Thursday, October 22, 2026

Breaking:// 'न्याय या मौत': न्यूक्लियर प्लांट विरोध के बीच महिला आंदोलनकारी ने तोड़ा दम, ग्रामीणों में भारी आक्रोश//

*Breaking:// रोझौही न्यूक्लियर पावर प्लांट विरोध: जल सत्याग्रह कर रही महिला आंदोलनकारी की ठंड से मौत, प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप//*

*रीवा में न्यूक्लियर पावर प्लांट के खिलाफ जल सत्याग्रह के दौरान महिला आंदोलनकारी की मौत//*

*सत्याग्रह की ठंड में गई जान: रोझौही प्लांट विरोध में डटी महिला की मौत, अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा आंदोलन//*

*जल सत्याग्रह के बीच सरई कला में हादसा: ठंड से महिला की मौत, प्रशासन की बेरुखी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा//*

*रोझौही प्लांट का विरोध: जल सत्याग्रह के दौरान महिला की ठंड से मौत, प्रशासन बेखबर//*

*रीवा में आंदोलन की कीमत: जल सत्याग्रह में बैठी महिला की मौत, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान//*

*'न्याय या मौत': न्यूक्लियर प्लांट विरोध के बीच महिला आंदोलनकारी ने तोड़ा दम, ग्रामीणों में भारी आक्रोश//*

*सरई कला में मातम: जल सत्याग्रह के छठे दिन महिला की ठंड से गई जान, अधिकारियों ने नहीं ली सुध//*

रीवा (मध्य प्रदेश) | स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट
दिनांक 22 अक्टूबर 2026 

  रोझौही न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में पिछले 6 दिनों से जारी जल सत्याग्रह के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। सरई कला पंचायत में सत्याग्रह पर बैठी महिला आंदोलनकारी विमला कोल की 22 अक्टूबर 2026 की सुबह तड़के ठंड की वजह से मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट के विरोध में कई ग्रामीणों के साथ विमला कोल भी लगातार जल सत्याग्रह में हिस्सा ले रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मृतिका के पति जमुना कोल से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि विमला की मौत जल सत्याग्रह और लगातार जारी आंदोलन के कठिन हालात के कारण हुई है।

*शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप*

परिजनों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के रवैये पर कड़ा रोष जताया है। परिजनों का आरोप है कि इतने दिनों से चल रहे प्रदर्शन और इस दुखद घटना के बावजूद शासन या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी खबर लेने तक नहीं पहुंचा। उन्होंने प्रशासनिक उपेक्षा और जन-मानस की आवाज को अनसुना करने का गंभीर आरोप लगाया है।

*मौत के बाद भी नहीं थमेगा आंदोलन*

एक साथी आंदोलनकारी की मौत के बावजूद ग्रामीणों का हौसला नहीं टूटा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि सत्याग्रह रुकेगा नहीं और आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में आमजन के साथ लालगांव उपसरपंच प्रतिनिधि लवकुश तिवारी आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा तथा समाजसेवी विष्णुकांत कुशवाहा एवं दुलहरा ग्राम से समाजसेविका नीलू दहिया एवं अन्य सिविल सोसायटी के लोग भी शामिल हो चुके हैं।

*क्योटी में सजा नया पंडाल, अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान*

आंदोलन का दायरा अब बढ़ता जा रहा है। 22 अक्टूबर 2026 से नजदीकी ग्राम पंचायत क्योटी में क्योटी-कलवारी मुख्य मार्ग के समीप ग्रामीणों ने नया पंडाल सजा लिया है। सत्याग्रहियों ने हुंकार भरते हुए कहा है कि यह आंदोलन अब अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा। ग्रामीणों ने कहा है कि जब तक शासन प्रशासन न्यूक्लियर पावर प्लांट को वापस लेने का निर्णय नहीं लेता तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा।
*स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट रीवा मप्र*

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