*तत्काल न्यूक्लियर पावर प्लांट निरस्त करने संभाग आयुक्त और कलेक्टर को दिया गया पुनः ज्ञापन//*
*रीवा: प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर घमासान, ग्रामीणों ने कहा- 'नहीं बनने देंगे पावर प्लांट’//*
*संभागायुक्त को ज्ञापन: सिरमौर के रोझौही में भू-तकनीकी जांच और भूमि आवंटन की प्रक्रिया रद्द करने की मांग*
*न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में संभागायुक्त कार्यालय पहुंचे समाजसेवी, सौंपा ज्ञापन*
*ग्राम सभा के फैसलों के सम्मान की मांग; आरटीआई कार्यकर्ताओं ने रीवा प्रशासन से लगाई गुहार*
*"50 किमी का दायरा खतरे में": रेडिएशन और कैंसर के डर से न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के खिलाफ ज्ञापन*
*संवैधानिक अधिकारों और पर्यावरण सुरक्षा के लिए ज्ञापन, रीवा में टाटा पावर प्रोजेक्ट का कड़ा विरोध*
*ग्राम पंचायत सरई कला के विरोध प्रस्तावों के समर्थन में उतरा रीवा जनमानस, संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन*
दिनांक 14 अक्टूबर 2026 रीवा मप्र।
विशेष संवाददाता |
रीवा जिले की सिरमौर तहसील अंतर्गत ग्राम रोझौही में टाटा पावर कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट को लेकर जन-आक्रोश तेज हो गया है। परियोजना के तहत होने वाली भू-तकनीकी जांच, बोर लागिंग और भूमि आवंटन की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने संभागायुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।
*ग्राम सभाओं में पारित विरोध प्रस्ताव पर संभागायुक्त का ध्यानकर्षण*
ज्ञापन के अनुसार, ग्राम पंचायत सरई कला (जनपद पंचायत गंगेव) द्वारा आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने परियोजना के खिलाफ एकजुट होकर प्रस्ताव पारित किया है:
*विकिरण व विस्थापन का डर:* कमिश्नर रीवा को सौंपे ज्ञापन में दिनांक 03 सितंबर 2026 को आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र से फैलने वाले रेडिएशन, जल-वायु-भूमि प्रदूषण, विस्थापन तथा कैंसर व ल्यूकेमिया जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका जताते हुए 08 बोर होल एवं भू-तकनीकी जांच की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया।
*भूमि आवंटन का विरोध:* दिनांक 06 अक्टूबर 2026 की बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के पक्ष में लगभग 210.8900 हेक्टेयर (57 कित्ता) भूमि आवंटन के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया।
*संभागायुक्त को सौंपे ज्ञापन में फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के जांच की भी मांग*
ग्रामीणों व कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कूटरचित तरीके से ग्राम पंचायत के लेटरहेड का उपयोग कर एक फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (क्रमांक 170/2026) तैयार किया गया, जिसमें बोर होल की अनुमति मिलने का झूठा दावा किया गया था। हालांकि, ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कोमल संजय सिंह द्वारा पत्र क्रमांक 56/2026 (दिनांक 08/10/2026) के माध्यम से इस कथित फर्जी एनओसी को खारिज कर दिया गया है। ज्ञापन में इस फर्जीवाड़े की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने की मांग की गई है।
*रेडिएशन से कम से कम 50 किमी दायरे की सीधे होगी आबादी प्रभावित*
सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी एवं जिला पंचायत रीवा सदस्य मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि इस पावर प्लांट का प्रतिकूल असर केवल एक गांव तक सीमित न रहकर आसपास के कम से कम 50 किलोमीटर दायरे की सैकड़ों ग्राम पंचायतों और बड़ी आबादी पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनहित, पर्यावरण सुरक्षा और ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट की तमाम स्वीकृतियों व कार्रवाइयों को तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपते समय गणमान्य नागरिक श्री परमानंद द्विवेदी खैरा एवं दिलीप त्रिपाठी पिपरहा सहित क्षेत्र के अनेक नागरिक व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
*स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट रीवा मप्र*
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