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Wednesday, August 8, 2018

युवक की ट्रेक्टर पलटने से दुःखद मौत (मामला रीवा ज़िले के थाना गढ़ अन्तर्गत कैथा ग्राम में जुताई कर रहे चालक युवक का जिसके ऊपर ट्रेक्टर पलटने से मौके पर ही मौत हो गई)

दिनांक 08 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

   थाना गढ़ अन्तर्गत कैथा ग्राम में एक हादसा हुआ जिंसमे जानकारी अनुसार ठाकुरदीन पटेल अथवा उनके परिवार के किसी ट्रेक्टर के साथ जुताई कार्य कर रहे गांव के ही युवक संत कुमार साकेत पिता उग्रसेन साकेत उम्र लगभग 18 वर्ष निवासी ग्राम कैथा की मौके पर ही मृत्यु हो गई. 

   जानकारी के अनुसार जब घटनास्थल पर पहुचा गया तो वहां सैकड़ों लोगों का हुजूम इकठ्ठा था जो चारो खाने चित्त पड़े हुए ट्रैकर को सीधा करने का प्रयाश कर रहे थे. उसी के नीचे स्टीयरिंग के नीचे चालक युवक संत कुमार साकेत दबा हुआ था जिसे बाहर निकालने का प्रयाश चल रहा था. इस बीच लोगों द्वारा रस्सी डालकर ट्रेक्टर खींचने का प्रयाश किया जा रहा था लेकिन सीधा करने में असफल रहे. इस बीच किसी तरह से ट्रेक्टर के नीचे दबे हुए चालक युवक संत कुमार साकेत को बाहर निकाला गया जिसे देखकर गांववालों ने बताया की शायद अभी सांस चल रही है लेकिन कुछ अनुभवी लोगों द्वारा बताया गया की उसकी मृत्यु हो चुकी थी. इस बीच डायल 100 को भी कॉल करके जानकारी प्रेषित की गई. जब तक डायल 100 मौके पर उपस्थित हो पाती परिजन एक प्राइवेट ऑटो करके गढ़ थाना पहुच चुके थे. इस बीच डायल 100 की गाड़ी में मृतक को रखकर गंगेव के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. जहां पर उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया. गढ़ पुलिश द्वारा जानकारी दी गई की शायद आज मृतक का पोस्टमॉर्टेम न हो पाए इसलिए आज शव को रखा जाएगा. पोस्टमॉर्टेम के बाद ही मृतक को परिजनों के हवाले किया जाएगा.

संलग्न - संलग्न तस्वीरों में देखें मौके पर पलटा हुआ ट्रेक्टर साथ ही वहां पर मृत हुए चालक युवक के पास इकठ्ठे लोग


Sunday, April 8, 2018

बिजली कंपनी की आग ने खाक कर दिया किसान की खड़ी फसल (मामला गंगेव ब्लॉक रीवा के पनगड़ी खुर्द पंचायत अंतर्गत कमलेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की डेढ़ एकड़ की फसल और कृषि उपकरणों का)

दिनाँक 09 अप्रैल 2018, स्थान - लालगांव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी) 

   बिजली कंपनी की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैय्या एक बार फिर उजागर हुआ है. मामला है ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत पनगड़ी खुर्द पंचायत का जहां पर कमलेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की डेढ़ एकड़ फसल में बिजली के झूलते हुए तारों में स्पार्किंग की वजह के आग लग गई और देखते ही देखते डेढ़ एकड़ की फसल सहित लाखों का घरेलू समान और कृषि उपकरण जिसमे 700 फ़ीट पाइप भी समिल्लित है खाक हो गई. गनीमत यह थी की हो-हल्ला के बाद पूरा हुजूम इकट्ठा हुआ और गांव वालों ने मिलकर मोटर पंप चालू करके पानी की बौछार किये जिससे कुछ हद तक आग में नियंत्रण हो पाया. बताया गया की पूरे गांव में हाई टेंशन लाइन और साथ ही घरेलू लाइन खतरे के निशान के ऊपर हैं और कभी भी मेंटेनेंस का काम नही होने से तार झूल गए हैं और आपस में टच होकर स्पार्क करते रहते हैं जिससे आये दिन इस प्रकार की आगजनी की वारदाते देखी गई हैं. चूंकि गर्मी के मौसम में गर्मी की वजह से आग का ज्यादा प्रकोप बढ़ जाता है इसलिए नुकसानी के तौर पर देखा जाय तो सबसे अधिक समस्या मात्र गर्मियों में ही होती है. ऐसा नही की दूसरे समय आग नही लगती, बल्कि आग लगती रहती है परंतु फसल की वजह से नुकसानी गर्मियों में ज्यादा होती है. 

बिजली विभाग में मेंटेनेंस न हो पाने से झूलते और टूटे तारों की वजह से होती है आगजनी की बारदतें, जिम्मेदारी बिजली कंपनी की अतः भरपाई भी वही करें

 अभी हाल ही में पिछले दिनों कटरा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत डाढ़ पंचायत निवासी सुरेंद्र मिश्रा के फसल से लदे हुए ट्रेक्टर एवं गढ़ फीडर अंतर्गत अकलसी तालाब के नीचे हाई टेंशन लाइन में स्पार्किंग की वजह से आज लग गई थी जिसमे दोनो ही जगहों में गरीब किसानों का भारी नुकसान हुआ है. अब यह पनगड़ी खुर्द का एक और नया मामला आ गया जिसमे किसान कमलेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की डेढ़ एकड़ के आसपास फसल सहित लाखों का कृषि उपकरण जलकर खाक हो गया. 

    पनगड़ी पंचायत के उप सरपंच शिवेंद्रमणि शुक्ला द्वारा जानकारी दी गई की पीड़ित किसान ने लालगांव विद्युत वितरण केंद्र एवं थाने में जानकारी दे दी है और साथ ही बिजली विभाग को भी पार्टी बनाकर क्लेम की माग की है. अभी जांच चल रही है और आगे की मुआबजा संबंधी प्रक्रिया प्रगति पर है.

पुलिश और फायर ब्रिगेड पहुचा घटना के बाद , समस्या की गंभीरता को देखते हुए गर्मी के चार महीनों में हर पंचायत स्तर पर होने चाहिए अग्निशमन वाहन

   जैसा की ज्यादातर मामलों में होता आया है की भीषण आगजनी की घटनाओं में ग्रामीण स्तर में अग्निशमन विभाग समय पर नही पहुच पाता है इसका कारण पहले भी बताया गया है की मात्र आसपास बैकुंठपुर, मऊगंज, एवं मनगवां में काफ़ी दूर अग्निशमन की गाड़ियां होने से कम से कम 1 से 3 अथवा अधिक तक का समय लग जाता है और इतने समय में सब कुछ साफ हो जाता है. इसलिए आज यह अति आवश्यक है की सभी थानों और चौकियों में अग्निशमन यंत्रों से सुसज्जित अग्निशमन वाहन अनिवार्य होना चाहिए जिससे इस प्रकार की आपदा में और विशेष तौर पर गर्मियों में आपदा प्रबंधन के काम में तेजी आ सके. कहना यहां तक पड़ेगा की प्रत्येक पंचायत में गर्मियों के विशेष सीजन में आग से बचने के विशेष उपाय किये जाने चाहिए जिसके लिए शासन स्तर से बजट का प्रावधान होना चाहिए. मार्च से जून महीने तक चार महीने पकी हुई फसल का सीजन होता है और इसी मौसम में सबसे ज्यादा आगजनी की वारदातें रिपोर्ट की जाती हैं अतः सरकार को चाहिए की गर्मियों में हर पंचायत स्तर पर आगजनी से निपटने के विशेष प्रावधान किये जाएं. अग्निशमन संबंधी वाहनों को किराए से लेकर हर चार से पांच पंचायत के मध्य गर्मियों के चार महीनों के लिए स्थापित किये जाने चाहिए और इस प्रकार की विशेष परिस्थितयों में तत्काल सहायता उपलब्ध करवाई जानी चाहिए.

   पुलिस के विषय में बताया गया की डायल 100 में कॉल किया गया था और पुलिश भी घटनास्थल पर काफी दर से पहुची थी. इतने में उपस्थित ग्रामीणों ने मोटर पंप आदि के माध्यम से आग पर नियंत्रण पाने और फैलने से रोकने में सफलता पाई थी. फिर भी आनन फानन में हवा की वजह से आग लगभग डेढ़ एकड़ के खेत में फैल गई और सब कुछ देखते ही  देखते साफ हो गया.

संलग्न - पनगड़ी किसान कमलेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की आग से ध्वस्त फसल का फ़ोटो.

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शिवानन्द द्विवेदी सामाजिक मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र,

मोबाइल - 7869992139, 9589152587

Saturday, April 7, 2018

डाढ़ सरपंच पुत्र सुरेंद्र मिश्रा की फसल से लदे ट्रेक्टर में लगी आग, सब जलकर हुआ खाक

दिनांक 07 अप्रैल 2018, स्थान - डाढ़ पंचायत, त्योंथर ब्लॉक रीवा मप्र 

(कैथा, शिवानंद द्विवेदी)

    गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में आगजनी की बारदातें भी बढ़ने लगी है. ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली आगजनी की वारदातों में सबसे ज्यादा नुकसान किसान वर्ग को हो रहा है. इस भीषण अकाल में जैसे तैसे मर मर कर किसानों ने अपने खून से सींचकर फसलें तैयार की हुई हैं अब उसमे भी कटाई के वक्त और उनकी खलिहान में पड़ी फसलों को अग्नि देवता समाप्त कर रहे हैं. आगजनी की वारदातें मात्र फसल तक ही सीमित नही रही हैं अभी तो पिछले कई दिनों से जंगली क्षेत्र में भी आग ने काफी तबाही मचाई हुई है जिसमे पूरे रीवा संभाग के सिरमौर, सेमरिया, डभौरा, मोहनिया घाटी एवं छुहिया घाटी के जंगली क्षेत्रों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है. वन्यजीवों के जीवन को संकट उत्पन्न हुआ और साथ ही अति दुर्लभ जड़ी बूटियां सब नष्ट हो गईं.

डाढ़ सरपंच पुत्र सुरेंद्र मिश्रा का ट्रेक्टर फसल सहित हुआ आग के हवाले 

   अभी दिनाँक 06 अप्रैल की शाम को करीब 7 बजे के आसपास डाढ़ पंचायत निवासी सरपंच पुत्र सुरेंद्र मिश्रा के फसल से लदे ट्रेक्टर में बिजली विभाग के झूलते हुए तारों की वजह से आग लग गई जिसमे फसल सहित पूरा ट्रेक्टर जलकर राख हो गया.

     वाकया शाम करीब 6 से 7 बजे के आसपास का है जब सुरेंद्र मिश्रा का ड्राइवर ज्ञानदत्त के घर के पास करहिया ग्राम की पीसीसी सड़क से होते हुए काटी हुई गेंहूँ की फसल लादकर ले जा रहा था तभी अनियंत्रित और खतरे के निसान में झूलते बिजली के तारों की वजह से स्पार्क हुआ और ट्राली के ऊपरी हिस्से में आग पकड़ लिया और देखते ही देखते मात्र 2 से 4 मिनट में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. गनीमत यह थी की ड्राइवर की समझदारी यहां पर काम आ गई और ड्राइवर ने तत्काल ट्रेक्टर को भगाते हुए रिहायसी क्षेत्र से 200 मीटर दूर करहिया शासकीय माध्यमिक शाला के शामने पड़े खाली स्थान पर जलते हुए ट्रेक्टर और फसल को लाकर खड़ा कर दिया और जान बचाकर भाग खड़ा हुआ. 

    वहीं पर पुष्पराज तिवारी निवासी डाढ़ की किराने की भी दुकान भी और पूर्व  दिशा में करहिया ग्राम का लगा हुआ ट्रांसफार्मर भी था. इन सबके वावजूद भी काफी हद तक आग पर नियंत्रण पाने का प्रयाश किया गया. 

सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा गढ़ थाना, डायल 100, 108, 101 सहित रीवा कंट्रोल रूम को जानकारी प्रेषित की गई 

  इस बीच जैसे ही आग की लपटें अपने खतरनाक स्तर से ऊपर उठना प्रारम्भ हुईं तो करहिया निवासी मनबहादुर सिंह, कैथा निवासी प्रभुनाथ केवट एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी सहित घटनास्थल पर पहुचा गया और लोगों से अपील की गई की वह जलते हुए ट्रेक्टर के ज्यादा पास ना जाएं और साथ ही दूर से बाल्टी डिब्बे में पानी लेकर उसमे डाला जाय जिससे आग पर नियंत्रण हो सके. 

      इस बीच पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाकर यूट्यूब चैनल पर डाल दिया गया है जिसे देखा जा सकता है. इसी बीच गढ़ थाना टी आई को भी संपर्क करने का प्रयाश हुआ साथ ही गढ़ थाना के सहायक उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह को भी घटना की जानकारी देते हुए पुलिश और साथ ही फायर ब्रिगेड की सहायता चाही गई. डायल 100 सहित 108 और 101 नंबर में भी कॉल करके सभी को वारदात के विषय में सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा सूचित किया गया और तत्काल पुलिश और फायर ब्रिगेड की माग की गई.

 ग्रामीणों द्वारा आग पर नियंत्रण पाने का किया गया प्रयास, पुलिश और फायर ब्रिगेड पहुची घटना के बाद 

    जैसा की ज्यादातर आगजनी के मामलों में देखा गया है की ग्रामीण क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड कभी भी समय पर उपस्थित नही हो पाती है उसका कारण यह भी है की फायर ब्रिगेड के दमकल गाड़ियां आसपास कहीं हैं ही नही. बैकण्ठपुर, मऊगंज, और मनगवां के पहले कहीं भी दमकल की गाड़ियां नही हैं इसलिए आपातकालीन स्थिति में कोई संभावना शेष नही बचती. साथ ही पुलिश भी ऐसे मामलों में आकर कुछ विशेष नही कर सकती. क्योंकि दमकल के बिना कोई मतलब नही रहता. फिर भी ग्राम करहिया के रहवाशियों ने काफी तत्परता से प्रयाश किये और सभी अपने अपने घरों से डिब्बे बाल्टी लेकर आये और जिससे जितना बन पड़ा सभी ने दो चार दस बाल्टी पानी अवश्य डाला. इस प्रकार जाकर तेज हवाओं के वावजूद भी आग ज्यादा नही फैल पाई और आग को शांत करने में कामयाब रहे. 

  ट्रेक्टर पूरी तरह से जलकर हुआ खाक - 

    लदी हुई फसल के साथ ट्रेक्टर भी जल गया. चूंकि आग की लपटें काफी तेज थीं अतः ड्राइवर को हिम्मत नही हुई की वह ट्रेक्टर के इंजन वाले भाग को ट्राली से अलग थलग कर पाता. देखते ही देखते आग ने फसल, ट्राली और आगे के इंजन वाले भाग को जलाकर नष्ट कर दिया. मात्र लोहा बच पाया. सबसे पहले आग की लपटों ने फसल जलाया फिर आग फैलकर ट्राली के पिछले चक्कों को जलाया और इसी बीच आग की लपटें इंजन वाले भाग में बढ़ते हुए बड़े वाले टायर को भी जला दिया जिससे ब्लास्टिंग की काफी तेज़ ध्वनि हुई. ब्लास्टिंग की आवाज इतनी तेज़ थी की आसपास के ग्रामों डाढ़, करहिया, लोनियान टोला, बड़ोखर, सोरहवा, और कैथा तक आवाज सुनी गई.

  पूरी घटना में किसी के जान को कोई क्षति नही हुई मात्र माल और संपत्ति की ही क्षति हुई बताई गई है.

 पूरी घटना के लिए  रीवा का बिजली विभाग जिम्मेदार 

  यदि वास्तविक तौर पर विश्लेषण किया जाय तो पाया जाएगा की इस घटना के लिए कोई और नही बल्कि रीवा ज़िले का बिजली विभाग ही मात्र जिम्मेदार है. रीवा के बिजली विभाग में दशकों से जो खुले तार लगाए गए थे वह आज भी उसी तरह या यूं कहें की उससे भी ज्यादा बदतर स्थिति में हैं. बिजली विभाग रीवा के लिए करोड़ों रुपये का आने वाला मेंटेनेंस का बजट भष्ट्रचार की बलि चढ़ जाता है जिसे बिजली अधिकारी और ठेकेदार मिल बांट कर खा पी जाते हैं. अभी पिछले कई वर्षों से निरंतर बिजली विभाग रीवा के इन कारनामों को लेकर शिकायतें दर्ज करवाई जाती रहीं हैं और साथ ही ज़िले और प्रदेश स्तर की मीडिया में भी प्रकरण प्रकाशित होते रहे हैं लेकिन बिजली विभाग रीवा का मनमाना रवैय्या आज तक नही बदला है. यह मात्र करहिया ही नही बल्कि आज किसी भी ग्राम में जाकर देखा जाए तो पाया जाएगा की लगभग सभी खंभे कमजोर होकर झुक गए हैं, तार पुराने होकर टूट गए हैं, तारों में झुकाव आ गया है, खुले तार आपस में लड़ते रहते हैं जिससे आये दिन रोज कोई न कोई घटना होती रहती है. बिजली विभाग की इसी गलती की वजह से अभी पिछले दो साल पहले करहिया लोनियान टोला निवासी राजेश्वर लोनिया की पत्नी के ऊपर कटा हुआ तार टूटकर गिर जाने से घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई थी जिसकी की शिकायत वरिष्ठ स्तर तक करने के बाद भी कोई निराकरण नही हुआ. 

बिजली विभाग ने केबलीकरण की भी राशि कर ली हजम

   रीवा के बिजली विभाग में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कागजों पर आज लगभग 95 फीसदी जगहों पर केबलिकरण हो चुका है जिससे झूलते हुए तारों की कोई समस्या ही न रह जाए परंतु जैसा की बताया गया की यह मात्र सब कागजों तक ही सीमित है वास्तविक धरातल पर कहीं कुछ भी नही हुआ है. डाढ़ पंचायत, हिनौती पंचायत, कैथा, अगडाल, पांडुआ सहित दर्जनों मात्र कटरा विद्युत वितरण केंद्र की पंचायतों में ही केबलीकरण की राशि हज़म कर ली गई है. इसी प्रकार जैसा की बताया गया की लाइन मेंटेनेंस का भी पैसा खा पीकर फुरसत कर दिया है. 

    अभी पिछले दिनों गढ़-अगडाल फीडर अंतर्गत आने वाले अकलसी ग्राम में भी अकलसी तालाब के पीछे से भी एक शिकायत मिली थी जिसमे अकलसी के पटेल रहवाशियों द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी को मिलकर जानकारी दी गई थी और बताया गया था की इसी प्रकार की आगजनी की एक वारदात हाई टेंशन लाइन की वजह से हुई थी जिसमे 10 फ़ीट ऊंचाई में झूलते हुए तारों की स्पार्क की वजह से आग का लुकाडा गिरने से नीचे लगी फसल में आग लगने से काफी फसल नष्ट हो गई थी तब जाकर गांव वालों ने येन केन प्रकारेण उस आग पर भी नियंत्रण पाया था।

   संलग्न - कृपया जलते हुए ट्रेक्टर और साथ में बनाये गए यूट्यूब वीडियो को भी देखने का कष्ट करें जो यहां पर संलग्न हैं.

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शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र.
  7869992139, 9589152587