Saturday, July 14, 2018

8 माह पहले भरा फीस पर अब तक नही लगा ट्रांसफार्मर, किसान खा रहा दर दर की ठोकर, ठेकेदार दे रहा न लगाने की धमकी ( मामला ज़िले के लालगांव विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले बांस ग्राम का जहां हितग्राही किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री का 26 हज़ार 4 सौ रुपये फीस जमा के बाद भी मुख्यमन्त्री योजना का नही लगाया गया 25 एचपी का ट्रांसफार्मर)

दिनांक 14 जुलाई 2018, स्थान - लालगांव डीसी, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

     ज़िले में कृषक मोटर पंप कनेक्शन हेतु नवीन ट्रांसफार्मर योजनान्तर्गत अलग से ट्रांसफार्मर लगाने के लिए सरकार की इस योजना का लाभ लेने की दिशा में किसानों द्वारा अपने अपने विद्युत वितरण केंद्रों में समय समय पर आवेदन किये जा रहे हैं लेकिन कहीं न कहीं ठेकेदारों की मनमानी और एसटीसी विभाग की लेटलतीफी के चलते किसानों को बिजली आफिस के चक्कर लगाने पर मजबूर किया जा रहा है.

    अभी एक ऐसा ही मामला रीवा के लालगांव विद्युत वितरण केंद्र का आया है जिंसमे किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा मुख्य अभियंता मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वित्तरन कंपनी लिमिटेड के नाम लिखित शिकायत दी गई है जिंसमे उनके द्वारा माग की गई है की उनके द्वारा कृषि पंप योजना के अन्तर्गत दिनांक 4 दिसंबर 2017 जमा किये गए 26 हज़ार 4 सौ रुपये पर कार्यवाही की जाए और उनका 25 एचपी का इस योजनान्तर्गत ट्रांसफार्मर लगाया जाए.

   8 माह पहले जमा किया पैसा, आज तक नही लगा ट्रांसफार्मर

     लालगांव डीसी अन्तर्गत आने वाले ग्राम बांस निवासी ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा बताया गया की उन्होंने दिनांक 04 दिसंबर 2017 को अब से 8 माह पहले रसीद क्रमांक 74 एवं बुक नंबर 1444 प्रोजेक्ट नंबर 337795 द्वारा दर्शायी गई संलग्न राशि 26 हज़ार 4 सौ रुपये मुख्यमंत्री कृषक पंप योजनान्तर्गत जमा किये थे लेकिन जब इसमे कोई कार्यवाही नही हुई तो उन्होंने 26 जून एवं 4 जुलाई 2018 को एसटीसी विभाग एवं चीफ इंजीनियर मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को पुनः आवेदन दिया और बरसात खरीफ 2018 के पहले तक योजनान्तर्गत नवीन 25 एचपी के ट्रांसफार्मर लगाए जाने की माग की.

  ठेकेदार द्वारा 10 दिन में कार्य का मिला था आश्वासन 

        ज्ञानेंद्र अगिहोत्री द्वारा बताया गया की लालगांव डीसी से एक माह के अंदर कार्य करवाये जाने का आश्वासन मिला था जबकि ठेकेदार अरुण मिश्रा द्वारा मात्र दस दिन के अंदर खम्भे गाड़ने का आश्वासन मिला था लेकिन कहीं से कोई कार्यवाही नही हुई है जिसके कारण व्यथित किसान ने सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया का भी सहारा लिया और उम्मीद की है इस बरसात के पहले तक उनका योजना का ट्रांसफार्मर लगाया जाए. यद्यपि इस मामले को चीफ इंजीनियर रीवा रीजन के ट्विटर एकाउंट में भी भेजा गया है जिस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नही मिली है।

ठेकेदार ने खम्भा न गाड़ने की दे डाली धमकी 

       किसान ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा आगे बताया गया की वह बिजली विभाग रीवा जब आवेदन देने गए थे तब वहीं पर उपस्थित ठेकेदार ने कहा की तुम हमारी कंप्लेन करने आये हो तो देख लेना अब तुम्हारा ट्रांसफार्मर नही लग पायेगा जिस मंत्री के पास जाना होगा तो चले जाना. 

       इस प्रकार देखा जा सकता है की बिजली विभाग की लापरवाही के चलते ठेकेदारों के भाव इतने बढ़ गए हैं लगता है अन्य विभागों की तरह बिजली विभाग को भी ठेकेदार ही चला रहे हैं. आखिर सवाल यह है की जब किसी भी हितग्राही किसान का कार्य समय पर नही होगा तो स्वाभाविक है वह बेचारा कहीं न कहीं तो हाँथ पैर पटकेगा ही. जहां उसे आसरा मिलेगा वहां वह जाएगा. स्वाभाविक है जन प्रतिनिधि तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसीलिए बनाये जाते हैं की वह आम गरीब और पीड़ित जनता की समस्या को समझें और उसका समाधान करें. यदि किसान बिजली विभाग जाकर कंप्लेन दर्ज करवाया तो उसने ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया की ठेकेदार उसे धमकी दे डाली की तुम्हारा ट्रांसफार्मर ही नही लगेगा. अब ऐसे मामलों में तो चाहिए की बिजली विभाग किसान की कंप्लेन के आधार पर ऐसे ठेकेदारों को तत्काल कार्य के ही हटा दे जिनका व्यवहार ही उपभोक्तओं और हितग्राहियों के साथ विद्वेषपूर्ण हो.

  अब मानसूनी बारिश उत्पन्न कर सकती है वाधा 

   वहरहाल आज दिनाँक तक हितग्राही ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री का मुख्यमंत्री कृषक पंप योजनान्तर्गत 25 एचपी का ट्रांसफार्मर नही लग पाया है जबकि आठ माह व्यतीत हो चुके हैं साथ ही मानसून आने से कार्य में बाधा भी उत्पन्न हो सकता है पर चूंकि अभी भी लालगांव और विशेषकर पूरे रीवा में अभी तक बाधा उत्पन्न करने वाली तीव्र मानसूनी बारिश नही हुई है अतः यदि बिजली विभाग और एसटीसी विभाग चाहे तो अगले कुछ दिनों में पीड़ित किसान का ट्रांसफार्मर लगा सकता है.

  संलग्न - ज़िले के लालगांव विद्युत वित्तरन केंद्र अन्तर्गत ग्राम के हितग्राही ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री द्वारा नवीन 25 एचपी ट्रंसफॉर्मेर लगाने हेतु भरे गए फीस 26 हज़ार 4 सौ रुपये का रसीद एवं साथ ही चीफ इंजीनियर को दिए गए शिकायत की प्रति.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Friday, July 13, 2018

ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर मौहरिया का 24 घण्टे में बदला ट्रांसफार्मर, बसौली का भी 2 दिन में बदला जाएगा (मामला ज़िले के गंगेव एवं मनगवां विद्युत वितरण केंद्र का जहां मौहरिया में 2 वर्ष से अधिक समय से जला ट्रांसफार्मर 13 जुलाई को बदला गया, बसौली नं 2 का अगले 2 दिन में बदला जाएगा, सामाजिक कार्यकर्ता की पहल पर ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने करवाई कार्यवाही)

दिनांक 14 जुलाई 2018, स्थान - गंगेव/मनगवां रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

    सामाजिक कार्यकर्ता की पहल पर ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन के निर्देश पर 2 से अधिक वर्षों से जला हुआ मौहरिया ग्राम का 100 केवीए का ट्रांसफार्मर दिनांक 13 जुलाई 2018 को शाम को बदल दिया गया. बता दें पिछले दिनों गंगेव डीसी के बसौली नंबर 2 एवं मनगवां डीसी के मौहरिया के जले हुए ट्रांसफार्मर न बदले जाने की खबर ट्विटर के माध्यम से मप्र के ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन को सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी एवं अधिवक्ता जितेंद्र तिवारी के माध्यम से दी गई थी जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने सीएमडी जबलपुर जोन एवं चीफ इंजीनियर रीवा रीजन केएल वर्मा को तत्काल ट्रांसफार्मर बदले जाने के लिए निर्देशित किया था. जिस पर कार्यवाही करते हुए मनगवां बिजली क्षेत्र के असिस्टेंट इंजीनियर प्रशांत नागेश ने 13 जुलाई शाम 100 केवीए का मौहरिया यादव-हरिजन बस्ती के पास का 2 से अधिक वर्षों से जला हुआ ट्रांसफार्मर बदल दिया है और इसकी सूचना उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता द्विवेदी को मोबाइल फ़ोन पर दी है. इस बात की पुष्टि करने के लिए द्विवेदी द्वारा मौहरिया ग्राम निवासी आशीष चतुर्वेदी एवं सुरेश चतुर्वेदी द्वारा नए लगाए गए ट्रांसफार्मर की वहां के ग्रामीणों के साथ फ़ोटो भी प्राप्त की है जिसे यहां पर संलग्न किया जा रहा है. सहायक अभियन्ता मनगवां बिजली विभाग प्रशांत नागेश द्वारा जानकारी दी गई है की अगले 2 दिनों में गंगेव डीसी के बसौली नंबर 2 का भी ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा. बता दें की बसौली नंबर 2 का ट्रांसफार्मर बबलू सिंह एवं अन्य ग्रामीणों के द्वारा  पिछले 8 माह के अधिक समय के फैल बताया गया था.

    मौहरिया का ट्रांसफार्मर बदले जाने पर वहां सभी उपभोक्तागण में खुसी की लहर है. विशेषतौर पर मोटर कनेक्शनधारी किसान ट्रांसफार्मर बदल दिए जाने से काफी खुश हैं. सुरेश एवं आशीष चतुर्वेदी आदि किसानों द्वारा बताया गया की पिछले 2 वर्षों से उनकी कृषि बुरी तरह से प्रभावित हुई थी जिसके कारण सभी किसान काफी परेशान थे. 

संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें रीवा के मनगवां डीसी अन्तर्गत आने वाले मौहरिया ग्राम का बदला गया ट्रांसफार्मर एवं उपस्थित ग्रामीण उपभोक्ता.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक वआम मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

सरई ग्राम के बन्द हैं दर्जनों हैंडपम्प, जनता बूंद बूंद पानी के लिए मोहताज़ (मामला ज़िले के गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत सरई कला पंचायत के सरई ग्राम का जहां महीनों से बन्द पड़े हैं दर्जनों नलकूप जिसे देखने वाला कोई नही है)

दिनांक 13 जुलाई 2018, स्थान - लालगांव, रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

    आज जब मानसून आ चुका है और प्रदेश में जगह जगह बारिश प्रारम्भ हो चुकी है जिले के कई ग्रामों में गर्मियों के पहले से खराब नलकूप पीएचई विभाग नही सुधार पाया है जबकि देखा जाए तो पिछले 2018 के मई एवं जून महीने में भोपाल तक की टीम संभाग की पेयजल व्यवस्था का मुआयना करने आई थी जिंसमे मुख्य रूप से भोपाल से कार्यपालन यंत्री अनुराग श्रीवास्तव सम्मिलित थे. अनुराग श्रीवास्तव के साथ में स्वयं जिले के कार्यपालन यंत्री शरद कुमार एवं अन्य उपयंत्री एवं एसडीओ आदि थे लेकिन इन सबने किस बात का मुआयना किया, उस पर क्या कार्यवाही की इसका पता इसी से चलता है की अभी भी कई ग्रामों में बल्क में नलकूप बन्द पड़े हैं जिनमे न तो पर्याप्त राइजर पाइप डाली गई हैं और न ही अन्य मैकेनिकल सुधार कार्य किया गया है जिसकी वजह के आम और ग्रामीण जनता बूंद बूंद पानी के लिए तरस रही है. अभी कुछ ही दिनों में मानसूनी बारिस प्रारम्भ होने से यह सभी मरम्मत कार्य बाधित होंगे जिससे समस्या आगे भी खिंच जाएगी.

सरई ग्राम गंगेव ब्लॉक में बन्द हैं दर्जनों नलकूप

    सरई ग्राम पंचायत निवासी आनंद द्विवेदी से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया गया की ज़िले के गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत सरई कला पंचायत के सरई ग्राम में दर्ज़नों नलकूप बन्द पड़े हैं जिनमे य तो राइजर पाइप की कमी बतायी जा रही है अथवा मैकेनिकल फाल्ट की वजह के नही चल रहे हैं. इस बाबत ग्रामीणों ने कई बार अपने सरपंच और अन्य विभागीय अधिकारियों के समक्ष समस्या रखी लेकिन कोई सुनवाई नही हुई. 

सरपंच रामलखन यादव ने कहा पैसा लाओ तो पाइप लगाएंगे

    सरई ग्राम पंचायत के सरपंच रामलखन यादव के पास जब ग्रामीण पीड़ित लोग गए और नलकूप सुधरवाने की बात कही तो उसने कहा की हमारे पास कोई मद नही आता है और नलकूप सुधरवाना पीएचई विभाग का कार्य है. हमारे पास पैसा नही है तुम लोग पैसा चंदा से इकठ्ठा करके लाओ तो हम हैंडपम्प सुधारवाएँगे. 

हर पंचायतों में नलकूप रखरभाव का आता है मद

    जबकि देखा जाए तो सभी पंचायतों में पीएचई विभाग, ज़िला पंचायत एवं अन्य पंचपरमेश्वर मद से हर पंचायत में नलकूप रखरखाव का मद आता है जिससे सभी नलकूप व्यवस्थित कराए जा सकते हैं लेकिन सरपंच सचिव मिलकर राशि का बंदरबाट कर लेते हैं और आम जनता बूंद बूंद पानी के लिए तरसती रहती है जिसे न तो पीएचई विभाग सुन रहा है और न ही कोई सांसद विधायक.

इन लोगों के घर के पास खराब हैं नलकूप

   सरई ग्राम पंचायत में जिन जिन लोगों के घर के पास के नलकूप पिछले कई महीनों से खराब पड़े हैं उनके नाम - सत्येंद्र तिवारी, शंभूनाथ तिवारी, श्रवण कोल, लल्लू कोल, बालेंद्र शेखर पांडेय, शखिया कोल, बब्बू साकेत, पप्पू साकेत, रामगरीब कोल, भोगले यादव, लालमणि पांडेय, बृजकिशोर शास्त्री, बांकेलाल साकेत आदि हैं. इन सबने बताया की यदि हमारा नलकूप नही सुधारा जाएगा तो कलेक्टर कार्यालय के समक्ष उपस्थित होकर सामूहिक धरना प्रदर्शन करेंगे.

संलग्न- ज़िले के गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत आने वाले सरई कला ग्राम पंचायत के जिन हितग्राहियों के नलकूप खराब पड़े हैं उनके सामूहिक फ़ोटो संलग्न है. 

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शिवानन्द द्विवेदी, समाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Thursday, July 12, 2018

क्योटी-कलवारी मार्ग की शुरू हुई शोल्डरिंग, सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा उठाया गया था मामला (ज़िला रीवा के क्योटी से कलवारी एमपीआरडीसी सड़क का जिसे 2 वर्ष पहले बनाया गया था, किनारों से उखड़ रही है रोड, विभाग द्वारा की जा रही थी देरी)

दिनांक 13 जुलाई 2018, स्थान - भठवा/लालगांव रीवा मप्र

(कैथा से शिवानन्द द्विवेदी)

   मीडिया और सोशल वर्क का ही प्रभाव है की जिन छोटी छोटी बातों को समाज और प्रशासन कभी ध्यान नही देता उन बातों को मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ता बड़े ही गहराई से पकड़ लेते हैं. नतीज़ा यह होता है कि जिन कार्यों को समाज असंभव समझता है वह जनहित के कार्य होने लगते हैं. 

   समस्या सरकार अथवा प्रशासन की कम कही जा सकती है, समस्या है समाज की. समाज आज इतना नकारात्मक हो चुका है की हर व्यक्ति मात्र अपने व्यक्तिगत अथवा पारिवारिक हित के आगे सोच ही नही पा रहा है. लेकिन जब भी लीक से हटकर सामाजिक मुद्दों पर बात उठाई जाती है तो सरकार प्रशासन को सुनना ही पड़ता है. 

   आवश्यकता है जनहित के मुद्दों को उठाने की और लगे रहने की. हाँ संभव है की एक या दो बार मुद्दे रखने से शायद समस्या का समाधान न हो लेकिन समाज को जनहित के कार्यों में लगे रहने की आवश्यकता है सुनवाई जरूर होती है. 100 प्रतिशत न सही पर 75 प्रतिशत तो काम होगा ही.

क्योटी से कलवारी मार्ग की दुर्दशा का उठा था मुद्दा

   अभी पिछले दिनों सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा ज़िले एवं प्रदेश की मीडिया के सहयोग से जनहित का विशेष मुद्दा उठाया गया था जिंसमे क्योटी से कलवारी मार्ग पर हो रही ताबड़तोड़ ओवरलोडिंग वाहनों के यातायात की बात रखी गई थी जो बनकुइयाँ, सतना, मैहर, सेमरिया से होते हुए टोल टैक्स बचाने के उद्देश्य से क्योटी कलवारी मार्ग की तेरही करने में तुले थे. जिसकी वजह से यह मार्ग बुरी तरह से टूट रहा था. पिछले 2 वर्ष से मरम्मत कार्य न किये जाने के कारण मार्ग के साइड में शोल्डरिंग टूट रही थी, मोरम हट रही थी जिससे काफी मजबूत मार्ग भी समय से पहले ही टूटने लगा था. इस बात को जब रीवा संभाग एवं प्रदेश से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों सहित अन्य फेसबुक, ट्विटर, ईमेल आदि के माध्यम से संबंधितों के पास तक पहुचाया गया तो इस पर कार्यवाही होने लगी. परंतु कार्यवाही उपयुक्त तरीके से नही हो रही थी जिसके कारण भोपाल मप्र के एमपीआरडीसी विभाग के उच्चधिकारियों को सूचित किया गया उनसे ईमेल, मोबाइल व्हाट्सएप्प में कंप्लेंट की गई जिस पर कार्यवाही का आश्वाशन मिला. जिसके परिणाम स्वरूप अब जाकर जुलाई में थोड़ा बहुत कार्य प्रारम्भ हुआ है जिंसमे हिनौती के पास कुछ शोल्डरिंग कार्य का होना पाया गया है जिंसमे ग्रेडर की मदद से आसपास ही किनारों पर उपस्थित मोरम और जीएसबी को शोल्डर में डाला जा रहा है. 

पर्याप्त नही है कार्य, जिम्मेदारी पूर्वक करने की है जरूरत

   अभी जो कार्य होना पाया गया है वह पर्याप्त नही कहा जा सकता है क्योंकि ग्रेडर के माध्यम से वहीं आसपास किनारों की मोरम और जीएसबी को ही शोल्डर में डाला जा रहा है जिसके कारण साइड में उतार जैसी स्थिति निर्मित होने से किनारों पर वाहनों का ज्यादा झुकाव होने से एक्सीडेंट की संभावना बढ़ सकती है.

गारंटी पीरियड में दिलीप बिल्डकॉन को अलग से जीएसबी डालने की है जरूरत

  चूंकि पूरा सड़क का कार्य अभी भी गारंटी पीरियड में है अतः सड़क निर्माता कंपनी दिलीप बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को चाहिए पूरी सड़क की नए सिरे से मरम्मत करे और शोल्डर में बाहर से लाकर जीएसबी गिट्टी आदि डाली जाए और उसको लोडर और ग्रेडर चलाकर कायदे से बैठाया जाना चाहिए जिससे एक बार पुनः शोल्डर कुछ 2 से 3 साल के लिए मजबूत हो जाए.

संलग्न - क्योटी कलवारी मार्ग में हिनौती के पास किया जा रहा शोल्डरिंग के कार्य का दृश्य जिंसमे थोड़ा बहुत कार्य किया गया है, सड़क का तरीके से मरम्मत और शोल्डरिंग कार्य किया जाना चाहिए.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक केवाम मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

Wednesday, July 11, 2018

गंगेव के बसौली नं 2 एवं मनगवां के मौहरिया ग्राम का वर्षों से जला है ट्रांसफ़ॉर्मर (मामला ज़िले के गंगेव डीसी अन्तर्गत बसौली नं 2 ग्राम एवं मनगवां डीसी के मौहरिया ग्राम के वर्षों से जले ट्रांसफार्मर का जहां पर बिजली बिल माफी एवं सरल स्कीम के बाद भी रीवा बिजली विभाग कर रहा हीलाहवाली)

दिनांक 12 जुलाई 2018, स्थान - गंगेव/मनगवां, ज़िला रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  सामाजिक कार्यकर्ता की पहल एवं ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन के निर्देश पर ज़िले के कटरा डीसी का 5 एमवीए का फैल ट्रांसफार्मर तो बहुत जल्दी बदल दिया गया परंतु अभी भी ज़िले के कई ऐसे गांव हैं जहां कई महीनों से जले हुए ट्रांसफार्मर आज तक नही बदले गई हैं.

बसौली नं 2 का 9 माह से जला है ट्रांसफार्मर

    जानकारी मिली की गंगेव ब्लॉक एवं गंगेव विद्युत वितरण केंद्र अन्तर्गत आने वाले बसौली नं 2 का 65 एचपी का ट्रांसफार्मर पिछले 9 माह से जला हुआ है जिसे अब तक नही बदला जा सका है जबकि इस बाबत कई मर्तबा शिकायतें ग्रामीणों द्वारा की गई हैं.

      जानकारी के अनुसार बसौली नम्बर 2 के बबलू सिंह ने जानकारी दी की उनके घर के पास स्थित ट्रांसफार्मर से तीन दिशाओं में लाइन सप्लाई की जाती थी. ठाकुर एवं अन्य समाज के कुछ परिवारों के अतिरिक्त लगभग 35 आदिवाशी परिवार भी हैं जिन्हें बाधित लाइन सप्लाई मिल रही है. इनमे से कुछ ने वैकल्पिक तौर पर कई सौ मीटर दूर से तार लगाकर कटिया से अन्य ट्रांसफ़ॉर्मर से लाइन ले रखी है. पर अभी भी आधे से अधिक घरों में अंधेरा व्याप्त है.

     साल भर पहले भी यही ट्रांसफार्मर जल गया था जिसे बदला गया था लेकिन बताया गया की पहले से ही खराब ट्रांसफार्मर लगाया गया जो बहुत दिनों तक चल नही पाया और वह भी जल गया. फिर इसके बाद आज 9 महीने से ऊपर हो रहे हैं ट्रांसफार्मर बदला नही गया.

विभाग के अनुसार बिजली बिल बकाया बनी समस्या

   जब इस संदर्भ में गंगेव विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री मनीष जोशी से सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी की बात की गई तो बताया गया की बसौली नंबर 2 के जले ट्रांसफार्मर से जुड़े हुए उपभोक्ताओं के बिजली बिल बकाया होने की वजह से विभाग ने उन्हें अंधेरे में ही रखना उचित समझा. जबकि ग्रामीणों से जब चर्चा की गई तो बताया की काफी लोगों ने बिजली बिल भर दिया है बस कुछ रसूखदार लोगों के बकाया होने की वजह से ऐसा किया गया है अतः इसमे उन लोगों का कोई दोष नही था जो नियमित बिजली बिल देने वाले उपभोक्ता थे. दोष यदि है तो उनका है जिन्होंने बकाया रखा।

मनगवां डीसी के मौहरिया ग्राम का भी जला ट्रांसफार्मर

  इसी प्रकार मनगवां क्षेत्र के जितेंद्र तिवारी ने अपने ट्विटर संदेश में प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्री पारस जैन को ट्वीट किया की मौहरिया ग्राम का भी ट्रांसफार्मर पिछले 2 वर्षों से जला हुआ है जिसे बदला जाना अनिवार्य है. लोग काफी परेशान हैं और समस्या का सामना कर रहे हैं. जिस पर तत्काल ऊर्जा मंत्री ने रिट्वीट करके संबंधित ग्राम का नाम, जले हुए ट्रांसफार्मर का डिटेल और पता की जानकारी चाही. जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा स्वयं भी तत्काल ऊर्जा मंत्री को पूरा डिटेल ट्वीट कर दिया गया साथ ही कार्यपालन अभियंता आर एक जैन एवं सहायक अभियंता प्रशांत नागेश का मोबाइल नंबर सहित सभी जानकारी ट्वीट कर दी गई साथ ही कार्यपालन अभियंता एवं सहायक अभियंता से बात करके समस्या से अवगत करवाकर समस्या के निराकरण की अपील की गई है. इस पर कनिष्ठ अभियंता, कार्यपालन अभियंता एवं सहायक अभियंता बिजली विभाग ने समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया है.

जन कल्याण बिजली बिल माफी एवं सरल बिल स्कीम के बाद भी देरी क्यों

    मानाकि 20 प्रतिशत बिजली बिल देने की योजना पहले की है परंतु अब जब मुख्यमंत्री मप्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना जनकल्याण संबल योजना एवं सरल बिजली बिल स्कीम लांच हो चुकी है और हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है तो ऐसे में विभाग द्वारा प्रदेश के जले हुए ट्रांसफार्मर न बदला जाना आम जनता के साथ ज्यादती है. ऐसे में तो यह कहना चाहिए की बिजली विभाग शासन से भी आगे हो गया.

जले ट्रांसफार्मर मुख्यमंत्री की योजना पर लगा रहे पलीता 

    जनकल्याण संबल योजना एवं सरल बिजली बिल स्कीम के बाद तो अब पूरे ज़िले एवं संभाग के जले हुए ट्रांसफार्मर बदले जाने चाहिए. जब सरकार ने आम और गरीब जनता के लिए इतनी अच्छी योजना लांच कर ही दी है तो जले हुए ट्रांसफार्मर न बदला जाए तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा. क्योंकि यदि पूरे प्रदेश में जले हुए ट्रांसफार्मर को बदले जाने का खर्चा देखा जाए तो बिजली बिल माफी एवं सरल बिजली बिल स्कीम की तुलना में 1 प्रतिशत से भी कम होगा.

जले हुए ट्रांसफार्मर न बदला जाना आम जनता का टॉर्चर

   यदि जले हुए ट्रांसफार्मर न बदले गए तो आम जनता और किसान और अधिक टॉर्चर होंगे. एक तरफ तो गर्मी का कहर दूसरी तरफ सिंचाई के लिए समस्या, कुल मिलाकर ट्रांसफार्मर बदलने में देरी मुख्यमंत्री के बिजली बिल माफी और सरल बिजली बिल स्कीम पर पलीता लगा रहे हैं. मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री को चाहिए की स्वयं भी जले हुए ट्रांसफार्मर के मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर पूरे प्रदेश में कार्यवाही करवाएं जिससे आम जनता और अधिक टॉर्चर होने से बचे.

संलग्न - रीवा के गंगेव डीसी के ग्राम बसौली नंबर 2 का जला हुआ 65 एचपी का ट्रांसफार्मर एवं उपस्थित आमजन. साथ ही ऊर्जा मंत्री को भेजा गया ट्वीट की स्क्रीनशॉट.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587

गंगेव बाजार में वाहन की ठोकर से गाय की मौत (ज़िला रीवा मप्र)

दिनांक 11 जुलाई 2018, स्थान - गंगेव ब्लॉक रीवा मप्र

   👉 रीवा ज़िले में पशुओं की दुर्दशा दिन प्रतिदिन बढ़ती देखी जा रही है. अभी हाल ही में कई पशुओं का करंट में फसकर मौत की खबर पुरानी नही हुई है उधर गगेव बाजार में गर्ल्स स्कूल के पास दिनांक 10 जुलाई को किसी भारी वाहन ने ठोकर मार दिया जिस पर गाय की तत्काल मौत हो गई. 

      अभी पिछले दिनों त्योंथर तहसील अन्तर्गत आने वाले देउर ग्राम पंचायत में भी दिलीप सिंह द्वारा घायल गाय पड़ी होने की सूचना दी गई थी साथ ही गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत पनगड़ी एवं मदरी पंचायत में भी निरंतर गो प्रताड़ना और पशु क्रूरता की बारदतें शिवेंद्रमणि शुक्ला, प्रमोद सिंह, वंशगोपाल सिंह  एवं डॉक्टर अम्बिका पटेल द्वारा सूचित की गईं थी जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं गोवंशों कर अधिकार के लिए कार्य करने वाले शिवानन्द द्विवेदी द्वारा सम्बंधित पशु चिकित्सा विभाग को बुलाकर इलाज कराया गया था।.

💥 *आवारा पशुओं की नही है कोई व्यवस्था*

   आज आवारा छोड़ दिए गए पशु जगह जगह प्रताड़ित किये जा रहे हैं. जब तक यह गायें समाज के लिए काम की रहती हैं दूध और दुग्ध उत्पाद देती हैं तो समाज इनको घर में रखता है लेकिन जैसे ही यह दूध देना बन्द कर देती हैं वैसे ही लवारित छोड़ दी जाती हैं.

💥 *सरकार नही दे रही कोई ध्यान*

   सबसे बड़ी समस्या यह है की चूंकि गोवंश वोट नही डाल सकते हैं अतः इन सरकारों के लिए किसी प्रयोजन के नही हैं. जब समाज ही इन्हें नकार चुका है और वह भी हिन्दू बाहुल्य समाज तो फिर सरकार की बातें कौन करे. आज गोवंशों और पशुओं के लिए मारे मारे फिरने के अतिरिक्त और कोई दूसरा रास्ता नही दिख रहा है. मप्र सरकार ने गो संवर्धन बोर्ड का गठन तक करके रखा है लेकिन इसका भी कोई विशेष प्रभाव गोवंशों की सुरक्षा में नही दिख रहा है. गोवंशों को आज देखने वाला न कोई इंसान है और न ही भगवान. अभी कुछ ही दिनों में गोवंश प्रताड़ना का एक और भी वीभत्स रूप देखने को मिलने लगेगा जब किसान अपनी खेती की सुरक्षा के नाम पर अवैध बाड़ों में इन्हें ठूंस देंगे जहां पर न तो  इनके लिए कोई चारा पानी की समुचित व्यवस्था रहेगी और न ही कोई छत्र छाया. 

आज आवश्यकता है हमारे इस समाज को बैठकर सोचने की क्या भारतीय समाज जिंसमे कण कण में ईश्वर का वास बताया जाता है, हर जीव की आत्मा में परमात्मा का होना बताया जाता है, आज भारतीय संस्कृति में माता की उपमा प्राप्त गौमाता की क्या यही दुर्दशा होनी चाहिए?

💥 *संलग्न* - गंगेव रीवा मप्र में बीच बाजार में भारी वाहन की ठोकर खाकर मौत से घाट उतर चुकी गौमाता की मृत तस्वीर....

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🙏 *शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 7869992139, 9589152587*🙏

गोहत्यारों ने 8 माह की बछिया का तोड़ा पैर, घटना गढ़ थाना अंतर्गत मदरी ग्राम की (जिला रीवा मप्र)

रीवा मप्र,दिनाँक 11 जुलाई 2018 

   💥 थाना गढ़ अंतर्गत मदरी ग्राम में लगभग 8 माह की बछिया का पैर तोड़ दिया गया। मदरी पनगड़ी क्षेत्र में इस प्रकार की वारदात आज आम हो चुकी है जहां पर पशुक्रूरता निरंतर बढ़ती जा रही है। 

   💥 मदरी भठवा निवासी डॉक्टर अम्बिका द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता को जानकारी दी गई जिस पर हिनौती पशु औसधालय में कार्यरत समय लाल साहू को सूचित करने पर उन्होंने जाकर बछिया का इलाज किया। प्लास्टर पट्टी वगैरह किया। गाय का इलाज किया जा रहा है।

संलग्न - घटना की फ़ोटो संलग्न है।

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   *- शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक कार्यकर्ता, रीवा मप्र 7869992139, 9589152587*