*"विनाश नहीं विकास चाहिए, परमाणु हटाओ जीवन बचाओ" — रीवा में न्यूक्लियर प्लांट के खिलाफ गूंजे जोरदार नारे//*
*"हमें नहीं चाहिए कैंसर प्लांट" — रोझौही न्यूक्लियर पावर प्लांट को रद्द करने की मांग को लेकर ग्रामीणों का हल्लाबोल//*
*रीवा: 'परमाणु हटाओ, जीवन बचाओ' के नारों से गूंजा महूहा टोला, टाटा पावर प्लांट हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीण//*
दिनांक 23 अक्टूबर 2026, रीवा (मध्य प्रदेश):
रोझौही में प्रस्तावित टाटा पावर के न्यूक्लियर पावर प्लांट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अब व्यापक रूप लेता जा रहा है। सरई कला और रोझौही के बाद अब लालगांव के महूहा टोला और वार्ड 2 व 3 के ग्रामीणों ने भी इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्लांट को रद्द करने की मांग उठाई।
*नारेबाजी और आक्रोश*
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों की जुबान पर मुख्य रूप से "विनाश नहीं विकास चाहिए, न्यूक्लियर प्लांट नहीं चाहिए", "विनाश नहीं विकास चाहिए, कैंसर प्लांट नहीं चाहिए" और "परमाणु हटाओ जीवन बचाओ" जैसे नारे गूंजते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्लांट उनके जीवन, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है।
*सामाजिक कार्यकर्ता का जनसंपर्क*
सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी द्वारा क्षेत्र में चलाए जा रहे जनसंपर्क अभियान के दौरान सैकड़ों लोगों ने अपनी पीड़ा साझा की। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में कहा कि उन्हें किसी भी कीमत पर यह न्यूक्लियर पावर प्लांट मंजूर नहीं है। इस विरोध प्रदर्शन में अब लालगांव पंचायत के वार्ड 2, 3 और महूहा टोला के आम नागरिकों के साथ-साथ समाजसेवी शेखर केवट, शिवानंद पांडेय, रामकली केवट, रानी, प्रदीप पटेल, रमाकांत शुक्ला, मिठाईलाल प्रजापति, सौखीलाल केवट और राजकली कोल सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
*प्रशासन की अनदेखी पर रोष*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट को लेकर न केवल रोझौही एवं सरई बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों में भारी आक्रोश है। कुछ दिनों पूर्व जल सत्याग्रह के दौरान विमला कोल नामक एक आदिवासी महिला की मृत्यु हो जाने से पूरे क्षेत्र में प्रशासन के प्रति और अधिक गुस्सा व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुर्घटना के बाद भी शासन-प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा सुधि लेने नहीं पहुंचा।
आंदोलित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रोझौही में प्रस्तावित टाटा पावर के न्यूक्लियर प्लांट को रद्द कर यहां से नहीं हटाया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
*स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट रीवा मध्य प्रदेश*
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