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Wednesday, January 17, 2018

Rewa, MP - मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले वृद्ध, दिव्यांग, एवं विधवाओं को किया जा रहा परेशान, सिर्फ मंगलवार को 3 घंटे दी जाती है पेंशन, कीओस्क सेंटर वाले लेते हैं एक्स्ट्रा पैसे

दिनांक 17 जनवरी 2018, गढ़ रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी रीवा मप्र)

      ज़िले के मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ में  महज 300 से 500 रुपये प्रतिमाह  सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को बेतहासा परेशान किया जा रहा है। कई बैंक हितग्राहियों ने कीओस्क संचालकों पर भी मनमानी करने एवं पैसे निकासी पर अतिरिक्त चार्ज लगाने की भी शिकायतें की हैं। वहीं इस विषय पर सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा मध्यांचल ग्रामीण बैंक के जिला प्रबंधक से बात करने पर ज्ञात हुआ कि सभी कीओस्क संचालकों को बैंक द्वारा बेतन दिया जाता है अतः अतिरिक्त चार्ज लगाने का प्रश्न नही उठता। वहीं कैथा ग्राम से बैंक पहुची एक हितग्राही शुखमंती केवट पति स्व. साधूलाल केवट का कहना था कि वह वृद्ध विधवा महिला पिछले 4 माह से अधिक समय से बैंक के चक्कर लगा रही है परंतु उसके मृतक पति के बैंक खाते में जमा राशि पति के मरणोपरांत पीड़ित महिला को नही दी जा रही जबकि उसने सभी कागजात नोटरी से बनाकर मृत्यु प्रमाण पत्र सहित लिए हुए है लेकिन बैंक मैनेजर द्वारा उसे घुमाया जा रहा है।

     दिनांक 16 जनवरी 2018 को दोपहर 2 बजे के आसपास मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ के प्रांगण में उपस्थित हितग्राहियों द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता को अपने साक्षात्कार में बैंक संबंधी कई समस्याओं का जिक्र किया गया जिनमे से बैंक प्रांगण में वृद्धों, विधवाओं दिव्यांगों के लिए बैंक परिसर में कोई उचित व्यवस्था का न होना, मात्र सप्ताह के मंगलवार को ही पेंशन दिया जाना, पास ही संचालित कीओस्क केंद्रों द्वारा स्वयं की भी राशि निकासी पर अतिरिक्त 10 रुपये से लेकर ज्यादा तक राशि लिया जाना और साथ ही पहुच वाले लोगों का काम फटाफट कर गरीब विकलांग और वृद्ध हितग्राहियों को शुबह से शाम तक कतार में खड़े रहकर इन्तज़ार करवाना और दोपहर दो बजे के बाद उन्हें वापस भेज देना आदि समस्याएं प्रकाश में आईं।

    इन पीड़ित हितग्राहियों द्वारा माग की गई कि बैंक प्रबंधन सहित सरकार इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर वृद्धों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए बैंक में अलग से व्यवस्था करे जिससे उन्हें परेशान नही होना पड़े और साथ ही पेंशन सप्ताह के सभी दिनों वितरित किये जाने की भी माग की गई है। सभी ने एक स्वर में बैंक प्रबंधन के सप्ताह में मात्र एक दिन मात्र 3 घंटे के लिए पेंशन वितरित किये जाने संबंधी तुगलकी फरमान की निंदा की और इसे बदले जाने की माग रखी।

 संलग्न - मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ के बाहर परेशान दिव्यांगों, वृद्धों एवं विधवाओं के फोटो ग्राफ। साथ मे यूट्यूब वीडियो का भी लिंक।

- शिवानंद द्विवेदी सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139


Thursday, March 9, 2017

(Rewa, MP) मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ में जारी है भर्रेसाही – मात्र मंगलवार को बांटी जाती है गरीब वृद्धों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महीने भर होता है भटकना


दिनांक - 10/03/2017, स्थान - गढ़/गंगेव/कांकर/तेंदुआ - रीवा मप्र

मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ में जारी है भर्रेसाही – मात्र मंगलवार को बांटी जाती है गरीब वृद्धों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महीने भर होता है भटकना

(गढ़/तेंदुआ/गंगेव/कांकर, रीवा मप्र – शिवानन्द द्विवेदी) गढ़ थाने के ठीक सामने स्थित मध्यांचल ग्रामीण बैंक में भर्रेसाही बराबर जारी है. अंग्रेजी काल का भारतीय स्टेट बैंक अभी कुछ वर्ष पूर्व उस समय के रीवा-सीधी ग्रामीण बैंक को अपने अंतर्गत/सम्बद्ध लेकर इसका नाम परिवर्तित कर इसे मध्यांचल ग्रामीण बैंक नाम दिया. मगर नए नाम का तमगा मिलने के वावजूद भी और एसबीआई से सम्बद्ध होने के वावजूद भी लगता है मध्यांचल ग्रामीण बैंकों की कार्य प्रणाली में कोई विशेष वदलाव नहीं दिख रहा है.
बैंकिंग सेक्टर में कोई भी ऐसे नियम कानून नहीं होते जो मनमुताबिक बना लिया जाए और मनमुताबिक लगा दिया जाय. और कम से कम ऐसे नियम तो बिलकुल नहीं जो ग्राहकों के लिए असुविधा का कारण बनें. मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ में तो ऐसा लगता है की यहाँ के बैंक मेनेजर और कर्मचारियों की ही बस मनमानी चलती है. अब इसी बात को देखें की किस प्रकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले बुजुर्ग वृद्ध, विधवा, विकलांग लोगों को मात्र मंगलवार के दिन पेंशन देने के लिए बुलाया जाता है. और यदि दुर्भाग्यबस यदि इन बेचारों को इनकी पेंशन मंगलवार को भीड़ होने के कारण नहीं मिल पाई तो फिर इन्हें पूरे सप्ताह भर इंतज़ार करना पड़ता है क्योंकि अन्य दिनों चाहे यह बेचारे कितना भी प्रयास कर डालें इन्हें बैंक मेनेजर द्वारा पेंशन नहीं दी जाएगी. ऐसे में यदि कोई वृद्ध, असहाय, विकलांग की आवश्यकता है अथवा कोई मेडिकल कंडीशन निर्मित हो जाये तो उसे मरना तय है क्योंकि उसके पास कोई दूसरा सहारा नहीं है. आखिर वह बुड्ढा पैसा लायेगा तो लायेगा कहाँ से?

मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ का मात्र मंगलवार को पेंशन देने के तुगलकी फरमान में बदलाव होना अति आवश्यक

ऐसे में प्रश्न यहं उठता है की यदि मध्यांचल ग्रामीण बैंक अथवा कोई भी बैंक यदि सभी दिनों अपने बैंकों में आम जनता का पैसा जमा करवा सकता है, और अन्य कोई भी सख्स पैसे निकाल रहा है तो आखिर सामाजिक सुरक्षा पेंशन की कुछ रुपये पाने वाले हितग्राहियों के साथ ऐसा अन्याय क्यों किया जा रहा है की उन्हें भर मात्र मंगलवार को पैसा मिलता है अन्य दिनों नहीं. इस सन्दर्भ में एक दिन सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ के प्रांगण में जाकर वहां पर उपस्थित वृद्ध विकलांग हितग्राहियों से संपर्क कर उनसे इनकी व्यथा पूँछी गयी इनका इंटरव्यू लिया गया तो सभी उपस्थित हितग्राहियों ने अपनी पूरी दुःख दर्द से भरी कहानी सुनायी और सभी एक स्वर में चाहते थे की मात्र मंगलवार को पेंशन देनें का बैंक का तुगलकी फरमान बिलकुल उचित नहीं है और इसे बदलना चाहिए.

संलग्न – कृपया संलग्न फोटोग्राफ एवं यूट्यूब विडियो देखने का कष्ट करें जिसमे मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा गढ़ के सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के फोटो संलग्न हैं.

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Sincerely Yours,
Shivanand Dwivedi
(Social, Environmental, RTI and Human Rights Activists)
Village - Kaitha, Post - Amiliya, Police Station - Garh,
Tehsil - Mangawan, District - Rewa (MP)
Mob - (official) 07869992139, (whatsapp) 09589152587
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