Showing posts with label CCF. Show all posts
Showing posts with label CCF. Show all posts

Sunday, July 15, 2018

सिरमौर के सरई बीट जंगल में चल रही धांधली, वृक्षारोपण के नाम पर चल रही औपचारिकता, चेक डैम गायब (मामला ज़िले के सिरमौर वन परिक्षेत्र अन्तर्गत सरई बीट के जंगलों का जहां पर वृक्षारोपण कार्य में अनियमिता, अवैध तरीके से वनों की कटाई, और साथ ही चेक डैम निर्माण में हुई है धांधली)

दिनांक 15 जुलाई 2018, स्थान - सिरमौर वन परिक्षेत्र, रीवा मप्र 

(कैथा श्रीहनुमान मंदिर से, शिवानन्द द्विवेदी)

    कहां से बरसें बदरा, कैसे आये समय पर मानसून. जब जंगल पर्वत और पेंड़ पौधे ही नही रहे तो कैसे बनेगा प्राकृतिक संतुलन और कैसेl जीवित रहेगी हमारी धरती.

    आज जिस प्रकार से निरंतर वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जंगल पहाड़ को उत्खनन करके उजाड़ा जा रहा है स्वाभाविक है आने वाला समय हमारे लिए काफी मुश्किल होने वाला है.

सिरमौर सहित पूरे ज़िले के वनों में चल रहा वृक्षारोपण 

    जानकारी मिली की सिरमौर वन परिक्षेत्र सहित पूरे ज़िले के जंगलों में आजकल वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है. इसी बाबत भौतिक धरातल पर स्थिति देखने लालगांव उप वनपरिक्षेत्र के सरई बीट एरिया में जाया गया तो वहां जो देखा गया वह काफी चौकाने वाला मिला. सरई बीट के जंगलों के बीच खाली पड़े लगभग 30 हेक्टेयर के भूभाग में आंवला और शीशम के पेंड़ लगाए जा रहे हैं. यद्यपि इसकी कोई गारंटी नही की इनमे से कोई भी पेंड़ सर्वाइव कर पाएंगे. क्योंकि अभी पिछले दो से तीन सप्ताह से प्रारम्भ हुआ वृक्षारोपण का कार्य चल रहा है गड्ढे खोदे जा रहे हैं बाड़ियाँ लगाई जा रही है लेकिन जो पेंड़ पिछले हफ्ते लगाए गए हैं वह अभी से उजड़ गए हैं, सूख गए हैं. पेड़ों को ठेकेदार द्वारा लगवाया जा रहा है. यह जानकारी नही मिल पायी है की कितने पेंड़ लगाए जा रहे हैं और इसकी लॉगत कितनी है. पेड़ों को लगाने के लिए खोदे गए गड्ढों में न तो कोई खाद डाली गई है और न ही कोई कीटनाशक. सीधे गड्ढों को खोदकर पेड़ों को रख दिया गया है जबकि सिंचाई का तो प्रश्न ही उठता। सवाल यह है कि बिना अच्छी मानसूनी बारिस के कैसे शूखे में वृक्षारोपण किया जा रहा है।

हरे पेंड़ काटकर बनाया बाड़ी

    बता दें की जो देखा गया उसमे किये जा रहे पौधरोपण को सुरक्षित करने की औपचारिकता में आसपास के हरे धवैया के जंगली पेंड़ काटकर लगभग 30 हेक्टेयर की बाड़ी लगाई गई है. जब बीट के मुंसी प्रवीण गौतम से इस विषय में विस्तृत जानकारी चाही गई तो उनके द्वारा बताया गया की इसकी हमे जानकारी नही की कितना बजट आया है लेकिन कार्य ठेकेदार द्वारा करवाया जा रहा है साथ ही जो बाड़ी लगाई जा रही है वह पेड़ों को छांटकर लगाई जा रही है न की काटकर. लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा जो देखा गया वह सब अपने कैमरे में कैद कर लिया गया उसमे साफ दिख रहा था की मृत हो चुके और लगाए जा रहे इन पौधों के लिए पहले से ही मौजूद जंगल की हरियाली को किस तरह नष्ट किया जा रहा है. मुंसी प्रवीण गौतम द्वारा जिस प्रकार से बताया गया वैसा तो कुछ भी नही था बल्कि अंधाधुंध तरीके से उपस्थित पेड़ों की जमकर कटाई की गई है और उन्ही धवैया के काटे हुए पेड़ों की बाड़ी लगा दी गई है. इस बात की कोई गारंटी नही की लगाए गए एक भी पेंड़ जीवित रह पाएंगे लेकिन वृक्षारोपण के नाम पर पूरे सरई के जीवित पेड़ों की ऐसी की तैसी तो कर ही दी गई. 

चेक या स्टॉप डैम के नाम पर हुआ भ्रष्ट्राचार

    मात्र बात वृक्षारोपण में अनियमितता तक ही सीमित नही है यहां और भी मामले हैं जिनके कारण वन विभाग हमेशा की तरह कठघरे में है. आखिर गर्मियों में चेक अथवा स्टॉप डैम के नाम पर किया जाने वाला हर वर्ष के कार्य का क्या होता है? कहाँ चले जाते हैं चेक डैम के पत्थर? क्या वास्तव में यह कार्य होता भी है की बस सब कागजों में ही चलता है. 

     सिरमौर के सरई बीट एरिया में मानसेवी सुरक्षा वन कर्मियों बाबूलाल यादव एवं दसरथ यादव के साथ भ्रमण के दौरान पाया गया की इन दोनो मानसेवियों के अतिरिक्त अन्य कोई भी जंगल विभाग का कर्मचारी मौजूद नही था. जानकारी मिली की काम तो यहां कुछ न कुछ हर वर्ष होता है लेकिन सुरक्षा कर्मियों के अभाव में आसपास के रसूखदार अपने ट्रेक्टर ट्राली में सब भर ले जाते हैं.

    जब यह पूंछा गया की आखिर आप लोग भी तो समितियों के माध्यम से तैनात किये गए वन सुरक्षा कर्मी ही तो हैं तो उनके द्वारा बताया गया की हम मात्र नाम के सुरक्षा कर्मी हैं यहां हमारी कुछ नही चलती. वन समिति के सचिवों मुंसियों के द्वारा हमारी डेढ़ दो साल से पेमेंट रोककर रखी गई है. मुंसी रेंजर कहते हैं की हमे पेमेंट ही नही मिलेगी तो हम क्या करें? क्या हम मुफ्त में काम करते रहें? फिर भी हम दिन में भ्रमण करते रहते हैं और प्रयाश कर रहे हैं की कोई जंगल को नुकसान न पहुचा पाए. लेकिन जब भी हम कार्यवाही करवाते हैं तो मुंसी और डिप्टी रेंजर पैसे लेकर छोंड़ देते हैं तो हम क्या करें.

मानसेवियों की 2 साल से नही मिली पेमेंट

   जंगल विभाग में ग्राम वन समितियों के माध्यम से कार्यरत मानसेवी वन सुरक्षा कर्मियों की 2 साल से पेमेंट नही मिली है. मानसेवी दसरथ यादव, बाबूलाल यादव, कौशल यादव आदि द्वारा बताया गया की उनकी 2 वर्षों से रुकी हुई 3 हज़ार प्रतिमाह की पेमेंट नही दी जा रही है जबकि सभी ने नियमित रूप से कार्य किया हुआ है. पनगड़ी ग्राम वन समिति के राघुवेन्द्र पांडेय एवं रामसिया साकेत द्वारा भी बताया गया की उनकी भी 2 वर्षों के कोई पेमेंट नही मिली है जबकि सभी वनकर्मी नियमित कार्य कर रहे हैं. 

    बता दें की रीवा ज़िले के सिरमौर वन परिक्षेत्र के विभिन्न बीटों की ग्राम वन समितियों में कार्य कर रहे दर्जनों मानसेवी चौकीदारों की पेमेंट को वर्षों से नही दिया गया है जिसकी वजह से उनके परिवार के लिए भी भीषण समस्या की स्थिति निर्मित हो चुकी है. उनके अनुसार उनका परिवार दानों दानों के लिए मोहताज़ हो रहे हैं. इस बाबत सभी मानसेवियों ने व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से भी शिकायतें और आवेदन भी संबंधित वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष रखा है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नही हो रही है. जब इसके विषय में रेंजर, एसडीओ एवं डीएफओ से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया की यह कार्य समितियों का है की किसे रखें और किसे न रखें साथ ही चौकीदारों की पेमेंट भी समितियों के माध्यम से होता है. जिन जिन समितियों का गठन हर पांच वर्ष में नही हो रहा है उनके चौकीदारों को कार्य करने के वावजूद भी पेमेंट संबंधी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. इस बाबत सभी मानसेवी चौकीदारों ने एक स्वर में कार्यवाही की आवाज़ उठाई है.

संलग्न - संलग्न तस्वीरों में देखें -

  1) रीवा सिरमौर के जंगलों में सरई बीट वन क्षेत्र में औपचारिकता के तौर पर हो रहा वृक्षारोपण का कार्य.

   2) सरई बीट के जंगलों की कटाई की फ़ोटो.

    3) बनाये गए चेक और स्टॉप डैम की फ्लॉप स्थिति को बयान करते टूटे आउर उखड़े चेक डैम.

----------------------

शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोब 7869992139, 9589152587

Friday, July 15, 2016

(रीवा/भोपाल) PMO - प्रधानमंत्रीजी भारत सरकार के नाम PG Portal में दर्ज प्रकरण जिसमे रीवा में हो रहे वन अपराधों में संलिप्त वन अधिकारियों के तत्काल निलंबन की माग

नमस्कार भारत !!!

         जिस प्रकार मानव के साथ अत्याचार हो रहे हैं वैसे ही आज जीव जंतुओं के साथ भी अत्याचार हो रहे हैं. उनको भोजन के तो मारा ही जाता है पर जो जंगली जीव आज संवैधानिक रूप से प्रतिबंधित और संरक्षित  की श्रेणी में आते हैं उनको भी मारा जा रहा है. रीवा के जंगलों में नीलगायों, खरगोश, जंगली सूअर आदि का शिकार माफिया द्वारा वन विभाग के कर्मचारियों की सांठ गाठ से आज आम हो चुका है. दर्ज़नों फोटो विडियो, और ऐसे सबूत मौजूद हैं जो इस बात को चिल्ला चिल्ला कर बयां कर रहे हैं... जंगलों की अवैध कटाई, जंगली क्षेत्रों में अवैध उत्खनन, यह भी कोई नई बात नहीं है. सैकड़ों आरा मशीन हैं जो बिना लाइसेंस के चल रही हैं. खनिज विभाग का उत्खनन भी आज वन विभाग की ढाई सौ मीटर की रेंज के अन्दर हो रहा है. पर रीवा में इन सबकी अति हो चुकी है. जिन मामलों को वन विभाग के पास रखा जाता है उन पर भी कोई संज्ञान या कार्यवाही नहीं होती है. मध्य प्रदेश शासन द्वारा जनता की समस्याओं के निवारण के लिए दिल्ली की नक़ल पर चलाई गयी सी.एम. हेल्पलाइन पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और एक फ्लॉप शो है. सी.एम. हेल्पलाइन मात्र एंटरटेनमेंट का साधन बस है इसके अतिरिक्त कोई भी गंभीर प्रकरण का कोई भी समाधान इसमें संभव नहीं है. ऐसे ही हमने सैकड़ों प्रकरण सी.एम हेल्पलाइन में  दर्ज करवाए पर कोई भी उचित समाधान नहीं निकला. यह जो पत्र प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम  पी.जी. पोर्टल की मदद से लिखा गया है वह इसी सन्दर्भ में है. अब तक इन सबमे क्या कुछ हुआ इसका कोई पता रता नहीं है.. फिर भी उम्मीद कायम है... शिवानन्द द्विवेदी (सामाजिक एवं आर टी. आई कार्यकर्ता)


Status as on 15 Jul 2016
Registration Number:PMOPG/E/2016/0188936
Name Of Complainant:Shivanand Dwivedi
Date of Receipt:02 Jun 2016
Received by:Prime Ministers Office
Forwarded to:PS Forest
Officer name:US
Officer Designation:US
Contact Address:Vallabh Bhawan Mantralaya, Bhopal
Grievance Description:To, The Prime Mininer of India, Govt of India, New Delhi, INDIA. Subject – Regarding immediate suspension and removal of Sirmaur Forest officials – Ranger Mr. Bajpayee, Deputy Ranger of all sub-range such as Lalgaon Mr. K K Pandey, PATEHRA Deputy SAMAYRAJ Chaudhari, Sirmaur Deputy Ranger Mr. Shukla and TEOTHAR Deputy Mr. Lal Bihari Singh. Punitive actions needed also againnst Rewa forest division’s officials CCF/DFO/SDO for NOT taking lawful actions in CM helpline complaints and other written complaints dated – 29/06/2015 and 29/03/2016. Sir/Madam, Due to increasing forest offences in Sirmaur range of Rewa division we demand an immediate action and immediate removal and suspension of the forest officials seated in Sirmaur range and it’s all four sub range LALGAON, PATEHRA, SIRMAUR and TEOTHAR. The following charge sheet I hereby lodging against Sirmaur range forest officials and all of its four sub range: 1) The heavy illegal cutting down of the trees and plants that include medicinal plants taking place in all sub range LALGAON, PATEHRA, TEOTHAR and SIRMAUR itself. Forest officials such as Ranger Sirmaur Mr. Bajpayee, Deputy ranger LALGAON Mr. K K Pandey, Deputy Ranger PATEHRA Mr. Samayraj Chaudhari, Deputy Ranger SIRMAUR Mr. Shukla, and Deputy Ranger TEOTHAR Mr. LAL BIHARI SINGH, all are informed about illegal deforestation but no action taken by the Sirmaur ranger so far. 2) Heavy mining in all Sirmaur range area taking place. For instance in all sub range of LALGAON, PATEHRA, TEOTHAT and SIRMAUR we have enough proof to support our charges. 3) Illegal killing of forest animals also taking place in Sirmaur range and all the sub range are involved in this forest offences. We have again enough proof to show that Neel Gaye and Rozh was killed by the Mafia. 4) Illegal transportation of minerals such as stones, sands and other stone plates taking place inside the Sirmaur forest range. We have photos and videos to support our allegation. All the forest officials starting from CCF, DFO, SDO, Ranger and Deputy Rangers and also MUNSI and Forest GUARDS are involved in these illegal offences. 5) In RTI obtained dated 01/12/2015 at the office of Ranger Sirmaur, the new forest offences are revealed where about 10 lakhs of the plantation project, under Lalgaon sub range and in KANKAR and PANGADI beat, was only accomplished in papers and on the grounds no plantation is done. During an investigation which was also vedographed and photographed only 10 to 15 percent of the plants are seen in almost dead situation. 6) Wildfire was reported in almost every range of Rewa forest division and nothing was done by the CCF, DFO, SDO and Rangers of the Rewa forest divisions to prevent or to stop the wildfire. This matter was reported in several local and national newspapers and in TV channels. No action was taken to stop wildfire. In this wildfire many important medicinal plants as well as large scale forest burnt down. For other points please refer to the enclosed PDF file. Therefore based on our allegations and charges we demand with immediate effect the suspension and immediate removal of the all guilty forest officials of the Rewa forest division. ----------------- Sincerely SHIVANAND DWIVEDI (Social, Scientific, and RTI activist) Village KAITHA, Post AMILIYA, Police Station GARH, Tehsil MANGAWAN, District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117 Mob. +917869992139
Date of Action:16 Jun 2016

Shivanand Dwivedi
(Social, Scientific, Environmental and RTI activists)
National Coordinator – Shrimad Bhagavad Katha Dharmarth Samiti
(an NGO). Work also as Human Rights Activist, Freelance Reporter, Environmental and Animal Rights Activists.
Educational Qualifications - M.Sc in Mathematics (IIT Bombay), PhD Research & TA (Mathematics) – 1. TU-Darmstadt GERMANY, 2. Ulm University GERMANY, 3. Milan University ITALY. Research visits in FRANCE, SPAIN, and PORTUGAL.
Mob.07869992139. Email:- Shivanand.Dwivedi@Gmail.com



(रीवा/भोपाल) प्रधानान्त्री जी भारत सरकार के नाम PMO PG Portal में दर्ज प्रकरण - Deforestation, illegal mining, illegal Poaching in Rewa Forest Division, strict and Punitive Actions needed

नमस्कार भारत!
           
          रीवा जिले के वन विभाग में व्याप्त घोटाले के सन्दर्भ में प्रधानमंत्री जी भारत सरकार के नाम यह प्रकरण/प्रपत्र २९ मई सन २०१६ को मेरे द्वारा पीएमओ PG Portal  में दर्ज करवाया गया था. यह सम्पूर्ण प्रकरण रीवा जिले के लगभग सभी वन परिक्षेत्रों और विशेषकर सिरमौर वन परिक्षेत्र में हो रही अंधाधुंध वनों की कटाई, अवैध उत्खनन, और अवैध जंगली जानवरों के शिकार के सन्दर्भ में थी. इस सन्दर्भ में पर्याप्त सबूत हैं और पहले भी अन्य आर्टिकल में ऐसे कई फोटो, विडियो, और डाक्यूमेंट्स अपलोड किये जा चुके हैं. अभी इस प्रकरण में भी आज के दिनांक में कार्यवाही होती हुई बतायी जा रही है...

         मैं पुनः यहाँ पर यह कहूँगा की भारत सरकार विश्व समुदाय के समक्ष जो बहुत बढ़ चढ़कर ग्लोबल वार्मिंग, क्लाइमेट चेंज, और पर्यावरण संरक्षण की बातें कर रही है तो क्या वह यहाँ पर जबाब देने के लायक है की उसने अपने देश और राज्यों में पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीव अधिकार के विषय में क्या कदम उठाये हैं? यदि इन प्रकरणों के सार्थक समाधान नहीं निकले तो हम सब यह जान लें की भारत और राज्य सरकारें मात्र प्रोपगंडा फैला रही  हैं और इसके अतिरिक्त कुछ नहीं कर रही है....विदेशी समुदाय के सामने क्लाइमेट चेंज, ग्लोबल वार्मिंग पर्यावरण संरक्षण का रोना-रोकर खूब जमकर विदेशी फंडिंग जमा करके मात्र उसका दुरूपयोग और घोटाले हो रहे हैं और कुछ नहीं हो रहा है...जय हिन्द जय भारत !!!

   देखें मूल प्रकरण की कॉपी ठीक अंग्रेजी में नीचे--- शिवानन्द द्विवेदी (सामाजिक और आर टी आई कार्यकर्ता)
-------------------------

Status as on 15 Jul 2016
Registration Number:PMOPG/E/2016/0181312
Name Of Complainant:Shivanand Dwivedi
Date of Receipt:29 May 2016
Received by:Prime Ministers Office
Forwarded to:MULTI
Officer name:MULTI
Officer Designation:MULTI
Contact Address:MULTI
MULTI
700053
Contact Number:24003925
Grievance Description:To, Date:-29/05/2016 The Prime Minister of India, Place:-REWA MP New Delhi. INDIA. Subject – Regarding illegal deforestation, illegal killing of forest animals, illegal mining and illegal transportations of mining and forest substances in Rewa division of Madhya Pradesh state. Ref.- Please refer to the written complaints given to the DFO/CCF Rewa dated 29-06-2015 and 29-03-2016, CM helpline complaints, letter to the SDM Sirmaur and other Newspapers cutting and copies. Sir/Madam, I would like to bring into your kind notice the above subjected matter of forest related offences that is on high in Rewa division. Several applications/complaints has been registered in last 2 years in REWA, Bhopal and in CM helpline of Madhya Pradesh state but no meaningful and corrective/punitive measures has been taken. Please find the attached PDF file with this message for the detail information on this public issues of public importance and help us to save the environment and eco-system of India. ----------------- Sincerely SHIVANAND DWIVEDI (Social, Scientific, and RTI activist) Village KAITHA, Post AMILIYA, Police Station GARH, Tehsil MANGAWAN, District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117 Mob. +917869992139
Date of Action:08 Jun 2016

-----------------
SHIVANAND DWIVEDI
(Social, Scientific, and RTI activist)
Village KAITHA, Post  AMILIYA,
Police Station GARH, Tehsil  MANGAWAN,
District REWA, Madhya Pradesh. PIN – 486117
Mob. +917869992139

Shivanand Dwivedi
(Social, Scientific, Environmental and RTI activists)
National Coordinator – Shrimad Bhagavad Katha Dharmarth Samiti
(an NGO). Work also as Human Rights Activist, Freelance Reporter, Environmental and Animal Rights Activists.
Educational Qualifications - M.Sc in Mathematics (IIT Bombay), PhD Research & TA (Mathematics) – 1. TU-Darmstadt GERMANY, 2. Ulm University GERMANY, 3. Milan University ITALY. Research visits in FRANCE, SPAIN, and PORTUGAL.
Mob.07869992139. Email:- Shivanand.Dwivedi@Gmail.com





Wednesday, July 13, 2016

रीवा जिले के वन विभाग की दुर्दशा - सम्पूर्ण रीवा के जंगलों में अवैध कटाई, अवध शिकार और अवैध उत्खनन साथ ही वृक्षारोपण के कार्यों में पिछले पांच वर्ष में भारी धांधली- वृक्षारोपण मात्र कागजों तक सिमटा

नमस्कार भारत !!!

   आपको जानकर ज्यादा हैरानी नहीं होनी चाहिए की लगभग मध्य प्रदेश में सभी विभागों की तरह वन विभाग में भी भ्रष्ट्राचार का असीमित सिलसिला जारी है. पैसे लेकर रेंजर, डिप्टी रंजरों, डी.एफ.ओ.,एस.डी.ओ. सी.सी.एफ. द्वारा वनों में अवैध कटाई, अवैध उत्खनन और अवैध शिकार करवाया जा रहा है. यह बात मात्र आरोप की नहीं है हमारे पास दर्ज़नों पुख्ता प्रमाण पूरे आर टी आई, फोटो, विडियो, ऑडियो के साथ उपलब्ध हैं. हमसे जितना हो सकेगा उतना यहाँ पर एक एक करके अपलोड कर रहा हूँ.

भारत के प्रधानमंत्री भी देखें और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी पढ़ें. 

सबके लिए यह खुला दरवाज़ा है आयें और पढ़े देखें...

ऐसे कागजों पर चल रहा है शाइनिंग इडिया, बढ़ता भारत, उगता भारत, बदलता भारत और ग्रामोदय से भारतोदय...

क्लाइमेट चेंज के नाम पर भारत सरकार वर्ल्ड बैंक, और विदेशी समुदाय को मूर्ख बना रही है, इसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण का हाल है. ऐसे प्रोपगंडा करने से कुछ हासिल नहीं होगा... समय है कड़े कदम उठाने के...

आइये देखिये वन और पर्यावरण विभाग की दुर्दशा...

जब बात अंतिम कार्यवाही के लिए, सस्पेंशन और टर्मिनेशन के लिए जाती है तो मध्य प्रदेश के मंत्री मिनिस्टर और विधायक सांसद अपने वोट बैंक को नुक्सान होते देख कार्यवाही रुकवा देते हैं. भरसक प्रयास में रहते हैं की कहीं वोट बैंक न विगड़ जाये... या की ये महानुभाव अपने वोट बैंक को देख लें या देश और समाज के वास्तविक विकास को.  विकल्प इनके पास खुले हैं क्योंकि कहीं न कहीं हर व्यक्ति ऐसे में किसी न किसी से समाज में जुड़ा  हुआ है तो यदि अपने वोट बैंक को बचाने, अपने भाई परिजन और रिश्तेदारों  को बचाने और गलत कार्य करने वालों को सह देने का सिलसिला जारी रहा तो आदमी की तो कोई औकाद ही नहीं है साक्षात् भगवान् भी यदि अवतार लेकर भारत में आ जाये तो उसे भी कलयुग के भारतीय कौरवों से लड़ना पड़ेगा.. ऐसी है यहाँ की दुर्दशा...

विकास चाहिए या विनाश सुनिश्चित कर लें... पर्यावरण और वनों को संरक्षित करना होगा नहीं तो आज अल्प वृष्टि, अति वृष्टि, शूखा-अकाल, और बाढ़, बढता तापमान, क्लाइमेट चेंज, पर्यावरण असंतुलन, ग्लोबल वार्मिंग आदि से नहीं निपटा जा सकेगा..

 जनता के खून पसीने की कमाई जी.डी.पी. और टैक्स के रूप में जो तनख्वाह स्वरुप इनको जो दी जा रही है उसके साथ नमक हरामी करने वालों के ऊपर सख्त और दंडात्मक कदम उठाने होंगे...

जय हिन्द जय भारत .....