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Tuesday, June 19, 2018

मनरेगा सड़क निर्माण में कैथा पंचायत में बिन कार्य ही जारी हो रहे फ़र्ज़ी मस्टर रोल (मामला ग्राम पंचायत कैथा के ग्राम अकलसी का है जहाँ पर मई और जून 2018 में फ़र्ज़ी मजदूरों के मस्टर रोल जारी किये गए जबकि कार्य कहीं कुछ नही हुआ, पंचायती भष्ट्राचार अपने चरम पर)

दिनांक 19 जून 2018, स्थान - गगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

    ज़िले के गगेव जनपद अंतर्गत आने वाली कैथा ग्राम पंचायत के अकलसी ग्राम में सुदूर सड़क संपर्क रामदरस के घर से प्रधानमंत्री सड़क तक के कार्य में भारी अनियमितता प्रकाश में आयी है जिसकी की जांच के लिए पिछले वर्ष जनपद से लेकर ज़िला कलेक्टर एवं कमिश्नर तक लिखा गया था लेकिन कोई सार्थक कार्यवाही नही हुई है.

   अभी इस वर्ष पुनः उसी परियोजना में मई एवं जून 2018 में चार नए मस्टर रोल फ़र्ज़ी तरीके से जारी किये गए हैं जिसमे 20 मजदूरों के ऐसे नाम दर्शाए गए हैं जो कभी उस सड़क कार्य में नही आये. इस बात के सबूत पूरे अकलसी ग्राम के लोग हैं जिन्होंने उस सड़क मार्ग में मात्र जेसीबी एवं मसीने चलती हुई देखी हैं मजदूर तो दूर दूर तक कहीं नहीं दिखे.


 वर्ष 2018 में 4 मस्टर रोल में 20880 रुपये प्रति मस्टर रोल में निकाले गए 83 हज़ार 520 रुपये

    ग्राम पंचायत कैथा के अकलसी ग्राम की रामदरस के घर से प्रधानमंत्री सड़क तक परियोजना में वर्ष 2018 के मई एवं जून महीने में कुल 4 मस्टर रोल फ़र्ज़ी तरीके से जारी किये गए जिसमे प्रति मस्टर रोल 20 मजदूरों को काम करता दिखाया गया. साथ ही प्रति मस्टर रोल 20 मजदूरों की मजदूरी 20 हज़ार 880 रुपये प्रति सप्ताह बतायी गई है. इस प्रकार मात्र मजदूरी के नाम पर ही 83 हज़ार 520 रुपये एक बार फिर निकाल लिए गए जबकि सामग्री में खर्च अलग से बताया गया है. इस सड़क परियोजना की लंबाई 500 मीटर बतायी गई है जिसमे 5.5 लाख रुपये खर्च बताया गया है. पिछले वर्ष 2017 में कुल 8 मस्टर रोल जारी हुए थे जो अब तक मिलाकर 12 हो गए हैं। जबकि भूतपूर्व सरपंच कैथा मिथिला प्रसाद पटेल द्वारा अवगत कराया गया है की इसी 500 मीटर सड़क के लिए उन्होंने इसके ठीक पिछली पंचवर्षीय में अपने कार्यकाल में मिट्टी मोरम का कार्य करवाया था अतः नियमानुसार पांच वर्ष के भीतर उसी सड़क के लिए पुनः मिटी मोरम का कार्य होना संभव नही है. इसमे मात्र रिपेयरिंग का काम होता है न की नवनिर्माण का. इस प्रकार देखा जा सकता है की 5.5 लाख रुपये की राशि इतनी छोटी सड़क परियोजना के लिए बहुत अधिक भी है जिसकी जांच बाबत पिछले वर्ष 2017 में जनपद पंचायत गंगेव से लेकर ज़िला पंचायत रीवा, कलेक्टर रीवा एवं कमिश्नर रीवा को लिखित दिया जा चुका है जिसमे पचासों ग्रामवशियों के अपने हस्ताक्षर उर अंगूठा निशानी भी लगाया है. 


   कैथा पंचायत के घोटालों का अम्बार 

   कैथा पंचायत में मात्र यही सड़क मात्र में भष्ट्राचार नही हुआ है बल्कि यहां लगभग सभी मनरेगा एवं पंच परमेश्वर योजना कार्यों में हीलाहवाली हुई है जिसकी की दर्जनों सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें दर्ज हैं एवं लिखित तौर पर पूरे प्रमाण के साथ मंत्रालय प्रमुख सचिव बल्लभ भवन एवं नई दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय तक रखा जा चुका है. 

    इन सबके वावजूद भी विभागीय स्तर पर कहीं कोई कार्यवाही नही हुई है और मात्र लीपापोती ही हुई है.

  संलग्न - 5.5 लाख रुपये की बनाई गई 5 सौ मीटर की सड़क जिसमे मात्र कुछ हज़ार रुपये की मोरम डालकर फुरसत कर दिया है. वर्ष 2017 एवं 2018 दोनो में इस सड़क के नाम पर पैसा की अंधाधुंध निकशी हुई है. सबूत के तौर पर सड़क की फ़ोटो भी संलग्न है साथ ही फ़र्ज़ी तरीके से जारी हुए मस्टर रोल का स्नैपशॉट भी संलग्न है जिसे मनरेगा की वेबसाइट में जाकर आसानी से देखा जा सकता है. 

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता

Saturday, July 16, 2016

(रीवा/भोपाल) PMO - प्रधानमंत्री जी भारत सरकार के नाम PG Portal में कैथा पंचायत के मनरेगा सम्बंधित अनियमितता के विषय में

नमस्कार भारत!!! 

       यह एक अन्य प्रकरण पीएमओ के पी.जी पोर्टल में दिनांक ग्यारह 11 जून सन 2016 को रखा गया था. यह प्रकरण कैथा पंचायत की खेत सड़क योजना में जे.सी.बी और मशीन से हो रहे कार्यों के विषय में पुलिस को सूचित करने पर घटना स्थल पर न पंहुचने सम्बन्धी था. वैसे तो यह मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को फॉरवर्ड की जानी थी पर यहाँ पर पीएमओ द्वारा डीजीपी भोपाल को फॉरवर्ड होनी बताई गयी है..
----शिवानन्द द्विवेदी (सोशल एक्टिविस्ट)

Status as on 16 Jul 2016
Registration Number:PMOPG/E/2016/0202814
Name Of Complainant:Shivanand Dwivedi
Date of Receipt:11 Jun 2016
Received by:Prime Ministers Office
Forwarded to:DGP
Officer name:DSP
Officer Designation:DSP
Contact Address:Director General Police
PHQ Bhopal
Grievance Description:To, The Prime Minister of India, Govt of India. New Delhi. INDIA. Sir/Madam, There are huge corruptions in MGNREGA and Panch Parmeshwar work in KAITHA panchayat. With the details and proof, the documents are enclosed with this email. Kindly receive the enclosed PDF attachments. ----------------- Sincerely SHIVANAND DWIVEDI (Social, Scientific, and RTI activist) Village KAITHA, Post AMILIYA, Police Station GARH, Tehsil MANGAWAN, District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117 Mob. +917869992139
Date of Action:22 Jun 2016

Shivanand Dwivedi
(Social, Scientific, Environmental and RTI activists)
National Coordinator – Shrimad Bhagavad Katha Dharmarth Samiti
(an NGO). Work also as Human Rights Activist, Freelance Reporter, Environmental and Animal Rights Activists.
Educational Qualifications - M.Sc in Mathematics (IIT Bombay), PhD Research & TA (Mathematics) – 1. TU-Darmstadt GERMANY, 2. Ulm University GERMANY, 3. Milan University ITALY. Research visits in FRANCE, SPAIN, and PORTUGAL.
Mob.07869992139. Email:- Shivanand.Dwivedi@Gmail.com




Friday, July 15, 2016

Email - (रीवा/भोपाल) जिले के कलेक्टर कमिश्नर को रीवा जिले की विभिन्न पंचायतों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के विषय में भेजे गए ईमेल


Subject - Problems in Payment System in Social Security Pension in

Entire Rewa District - Appeal for immediate inquiry





Shivanand Dwivedi shivanand.dwivedi@gmail.com




to dmrewacommrewaS.Choudhary
To,
The Collector/Commissioner,
District Rewa Madhya pradesh,
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Sir/Madam,

      Please visit my blog at http://igeist.blogspot.in/2016/07/blog-post_3.html and see therein the 
problems of the social security pension which has been noted in many cases. We request you to 
check the matter of the following beneficiaries of the Misira village under Gangev Block and 
Pandua Panchayat and with regard to this problem of social security please also avail those poor 
beneficiaries the PDS ration which they have not received for more than six months.

The beneficiaries are as the following:

1) Badri Saket S/o Mahagoo Saket, 2) Chaitu Saket S/o Mahagoo Saket, and 3) Kolai Saket 
all from Panchayat Pandua and village Misira of the block Gangev. These people reported 
that they haven't  received the PDS ration as well as the Social Security Pension due to the said
 ID mistake.Question arises that if there are the problems in the ID then this is the responsibility 
of the Sarpanch and Secretary and CEO of the concerned Block to correct it fast and avail the all
 benefits of the schemes for the citizens. Its really sad that such problems are persisting and no
 actions has been taken by the concerned officials.

Please you are requested to take fast and immediate action so that all beneficiaries could
 get their due rights.

Shivanand Dwivedi
(Social, Scientific, Environmental and RTI activists)
National Coordinator – Shrimad Bhagavad Katha Dharmarth Samiti
(an NGO). Work also as Human Rights Activist, Freelance Reporter, Environmental and Animal Rights Activists.
Educational Qualifications M.Sc in Mathematics (IIT Bombay), PhD Research & TA (Mathematics) – 1. TU-Darmstadt GERMANY, 2. Ulm University GERMANY, 3. Milan University ITALY. Research visits in FRANCE, SPAIN, and PORTUGAL.
Mob.07869992139. Email:- Shivanand.Dwivedi@Gmail.com






Monday, July 11, 2016

(फर्जी मस्टर रोल) प्रधानमंत्री जी भारत सरकार के नाम PMO PG Portal में गंगेव ब्लाक रीवा में फर्जी मस्टर रोल के सन्दर्भ में दर्ज शिकायत

नमस्कार साथियों!

      यह शिकायती पत्र प्रधानमंत्री जी भारत सरकार के नाम PMO PG Portal से दर्ज करवाया गया था जिसकी की जानकारी आपको यहाँ http://pgportal.gov.in/ViewStatusForm.aspx  से शिकायत नंबर फीड करके प्राप्त हो सकती है. यह पत्र भी लगभग रीवा जिले की सभी पंचायतों में (और विशेषकर गंगेव ब्लाक की पंचायतों में संभवतः मुख्य कार्यपालन अधिकारी की मदद से) फर्जी मस्टर रोल द्वारा मजदूरों के राशि की निकाशी के विषय में है....इस पर क्या कुछ हुआ आज तक कोई जानकारी उपलभ नहीं है. यद्यपि इसमें नीचे कुछ २० जून का दिनांक बताया जा रहा है जिसमे पंचायत विभाग मध्य प्रदेश शासन को दी गयी है... देखते हैं क्या होता है... कितना भारत बदला और कितना साईन हो रहा है वह सब Public Greivances Redressal System में प्रगति से ही समझ आ जायेगा.. बांकी तो कागजों में पिछले ६५ वर्ष के ऊपर से बहुत कुछ चल रहा है...

--शिवानन्द द्विवेदी (सामाजिक और वैज्ञानिक कार्यकर्ता)
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Status as on 11 Jul 2016
Registration Number:PMOPG/E/2016/0181821
Name Of Complainant:Shivanand Dwivedi
Date of Receipt:29 May 2016
Received by:Prime Ministers Office
Forwarded to:PS Panchayat Rural Dev
Officer name:us
Officer Designation:us
Contact Address:Mantralaya Bhopal
Grievance Description:To, Date: 29/05/2016 The Prime Minister of India, Place: REWA MP New Delhi, INDIA. Subject – Problems in the MGNREGA payments of the labor, in Gangev block of REWA district of Madhya Pradesh. The fraud muster rolls are created in the name of the job card holders and the money is withdrawn without the labor’s consent. Regional Banks of Rewa district, Janpad Panchayat CEOs, and Panchayat Sarpanch and secretary are all involved in these frauds. The MGNREGA labors are suffering. Sir/Madam, I would like to bring your kind attention to the problems of the MGNREGA payments in various panchayat in GANGEV block of the Rewa district MP. In KAITHA, HINAUTI, BANS, MADARI, PANGADI, LAURI, LOTANI, SEDAHA and other panchayats in GANGEV block the labor payment is not being given and fraud muster roll are created in the name of the MGNREGA job card holders. Most of the panchayat works are carried out using the JCB and machines. Several applications are given to the office of CEO Janpad Panchayat Gangev Mr. Pradeep Paul but no action has been taken. Applications/complaints has also been given to the CEO Jila Panchayat Rewa and collector Rewa but no action has been taken. IMPORTANT NOTES:- Until a comprehensive enquiry is made setting an independent team out side of the MP and preferably from New Delhi, all the MGNREGA fund must be frozen to the mentioned gram panchayats of the GANGEV block. ATTACHMENTS:- Please find the enclosed file in PDF format for the more detailed applications and information on the MGNREGA labor's payment problems and MGNREGA corruptions. Sincerely SHIVANAND DWIVEDI (Social, Scientific, and RTI activist) Village KAITHA, Post AMILIYA, Police Station GARH, Tehsil MANGAWAN, District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117 Mob. +917869992139
Date of Action:20 Jun 2016

Thursday, July 7, 2016

(रीवा) मुरलीधर पटेल निवासी कैथा की इंदिरा आवास योजना की दूसरी किश्त रु 35000 म.प्र. राज्य मानवाधिकार आयोग भोपाल के हाश्तक्षेप के बाद मिली

दिनांक: 08/07/2016, स्थान: कैथा पंचायत, गंगेव ब्लाक, रीवा (म.प्र.)
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विषय – गंगेव जनपद अंतर्गत कैथा पंचायत निवासी मुरलीधर पटेल एवं लोटनी पंचायत के रामलाल साकेत की इंदिरा आवास की राशि हज़म. जनपद एवं जिला पंचायत में हीलाहवाली का आरोप.

सन्दर्भ – म.प्र. शासन की सी.एम्. हेल्पलाइन की शिकायत क्र. 20159782. हितग्राही का बी.पी.एल. राशन कार्ड क्र. 64404. हितग्राही को प्राप्त प्रथम किश्त दिनांक मार्च २०१४.


      (कैथा, गंगेव भ्रष्ट्राचार तो हर जगह व्याप्त है परन्तु जब बी.पी.एल. के गरीब हितग्राहियों की इंदिरा आवास योजना की राशि हडपी जाए तो मामला बहुत गंभीर हो जाता है. गंगेव जनपद अंतर्गत दो ऐसे प्रकरण सामने आये हैं जिनमे हितग्राही मुरलीधर पटेल पिता स्व. भागीरथी पटेल निवासी कैथा तथा लोटनी पंचायत निवासी रामलाल साकेत पिता कुमारे साकेत ग्राम कठमना की इंदिरा आवास योजना की राशि ही हड़प ली गयी. जहां कैथा निवासी मुरलीधर पटेल की दूसरी किश्त रुपये पैंतीस हज़ार हड़प ली गयी वहीँ कठमना निवासी रामलाल साकेत पिता कुमारे साकेत का फर्जी बैंक अकाउंट जिला सहकारी बैंक मर्यादित शाखा लालगांव (रीवा) में खोलकर पूरी की पूरी राशि ही हज़म कर ली गयी. रामलाल साकेत को इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब मिली जब वह मुख्यमंत्री आवास योजनान्तर्गत आवास ऋण लेने के लिए जनपद पंचायत गंगेव  गया. जनपद में बाबुओं द्वारा बताया गया की तुम्हारी इंदिरा आवास योजना की पचहत्तर हज़ार रुपये की राशि तो पहले ही निकल चुकी है इसलिए दुबारा कोई आवास योजना का लाभ नहीं मिल सकता. यह सुनकर  रामलाल सन्न रह गया क्योंकि उसने तो अभी तक कोई राशि निकाली ही नहीं थी. कैथा निवासी मुरलीधर पटेल का केस थोडा अलग था क्योंकि इनको प्रथम किश्त रुपये पैंतीस हज़ार वर्ष 2014 में मिल चुकी थी परन्तु इनकी दूसरी पैतीस हज़ार रुपये की  किश्त जनपद और जिला के अधिकारियों द्वारा हज़म कर ली गयी.

सी.एम. हेल्पलाइन से लेकर मानवाधिकार आयोग भोपाल तक शिकायत

इन दोनों प्रकरणों की शिकायत इन हितग्राहियों की सहमति से सी.एम.हेल्पलाइन एवं मानवाधिकार आयोग भोपाल में सामाजिक एवं आर.टी. आई. कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा की गयी है और जल्द से जल्द जांचकर दोषियों को दंड दिलवाने की भी अपील की गयी है.

                 
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SHIVANAND DWIVEDI
(Social, Scientific, and RTI activist)
Village KAITHA, Post  AMILIYA,
Police Station GARH, Tehsil  MANGAWAN,
District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117

Mob. +917869992139

(रीवा) गंगेव ब्लाक में भ्रष्ट्राचार का सिलसिला जारी, कैथा के कूप निर्माण में 7.58 लाख का घोटाला, जनपद से लेकर जिला पंचायत तक की मिली भगत

दिनांक: 08/07/2016, स्थान: कैथा, गंगेव ब्लाक रीवा (म.प्र.)

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विषय – कैथा पंचायत (गंगेव ब्लाक रीवा) में कपिलधारा कूप निर्माण में घोटाला, (7.58 लाख) सात लाख अन्ठावन हज़ार रुपये की राशि हज़म. 


(गढ़, रीवा), थाना गढ़ जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत कैथा ग्राम पंचायत में कपिलधारा कूप निर्माण में भी भारी घोटाला प्रकाश में आया है. पंचायत में तीन कपिलधारा कूप निर्माण हेतु टी.एस. स्वीकृत किया गया था जिसमे अभी दो कूपों पर काम चल रहा था. दोनों कूपों की लागत सूचना के अधिकार एवं नरेगा की वेबसाइट से प्राप्त जानकारी में क्रमशः 3.79 लाख और 3.79 लाख की बताई गयी थी.

कपिलधारा कूप निर्माण का कार्य मनरेगा के स्थान पर ठेके में

 मनरेगा अधिनियम २००५ के नियमावली अंतर्गत मनरेगा एवं मस्टरोल द्वारा होने वाले इस कार्य को ठेके में करवाया गया जिसकी प्रति कूप लागत ठेकेदार बंसपती साकेत निवासी कैथा ने 1.75  लाख बताई है. इस प्रकार दोनों कूप कुल साढ़े तीन लाख में बनकर बंधकर पूर्ण किये जाने थे. इस प्रकार सरपंच संत कुमार पटेल और सचिव अच्छेलाल पटेल को कुल चार लाख आठ हज़ार का इसमें फायदा होता.  परन्तु कुदरत ने भी इस कार्य को पूर्ण नहीं होने दिया और दोनों ही कूप अधूरे में ही धस गए. यह बात तब पता चली जब ठेकेदार बंसपति साकेत का पैसा फंस गया. इस सन्दर्भ में बंस पति को लेबर कोर्ट जाने की सलाह दी गयी. यह कपिलधारा कूप निर्माण “उपेन्‍द्र कुमार पटेल परियोजना क्र. 1713004031/WC/9993661911, तथा दूसरा कपिलधारा कूप निर्माण “नीलेश कुमार / वंशपती पटेल” परियोजना क्र. 1713004031/WC/9993661916 टी.एस. नं. 1587 है. यह दोनों हितग्राही कैथा पंचायत अंतर्गत ग्राम इटहा निवासी हैं.

वर्तमान स्थिति यह है की दोनों ही कूप पूरी तरह से बीच में ही ध्वस्त हो चुके हैं और ठेके में काम करने वाले लेबरों के भी पैसे फंस गए है. दोनों ही कूप निर्माण के कार्य मनरेगा के बजे ठेके से करवाए जा रहे थे और प्राप्त जानकारी के अनुसार दो तिहाई से अधिक पैसे का गबन कर लिया गया है.
कैथा सरपंच सचिव, एवं सी.ई.ओ. जनपद पंचायत गंगेव की मिली भगत –

कैथा के कूप निर्माण घोटाले में वर्तमान कैथा सरपंच संत कुमार पटेल, सचिव अच्छेलाल पटेल सहित जनपद के भी अधिकारियों कर्मचारियों की मिली भगत है. कूप निर्माण में घोटाले की शिकायत जनपद गंगेव में सी.ई.ओ. प्रदीप पॉल के समक्ष लिखित में एवं सी.एम्. हेल्पलाइन में भी की गयी थी परन्तु इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी.

३५४क (354A, 294, 506, एवं 34) के आरोपी एवं भ्रष्ट सरपंच संत कुमार पटेल को तत्काल हटाने की माग

महिला प्रताड़ना एवं महिला के इज्ज़त आबरू को तार-तार करने के प्रयाश का सह-आरोपी एवं वर्तमान कैथा पंचायत के सरपंच संत कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव के साथ कैथा के सरपंच पद से हटाने की माग रीवा कलेक्टर राहुल जैन, आयुक्त मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल, अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्य प्रदेश शासन भोपाल सहित अध्यक्ष महोदय मानवाधिकार आयोग भोपाल तथा प्रधानमंत्री महोदय भारत सरकार से भी की गयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी कार्यवाही चल रही है.
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शिवानन्द द्विवेदी
(सामजिक, एवं आर टी आई कार्यकर्ता)
ग्राम कैथा पोस्ट अमिलिया थाना गढ़
तहसील मनगवां जिला रीवा म. प्र.

मोबाइल – 7869992139

Sunday, July 3, 2016

रीवा जिले में हजारों सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के पेंशन सालों से लंबित, पी.डी.एस. खाद्यान भी आई डी. गलत बताकर नहीं दिया जा रहा


दिनांक: ०३/०७/२०१६
स्थान: पडुआ (गढ़, गंगेव)
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विषय  - जिला रीवा में ब्लाक गंगेव अंतर्गत आने वाली पडुआ ग्राम पंचायत में दर्जनों हितग्राहियों के खाद्यान और पेंशन सालों से रुके. सरपंच और सचिव द्वारा बताया जाता है की आई डी. गड़बड़ है.

साथियों नमस्कार!

(रीवा, गंगेव, पडुआ) सरकार चाहे कोटि उपाय कर ले लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है की वह अपने कर्मचारियों की मानसिकता को कभी नहीं बदल सकती. योजनायें, विकास, बढ़ता भारत, उगता भारत, ग्रामोदय से भारत उदय आदि शब्द खोखले साबित हो रहे हैं. कारण मात्र कार्यपालिका की सोच और उसकी निष्क्रियता. रीवा जिला अंतर्गत गंगेव ब्लाक की पडुआ पंचायत के मिसिरा नामक गाँव में तीन ऐसे हितग्राहियों का प्रकरण सामने आया है जिन्हें पिछले छः माह से ऊपर से न तो उनको सरकारी रासन की दुकान में खाद्यान मिला और न ही उनको सामाजिक सुरक्षा पेंशन की मासिक राशि दी जा रही है.

(न तो पेंशन और न ही खाद्यान)  यह हरिजन आदिवासी बस्ती मिसिरा के लोग हैं जिनके नाम क्रमशः बद्री प्रसाद साकेत पिता महगू साकेत, चैतू साकेत पिता महगू साकेत और कोलई साकेत सभी निवासी मिसिरा हैं ग्राम पंचायत पांडुआ, ब्लाक गंगेव जिला रीवा हैं. इन हितग्राहियों ने कई मर्तबा पंडुआ के सरपंच शेषमणि कुशवाहा और वहां के सचिव से भी यह बात रखी लेकिन मामले का कोई समाधान नहीं निकला. मात्र यह कहकर बात को टाल दिया गया की इन हितग्राहियों की आई. डी. में मिस्टेक है जो रीवा और भोपाल से ही सुधर पायेगी. इस प्रकार ये गरीब हरिजन पिछले छः माह से पी.डी.एस. प्रणाली का खाद्यान प्राप्त नहीं कर सके हैं. आई.डी. में गलती बताकर कोटेदार भी इनको खाद्यान नहीं दे रहा है.  

(म.प्र. में ग्राम संसद, ग्रामोदय से भारत उदय सब मात्र दिखावा – जनता के पैसे की बर्वादी)  बात मात्र खाद्यान न मिलने तक ही सीमित नहीं है. अभी पिछले वर्षों पोस्ट ऑफिस के खातों में हुए भारी भ्रष्ट्राचार के चलते रीवा जिले सहित अन्य जिलों में कलेक्टरों के निर्देश के बाद सभी सामजिक सुरक्षा पेंशन पाने वालों के खातें बैंकों में स्थानांतरित करवा दिए गए थे. परन्तु इस स्थानांतरण में भी भारी घोटाला हुआ. क्योंकि इन हरिजन आदिवासियों के कई बैंक खातों को गलत फीड कर दिया गया अथवा जान बूझकर उनकी आई. डी. में गलती कर दी गयी. कई बार इन हितग्राहियों ने इसके विषय में सरपंच सचिव और सी.ई.ओ. को अवगत कराया परन्तु कोई भी सुनवाई नहीं हुई. अब हाल यह है की पूरे रीवा जिले में ऐसे हजारों हितग्राही हैं जिनकी सौ दो सौ रुपये मिलने वाली पेंशन तो बंद ही है उनको कोटेदारों द्वारा खाद्यान भी नहीं दिया जा रहा है. इस बात को सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा कई बार कलेक्टर के संज्ञान में लाने का प्रयास किया गया और कई बार अब पूरी तरह से फ्लॉप हो चुकी म.प्र. शासन की सी.एम. हेल्पलाइन में भी रखा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. बड़ी दुखदायी स्थिति है की सालों साल बीत रहा है बैंकों में खाते खुले और आई. डी. बनवाए पर आज तक इन गरीबों को न तो खाद्यान दिया जा रहा है और न ही उनके नए खुले बैंक खातों में पेंशन आ रही है. जबकि यदि देखा जाये तो इन्ही समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रशासन के सी.एफ.टी., ग्राम संषद, ग्रामोदय से भारत उदय आदि ढकोसले किये पर वास्तव में यह सब ढकोसले ही रह गए. क्योंकि यदि ऐसा न होता तो भला इतना सब कुछ होने के बाद भी ये गरीब अपने खाद्यान और पेंशन के लिए भटक रहे होते. वाह धन्य है म.प्र. और हमारी भारत सरकार और धन्य हैं इसके कर्मचारी!

(कम से कम सम्पूर्ण रीवा जिले में तत्काल समग्र जांच की आवश्यकता और जल्द से जल्द सभी मामलों का हो तत्काल निपटारा) इस सन्दर्भ में सरकार को तत्काल पूरे रीवा जिले के सामाजिक सुरक्षा पाने वाले खातों की जाँच के आदेश देने चाहिए. ब्लाकवार और पंचायतवार सभी ऐसे लोगों के नामों की तत्काल सचिवों सरपंचों द्वारा सूची बनाई जानी चाहिए जिन्हें साल भर पहले तो पेंशन मिल रही थी और अब नए खाते खुलने की वजह से बंद हो गयी है. सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की सौ दो सौ रुपये पाने वाले ये पेंशन हितग्राही साठ वर्ष के ऊपर के बुजुर्ग, विधवा महिलाएं, वृद्ध महिलाएं, शारीरिक एवं मानशिक रूप से विकलांग हितग्राही हैं. इनकी पेंशन में अथवा खाद्यान में देरी इनके लिए नई मुसीबतों का सबब बनेगी क्योंकि ज्यादातर ये सब इसी पर आश्रित रहते हैं. एक बात और भी समझ के परे है की क्या जिला कलेक्टर और सामाजिक सुरक्षा विभाग सो रहा है की उसने आज तक यह जानकारी जनपद और पंचायतों से नही मागी की कितने ऐसे हितग्राही हैं जिन्हें पेंशन मिल रही है और कितने बैंक खतों में अथवा फीडिंग में गलती है? प्रश्न यह उठता है की यदि छः माह और साल भर से पेंशन धारियों के खातों में पैसे नहीं जा रहे हैं तो क्या यह बात सी.ई.ओ. सहित सामाजिक सुरक्षा विभाग में बैठे निष्क्रिय  कर्मचारियों को ज्ञात नहीं है? यह बड़ा ही दुर्भाग्य है की पूरा का पूरा शासन-प्रशासन ही चरमराया हुआ है. क्योंकि यदि ऐसी गड़बड़ी है तो तत्काल कलेक्टर को इन सभी विन्दुओं से अवगत होना चाहिए और उसे एक सप्ताह के भीतर सभी खातों की जानकारी मागनी चाहिए और सम्बंधित दोषी सचिवों और सरपंचों सहित सी.ई.ओ. तक के ऊपर विभागीय कार्यवाही करनी चाहिए. समाधान तो सब संभव है पर समस्या इस बात की है की आज के प्रशासन में उच्च पदों पर आशीन अधिकारियों के पास न तो वह सोच है और न ही वह जज्बा. क्योंकि कोटे में खाद्यान न मिलने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सौ दो सौ रूपये न देने में नेता तो कोई वाधा कम से कम न ही पंहुचाते होंगे. मानाकि नेता काफी हस्तक्षेप करते हैं और वह भी भारत की ववर्तमान दुर्दशा का एक बहुत बड़ा कारण है पर इन छोटे बिन्दुओं में क्या नेतागिरी होती होगी. यह तो सब यदि इक्षाशक्ति हो तो कलेक्टर और अन्य जिला जनपद के अधिकारी थोडा प्रयाश से सुनिश्चित कर ही सकते हैं की सबसे निचले स्तर पर खडा हुआ व्यक्ति अपने अधिकार को प्राप्त कर सके और वह सरकार और प्रशासन से मिलने वाले लाभ को ले सके.

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शिवानन्द द्विवेदी
(सामजिक, एवं आर टी आई कार्यकर्ता)
ग्राम कैथा पोस्ट अमिलिया थाना गढ़
तहसील मनगवां जिला रीवा म. प्र.

मोबाइल – 7869992139