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Wednesday, August 29, 2018

बाधित पीएम सड़क बनवाने कलेक्टर को दिया ज्ञापन (मामला ज़िले के सिरमौर तहसील अन्तर्गत आने वाले पनगड़ी पंचायत का जहां पर निर्माणाधीन पीएम सड़क भठवा से पनगड़ी को बनाये जाने में कुछ असमाजिक तत्व वाधा उत्पन्न कर रहे, वाधा दूर करने कलेक्टर और कमिश्नर को ग्रामीणों ने दिया ज्ञापन)

दिनांक 29 अगस्त 2018, स्थान - भठवा/गढ़, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत आने वाले भठवा से पनगड़ी ग्राम पंचायत की निर्माणाधीन पीएम सड़क को कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा अवैध और जबरन तरीके से कब्जाया जा रहा है जिंसमे इन सरहंगों ने सड़क के बीचोंबीच निर्माण करके अवैध कब्जा जमा लिया है और अब सड़क बनाये जाने का विरोध कर रहे हैं. पनगड़ी कला पंचायत के उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला एवं अन्य शिकायतकर्ताओं द्वारा बताया गया की अरुण यादव, शारदा यादव, रामस्वरूप यादव, गोविंद यादव, रामजी यादव, बिहारी यादव के दवारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न कर पीएम सड़क बनाने में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है जिससे भठवा, पनगड़ी, पताई, वनपताई, मदरी, बांस, महादेवन आदि क्षेत्रों के नागरिकों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. 

   इस बाबत शिकायतकर्ताओं राहुल तिवारी, अरुण तिवारी, हरीश कुशवाहा, विकास तिवारी, दसरथ कोरी, सुरेश शुक्ला, रामाधार कोरी अनिल तिवारी, जगमोहन, विनोद सोंधिया, कृष्णकुमार, मुकेश, संदीप, तीरथ, रामनरेश, रोहिणी, श्यामलाल, सौरभ, रामकुमार, दिनेश त्रिपाठी, शिवेंद्रमणि शुक्ला ने बताया की दिनांक 29 अगस्त को दर्जनों ग्रामीणों ने कॉलेक्टर एवं कमिश्नर कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा है और आरोपियों असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही की माग की है. 

    बताया गया की कार्यवाही न होने पर 7 दिवश बाद भठवा सड़क पर जाम लगाकर आंदोलन किया जाएगा जिसकी जबावदेही मात्र शासन प्रशासन की होगी.

संलग्न - दिनाँक 29 अगस्त को रीवा कलेक्टर एवं कमिश्नर कार्यालय में पहुचे ग्रामीणों की फ़ोटो एवं साथ ही कलेक्टर कमिश्नर को दिए ज्ञापन/शिकायत की छयाप्रति.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139.

Saturday, June 9, 2018

5 साल से अधूरी पड़ी पनगड़ी पीएम सड़क पर एक और जांच (मामला ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत आने वाले भठवा से पनगड़ी 3 किमी प्रधानमंत्री सड़क का जिसे आज 5 साल में भी पूर्ण नही किया जा सका, न तो ठेकेदार का ठेका निरस्त हुआ और न ही इन्हें ब्लैक लिस्टेड किया गया, पीएम सड़क विभाग की मर्जी से चल रही मात्र धांधलेबाजी)

दिनांक 09 जून 2018, स्थान - पनगड़ी/भठवा/गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र शिवानन्द द्विवेदी)

       ज़िले में पीएम सड़कों में अनियमितता का दौर निरंतर जारी है. अभी हाल ही पीएम सड़क विभाग संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मीडिया में छाई रहीं. पिछले दिनों सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी की मेरी सड़क एप्प और एनआरआरडीए और एमपीआरआरडीए के माध्यम से इस विषय में कई शिकायतें दर्ज कराईं गईं थी जिनका विषय था रीवा और विशेषकर मऊगंज पीएम सड़क अनुभाग में बनाई जा रही पीएम सड़कों के घटिया गुणवत्ता की जांच, लेटलतीफी का कारण और साथ ही पीएम सड़क विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता. 

   उक्त विषय पर जांच के लिए एसक्यूएम रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जबलपुर श्री के एम जैन की स्पेशल टीम को मऊगंज अंतर्गत आने वाले अगडाल (लौरी) से कैथा 9.4 किमी सड़क सहित पनगड़ी भठवा पीएम सड़क की भी जांच के लिए रीवा भेजा गया. इस विषय में अच्छी जांच भी हुई और जबलपुर से आये चीफ इंजीनियर केएम जैन ने एक अच्छे जांचकर्ता का परिचय देते हुए सभी बनाई गई पुलो को रिजेक्ट किया साथ ही जिन जगहों पर सड़क में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया था वहां वहां विशेष ध्यान देकर दुरूस्त करने की हिदायत दिया था जिसका नतीजा यह हुआ की काफी हद तक ठेकेदारों के होश ठिकाने आये हैं परंतु एकबार पुनः पीएम सड़क के रीवा डिवीज़न और इसके सब डिवीज़न के अधिकारियों की पुरानी स्टाइल वाली सांठ गांठ से ठेकेदार पुनः अपने पुराने भष्ट्राचार वाले ढर्रे पर निकल पड़े हैं. जहां तक सवाल 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार की लॉगत से बनाई जा रही कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क का प्रश्न है तो लगता है इसे किसी भी हाल में 30 जून 2018 तक पूरा नही किया जा सकता जबकि सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के ठेकेदार संदीप पांडेय ने 30 जून तक समय एक्सटेंशन लिया था. साथ ही जिन पुलो को तोड़कर नया बनाया जाना था वहां भी अब तक कोई कार्य प्रारम्भ नही हुआ है.

पनगड़ी भठवा पीएम सड़क की हुई एक और जांच 

   दिनांक 08 जून को मऊगंज पीएम सड़क अनुविभाग के सहायक महाप्रबंधक सुजीत कुमार निगम से प्राप्त जानकारी से पता चला है की जबलपुर से आयी हुई किसी प्राइवेट एनजीओ टीम के द्वारा पनगड़ी से भठवा सड़क मार्ग की एक और जांच की गई है जिसे एक विशेष प्रकार की ड्रिलिंग मशीन द्वारा ड्रिल करके किया गया है. 

    जांच स्थल पर उपयंत्री और टीएल महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे हैं. साथ ही पनगड़ी खुर्द ग्राम के निवासी एवं पनगड़ी कला पंचायत के उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला भी जांच स्थल पर मौजूद थे जिन्होंने जाँचस्थल की कुछ फोटग्राफ भी भेजी हैं. 

  इस प्रकार देखा जा सकता है की 08 जून की भठवा पनगड़ी सड़क की की गई जांच भी पिछली जांच का ही एक हिस्सा थी जिसमे इस सड़क को जांचने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध न हो पाने के कारण एनजीओ और किसी प्राइवेट एजेंसी को भेजकर जांच करवाई जा रही थी. 

पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला ने लगाया विभागीय सांठगांठ का रूप 

  इस बीच पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्र शुक्ला द्वारा आरोप लगाया गया की जब ठेकेदार पिछले पांच साल के अधिक समय से इस छोटी सी 3 किमी की सड़क को पूर्ण कर पाने में अक्षम रहा है तो पीएम सड़क विभाग द्वारा ऐसे ठेकेदारों को क्यों एंटरटेन किया जा रहा है इनका ठेका निरस्त कर इनसे भरपाई की जाकर इन्हें ब्लैक लिस्टेड क्यों नही किया जा रहा है. उपसरपंच द्वारा बताया गया की पहले से ही हमारे क्षेत्र की जनता पांच साल से परेशान हो रही है तो एक दो साल और सही परंतु हमे ऐसे ठेकेदारों से काम नही चाहिए जो छोटे से काम को करने में 5 साल से अधिक समय लगाएं.

   वहरहाल दिनांक 08 जून की पनगड़ी सड़क की जांच को भी रूटीन बताकर विभाग द्वारा पल्ला झाड़ लिया गया है और उपसरपंच द्वारा आरोप लगाया गया है की यह जांच भी उस स्थान पर जानबूझकर कराई गई है जहां सड़क कुछ मोटी बनाई गई थी फिर भी सड़क की मोटाई मात्र 5 इंच आई है जबकि सड़क की मोटाई 7 इंच होनी चाहिए थी.

  संलग्न - दिनांक 08 जून को पनगड़ी से भठवा पीएम सड़क की जांच करती जबलपुर से आयी टीम और साथ में उपास्थिति पीएम सड़क ठेकेदार प्रधान और पीएम सड़क अनुभाग मऊगंज के अधिकारी कर्मचारी.

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,


रीवा मप्र, मोबाइल 07869992139, 09589152587.


Monday, May 14, 2018

पीएम सड़क की एसक्यूएम जांच - हथौड़ा मारा नही की पुलें भरभरा गईं, हथौड़े के हल्के प्रहार ने खोल दी पीएम सड़क पर बनी घटिया पुलों की पोल (मामला ज़िले के गंगेव जनपद अंतर्गत आने वाली 333.43 लाख लागत से बनने वाली अगडाल (लौरी) से कैथा 9.4 किमी एवं भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की गुणवत्ता की जांच का, कैथा एवं पनगड़ी पीएम सड़क की एक बार पुनः हुई एस क्यू एम जांच)

दिनांक 14 मई 2018, स्थान - गढ़ गंगेव रीवा मप्र,

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

  सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी की एनआरआरडीए एवं एमपीआरआरडीए को की गई शिकायत के आधार पर एक बार पुनः जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम का गठन कर जांच के लिए रीवा भेजा गया जिसमे मुख्य रूप से एसक्यूएम रिटायर्ड चीफ इंजीनियर श्री जैन एवं रीवा से सीजीएम यू वी सिंह, मऊगंज जीएम नरवरिया, उपयंत्री गंगेव अमित गुप्ता, उपयंत्री शिवपाल सिंह परिहार, टीएल महेंद्र सिंह, एजीएम सुजीत निगम समेत अन्य पीएम सड़क विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे. जांच के दौरान सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के कांट्रेक्टर प्रतिनिधि संदीप पांडेय भी उपस्थित रहे.

  अगडाल से कैथा पीएम सड़क की गुणवत्ता प्रश्न के दायरे में

   पहली बार ऐसा हुआ है की इस अगडाल से कैथा 9.4 किमी जो की 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार की लॉगत से बन रही पीएम सड़क की कुछ हद तक सही मायने में जांच हुई है. चीफ इंजीनियर एवं जांच अधिकारी के तौर पर आये श्री जैन ने सभी आधिकारियों की हवा खिसका दी. जीएम, उपयंत्री, टीएल और ठेकेदार सभी को आड़े हांथों लिया और जांच में सभी बिंदुओं को गहराई से देखा गया. हाफ क्यूबिक मीटर का गड्ढा खोदकर सड़क के बीचोंबीच से मटेरियल निकालकर पूरी तरह से जांच की गई और सभी बिंदुओं को विधिवत मॉनिटर किया गया. सभी जानकारी ली गई. 

पुलो में हथौड़ा मारकर तोड़ा तो भरभरा कर गिर गई

     पुल की जांच के विषय में बात आई तो स्वयं जांच अधिकारी श्री जैन द्वारा पुलों को हथौड़ा मारकर टेस्ट किया गया जिसमे पुलों को ठोंकने पर पुलें भरभरा कर टूट रहीं थी जिससे साफ पता चल रहा था की पुलों में सही मटेरियल का उपयोग न किया जाकर निम्नस्तर का कार्य किया गया है. इस बाबत जांच अधिकारी चीफ इंजीनियर श्री जैन ने उपस्थित टीएल, जीएम, उपयंत्री और ठेकेदार की जम कर खिंचाई की और कहा की आओ आप लोग स्वयं भी थोड़ा हथौड़ा मारकर देखो की कितना घटिया काम किया है. इस बाबत सभी जांच की फ़ोटो और वीडियो भी बनाई गई है.

सामाजिक कार्यकर्ता को सही कार्यवाही का दिया आश्वासन

   इस बीच जांच अधिकारी श्री जैन ने सामाजिक कार्यकर्ता को बताया की आप निश्चिन्त रहिये इसमे बिल्कुल सही और निष्पक्ष कार्यवाही की जाएगी और किसी को भी नही बक्सा जाएगा. श्री जैन ने जीएम नरवरिया, उपयंत्री, टीएल और ठेकेदार सभी को खींचा और कहा की आप सबके कार्यकाल में ऐसा कार्य कैसे हो गया. आप सब किस बात की जांच करने आते थे और क्या मॉनिटरिंग करते थे. विशेषतौर पर मऊगंज पीएम सड़क के अधिकारियों की तो जांच आधिकारी ने जम कर क्लास ली.

भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की भी हुई एस क्यू एम जांच 

  इस बीच अगडाल से कैथा पीएम सड़क की जांच के उपरांत श्री जैन भठवा से पनगड़ी पीएम सड़क की जांच करने पहुचे जहां पर उपस्थित रायबरेली के ठेकेदार की भी जमकर खिंचाई की तथा यह भी कहा की कहीं न कहीं इसके लिए विभाग भी जिम्मेदार है की आखिर दिसंबर वर्ष 2012 का पीएम सड़क का प्रोजेक्ट आज 6 साल तक कैसे पूरा नही किया जा सका. जांच आधिकारी ने सीसी सड़क की जांच करने पर पाया की सीसी सड़क आज से 5 वर्ष पहले बनते ही उखड़ गई थी जिस पर ठेकेदार को कहा की इस पर ऊपर से मोटी परत चढ़ाएं नही तो जाने की तैयारी करलें क्योंकि ठेका तो निरस्त होगा ही साथ ही बड़ी रिकवरी भी होगी.

 जांच के बाद आये होश ठिकाने, ठेकेदार बने रहे भीगी बिल्ली

    कुल मिलाकर बॉडी लैंग्वेज के तौर पर देखा जाए तो यह पहली जांच थी जिसमे लग रहा था की किसी ईमानदार जांच आधिकारी द्वारा जांच की जा रही है जिसे जनता के हित और उसकी भावनाओं की कदर है. अब देखना यह होगा की दिनांक 14 मई 2018 की एसक्यूएम जांच के बाद गंगेव और रीवा के ठेकेदारों के दिमाग ठिकाने आते हैं और साथ ही ज़िले में कार्यरत पीएम सड़क विभाग के अधिकारियों के भी कान में जू रेंगती है की सब कुछ एक बार पुनः पहले जैसे ही चलना शुरू हो जाएगा।

ग्रामीणों ने भी जांच अधिकारी की प्रशंसा की

    यद्यपि इस जांच के दौरान उपस्थित अन्य ग्रामीणजनों ने भी जांच अधिकारी की काफी प्रसंसा की. विशेष तौर पर जांच अधिकारी श्री जैन ने संबंधित ठेकेदारों और पीएम सड़क रीवा के अधिकारियों को उनके कर्तव्य याद दिलाये तो लोगो ने जमकर प्रसंशा की की चलो अच्छा तो है की कोई ऐसा जांच अधिकारी आया है जो चिकनी चुपड़ी बातें कम कर रहा है और काम की बातें ज्यादा कर रहा है.

संलग्न - रीवा ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत बनाई जा रही अगडाल से कैथा पीएम सड़क की जांच करने आये जांच अधिकारी श्री जैन, सीजीएम यू वी सिंह, जीएम नरवरिया, ए जी एम सुजीत निगम आदि की जांच के दौरान तस्वीरें.

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,


मोबाइल - 078699912139,09589152587


Friday, May 4, 2018

डेडलाइन 30 अप्रैल, पर काम 25% भी नही (मामला ज़िले के मऊगंज पीएम सड़क परियोजना अन्तर्गत कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क मार्ग का जिसे नियमानुसार 24 जनवरी 2018 को पूर्ण होना था,कैथा से अगडाल पीएम सड़क में भ्रष्ट्राचार और मनमानी का बोलबाला)

दिनांक 04 मई 2018, स्थान - गढ़, गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के मऊगंज पीएम परियोजना सेक्टर अन्तर्गत आने वाली गंगेव ब्लॉक की सभी पीएम सड़कें भ्रष्ट्राचार की भेंट चढ़ रही हैं. प्रधानमंत्री सड़क परियोजना के अधिकारियों और पीएम सड़क के ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों की परियोजना में चुना लगाया जा रहा है. यह बात आयके दिन निरंतर मीडिया में रहती है फिर भी पीएम सड़क के अधिकारियों की नीद नही खुल रही है.

कैथा से आगडाल 9.4 किमी सड़क को 24 जनवरी को होना था पूर्ण

  बता दें की बहुचर्चित कैथा से अगडाल प्रधानमंत्री सड़क का कार्य 24 जनवरी को पूर्ण होना था मगर अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से इसमे लेटलतीफी की जा रही है. जबकि यह बात दर्जनों मर्तबा संबंधित पीएम सड़क के अधिकारियों के समक्ष रखी जा चुकी है.

जांच के नाम पर करते हैं कोरम पूर्ती

  जब भी पीएम सड़क में मनमानी और घटिया गुणवत्ता की शिकायत संबंधित अधिकारियों के समक्ष की जाती है तो मात्र जांच के नाम पर कोरम पूर्ति की जाती है. यही सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा है.

   पुलो का हुआ घटिया निर्माण 

   कैथा से अगडाल प्रधानमंत्री सड़क मार्ग की पुलो का घटिया निर्माण किया गया है जिसकी शिकायत समय समय पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा संबंधित पीएम सड़क के अधिकारियों के समक्ष की गई है लेकिन जांच के नाम पर मात्र कोरम पूर्ति ही हुई है और ठेकेदार से मिल बांटकर मामला रफा दफा करने का प्रयाश किया गया है.

 पिछले साल भर में मऊगंज के 3 जीएम बदले

  पिछले साल भर में मऊगंज पीएम सड़क परियोजना के 3 जीएम और ए एम बदले हैं लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है. जो जीएम आता है वही पुरानी प्रक्रिया अपनाता है. ऐसा लगता है पहले से ही अब कुछ फिक्स्ड है. 

वर्तमान जीएम नरवरिया देते हैं मात्र आश्वासन 

   वर्तमान समय में मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क परियोजना में पदस्थ जनरल मैनेजर नरवरिया को गंगेव ब्लॉक अंतर्गत बनाई जा रही घटिया गुणवत्ता की सड़कों की जनकारी दी गई है और सही जांच कर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की माग की गई है लेकिन जीएम नरवरिया मात्र डेट देते हैं, जब भी उन्हें मौके पर जांच करने के लिए बुलाया जाता है तो उनका कहना होता है की कल आ रहा हूँ और आज महीने हर हो रहे हैं कभी भी भौतिक सत्यापन करने नही आये.

उपयंत्री अमित गुप्ता और टीएल करते हैं मात्र खानापूर्ति

   मऊगंज पीएम सड़क के उपयंत्री अमित गुप्ता और टीम लीडर जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर रहे हैं. ऐसा लगता है की यह दोनो अधिकारी मात्र तमाशा करने के लिए ग्राउंड पर आते हैं. पिछली लगभग आधा दर्ज़न से अधिक जांचों में अमित गुप्ता और टीम लीडर आये मगर इनकी जांचों से कहीं कुछ हुआ ही नही. जो स्थिति बनी हुई थी वही अभी भी है. पुलो का घटिया निर्माण हुआ, लौरी नंबर 3 में सड़क उखड़ी, घटिया सामग्री का उपयोग हुआ यह सब कुछ यह अपनी आंखों से देखकर गए लेकिन कुछ नही किया. इससे साफ जाहिर है की इन सबकी ठेकेदारों से मिलीभगत है जिसका की परिणाम है घटिया किश्म की सड़क और समय पर न बन पाना.

सीजीएम यू वी सिंह ने कहा हम आपके नीचे नही हैं जो आपके हर बात का जबाब देंगे

   यहां जनता के टैक्स पर पलने बढ़ने वाले आज जनता के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सड़क विभाग का सबसे बड़ा संभागीय अधिकारी गैर जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है। जब मुख्य महाप्रबंधक ज़िला रीवा यू वी सिंह से संपर्क किया गया तो उसके द्वारा वताया गया कि आप व्हाट्सएप्प अथवा ईमेल अथवा लिखित तौर पर कंप्लेन दर्ज कराए तब कार्यवाही करेंगे। अभी उसे व्हाट्सएप्प के माध्यम से सभी न्यूज़पेपर की कटिंग के साथ डिटेल भेज दिया गया फिर भी घुमा फिरा कर बात कर रहा है। जब बात कार्यवाही की आती है तब अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, बात आई ठेकेदार का ठेका निरस्त करने एवं उसे ब्लैक लिस्ट करने की तब बोला कि हम आपके नीचे नही हैं जो हर चीज़ का जबाब देंगे। पर इन नौकरों को पता होना चाहिए कि ये जनता के नौकर ही हैं उसके मालिक नही अन्यथा लोकतंत्र चल नही पायेगा। क्योंकि फिर हर कोई मालिक बनने का प्रयास करने लगेगा। यू वी सिंह एक जिम्मेदार पोस्ट पर बैठा संभागीय अधिकारी है इसे ऐसे बात करना इसके अखड़पन को दर्शाता है।

रीवा और मऊगंज पीएम सड़क विभाग की मिलीभगत का परिणाम पीएम सड़कों का सत्यानाश

   इन रीवा और मऊगंज पीएम सड़क अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलकर पूरी पीएम सड़कों का सत्यानाश कर दिया है। इनकी मिलीभगत से घटिया सड़कों का निर्माण किया जा रहा। जांच के नाम पर मात्र ये कोरम पूर्ति करते हैं। ठेकेदारों से इनकी कमीशन बंधी रहती है। पूरा कमीशन का खेल चल रहा है।

ठेकेदार इन सब पीएम सड़क के अधिकारियों को खरीद लेते हैं और फिर मनमुताबिक जो चाहते हैं वही करते हैं। नतीजा यह है कि जो सड़कें कई वर्षों पहले बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी वह आजतक कम्पलीट नही हुई हैं। निरंतर निम्न दर्ज़े की निर्माण सामग्री का प्रयोग कर घटिया गुणवत्ता की सड़कें बनाई जा रही है। पुलों के निर्माण में भी दोयम और निम्न दर्ज़े की सामग्री उपयोग की गयी है जिससे पुलें बनते ही टूट गयी हैं उनमें दरारें आ गयी हैं।

कई डेडलाइन जारी, पर काम में नही हुई कोई प्रगति

   कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क को पूर्ण करने वास्ते रीवा पीएम सड़क विभाग के माध्यम से कई डेडलाइन जारी की जा चुकी हैं. जीएम मऊगंज नरवरिया, एएम सुजीत कुमार निगम और उपयंत्री अमित गुप्ता द्वारा जानकारी दी गई की प्रारंभिक तौर पर सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का इस पीएम सड़क को पूर्ण करने का ठेका मात्र 24 जनवरी 2018 तक ही था इसके वावजूद भी ठेकेदार को कई नोटिस जारी की जा चुकी हैं जिसमे 7 अप्रैल, 30 अप्रैल और 15 मई की नोटिस परंतु कार्य में 33 प्रतिशत भी प्रगति नही हुई है, तथा जो 3 किमी सड़क बनाई भी गई है वह भी उखड़ने लगी है. इस प्रकार समझ में आता है पीएम सड़क विभाग के मौखिक और कागज़ी फरमानों का भी इन ठेकेदारों पर कोई प्रभाव नही पड़ रहा है तो इसका मतलब एक ही है की इनका ठेका पूरी तरह से निरस्त किया जाकर पुनः नए शिरे से टेंडर प्रक्रिया होनी चाहिए.

समयसीमा पर नही बन पायी पीएम सड़क, अब ठेका हो निरस्त

   जिस प्रकार 3 करोड़ 33 लाख की लॉगत से बनाई जा रही कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क को घटिया तरीके से बनाया जा रहा है और गुणवत्ता का कोई ध्यान नही दिया जा रहा है ऐसे में मापदंडों की अनदेखी करने के कारण सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड का ठेका निरस्त होना चाहिए और घटिया काम की पूरी रिकवरी होनी चाहिए. इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा पीएम सड़क के अधिकारियों जीएम नरवरिया, सीजीएम यू वी सिंह, और सीईओ पीएम सड़क भोपाल सेअहित दिल्ली एनएनआरडीए विभाग तक कंप्लेन दर्ज करवायी जा चुकी है. अब तक इस विषय के कार्यवाही समझ नही आई है परंतु कार्य में कोई प्रगति समझ नही आ रही है जबकि सरकारें निरंतर घोषणाएं कर रही हैं की सभी अपूर्ण कार्य समयसीमा में पूरे किये जाएं. पर इन घोषणाओं का कहीं कुछ भी प्रभाव नही पड़ता दिख रहा.

संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें कैथा से अगडाल पीएम सड़क मार्ग की घटिया स्थिति जहां आज तक मोरम तक नही डाली गई है. पिछले दिनों रीवा में हुई तूफानी बारिस की वजह से रोड की दुर्दशा.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 90589152587

Sunday, April 15, 2018

चलिए नही बेधड़क, क्योंकि मैं हूँ बांस से हिरुडीह पी डब्लू डी सड़क (मामला गंगेव जनपद अंतर्गत आने वाली बांस से हिरुडीह वाया पुरवा 4 दशक पुरानी पी डब्लू डी सड़क का जिसमे मोरम तक नही पड़ी)

दिनांक 15 अप्रैल 2018, स्थान - गंगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

     आज स्वतंत्रता के 70 वर्ष बाद भी भारत के ग्राम के नागरिकों का जीवन स्तर सुधरने का नाम नही ले रहा है और इसके पीछे मुख्य कारण हैं उन्हें मूलभूत मानवाधिकारों का उपलब्ध न हो पाना और मानवाधिकारों से आम जन मानस को वंचित किया जाना।

    बिजली, पानी, सड़क, आवास, स्वास्थ्य एवं अच्छी शिक्षा किसी भी लोकतांत्रिक सरकार द्वारा उसके सभी नागरिकों को उपलब्ध करवाना उस देश की सरकार के संवैधानिक कर्तव्य होते हैं परंतु भारत में व्यापक भष्ट्रचार और प्रशासनिक उदासीनता के चलते आज आम जनमानस इन मूलभूत मानवाधिकारों से वंचित हैं. यद्यपि कुछ ग्रामों को जोड़ने के लिए पीएम सड़क के प्रावधान चल रहे हैं जिसमे ग्रामों के मुख्य मार्ग को जोड़ने का काम तो किया जा रहा है परन्तु समय के हिसाब से नाकाफी है।

  4 दशक पुरानी बांस से हिरुडीह वाया पुरवा पी डब्लू डी सड़क आज भी बनी है कच्ची, नही है कोई सुध लेने वाला, आम जनता हैरान परेशान

    मानवाधिकार के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा अभी पिछले दिनों सामाजिक समस्याओं और प्रशासनिक कार्यों का भौतिक सत्यापन करने और अवलोकन करने के उद्देश्य से बांस से हिरुडीह एवं पुरवा की तरफ रुख किया गया जिसमे आम जन से संपर्क स्थापित किया गया तो ग्राम पुरवा निवासी दिव्यांग रामायण सिंह, निरंजन सिंह, किसान अरुण सिंह एवं देवेंद्र प्रताप सिंह, अधिवक्ता बसंत प्रताप सिंह, छात्र आदित्य सिंह सहित कुछ माताओं बहनों के द्वारा जो जानकारी प्राप्त हुई वह भारतीय लोकतंत्र के बहुत पीछे होने या यूं कहें कि एक तरह से नाकाम होने की ही दास्तान बयां करती है. 

      पुरवा निवासी दिव्यांग रामायण सिंह के द्वारा बताया गया की उनकी यह सड़क वर्ष 1981 में पी डब्लू डी के द्वारा बनाई गई थी जिसमे थोड़ा सा मोरम का काम किया गया था लेकिन तब से इस सड़क मार्ग में न कोई मिट्टी और न ही मोरम का काम किया गया है. रामायण सिंह ने बताया की आज यदि थोड़ी भी बारिस हो जाए तो इस सड़क में स्थित गड्ढों में पानी भर जाता है जिससे आम जन को निकलना बड़ा ही मुश्किल पड़ जाता है. यदि किसी को इमरजेंसी मेडिकल फैसिलिटी की आवश्यकता पड़ जाए अथवा कोई महिला का डिलीवरी का केस आ जाए तो उसे खाट पर उठाकर ले जाना पड़ता है. पुरवा निवासी किसान निरंजन सिंह और अरुण प्रताप सिंह द्वारा बताया गया की आज 4 दशक के आसपास हो रहा है तो कैसे सम्भव है की पी डब्लू डी सड़क की यह स्थिति  बनी हुई है? क्या पी डब्लू डी सड़क के लिए इतने दशकों में कोई बजट नही आया होगा? वहीं छात्र आदित्य प्रताप सिंह द्वारा बताया गया की बरसात के मौसम में हमे स्कूल जाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. सड़क में 100 मीटर आगे इशारा करते हुए बताया की सड़क में अब मोरम भी नही है अतः कीचड़ होने से साईकल से लेकर सभी वाहन फस जाते हैं जिससे बरसात में पैदल तक चलना मुश्किल होता है.

    बांस से हिरुडीह वाया पुरवा सड़क को पीएम सड़क बनाये जाने की माग 

   ग्राम बांस, पुरवा और हिरुडीह की महिलाओं ने जानकारी दी की उन्हें विशेष तौर पर भारी तकलीफों का सामना करना पड़ता है अतः सभी चाहते हैं की आज जैसे सभी प्रधानमंत्री सड़कें बनाई जा रही हैं उसी प्रकार इसे भी पीएम सड़क कर दिया जाए जिससे इसका जल्द ही निर्माण हो जाए. सभी ने कहा की पी डब्लू डी की सड़कों में व्यापक अनियमितता होने के कारण ही उनकी यह सड़क आज 4 दशक बाद भी नही बन पायी है. 

   नईगढ़ी माइक्रो इरीगेशन नहर परियोजना का कार्य भी प्रगति पर 

    दौरे के दौरान पाया गया शासकीय माध्यमिक शाला बांस के आगे और पुरवा ग्राम के बीच में नहर का कार्य भी प्रगति पर है जिसमे खुदाई का काम प्रारम्भ किया गया है. जानकारी बाणसागर नहर मंडल संभाग रीवा के अधीक्षण यंत्री श्री शर्मा से जानकारी प्राप्त हुई की यह नहर आसपास के के पटवारी हल्कों जिसमे मनगवां का इटहा, सिरमौर का हिनौती और त्योंथर का जमुई एवं कटरा हल्का आदि सामिल है वर्ष 2020 तक नहर से जोड़ दिया जाएगा. पानी की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण उद्वहन और दबाब पद्धति से पानी की सप्लाई किये जाने का प्रावधान है जिसमे माइक्रो इरीगेशन तकनीक द्वारा जमीन के अंदर से पाइप डालकर गांव गांव में पानी सप्लाई किये जाने का प्रावधान है. यह प्रयाश भी सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा पिछले वर्षों किया गया था जिसमे मानवाधिकार आयोग मप्र भोपाल के संज्ञान के चलते आज कार्य में तेजी आई है और किसान खुशहाल होगा. 

संलग्न - बांस के हिरुडीह वाया पुरवा पी डब्लू डी सड़क की स्थिति एवं इसकी दुर्दशा दिखाते ग्राम के नागरिकगण. मामला गंगेव ब्लॉक, रीवा मप्र का.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,

मोबाइल - 7869992139, 9589152587

Friday, April 13, 2018

अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क में धांधली का दौर जारी, मात्र 21 दिन के भीतर बनी सड़क ने दे दिया जबाब, सड़क कई स्थानों से हुई छतिग्रस्त (मामला गंगेव ब्लॉक अंतर्गत आने वाली 9.4 किमी अगडाल-लौरी से कैथा प्रधानमंत्री सड़क का)

दिनांक 12 अप्रैल 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी) 

     ज़िले के गंगेव ब्लॉक और मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क अंतर्गत आने वाली बहुचर्चित अगडाल-लौरी से कैथा 9.4 किमी पीएम सड़क जिसकी की कुल लॉगत 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार रुपये के आसपास बतायी जा रही है में विभाग की उदासीनता और नकारात्मक रवैय्या के चलते मात्र 21 दिन के भीतर बनी 3 किमी सड़क के परखच्चे उड़ने सुरू हो चुके हैं. अभी तो इस सड़क पर 8 टन तक के भी कोई वाहन नही निकले होंगे और अब सड़क की दुर्दशा देखते ही बन रही है. 

    लौरी नंबर 3 के स्थानीय निवासी योगेंद्र शर्मा के घर के पास शिव जी के मंदिर के सामने और ट्रांसफार्मर के बीच में यह पीएम सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है जिसकी जानकारी योगेंद्र शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को दी जिस पर पहुचकर सड़क का जायज़ा लिया गया और संबंधित ठेकेदार संदीप पांडेय सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी एवं मऊगंज जीएम नरवरिया, उपयंत्री अमित गुप्ता को बताया गया. इस पर संबंधितों ने सड़क को ठीक किये जाने का पुराने स्टाइल में आश्वासन मात्र दिया. 

   सवाल यह है की यदि बिना भारी वाहन चले ही इन करोड़ों की बनने वाली पीएम सड़कों की यह स्थितियां है कि मात्र  कुछ सप्ताह के भीतर ही यह सड़कें  हवा हवाई हो रही हैं तो कुछ महीने और एकाध साल में इनकी कितनी दुर्दशा होगी यह बात विचारणीय है.

ज़िले की सभी प्रधानमंत्री सड़कों के हाल बेहाल -

   ऐसा नही है की मात्र अगडाल-लौरी से कैथा पीएम सड़क भर के यह हालात हैं. जबकि देखा जाए तो प्रधानमंत्री सड़क विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते पूरे ज़िले की पीएम सड़कों की दुर्दशा हो चुकी हैं. कई परियोजनाएं आज कई साल पहले सम्पन्न हो जानी चाहिए थी जिनमे आज आधा भी कार्य नही हुआ है. पनगड़ी से भठवा इनमे से एक ऐसी ही परियोजना है जिसे आज से पांच साल पहले सम्पन्न होना था परंतु आज इस सड़क में आधा भी कार्य नही हुआ है. इसी प्रकार गुणवत्ता और समय की दृष्टि से देखा जाए तो बांस से माल और रक्सा माजन एवं क्योटी और गढ़ के असपास बनने वाली प्रधानमंत्री सड़कों में भी यही मनमानी चल रही है. ऐसे किसे दोषी ठहराया जाए?विभाग को अथवा ठेकेदार को? यदि कहें की ठेकेदार मनमानी पर उतारू है तो फिर विभाग किस लिए बैठा हुआ है? अतः यही बात समझ आती है की विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से पूरे सड़कों का सत्यानाश कर पूरा माल हजम कर जाने की स्थिति है.

संलग्न - अगडाल-लौरी से कैथा प्रधानमंत्री सड़क 9.4 किमी में लौरी नंबर 3 में योगेंद्र शर्मा के घर के पास मात्र बनाने के 21 दिन के भीतर बुरी तरह से उखड़ी हुई पीएम सड़क की तस्वीर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587,

Friday, March 30, 2018

हिनौती-कैथा मोड से नेवरिया तक जल्द बनेगी प्रधानमंत्री सड़क, टेंडर प्रक्रिया मे, अप्रैल से ही कार्य प्रारम्भ हो सकता है (मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क उपयंत्री शिवपाल सिंह से प्राप्त हुई जानकारी), मेरी सड़क एप्प के माध्यम से दर्ज कराई गई थी शिकायत

दिनांक 30 मार्च 2018, स्थान - गंगेव रीवा मप्र। 

(रीवा मप्र, शिवानंद द्विवेदी)

        जैसा की आजकल चुनाव भी आने वाले हैं अतः कुछ ठंडे बस्ते मे भी पड़े कार्यों को पूरा किया जा रहा है। पूर्व मे वर्ष 2013-14 मे एक अति विशेष सामाजिक पहल के अंतर्गत  कैथा, हिनौती, सेदहा, लोटनी, डाढ़, जमुई, बांस, लौरी सहित आसपास की दर्जनों पंचायती क्षेत्रों के हजारों लोगों का समूहिक रूप से हस्ताक्षरित एक आवेदन प्रधानमंत्री महोदय से लेकर प्रधानमंत्री सड़क बनाने के जिम्मेदार ग्रामीण सड़क विभाग के अतिरिक्त चीफ़ सेक्रेटरी राधेश्याम जुलनिया सहित मप्र राज्य मानवाधिकार आयोग भोपाल मे भी मूलभूत मानवाधिकारों मे से एक आम जनता के सड़क पर चलने के अधिकार के हनन संबंधी मामले को सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता  द्वारा व्यक्तिगत उपस्थित होकर दिया गया था जिस पर सज्ञान लेते हुये ग्रामीण सड़क विभाग एवं प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों ने आसपास की कई पंचायती सड़कों को प्रधानमंत्री सड़क से जोड़ने का सर्वेक्षण किया था।  जिसमे सर्वे करके जानकारी विभाग एवं मंत्रालय को प्रेषित कर बजट आवंटन के लिए अप्लाई किया था, नतीजतन इस पर कार्यवाही हुई और कैथा से अगडाल-लौरी सड़क 9.4 किमी और हिनौती-कैथा मोड से नेवरिया तक की प्रधानमंत्री सड़क पर टेंडर हुआ है। जहां लौरी-अगडाल से कैथा 9.4 किमी प्रधानमंत्री सड़क पर पहले ही काम चल रहा है वहीं हिनौती-कैथा मोड से नेवरिया प्रधानमंत्री सड़क परियोजना क्रमांक एल066 पर कोई सुगबुगाहट नहीं हो रही थी। इस परभि पिछले दिनों मेरी सड़क एप्प के माध्यम से प्रधानमंत्री सड़क संबंधी शिकायत प्रणाली मे सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी द्वारा। दिनांक 23 मार्च 2018 को  एक शिकायत दर्ज कारवाई गई थी जिस पर जानकारी चाहिए गई थी आखिर सर्वे होने के बाद आज तक इस सड़क पर कार्य क्यों नहीं प्रारम्भ नहीं हुआ। इस पर दिनांक 30 मार्च को मऊगंज क्षेत्र के उपयंत्री शिवपाल सिंह द्वारा जानकारी देकर बताया गया की नेवरिया वाली प्रधानमंत्री सड़क पर कार्य अप्रैल मे प्रारम्भ हो जाएगा।

     अब देखना यह है की जिस कार्य की अभी तक कोई सुगबुगाहट तक नहीं हो रही थी और यहाँ तक की हिनौती और नेवरिया क्षेत्र के लोगों को यह तक जानकारी नहीं थी की उनके गाँव के लिए प्रधानमंत्री सड़क बनेगी भी की नहीं जिस पर शिकायत के बाद सज्ञान लिया गया है, उसे जून के अंदर पूरा किया जाता है अथवा नहीं। 

संलग्न - नेवरिया क्षेत्र की कच्ची सड़क का दृश्य एवं साथ ही मेरी सड़क नागरिक प्रतिकृया प्रणाली पर दर्ज शिकायत की फोटो भी यहाँ पर संलग्न है। 

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक कार्यकर्ता, रीवा मप्र। 

7869992139, 9589152587   

Saturday, March 17, 2018

अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क की घटिया गुणवत्ता की शिकायत पर जांच करने पहुचे मऊगंज उपयंत्री अमित गुप्ता, ठेकेदार को पकड़ाया नोटिस, गुणवत्तापूर्ण सड़क नही बनी तो होगी रिकवरी और साथ ही होगा ठेका निरस्त

दिनांक 17 मार्च 2018, स्थान - गंगेव/गढ़ रीवा मप्र

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

    मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत अगडाल से कैथा तक बनायी जा रही 9.4 किमी सड़क की घटिया गुणवत्ता की शिकायत ज़िले से लेकर केंद्र तक की गयी है जिस पर कई मर्तबा जांचें हुईं लेकिन एस क्यू एम और एन क्यू एम से लेकर सभी जांच करने पहुचे हैं परंतु इस पर अब तक कोई सार्थक कार्यवाही नही हुई है। 

     पुलों के निर्माण में पहले ही गुणवत्ता की अनदेखी की गयी है जिससे कई पुलें समय से पहले मात्र 6 माह में ही टूट चुकी हैं। कैथा स्थित कैप्टेन आर डी पांडेय के घर के सामने पुल बीचों बीच दरार आने से टूट गयी है।

      इसी प्रकार कई पुलें ऐसी देखी जा सकती हैं जिनमे दरार आ जाने और घटिया गुणवत्ता के कारण खराब हो चुकी है। इन सब बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे ज़िले में प्रधानमंत्री सड़क के कार्यों में गुणवत्ता की कितनी अनदेखी हो रही है।

    अभी हाल ही में पिछले कुछ दिनों से लौरी मोड़ से लेकर अकलसी मोड़ तक मात्र तीन किमी सड़क पर डब्लू एम एम डालकर बिना पर्याप्त पानी डाले और बिना उचित मात्रा में प्राइमर डाले डामर युक्त गिट्टी डाली जा रही थी जिससे डामर की पकड़ नही बन पा रही थी जिसके कारण कई स्थानों पर सड़क में गड्ढे बन गए थे और सड़क टूटी हुई दिख रही थी। कई स्थलों पर यह भी देखा गया था कि 27 एम एम की डामर गिट्टी मिली हुई प्रथम लेयर भी सही तरीके से नही डाली गई थी जिस कारण से स्वतः ही गड्ढे बन गए थे। इस बात पर संबंधित ठेकेदार सोनभद्र कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के संदीप पांडेय और मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क के जीएम सुजीत कुमार निगम और उपयंत्री अमित गुप्ता को कई मर्तबा अवगत कराया गया था परंतु मात्र हवा में ही अस्वासन का खेल चल रहा था। अब जब लौरी नंबर 3 के निवासी योगेंद्र शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी को दिनांक 17 मार्च शुबह यह जानकारी पुनः दी कि सड़क की गुणवत्ता के साथ निरंतर खिलवाड़ चल रहा है और कोई सुनवाई नही हो रही है जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा संबंधित मऊगंज उपयंत्री को तत्काल निर्माण स्थल पर पहुचकर निरीक्षण करने की मांग की गयी जिस पर दोपहर लगभग 1 बजे उपयंत्री अमित गुप्ता लौरी नंबर 3 पहुचे और पाया कि शिकायत सही थी। प्राइमर का उचित अनुपात में प्रयोग नही होना पाया गया, सड़क में पानी का छिड़काव भी होना नही पाया गया साथ ही 27 एम एम परत भी कई स्थानों पर नही पायी गई। 

     इस पर उपयंत्री द्वारा लिखित तौर पर ठेकेदार संदीप पांडेय को नोटिस जारी करने की बात कही गयी साथ ही बताया गया कि यदि सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता किया जाता रहा तो राशि रोककर ठेका निरस्त कर वशूली की कार्यवाही भी की जा सकती है। इस पर उपस्थित सभी ग्रामीण जनों ने प्रधानमंत्री सड़क के मजबूती पूर्ण निर्माण की माग की है।

    बता दें कि अगडाल से कैथा तक 9 किमी 4 सौ मीटर लंबाई की सड़क का पैकेज क्र. एम पी 32170 है जिसकी प्रारंभिक लागत 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार रुपये बतायी गई है। औसतन देखा जाए तो प्रति किमी इस सड़क की लागत 33 लाख के आसपास आ रही है जो प्रधानमंत्री सड़क के हिसाब से उचित भी है परंतु इस पर भी सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता किया जाना विभाग और ठेकेदार की मिली भगत को दर्शाता है। एक बात और भी ध्यान देने योग्य है यह पूरी सड़क पहले से भी 12 मासी मुख्यमंत्री सड़क थी जिस पर पहले से भी पर्याप्त मिट्टी और मोरम डाला गया था जिससे सड़क की ऊंचाई काफी थी। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता के साथ समझौता करना सम्पूर्ण सिस्टम पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

      अब देखना यह होगा कि दिनांक 17 मार्च को मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क उपयंत्री की जांच और की गई कार्यवाही भी मात्र औपचारिकता ही रहेगी कि कार्य की गुणवत्ता में कुछ सुधार होगा।

  संलग्न - अगडाल से कैथा प्रधानमंत्री सड़क की जांच करने पहुचे उपयंत्री अमित गुप्ता एवं ठेकेदार के कर्मचारियों की फ़ोटो और साथ ही सड़क की घटिया गुणवत्ता की फ़ोटो।

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Monday, February 26, 2018

पनगड़ी प्रधानमंत्री सड़क की घटिया गुणवत्ता की जांच करने पहुचे उपयंत्री परिहार, आर सी सी सड़क उखड़ी मिली साथ ही दोयम दर्जे की उपयोग हो रही निर्माण सामग्री, जारी किया मौखिक वार्निंग (मऊगंज पीएम सड़क प्रोजेक्ट रीवा)

दिनांक 27 फरवरी 2018, स्थान - गंगेव रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

           प्रधानमंत्री सड़क परियोजना का किस प्रकार मखौल बनाया जा रहा है इसका सीधा सीधा उदाहरण आप मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क के कार्यों में देख सकते हैं। ताज्जुब की बात है कि पनगड़ी पंचायत में दिसंबर 2012 से प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सड़क का कार्य आज दिनाँक तक पूर्ण नही हो पाया है जबकि देखा जाय तो यह कार्य 2013 तक पूर्ण होना था। 

    पनगड़ी पीएम सड़क परियोजना में हो रही हीलाहवाली का सीधा संबंध ठेकेदार और पी एम जी एस वाई के अधिकारियों से है। प्रश्न उठता है कि जब यह सड़क आज तक पूरी नही की गई तो ठेकेदार का ठेका निरस्त क्यों नही किया गया? ऊपर से ऐसे ठेकेदारों को नए नए ठेके देकर इनके मनोबल को बढ़ाया जा रहा है। पता चला कि पनगड़ी ग्राम पंचायत में बनाई जा रही पीएम सड़क का कार्य जिस ठेकेदार को सौंपा गया है वह उत्तर प्रदेश का है जिसके ऊपर कई आपराधिक प्रकारन हैं और कई मर्तबा जेल की हवा भी खाकर आया हुआ है।

   खैर यह तो किसी का व्यक्तिगत मामला है परंतु सबसे बड़ी बात जनता की समस्याओं को लेकर है कि ठेकेदार के जेल जाने के प्रति सहानुभूति रखने वाले प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों के दिल मे क्या जनता के प्रति थोड़ी भी सहानुभूति नही है। काश यदि इतनी ही सहानुभूति जनता के प्रति होती तो आज यह स्थिति निर्मित नही होती की 10 साल पुराना प्रोजेक्ट आज तक पूरा नही हो पाता। शर्म आनी चाहिए ऐसे अधिकारियों पर की जनता को निरंतर मूर्ख बनाकर उसके पैसे की बर्बादी की जा रही है।

    पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला की शिकायत पर जांच करने पहुचा प्रधानमंत्री सड़क का उपयंत्री -

      पिछले कुछ सप्ताह से पनगड़ी के उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी से निरंतर यह बात कही जा रही थी कि पनगड़ी प्रधानमंत्री सड़क का कार्य नही किया जा रहा है, गुणवत्ता विहीन और निम्न दर्जे का कार्य हो रहा है। जिस पर मऊगंज प्रधानमंत्री सड़क के जीएम श्री निगम को कई बार अवगत कराया गया। परंतु निरंतर हो रही हीलाहवाली के चलते जांच में टालमटोल चल रही थी। दिनाँक 26 फरवरी को प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों का मुहूर्त बना और उपयंत्री परिहार द्वारा मौके पर आकर जांच की गई जिस पर घटिया गुणवत्ता की शिकायत सही पाई गई, आर सी सी सड़क उखड़ी पाई गई। जिसकी पुनः तोड़कर मरम्मत करने को कहा गया। उपस्थित ठेकेदार को उपयंत्री द्वारा समझाइश मात्र दी गई, और किसी प्रकार का नोटिस प्रपत्र आदि कुछ जारी नही किया गया। मौके पर जिस प्रकार प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच तालमेल देखने को मिला इससे साफ जाहिर था कि यह मैच पहले से फिक्स्ड था। और मात्र जांच के नाम पर कोरम पूर्ति की जानी थी जो हो गई।

    घटिया गुणवत्ता की जांच के दौरान पीएम सड़क उपयंत्री परिहार, ठेकेदार, अन्य कर्मचारियों के अतिरिक्त शिकायतकर्ता शिवेंद्रमणि शुक्ला, सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी, रोशन तिवारी, न्यूज़ रिपोर्टर प्रमोद सिंह, श्रीपाल सिंह सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे।

     पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला ने अनोखा विरोध प्रदर्शन कर करवाया मुण्डन -

      जांच में हो रही हीलाहवाली और ठेकेदार की मनमानी के चलते पनगड़ी उपसरपंच ने अपना विरोध दर्ज करवाया है और कहा है कि यदि कार्य सही मापदंडों पर और गुणवत्तापूर्ण नही कराया गया तो पनगड़ी पंचायत के लोगों द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। साथ ही अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए शिवेंद्रमणि शुक्ला ने अपना सिर का मुण्डन करवा दिया है। लोगों ने यद्यपि इसे अनोखा विरोध बताया।

      संलग्न - पनगड़ी सड़क जाँचस्थल में उपस्थित पीएम सड़क मऊगंज के उपयंत्री परिहार, ठेकेदार, शिकायतकर्ता एवं अन्य लोग।

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र। 7869992139

Friday, February 23, 2018

डाढ़ करहिया प्रधानमंत्री सड़क 6 माह में उखड़ी, घटिया निर्माण की खुली पोल

दिनांक 23 फरवरी 2018, स्थान - त्योंथर ब्लॉक रीवा, मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

    ज़िले के त्योंथर ब्लॉक अंतर्गत आने वाली डाढ़ करहिया प्रधानमंत्री सड़क 6 माह में ही टूट चुकी है। जबकि सड़क निर्माण के वक्त इसकी घटिया गुणवत्ता की शिकायते सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा पहले ही की जा चुकी है। घटिया निर्माण की खबर भी कई मर्तबा रीवा संभाग से प्रकाशित होने वाले अखबारों में प्रकाशित हो चुकी है।

     संलग्न तस्वीरों में देखें करहिया निवासी सोमधर द्विवेदी के घर के निकट किस प्रकार मात्र 6 माह पहले ही बनी यह सड़क बीचों बीच फट चुकी है। इसके पहले भी बता दें कि इस बरसात में यही सड़क कई स्थानों से उखड़ गई थी।

    - शिवानंद द्विवेदी रीवा मप्र। 7869992139