights Activists.
Educational Qualifications - M.Sc in Mathematics (IIT Bombay), PhD Research & TA (Mathematics) – 1. TU-Darmstadt GERMANY, 2. Ulm University GERMANY, 3. Milan University ITALY. Research visits in FRANCE, SPAIN, and PORTUGAL.
Mob.07869992139. Email:- Shivanand.Dwivedi@Gmail.com




Sunday, June 26, 2016

रीवा जिला अंतर्गत लौरी(गढ़) से हिनौती मार्ग को प्रधानमंत्री सड़क योजना से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्रीजी के नाम पत्र

To,                                                                                       Date: ………………..
The Prime Minister of India,                                          Place: REWA (MP)
Govt. of India, Prime Minister Office,
New Delhi. INDIA.

Subject- Regarding delay in PMGSY road project of LAURI-KAITHA route (road) in Gangev-block  REWA (MP) that to be constructed under Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY).
Ref. – Application submitted to PMGSY AGM Mr. Gupta of Mauganj REWA (MP) singed by more than thousands of local villagers of the LAURI-KAITHA region with NOC and application provided by the SARPANCH of the LAURI and KAITHA panchayat.

Sir/Madam,

            I would like to bring your kind attention to the problems of a public path of more than 100 years of old at HINAUTI-LAURI via KAITHA and ITEHA in Gangev block.
The specific details of HINAUTI-LAURI route is as the following:

1)      HINAUTI, LAURI, KAITHA are the three panchayat that falls under Police station GARH in REWA district of Madhya Pradesh.
2)      HINAUTI-LAURI route is about 9 KM long. It comprises HINAUTI, KARAHIYA, BADOKHAR, SORAHWA, KAITHA, ITEHA, AKALSI, LAURI 1, LAURI 2 villages near to this route.
3)      This HINAUTI-LAURI route is more than 100 years old and about 20,000 of the people resides nearby this route. Besides HINAUTI, LAURI and KAITHA panchayats, the other panchayats that falls under and near this route are: LOTANI, SEDAHA, BANS, PANDUA, DARH, DUVGAMA, KANKAR, MADARI PANGADI.
4)      About 30 villages of all these panchayats are directly connected to this route HINAUTI-LAURI.
5)      HINAUTI-LAURI is the shortest route to pass from HINAUTI area to LAURI/GARH and vice versa.
6)      The present condition of this HINAUTI-LAURI route is very bad. This is a KACHCHA route at present and it’s very difficult even to pedestrian to pass in rainy season, what to say about vehicles then.
7)      If somebody’s near and dear got into trouble such as illness or accidents, it would be extremely hard to enter any ambulance or 4 wheeler vehicles in rainy period.
8)      Women suffering in pregnancy period are carried by hand in rainy season to the nearest hospital since NO way to enter any vehicles.
9)      Students can NOT even drive bicycle in rainy season. They get much trouble to reach to the school in rainy season. There are only two higher secondary schools in HINAUTI and in GARH which are average 5 KM away from the villages.
10)  Shri HANUMAN temple in Kaitha village is also a place for local devotees and many religious and cultural programs being organized timely in premises of Shri Hanuman temple in SHRAVAN months including JANMASTMANI, NAG PANCHAMI, RAM NAUMI, HOLI, DEEWALI, MAHA SHIVRATRI etc., but as the road is not in good condition it’s very difficult for the devotees and local people to gather in temple area, especially in rainy season it’s just disaster.
11)  HINAUTI-LAURI route via KAITHA and ITEHA is the shortest path to connect to HINAUTI and GARH and considering this project fast means connecting thousands of the people from both sides to save their time and energy to travel.
12)  To be noted also that where the HINAUTI is one of the station in main road of REWA-KALWARI via BAIKUNTHPUR and LALGAON which is basically a two lane road just repaired and made better now, on the other hand LAURI (GARH) is a station in HIGH WAY road No 27 passing REWA-MANGAWAN-CHAKGHAT via GANGEV, SOHAGI and GARH. Thus visualizing this one can simply see that these both (2 lane from REWA-KALWARI and HIGH WAY 4 lane from REWA-CHAKGHAT) are the two parallel roads to which HINUTI-LAURI is the shortest connector. So when this shortest connector will be made under PMGSY that would be a boon to the thousands of public residing near to these villages.

Some Facts:- As mentioned in the subject line, a letter from SHRIMAD BHAGAVAD KATHA DHARMARTH SAMITI signed along with the thousands of local villagers residing nearby the HINAUTI-LAURI route has been already given to the General Manager Mr. DAVE in his REWA office and also to the AGM Mauganj Mr. Gupta along with the NOC letter from KAITHA and LAURI sarpanch. As enquired from AGM PMGSY Mr. Gupta is told that this application/letter has already been submitted to the HEAD OFFICE of PMGSY in New Delhi.
            Now my request, in public interest, to the Prime Minister of India  is that to direct the PMGSY dept of Bhopal/New Delhi to process fast this project of PMGSY project of HINAUTI-LAURI under GANGEV block in REWA district of Madhya Pradesh. Please make in your cognizance that this road of HINAUTI-LAURI is one of the VERY IMPORTANT route to connect HINUATI to LAURI (GARH) via KAITH and ITEHA.
            We one behalf of all the local and needy public of the HINAUTI-LAURI region thank Mr. Prime Minister of India very much.
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Sincerely

SHIVANAND DWIVEDI
(Social, Scientific, and RTI activist)
Village KAITHA, Post  AMILIYA,
Police Station GARH, Tehsil  MANGAWAN,
District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117

Mob. +917869992139



कृपया इस मार्ग की बरसात में दुर्दशा देखें.