दिनांक 18 जनवरी 2018, स्थान - गंगेव ब्लॉक, रीवा मप्र।
(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)
ज़िले के गंगेव ब्लॉक अंतर्गत आने वाली सेदहा पंचायत के ग्राम नेवरिया की जनता ने सरपंच और पंचायत विभाग पर साइड लाइन करने का आरोप लगाया है।
दिनांक 17 जनवरी 2018 को सामाजिक कार्यकर्ता के समक्ष दिए गए अपने साक्षात्कार में ग्राम नेवरिया के दर्ज़न भर हितग्राहियों ने पंचायत पर आरोप लगाते हुए बताया कि जब से सरपंची नेवरिया ग्राम से दूसरे ग्रामों में गई है तब से सभी सरपंचों ने नेवरिया के साथ सौतेला व्यवहार किया है जो कि पंचायतीराज और इस लोकतंत्र के लिए भी बुरा है क्योंकि जहां सरकार सब के विकास और सबका साथ जैसी जुमलेवजी कर रही हैं वहीं ग्राउंड लेवल पर कहीं कुछ होता नजर नही आ रहा है।
उपस्थित ग्रामीणों जय प्रकाश त्रिपाठी, जमुना प्रसाद त्रिपाठी, रोहिणी प्रसाद गौतम, रामविलाश गौतम, वेदमणि त्रिपाठी, श्रीनिवास त्रिपाठी, राजेश्वर त्रिपाठी, कैलाश त्रिपाठी, शुभ करण त्रिपाठी, कृष्ण कुमार त्रिपाठी सहित अन्य कई गणमान्य ग्रामीणों ने बताया कि उनके घर में बनाये गए शौचालय की 12000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी उन्हें अबतक नही मिली है।
जय प्रकाश त्रिपाठी के घर के पास पिछले वर्ष पंचायत द्वारा बनाई गयी नाली की तरफ सभी ने एक स्वर में इशारा करते हुए बताया कि यह नाली छः माह में ही उखड़ चुकी है। इसी प्रकार नेवरिया ग्राम का पहुच मार्ग पिछले दश वर्ष से मरम्मत के अभाव में चलने लायक तक नही बचा है। सभी का कहना था कि जहां घर घर पीसीसी और आरसीसी सड़कें बनाई जा रही हैं उनके ग्राम के साथ सरपंचों द्वारा राजनीति की जा रही है।
उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि सेदहा पंचायत में मनरेगा एवं पंच परमेश्वर की राशि का गलत उपयोग किया जा रहा है। सेदहा पंचायत में बने शान्तिधाम, ग्रेवल सड़क और अन्य कार्यों की गुणवत्ता आवंटित राशि के हिसाब से नही है अतः सभी ने समस्त कार्यों की जांच की भी माग की है।
ज्ञातव्य हो कि सेदहा और हिनौती दोनो ही पंचायतों में मनरेगा और पंच परमेश्वर के कार्यों में व्यापक अनियमितता प्रकाश में आई थी जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी द्वारा भी आरटीआई पिछले वर्ष दायर की गई थी जिसका समय पर जबाब न मिलने से प्रथम अपील सीईओ जनपद गंगेव एवं द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग भोपाल में की गई थी। परंतु आज पूरा वर्ष व्यतीत होने के बाद भी उस आरटीआई का जबाब नही दिया गया है। सूचना के अधिकार के अंतर्गत चाही गई जानकारी छुपाने के पीछे मात्र एक ही उद्देश्य हो सकता है कि जानकारी सार्वजनिक होने से कहीं पंचायतों के काले चिठ्ठे न खुल जाए।
वहारहाल, नेवरिया ग्राम के ग्रामीणजनों ने एक स्वर में बताया कि उनके पंचायत सेदहा में ग्राम सभा भी कभी नही लगती और साथ ही पंचायत का कार्य वहां का सरपंच नही बल्कि सरपंच के दलाल करते हैं।
संलग्न - ग्राम पंचायत सेदहा अंतर्गत आने वाले ग्राम नेवरिया के ग्रामीणजनों की फ़ोटो जहां पर बीच सड़क पर खड़ा होकर सभी पंचायती कार्यों में भररेशाही की शिकायत कर रहे हैं। साथ ही यूट्यूब का अपलोड किया गया वीडियो का लिंक भी यहां पर दिया जा रहा है।
- शिवानंद द्विवेदी, सामाजिक कार्यकर्ता रीवा मप्र। 7869992139
[1/18, 8:43 AM] Shivanand Dwivedi: https://youtu.be/yXjSeUyrMcA
[1/18, 8:43 AM] Shivanand Dwivedi: https://youtu.be/343D9yLk5Os
[1/18, 8:43 AM] Shivanand Dwivedi: https://youtu.be/GG3tazJ3okU