दिनांक 09 अक्टूबर 2026 रीवा मध्य प्रदेश:
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की दिशा में प्रारंभिक कदम बढ़ाए जा रहे हैं। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (TPCL) ने भारत सरकार के न्यूक्लियर एनर्जी मिशन और शांति अधिनियम 2025 के तहत रीवा जिले के रोझौही गांव के समीप 2x220 मेगा वाट क्षमता के प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाना है।
टाटा पावर के बिजनेस डेवलपमेंट, सर्विसेज एंड टेक्नोलॉजी प्रमुख सी. पी. तिवारी द्वारा कार्यपालन यंत्री ओ एंड एम त्योंथर संभाग एमपीईबी पचामा त्यौंथर को लिखे गए पत्र दिनांक 13 जुलाई 2026 में परियोजना स्थल पर निर्माण गतिविधियों के लिए आवश्यक बिजली आपूर्ति से संबंधित विवरण की मांग की गई है।
*इस पत्र की मुख्य बातें:*
*बिजली की आवश्यकता:* परियोजना निर्माण के दौरान लगभग 10 मेगा वाट एंपियर MVA की अस्थायी बिजली आपूर्ति की आवश्यकता होगी।
*सर्वे की मांग:* पत्र में बिजली विभाग से अनुरोध किया गया है कि प्रस्तावित स्थान पर 10 बिजली आपूर्ति की संभावनाओं का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जाए।
*प्रस्तावित स्थान:* यह परियोजना रीवा जिले के रोझौही गांव के पास स्थापित की जानी प्रस्तावित है (भौगोलिक निर्देशांक: 24°52'32.15"एन 81°29'55.01"ई)
*विभागीय समन्वय:* इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को रीवा के संभागायुक्त की अध्यक्षता में एक अंतर-विभागीय समन्वय बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें राजस्व, वन, जल निगम, डब्लूआरडी, एमपीआईडीसी और मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
*सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाए गंभीर सवाल*
इस पूरे मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने मुखर होकर प्रशासन और संबंधित कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारी और कंपनी मनमाने रवैये पर उतारू हैं और स्थानीय लोगों के हितों व जनभावनाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहे हैं। द्विवेदी ने कहा, "बिना ग्रामीणों की सहमति और उनके अधिकारों की रक्षा किए इस तरह के संवेदनशील प्रोजेक्ट को जबरन थोपना सरासर गलत है। अधिकारियों की तानाशाही और कंपनी की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
*आंदोलन और तेज होने के आसार*
ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित होने और सामाजिक संगठनों के समर्थन के बाद अब इस मुद्दे पर बड़ा जन-आंदोलन खड़ा हो चुका है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक इस न्यूक्लियर पावर प्लांट के प्रस्ताव को रद्द नहीं किया जाता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।
हालांकि अपने पत्र में टाटा पावर ने इस परियोजना के सुचारू संचालन के लिए संबंधित विभागों से सहयोग की अपेक्षा भी जताई है।
*स्पेशल ब्यूरो रिपोर्ट रीवा मप्र*
No comments:
Post a Comment