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Sunday, October 21, 2018

कैथा सरपंच के सहयोग से सरहंगई पूर्वक स्वत्व की जमीन हड़पने का प्रयास (मामला जिले के थाना गढ़ अन्तर्गत इटहा ग्राम का जहां पर पीड़ित भूमिस्वामी रामजी पटेल पिता भुअर पटेल की 45 डिसमिल जमीन को सरहंगई पूर्वक हड़पने का प्रयाश किया जा रहा है, पीड़ित ने थाना में लगाई गुहार, आरोपियों पर नही हुई कोई कार्यवाही)

दिनांक 21 अक्टूबर 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र

(रीवा, शिवानन्द द्विवेदी)

   संवैधानिक रूप से प्रदत्त महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हुए आपराधिक किश्म के तत्वों द्वारा नियम कायदों की धज्जियां उड़ाकर किस तरह से कानून को हाँथ में लिया जा रहा है इसके नित नए मामले सामने आते रहते हैं.

    इसी प्रकार के एक मामले में थाना गढ़ अन्तर्गत इटहा ग्राम निवासी रामजी पटेल पिता भुअर पटेल द्वारा बताया गया की उनकी पट्टे की आराज़ी में कैथा सरपंच संत कुमार पटेल उर्फ भल्लू एवं उसके साथी अशोक पटेल आदि के द्वारा सरहंगई पूर्वक मनगवां की इटहा हल्का नंबर 2 की ग्राम इटहा की आराज़ी नंबर 156 रकबा 0.182 हेक्टेयर लगभग 45 डिसमिल को हड़पने का प्रयाश किया जा रहा है. 

   वर्ष 2014-15 में हुआ नामांतरण का आदेश  

   पीड़ित द्वारा बताया गया की मनगवां तहसीलदार अन्तर्गत राजस्व प्रकरण क्रमांक 31/ए6/2014-15 दिनाँक 13/04/15 के अनुसार रामजी पटेल ने अपनी इटहा ग्राम की आराज़ी नंबर 156 रकबा 0.182 के नामांतरण के लिए आवेदन दिया गया था.  बताया गया प्रकरण में दर्ज इस्तेहार का भी प्रकाशन किया गया और इस्तेहार में कोई आपत्ति नही प्राप्त हुई. अनावेदक विक्रेता गोविंद पटेल पिता सुदामा पटेल को भी तहसीलदार ने समन भेजा जिंसमे विक्रेता गोविंद पटेल दवारा बताया गया की उसने रामजी पटेल को अपनी उक्त जमीन रकबा 0.182 हेक्टेयर बेंच दी है और उसका नामांतरण रामजी पटेल के नाम किया जाना है. इस प्रकार पटवारी प्रतिवेदन अनुसार इटहा की उक्त आराज़ी नंबर 156 रकबा 0.182 हेक्टेयर को रामजी पटेल के नाम किया जाना न्यायसंगत पाया जाकर तहसीलदार के आदेश अनुसार नामांतरण एवं कंप्यूटर फीडिंग रामजी पटेल पिता भुअर पटेल निवासी इटहा के नाम की जाकर नियमानुसार ऋणपुस्तिका एवं कंप्यूटराइज्ड खसरा रामजी पटेल को प्रदान किया गया. तहसीलदार का यह आदेश मप्र भूराजस्व संहिता सन 1959 की धारा 109, 110 के तहत दर्ज हुआ.

  पीड़ित भूमिस्वामी ने विक्रेता को दिया एक लाख 35 हज़ार 

   पीड़ित भूमिस्वामी रामजी पटेल द्वारा बताया गया की उसने पूर्व भूमिस्वामी एवं विक्रेता गोविंद पटेल को इटहा ग्राम की उक्त आराज़ी नंबर 156 रकबा 0.182 हेक्टेयर खरीदी के लिए वर्ष 2003 में एक लाख 35 हज़ार रुपये दिया था जिसका की लिखित पुख्ता प्रमाण गवाह सहित मौजूद हैं. तदुपरांत 2003 से ही वर्तमान भूमिस्वामी रामजी पटेल का कब्जा उक्त भूमि पर बरकरार रहा है. और वर्ष 2014-15 में जाकर उक्त आराज़ी एवं रकबे का रामजी पटेल के नाम नामांतरण आदेश हुआ. नामांतरण में देरी  विषयक मामले में पीड़ित भूमिस्वामी रामजी पटेल द्वारा बताया गया की हल्का पटवारी इटहा नंबर 2 द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत न किये जाने की वजह से नामांतरण में देरी हुई थी.

   पूर्व भूमिस्वामी ने अन्य के नाम करवा दी रजिस्ट्री

   मामले में नया टर्न तब आया जिंसमे पूर्व भूमिस्वामी एवं विक्रेता गोविंद पटेल ने उक्त 0.182 हेक्टेयर रकबे की आराज़ी नंबर 156 को इटहा निवासी एक अन्य व्यक्ति अशोक पटेल पिता सत्यभान पटेल को भी बेंच दिया और अशोक पटेल के नाम उक्त आराज़ी नंबर 156 रकबा 0.182 हेक्टेयर की रजिस्ट्री भी करवा दिया. अब मामला ऐसा हो गया है की वर्ष 2003 से निरंतर कब्जा पट्टेदार रामजी पटेल की खड़ी फसल को अशोक पटेल सरहंगई पूर्वक सरपंच संत कुमार उर्फ भल्लू के साथ मिलकर काट लिया और रामजी पटेल को  आपराधिक धमकी दिया की यदि सामने आये तो मौत के घाट उतार दूंगा. 

    ज्ञातव्य हो की कैथा पंचायत में नियम कानून को धता बताकर निजी जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण की कई वारदातें कैथा सरपंच संत कुमार पटेल उर्फ भल्लू कर चुका है जिंसमे अभी हाल ही कोर्ट में विचाराधीन मामला कैथा सरपंच बनाम श्यामलाल, राजबहोर, राजेन्द्र शुक्ला वगैरह भी चल रहा है. कैथा ग्राम की इस आराज़ी में भी सरहंगई पूर्वक शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग से पीसीसी सड़क निर्माण कर लिया गया है जिस पर गढ़ पुलिश द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई. पीड़ितों ने पुलिश पर आरोप लगाया की पैसे की लेनदेन करके मामले को रफा दफा कर लिया गया.

गढ़ पुलिश को किया शिकायत, पुलिश पर पैसा लेने का आरोप

    पीड़ित रामजी पटेल पिता भुअर पटेल निवासी इटहा द्वारा बताया गया की उसने दिनाँक 08/10/2018 एवं 18/10/2018 को थाना प्रभारी गढ़ के नाम शिकायत की है और अपने जान माल और संपत्ति की शुरक्षा की माग की है. लेकिन बताया गया की गढ़ पुलिश की डायल 100 गाड़ी मौके वारदात पर चार बार आने के वाबजूद भी विपक्षी पार्टी से पैसा खाकर चली गई और प्रकरण पर पर ध्यान नही दिया और न ही सरहंगों पर कोई कार्यवाही ही किया.

    पीड़ित रामजी पटेल पिता भुअर पटेल द्वारा बताया गया की कैथा सरपंच संत कुमार उर्फ भल्लू पटेल एक सरहंग आपराधिक किश्म का व्यक्ति है जिसके ऊपर पंचायती भस्ट्राचार से लेकर अन्य दर्ज़न भर मामले सक्षम न्यायालय सहित विभिन्न थानों में दर्ज हैं और आये दिन इस प्रकार की आपराधिक वारदातें करता रहता है जिंसमे आम गरीब जनों को अनायास ही परेशान करना उनकी जमीन हड़पने में मदद करना और गाली गलौज मारपीट यह सब आम है. इस प्रकार पीड़ित रामजी पटेल को भय है की कहीं उसके घर परिवार को न मार दिया जाए क्योंकि पीड़ित ने बताया की संत कुमार पटेल उर्फ भल्लू सरपंच एवं अशोक पटेल ने रामजी और उसके परिवार को जान से खत्म करने की आपराधिक धमकी भी दी हुई है. 

    पीड़ित ने बताया की अब यदि थाना गढ़ पुलिश सुनवाई नही करती है तब वह जाकर एसपी एवं आई जी के यहां गुहार लगाएंगे और अपनी जान माल की सुरक्षा की मांग करेंगे साथ ही आपराधिक तत्वों के ऊपर सख्त कार्यवाही की भी माग कर रहे हैं.

संलग्न - संलग्न पीड़ित रामजी पटेल पिता भुअर पटेल निवासी ग्राम इटहा थाना गढ़ रीवा की आराज़ी नंबर 156 रकबा 0.182 की ऋणपुस्तिका एवं कंप्यूटराइज्ड खसरा की कॉपी साथ ही पुलिश को दिए गए आवेदनों की प्रतिलिपि.

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शिवानन्द द्विवेदी

(सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता)

ज़िला रीवा मप्र, 9589152587, 7869992139

Wednesday, August 8, 2018

कैथा सरपंच द्वारा पुलिया निर्माण में लाखों का फर्जीवाड़ा (मामला ज़िले के गंगेव जनपद अन्तर्गत आने वाले कैथा पंचायत का जिंसमे सरपंच संत कुमार पटेल एवं सचिव अच्छेलाल पटेल द्वारा संपत्ति पटेल के घर के पास पुलिया निर्माण में लाखों का किया गया भष्ट्राचार, शिकायत के बाद भी पंचायत विभाग जांच में कर रहा हीलाहवाली)


दिनांक 08 अगस्त 2018, स्थान - गढ़/गंगेव रीवा मप्र 

(कैथा से, शिवानन्द द्विवेदी)

  ज़िले के गंगेव जनपद पंचायत अन्तर्गत कैथा पंचायत में सरपंच संत कुमार पटेल द्वारा किये गए भष्ट्राचार का एक और मामला सामने आया है.

   आजकल जिले एवं प्रदेश की ज्यादातर पंचायतों में पुलों के निर्माण का कार्य चल रहा है और उसके लिए हज़ारों नही बल्कि लाखों की राशि सैंक्शन हो रही हैं. इसी प्रकार के एक मामले में कैथा पंचायत के कैथा ग्राम में संपत्ति पटेल के घर के पास एक पुल बनाये जाने का भी प्रावधान था जिसके लिए पंचायतराज संचालनालय भोपाल द्वारा पंच परमेश्वर योजनांतर्गत कुल एक लाख रुपये दिनांक 02/10/2016 को राशि स्वीकृत की गई थी.

एक लाख की पुल लेकिन गुणवत्ता 10 हज़ार की भी नही

   संपत्ति पटेल के घर के पास से उग्रसेन पटेल की दुकान के सौ मीटर पहले तक की लगभग 8 सौ मीटर की लंबाई की सुदूर सड़क संपर्क योजनान्तर्गत 11 लाख रुपये की लॉगत से बनाई गई इस सड़क में संपत्ति पटेल के घर के पास पुल बनाने का प्रावधान था. वर्ष 2016 में राशि स्वीकृत होने के बाद भी वर्ष 2018 में पुल निर्माण का कार्य किया जा रहा है जिंसमे गुणवत्ता की भारी अनदेखी हुई है. और कुल मिलाकर पूरे राशि का फ़र्ज़ी बिल बाउचर बनाकर बन्दरवाट कर लिया गया है. एक लाख की लॉगत से बनाई गई इस पुल में 10 हज़ार रुपये की भी सामग्री का प्रयोग नही हुआ है.

सरपंच ने राजबीर ट्रेडर्स से फ़र्ज़ी बिल बाउचर बनवाया 

     संपत्ति पटेल के घर के पास बनी एक लाख रुपये की कीमत की इस पुल के लिए कैथा सरपंच संत कुमार पटेल द्वारा किसी रीवा रतहरा स्थित राजबीर ट्रेडर्स विक्रेता आई डी 784655 एवं मोबाइल नंबर 9856465132 द्वारा बिल क्रमांक 240 दिनांक 24/04/2018 को बिल बनवाया गया है. इस बिल में जिन सामग्रियों का जिक्र किया गया है उसमे बालू की कीमत 24 हज़ार 500 रुपये, सीमेंट की कीमत 310 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से कुल 18 हज़ार 600 रुपये, 40 एमएम गिट्टी की कीमत 37 हज़ार रुपये एवं तीन ह्यूम पाइप की कीमत 9 हज़ार रुपये इस प्रकार कुल 89 हज़ार एक सौ रुपये की सामग्री खरीद का बिल बनवाया गया है. 

   अब संलग्न तस्वीरों से स्पष्ट है की जिन सामग्रियों का बिल बनवाया गया है उसमे कोई भी सामग्री का प्रयोग पुल निर्माण में नही हुआ है. जिस सामग्री का प्रयोग इस पुल निर्माण में हुआ है वह स्टोन डस्ट, कुछ घटिया क्वालिटी की सीमेंट, और कैथा पंचायत भवन से निकाले हुए पुराने लगे हुए एक ट्रेक्टर ट्राली पत्थर का उपयोग हुआ है. जिस प्रकार से पुल का निर्माण हुआ है और तस्वीर में दिखाया गया है वह अत्यंत घटिया क्वालिटी की है जिसकी निष्पक्ष जांच में पूरी सच्चाई स्वयं ही सामने आ जाएगी.

  इस प्रकार देखा जा सकता है की गंगेव जनपद एवं कैथा पंचायत भष्ट्राचार का बहुत बड़ा अड्डा बन चुका है जहां पर जनपद सीईओ एवं अन्य आधिकारियों की सांठगांठ से निरंतर भष्ट्राचार हो रहा है जिसे जनपद एवं जिला सीईओ दोनो ही नजरअंदाज करते आ रहे हैं.

संलग्न -  कृपया संलग्न तस्वीर में देखें गंगेव जनपद कैथा पंचायत में संपत्ति पटेल के घर के बनाई गई घटिया पुल की फ़ोटो साथ ही पंच परमेश्वर वेबसाइट एवं नया माध्यमो से प्राप्त पंचायती कार्यों एवं बिल बाउचर की तस्वीर.

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शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,

ज़िला रीवा मप्र, मोब 9589152587, 7869992139, 

Thursday, March 2, 2017

(Rewa, MP) फॉलो अप थाना गढ़ - कैथा सरपंच और उसके साथियों द्वारा मारपीट और लूट के वारदात पर अब तक नहीं दर्ज हुई एफ आई आर



दिनांक 02/03/2017, स्थान - थाना गढ़, रीवा मप्र  

  (थाना गढ़, रीवा मप्र - शिवानन्द द्विवेदी) क्या जनता को यह बात ज्ञात है की भारतीय लोकतंत्र में प्रत्येक भारतीय नागरिक यदि किसी अप्रिय घटना की प्रथम सूचना लेकर किसी भी थाने में जाता है तो उस सम्बंधित थाना प्रभारी को सी आर पी सी की धारा 154 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट अथवा एफ आई आर तत्काल दर्ज कर आगे की जांच और इन्वेस्टीगेशन किया जाना चाहिए. लेकिन दुर्भाग्य है की भारत में सब कुछ उल्टा होता है. पहले यहाँ की पुलिश दोनों पक्षों का इंतज़ार करती है की कौन सा पक्ष भारी है. किसकी तरफ से ऊपर और ऊंचे लोगों नेतायों सांसदों और विधायकों के कॉल आने वाले हैं. और कौन सी पार्टी ज्यादा मोटा माल रखती है. इतने में ज्यादातर मामले ठंडे पड़ जाते हैं. जो भारी पक्ष होता है वह दबाब बनाकर पैसे की लेन देन कर अथवा और अधिक डरा धमकाकर दूसरे पीड़ित और कमज़ोर पक्ष को शांत कर देता है. ज्यादातर मामलों में यही देखा जा सकता है. पुलिश विभाग अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए दुनिया भर की बातें करेगा और बता देगा की फला फला जगह से दबाब बनाया जा रहा हैअथवा जांच चल रही है और जांच में समय लग रहा है. 
             आज सबसे बड़ा प्रश्न यह है की क्या पुलिश जैसी संवैधानिक संस्था गरीबों, पीडतों, और कमजोरों को न्याय दिलवा पाने में किसी भी तरह से सक्षम है? कहना यह होगा की आज रीवा जिला और पूरे प्रदेश की पुलिश व्यवस्था निष्क्रिय, अप्रतिस्पर्धी और अक्षम होकर अपराधिक प्रवित्ति के तत्वों से मिल चुकी है. अन्यथा यदि कोई पीड़ित व्यक्ति सबूतों और गवाहों के साथ किसी भी सम्बंधित थाने में जाए तो भला पुलिश विभाग को एफ आई आर दर्ज कर कार्यवाही करने में क्या हर्जा है? पुलिश न्यायालय नहीं है मात्र एक जांच एजेंसी है अतः कौन दोषी है और कौन निर्दोष यह काम पुलिश विभाग को न्यायलय के ऊपर छोंड देना चाहिए.
           कैथा सरपंच संत कुमार पटेल और उसके अपराधिक प्रवृत्ति के साथियों द्वारा नाबालिग अरुणेन्द्र पटेल और संतोष केवट के साथ मारपीट एवं लूट की वारदात में पुलिश ने अब तक क्यों दर्ज नहीं किया कोई एफ आई आर ?
           वैसे रीवा पुलिश सहित पूरे थाना गढ़ की पुलिश प्रक्रिया पर संदेह व्यक्त करने के सैकड़ों सबूत हैं जो इनके निष्क्रियता और इनके अप्रतिस्पर्धी होने का बयान करते हैं परन्तु अभी अभी जो घटना एक सार्वजनिक स्थल के सन्दर्भ में ग्राम इटहा में घटित हुई उससे सर्मिंदगी की बात और कुछ नहीं हो सकती. आज यह समाज और यह शासन प्रशासन इस बात का जबाब दे की आखिर संवैधानिक प्रक्रिया द्वारा चुना गया एक सरपंच कैसे एक नाबालिग के साथ अपनी गुंडों बदमाशों की गैंग के साथ मारपीट, गाली-गलौज और लूट जैसा घृणित कार्य कर सकता है. कैथा सरपंच संत कुमार पटेल और उसके दो अन्य अपराधिक साथी शेषमणि पटेल एवं अशोक पटेल ने एक सत्रह वर्षीय नाबालिग के साथ मारपीट और लूट कर नपुंसकता का परिचय दिया और साथ ही सरपंच के पद की मर्यादा को एक बार फिर तार तार कर दिया है. यह कोई नया वाकया नहीं की यह कैथा पंचायत का सरपंच अपनी सीमा से आगे जाकर ऐसा कृत्य किया है. जैसा की सर्वविदिति है की इसके पहले  भी करीब तीन वर्ष पहले से ही इटहा आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती राजकुमारी पटेल पति सुग्रीव पटेल निवासी इटहा के साथ यह वर्तमान कैथा सरपंच संत कुमार पटेल और इसके दो अन्य साथी रुक्मणी पटेल एवं सुग्रीव पटेल (यह दूसरा सुग्रीव पटेल है जो इटहा आंगनवाडी कार्यकर्ता का पति नहीं है) निवासी क्रमशः इटहा एवं अकलसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत एक महिला की अस्मिता को तार तार करने का प्रयाश किया था जिसके सन्दर्भ में वर्षों तक यह पीड़ित महिला थाना गढ़ से लेकर रीवा पुलिश एवं देश प्रदेश के उच्चतम कार्यालयों तक चक्कर लगाती रही. पुलिश प्रशासन की निष्क्रियता और अपराधिक प्रवित्ति के लोगों से सांठ -गाँठ के कारण जब एफ आई आर तक दर्ज नहीं हुई तब  अंततः आंगनवाडी कार्यकर्ता व्यथित होकर माननीय उच्च न्यायलय जबलपुर पंहुची थीं और केस क्र. 2308/2016 दर्ज करवाया तब जाकर गढ़ और रीवा पुलिश के कानों में जूं रेंगी और जाकर गढ़ पुलिश ने प्रकरण क्रमांक 96/16 दर्ज किया जिसमे की आई पी सी की धारा 354क , 294, 506बी , 34 तीनों अभियुक्तों सरपंच संत कुमार पटेल, रुक्मणी पटेल और सुग्रीव पटेल पर लगाया.
          इतना ही नहीं अभी अभी दिनांक 23 फरवरी को नाबालिग अरुणेन्द्र पटेल एवं संतोष पटेल के साथ मारपीट करने वाले दोनों अभियुक्त शेषमणि पटेल और अशोक पटेल के ऊपर इटहा हरिजन बस्ती निवासी लुटई साकेत और उसकी पत्नी पार्वती पटेल के के साथ लुटई साकेत की छः माह की नातिन को पैरों तले कुचलकर कुचलकर मार डालने का केस  सिरमौर कौर्ट में चल रहा थाजिसके एक गवाह स्वयं बी एम ओ गंगेव देवव्रत पाण्डेय हैं जिन्होंने यह बात कोर्ट परिश्र में स्वीकारी थी की मेडिकल रिपोर्ट में आया की बच्ची की मौत कुचलकर कर हुई थी. परन्तु बीच में ही पार्वती साकेत की दिमागी हालत ठीक न होने और लुटई साकेत की पतोहू घर से पलायन कर जाने के कारण ठंडा पड़ गया था. इस प्रकार यदि वर्तमान कैथा सरपंच संत कुमार पटेल और इसके अपराधों में संलिप्त साथियों का अपराधिक रिकॉर्ड थाने गढ़ और जिला रीवा से उठाया जाए तो इनके ऊपर आधा दर्जन से ऊपर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष प्रकरण दर्ज हैं फिर भी ऐसे अपराधियों को पुलिश मुक्त कर आराम कर रही है.   

 घटना की जानकारी निम्नलिखित मोबाइल नंबर और थाना गढ़ के सम्बंधित टी आई से ली जा सकती है - 
  
डायल 100 का मोबाइल नंबर 07587600513
एस बी सिंह बीट प्रभारी ए एस आई का मोबाइल - 7049122816
रामकृष्ण तिवारी हेड-कांस्टेबल मुन्सी, थाना गढ़  - 9993528394
गढ़ थाना प्रभारी बी आर सिंह मोबाइल - 98263157687049122845
एस डी ओ पी इन-चार्ज - 09424703367

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Sincerely Yours,
Shivanand Dwivedi
(Social, Environmental, RTI and Human Rights Activists)
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Tehsil - Mangawan, District - Rewa (MP)
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Saturday, January 28, 2017

(Rewa, MP) कैथा पंचायत भवन में गणतंत्र दिवस पर नहीं फहराया गया तिरंगा झंडा



दिनांक - 27/01/2017
स्थान कैथा रीवा मप्र.

   (गढ़, रीवा, शिवानन्द द्विवेदी) तथ्य तो यह कहते हैं की भारत देश को एक लम्बे ऐतिहासिक आन्दोलन के बाद विदेशी अंग्रेजी हुकूमत से स्वतंत्रता सन 1947 में प्राप्त हुई. इसके बाद 26 जनवरी सन 1950 में हमारा विखरा हुआ भारत देश एकत्रित होकर गणतंत्र कहलाया. सभी देशों की तरह भारत के भी विभिन्न राष्ट्रीय चिन्ह रखे गए जिनमे से अशोक चक्र सहित केसरिया-श्वेत-हरित रंग का तिरंगा झंडा हमारा राष्ट्रीय ध्वज भी है. 
   राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को लेकर समय समय पर विभिन्न बातें सुनने को मीडिया के माध्यम से मिलती रहती हैं. अभी हाल ही में पिछले दिनों रीवा के गंगेव जनपद स्थित कैथा पंचायत में तथाकथित क्षतिग्रस्त बताये जा रहे पंचायत भवन में न तो ग्राम सभा की मीटिंग ही रखी गयी और न ही 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस पर तिरंगा झंडा ही फहराया गया. इस बात को लेकर ग्रामीण जनमानस में काफी आक्रोश व्याप्त था. मौका देखकर ग्रामीणों ने तो घटना का मौका पंचनामा भी बना डाला और कलेक्टर रीवा के नाम ज्ञापन पत्रक भी तैयार कर दिया जिसमे गणतंत्र दिवस जैसे विशेष मौके पर पंचायत भवन कैथा में झंडा न फहराने के लिए सम्बंधित कैथा सरपंच संत कुमार पटेल और सचिव अच्छेलाल पटेल के विरुद्ध कार्यवाही की भी माग की है.  गणतंत्र दिवस के मौके पर कैथा पंचायत भवन परिसर में तिरंगा झंडा न फहराए जाने के विरोध में हस्ताक्षर करने वालों में कैथा ग्राम निवासी एवं पूर्व सरपंच प्रत्याशी श्री बुद्धसेन पटेल, श्री शैलेन्द्र पटेल, श्री उग्रभान पटेल, श्री  यज्ञभान पटेल, श्री संतोष केवट आदि सभी निवासी ग्राम पंचायत कैथा हैं जिन्होंने तिरंगे झंडे के अपमान और पंचायत के अपमान पर वर्तमान पंचायत को भंग कर वैकल्पिक व्यवस्था की माग की है.
       निश्चित तौर पर यदि देखा जाय तो गणतंत्र दिवस का भारतीय इतिहास में एक बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. अंग्रेजों से वर्तमान समय में स्वतंत्रता प्राप्ति उपरांत 26 जनवरी वर्ष 1950 को जो भारतीय संविधान लिखा गया उसमे टुकड़ों में विभाजित भारतीय गणराज्य को एक कर नियम कायदों में बाँध कुछ विशेष राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह बनाये गए जो समय समय पर पूरे राष्ट्र को एक करने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान देते आये हैं. पर यह भी देखना होगा की कुछ आपस की फूट और क्षेत्रीय राजनीति के वसीभूत होकर यह तथाकथित जन प्रतिनिधि अथवा संवंधित शासकीय पदों पर बैठे कर्मचारी भारतीय गंणतंत्र को क्षत-विक्षत करने का प्रयास कर रहे हैं अतः आज आवश्यकता हैं की शासन-प्रशासन इन मुद्दों पर सख्ती बरते और दोषिओं को कठोर दंड दे.

 संलग्न - 1) कैथा पंचायत भवन परिसर में सरपंच सचिव द्वारा गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण न करने और ग्राम सभा की मीटिंग न लेने विषयक कलेक्टर रीवा को तैयार ज्ञापन पत्रक की फोटो प्रति. 2) कैथा ग्राम निवासी पूर्व पूर्व सरपंच प्रत्याशी श्री बुद्धसेन पटेल, श्री शैलेन्द्र पटेल, श्री उग्रभान पटेल, श्री  यज्ञ भान पटेल, श्री संतोष केवट सभी निवासी कैथा की संलग्न फोटो ग्राफ एवं हाँथ में लिए हुए संलग्न ज्ञापन पत्रक.

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Wednesday, July 13, 2016

(रीवा) इटहा आंगनवाडी कार्यकर्ता की प्रताड़ना का सिलसिला जारी - प्रताड़ना के सहयोगियों में रीवा का महिला बाल विकास और महिला शसक्तीकरण विभाग भी

नमस्कार साथियों


विषय – इटहा आंगनवाडी कार्यकर्ता को प्रताड़ित करने का सिलसिला जारी, कैथा पंचायत के वर्तमान सरपंच और 354 के आरोपी संत कुमार पटेल के साथ-साथ महिला बाल विकास के अधिकारी कर्मचारियों की भी मिली भगत. उल्टा आईपीसी की धारा 354क और भ्रष्ट्राचार के आरोपी के कहने पर चले आते हैं रोज़-रोज़ आंगनवाडी केंद्र की जांच पर जबकि उसी क्षेत्र की अन्य दर्ज़नों आंगनवाडीयों पर लटकता है ताला जिसको देखने वाला कोई नहीं.

(गंगेव, जिला रीवा), थाना गढ़ अंतर्गत आने वाले गढ़ सेक्टर में आंगनवाडी केंद्र इटहा की आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती राजकुमारी पटेल पति सुग्रीव निवासी इटहा को प्रताड़ित करने की दिशा में मात्र कैथा पंचायत का वर्तमान सरपंच संत कुमार पटेल और उसके साथी रुक्मणी पटेल और अन्य ही नहीं हैं बल्कि गंगेव परियोजना अंतर्गत गढ़ सेक्टर की पर्यवेक्षक श्रीमती सावित्री सिंह भी लगी हुए हैं ऐसा प्रतीत हो रहा है. प्राप्त जानकारी से पता चला की प्रति सप्ताह 354क  का सह-आरोपी संत कुमार पटेल और उसका साथी रुक्मणी पटेल सी.एम. हेल्पलाइन और और लिखित भी शिकायत करता रहता है इस पर गढ़ सेक्टर की आंगनवाडी पर्यवेक्षक श्रीमती सावित्री सिंह और उनके गंगेव परियोजना के अन्य कर्मचारी हर हफ्ते इटहा आंगनवाडी केंद्र में जांच करने के लिए दो-तीन बार बैठे रहते हैं. इस सबसे कोई फर्क तो कार्यकर्ता श्रीमती राजकुमारी पटेल को नही पड़ता पर मानशिक रूप से प्रताड़ित होती हैं कि जब पूरे गंगेव ब्लाक में कोई भी आनागंवादी केंद्र नहीं खुलती तो रोज़ रोज़ इटहा आंगनवाडी केद्र की ही जांच भर क्यों की जा रही है जबकि यह आंगनवाडी प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार नियमित खुलती है.
ऐसा लगता है की कैथा का वर्तमान सरपंच संत कुमार पटेल तो 354 का आरोपी है ही उसके इस कृत्या में कहीं न कहीं सम्पूर्ण महिला एवं बाल विकाश विभाग रीवा की भी मिली भगत है. क्योंकि यदि ऐसा नहीं होता तो महिला शसक्तीकरण और अबला, बालिकायों, जरूरतमंदो की वकालत करने वाले महिला शसक्तीकरण विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी अनिल जैन, शसक्तीकरण आयुक्त श्री गुप्ता और जॉइंट डायरेक्टर सौरभ सिंह जैसे अन्य भी तो अधिकारी बैठे हैं इन सबने पिछले दो वर्षों से लगाई जा रही गुहार पर कोई कार्यवाही नहीं की. मात्र इन सबके सह से ही अपराधी प्रकृति के लोगों के इतने हौसले बुलंद हैं की जिनके ऊपर स्वयम हाईकोर्ट में महिला की इज्ज़त आबरू को तार-तार करने वाले प्रकरणों के साथ साथ पंचायती कार्योंमे भ्रष्ट्राचार के दर्ज़नों केस चल रहे हैं, महिला एवं बाल विकास रीवा रोज़-रोज़ कैसे उन्ही की शिकायतों पर जांच और कार्यवाही करने चला आ रहा है यह बात समझ के परे जा रही है.

क्यों ऐसा है कि उक्त इटहा सम्बन्धी शिकायतें द्वेष भाव से हैं और
प्रताड़ित करने के उद्येश्य से हैं?

सबसे बड़ी बात तो यह है कि अभी हाल ही में यह पूरा का पूरा प्रकरण इटहा आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती राजकुमारी पटेल ने जिला और प्रदेश प्रशासन से व्यथित होकर हाईकोर्ट जबलपुर में प्रकरण क्रमांक WP: 2308/2016 लगाया था. तब जाकर हाईकोर्ट की नोटिस पर डीजीपी भोपाल और एसपी रीवा द्वारा गढ़ पुलिस ने मई 2016 के प्रथम सप्ताह में FIR क्र. 96/16 दर्ज किया गया जिसमे की आईपीसी की धाराएँ 354, 294, 506 और 34 लगाई गयीं थी .



यद्यपि किसी भी शासन-प्रशासन की व्यवस्था में शिकायतें तो होती ही हैं और उनमे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए, और यह लोकतंत्र में जनता के अधिकार के अंतर्गत भी आता है. जनता शिकायत करने के लिए स्वतंत्र है और यदि शिकायतें सही हैं तो कार्यवाही होनी चाहिए और यदि गलत हैं तो कूड़े में जाती हैं. बिलकुल वही चल रहा है. खैर भारत में तो सही शिकायतें भी ले दे कर कूड़े में ही जा रही हैं. पर यह भी देखना होगा की शिकायतें कहाँ से आ रही हैं और कौन कर रहा है? मसलन, यदि सामाजिक मुद्दों को लेकर शिकायतें आ रही हैं और जिनमे समग्रता है और तथ्य हैं तो ऐसी शिकायतें संज्ञान लेने योग्य होती हैं और तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए और यदि कोई द्वेष भाव से और उस व्यक्ति अथवा एजेंसी से आ रही होती हैं जिसके ऊपर उच्च न्यायलय में प्रकरण चल रहे हों जो पहले से आरोपी हो और जिसके ऊपर पंचायतों में भी दर्ज़नों भ्रष्ट्राचार के प्रकरण चल रहे हैं जिनके पर्याप्त प्रमाण हों तो ऐसी शिकायतों की एक दो बार समीक्षा तो ठीक है और फिर इसके विषय में देखना होगा की यह जो किया जा रहा है वह द्वेष पूर्ण है. साथ ही जहाँ तक सवाल है इटहा आंगनवाडी तथा क्षेत्र के अन्य आंगनवाडी केन्द्रों का तो शिकायतें तो अन्य आंगनवाडी केन्द्रों की भी हैं. महिला एवं बाल विकास विभाग यह बताये की पूरे गंगेव परियोजना अथवा पूरे रीवा जिले में उनके द्वारा प्रतिमाह कहाँ कहाँ और कितनी जांचे की जा रही हैं क्योंकि मैं स्वयम भी इस प्रकरण को सामूहिक रूप से कई बार रख चुका हूँ और पूरे तथ्य के साथ की पूरे रीवा जिले और विशेषतौर पर गंगेव परियोजना में ही केन्द्रों की बड़ी दुर्दशा है पर क्या महिला बाल विकास रीवा के बैठे अधिकारियों ने इस पर कोई सुधारात्मक संज्ञान लिया? कोई संज्ञान नहीं लिया और स्थिति अभी भी यथावत बरकरार है.

गंगेव परियोजना और जिला कार्यक्रम अधिकारी रीवा द्वारा इटहा आंगनवाडी कार्यकर्ता की पिछले नौ माह से रोकी गयी पेमेंट को हाईकोर्ट ने देने के निर्देश दिए –

अभी हाल ही में इटहा आंगनवाडी कार्यकर्ता ने हाई कोर्ट जबलपुर में एक अन्य याचिका दायर की थी जिसमे गंगेव परियोजना की पर्यवेक्षक श्रीमती सावित्री सिंह सहित, जिला कार्यक्रम के वर्तमान अधिकारी अनिल जैन आदि को पार्टी बनाया गया था और नियत बिन्दुओं के आधार पर अपील की गयी थी की उनकी कार्य पर उपस्थित होने के वावजूद रोकी गयी पेमेंट को दिया जाए. यह भी वास्तव में देखा जाए तो प्रताड़ना की ही एक कड़ी थी की कार्यकर्ता की गलती साबित करके पेमेंट रोक दो वह शांत पद जायेगी लेकिन जो सही है वह चुप तो नहीं बैठता और इस प्रकार आंगनवाडी कार्यकर्ता ने हाईकोर्ट जबलपुर का दरवाज़ा पुनः खटखटाना उचित समझा. इस याचिका पर कार्यवाही करते हुए हाईकोर्ट जज श्री सुजोय पॉल ने साठ दिवस के भीतर जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल जैन को याचिकाकर्ता श्रीमती राजकुमारी पटेल को कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं की क्यों उसकी पेमेंट रोकी गयी है.   
ज्ञातव्य है की श्रीमती राजकुमारी पटेल की याचिका क्रमांक: 10866/2016 में यह बात कही गयी है और साठ दिवश के अन्दर जवाब मागा गया है. आजकल सभी न्यायालयीन प्रकरणों को ऑनलाइन भी देखा जा सकता है. कृपया हाई कोर्ट की वेबसाइट में जाकर देख सकते हैं.

३५४क (354A, 294, 506, एवं 34) के आरोपी एवं भ्रष्ट सरपंच संत कुमार पटेल को तत्काल हटाने की माग – 

महिला प्रताड़ना एवं महिला के इज्ज़त आबरू को तार-तार करने के प्रयाश का सह-आरोपी एवं वर्तमान कैथा पंचायत के सरपंच संत कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव के साथ कैथा के सरपंच पद से हटाने की माग रीवा कलेक्टर राहुल जैन, आयुक्त मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद् भोपाल, अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्य प्रदेश शासन भोपाल सहित अध्यक्ष महोदय मानवाधिकार आयोग भोपाल तथा प्रधानमंत्री महोदय भारत सरकार से भी की गयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी कार्यवाही चल रही है.



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शिवानन्द द्विवेदी
(सामजिक, एवं आर टी आई कार्यकर्ता)
ग्राम कैथा पोस्ट अमिलिया थाना गढ़
तहसील मनगवां जिला रीवा म. प्र.
मोबाइल – 7869992139