Showing posts with label rajendra singh. Show all posts
Showing posts with label rajendra singh. Show all posts

Wednesday, May 30, 2018

भिटवा नईगढ़ी काण्ड - गोमाता को धारदार हथियार से मारा (मामला ज़िले के नईगढ़ी थाना अंतर्गत भिटवा-भदावल ग्राम का जहां राजेन्द्र सिंह की गाय को अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से मारा, गाय मरणासन्न, जीने की कोई संभावना नही)

दिनांक 30 मई 2018, स्थान - भिटवा/नईगढ़ी, रीवा मप्र

(कैथा, रीवा मप्र, शिवानन्द द्विवेदी)

  ज़िले में एकबार फिर गौमाताओं के साथ प्रताड़ना का दौर चल पड़ा है. जगह जगह आवारा छोड़ दी गई गायों को मारा पीटा जा रहा है और साथ ही धारदार हथियार से भी मारा जा रहा है.

   अभी हाल ही में पिछले दिनो भिटवा ग्राम निवासी राजेन्द्र सिंह द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी को मोबाइल पर फ़ोन करके जानकारी दी गई की उनकी श्याम वर्ण  गाय को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार संभवतः बर्छी से हमला करके घायल कर दिया गया है जो पुष्पेंद्र सिंह उर्फ पम्पू सिंह के घर के बाड़ी के बाहर घायल अवस्था में पड़ी हुई थी. जब राजेन्द्र सिंह घटनास्थल पर पहुचे तो उन्हें उनकी श्याम वर्ण गाय अधमरी अवस्था में मिली. गाय के सामने से उसके माथे में बर्छी से चोट के निसान भी मिले साथ ही आगे के बाएं पैर में भी ऊपर घाव मिला. गाय का एक पैर भी बुरी तरह से टूट चुका था. इस स्थिति को देखकर राजेन्द्र सिंह ने अपने भदावल ग्राम के निवासी एवं राष्ट्रीय गोरक्षा संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष एवं मप्र के प्रभारी आध्यक्ष रामशिरोमणि दास से सारी जानकारी बतायी जिस पर आसपास के कई गणमान्य लोग एकत्रित हुए एवं गाय की दुर्दशा पर अग्रिम कार्यवाही करने एवं संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाये जाने की बात की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक इस विषय में कोई प्राथमिकी दर्ज नही हुई है और न ही पीड़ित गोपालक द्वारा कोई इस विषय में व्यक्तिगत रिपोर्ट ही दर्ज करवाई गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार रामशिरोमणि दास महाराज द्वारा बताया गया की उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर टी आई नईगढ़ी के एल शाक्य से मिलकर व्हाट्सएप्प एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से लेकर मौखिक तौर पर घटना की जानकारी दी है परंतु अब तक इस विषय में न तो कोई जांच की गई है और न ही कार्यवाही हुई है इससे गो-हत्या में रत अपराधी और असमाजिक तत्वों के मनोबल स्वाभाविक रूप से बढ़े हुए हैं जिससे आये दिन गो-प्रताड़ना के किस्से सुनने और देखने को मिल रहे हैं.

रीवा के पनगड़ी भलघटी पहाड़ में भी की गई थी सैकड़ों गौमाताओं की हत्या

  बता दें इसके पूर्व भी सामूहिक गो प्रताड़ना की बात तब आई थी जब पिछले ठंडी के मौसम में दिसंबर 2017 और जनवरी 2018 के बीच थाना गढ़ अंतर्गत पनगड़ी बीट के जंगलों में भलघटी नामक पहाड़ के नीचे सैकड़ों की संख्या में गोवंशों को घाटी के ऊपर से धकेल दिया गया था जिसमे पचासों की मौत हो गई थी जबकि जो जीवित बची थी उनको निकलने के लिए पूरे सप्ताह भर जद्दोजहद चली थी जिसमे श्रीमती मेनका गांधी केंद्रीय मंत्री का पीपल फ़ॉर एनिमल्स एन जी ओ की मदद से एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया और ध्यान फाउंडेशन नामक संस्था के सामूहिक प्रयाशों से बचे हुए गोवंशों को जीवित आगे पहुचाया गया था.

अवैध बाड़ों में हो रही गौहत्याएं

 बता दें गोवंशों के साथ प्रताड़ना  यहीं तक सीमित नही है. मात्र इशाई और मुसलमान भर नही बीफ खा रहे बल्कि हिन्दू समाज भी इसमे पीछे नही है. आज तथाकथित कुछ सवर्ण वर्ग भी गोमांश खाने में परहेज नही कर रहा है दूसरे जाती वर्ग की बात तो दूर की है.

   जहां तक ग्रामों के हालात हैं उनके बारे में बता दिया जाए की आज फसल नुकसानी के नाम पर किसान और अन्य ग्रामीण असमाजिक लोग गायों को अवैध बाड़ों में कैद कर देते हैं और उन्हें चारा पानी भूषा और छाया की कोई व्यवस्था नही करते, जिससे गोवंश भूंख प्यास छाया बिना कुछ दिनों अथवा सप्ताह में एक एक करके घुट घुट कर मर जाते हैं. आज यह सिलसिला पूरे ज़िले और प्रदेश में चल रहा है जब इसी भारतीय हिन्दू समाज में हमारी भारतीय संस्कृति की माता गोमाता के प्रति संवेदना पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है और गोमाता मारे मारे फिर रही है.

सरकार से नाउम्मीद पर गोरक्षा संगठन भी बने मूक दर्शक

  आज सबसे बड़ी विडंबना यह है की समाज में तो अपराध बढ़ ही रहा है परंतु जिस अपराध को कम करने और बन्द करने के लिए शासन प्रशासन होता है परंतु शासन प्रशासन स्वयं ही आपराधिक तत्वों को पाल रहा है और उन्हें ऐसे कृत्य करने में सहयोग कर रहा है. अब प्रश्न यह उठता है की आज भारतीय संविधान और आई पी सी में गोवंशों और विशेषतौर पर गायों के लिए जो सुरक्षा संबंधी नियम कायदे बने हुए हैं उनका पालन क्यों नही हो रहा है. आज इतनी शिकायतो के बाद भी आखिर पुलिश प्रशासन एफ आई आर दर्ज क्यों नही करता है. जबकि देखा जाए तो हर एक घटना के प्रत्यक्ष प्रमाण होते हैं.

  यह एक बहुत बड़ी विडंबना और और देखा जाए तो यह लोकतंत्र के लिए आज सबसे बड़ा खतरा है.

संलग्न -  रीवा मप्र के नईगढ़ी थाना अंतर्गत आने वाले भदावल भिटवा ग्राम में राजेन्द्र सिंह भिटवा की गाय को भाले बर्छी से हमला कर गाय को मार दिया गया है जिसके कारण गाय अपंग हो चुकी है.

----------------

शिवानन्द द्विवेदी, सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता, रीवा मप्र

मोबाइल - 07869992139, 09589152587

-----------------

जानकारी देने वाले महाशय -

संत श्री रामशिरोमणि दास जी महाराज, राष्ट्रीय गोरक्षा संघ गोवंश एवं जीवरक्षा संयुक्त महाभियान छत्तीशगढ़, प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष मप्र,

मोबाइल - 9111121015,