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Monday, February 26, 2018

गदही में नए हैंडपम्प सर्वे के लिए पहुचे गंगेव पी एच ई उपयंत्री अखिलेश उइके (पिछले दिनों समाचार आयी थी मीडिया में)

दिनांक 26 फरवरी 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी रीवा मप्र)

  पानी की समस्या को लेकर अभी हाल ही में पिछले दिनों ज़िले से प्रकाशित होने वाले कई अग्रणी समाचार पत्रों में गदही ग्राम के हरिजन आदिवासियों द्वारा शिर पर डिब्बे बाल्टी रखकर प्रदर्शन करते हुए फ़ोटो प्रकाशित हुए थे। जिसके संदर्भ में  जिले के कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह एवं संबंधित एस डी ओ हुजूर श्रीवास्तव को सूचित किया गया था।

      इसी तारतम्य में आज दिनांक 26 फरवरी को कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह के निर्देश पर शाम 4 बजे गंगेव ब्लॉक उपयंत्री अखिलेश उइके को जांच के लिए भेजा गया। जांच एवं सर्वे के दौरान पाया कि गदही ग्राम में 50 से अधिक घर बने हुए हैं जिनमे 200 से अधिक आबादी के लिए कोई शासकीय नलकूप उपलब्ध नही है। गदही ग्राम की बस्तियां कुछ इस प्रकार की बसी हुई हैं कि सभी घर आसपास न होकर काफी दूर दूर हैं और लगभग 4 किमी के दायरे में बसे हुए हैं और सभी घरों को पानी उपलब्ध करने के लिए 3 से 4 तक हैंडपम्प करने पड़ेंगे। उपयंत्री द्वारा बताया गया कि अभी वर्तमान में मात्र एक हैंडपम्प की व्यवस्था के लिए प्रयास किये जायेंगे जो दोनो तरफ की बस्तियों के मध्य में लगाया जाएगा।

    पी एच ई  उपयंत्री अखिलेश उइके ने बताया कि सर्वे और जांच रिपोर्ट कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह को प्रेषित कर दी जाएगी जिस पर अग्रिम कार्यवाही विभाग द्वारा निर्धारित होगी।

  संलग्न - गदही ग्राम जांच करने पहुचे गंगेव लोक स्वास्थ्य विभाग के उपयंत्री अखिलेश उइके एवं क्षेत्रीय हैंडपम्प मैकेनिक अश्वनी पटेल एवं रामसिया द्विवेदी।

  - शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139

Sunday, February 18, 2018

(Rewa, MP) 21 वीं सदी में भी 5 किमी दूर से बच्चे साईकल से लाते हैं पानी, हाल ए मानवाधिकार (रीवा मप्र के हाल, देखें तस्वीरें और यूट्यूब वीडियो)

दिनांक 18 फरवरी 2018, स्थान - त्योंथर ब्लॉक थाना गढ़, रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

      ज़िले में जल संकट गहराता जा रहा है लेकिन कई रिमाइंडर के बाबजूद भी शासन प्रशासन नही चेत पा रहा है।

       मानसून की बेरहमी के कारण प्रदेश में काफी कम मात्रा में पानी गिरने की वजह से ज़िले में भी जलस्तर घटता जा रहा है। जहां पहले 6 से 8 पाइप डालकर हैंडपम्प से पानी प्राप्त किया जा सकता था वहीं अब 10 से 12 पाइप में भी बड़ी मुश्किल से पानी मिल रहा है।

     कलवारी-लालगांव सड़क मार्ग में हिनौती के पास पांडेय ढाबा और कैथा मोड़ के पास करहिया ग्राम डाढ़ पंचायत में पिछले माह भर से अधिक समय से खराब हैंडपम्प आज तक नही बन पाया है। बताया गया कि इसमें तीन पाइप लगाई जानी हैं जो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पास नही है। अब इस विषय मे जब संबंधित कार्यपालन यंत्री शरद कुमार एवं पी एस बुंदेला के समक्ष रखी गई तो मात्र आश्वासन ही मिल पाया। अब आश्वासन के बदले पिछले माह भर से हरिजन बस्ती के रहवासी जीवित हैं। अब देखना यह होगा कि 21 वीं सदी में मंगल एवं चंद्रमा पर पानी की तलाश करने वाली सरकारें अपनी धरती में प्यासी मानवता के लिए पानी उपलब्ध करवा पाती है कि नही।

  संलग्न - हरिजन बस्ती के छोटे बच्चे पानी से भरे डिब्बे अपनी अपनी साईकल में ढोते हुए।

https://youtu.be/I19n1CeUlII

  - शिवानंद द्विवेदी सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139