*Breaking:// सिरमौर के रोझौही में टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध तेज, सरई और रोझौही के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा//*
विशेष ब्यूरो रिपोर्ट, रीवा (मध्य प्रदेश) | 02 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित रोझौही क्षेत्र में टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय निवासियों और प्रभावित वर्गों का विरोध अब और अधिक तेज हो गया है। हाल ही में कलेक्टर कार्यालय द्वारा प्लांट से जुड़ी बोर लॉगिंग और मिट्टी परीक्षण प्रक्रिया के लिए एक पत्र जारी किए जाने के बाद से ही ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
प्रशासन की ओर से ग्राम पंचायत सरई कला के सरपंच और सचिव से 04 बोर होल 100 मीटर गहराई तथा 04 बोर होल 50 मीटर गहराई तक करने की अनुमति मांगी गई है। इस प्रशासनिक पहल की जानकारी मिलते ही ग्राम सरई और रोझौही के लोगों ने एकजुट होकर सरकार और टाटा कंपनी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया है और जमकर नारेबाजी की।
*दलित व वंचित वर्ग का आरोप और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता*
इस परियोजना से प्रभावित होने वाले स्थानीय वंचित और दलित वर्ग के लोगों ने सरकार पर ज्यादती का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सहमति के बिना और उनके भविष्य को दांव पर लगाकर यह कदम उठाया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी और न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण पर कड़ा एतराज जताया। जनसंपर्क के दौरान उपस्थित कई नागरिकों ने सरकार की जनविरोधी नीति के विरुद्ध प्रदर्शन और नारेबाजी भी की।
*"सैकड़ों पीढ़ियों के अस्तित्व पर मंडरा रहा संकट"*
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेडिएशन के खतरे को देखते हुए यह परियोजना केवल वर्तमान पीढ़ी ही नहीं, बल्कि आने वाली सैकड़ों पीढ़ियों के लिए एक भीषण आपदा साबित होगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते इस न्यूक्लियर पावर प्लांट के प्रस्ताव को निरस्त नहीं किया, तो वे कंपनी को किसी भी स्थिति में काम नहीं करने देंगे और जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।
*पूरे विंध्य के इकोसिस्टम को खतरा*
ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि इस पावर प्लांट से केवल सरई कला और आसपास की सैकड़ों ग्राम पंचायतों का अस्तित्व ही खतरे में नहीं पड़ेगा, बल्कि पूरे रीवा, मऊगंज और विंध्य क्षेत्र के पर्यावरण व इकोसिस्टम पर भीषण संकट के बादल मंडराने लगेंगे।
वर्तमान में क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोग इस परियोजना के पूर्ण विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।
*स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट रीवा मप्र*
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