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Saturday, May 26, 2018

सवा लाख महामृत्युन्जय अनुष्ठान में हवन रुद्राभिषेक सम्पन्न, प्रतिदिन शाम को होता है रामायण भजन का कार्यक्रम, आखिरी दिन भण्डारा 27 मई को ( ज़िले के थाना गढ़ क्षेत्र अंतर्गत पनगड़ी महादेवन शिवधाम में चल रहा विशेष आयोजन, विशाल भण्डारा दिनांक 27 मई 2018 को)


दिनांक 26 मई 2018, स्थान - भठवा/गढ़/पनगड़ी/गगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेद्वी)

     पावन पुनीत महादेवन शिवधाम में दिनांक 20 मई से प्रारम्भ हुआ सवा लाख महामृत्युंजय जप महायज्ञ एवं प्रतिदिन रुद्राभिषेक का कार्यक्रम सतत चल रहा है.  कार्यक्रम के सातवें दिन दिनांक 26 मई को एक बार पुनः सातवीं बार रुद्राभिषेक का कार्यक्रम हुआ और इसके उपरांत हवन हुआ।

      दिनांक 27 मई को आयोजन के आखिरी दिन सम्पूर्ण कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ सम्पन्न होगा जिसमे भारी संख्या में भक्तों श्रद्धालुओं के पहुचने की उम्मीद की जा रही है.

  महामृत्युन्जय अनुष्ठान में हर शाम आयोजित होता है रामायण भजन 

      पनगड़ी से सटे जंगल में स्थित महादेवन शिवधाम में हर शाम को रामायण भजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. गायक वादक भक्तगण प्रत्येक शाम को एकत्रित होते हैं और अर्धरात्रि तक रामायण भजन का कार्यक्रम करते हैं.

    दिनाँक 25 मई की शाम को स्थानीय गायक कलाकार जैसे अम्बिका पटेल मदरी, बद्री पांडेय पनगड़ी और अन्य गायक उपस्थित होकर कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दिए और इस प्रकार कार्यक्रम में सहयोगी बने. पनगड़ी जंगल की वादियों के मध्य चांदनी रात में अर्धरात्रि तक रामायण भजन का कार्यक्रम चलता रहा.

   विशाल भंडारे का कार्यक्रम होगा 27 मई को

    सवा लाख महामृत्युन्जय अनुष्ठान का विसर्जन विशाल भंडारे के साथ दिनांक  27 मई को किया जाएगा. 27 मई को भारी संख्या में भक्तों श्रद्धालुओं की उपास्थिति की आशा की जा रही है. कार्यक्रम में प्रमुख सहयोगियों में श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत सहित महामृत्युन्जय जप कमेटी के सदस्य राजेन्द्र सिंह, राम अनंत मिश्रा, शिवेंद्रमणि शुक्ला, वंशगोपाल सिंह, बब्बू सिंह, रामशिरोमणि शुक्ला, रघुराई दास, राम शिरोमणि यादव, रामू मिश्रा, विजुआ यादव, शिवेंद्र यादव, रुक्मिणी गौतम, बुद्धिमान प्रसाद तिवारी, परमानंद पांडेय, सुदामा मिश्रा, सुरेश गुप्ता, रमेश एवं श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति के राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक शिवानंद द्विवेदी सहित अन्य क्षेत्रीय लोग हैं।

 दीर्घायु होने और अकाल मृत्यु से बचाव के लिए होता है सवा लाख जप

     शास्त्रों का मत है की अकाल मृत्यु  से बचने के लिए एवं दीर्घायु होने के लिए सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान किया जाता है. मार्कण्डेय को जीवन संकट उत्पन्न होने पर पुराणों के अनुसार उन्होंने महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान किया था जिससे अकाल मृत्यु पर विजय प्राप्त होकर भगवान शिव ने उन्हें अपने चार कल्पों की भी उम्र प्रदान कर दिया था ऐसा शास्त्रों का कथन है. 

     इसके उपरांत सभी भक्त श्रद्धालुगण महामृत्युन्जय जप अपने अपने मान्यता और श्रद्धा अनुरूप करते हैं. जिस भक्त की जितनी क्षमता होती है वह उसी अनुरूप महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान करवाता है. आचार्य गौरशंकर शुक्ला जी ने पिछले दिनों यह भी बताया की जो भक्त आर्थिक रूप से अथवा किन्ही अन्य परिस्थितियोंवश सवा लाख महामृत्युन्जय जप करने में सक्षम नही हैं वह इस विशेष आयोजन में यदि महामृत्युंजय जप यज्ञस्थल की परिक्रमा भी प्रतिदिन कर लें तो भी उन्हें उतने ही फल की प्राप्ति होती है.

संलग्न - सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान में कार्यक्रम का कुछ दृश्य. दिनांक 25 मई की रात को आयोजित रामायण भजन संंध्या का दृश्य.

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शिवानन्द द्विवेदी, राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक, श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत, 
मोबाइल - 07869992139, 09589152587

Thursday, May 24, 2018

महादेवन में अद्भुत लीला महादेव जी दिखा रहे, दूर दूर से भक्तों की टोली जंगल में बुला रहे ( ज़िला रीवा थाना गढ़ क्षेत्र के पनगड़ी महादेवन शिवधाम में सतत चल रहा सवा लाख महामृत्युन्जय जप एवं रुद्राभिषेक, 24 मई कार्यक्रम का पांचवा दिन)

दिनांक 24 मई 2018, स्थान - भठवा/गढ़/गगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

 ज़िला रीवा अंतर्गत पनगड़ी बीट के जंगलों के बीच मंगल हो रहा है. यह मंगल कार्य दिनांक 20 मई से प्रारम्भ होकर आगे 27 मई तक चलेगा.

   ज्ञातव्य है की विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ आयोजित महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान एवं रुद्राभिषेक का कार्यक्रम का यह पांचवां दिवश रहा. चौथे दिन के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु उपास्थित हुए. शाम को  भंडारे का भी कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमे 300 से ऊपर लोग सम्मिलित हुए.

  

  सवा लाख महामृत्युन्जय महायज्ञ का वेदी पूजन

    इस महामृत्युन्जय महायज्ञ में एक विशेष वेदी विधान होता है. जिसमे 16 स्तम्भों का पूजन किया जाता है जिसमे सर्वप्रथम ब्रह्मा और इसके बाद क्रमशः विष्णु, रुद्र, इंद्र, सूर्य, गणेश, यम, नागराज, स्कंध, वायु, सोम, वरुण, अष्टवशु, कुबेर, वृहस्पति, और अंत में विश्वकर्मा का पूजन किया जाता है.  इसी प्रकार पांच वेदियों का पूजन होता है जिसमे क्रमशः वस्तुपीठ, चतुःखष्टि योगिनी, क्षेत्रपाल, नवग्रह, एवं प्रधानपीठ पूजन का विधान है.

   

  23 मई तक 80 हज़ार महामृत्युन्जय मंत्रों का मंत्रोंचार सम्पन्न

    प्राप्त जानकारी में उप आचार्य वरुण शुक्ला द्वारा बताया गया की महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान के चौथे दिन के अंत तक 80 हज़ार मंत्रों का उच्चारण सम्पन्न हुआ. अभी भी लगभग 45 हज़ार मंत्रोंचार पूर्ण किया जाना शेष है जबकि पूरे कार्यक्रम के मात्र 3 दिवश शेष हैं. बताया गया की प्रधान आचार्य श्री गौरीशंकर शुक्ला जी द्वारा प्रतिदिन शुबह 7 बजे से 11 बजकर 30 मिनट तक श्रीशिव जी का रुद्राभिषेक कराया जाता है.

   

  26 मई को होगा पुर्णाहुति एवं हवन का कार्यक्रम

      पुनीत पवित्र महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान के सातवें दिन विशाल हवन एवं पुर्णाहुति का कार्यक्रम आयोजित होगा. जिसमे सर्वप्रथम देव, मंडप पूजन, हवन, वसोद्वार पूर्णाहुति, उत्तर पूजन, आरती, विसर्जन, तथा अंत में ब्राह्मण दक्षिणा इत्यादि का कार्यक्रम रखा गया है.

 महायज्ञ में प्रतिदिन हो रही परिक्रमा

   सवा लाख महामृत्युन्जय जप अनुष्ठान में प्रतिदिन भक्त श्रधालुओं का तांता लगा रहता है जिसमे भक्तों द्वारा अपनी शक्ति और श्रद्धानुरूप 11, 21, 101, एवं 108 अथवा जिसकी जितनी श्रद्धा बन पड़ती है उसी के अनुरूप यज्ञस्थल एवं शिवधाम की परिक्रमा की जा रही है.

शास्त्रों में बताया परिक्रमा का महत्व

   हिन्दू धर्म शास्त्रों में परिक्रमा का अपना विशेष महत्व बताया गया है. शास्त्रों में कथानक आता है की जो भक्त श्रद्धालुगण आर्थिक दृष्टि से सक्षम न हों और यज्ञफल प्राप्त करना चाहते हैं तो वह श्रद्धा भक्ति पूर्वक यज्ञस्थल की परिक्रमा करें जिससे उस यज्ञ के बराबर ही फल प्राप्त होते हैं.

 गणेश जी ने किया शिव-शक्ति की परिक्रमा

    शिवमहापुराण के कथानक अनुसार एक प्रसंग आता है जब माता पार्वती जी अपने पुत्रों कार्तिकेय और गणेश को पृथ्वी की परिक्रमा कर वापस आने की बात करती हैं. इस पर कार्तिकेय अपने वाहन मयूर मे सवार होकर उड़ जाते हैं जबकि गणेश का वाहन मूसक होने से देरी लगती है. ऐसा देख अपनी कुशाग्र बौद्धिक क्षमता और तर्कशक्ति का प्रयोग कर गणेश अपने माता पिता पार्वती एवं शिवजी की ही परिक्रमा कर लेते हैं और कहते हैं की माता पिता से श्रेष्ठ तो कोई नही होता अतः मैंने आपकी  ही परिक्रमा कर मानों धरती की ही परिक्रमा कर ली.

नदियों और धर्मस्थलों की परिक्रमा करने की भी है प्रथा

   यज्ञस्थल की परिक्रमा करने की बात आयी तो प्रधान पुरोहित ने बताया की इसीलिए नदियों और धार्मिक स्थलों की भी परिक्रमा करने की परंपरा भी हमारी भारतीय और हिन्दू संस्कृति में रही है. इसी अनुरूप भक्तगण नर्मदा, गंगा, कामतानाथ स्वामी चित्रकूट सहित अन्य धार्मिक स्थलों की भी परिक्रमा की जाती है. परिक्रमा से मॉनव के त्रिदोष नष्ट होते हैं और साथ ही दैविक शक्तियों का समावेश होता है जिससे व्यक्ति के अंतर्मन में ब्रह्मज्ञान प्रस्फुटित होकर मॉनव अपने मोक्ष मार्ग की तरफ अग्रसर होता है. क्योंकि कर्मों से छुटकारा पाकर जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्ति ही मोक्ष है. जन्म मरण और योनियों में गमन से मुक्ति मिलती है और जीवात्मा मुक्त होकर ब्रह्मलीन होकर परम धाम में मिल जाती है एकाकार हो जाती है.

भक्त कमलेश्वर त्रिपाठी द्वारा लिखित भगवान महादेव पर 

सुंदर कविता

      महादेवन में अद्भुत लीला महादेव जी दिखा रहे,

     दूर दूर से भक्तों की टोली जंगल में बुला रहे।।

     यों तो मेला यहां पे लगता, वर्ष में पूसी तेरस को

     महादेव जी को जल मिलता रोट नारियल तेरस को।।

     निर्जन वन है जहां ये भूमि नागेश्वर महादेव की

     अनुपम दृश्य आलोकित होता मधुवन में चित चोर की।।

     धन्य भाग्य है हम सब जन की जहां मृत्युंजय जाप हुआ,

      पावन धरती पावन जीवन यह महादेवन धाम हुआ।।

संलग्न - रीवा ज़िले के पनगड़ी जंगल में स्थित महादेवन शिवधाम में चल रहे सवा लाख  महामृत्युन्जय जप महायज्ञ का पांचवें दिन 24 मई का दृश्य.

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शिवानन्द द्विवेदी, राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक, श्रीमद भगवद कथा धर्माथ संतीति भारत

मोबाइल - 07869992139, 09589152587

Sunday, May 20, 2018

पनगड़ी महादेवन शिवमंदिर में कलश यात्रा के साथ सार्वजनिक 7 दिवशीय सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुष्ठान प्रारम्भ (मामला रीवा ज़िले के सिरमौर वन परिक्षेत्र में आने वाले पनगड़ी बीट जंगली क्षेत्र में महादेवन शिवमंदिर में विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ हो रहे महामृत्युंज सवा लाख जप अनुष्ठान का जिसमे कार्यक्रम का समापन रुद्राभिषेक हवन एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा)

दिनांक 20 मई 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी) 

   रीवा के थाना गढ़ अंतर्गत पनगड़ी ग्राम के पावन पुनीत स्थली महादेवन शिव मंदिर में विश्व शांति, सर्वजन कल्याणार्थ एवं सर्वजीव हितार्थ सवा लाख महामृत्युंजय मंत्रों के साथ जप अनुष्ठान का कार्यक्रम दिनांक 20 मई को सुबह 8 बजे कलश यात्रा के साथ प्रारम्भ हुआ जिसमे पनगड़ी, अतरैला, भठवा, कैथा, मदरी, भौखरी, पताई, बांस, कठमना, लोटनी, हिनौती, सेदहा, नेवरिया, डाढ़, करहिया आदि आसपास के ग्राम क्षेत्र के श्रद्धालुगण सम्मिलित हुए. 


   कलश यात्रा का कार्यक्रम महादेवन शिव मंदिर में बनाये गए यज्ञशाला से प्रारम्भ होकर पनगड़ी महादेवन जंगल में स्थित प्राकृतिक जलस्रोत तक पहुचा. झरने के पास बैठकर गंगा पूजा का औपचारिक कार्यक्रम कराया गया और इसके साथ ही वहीं झरने से सभी कलशों को पानी के भरकर वापस यज्ञस्थली पावन महादेवन शिव मंदिर के पास लेकर स्थापना की गई.

   इस बीच कलश यात्रा के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण अपने अपने ग्राम क्षेत्र से चलकर जंगली क्षेत्र में स्थित महादेवन शिव मंदिर में पधारे. इस बीच कलश यात्रा में महिलाओं और बालिकाओं ने अपने अपने सिर पर कलश लेकर पैदल यात्रा की. 

   कार्यक्रम के मुख्य यजमान के रूप में पनगड़ी निवासी राम अनंत मिश्रा एवं राजेन्द्र सिंह ने सपत्नीक पूजा अर्चना के कार्यक्रम में भाग लिया. इस बीच पूरे क्षेत्र से उपस्थित भक्त श्रद्धालुओं में रघुराई दास, बद्री पांडेय, शिव शंकर द्विवेदी, सुरेंद्र सिंह, शिवेंद्रमणि शुक्ला, संतोष शुक्ला, अम्बिका पटेल, गौरव शुक्ला, स्वतंत्र शुक्ला, प्रमोद सिंह एवं गैर-सरकारी संस्था श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत के राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रचारक सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी सहित काफी लोग मौजूद रहे.

   कार्यक्रम में प्रमुख आचार्य श्री गौरीशंकर शुक्ला जी होंगे जो प्रयागराज से दुर्वाशा आश्रम से सेवानिवृत्त संस्कृत के आचार्य हैं साथ ही उनका सहयोग कुल 7 अन्य पंडितगण करेंगे जिनमे हिनौती से आचार्य वरुण शुक्ला और अन्य हैं. कार्यक्रम में सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुष्ठान 26 मई तक चलेगा जबकि 27 मई को सम्पूर्ण कार्यक्रम का समापन हवन एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा. इस विशेष सार्वजनिक अनुष्ठान में सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है. 

संलग्न - दिनांक 20 मई को प्रारम्भ में कलश यात्रा की तस्वीरें यहां पर संलग्न हैं. 

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,

 मोबाइल 07869992139, 09589152587,

Saturday, May 19, 2018

🔥🌐 ब्रेकिंग न्यूज़ - महादेवन पनगड़ी मंदिर में विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ 7 दिवसीय सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुष्ठान एवं शिव रुद्राभिषेक का सार्वजनिक आयोजन🌐🔥

🔥🌐 ब्रेकिंग न्यूज़ - विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ 7 दिवसीय सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुष्ठान एवं शिव रुद्राभिषेक का सार्वजनिक आयोजन🌐

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दिनाँक 20 से 27 मई 2018,

स्थान - पनगड़ी का महादेवन शिव मंदिर, थाना गढ़, रीवा मप्र

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हरि ॐ! ॐ नमः शिवाय

  थाना गढ़ अंतर्गत आने वाले पनगड़ी ग्राम पंचायत से सटे हुए पनगड़ी बीट के जंगल में स्थित हज़ारों वर्ष प्राचीन देव स्थल भगवान शिव और माता भगवती के मंदिर प्रांगण के पास प्रभु प्रेरणा और उनके आशीर्वाद से सवा लाख मंत्रोच्चार के साथ 7 दिवसीय महामृत्युंजय जप अनुष्ठान एवं श्रीशिव रुद्राभिषेक का सार्वजनिक विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ पुनीत पावन आयोजन किया जा रहा है जिसमे सभी जन मानस एवं श्रद्धालुगणों के उपस्थिति की आशा की जा रही है। यह एक सार्वजनिक धार्मिक आयोजन है जो सभी श्रद्धालुगणों के तन मन धन के सहयोग से सम्पन्न होगा। 

 यह बड़े ही शौभाग्य की बात है कि इस प्राचीन मनोरम स्थल पर प्रभु भगवान भोलेनाथ की कृपा बरस रही है जिससे इस महान आयोजन की प्रेरणा श्रद्धालु भक्तों को मिली है।

 कार्यक्रम में सहयोगी गण

    कार्यक्रम की रूपरेखा आज से 3 वर्ष पूर्व बनाई गयी थी जिसमे कहीं बाहर से आये एक साधु महाराज ने महादेवन शिव मंदिर में महामृत्युंजय जप अनुश्ठान की रूपरेखा रखी थी जो उस समय तो फलीभूत नही हो पाई थी। बीज रूप में बोया गया वह पौध अब जाकर अपनी शाखा का विस्तार कर रहा है जिसमे पनगड़ी, मदरी, अतरैला, हिनौती, बांस, कैथा, डाढ़, भौखरी, शिसवा, भठवा आदि आसपास के ग्राम क्षेत्र के भक्त श्रद्धालुओ जिसमें पनगड़ी से राम अनंत मिश्रा, रामशिरोमणि शुक्ला, राजेन्द्र सिंह,रघुराई दास, सुरेश प्रताप सिंह उर्फ बब्बू सिंह, पत्रकार प्रमोद सिंह,  वंशगोपाल सिंह उर्फ बब्बू सिंह कठमना, अतरैला से बीरबल यादव, रवि विश्वकर्मा, मिस्त्री सीताराम कोरी, शिवेंद्रमणि शुक्ला, संतोष शुक्ला, राकेश शुक्ला, राकेश शर्मा, बेट्टे गर्ग, लक्ष्मण यादव, नरेंद्र सिंह, अम्बिका पटेल, आसपास की पंचायतों के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक तथा अन्य गणमान्य एवं सभी आम नागरिकगण सहित सभी मिलजुलकर यह अत्यंत विशेष सार्वजनिक धार्मिक अनुश्ठान में अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

आचार्य गौरीशंकर शुक्ला होंगे प्रधान पुरोहित

  7 दिवशीय  महामृत्युंजय जप अनुष्ठान के इस विशेष सार्वजनिक धार्मिक अनुष्ठान में हिनौती ग्राम निवासी एवं इलाहाबाद के दुर्वाशा आश्रम में आचार्य के पद पर शासकीय सेवा देकर सेवानिवृत्त हुए आचार्य श्री गौरीशंकर शुक्ला प्रधान पुरोहित होंगे। श्री शुक्ला के साथ अन्य 7 पंडित आचार्यगण सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुश्ठान में उनका सहयोग देंगे।

अनुष्ठान का समापन 27 को हवन और भंडारे के साथ

    इस विशेष अनुष्ठान का समापन आठवें दिन 27 मई को विशाल हवन एवं भंडारे के साथ किया जाएगा। 

    सार्वजनिक हवन एवं भंडारे में हर सम्भव सहयोग के साथ सभी भक्त श्रद्धालुओं से पहुचने की अपील की गयी है। हवन में भाग लेने के लिए अपने अपने घरों से हवन सामग्री बनाकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर नहा धोकर यज्ञस्थल में पहुचने की अपील की गयी है। 

   27 को भंडारे के कार्यक्रम में अपने हर सम्भव योगदान के साथ प्रसाद ग्रहण करने पहुचने की अपील की गयी है। हवन और भंडारे का एक विशेष महत्व होता है अतः हवन और भंडारे में पहुचकर सभी भक्तों को अपने जीवन को कृतार्थ करना मॉनव जीवन को सार्थक बनाना इस प्रकार शास्त्रों का कथन है। 

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   शिवानन्द द्विवेदी, संयोजक एवं प्रचारक, श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत, एन जी ओ

   संपर्क - 07869992139, 09589152587

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