Breaking:// कटरा से रोझौही तक बिछेगी 36.6 किमी लंबी बिजली लाइन, टाटा प्रोजेक्ट को मिलेगा 10 मेगावाट का नया कनेक्शन//
*रीवा में टाटा प्रोजेक्ट का 'गुप्त' प्लान उजागर: ग्रामीणों के विरोध के बीच 5.76 करोड़ की लागत से बिछेगी 36.6 किमी लंबी बिजली लाइन//*
*कथनी और करनी में अंतर: रीवा के रोझौही में मिट्टी परीक्षण का दावा, उधर 10 मेगा वाट बिजली कनेक्शन की गुपचुप तैयारी//*
*RTI से बड़ा खुलासा: ग्राम सभा के विरोध के बावजूद रोझौही में टाटा न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के लिए 132 केवी सब-स्टेशन से आपूर्ति की तैयारी//*
*विद्युत वितरण कंपनी ने तैयार किया 5.76 करोड़ का एस्टीमेट; 132 केवी सब-स्टेशन से टाटा कंपनी को मिलेगी मिलेगी बिजली*
विशेष संवाददाता
रीवा: दिनांक 12 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए कंपनी के डिमांड पर 132 केवी सब स्टेशन लगाए जाने का एस्टीमेट टाटा कंपनी को भेजा गया है। यह जानकारी आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी को आरटीआई से प्राप्त हुई है। क्षेत्र के ग्राम रोझौही में स्थापित हो रहे 'टाटा प्रोजेक्ट' को उच्च क्षमता की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए 132 केवी कटरा सब-स्टेशन से रोझौही तक 33 केवी की एक नई बिजली लाइन बिछाई जाएगी।
विद्युत वितरण कंपनी के ओएंडएम संभाग त्योंथर के अंतर्गत आने वाले लालगांव वितरण केंद्र द्वारा इस परियोजना का विस्तृत एस्टीमेट (प्रोजेक्ट नंबर: 1014615) जारी किया गया है। 10 मेगा वाट एंपियर क्षमता के नए सेवा कनेक्शन के लिए तैयार इस एस्टीमेट की कुल लागत ₹5,76,48,708 (लगभग 5.76 करोड़ रुपये) तय की गई है।
*36.6 किलोमीटर लंबी होगी मुख्य लाइन*
जारी तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, 132 केवी कटरा सब-स्टेशन से ग्राम रोझौही तक कुल 36.6 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन का निर्माण किया जाएगा। ग्रामीण इलाके से गुजरने वाली इस पूरी लाइन को मजबूती देने के लिए 13 मीटर ऊंचे भारी एच-बीम (H-Beam) पोल और भारी डीओजी कंडेक्टर तारों का उपयोग होगा।
*मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगेंगे विशेष पोल:*
डबल पोल (D.P.) स्ट्रक्चर: 42 स्थान
ट्रिपल पोल (T.P.) स्ट्रक्चर: 06 स्थान
फोर पोल स्ट्रक्चर: 04 स्थान
सिंगल पोल कट पॉइंट: 12 स्थान
*डिपॉजिट वर्क योजना के तहत होगा काम*
विद्युत अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा निर्माण कार्य 'डिपॉजिट वर्क' (Deposit Work) योजना के तहत किया जा रहा है। इसमें मुख्य सामग्री व निर्माण लागत ₹4.87 करोड़ तथा विभागीय सुपरविजन शुल्क ₹27.45 लाख निर्धारित किया गया है। एस्टीमेट को शासन एवं विद्युत मंडल के निर्धारित दिशा-निर्देशों (एस ओ आर) के आधार पर तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा गया है।
*कंपनी और अधिकारियों की कथनी करनी में अंतर*
पिछले दिनों जब ग्रामीणों ने बोर होल की गाड़ी वापस कर दी तब टाटा कंपनी के लोग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तब उन्होंने बताया कि यहां अभी मात्र बोर कर मिट्टी निकालना है जबकि आगे का निर्धारण मिट्टी परीक्षण के बाद किया जाएगा। वहीं कंपनी गुपचुप 10 मेगा वाट का पावर स्टेशन लगा रही है जिससे वह प्रारंभिक निर्माण कार्य कर सके।
गौरतलब है कि इसके पहले भी ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर बोर होल करने और जमीन आवंटन करने की मनाही कर दी थी। इसके बाबजूद भी जबरन कंपनी और अधिकारी मिलकर काम करना चाह रहे हैं जिसको लेकर गांव वाले काफी आक्रोशित हैं।
*स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट रीवा मप्र*
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