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Tuesday, July 17, 2018

अखण्ड मानस कार्यक्रम का हुआ आयोजन (सरई हनुमान मंदिर, तहसील सिरमौर, ज़िला रीवा मप्र)

आनन्दमय मानश मंडली ग्राम पंचायत सरई।कला ब्लाक गंगेव जिला रीवा मध्य प्रदेश 


        दिनाँक 16/7/18

को अखंड  मानस का प्रयोजन किया जाता है अध्यछ श्री सतेन्द्र तिवारी ,रामनिवास तिवारी,बालेन्द्र शेखर पाण्डे अखिल पाण्डेय,नरेंद्रप्यासी,संतोष पाण्डे ,अशोक,सोनू,अनिल पाण्डेय,अवनीश ,बिंदु,ललिमन् पाण्डेय,राकेश दुबे,श्रीअश्वनी द्विवेदी,राघवेंद्र द्विवेदी, बबलू,बबलू ,छोटन,लप्पू,रजनीश,श्री भैयालाल द्विवेदी, रमाकान्त, उमनिवास,श्रीनिवास,सभी ग्रामवासियो के सौजन्य से अखण्ड मानश पाठ एवं भंडारे का आयोजन किया गया। व्यवस्थापक समाज सेवक आनन्द कुमार द्विवेदी।

Saturday, May 19, 2018

🔥🌐 ब्रेकिंग न्यूज़ - महादेवन पनगड़ी मंदिर में विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ 7 दिवसीय सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुष्ठान एवं शिव रुद्राभिषेक का सार्वजनिक आयोजन🌐🔥

🔥🌐 ब्रेकिंग न्यूज़ - विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ 7 दिवसीय सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुष्ठान एवं शिव रुद्राभिषेक का सार्वजनिक आयोजन🌐

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दिनाँक 20 से 27 मई 2018,

स्थान - पनगड़ी का महादेवन शिव मंदिर, थाना गढ़, रीवा मप्र

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हरि ॐ! ॐ नमः शिवाय

  थाना गढ़ अंतर्गत आने वाले पनगड़ी ग्राम पंचायत से सटे हुए पनगड़ी बीट के जंगल में स्थित हज़ारों वर्ष प्राचीन देव स्थल भगवान शिव और माता भगवती के मंदिर प्रांगण के पास प्रभु प्रेरणा और उनके आशीर्वाद से सवा लाख मंत्रोच्चार के साथ 7 दिवसीय महामृत्युंजय जप अनुष्ठान एवं श्रीशिव रुद्राभिषेक का सार्वजनिक विश्व शांति एवं जीव कल्याणार्थ पुनीत पावन आयोजन किया जा रहा है जिसमे सभी जन मानस एवं श्रद्धालुगणों के उपस्थिति की आशा की जा रही है। यह एक सार्वजनिक धार्मिक आयोजन है जो सभी श्रद्धालुगणों के तन मन धन के सहयोग से सम्पन्न होगा। 

 यह बड़े ही शौभाग्य की बात है कि इस प्राचीन मनोरम स्थल पर प्रभु भगवान भोलेनाथ की कृपा बरस रही है जिससे इस महान आयोजन की प्रेरणा श्रद्धालु भक्तों को मिली है।

 कार्यक्रम में सहयोगी गण

    कार्यक्रम की रूपरेखा आज से 3 वर्ष पूर्व बनाई गयी थी जिसमे कहीं बाहर से आये एक साधु महाराज ने महादेवन शिव मंदिर में महामृत्युंजय जप अनुश्ठान की रूपरेखा रखी थी जो उस समय तो फलीभूत नही हो पाई थी। बीज रूप में बोया गया वह पौध अब जाकर अपनी शाखा का विस्तार कर रहा है जिसमे पनगड़ी, मदरी, अतरैला, हिनौती, बांस, कैथा, डाढ़, भौखरी, शिसवा, भठवा आदि आसपास के ग्राम क्षेत्र के भक्त श्रद्धालुओ जिसमें पनगड़ी से राम अनंत मिश्रा, रामशिरोमणि शुक्ला, राजेन्द्र सिंह,रघुराई दास, सुरेश प्रताप सिंह उर्फ बब्बू सिंह, पत्रकार प्रमोद सिंह,  वंशगोपाल सिंह उर्फ बब्बू सिंह कठमना, अतरैला से बीरबल यादव, रवि विश्वकर्मा, मिस्त्री सीताराम कोरी, शिवेंद्रमणि शुक्ला, संतोष शुक्ला, राकेश शुक्ला, राकेश शर्मा, बेट्टे गर्ग, लक्ष्मण यादव, नरेंद्र सिंह, अम्बिका पटेल, आसपास की पंचायतों के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक तथा अन्य गणमान्य एवं सभी आम नागरिकगण सहित सभी मिलजुलकर यह अत्यंत विशेष सार्वजनिक धार्मिक अनुश्ठान में अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

आचार्य गौरीशंकर शुक्ला होंगे प्रधान पुरोहित

  7 दिवशीय  महामृत्युंजय जप अनुष्ठान के इस विशेष सार्वजनिक धार्मिक अनुष्ठान में हिनौती ग्राम निवासी एवं इलाहाबाद के दुर्वाशा आश्रम में आचार्य के पद पर शासकीय सेवा देकर सेवानिवृत्त हुए आचार्य श्री गौरीशंकर शुक्ला प्रधान पुरोहित होंगे। श्री शुक्ला के साथ अन्य 7 पंडित आचार्यगण सवा लाख महामृत्युंजय जप अनुश्ठान में उनका सहयोग देंगे।

अनुष्ठान का समापन 27 को हवन और भंडारे के साथ

    इस विशेष अनुष्ठान का समापन आठवें दिन 27 मई को विशाल हवन एवं भंडारे के साथ किया जाएगा। 

    सार्वजनिक हवन एवं भंडारे में हर सम्भव सहयोग के साथ सभी भक्त श्रद्धालुओं से पहुचने की अपील की गयी है। हवन में भाग लेने के लिए अपने अपने घरों से हवन सामग्री बनाकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर नहा धोकर यज्ञस्थल में पहुचने की अपील की गयी है। 

   27 को भंडारे के कार्यक्रम में अपने हर सम्भव योगदान के साथ प्रसाद ग्रहण करने पहुचने की अपील की गयी है। हवन और भंडारे का एक विशेष महत्व होता है अतः हवन और भंडारे में पहुचकर सभी भक्तों को अपने जीवन को कृतार्थ करना मॉनव जीवन को सार्थक बनाना इस प्रकार शास्त्रों का कथन है। 

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   शिवानन्द द्विवेदी, संयोजक एवं प्रचारक, श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत, एन जी ओ

   संपर्क - 07869992139, 09589152587

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Sunday, March 4, 2018

गोवंश की रक्षा मानवता की सुरक्षा

नमस्कार।
   देखिए भाजपा सरकार के कार्यकाल में गौमाताओं की कितनी बड़ी दुर्दशा हो रही है। खुलेआम गायों की प्रताड़ना का शिलशिला निरंतर चलता हुआ।
    Unauthorized बाड़ों में जिनमे की किसी की कोई जिम्मेदारी तय नही है, इन बेजुबानों को कैद कर दिया जाता है जिसमे समुचित व्यवस्था के अभाव में भूंख प्यास से यह बेजुबान दम तोड़ रहे हैं जिन्हें देखने वाला न तो भाजपा और न ही कोई हिंदूवादी संगठन समझ आ रहे हैं। सभी हिंदूवादी संगठन यह बात जानते हैं फिर भी भाजपा पर दबाब बनाने में असफल सिद्ध हुए हैं इससे साफ जाहिर है कि सत्ता पर आने के बाद सभी पार्टियों के एक ही आदर्श होते हैं और वह है पैसा, कुर्सी और सत्ता। आखिर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, आर एस एस सहित अन्य गोरक्षा दलों के होते हुए भाजपा इस बात को गंभीरता से क्यों नही लेती? ,जब भाजपा की सरकार बनी थी तो इसने हिंदुओं को वेवकूफ बनाकर हिंदुओं के संवेदनशील मुद्दों के नाम पर ही तो वोट और सत्ता हथियाई थी तो अब भाजपा हिंदुओं को जबाब क्यों नही देती की गायों की दुर्दशा के पीछे क्या कारण हैं?
    यदि प्रदेश में हो रहे अरबों खरबों के घोटालों में इन नेताओं और उनके चमचों के हाँथ साफ हो रहे हैं तो आखिर इन घोटालों का 5 प्रतिशत भी यदि गोरक्षा के लिए लगा दिया जाए तो पर्याप्त गोशालाएं और गो अभयारण्य बनाये जा सकते हैं और प्रदेश में गायों और जनके वंशों की समुचित सुरक्षा व्यवस्था की जा सकती है।
     धन्य है उमा भारती जिन्होंने मप्र में गायों को कटने के लिए अदिनियम पास कर इनकी सुरक्षा की अन्यथा कोई माई का लाल नही था जो इनकी सुरक्षा कर पाता। अब आखिर मप्र में गोरक्षा के लिए यदि इतने नियम बने हैं तो भी उनका पालन यह प्रदेश सरकार क्यों नही करवा पॉय रही है?
   
     किसानों का खून पी रही है प्रदेश भाजपा सरकार
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    जहां एक तरफ भारतीय संस्कृति की माता गोमाता की इतनी बड़ी दुर्दशा हो रही है वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के किसानोंकी भी दुर्दशा बढ़ती जा रही है। आवारा छोड़ दिये गए पशु किसानों के लिए समस्या बन हुए हैं जिससे कुछ समाज के निर्दयी लोग इन गोवंशों को अवैध बाड़ों में कैद कर देते हैं और चारे पानी छाया एवं समुचित व्यवस्था बिना छोड़ देते हैं जिससे यह बेजुबान धीरे धीरे करके घुट घुट कर कमजोर होकर मर जाते हैं। इनकी देखभाल करने वाला कोई मई बाप नही होता। अब कृष्ण राम तो जन्म नही लेंगे। यह हिन्दू समाज आज स्वयं ही इनका भारी दुश्मन बन चुका है।

सूखा अकाल और महामारी फैलने का मूल कारण गोहत्या होना -
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   आज जो पूरे देश मे सूखा अकाल अशांति, आतंकवाद और महामारी फैल रही है उसके पीछे मात्र गोहत्या का होना ही कारण है।
     जिस प्रकार यह समाज आज गायों की उपेक्षा कर रहा है और इतने शांत प्राणी को मौत के घाट उतार रहा है, गो प्रताड़ना बढ़ती जा रही है, मांसाहार बढ़ता जा रहा है उसी का परिणाम है कि प्राकृतिक संतुलन बिगड़ कर महामारी, युद्ध, अशांति, आतंकवाद, सूखा, अकाल, बाढ़, अतिवृष्टि, भूकंप, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक विपदाएँ बढ़ती जा रही हैं लेकिन मॉनव की आंख नही खुल रही है जिसका परिणाम भयानक मानवीय क्लेश, और दुखद स्थितियों के रूप में सामने आएगा।
     यदि मॉनव समय रहते नही चेता तो अंत मे सोचने के लिए और गलती सुधारने के लिए भी और प्रायश्चित करने के लिए भी समय नही बचेगा।

   - शिवानंद द्विवेदी, गोरक्षक, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र।
      7869992139

 

Sunday, January 28, 2018

पावन यज्ञस्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में दिनांक 31 जनवरी से 13 फरवरी तक आयोजित होगा महाशिवरात्रि महोत्सव 2018

दिनांक 28 फरवरी 2018, स्थान - गढ़ गंगेव रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी रीवा मप्र) 

        पावन यज्ञस्थली कैथा में परंपरागत रूप से प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पुनीत अवसर पर आयोजित होने वाला श्रीरामचरितमानस एवं श्रीशिवमहापुराण दोनो का कार्यक्रम महाशिवरात्रि महोत्सव 2018 में दिनांक 31 जनवरी से 13 फरवरी तक आयोजित होगा।

       दिनांक 31 जनवरी से 1 फरवरी तक संगीतमय श्रीरामचरितमानस का आयोजन, दिनांक 2 फरवरी को कलस यात्रा एवं दिनांक 3 फरवरी से 13 फरवरी तक श्री शिवमहापुराण का आयोजन होगा। दिनांक 13 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन सम्पूर्ण महोत्सव का विसर्जन हवन एवं विशाल भंडारे के साथ होगा।

       बता दें कि पावन यज्ञस्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में सभी सार्वजनिक आयोजन एनजीओ श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत के तत्वावधान एवं  कलयुग के देवता पवन पुत्र श्री बजरंग बली जी के संरक्षण में सम्पन्न होते हैं।

         इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता भी पवन पुत्र हनुमान ही करेंगे।

         महोत्सव के प्रमुख कार्यकर्ताओं में भैयालाल द्विवेदी, सिद्धमुनि द्विवेदी, विशेषर केवट, बृजभान केवट, नन्दलाल केवट, संतोष केवट, रोहित मिश्रा, अरुणेंद्र पटेल, राजबहोर पटेल, गणेश पटेल, मतिगेंद पटेल, शिवेंद्र सिंह, मुनेंद्र सिंह, संपूर्णानंद द्विवेदी, उग्रभान केवट, शैलेन्द्र पटेल, लाल बहादुर पटेल सहित अन्य भक्त श्रद्धालु रहेंगे।

       अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में दिनांक 31 जनवरी से 13 फरवरी तक आयोजित होने वाले महाशिवरात्रि महोत्सव 2018 में सभी भक्त श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया जाता है।

    संलग्न - कृपया संलग्न अति प्राचीन श्री बजरंग बली जी की प्रतिमा देखने का कष्ट करें।

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय संयोजक श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत

Monday, July 4, 2016

भारतीय संस्कृति और जीवात्मा: प्रथम

भारतीय संस्कृति और जीवात्मा: प्रथम



हरिः ॐ!!! भारतीय एवं वैदिक संस्कृति में वेदों एवं वेदान्तों का वैसे ही महत्व है जैसे की जीव में आत्मा का. जैसे बिना आत्मा के जीव मृत है वैसे ही बिना वेदों और वेदान्तों के भारतीय संस्कृति भी मृत तुल्य ही है. वेदों को अपौरुषेय कहा गया है अर्थात जो किसी व्यक्ति अथवा पुरुष द्वारा नही लिखा गया हो वह अपौरुषीय कहलाता है. वेदों में संहिता भाग अर्थात जिन्हें हम चारों वेदों के रूप में समझते हैं वह मानव संस्कृति में सबसे प्राचीन ग्रन्थ माने जाते हैं. क्योंकि संसार के सभी ज्ञात और लिखे गए ग्रंथों में भी वेद मानव इतिहास के सबसे प्राचीन और लिखित प्राप्त ग्रन्थ हैं. इन तथ्यों के अतिरिक्त प्रत्येक हिन्दू अथवा वैदिक संस्कृति को मानने वाला व्यक्ति वेदों को श्रुति ग्रन्थ मानता है अर्थात जो किसी अन्य श्रोत अथवा शक्ति से सुना गया हो न की किसी व्यक्ति के द्वारा लिखा गया हो. प्रत्येक हिन्दू वैदिक मतावलंबी वेदों को ईश्वर की वाणी मानता है. हिन्दू वैदिक मतों के अनुसार वैदिक मन्त्र ऋषि मुनियों द्वारा समाधिस्थ अवस्था में ईश्वर से प्राप्त किये गए थे और तदोपरांत ऋषि मुनियों ने इन मंत्रो को लिपिबद्ध किये और इसीलिए आज हम इन वैदिक मन्त्रों को कही भी हिन्दू धर्म की पुस्तकों में लिखा हुआ पाते हैं. वैदिक ज्ञान में जीव मात्र के सभी अवस्था के विषय में वर्णन मिलता है. इन वैदिक मन्त्रों में मानव के विभिन्न पड़ाव के विषय में उनके रहन सहन के विषय में और षोडशोपचार के विषय में पूर्ण ज्ञान मिलता है. इसीलिए जब से बच्चा गर्भ में रहता है तब से लेकर मृत्युपरांत तक सोलह संस्कार कहलाते हैं और इन सभी संस्कारों में मानव को क्या कुछ करना चाहिए इन सबका वर्णन इसमें मिलता है. इसीलिए हम देख सकते हैं की जब भी शादी व्याह होता है अथवा यज्ञोपवीत या फिर मुंडन आदि संस्कार होता है तो इन वैदिक मंत्रो का उच्चारण वैदिक पुरोहितों द्वारा किया जाता है. (क्रमशः)