प्राप्त जानकारी के मुताबिक रीवा जिले के निवासी देवेंद्र तिवारी को एक मई को नागपुर में ही बेटी हुई थीं,
और और बच्ची का जब सोनोग्राफी की गई तो मालूम हुआ कि बच्ची का आंत में ब्लॉकेज है और बच्ची को सही सलामत रखने के लिए तुरन्त ऑपरेशन कराया जाना आवश्यक है।
अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा बच्ची के पिता को मामले से अवगत कराया और ओपन सर्जरी की सलाह दी ओर सहमत पश्चात 5 मई को बच्ची का ऑपरेशन हुआ और डॉक्टरों द्वारा बताया गया कि बच्चों का ऑपरेशन सफल हुआ है अभी कुछ दिनों के लिए बच्चों को NICU वार्ड में ही रखना पड़ेगा इलाज जारी रहा लेकिन बच्चों की रिकवरी में टाइम लग रहा था जिससे NICU खर्च बहुत
ज्यादा होता जा रहा था इसको लेकर बच्ची के पिता काफी परेशान थे जो भी पैसा था उनके पास वो सब उसके इलाज में लगा दिए थे।
फिर जब कुछ रास्ता नहीं दिखाई दिया तो बच्ची के पिता ने हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ आनंद भूतड़ा से पैसे न होने की बात बताई और निवेदन किया कि कोई भी सरकारी हॉस्पिटल में बच्ची को शिफ्ट कर दिया जाए चूंकि हमारे पास जो भी पैसे थे हम सब खर्च कर चुके।
जिस पर डॉ आनंद भूतड़ा ने कहा तिवारी जी हम केवल पैसे के लिए काम नहीं कर रहे है ।
यदि आपको पैसे की समस्या है तो आप परेशान न हो बच्ची इसी हॉस्पिटल से अच्छी हो कर अपने घर जाएगी और अब से बच्ची की जिम्मेदारी हमारी इतना सुनते ही बच्ची के पिता भावुक हो गए।
आपको बता दें कि बच्ची का इलाज 28 दिन new era mother chaild hospital में चला और अब बच्ची की छुट्टी अस्पताल से छुट्टी कर दी गई है।
इस घटना से यह मालूम होता है कि आज भी इन्सानियत मौजूद है।
हालांकि प्राइवेट हॉस्पिटल में ऐसे प्राइवेट संचालक बहुत ही कम पाए जाते हैं जो पैसों को लेकर नर्मी बरते लेकिन न्यू ईरा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर द्वारा जिस तरह से बच्चों की इलाज के साथ-साथ बच्ची के परिवार जनों को आर्थिक सहयोग दिया जो काबिले तारीफ है।।
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