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Wednesday, August 29, 2018

बाधित पीएम सड़क बनवाने कलेक्टर को दिया ज्ञापन (मामला ज़िले के सिरमौर तहसील अन्तर्गत आने वाले पनगड़ी पंचायत का जहां पर निर्माणाधीन पीएम सड़क भठवा से पनगड़ी को बनाये जाने में कुछ असमाजिक तत्व वाधा उत्पन्न कर रहे, वाधा दूर करने कलेक्टर और कमिश्नर को ग्रामीणों ने दिया ज्ञापन)

दिनांक 29 अगस्त 2018, स्थान - भठवा/गढ़, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत आने वाले भठवा से पनगड़ी ग्राम पंचायत की निर्माणाधीन पीएम सड़क को कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा अवैध और जबरन तरीके से कब्जाया जा रहा है जिंसमे इन सरहंगों ने सड़क के बीचोंबीच निर्माण करके अवैध कब्जा जमा लिया है और अब सड़क बनाये जाने का विरोध कर रहे हैं. पनगड़ी कला पंचायत के उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला एवं अन्य शिकायतकर्ताओं द्वारा बताया गया की अरुण यादव, शारदा यादव, रामस्वरूप यादव, गोविंद यादव, रामजी यादव, बिहारी यादव के दवारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न कर पीएम सड़क बनाने में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है जिससे भठवा, पनगड़ी, पताई, वनपताई, मदरी, बांस, महादेवन आदि क्षेत्रों के नागरिकों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. 

   इस बाबत शिकायतकर्ताओं राहुल तिवारी, अरुण तिवारी, हरीश कुशवाहा, विकास तिवारी, दसरथ कोरी, सुरेश शुक्ला, रामाधार कोरी अनिल तिवारी, जगमोहन, विनोद सोंधिया, कृष्णकुमार, मुकेश, संदीप, तीरथ, रामनरेश, रोहिणी, श्यामलाल, सौरभ, रामकुमार, दिनेश त्रिपाठी, शिवेंद्रमणि शुक्ला ने बताया की दिनांक 29 अगस्त को दर्जनों ग्रामीणों ने कॉलेक्टर एवं कमिश्नर कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा है और आरोपियों असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही की माग की है. 

    बताया गया की कार्यवाही न होने पर 7 दिवश बाद भठवा सड़क पर जाम लगाकर आंदोलन किया जाएगा जिसकी जबावदेही मात्र शासन प्रशासन की होगी.

संलग्न - दिनाँक 29 अगस्त को रीवा कलेक्टर एवं कमिश्नर कार्यालय में पहुचे ग्रामीणों की फ़ोटो एवं साथ ही कलेक्टर कमिश्नर को दिए ज्ञापन/शिकायत की छयाप्रति.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139.

Saturday, June 9, 2018

5 साल से अधूरी पड़ी पनगड़ी पीएम सड़क पर एक और जांच (मामला ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत आने वाले भठवा से पनगड़ी 3 किमी प्रधानमंत्री सड़क का जिसे आज 5 साल में भी पूर्ण नही किया जा सका, न तो ठेकेदार का ठेका निरस्त हुआ और न ही इन्हें ब्लैक लिस्टेड किया गया, पीएम सड़क विभाग की मर्जी से चल रही मात्र धांधलेबाजी)

दिनांक 09 जून 2018, स्थान - पनगड़ी/भठवा/गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र शिवानन्द द्विवेदी)

       ज़िले में पीएम सड़कों में अनियमितता का दौर निरंतर जारी है. अभी हाल ही पीएम सड़क विभाग संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मीडिया में छाई रहीं. पिछले दिनों सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी की मेरी सड़क एप्प और एनआरआरडीए और एमपीआरआरडीए के माध्यम से इस विषय में कई शिकायतें दर्ज कराईं गईं थी जिनका विषय था रीवा और विशेषकर मऊगंज पीएम सड़क अनुभाग में बनाई जा रही पीएम सड़कों के घटिया गुणवत्ता की जांच, लेटलतीफी का कारण और साथ ही पीएम सड़क विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता. 

   उक्त विषय पर जांच के लिए एसक्यूएम रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जबलपुर श्री के एम जैन की स्पेशल टीम को मऊगंज अंतर्गत आने वाले अगडाल (लौरी) से कैथा 9.4 किमी सड़क सहित पनगड़ी भठवा पीएम सड़क की भी जांच के लिए रीवा भेजा गया. इस विषय में अच्छी जांच भी हुई और जबलपुर से आये चीफ इंजीनियर केएम जैन ने एक अच्छे जांचकर्ता का परिचय देते हुए सभी बनाई गई पुलो को रिजेक्ट किया साथ ही जिन जगहों पर सड़क में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया था वहां वहां विशेष ध्यान देकर दुरूस्त करने की हिदायत दिया था जिसका नतीजा यह हुआ की काफी हद तक ठेकेदारों के होश ठिकाने आये हैं परंतु एकबार पुनः पीएम सड़क के रीवा डिवीज़न और इसके सब डिवीज़न के अधिकारियों की पुरानी स्टाइल वाली सांठ गांठ से ठेकेदार पुनः अपने पुराने भष्ट्राचार वाले ढर्रे पर निकल पड़े हैं. जहां तक सवाल 3 करोड़ 33 लाख 43 हज़ार की लॉगत से बनाई जा रही कैथा से अगडाल 9.4 किमी पीएम सड़क का प्रश्न है तो लगता है इसे किसी भी हाल में 30 जून 2018 तक पूरा नही किया जा सकता जबकि सोनभद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के ठेकेदार संदीप पांडेय ने 30 जून तक समय एक्सटेंशन लिया था. साथ ही जिन पुलो को तोड़कर नया बनाया जाना था वहां भी अब तक कोई कार्य प्रारम्भ नही हुआ है.

पनगड़ी भठवा पीएम सड़क की हुई एक और जांच 

   दिनांक 08 जून को मऊगंज पीएम सड़क अनुविभाग के सहायक महाप्रबंधक सुजीत कुमार निगम से प्राप्त जानकारी से पता चला है की जबलपुर से आयी हुई किसी प्राइवेट एनजीओ टीम के द्वारा पनगड़ी से भठवा सड़क मार्ग की एक और जांच की गई है जिसे एक विशेष प्रकार की ड्रिलिंग मशीन द्वारा ड्रिल करके किया गया है. 

    जांच स्थल पर उपयंत्री और टीएल महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे हैं. साथ ही पनगड़ी खुर्द ग्राम के निवासी एवं पनगड़ी कला पंचायत के उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला भी जांच स्थल पर मौजूद थे जिन्होंने जाँचस्थल की कुछ फोटग्राफ भी भेजी हैं. 

  इस प्रकार देखा जा सकता है की 08 जून की भठवा पनगड़ी सड़क की की गई जांच भी पिछली जांच का ही एक हिस्सा थी जिसमे इस सड़क को जांचने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध न हो पाने के कारण एनजीओ और किसी प्राइवेट एजेंसी को भेजकर जांच करवाई जा रही थी. 

पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला ने लगाया विभागीय सांठगांठ का रूप 

  इस बीच पनगड़ी उपसरपंच शिवेंद्र शुक्ला द्वारा आरोप लगाया गया की जब ठेकेदार पिछले पांच साल के अधिक समय से इस छोटी सी 3 किमी की सड़क को पूर्ण कर पाने में अक्षम रहा है तो पीएम सड़क विभाग द्वारा ऐसे ठेकेदारों को क्यों एंटरटेन किया जा रहा है इनका ठेका निरस्त कर इनसे भरपाई की जाकर इन्हें ब्लैक लिस्टेड क्यों नही किया जा रहा है. उपसरपंच द्वारा बताया गया की पहले से ही हमारे क्षेत्र की जनता पांच साल से परेशान हो रही है तो एक दो साल और सही परंतु हमे ऐसे ठेकेदारों से काम नही चाहिए जो छोटे से काम को करने में 5 साल से अधिक समय लगाएं.

   वहरहाल दिनांक 08 जून की पनगड़ी सड़क की जांच को भी रूटीन बताकर विभाग द्वारा पल्ला झाड़ लिया गया है और उपसरपंच द्वारा आरोप लगाया गया है की यह जांच भी उस स्थान पर जानबूझकर कराई गई है जहां सड़क कुछ मोटी बनाई गई थी फिर भी सड़क की मोटाई मात्र 5 इंच आई है जबकि सड़क की मोटाई 7 इंच होनी चाहिए थी.

  संलग्न - दिनांक 08 जून को पनगड़ी से भठवा पीएम सड़क की जांच करती जबलपुर से आयी टीम और साथ में उपास्थिति पीएम सड़क ठेकेदार प्रधान और पीएम सड़क अनुभाग मऊगंज के अधिकारी कर्मचारी.

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,


रीवा मप्र, मोबाइल 07869992139, 09589152587.


Sunday, May 27, 2018

महादेवन शिवधाम पनगड़ी में सवा लाख महामृत्युन्जय जप महायज्ञ भंडारे के साथ सम्पन्न (पनगड़ी महादेवन शिवधाम में आयोजित हुआ 8 दिवशीय कार्यक्रम, 20 से प्रारम्भ होकर 27 को हुआ विसर्जन)

दिनांक 27 मई 2018, स्थान - भठवा/गढ़/गगेव/कैथा, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

  पावन पुनीत स्थली पनगड़ी महादेवन शिवधाम में दिनांक 20 मई से प्रारम्भ हुआ सवा लाख महामृत्युन्जय जप महायज्ञ एवं प्रतिदिन रुद्राभिषेक का कार्यक्रम दिनांक 27 मई को भंडारे के साथ सम्पन्न हुआ.

   इस पुनीत पावन धाम में हज़ारों श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने शिवधाम महादेवन में उपास्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया और अपने  जीवन को धन्य किया. दिनांक 27 मई को शुबह से ही भण्डारा प्रारम्भ हुआ जिसमे दूर दूर से आये भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया. इसी प्रकार दिनांक 26 मई को भी हवन और पूर्णाहुति के दिन भी हज़ारों शिवभक्त और श्रद्धालुगण उपस्थित होकर हवन प्रक्रिया में भाग लिया.

   भक्त कमलेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की महादेव के नाम सुंदर कविता

काशी बाबा विश्वनाथ जी भोले देवतालाब में,

महाकाल हैं उज्जयिनी में महादेव महादेवन में।।


महादेव प्रतिमा के नीचे बहता कल कल झरना

हरी भरी झाड़ियों के मध्य विकशित पुष्प विटप का।।


भोलेनाथ पधारे आसन अनुपम छटा बिखेर रहे

तेज धूप जलती दुपहर है तब भी भक्तों की भीड़ बढ़े।।


तपोभूमि यह महादेवन की पावन गंगाधार बहे,

आये भक्त लगाएं डुबकी जीवन का उद्धार करें।।


प्रकृति सवार यौवन वन का झरने गीत मल्हार सुनाएं

खग मृग करते धमा चौकड़ी, मानव मन की शांति पाए।।

कृपा हुई है महादेव की जागृति हुई धरा मधुवन की

महामृत्युन्जय जप से निसदिन बहती सुर सरिता हर तन की।।

संलग्न - रीवा ज़िले के पनगड़ी स्थित महादेवन शिवधाम में उपस्थित भक्त श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे का प्रसाद ग्रहण एवं पूजा अर्चना की छयाचित्र।

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शिवानन्द द्विवेदी, राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक, श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति, भारत

 मोबाइल - 07869992139, 09589152587

Saturday, May 26, 2018

सवा लाख महामृत्युन्जय अनुष्ठान में हवन रुद्राभिषेक सम्पन्न, प्रतिदिन शाम को होता है रामायण भजन का कार्यक्रम, आखिरी दिन भण्डारा 27 मई को ( ज़िले के थाना गढ़ क्षेत्र अंतर्गत पनगड़ी महादेवन शिवधाम में चल रहा विशेष आयोजन, विशाल भण्डारा दिनांक 27 मई 2018 को)


दिनांक 26 मई 2018, स्थान - भठवा/गढ़/पनगड़ी/गगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेद्वी)

     पावन पुनीत महादेवन शिवधाम में दिनांक 20 मई से प्रारम्भ हुआ सवा लाख महामृत्युंजय जप महायज्ञ एवं प्रतिदिन रुद्राभिषेक का कार्यक्रम सतत चल रहा है.  कार्यक्रम के सातवें दिन दिनांक 26 मई को एक बार पुनः सातवीं बार रुद्राभिषेक का कार्यक्रम हुआ और इसके उपरांत हवन हुआ।

      दिनांक 27 मई को आयोजन के आखिरी दिन सम्पूर्ण कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ सम्पन्न होगा जिसमे भारी संख्या में भक्तों श्रद्धालुओं के पहुचने की उम्मीद की जा रही है.

  महामृत्युन्जय अनुष्ठान में हर शाम आयोजित होता है रामायण भजन 

      पनगड़ी से सटे जंगल में स्थित महादेवन शिवधाम में हर शाम को रामायण भजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. गायक वादक भक्तगण प्रत्येक शाम को एकत्रित होते हैं और अर्धरात्रि तक रामायण भजन का कार्यक्रम करते हैं.

    दिनाँक 25 मई की शाम को स्थानीय गायक कलाकार जैसे अम्बिका पटेल मदरी, बद्री पांडेय पनगड़ी और अन्य गायक उपस्थित होकर कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दिए और इस प्रकार कार्यक्रम में सहयोगी बने. पनगड़ी जंगल की वादियों के मध्य चांदनी रात में अर्धरात्रि तक रामायण भजन का कार्यक्रम चलता रहा.

   विशाल भंडारे का कार्यक्रम होगा 27 मई को

    सवा लाख महामृत्युन्जय अनुष्ठान का विसर्जन विशाल भंडारे के साथ दिनांक  27 मई को किया जाएगा. 27 मई को भारी संख्या में भक्तों श्रद्धालुओं की उपास्थिति की आशा की जा रही है. कार्यक्रम में प्रमुख सहयोगियों में श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत सहित महामृत्युन्जय जप कमेटी के सदस्य राजेन्द्र सिंह, राम अनंत मिश्रा, शिवेंद्रमणि शुक्ला, वंशगोपाल सिंह, बब्बू सिंह, रामशिरोमणि शुक्ला, रघुराई दास, राम शिरोमणि यादव, रामू मिश्रा, विजुआ यादव, शिवेंद्र यादव, रुक्मिणी गौतम, बुद्धिमान प्रसाद तिवारी, परमानंद पांडेय, सुदामा मिश्रा, सुरेश गुप्ता, रमेश एवं श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति के राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक शिवानंद द्विवेदी सहित अन्य क्षेत्रीय लोग हैं।

 दीर्घायु होने और अकाल मृत्यु से बचाव के लिए होता है सवा लाख जप

     शास्त्रों का मत है की अकाल मृत्यु  से बचने के लिए एवं दीर्घायु होने के लिए सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान किया जाता है. मार्कण्डेय को जीवन संकट उत्पन्न होने पर पुराणों के अनुसार उन्होंने महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान किया था जिससे अकाल मृत्यु पर विजय प्राप्त होकर भगवान शिव ने उन्हें अपने चार कल्पों की भी उम्र प्रदान कर दिया था ऐसा शास्त्रों का कथन है. 

     इसके उपरांत सभी भक्त श्रद्धालुगण महामृत्युन्जय जप अपने अपने मान्यता और श्रद्धा अनुरूप करते हैं. जिस भक्त की जितनी क्षमता होती है वह उसी अनुरूप महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान करवाता है. आचार्य गौरशंकर शुक्ला जी ने पिछले दिनों यह भी बताया की जो भक्त आर्थिक रूप से अथवा किन्ही अन्य परिस्थितियोंवश सवा लाख महामृत्युन्जय जप करने में सक्षम नही हैं वह इस विशेष आयोजन में यदि महामृत्युंजय जप यज्ञस्थल की परिक्रमा भी प्रतिदिन कर लें तो भी उन्हें उतने ही फल की प्राप्ति होती है.

संलग्न - सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान में कार्यक्रम का कुछ दृश्य. दिनांक 25 मई की रात को आयोजित रामायण भजन संंध्या का दृश्य.

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शिवानन्द द्विवेदी, राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक, श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत, 
मोबाइल - 07869992139, 09589152587

Thursday, May 24, 2018

महामृत्युन्जय महायज्ञ सकाम निष्काम दोनो विधा से होता है (ज़िले के थाना गढ़ अंतर्गत पनगड़ी बीट जंगल मे पुनीत महादेवन शिवधाम में सवा लाख महामृत्युन्जय अनुष्ठान का छठा दिन, 26 को पुर्णाहुति हवन एवं 27 को विशाल भण्डारा)

दिनांक 25 मई 2018, स्थान - भठवा/गढ़/गगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी) 

          दिनांक 20 मई से प्रारम्भ हुआ सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान एवं रुद्राभिषेक का कार्यक्रम पनगड़ी जंगल के महादेवन शिवधाम में निरंतर चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 25 मई को अनुष्ठान का छठा दिवश रहा।

 यज्ञोपि तस्यै जनतायै कल्पते

         इस बात आचार्य डाक्टर श्री गौरी शंकर शुक्ल जी ने कहा "यज्ञोपि तस्यै जनतायै कल्पते "।

           आचार्य श्री ने बताया की यज्ञ जनमानस के कल्याण के लिए होता है। श्री महामृत्युन्जय महायज्ञ में हजारों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं जो की नित्य अनेकानेक वस्तुओं से  नित्य निरंतर भगवान भूत भावन भोलेनाथ का अभिषेक अनेक प्रकार की कामनाओं के लिए किया जा रहा है वस्तुतः पुरुषोत्तम मास में पूजन यजन का विशेष महत्व है पुरुषोत्तम मास में किया हुआ जप तप पूजन यजन दान पुण्य अभीष्ट फल देने वाला है महामृत्युन्जय महायज्ञ सकाम निष्काम दोनो विधा से होता है सकाम कामना हेतु जैसे की पुत्र हेतु दुग्ध से रोग निवारण के लिए कुसोदक से और जिनको किसी प्रकार की कामना न हो शुध्द विशुद्ध गंगा जल से करें साक्षात नारायण की अविरल भक्ति प्राप्ति के लिए तीर्थराज प्रयाग से पधारे याज्ञिक वैदिक विद्वानो के द्वारा सुबह 7:बजे से 12:बजे तक यजन पूजन व रुद्राभिषेक कार्यक्रम किया जाता है द्वितीय वेला में 3:बजे 6: बजे तक जप तथा 5:बजे से 6:30 बजे तक प्रवचन तथा आरती तत्पश्चात सायं कालीन बेला में कीर्तन भजन का कार्य किया जाता है।

पुर्णाहुति एवं हवन का कार्यक्रम 26 को भंडार 27 को 

            पनगड़ी जंगल के महादेवन शिवधाम में आयोजित सवा लाख महामृत्युन्जय जप महायज्ञ एवं नियमित रुद्राभिषेक का हवन एवं पुर्णाहुति का कार्यक्रम दिनांक 26 मई को रखा गया है। इस बीच श्रीमद्भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत की कमेटी एवं सभी आयोजक गण ने सभी भक्त श्रद्धालुओं के कार्यक्रम स्थल में नहाधोकर, स्वच्छ वस्त्र धारण कर हवन सेमगरई के साथ उपास्थिति होने की अपील की है।

            हवन एवं पुर्णाहुति का कार्यक्रम शुबह 8 बजे से प्रारम्भ होगा जो भक्तों के आगमन तक चलता रहेगा।

          भंडारे का कार्यक्रम दिनांक 27 मई को रखा गया है। यह एक सार्वजनिक धार्मिक आयोजन है जो विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ आयोजित हुआ है जिसमे सभी जाती वर्ग के श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है।

संलग्न - पनगड़ी जंगल से सटे हुए महादेवन शिवधाम में हो रहे सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान में सम्मिलित हुए आचार्यगण एवं अन्य भक्तों की छयाचित्र.

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शिवानन्द द्विवेदी, राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक, श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत, मोबाइल 07869992139, 09589152587,

महादेवन में अद्भुत लीला महादेव जी दिखा रहे, दूर दूर से भक्तों की टोली जंगल में बुला रहे ( ज़िला रीवा थाना गढ़ क्षेत्र के पनगड़ी महादेवन शिवधाम में सतत चल रहा सवा लाख महामृत्युन्जय जप एवं रुद्राभिषेक, 24 मई कार्यक्रम का पांचवा दिन)

दिनांक 24 मई 2018, स्थान - भठवा/गढ़/गगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

 ज़िला रीवा अंतर्गत पनगड़ी बीट के जंगलों के बीच मंगल हो रहा है. यह मंगल कार्य दिनांक 20 मई से प्रारम्भ होकर आगे 27 मई तक चलेगा.

   ज्ञातव्य है की विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ आयोजित महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान एवं रुद्राभिषेक का कार्यक्रम का यह पांचवां दिवश रहा. चौथे दिन के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु उपास्थित हुए. शाम को  भंडारे का भी कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमे 300 से ऊपर लोग सम्मिलित हुए.

  

  सवा लाख महामृत्युन्जय महायज्ञ का वेदी पूजन

    इस महामृत्युन्जय महायज्ञ में एक विशेष वेदी विधान होता है. जिसमे 16 स्तम्भों का पूजन किया जाता है जिसमे सर्वप्रथम ब्रह्मा और इसके बाद क्रमशः विष्णु, रुद्र, इंद्र, सूर्य, गणेश, यम, नागराज, स्कंध, वायु, सोम, वरुण, अष्टवशु, कुबेर, वृहस्पति, और अंत में विश्वकर्मा का पूजन किया जाता है.  इसी प्रकार पांच वेदियों का पूजन होता है जिसमे क्रमशः वस्तुपीठ, चतुःखष्टि योगिनी, क्षेत्रपाल, नवग्रह, एवं प्रधानपीठ पूजन का विधान है.

   

  23 मई तक 80 हज़ार महामृत्युन्जय मंत्रों का मंत्रोंचार सम्पन्न

    प्राप्त जानकारी में उप आचार्य वरुण शुक्ला द्वारा बताया गया की महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान के चौथे दिन के अंत तक 80 हज़ार मंत्रों का उच्चारण सम्पन्न हुआ. अभी भी लगभग 45 हज़ार मंत्रोंचार पूर्ण किया जाना शेष है जबकि पूरे कार्यक्रम के मात्र 3 दिवश शेष हैं. बताया गया की प्रधान आचार्य श्री गौरीशंकर शुक्ला जी द्वारा प्रतिदिन शुबह 7 बजे से 11 बजकर 30 मिनट तक श्रीशिव जी का रुद्राभिषेक कराया जाता है.

   

  26 मई को होगा पुर्णाहुति एवं हवन का कार्यक्रम

      पुनीत पवित्र महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान के सातवें दिन विशाल हवन एवं पुर्णाहुति का कार्यक्रम आयोजित होगा. जिसमे सर्वप्रथम देव, मंडप पूजन, हवन, वसोद्वार पूर्णाहुति, उत्तर पूजन, आरती, विसर्जन, तथा अंत में ब्राह्मण दक्षिणा इत्यादि का कार्यक्रम रखा गया है.

 महायज्ञ में प्रतिदिन हो रही परिक्रमा

   सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान में प्रतिदिन भक्त श्रधालुओं का तांता लगा रहता है जिसमे भक्तों द्वारा अपनी शक्ति और श्रद्धानुरूप 11, 21, 101, एवं 108 अथवा जिसकी जितनी श्रद्धा बन पड़ती है उसी के अनुरूप यज्ञस्थल एवं शिवधाम की परिक्रमा की जा रही है.

शास्त्रों में बताया परिक्रमा का महत्व

   हिन्दू धर्म शास्त्रों में परिक्रमा का अपना विशेष महत्व बताया गया है. शास्त्रों में कथानक आता है की जो भक्त श्रद्धालुगण आर्थिक दृष्टि से सक्षम न हों और यज्ञफल प्राप्त करना चाहते हैं तो वह श्रद्धा भक्ति पूर्वक यज्ञस्थल की परिक्रमा करें जिससे उस यज्ञ के बराबर ही फल प्राप्त होते हैं.

 गणेश जी ने किया शिव-शक्ति की परिक्रमा

    शिवमहापुराण के कथानक अनुसार एक प्रसंग आता है जब माता पार्वती जी अपने पुत्रों कार्तिकेय और गणेश को पृथ्वी की परिक्रमा कर वापस आने की बात करती हैं. इस पर कार्तिकेय अपने वाहन मयूर मे सवार होकर उड़ जाते हैं जबकि गणेश का वाहन मूसक होने से देरी लगती है. ऐसा देख अपनी कुशाग्र बौद्धिक क्षमता और तर्कशक्ति का प्रयोग कर गणेश अपने माता पिता पार्वती एवं शिवजी की ही परिक्रमा कर लेते हैं और कहते हैं की माता पिता से श्रेष्ठ तो कोई नही होता अतः मैंने आपकी  ही परिक्रमा कर मानों धरती की ही परिक्रमा कर ली.

नदियों और धर्मस्थलों की परिक्रमा करने की भी है प्रथा

   यज्ञस्थल की परिक्रमा करने की बात आयी तो प्रधान पुरोहित ने बताया की इसीलिए नदियों और धार्मिक स्थलों की भी परिक्रमा करने की परंपरा भी हमारी भारतीय और हिन्दू संस्कृति में रही है. इसी अनुरूप भक्तगण नर्मदा, गंगा, कामतानाथ स्वामी चित्रकूट सहित अन्य धार्मिक स्थलों की भी परिक्रमा की जाती है. परिक्रमा से मॉनव के त्रिदोष नष्ट होते हैं और साथ ही दैविक शक्तियों का समावेश होता है जिससे व्यक्ति के अंतर्मन में ब्रह्मज्ञान प्रस्फुटित होकर मॉनव अपने मोक्ष मार्ग की तरफ अग्रसर होता है. क्योंकि कर्मों से छुटकारा पाकर जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्ति ही मोक्ष है. जन्म मरण और योनियों में गमन से मुक्ति मिलती है और जीवात्मा मुक्त होकर ब्रह्मलीन होकर परम धाम में मिल जाती है एकाकार हो जाती है.

भक्त कमलेश्वर त्रिपाठी द्वारा लिखित भगवान महादेव पर 

सुंदर कविता

      महादेवन में अद्भुत लीला महादेव जी दिखा रहे,

     दूर दूर से भक्तों की टोली जंगल में बुला रहे।।

     यों तो मेला यहां पे लगता, वर्ष में पूसी तेरस को

     महादेव जी को जल मिलता रोट नारियल तेरस को।।

     निर्जन वन है जहां ये भूमि नागेश्वर महादेव की

     अनुपम दृश्य आलोकित होता मधुवन में चित चोर की।।

     धन्य भाग्य है हम सब जन की जहां मृत्युंजय जाप हुआ,

      पावन धरती पावन जीवन यह महादेवन धाम हुआ।।

संलग्न - रीवा ज़िले के पनगड़ी जंगल में स्थित महादेवन शिवधाम में चल रहे सवा लाख  महामृत्युन्जय जप महायज्ञ का पांचवें दिन 24 मई का दृश्य.

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शिवानन्द द्विवेदी, राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक, श्रीमद भगवद कथा धर्माथ संतीति भारत

मोबाइल - 07869992139, 09589152587

Wednesday, May 23, 2018

वेद का हृदय है महामृत्युन्जय मन्त्र (रीवा में थाना गढ़ क्षेत्र के पनगड़ी महादेवन शिव मन्दिर में सवा लाख महामृत्युन्जय जप यज्ञ का चौथा दिवश, भारी तादाद में भक्तों का जमावड़ा)

दिनांक 23 मई 2018, स्थान - भठवा/गढ़/गगेव/कैथा, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

    हिन्दू पंचांग के पवित्र पुरुषोत्तम मास या मलमास या अधिमास में जगह जगह धार्मिक आयोजन और अनुष्ठान हो रहे हैं. पूरा देश अधिमास के रंग में रंग चुका है. गर्मी और तापमान की चिंता न करते हुए भक्त श्रद्धालुगण अपने अपने पूज्य इष्टदेव की पूजा अर्चना में ज्यादा से ज्यादा समय व्यतीत कर रहे हैं. कोई अपने घर गांव में तो कोई तीर्थस्थलों में जाकर प्रभु आराधना में लीन हैं. देश के विभिन्न कोनों में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों में कोने कोने से लोग जाकर सफर कर रहे हैं और अमूल्य जीवन को धन्य बनाने में जुटे हुए हैं. 

    बाबा धाम, केदारनाथ, बद्रीनाथ, प्रयाग, काशी, मथुरा, रामेश्वरम, कामाख्या आदि के लिए बुक की गई बसों का तांता हर गांव शहर में लगा हुआ है. 

   पनगड़ी महादेवन में सवा लाख महामृत्युन्जय जप महायज्ञ का चौथा दिवश

    दिनांक 23 मई 2018 को ज़िले के थाना गढ़ स्थित पनगड़ी महादेवन शिव मंदिर में महामृत्युन्जय जप महायज्ञ का चौथा दिवश रहा. इस बीच भारी संख्या में भक्त श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. दर्शनाभिलाषी और सत्संगाभिलाषी श्रद्धालुओं में आम नागरिक से लेकर जनप्रतिनिधि तक सम्मिलित हुए. क्षेत्र के जनपद सदस्य, ज़िला पंचायत सदस्य, सरपंच, सचिव से लेकर हर तबके के भक्तगण इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में सहयोगी एवं इसके साक्षी बन रहे हैं. 

  सार्वजनिक सहयोग से हो रहा आयोजन 

   यह विशेष धार्मिक अनुष्ठान सभी जनमानस के सार्वजनिक सहयोग से संचालित हो रहा है जिसमे हर  स्तर के भक्त श्रद्धालुगण अपना मनसा कर्मणा वाचा सहयोग प्रदान कर रहे हैं. जो भक्त आर्थिक दृष्टि से सक्षम हैं वह अपना आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जो शारीरिक दृष्टि से सक्षम हैं वह अपना शारीरिक श्रम से योगदान दे रहे हैं. इस प्रकार यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमे हिन्दू समाज के हर तबके के लोग बिना किसी भेदभाव के अपना यथासंभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं.

  प्रकृति के गोद में खेलता हुआ महादेवन शिवधाम

     रीवा ज़िले के थाना गढ़ अंतर्गत आने वाला महादेवन शिवधाम ऐसे मनोरम स्थल पर है जहां एक तरफ लौंगा पहाड़ और जनकहाई की हरी भरी घाटियां हैं तो दूसरी तरफ प्राकृतिक जलस्रोतों से प्रवाहित होता हुआ शानदार झरना. इस स्थान पर आने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी पिकनिक स्पॉट पर आ गए हों. पनगड़ी बीट के जंगलों के बीचोंबीच बना हुआ भगवान शिव और माता शक्ति का यह छोटा सा धाम किसी फेमस तीर्थस्थल की ही याद दिलवाता है. 

    महादेवन शिवधाम में पहुचने के लिए रीवा में कलवारी-क्योटी रोड से भठवा नामक बस स्टैंड पर उतरकर पनगड़ी वाली रुट लेते हुए पनगड़ी क्रेशर का रास्ता पकड़ा जाता है. पनगड़ी क्रेशर प्लांट के रास्ते से लगा हुआ पनगड़ी का जंगल है जिसमे अंदर कच्चा मार्ग लगभग डेढ़ किमी का है. अमूमन इस स्थल पर बरसात में छोड़कर सभी अन्य मौसमो में आया जा सकता है.

वेदों का हृदय है महामृत्युन्जय मंत्र

     शुभा दुबे के द्वारा लिखित इस लेख में महामृत्युन्जय मंत्र की विशेषता बतायी गई है जिसमे इस विशेष मंत्र को वेदों का हृदयस्थली बताया गया है.

     बताया गया कि यदि आप बहुत बीमार हैं या फिर किसी दुर्घटना के शिकार हो गये हैं या मन आशंकित है तो महामृत्युंजय जप का जाप करना चाहिए। इस मंत्र के जाप से मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं। महामृत्युंजय मंत्र "मृत्यु को जीतने वाला महान मंत्र" है जिसे त्रयम्बकम मंत्र भी कहा जाता है। इस मंत्र में शिव को 'मृत्यु को जीतने वाला' बताया गया है। यह गायत्री मंत्र के समकालीन हिंदू धर्म का सबसे व्यापक रूप से जाना जाने वाला मंत्र है। इस मंत्र के कई नाम और रूप हैं। इसे शिव के उग्र पहलू की ओर संकेत करते हुए रुद्र मंत्र कहा जाता है; शिव की तीन आँखों की ओर इशारा करते हुए त्रयम्बकम मंत्र और इसे कभी कभी मृत-संजीवनी मंत्र के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह कठोर तपस्या पूरी करने के बाद पुरातन ऋषि शुक्र को प्रदान की गई "जीवन बहाल" करने वाली विद्या का एक घटक माना गया है। ऋषि-मुनियों ने महा मृत्युंजय मंत्र को वेद का हृदय कहा है। चिंतन और ध्यान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अनेक मंत्रों में गायत्री मंत्र के साथ इस मंत्र का सर्वोच्च स्थान है।

ओम त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम।

उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

 

-यदि भय से छुटकारा पाना चाहते हैं तो 1100 बार इस मंत्र का जप करें।

 

-रोगों से यदि मुक्ति पाना चाहते हैं तो 11000 मंत्रों का जप करें।

 

-पुत्र की प्राप्ति और अकाल मृत्यु से बचने के लिए सवा लाख की संख्या में मंत्र जप किया जाता है। अकसर इसके लिए पंडितों को संकल्प दिलाकर सवा लाख मंत्रों का जाप कराया जाता है।

 

-जपकाल के दौरान पूर्ण रूप से सात्विक रहना चाहिए।

 

-मंत्र के दौरान साधक का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

 

-मंत्र का जाप शिवमंदिर में रूद्राक्ष की माला से ही करना चाहिए।

 

-मंत्र का उच्चारण बिल्कुल शुद्ध और सही होना चाहिए तथा मंत्र की आवाज मुंह से बाहर नहीं निकालें।

 

-इस मंत्र को करते समय धूप-दीप जलते रहना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें।

 

-महामृत्युमंजय मंत्र का जाप करते वक्त शिवलिंग में दूध मिले जल से अभिषक करते रहें।

 

-मंत्र का जाप कोई आसन या कुश का आसन बिछा कर करें।

 

-महामृत्युंजय मंत्र का जाप एक निर्धारित जगह में ही करें। रोज जगह नहीं बदलें।

 

-अमूमन व्यक्ति को सदैव ही शाकाहारी होना चाहिए पर फिर भी जितने भी दिन मंत्र का जाप करें उतने दिन मांसाहार से सर्वथा दूर रहें।

हवन एवं भण्डारा 27 मई को 

     विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ आयोजित इस विशेष सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान का हवन एवं विशाल भंडारे के साथ विसर्जन दिनांक 27 मई को किया जाएगा. यह एक सार्वजनिक धार्मिक अनुष्ठान है जो सभी लोगों के छोटे बड़े सार्वजनिक सहयोग से संचालित हो रहा है जिसमे सभी श्रद्धालुओं के सहयोग के साथ साथ सभी की उपस्थिति की आशा की जा रही है. हिन्दू धर्म की मान्यता अनुसार किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के विसर्जन पर आयोजित होने वाला हवन और भंडारे का एक अति विशेष महत्व होता है अतः सभी भक्तों को नहा धोकर साफ सुथरे वस्त्र धारण कर हवन सामग्री के साथ हवन प्रक्रिया में अवश्य भाग लेना चाहिए और भंडारे के प्रसाद भी ग्रहण करना चाहिए. अनुष्ठान के प्रसाद में मुक्ति का मार्ग छुपा होता है जिससे तामसिक बुद्धि शुद्ध होकर सात्विक बनती है और हम अपने मुक्ति के लिये स्वयं ही तत्पर हो जाते हैं.

संलग्न - रीवा ज़िले के थाना गढ़ अंतर्गत पनगड़ी से सटे हुए महादेवन शिवधाम में आयोजित सवा लाख महामृत्युन्जय जप महायज्ञ के चौथे दिवस चल रहे कार्यक्रम की तस्वीरें.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र

मोबाइल - 07869992139, 09589152587