Showing posts with label veterinery dept. Show all posts
Showing posts with label veterinery dept. Show all posts

Saturday, September 22, 2018

गढ़-लालगांव क्षेत्र में "बाद" या एफएमडी बीमारी के मवेशियों का कैम्प लगाकर हुआ उपचार (ज़िले के गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत आने वाले गढ़ एवं लालगांव क्षेत्र में एफएमडी या बाद के मवेशियों का कैम्प लगाकर किया गया उपचार)

दिनाँक 22 सितंबर 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र

(कैथा श्रीहनुमान मंदिर से, शिवानन्द द्विवेदी)

 बरसात में पशुओं को होने वाली "बाद" या एफएमडी फुट एंड माउथ डिजीज नामक बीमारी का इलाज करने के लिए गढ़ वेटेरिनरी सर्जन विवेक मिश्रा एवं लालगांव क्षेत्र के औषधालय में कार्यरत समयलाल साहू, अंकित पांडेय सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित हुए जिंसमे हिनौती एवं सेदहा ग्राम पंचायत से जुड़े हुए जंगली क्षेत्रों गदही, रवार, सन्नसिया डांडी एवं भमरिया में पहुचकर इलाज किया गया. मवेशियों के घाव को धोकर उसमे दवाईयां डाली जाकर मलहम भरा गया. कुछ मवेशियों को इंजेक्शन भी लगाए गए. इस बीच ग्राम क्षेत्र के उपस्थित सहयोगियों में गोसेवक संतोष केवट, अरुणेंद्र पटेल, देवेंद्र सिंह, यज्ञनारायण केवट सहित अन्यलोग उपस्थित रहे।

एंटीबायोटिक सहित दो इंजेक्शन के साथ फिनायल से घाव धोये

 बीमारी के इलाज के दौरान घाव को सबसे पहले फिनायल से धोया गया एवं इसके बाद दो इंजेक्शन लगाए गए।

   कुल एक दर्जन 12 मवेशियों के इलाज किये गए जिनमे से पहली गाय हिनौती खरीदी केंद्र के पास बनाये गए बाड़े के पास मिले। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने गदही की तरफ रुख किया जहां पर सन्नसिया की डांडी में कुल 11 और इन्फेक्टेड मवेशी मिले जिनमे से बहुतायत में गायें थीं। ये गायें चल फिर पाने में पूरी तरह से असमर्थ थीं। इन गायों की खुरों से निरंतर खून प्रवाहित हो रहा था। कईयों के मुंह भी संक्रमित मिले जिनको चरने में काफी परेशानी हो रही थी। 

   सामाजिक कार्यकर्ता एवं वीएस की उपस्थिति में हुआ इलाज 

   सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी एवं गढ़ पशु चिकित्सा विभाग के सहायक पशु चिकित्सा सर्जन विवेक मिश्रा के मार्गदर्शन उपस्थित गोसेवकों अंकित पांडेय, समयलाल साहू , संतोष केवट, अरुणेंद्र पटेल, देवेंद्र सिंह ने अच्छा सहयोग देते हुये सभी संक्रमित गायों को पकड़कर इंजेक्शन एवं फिनायल से इलाज करवाने में मदद किये। समयलाल साहू एवं अंकित पांडेय ने सभी संक्रमित गायों को इंजेक्शन लगाया।

   अब अगले चरण में एकबार फिर इलाज किया जाएगा जिंसमे सोमवार को वेटेरिनरी डॉक्टर आकर पुनः मवेशियों के इलाज करेंगे एवं आवश्यकतानुरूप इंजेक्शन लगाएंगे।

 संलग्न - संलग्न तस्वीर में देखें पशु चिकित्सकों की उपस्थिति में हो रहे इलाज की फ़ोटो.

--------------------

शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, 

 ज़िला रीवा मप्र, मोबाइल 9589152587, 7869992139

Thursday, August 30, 2018

16 लाख की लॉगत और मात्र एक माह में हुआ खस्ताहाल (मामला ज़िले के गंगेव जनपद अन्तर्गत आने वाले देवास पशु औषधालय का जिंसमे सरकार के 16 लाख पानी में बहा दिए गए, ठेकेदारों की मनमानी के चलते हुआ घटिया निर्माण, पशु औषधालय एक माह में हुआ क्षतिग्रस्त)

दिनाँक 31 अगस्त 2018, स्थान - गंगेव/देवास, रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  निर्माण एजेंसियों एवं सिविल कंस्ट्रक्शन के कार्यों में व्याप्त व्यापक भष्ट्राचार का एक और जीता जागता उदाहरण सामने आया है. ज़िले के गंगेव ब्लॉक अन्तर्गत आने वाले देवास पंचायत में इसी 5 जून 2018 को 16 लाख की लॉगत से बनाया गया पशु औसाधालय पशु चिकित्सा विभाग को ठेकेदारों द्वारा हैंडओवर किया गया था. पशु औसधालय में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा बताया गया की बनने के एक माह के भीतर ही इस पशु औषधालय की फर्स और दीवालों में लगाई गई टाइल्स और दूसरे सामग्री टूट गए. बिल्डिंग में दरार आ गईं. टाइल्स उखड़ गई, टूट गईं. साथ ही राखड़ और डस्ट उपयोग किये जाने एवं सही अनुपात न रखे जाने के कारण पूरा का पूरा औषधालय भवन ही क्षतिग्रस्त होने की कगार पर आ गया है. बेबाकशक्ति न्यूज़ ग्रुप में देवास संवाददाता द्वारा जब पशु औषधालय में कार्यरत कर्मचारियों से जानकारी चाही गई तो उनके द्वारा बताया गया की किसी शम्भू मिश्रा नामक ठेकेदार द्वारा कार्य ठेके पर लिया जाकर किसी गुड्डू यादव नामक पेटी कॉन्ट्रेक्टर द्वारा कार्य करवाया गया था जिंसमे गुणवत्ता की भारी अनदेखी की गई है जिससे भवन निर्माण के मात्र एक माह के भीतर ही भवन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है. कार्यरत कर्मचारियों द्वारा बताया गया की अब उन्हें इस भवन परिसर में कार्य करने में खतरा महसूस होता है की कहीं यह भवन टूटकर उनके ऊपर न गिर जाए. इस बाबत सभी कर्मचारियों सहित देवास ग्राम पंचायत के ग्रामवासियों ने ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के ऊपर दंडात्मक कार्यवाही की माग की है.

संलग्न - कृपया संलग्न तस्वीरों में देखें देवास पंचायत अन्तर्गत बनाये गए पशु औसाधालय की दरार पड़ी बिल्डिंग और उखड़े हुए टाइल्स आदि की फ़ोटो.

----------------------

शिवानन्द द्विवेदी, समाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, ज़िला रीवा मप्र

मोबाइल 7869992139, 9589152587

Friday, June 15, 2018

रीवा से आये वेटेरिनरी सर्जन श्री त्रिपाठी ने घायल गाय का किया प्लास्टर (मामला ज़िले के थाना गढ़ अन्तर्गत आने वाले कठमना ग्राम का जहां पिछले दिनों आगे पैर से टूटी लावारिश गाय मिली थी जिसके इलाज के प्रयाश किये जा रहे हैं)

दिनांक 15 जून 2018, स्थान - गढ़/लालगांव, रीवा मप्र 

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

    पिछले दिनों ज़िले के गढ़ थाना एवं सिरमौर तहसील अंतर्गत आने वाले कठमना ग्राम में एक घायल गाय लावारिश अवस्था में अधिवक्ता वंशगोपाल सिंह को मिली थी जिसके इलाज के लिए सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा संबंधित लालगांव पशु चिकित्सालय एवं हिनौती पशु औषधालय सहित गंगेव एवं रीवा के पशु चिकित्सा अधिकारियों को सूचित किया गया था साथ ही पशु संजीवनी हेल्पलाइन 1962 में भी समस्या को रखा गया था जिस पर दिनांक 15 जून को शाम 5 बजे रीवा से वेटेरिनरी सर्जन श्री त्रिपाठी की टीम घटनास्थल पर पहुची और ग्रामीणजनों की मदद से गाय के अगले चोट वाले पैर की सर्जरी किया गया.

     कठमना निवासी वंशगोपाल सिंह एवं विजय सिंह सहित अन्य ग्रामीणजनों के सहयोग से गाय की सर्जरी की गई. 

   इस बीच वेटेरिनरी सर्जन डॉक्टर त्रिपाठी के साथ हिनौती वेटेरिनरी सहायक समयलाल साहू भी उपस्थित रहे.

   डॉक्टर त्रिपाठी ने बताया की गाय को पूरी तरह से स्वस्थ्य होने में अभी भी 3 सप्ताह से अधिक का समय लग सकता है. इस बीच श्री त्रिपाठी ने बताया की गाय को बांधकर रखा जाए और चलने न दिया जाए जिससे घाव जल्दी भर जाएगा. डॉक्टर त्रिपाठी ने बताया की आवश्यकता पड़ी तो वह पुनः विजिट करेंगे. वहरहाल उन्होंने लालगांव पशु चिकित्सक रामानुज कोल एवं हिनौती वेटेरिनरी सहायक समयलाल साहू को गाय के मलहम पट्टी का जिम्मा दिया है और कहा है की नियमित रूप से गाय की मलहम पट्टी करें. यह जानकारी डॉक्टर त्रिपाठी एवं बंशगोपाल सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को व्हाट्सएप्प एवं मोबाइल फ़ोन के माध्यम से बतायी. 

   

संलग्न - संलग्न फ़ोटो में देखें रीवा से आये डॉक्टर त्रिपाठी एवं उनके सहयोगी कठमना में घायल गाय की सर्जरी करते हुए.

-----------------

शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

रीवा मप्र, 07869992139, 09589152587 

Thursday, June 14, 2018

कठमना में घायल अवस्था में मिली गाय (मामला ज़िले के थाना गढ़ अंतर्गत आने वाले कठमना ग्राम का जहां कठमना निवासी वंशगोपाल सिंह को मिली लावारिस गाय जिसका पैर टूटा हुआ था, पशु चिकित्सक की मदद से मलहम पट्टी लगाया गया साथ ही डिप्टी डायरेक्टर से सर्जरी के लिए एम्बुलेंस की माग की गई, वेटेरिनरी एम्बुलेंस भेजे जाने का मिला आश्वासन)

दिनांक 14 जून 2018, स्थान - गढ़/गंगेव, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा-मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

   ज़िले के सिरमौर तहसील एवं थाना गढ़ अंतर्गत आने वाले कठमना ग्राम में एक अज्ञात बछिया मिली है जिसके पैर में गहरी चोट मिली है. यह जानकारी कठमना निवासी अधिवक्ता वंशगोपाल सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ता एवं गोवंश राइट्स एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी को दिनांक 13 जून की शाम को दी जिस पर संबंधित गंगेव ब्लॉक के पशु चिकित्सा अधिकारी एस के पांडेय को दी गई साथ ही पशु संजीवनी हेल्पलाइन 1962 में जानकारी दर्ज करवाई गई. जिस पर संबंधित डिप्टी डायरेक्टर रीवा को सूचित किया गया और अगले दिन हिनौती स्थित पशु डिसपेंसरी में कार्यरत समयलाल साहू को घायल गाय का इलाज करने के लिए कठमना भेजा गया. 

गाय का अगला पैर खुर के ऊपर से था फ्रैक्चर 

     प्राप्त जानकारी और ली गयी फ़ोटो के अनुसार बछिया लगभग एक वर्ष के आसपास की थी जिसकी किसी कारण बस खुर के ऊपर से फ्रैक्चर हो गया था. फ्रैक्चर होने का कारण स्पष्ट नही है परंतु इस क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से जिस प्रकार के गोप्रताड़ना के किस्से हुए हैं उससे यह समझ आता है की शायद किसी असमाजिक तत्व द्वारा गाय के पैर में चोटकर तोड़ दिया गया होगा. एक संभावना यह भी जताई गई की शायद पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण गाय का पैर कहीं पथ्थर के बीच में फंस कर भी टूट गया हो. 

       वहरहाल चाहे जो भी कारण हो वहां पर इलाज करने आये हिनौती क्षेत्र के पशु औसाधालय के कर्मचारी समयलाल साहू द्वारा प्रारंभिक चिकित्सा के तौर पर मलहम पट्टी की गई. साहू द्वारा जानकारी दी गई की मलहम पट्टी और इंजेक्शन से कुछ विशेष लाभ नही होगा क्योंकि घटना काफी पुरानी है अतः घाव के बाहर हड्डियां बाहर निकल आई हैं जिसे सर्जरी से ही ठीक किया जा सकता है और साथ ही प्लास्टर भी लगाना पड़ेगा जो रीवा स्थित मुख्य पशु चिकित्सालय के पहले संभव न हो पायेगा क्योंकि आसपास सर्जरी की कोई व्यवस्था नही है. इस प्रकार मात्र मलहम पट्टी करके साहू रवाना हो गए.

रीवा डिप्टी डायरेक्टर वेटेरिनरी श्री चौहान ने एम्बुलेंस भेजने की दी जानकारी  

   इस बीच जब सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा घटना के विषय में रीवा ज़िले के वेटेरिनरी विभाग के उप संचालक श्री चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया की हमारे पास रीवा में एम्बुलेंस उपलब्ध है जिसमे डॉक्टर विजिट करके सर्जरी का काम करेंगे. यह पूंछे जाने पर की क्या रीवा में घायल मवेशियों को रीवा के मुख्य पशु चिकित्सालय में ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था है तब जानकारी मिली की अभी तक रीवा में यह व्यवस्था उपलब्ध नही है. इस प्रकार वेटेरिनरी एम्बुलेंस आकर स्वयं ही घायल गाय के टूटे हुए अंग की सर्जरी करेगी जिसमे प्रशिक्षित सर्जन भी रहेंगे.

  संलग्न - संलग्न तस्वीर में कठमना निवासी वंशगोपाल सिंह अधिवक्ता द्वारा ली गई घायल गाय की तस्वीर जिसमे स्पष्ट रूप के गाय का पैर टूटा हुआ है और उसके काफी भाग में हड्डी बाहर भी निकल आई है जिससे इस बात का स्वयं ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है की घाव काफी पुराना है. 

---------------------

शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र

 मोबाइल नंबर - 07869992139, 09589152587