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Thursday, November 1, 2018

रीवा - गंगेव कृषि विभाग में बीजों की कालाबाजारी का दौर (मामला ज़िले के गंगेव ब्लॉक का जहां पर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग में बीजों की हो रही कालाबाजारी, चोरी होना बताया जाकर पूरे बीज का हो रहा बंदरबाट)


दिनांक 2 नवंबर, 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा

  (शिवानन्द द्विवेदी, रीवा)

     ज़िला रीवा अन्तर्गत गंगेव किसान कल्याण एवं कृषि विभाग में किसानों को सब्सिडी एवं क्लस्टर प्रदर्शन में दिए जा रहे बीजों की कालाबाजारी का दौर चल रहा है. 

    किसानों को अनुदान और सब्सिडी में आने वाला धान, सोयाबीन, राई, अरहर, उड़द, मसूर आदि खरीफ के बीज की कालाबाजारी कर दी गई और जब किसान बीज लेने ब्लॉक में पहुचा तो उसे बता दिया गया की पचासों क्विंटल उड़द, मूग, अरहर आदि के बीज चोरी हो गए.

 रीवा कृषि डायरेक्टर सिंगाड़िया एवं भोपाल निदेशालय तक भेजी जानकारी 

   गंगेव कृषि विकाश विभाग एवं किसान कल्याण विभाग में खरीफ वर्ष 2018 में बतायी गई पचासों क्विंटल महत्वपूर्ण और अत्यंत कीमती कई लाख रुपये के बीजों की चोरी का मामला न केवल रीवा कृषि विभाग के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अधिकारियों जैसे एससी सिंगाड़िया और डीडीए एवं एसडीओ त्योंथर मनीष मिश्रा को दी गई बल्कि मामला उच्चस्तर तक भोपाल निदेशालय तक भेजा जा चुका है. कृषि विभाग के मप्र शासन के सबसे बड़े अधिकारी एवं उससे नंबर दो अधिकारी तक पूरी बात सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा मोबाइल फ़ोन और ट्विटर आदि के मॉध्यम से पहुचा दी गई है और किसानों के अधिकारों में डाले जा रहे है डाके की जांच कर कठोर कार्यवाही की माग की गई है.

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर कार्यवाही की माग 

   बीजों की निरन्तर हो रही कालाबाजारी की शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 मप्र शासन में भी की गई है जिंसमे शिकायत क्रमांक के मॉध्यम से सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा गंगेव कृषि विभाग के एसएडीओ एवं त्योंथर एसडीओ एवं डीडीए मनीष मिश्रा जो की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे हैं इन्हें तत्काल हटाये जाने एवं कार्यवाही की माग की गई है.

नही दर्ज है कोई एफआईआर

   कृषि अधिकारियों द्वारा बीज चोरी होना तो बता दिया गया लेकिन जब इस संबंध में जानकारी चाही गई की क्या इस संदर्भ में गंगेव कृषि विभाग द्वारा कोई प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है तो गंगेव के प्रभारी एसएडीओ बीरेंद्र सिंह चौहान और बसंत गौतम एवं  अरोरा द्वारा बताया गया की हमने लिखित कंप्लेन मनगवां थाना और गंगेव चौकी में दी लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नही की गई.

गंगेव चौकी प्रभारी ने बताया संदिग्ध

   गंगेव कृषि विभाग में खरीफ 2018 के पचासों क्विंटल कई लाखों रुपये के बीज की चोरी सम्बन्धी घटना की जब जानकारी चाही गई तो चौकी प्रभारी गंगेव द्वारा बताया गया की पूरा मामला संदिग्ध है. चौकी प्रभारी ने आगे बताया की कुछ लोगों द्वारा जानकारी दी गई है की बीजों की चोरी ऐसे संभव नही है अतः इस बात को भी ध्यान में रखते हुए गंगेव कृषि विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी कर्मचारियों के मोबाइल फ़ोन ले लिए गए हैं एवं साइबर सेल में दे दिए गए हैं जिससे यह पता किया जा सके की जिस रात और उसके पहले और बाद के दिनों में उन कर्मचारियों की किस किस से बात हुई है और जब चाभी कृषि कर्मचारियों के पास थी तो कैसे संभव हुआ की इतनी व्यापक पैमाने पर चोरी हो गई और भरे बाजार में किसी को पता तक नही चला, इन सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी.

  यद्यपि चौकी प्रभारी ने अभी तक साइबर सेल में भेजे गए मोबाइल डिटेल के विषय में हुई अब तक की कार्यवाही के विषय में कोई स्पष्ट जानकारी नही दी है. बताया गया की भी जांच चल रही है.

  6 माह होने को हैं और नही पूरी हुई जांच

   अब सबसे बड़ी बात यह है की गंगेव कृषि विभाग में पचासों क्विटल कई लाखों रुपये के बीजों की चोरी होना खरीफ 2018 के प्रारंभिक जुलाई में बताया गया लेकिन आज रवी सीजन 2018-19 आने को है और अगले छमाही की फसल का सीजन आ चुका है लेकिंन मनगवां पुलिश विभाग द्वारा आजतक न तो इस विषय में कोई प्रॉपर एफआईआर दर्ज की गई है और न ही कोई सार्थक जांचकर रिपोर्ट सौंपी गई है जिससे मामला और भी संदिग्ध बताया जा रहा है और विभागीय सहभागिता की बू आ रही है. 

  संलग्न- किसान कल्याण एवं कृषि विकाश विभाग के समक्ष उपस्थित किसान.

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शिवानन्द द्विवेदी

सामाजिक कार्यकर्ता

ज़िला रीवा, मप्र, मोब 9589152587, 7869992139

Wednesday, September 5, 2018

गंगेव कृषि विभाग के सामने फेंकी मरी गाय, महामारी की संभावना (मामला ज़िले के गंगेव ब्लॉक का जहां पर कृषि विभाग एवं न्यायालय तहसीलदार के सामने एवं सीईओ कार्यालय के बाजू में मरी गाय फेंक दी जिससे महामारी फैलने की बनी संभावना)

दिनांक 05 सितंबर 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा, मप्र

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  ऐरा छोंडे गए मवेशियों की आये दिन सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हो रही है. राष्ट्रीय राजमार्ग 27 के आसपास ऐसे दर्जज़ों सड़ांध और दुर्गंध देते मवेशी मिलेंगे. अभी हाल ही में पिछले दिनों एक मृत गाय को गंगेव बाजार के पास किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के सामने फेंक दिया गया था. बता दें की वहीं कृषि विभाग के बाजू में ही न्यायालय नायब तहसीलदार एवं सीईओ जनपद पंचायत कार्यालय के बगल में ही पड़ी यह गाय दिनाँक 04 सितंबर की शाम तक वहां पर उपस्थित ग्रामीणजनों और आसपास के राहवाशियों सहित सरकारी कर्मचारियों का जीना दूभर किये हुए थी.

कृषि कर्मचारियों ने जाहिर की अक्षमता

   जब इस मृत और कृषि विभाग के सामने फेंकी गई गाय के विषय में गंगेव कृषि कर्मचारियों से बात की गई तो बसंत गौतम और प्रिंस द्विवेदी द्वारा बताया गया की इस मरी हुई गाय को पिछले चार दिन पहले से फेंक दिया गया है. इसे यहां पर रात में फेंका गया होगा क्योंकि दिन में फेंका जाता तो देख पाते. पहले लोगों ने आपस में शिकवा शिकायतें की लेकिन किसी ने जिम्मेदार स्थानीय निकाय को सूचना नही दी. जबकि देखा जाय तो कई दुकानदार और बैंक भी वहीं पर स्थित हैं.

सामाजिक कार्यकर्ता ने डायल 100 को दी जानकारी

  दिनाँक 04 अगस्त 2018 की दोपहर कृषि विभाग संबंधी कार्य और जानकारी लेने के उद्देश्य से जब वहां पर पहुचा गया तो सड़े हुए मृत पड़े मवेशी की दुर्गंध से जीना दूभर हो गया. सांस लेना मुश्किल पड़ रहा था जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता ने कृषि विभाग के कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की तो उक्त सभी बातों की जानकारी मिली. इस पर आनन फानन में कुछ समझ न आने मृत मवेशी की दूर से फ़ोटो लेकर ट्विटर के माध्यम से मप्र पुलिश की डायल 100 सेवा पर सूचना प्रेषित कर दी गई जिस पर गंगेव एफ आर वी से फ़ोन आया जानकारी चाही गई. एफ आर वी में तैनात कर्मचारी ने कहा की जब मवेशी फेंका गया था तब सूचना देनी थी अब इतने दिन बाद क्यों दे रहे हैं. इस बात पर पुलिशकर्मी को बताया गया की यह कार्य कृषि विभाग के कर्मचारियों, नायब तहसीलदार कार्यालय कर्मियों तथा सीईओ जनपद का कार्य था अथवा गंगेव बाजार के आसपास रहने वाले दुकानदारों का कार्य था की पुलिश को पहले सूचना देते. सामाजिक कार्यकर्ता गंगेव कार्यालय कभी कभी आता है अतः यह संभव नही था की जब मवेशी फेंका गया उस समय सामाजिक कार्यकर्ता वहां पर बैठा रहे.

मढ़ी-खुर्द सचिव सरपंच को सूचना पर भी देर रात तक नही हटाया मृत गाय

    बताया गया की यह मामला गंगेव जनपद की मढ़ी खुर्द पंचायत का था. जिंसमे स्थानीय निकाय और पंचायत विभाग की जिम्मेदारी थी की इस मृत मवेशी को वहां से हटाया जाए. इस पर जब मढ़ी-खुर्द के सचिव को बुलाया गया तो उसके द्वारा बताया गया की पंचायत की जिम्मेदारी नही है क्योंकि पंचायत के किसी क्लॉज़ में यह नही लिखा है की मृत मवेशी को फेंका जाय. वहरहाल जानकारों से पता चला की किसी भी जगह यदि मवेशी मृत पाया जाय, कूड़े गंदगी का ढेर हो अथवा साफ सफाई की स्थिति हो उसमे स्थानीय निकाय की ही जिम्मेदारी तय होती है अतः सचिव सरपंच का अपनी जिम्मेदारी से मुकरना गलत है. इसमे पंचायत की ही जिम्मेदारी है क्योंकि आकस्मिक व्यय के लिए पंचायत में मद भी आता है.

देर रात तक नही हटाया गया मृत मवेशी

  सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा देर रात गंगेव एफ आर वी के डायल 100 स्टाफ से जानकारी चाही गई तो बताया गया की डायल 100 ने मढ़ी खुर्द के सरपंच सचिव को जानकारी दे दी थी लेकिन इसकी पुख्ता जानकारी नही है की मवेशी हटाया गया की नही. जेसीबी लगवाकर मवेशी हटाने की बात सरपंच सचिव ने कही थी.

इसके पूर्व भी मढ़ी खुर्द में ट्रक से मरे थे आधा दर्जन मवेशी

   बता दें की गंगेव निवासी ब्रिज किशोर तिवारी के माध्यम से कुछ दिन पहले जानकारी मिली थी की ट्रक और वाहन की चपेट में आकर लगभग आधा दर्ज़न मवेशी मारे गए थे जिन्हें बायपास के पीछे फेंक दिया गया था जिनको वहां से न उठाये जाने के कारण महामारी जैसी स्थिति निर्मित हो गई थी जिसके विषय में सामाजिक कार्यकर्ता को सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा विभाग के वेटेरिनरी सर्जन एस के पांडेय को सूचित किया गया था. तब जाकर उन मृत मवेशियों को हटवाया गया था.

संलग्न - कृपया देखें गंगेव कृषि विभाग के सामने मृत पड़ी गाय की सड़ांध लिए हुए दुर्गध देती मृत गाय की फ़ोटो जिंसमे बायोलॉजिकल रिएक्शन के कारण कीड़े भी पड़े हुए हैं.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा, मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139